सुपर एल नीनो 2027 की चेतावनी से वैज्ञानिक चिंतित, दुनिया के सबसे गर्म साल का खतरा; मौसम में भारी बदलाव की आशंका

नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि साल 2027 में एक शक्तिशाली “सुपर एल नीनो” विकसित हो सकता है, जो वैश्विक तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा सकता है। अमेरिकी एजेंसी NOAA के शुरुआती आकलनों के अनुसार प्रशांत महासागर के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो इस जलवायु पैटर्न के बनने का संकेत है। एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर के भूमध्यीय हिस्से (Niño 3.4 क्षेत्र) का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है। जब यह वृद्धि अत्यधिक होती है, तो इसे “सुपर एल नीनो” कहा जाता है, जिसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्थिति में कई क्षेत्रों में सूखा, बाढ़, हीटवेव और जंगल की आग जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। साथ ही अटलांटिक और प्रशांत महासागर में तूफानों की तीव्रता भी प्रभावित हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह पैटर्न मजबूत रूप में विकसित होता है, तो 2027 हाल के इतिहास के सबसे गर्म वर्षों में शामिल हो सकता है। इससे पहले 1997-98 के एल नीनो ने भी वैश्विक स्तर पर गंभीर मौसमीय प्रभाव डाले थे। हालांकि, वैज्ञानिक यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि यह फिलहाल शुरुआती मॉडल और संभावनाओं पर आधारित अनुमान है और इसकी तीव्रता व समय में बदलाव संभव है।
पेट्रोल की किल्लत से हड़कंप, बाहर 180 रुपए प्रति लीटर तक कीमत

आलीराजपुर। जिले में पेट्रोल-डीजल की गंभीर किल्लत ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में इस संकट की पुष्टि हुई है, जिसके अनुसार जिले के कुल 31 पेट्रोल पंपों में से 21 पूरी तरह से खाली हो चुके हैं। ईंधन की आपूर्ति बाधित होने के कारण आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर बताई जा रही है, जहां पेट्रोल की कालाबाजारी की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ स्थानों पर पेट्रोल 150 से 180 रुपए प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। मांगलिया डिपो पर नहीं मिला समाधानपेट्रोल पंप संचालक संघ के जिला अध्यक्ष राकेश अग्रवाल ने बताया कि संकट के समाधान के लिए संचालक इंदौर स्थित मांगलिया डिपो पहुंचे थे। लेकिन आरोप है कि वहां अधिकारियों ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे इंतजार के बाद संचालकों को बिना किसी ठोस आश्वासन के वापस लौटना पड़ा। पंप संचालकों का कहना है कि टैंकरों की समय पर आपूर्ति नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे पूरे जिले में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। राशनिंग से भी राहत नहीं, वाहनों पर असरजिले में जिन 10 पेट्रोल पंपों पर थोड़ा-बहुत स्टॉक बचा है, वहां भीड़ नियंत्रण के लिए राशनिंग व्यवस्था लागू की गई है। बाइक चालकों को 100 से 200 रुपए तक और डीजल वाहनों को अधिकतम 500 रुपए तक का ही ईंधन दिया जा रहा है। ईंधन की कमी के कारण ट्रैक्टर, मालवाहक वाहन और अन्य परिवहन साधनों के पहिये थमने लगे हैं, जिससे कृषि और व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। 48 घंटे से परेशान लोग, प्रशासन से कार्रवाई की मांगपिछले 48 घंटों से जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप बंद पड़े हैं। सुबह से ही लोग खाली डिब्बे और वाहनों के साथ पंपों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन “स्टॉक खत्म” के बोर्ड देखकर निराश लौटना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तेल कंपनियों के साथ समन्वय कर तुरंत आपूर्ति बहाल की जाए और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
अमेरिका-ईरान तनाव पर बड़ा दावा, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ की रिपोर्ट से हलचल संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यदि ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर सकता है, जिसमें कथित तौर पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि, अब तक न तो पेंटागन और न ही अमेरिकी सरकार की ओर से इस नाम के किसी भी ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि की गई है। रिपोर्ट्स में इसे संभावित रणनीतिक योजना या सैन्य विकल्पों की चर्चा के रूप में बताया गया है, न कि घोषित अभियान के रूप में। जानकारी के अनुसार, चर्चा में मौजूद संभावित विकल्पों में ईरान के सैन्य ढांचे, परमाणु संबंधित ठिकानों और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर सीमित हवाई हमलों की संभावना शामिल बताई जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में विशेष अभियानों और समुद्री/रणनीतिक ठिकानों को लेकर भी अलग-अलग सैन्य विकल्पों का जिक्र किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव पहले से ही नाजुक दौर में है और किसी भी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ सकते हैं। फिलहाल यह पूरा मामला खुफिया रिपोर्ट्स और मीडिया दावों पर आधारित है, जबकि दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर संयम और कूटनीतिक बातचीत की ही बात कही जाती रही है।
झाबुआ में कृषि जागरूकता अभियान शुरू, कलेक्टर ने किया रथ का शुभारंभ

झाबुआ। जिले में किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, तकनीकी जानकारी और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। 16 मई को कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कलेक्टर कार्यालय परिसर से 10 दिवसीय कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह कृषि रथ “किसान कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है। यह रथ आने वाले 10 दिनों तक झाबुआ जिले के सभी विकासखंडों और गांवों का भ्रमण करेगा और किसानों को कृषि से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देगा। गांव-गांव पहुंचेगी तकनीकी जानकारीइस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती पद्धतियों से अवगत कराना है। रथ के माध्यम से किसानों को उर्वरक वितरण की नई ई-विकास प्रणाली और ई-टोकन व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही किसानों को एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, पराली प्रबंधन, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया जाएगा। कृषि रथ को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें आधुनिक खेती से जुड़ी सभी जानकारियों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विशेषज्ञ टीम करेगी किसानों का मार्गदर्शनइस रथ के साथ हर दिन कृषि विशेषज्ञों की एक विशेष टीम भी मौजूद रहेगी, जो सीधे गांवों में जाकर किसानों से संवाद करेगी। यह टीम खरीफ फसल की बुआई से पहले आवश्यक तैयारियों पर किसानों को मार्गदर्शन देगी और फसल उत्पादन बढ़ाने के साथ लागत कम करने के व्यावहारिक उपाय बताएगी। कृषि विशेषज्ञ मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बेहतर खेती के तरीके सुझाएंगे। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों से भागीदारी की अपीलउप संचालक कृषि एन.एस. रावत ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जब कृषि रथ उनके गांव पहुंचे तो वे विशेषज्ञों से अधिक से अधिक संवाद करें और इस अवसर का लाभ उठाएं। इस अवसर पर उप संचालक कृषि एन.एस. रावत, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. जगदीश मोर्य, सहायक संचालक उद्यानिकी बी.एस. चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम में किसानों के बीच उत्साह देखने को मिला और इस पहल को कृषि क्षेत्र के लिए उपयोगी बताया गया।
भोजशाला निर्णय के बाद बड़वानी में आतिशबाजी, माहौल हुआ उत्साहपूर्ण

बड़वानी। धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला मामले में हाईकोर्ट द्वारा आए फैसले के बाद बड़वानी शहर सहित पूरे जिले में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। फैसले में भोजशाला को मंदिर के रूप में मान्यता मिलने के बाद सकल हिंदू समाज के लोगों ने शुक्रवार देर रात बड़े पैमाने पर जश्न मनाया। शहर के पाटी नाका, मोटी माता चौक, रणजीत चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर लोग एकत्रित हुए और आतिशबाजी की गई। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा वातावरण जगमगा उठा। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। जय श्रीराम के नारों से गूंजा शहरजश्न के दौरान पूरे शहर में “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के जोरदार नारे लगाए गए। युवाओं की बड़ी संख्या चौराहों पर मौजूद रही, जहां उन्होंने उत्साहपूर्वक आतिशबाजी की और खुशी साझा की। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा बन गया। स्थानीय लोगों ने मां वाग्देवी और भारत माता की पूजा-अर्चना करते हुए महाआरती भी की। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर धार्मिक आस्था व्यक्त की और फैसले को ऐतिहासिक बताया। वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया फैसलासमाज के लोगों ने कहा कि यह निर्णय लंबे समय से चल रहे संघर्ष और जनजागरण का परिणाम है। उनका कहना था कि वर्षों से विभिन्न स्तरों पर आंदोलन और प्रयास किए जा रहे थे, जिनका परिणाम अब सामने आया है। स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले को केवल एक कानूनी निर्णय नहीं बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा ऐतिहासिक क्षण बताया। लोगों के अनुसार यह निर्णय समाज की एकजुटता और संघर्ष की जीत का प्रतीक है। देर रात तक बना रहा जश्न का माहौलशुक्रवार रात करीब 11:30 बजे से शुरू हुआ जश्न देर रात तक जारी रहा। शहर के कई हिस्सों में लोग समूहों में एकत्रित होकर खुशी मनाते रहे। पूरे बड़वानी में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और चौराहों पर युवाओं की भारी भीड़ रही। प्रशासनिक स्तर पर भी स्थिति सामान्य रही और कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
अदिति शर्मा-हम्द खान का नया गाना ‘इश्क जालिम है’ रिलीज, फैंस ने की विक्की कौशल के ‘पछताओगे’ से तुलना; सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल

नई दिल्ली। टीवी एक्ट्रेस अदिति शर्मा और एक्टर हम्द खान का नया म्यूजिक वीडियो ‘इश्क जालिम है’ रिलीज हो गया है, जिसमें दोनों की नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी और इमोशनल कहानी दर्शकों को पसंद आ रही है। इस गाने को अंसारी मोहसिन ने गाया है और इसे Venus Originals के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है। वीडियो में अदिति शर्मा के डांस और इमोशनल परफॉर्मेंस की काफी तारीफ हो रही है, जबकि हम्द खान की एक्टिंग को भी दर्शक सराह रहे हैं। गाने का निर्देशन रिदम सनाढ्य ने किया है, जिन्होंने इसे एक इमोशनल और ड्रामेटिक टच दिया है। शुरुआती रिएक्शंस में फैंस ने इस गाने की तुलना विक्की कौशल के सुपरहिट सॉन्ग ‘पछताओगे’ से भी की है, जिससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर गाना तेजी से वायरल हो रहा है और कुछ ही समय में इसे हजारों व्यूज मिल चुके हैं। दर्शक लगातार वीडियो पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं और गाने को खूब शेयर कर रहे हैं। अदिति शर्मा ने बताया कि इस वीडियो में काम करना उनके लिए एक खास अनुभव रहा और इमोशनल सीन में उन्होंने पूरी मेहनत से परफॉर्म किया।
अमजद खान की इंडस्ट्री में सोच को लेकर बयान चर्चा में, शादाब ने कहा- छोटे-बड़े सभी के शोषण के खिलाफ थे अमजद खान, आज वैसा प्रभावशाली कोई नहीं

नई दिल्ली। अभिनेता अमजद खान को लेकर दिए गए एक बयान ने फिल्म इंडस्ट्री की पुरानी कार्यशैली और व्यवहार पर फिर से चर्चा छेड़ दी है। शादाब ने कहा कि अमजद खान का मानना था कि इंडस्ट्री में सिर्फ एक्ट्रेसेस ही नहीं, बल्कि छोटे डायरेक्टर, बड़े एक्टर्स और दिहाड़ी मजदूर तक का कई तरह से शोषण होता था। उन्होंने बताया कि अमजद खान इस “ऊंच-नीच” वाली मानसिकता के खिलाफ थे और हमेशा कमजोर माने जाने वाले लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते थे। शादाब के अनुसार, अमजद खान का प्रभाव इतना मजबूत था कि उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। शादाब ने आगे कहा कि अमजद खान अपने समय में एक ऐसे शख्स थे जिनकी साख और व्यक्तित्व के कारण लोग उनकी बात सुनने को मजबूर होते थे। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर की फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा प्रभावशाली और सिद्धांतों पर अडिग व्यक्ति शायद ही देखने को मिलता है।
India-Pakistan Clash: ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर जफर खान की टिप्पणी से विवाद, भारत पर ‘एस्केलेशन ट्रैप’ में फंसने का दावा; न्यूक्लियर डिटरेंस पर फिर छिड़ी बहस

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान संबंधों और सैन्य रणनीति को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छिड़ गई है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय राजनीति प्रोफेसर जफर खान ने दावा किया है कि संकट की स्थिति में भारत द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल जैसे परमाणु-सक्षम हथियारों का उपयोग “कमजोरी और जोखिम भरा कदम” हो सकता है, जिससे क्षेत्र “एस्केलेशन ट्रैप” में फंस सकता है। उन्होंने एक विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा कि दक्षिण एशिया के दोनों परमाणु-संपन्न देशों के बीच किसी भी सीमित युद्ध की अवधारणा जटिल है और यह तेजी से बड़े संघर्ष में बदल सकती है। उनके अनुसार, पाकिस्तान के पास भी लंबी दूरी के सिस्टम मौजूद हैं, लेकिन उसने कुछ स्थितियों में जानबूझकर जवाबी हमले से परहेज किया, ताकि स्थिति परमाणु स्तर तक न पहुंचे। जफर खान ने यह भी तर्क दिया कि भारत-पाक संकट की तुलना अन्य वैश्विक हालातों से करना सही नहीं है, क्योंकि यहां “परमाणु डिटरेंस” सीधे युद्ध की रणनीति को प्रभावित करता है और किसी भी संघर्ष में नियंत्रण सीमित हो सकता है। वहीं, इस पूरे मुद्दे पर अलग-अलग रक्षा विशेषज्ञों के बीच मतभेद बना हुआ है। एक पक्ष इसे पाकिस्तान की “परमाणु धमकी की पुरानी रणनीति” बता रहा है, जबकि दूसरा इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के गंभीर जोखिम के रूप में देख रहा है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि हाल के तनावपूर्ण हालातों में भारत की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन ऑपरेशंस को पाकिस्तान पूरी तरह रोक नहीं पाया, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य संतुलन पर भी सवाल उठे हैं।फिलहाल यह मुद्दा रणनीतिक बहस और राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन इससे भारत-पाक संबंधों में तनाव और बयानबाजी फिर तेज हो गई है।
शनि अमावस्या का विशेष आयोजन, नर्मदा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने की पूजा

नई दिल्ली। बड़वानी जिले में शनिवार को शनि अमावस्या और शनि जयंती के दुर्लभ संयोग पर धार्मिक आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक स्थित शनि मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। साईं शनेश्वर शनि मंदिर, सेंगाव बाईपास स्थित शनि मंदिर और अंजड़ के श्री नवग्रह शनि मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। पूरे दिन मंदिर परिसर “जय शनिदेव” के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजते रहे। भक्तों ने तेल, फूल, काली उड़द और प्रसाद अर्पित कर शनिदेव की विशेष पूजा की। 51 किलो तेल से शनिदेव का अभिषेक, नवग्रह पूजन भी सम्पन्नसाईं शनेश्वर शनि मंदिर समिति के अनुसार, सुबह से ही वैदिक विधि-विधान के साथ शनिदेव का 51 किलो तेल से अभिषेक किया गया। इसके बाद नवग्रह पूजन, हवन और विशेष आरती संपन्न हुई। अंजड़ स्थित श्री नवग्रह शनि मंदिर, जिसे जिले का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है, वहां भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। यहां नवग्रह देवताओं का विशेष पूजन कर हवन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। भंडारे और प्रसादी से भक्तों का स्वागतश्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर भंडारे और प्रसादी का आयोजन किया गया। अंजड़ मंदिर में लगभग एक क्विंटल पूरी-चना प्रसाद वितरित किया गया, जबकि सेंगाव बाईपास मंदिर में छप्पन भोग के साथ प्रसादी बांटी गई। कुछ स्थानों पर साबूदाने की खिचड़ी भी श्रद्धालुओं को दी गई। मंदिरों में दिनभर भक्तों का आना-जाना जारी रहा और शाम तक माहौल पूरी तरह भक्ति में डूबा रहा। नर्मदा घाटों पर आस्था की डुबकी, सुरक्षा व्यवस्था कड़ीशनि अमावस्या के अवसर पर नर्मदा नदी के घाटों, विशेषकर राजघाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य और पितरों के तर्पण की विधि पूरी की। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रशासन द्वारा घाटों पर पुलिस और होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। शाम को होगी महाआरती, दिनभर जारी रहा उत्सवशाम 7 बजे सभी प्रमुख शनि मंदिरों में संगीतमय महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। पूरे जिले में यह दिन पूरी तरह धार्मिक उल्लास और आस्था के रंग में रंगा रहा।
नीदरलैंड दौरे पर पीएम मोदी का संबोधन, 2014 के चुनाव नतीजे किए याद; बोले- ‘16 मई को कुछ खास हुआ था’, भारत की विकास यात्रा पर गिनाईं उपलब्धियां

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड के आधिकारिक दौरे पर हैं, जो उनकी पांच देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव के नतीजों को याद किया और कहा कि 16 मई 2014 को देश में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था। पीएम मोदी ने कहा, “आज से 12 वर्ष पहले 2014 में 16 मई को कुछ खास हुआ था। उस दिन भारतवासियों के विश्वास ने नई दिशा दी, जिसने उन्हें बिना रुके और बिना थके काम करने की ताकत दी।” अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की और कहा कि नीदरलैंड का हेग आज भारत-नीदरलैंड मित्रता का जीवंत प्रतीक बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और पता बदल सकता है, लेकिन भारतीयों का अपनी संस्कृति और देश के प्रति लगाव हमेशा बना रहता है। पीएम मोदी ने भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि देश आज बड़े पैमाने पर सोलर पार्क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क, इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क और सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास वाले देशों में शामिल हो रहा है और नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रधानमंत्री की यह यात्रा डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर हो रही है। नीदरलैंड में करीब 90,000 से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं और लगभग 3,500 भारतीय छात्र वहां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पीएम मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे और इस दौरान कई द्विपक्षीय और सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।