सरकार ने एलपीजी सप्लाई पर दी अपडेट: 60% आयात, 90% होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, पैनिक बुकिंग से बचें

नई दिल्ली। भारत सरकार ने गुरुवार को देश में गैस और कच्चे तेल की स्थिति को लेकर जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी दी। सरकार ने कहा कि देश अपनी जरूरत का लगभग 60% एलपीजी आयात करता है, जिसमें से लगभग 90% सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। मंत्रालयों ने जोर देकर कहा कि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है और पैनिक बुकिंग की वजह से सिलेंडर बुकिंग में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता संतोषजनक है। भारत रोजाना करीब 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और दुनिया के चौथे सबसे बड़े रिफाइनर होने के कारण ईंधन की आपूर्ति स्थिर है। 9 मार्च को जारी आदेश के तहत सभी रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है, घरेलू उत्पादन 25% से बढ़कर 28% हो गया है। देशभर में लगभग 1 लाख रिटेल आउटलेट काम कर रहे हैं, जहां कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है। शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी में भारत के 28 जहाज मौजूद हैं, जिनमें 778 भारतीय नाविक सवार हैं। इनमें से 677 पश्चिमी होर्मुज स्ट्रेट में और 101 पूर्वी हिस्से में तैनात हैं। हाल ही में विदेशी झंडे वाले कुछ जहाजों पर हादसे हुए, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई, चार घायल और एक लापता है। सरकार सभी जहाजों और क्रू की सुरक्षा पर निगरानी रख रही है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों की मदद के लिए भारतीय दूतावास सक्रिय है। भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है। दूतावास वीजा सुविधा के साथ अंतरराष्ट्रीय भूमि सीमा पार करने में भी मदद कर रहा है। सरकार ने सप्लाई संकट के दो मुख्य कारण बताए हैं। पहला, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का असुरक्षित होना, जो 167 किलोमीटर लंबा जलमार्ग है और ईरान-जंग के कारण बंद हो गया। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का लगभग 20% इसी रूट से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रास्ते से आयात करता है। दूसरा, कतर में LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद प्रोडक्शन रुका, जिससे भारत को गैस की सप्लाई घट गई। भारत अपनी जरूरत का करीब 40% LNG कतर से आयात करता है। इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने कहा कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक कार्गो आयात पर विचार कर रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर G7 देश इमरजेंसी तेल भंडार से सप्लाई जारी करने की योजना बना रहे हैं। रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है। सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की प्राथमिकता के आधार पर जरूरतमंदों को सप्लाई सुनिश्चित करें। मुख्य बातें: भारत अपनी जरूरत का 60% LPG आयात करता है, 90% होर्मुज स्ट्रेट से आता है। रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवरी, पैनिक बुकिंग से बचें। एलपीजी उत्पादन बढ़कर 28% हुआ। ईंधन सप्लाई सुरक्षित, देशभर के पेट्रोल पंप सामान्य काम कर रहे हैं। ईरान में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए दूतावास मदद कर रहा है। सप्लाई संकट: होर्मुज स्ट्रेट असुरक्षित, कतर में LNG प्रोडक्शन रुका। वैकल्पिक आयात और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संकट कम करने की कोशिशें।
Iran-US-Israel War: ईरान ने भारत को कहा “शुक्रिया”, मानवीय मदद के लिए सराहा

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संभावित संघर्ष के बीच भारत को कूटनीतिक मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण सराहना मिली है। ईरान ने खुलकर भारत का धन्यवाद किया। यह घटना 20 फरवरी 2026 को शुरू हुई जब ईरानी नौसेना के युद्धपोत IRIS Lavan को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और उसे तत्काल मदद की जरूरत थी। भारत ने तुरंत दिया मानवीय सहयोगईरानी युद्धपोत ने भारत से कोच्चि बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति मांगी। भारत ने बिना किसी देरी के इस मानवीय अनुरोध को स्वीकार कर लिया। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्यसभा में बताया कि ईरान ने अपने जहाजों को भारतीय बंदरगाह पर डॉक करने की अनुमति 20 फरवरी को मांगी थी, जिसे 1 मार्च 2026 को मंजूरी दे दी गई। इसके बाद 4 मार्च 2026 को IRIS Lavan कोच्चि पोर्ट पर पहुंचा। जहाज का क्रू फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में सुरक्षित रूप से मौजूद है। भारत ने यह स्पष्ट किया कि यह कदम केवल मानवीय और दोस्ताना सहयोग के तहत किया गया है। ईरान ने जताया आभारईरानी अधिकारियों ने भारत के इस कदम को दोस्ताना और मानवीय सहयोग बताते हुए आभार व्यक्त किया। यह कदम ऐसे समय में आया जब मिडिल ईस्ट में संघर्ष और तनाव का माहौल लगातार बढ़ रहा था, खासकर अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के विवाद के चलते। भारत की कूटनीतिक नीतिभारत ने साफ किया है कि वह मौजूदा हालात में शांति, बातचीत और कूटनीति के जरिए तनाव को कम करने का पक्षधर है। इस कदम से यह संदेश भी गया कि भारत वैश्विक मानवीय मूल्यों और सुरक्षा का समर्थन करता है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय विवादों में सीधा भागीदारी से बचता है। मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनावअमेरिका ने हाल ही में ईरान के एक युद्धपोत को समुद्र में निशाना बनाया था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था। ऐसे समय में भारत की मदद ने ईरान के जहाज और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित की। यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक संवेदनशीलता और तटस्थ नीति को उजागर करती है। कोच्चि पोर्ट का महत्वकोच्चि बंदरगाह इस प्रकार के मानवीय और तकनीकी सहयोग के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। भारतीय नौसेना और पोर्ट अथॉरिटीज़ ने जहाज और उसके क्रू के लिए सभी सुविधाएं मुहैया कराई। यह कदम भारत की समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता क्षमताओं को भी दर्शाता है। ईरान का भारत को धन्यवाद कहना केवल एक मानवीय सहयोग की घटना नहीं है, बल्कि यह मिडिल ईस्ट में भारत की संतुलित कूटनीति और भरोसेमंद भूमिका को भी दर्शाता है। यह स्पष्ट करता है कि शांति और बातचीत के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय विवादों को हल करना भारत की प्राथमिकता है।
अप्रैल में पैक्स से 10 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने दिए सदस्यता अभियान के निर्देश

भोपाल । मध्यप्रदेश में सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने और किसानों को अधिक से अधिक संस्थागत सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से सरकार बड़े स्तर पर पहल करने जा रही है। इसी कड़ी में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर वर्तमान गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में उन्होंने प्रदेशभर में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों पैक्स और विपणन सहकारी समितियों को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि पैक्स और विपणन सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक विशेष कमेटी गठित की जाए। यह कमेटी सहकारी संस्थाओं की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी और उनके संचालन, संरचना तथा कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देगी। साथ ही कमेटी को 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वर्ष को ध्यान में रखते हुए सहकारिता संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए, ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई के रूप में विकसित करना बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से अप्रैल माह में पूरे प्रदेश में वृहद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत लगभग 10 लाख किसानों को सहकारिता संस्थाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने से ग्रामीण स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को ऋण, खाद, बीज और अन्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। बैठक में खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री विश्वास कैलाश सारंगने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डबल लॉक की स्थिति में नगद भुगतान के माध्यम से पैक्स के जरिए खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इससे किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी तथा सुव्यवस्थित बनेगी।इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता डी. पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता मनोज पुष्प सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
कल का मौसम 13 मार्च 2026: दिल्ली में चुभती गर्मी, उत्तर भारत में बारिश की संभावना

नई दिल्ली । नई दिल्ली देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत से ही मौसम तेजी से बदल रहा है। 13 मार्च को दिल्ली-एनसीआर में तेज धूप और बढ़ती गर्मी का असर रहेगा, वहीं उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में गर्मी का असर दिल्ली-एनसीआर में मार्च की शुरुआत से ही जून-जुलाई जैसी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार 13 मार्च को राजधानी में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर तेज धूप और बढ़ती गर्मी के साथ बीच-बीच में बादलों की हल्की आवाजाही भी देखने को मिल सकती है। अगले दिनों दिल्ली का मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में बदलाव देखने को मिलेगा। बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और 15 मार्च को छिटपुट बारिश की संभावना है। तेज हवाओं के साथ दिनभर बादल छाए रहने से तापमान में कमी आ सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिल सकती है। शहरवार 13 मार्च का तापमान शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमानदिल्ली 34°C 18°Cमुंबई 38°C 23°Cचेन्नई 34°C 22°Cकोलकाता 32°C 24°Cलखनऊ 36°C 19°Cपटना 34°C 21°Cरांची 33°C 19°Cभोपाल 35°C 21°Cजयपुर 34°C 21°Cशिमला 22°C 10°Cनैनीताल 27°C 15°C उत्तर भारत में मौसम का मिजाज उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। तेज हवाएं 40-55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। बारिश और हवाओं के कारण तापमान में थोड़ी कमी आ सकती है। अन्य राज्यों में मौसम गुजरात, राजस्थान पश्चिमी हिस्से मध्य प्रदेश: गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दिन का तापमान 40 डिग्री के आसपास रह सकता है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर: मौसम अपेक्षाकृत बदलता रहेगा। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। दक्षिण भारत कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना सामान्यतः गर्म और शुष्क मौसम रहेगा। समुद्री तटीय इलाकों में हल्की हवाएं चल सकती हैं। कश्मीर में लगातार हिमपात और बारिश कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार दूसरे दिन हिमपात जारी रहा। घाटी के मैदानी हिस्सों में मध्यम बारिश हुई। केरन, माछिल कुपवाड़ा बांदीपोरा का गुरेज और गांदरबल जिले में सोनमर्गजोजिला क्षेत्र सहित कई ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात हुआ। श्रीनगर सहित घाटी में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में ऊंचाई वाले इलाकों में छिटपुट हिमपात और घाटी में बादलों और हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है।
एमपी में गैस संकट गहराया: रीवा में 2000 रुपए का सिलेंडर, भोपाल-इंदौर में लंबी कतारें, होटल-रेस्टोरेंट डीजल भट्ठी पर खाना बना रहे

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में LPG संकट गंभीर रूप ले चुका है। रीवा में घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी का मामला सामने आया है, जहां 900 रुपए का सिलेंडर दलालों द्वारा 1700 से 2000 रुपए तक बेचा जा रहा है। राज्यभर में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं। प्रदेश में पिछले तीन दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई ठप है। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में 5 से 7 दिन की देरी हो रही है। तेल कंपनियों का कहना है कि फिलहाल केवल 15% गैस ही उपलब्ध कराई जा रही है, जो मुख्य रूप से इमरजेंसी सेवाओं और घरों के लिए है। रीवा में उमेश शुक्ला जैसे उपभोक्ताओं ने बताया कि सुबह से कतार में लगे रहने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल पाया। दलाल महंगे दामों पर सिलेंडर बेच रहे हैं, जिससे आम उपभोक्ता मजबूरी में अधिक पैसे खर्च कर रहे हैं। कमर्शियल सिलेंडर अब केवल अस्पताल, सेना-पुलिस कैंटीन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट स्थित कैंटीन, बस स्टैंड के भोजनालय को ही मिलेगा। वहीं, होटल, मैरिज गार्डन और सराफा कारीगरों को सप्लाई नहीं हो पा रही। छिंदवाड़ा में शादियों के आयोजन के लिए रसोई गैस की कमी के कारण डीजल भट्ठियों पर खाना बनाना पड़ रहा है। भोपाल होटल एसोसिएशन के तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि राजधानी के डेढ़ हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हर रोज 2 से 2.5 हजार सिलेंडर उपयोग करते हैं। वर्तमान स्टॉक केवल 48 घंटे का ही काम चला पाएगा। सिर्फ सप्लाई की कमी ही नहीं, बल्कि घरेलू सिलेंडर के लिए भी लंबी वेटिंग है। भोपाल के कई इलाकों में सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ और भीड़ देखी गई। इंदौर में कमर्शियल सिलेंडर के संकट के कारण होटल और रेस्टोरेंट लकड़ी, कंडा और कोयला जैसे पारंपरिक ईंधन पर खाना बना रहे हैं। मार्च में प्रदेश भर में 20,000 से अधिक शादियां आयोजित होने वाली हैं, जिनमें कमर्शियल सिलेंडर का भारी उपयोग होता है। सिलेंडर की कमी के कारण खाने की तैयारी में बाधा आ रही है। इसके अलावा, किराना और खाद्य सामग्री की कीमतों में भी तेजी आई है। हरी मूंग, मसूर, चना और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में 100 से 300 रुपए प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी हुई है। पिस्ता, अंजीर, केसर और अन्य महंगे ड्राई फ्रूट्स की कीमतें भी बढ़ गई हैं। सरकार का कहना है कि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है और पेट्रोलियम उत्पाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। केंद्र सरकार ने देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू कर गैस कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए हैं। संकट से निपटने के लिए सरकार ने पांच अहम कदम उठाए हैं: हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। एसेंशियल कमोडिटी एक्ट के तहत गैस की जमाखोरी पर रोक। घरेलू सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद ही होगी। डिलीवरी एजेंटों द्वारा OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य। LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश, अतिरिक्त उत्पादन केवल घरेलू गैस के लिए। इधर, ऑयल कंपनियों की सप्लाई के बाद भी होटल और रेस्टोरेंट 48 घंटे के स्टॉक पर निर्भर हैं। सरकार की तरफ से लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद आम उपभोक्ताओं और व्यवसायियों में चिंता बरकरार है।
देशभर में LPG की किल्लत, सिलेंडर की कालाबाजारी और इंडक्शन की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

नई दिल्ली। देशभर में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच एलपीजी (LPG) की किल्लत ने आम जनता और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, वहीं घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडरों की कालाबाजारी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। बिहार के कई शहरों में 1000 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अब1800 तक पहुँच गई है। मध्य प्रदेश में स्थिति और गंभीर है, यहाँ 1900 रुपए वाले कॉमर्शियल सिलेंडर को4000 में बेचा जा रहा है। इस बढ़ती कीमत और आपूर्ति संकट के कारण लोगों को गैस सिलेंडर पाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सप्लाई की कमी के चलते कई होटलों और रेस्टोरेंट्स ने इंडक्शन पर खाना बनाने की ओर रुख किया है। इसके परिणामस्वरूप बाजार में इंडक्शन की मांग में करीब 50% की बढ़ोतरी हुई है। गैस की कमी और कालाबाजारी ने ऊर्जा सुरक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों पर गंभीर प्रभाव डाला है। सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे एलपीजी के सही उपयोग और अनुचित मूल्य वृद्धि से बचने के लिए सतर्क रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और संघर्ष की वजह से एलपीजी की उपलब्धता अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार उत्पादन बढ़ाकर और आपूर्ति चैन को सुचारू बनाए रखकर समस्या का समाधान कर रही है। इस संकट के बीच जनता और व्यवसायिक प्रतिष्ठान ऊर्जा विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जैसे कि इंडक्शन, पीएनजी, और अन्य वैकल्पिक ईंधन, ताकि खाना बनाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी की जा सकें।घरेलू सिलेंडर के दाम 1000 से 1800 तक बढ़े, कॉमर्शियल सिलेंडर1900 से4000 पर।इंडक्शन की मांग 50% बढ़ी।सरकार ने कालाबाजारी रोकने और आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए।ऊर्जा संकट के बीच वैकल्पिक ईंधनों पर ध्यान केंद्रित।
आजीविका मिशन से बदली महिलाओं की तकदीर, कृष्णा आजीविका समूह बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

भोपाल । मजबूत संकल्प और सामूहिक प्रयास से सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। इसका जीवंत उदाहरण बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम कुल्पा की 13 महिलाओं ने पेश किया है। इन महिलाओं ने कृष्णा आजीविका स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन में आर्थिक बदलाव लाया है बल्कि पूरे गांव में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम की है। कुछ वर्ष पहले जब इन महिलाओं ने समूह की शुरुआत की थी तब उनके पास सीमित संसाधन थे लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत की कमी नहीं थी। उन्होंने नियमित बैठकों मासिक बचत समय पर ऋण वापसी और सामूहिक निर्णय लेने की परंपरा को अपनाकर समूह को मजबूत बनाया। इसी अनुशासन और एकजुटता ने धीरे धीरे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का रास्ता दिखाया। शुरुआती छह महीनों में ब्लॉक कार्यालय के मार्गदर्शन से समूह को 13 हजार रुपये की चक्रीय निधि प्राप्त हुई। इसी छोटी राशि से उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की। बाद में बैंक सखी के सहयोग से समूह को प्रथम सीसीएल के रूप में एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि को महिलाओं ने कृषि कार्य में निवेश किया और 12 महीनों के भीतर ब्याज सहित पूरा ऋण वापस कर दिया। समूह की सक्रियता और भरोसेमंद कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें द्वितीय सीसीएल के रूप में 2 लाख रुपये और तृतीय सीसीएल में 3 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से महिलाओं ने बकरी पालन जनरल स्टोर पान दुकान सब्जी उत्पादन ऑनलाइन सेवा केंद्र और ट्रैक्टर खरीद जैसे छोटे छोटे व्यवसाय शुरू किए। इन गतिविधियों से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई बल्कि गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए। इसके बाद चतुर्थ सीसीएल के रूप में फिर 3 लाख रुपये की सहायता मिली जिससे महिलाओं ने अपने व्यवसायों का विस्तार किया। साथ ही ग्राम संगठन से 1 लाख 10 हजार रुपये की सीआईएफ राशि भी प्राप्त हुई जिसका उपयोग कृषि और बच्चों की शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया गया। आज इस समूह की कई महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। वछला दशहरे की मासिक आय करीब 20 हजार रुपये पुस्तकला वर्मा की लगभग 25 हजार रुपये रामबती दमाहे और इमला शेंडे की करीब 15 हजार रुपये तथा विमला नागपुरे की लगभग 8 हजार रुपये हो गई है। अन्य सदस्य भी बकरी पालन और कृषि कार्य से हर महीने 4 से 5 हजार रुपये की आय कमा रही हैं। इस समूह की सबसे प्रेरणादायक कहानी नीरा दशहरे की है। उन्होंने समूह से मिले सहयोग और ऋण का उपयोग अपनी तीनों बेटियों की शिक्षा के लिए किया। आज उनकी तीनों बेटियां अच्छी नौकरी कर रही हैं और लगभग एक लाख रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं। ग्राम कुल्पा की इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं बल्कि पूरे समाज में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई रोशनी भी फैला सकती हैं।
Bhopal Young MLA Conference: भोपाल में 30-31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन, संसदीय नेतृत्व और नीति निर्माण पर होगा मंथन

Bhopal Young MLA Conference: नई दिल्ली। भोपाल में 30 और 31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के करीब 70 से 80 युवा विधायक हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन विधानसभा के विधान परिषद भवन में दो दिन तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य संसदीय प्रणाली, विधायी प्रक्रिया और युवा नेतृत्व की भूमिका पर विचार मंथन करना है। विशेष रूप से इस सम्मेलन में 45 वर्ष से कम उम्र के युवा विधायक शामिल होंगे, जो राजनीति में नए दृष्टिकोण और सक्रिय नेतृत्व की छवि रखते हैं। विधानसभा सचिवालय ने इस आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रतिभागियों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था हो। राजस्थान और छत्तीसगढ़ से आने वाले विधायकों की सूची पहले ही मांगी जा चुकी है। इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल होंगे। इसके अलावा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्षों को भी आमंत्रण भेजा गया है। युवा विधायक सम्मेलन का उद्देश्य युवा नेताओं को संसदीय प्रणाली की बारीकियों से परिचित कराना, नीति निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाना और अंतरराज्यीय सहयोग को मजबूत करना है। कार्यक्रम में युवा विधायकों को राज्य और केंद्र स्तर के अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बेहतर नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। संविधानिक प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए यह सम्मेलन युवा विधायकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का केंद्र बन जाएगा। विधानसभा सचिवालय और प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा की देखरेख में यह आयोजन सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में सत्र, कार्यशालाएं और चर्चा सत्र होंगे, जिनमें सांसद और वरिष्ठ विधायक भी भाग लेकर मार्गदर्शन देंगे। इस सम्मेलन से न केवल तीनों राज्यों के युवा विधायक राजनीतिक और प्रशासनिक ज्ञान प्राप्त करेंगे, बल्कि वे आपसी अनुभव साझा करके नए विचारों और सुधारों के लिए प्रेरित होंगे। यह आयोजन राज्य और केंद्र के युवा नेताओं को एक मंच पर लाकर लोकतांत्रिक और उत्तरदायी नेतृत्व को बढ़ावा देगा।
HARDIK PANDYA: हार्दिक पंड्या पर तिरंगे के अपमान का आरोप, टी-20 वर्ल्ड कप जश्न में वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत दर्ज

HARDIK PANDYA: नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के जश्न के दौरान क्रिकेटर हार्दिक पंड्या पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाते हुए बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने यह शिकायत शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में दी। शिकायत में कहा गया है कि अहमदाबाद में भारत की जीत के मौके पर पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंच पर लेटते हुए तिरंगा ओढ़ा था, जो राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है। शिकायतकर्ता के अनुसार, मैदान पर जश्न मनाते हुए वायरल हुए वीडियो में पंड्या अपने कंधे पर तिरंगा ओढ़कर दौड़ते और नाचते दिखाई दे रहे हैं। वाजिद खान का आरोप है कि जश्न के दौरान पंड्या ने तिरंगे का सम्मान नहीं किया और इस कारण यह ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ की धारा 2 के तहत अपराध बनता है। इस कानून के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है और तिरंगे को जमीन पर गिराने या अनुचित तरीके से पहनने पर दंडनीय कार्रवाई की जा सकती है। प्रारंभ में पुलिस ने कहा कि घटना अहमदाबाद में हुई थी, इसलिए मामला वहीं दर्ज होना चाहिए, लेकिन वकील ने तर्क दिया कि तिरंगा पूरे देश का राष्ट्रीय प्रतीक है, इसलिए शिकायत कहीं भी दर्ज की जा सकती है। बाद में पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली और उसकी कॉपी उन्हें प्रदान की। टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। यह भारत का तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप खिताब है। इससे पहले भारत ने 2007 और 2024 में भी यह खिताब जीता था। खास बात यह है कि यह पहली बार है जब किसी टीम ने अपने ही देश में टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर लगातार दो खिताब अपने नाम किए। इस बीच सोशल मीडिया पर पंड्या के वीडियो ने खूब सुर्खियां बटोरीं। खेल प्रेमियों और आलोचकों ने पंड्या की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है। वहीं, कई समर्थकों ने यह भी कहा कि जश्न के दौरान भावनाओं में गलती हो सकती है, लेकिन कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है। पंड्या और उनके एजेंट की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस ने कहा कि शिकायत दर्ज हो गई है और मामले की जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या पंड्या के द्वारा तिरंगे की गरिमा के साथ किसी प्रकार का उल्लंघन हुआ है या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ का उद्देश्य केवल दिखावे या अनजाने में किए गए उल्लंघन को नहीं, बल्कि जानबूझकर राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान करने वाले कार्यों को रोकना है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर खेल और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि खेल के जश्न और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।
एविएशन क्षेत्र का आंकड़ा, भारत में 11,000 से अधिक पायलट, महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 1,900

नई दिल्ली। भारत में 11,000 से अधिक पायलट देश की बड़ी घरेलू एयरलाइंस में काम कर रहे हैं, जिनमें लगभग 1,900 महिला पायलट शामिल हैं। यह जानकारी सरकार ने गुरुवार को संसद में दी। भारतीय विमानन कंपनियों में कुल 11,394 पायलट कार्यरत हैं, जिनमें 1,871 महिला पायलट शामिल हैं। एयरलाइनवार पायलट आंकड़ेदेश की प्रमुख एयरलाइनों में पायलटों की संख्या इस प्रकार है: इंडिगो: सबसे बड़ी एयरलाइन, 5,200 पायलट, जिनमें 970 महिला पायलट शामिल। एयर इंडिया: 3,123 पायलट, जिनमें 508 महिला पायलट। एयर इंडिया एक्सप्रेस: 1,820 पायलट, 234 महिलाएं। अकासा एयर: 761 पायलट, 76 महिलाएं। स्पाइसजेट: 375 पायलट, 58 महिलाएं। एलायंस एयर: 115 पायलट, 25 महिलाएं। सरकार ने यह भी बताया कि विदेशी पायलटों की तादाद कुछ एयरलाइनों में है। एलायंस एयर में 15, एयर इंडिया एक्सप्रेस में 48 और इंडिगो में 29 विदेशी पायलट कार्यरत हैं। पायलट-से-विमान अनुपातविभिन्न एयरलाइनों में पायलट-से-विमान अनुपात अलग है: स्पाइसजेट: 9.4 पायलट प्रति विमान अकासा एयर: 9.33 एयर इंडिया: 9.1 एयर इंडिया एक्सप्रेस: 8.8 इंडिगो: 7.6 एलायंस एयर: सबसे कम, 6 पायलट प्रति विमान इससे एयरलाइनों में फ्लाइट ऑपरेशन के लिए पायलट उपलब्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है। महिला पायलटों का बढ़ता योगदानमहिला पायलटों की संख्या भारतीय विमानन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइनों में महिला पायलट अब टीम की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बन चुकी हैं। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। भारतीय विमानन क्षेत्र में विदेशी पायलटसरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ एयरलाइनों ने विदेशी पायलटों को काम पर रखा है। यह कदम तकनीकी विशेषज्ञता, अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैश्विक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। नियमों में कड़ाई का प्रस्तावइस बीच, डीजीसीए ने भारत से आने-जाने वाली विदेशी एयरलाइनों के लिए नियमों को कड़ा करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें अनिवार्य डिजिटल पंजीकरण, स्थानीय प्रतिनिधियों के लिए कानूनी जवाबदेही, और औपचारिक यात्री शिकायत निवारण प्रणाली की स्थापना शामिल है। इसका उद्देश्य एयरलाइन संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना है। संसद में दिए गए आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारत की प्रमुख एयरलाइंस में पायलटों की संख्या और उनका वितरण संतुलित है। महिला पायलटों की बढ़ती संख्या और पायलट-से-विमान अनुपात की जानकारी एयरलाइनों के सुरक्षित और सतत संचालन के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं। साथ ही, डीजीसीए के नए नियमों से यात्रियों और पायलट दोनों के लिए सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।