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IPL 2026 अंकतालिका में बड़ा उलटफेर: GT की लगातार 5वीं जीत से टॉप पर कब्जा, SRH तीसरे स्थान पर पहुंची

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 में मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के बाद अंकतालिका में बड़ा बदलाव देखने को मिला। गुजरात टाइटंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को 82 रन से हराकर न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि टेबल में भी शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस मुकाबले में Gujarat Titans ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 168 रन बनाए, जिसके जवाब में Sunrisers Hyderabad की टीम मात्र 86 रन पर ऑलआउट हो गई। यह GT की लगातार पांचवीं जीत रही, जिसने उन्हें 16 अंकों के साथ अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंचा दिया। दूसरे स्थान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 14 अंकों के साथ बनी हुई है, जबकि SRH भी 14 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गई है। चौथे स्थान पर पंजाब किंग्स और पांचवें स्थान पर चेन्नई सुपर किंग्स मौजूद हैं। राजस्थान रॉयल्स छठे, दिल्ली कैपिटल्स सातवें और कोलकाता नाइट राइडर्स आठवें स्थान पर हैं। वहीं मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुके हैं। अंकतालिका के साथ-साथ ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस भी दिलचस्प बनी हुई है। SRH के हेनरिक क्लासेन 12 मैचों में 508 रन बनाकर ऑरेंज कैप होल्डर बने हुए हैं, जबकि पर्पल कैप पर फिलहाल भुवनेश्वर कुमार का कब्जा है, जिन्होंने 11 मैचों में 21 विकेट लिए हैं। गुजरात टाइटंस की इस जीत ने प्लेऑफ की तस्वीर और साफ कर दी है, लेकिन टॉप-4 की रेस अभी भी कई टीमों के बीच कड़ी बनी हुई है। आने वाले मैचों में हर मुकाबला अब निर्णायक भूमिका निभाएगा।

सिम्का एडवरटाइजिंग आईपीओ: ग्रे मार्केट में तेजी और अलॉटमेंट से पहले निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

नई दिल्ली । बाजार में इस समय निवेशकों का ध्यान एक बार फिर से नए पब्लिक इश्यू की ओर तेजी से आकर्षित हुआ है, जहांSimca Advertising का आईपीओ चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। कंपनी का यह पब्लिक ऑफरिंग निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा करने में सफल रहा है, खासकर उस समय जब शुरुआती चरण में इसे अपेक्षाकृत धीमी प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन अंतिम दिनों में आई तेज भागीदारी ने पूरे परिदृश्य को बदल दिया। यह आईपीओ 58 करोड़ रुपये के करीब का एक बुक बिल्ड इश्यू है, जिसमें कंपनी ने नए शेयर जारी किए हैं। ओवरऑल सब्सक्रिप्शन के अंतिम आंकड़ों के अनुसार यह इश्यू 80 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ, जो निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है। पहले दिन जहां सब्सक्रिप्शन कमजोर रहा था, वहीं दूसरे और तीसरे दिन अचानक आई तेजी ने इसे बहु-गुना ओवरसब्सक्राइब कर दिया। खास बात यह रही कि हर श्रेणी में निवेशकों की भागीदारी मजबूत देखने को मिली, जिसमें संस्थागत निवेशकों से लेकर रिटेल कैटेगरी तक में उल्लेखनीय मांग दर्ज की गई। कंपनी का प्राइस बैंड तय सीमा में रखा गया था, और इसी के आधार पर ग्रे मार्केट में भी इसके शेयरों को सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। मौजूदा अनुमानों के अनुसार ग्रे मार्केट प्रीमियम में मजबूती देखने को मिल रही है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि लिस्टिंग के समय निवेशकों को अच्छा रिटर्न मिल सकता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि ग्रे मार्केट केवल एक संकेत होता है और वास्तविक प्रदर्शन बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है। शेयर अलॉटमेंट की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और निवेशकों को जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि उन्हें कितने शेयर आवंटित हुए हैं। इसके तुरंत बाद कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग तय तारीख पर होने की संभावना है, जिससे बाजार में नई हलचल देखने को मिल सकती है। अलॉटमेंट और लिस्टिंग की इस प्रक्रिया को लेकर निवेशकों में खासा उत्साह है, क्योंकि मजबूत सब्सक्रिप्शन के बाद उम्मीदें बढ़ गई हैं। कंपनी का मुख्य फोकस आउट-ऑफ-होम विज्ञापन क्षेत्र पर है, जिसमें होर्डिंग्स, डिजिटल डिस्प्ले, बस पैनल, कियोस्क और अन्य माध्यम शामिल हैं। यह मॉडल तेजी से बढ़ते विज्ञापन बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी विभिन्न सेक्टरों के क्लाइंट्स के साथ काम करती है, जिसमें कॉरपोरेट, रियल एस्टेट, एंटरटेनमेंट और सरकारी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके नेटवर्क में बड़ी संख्या में मीडिया एसेट्स का संचालन भी शामिल है, जो इसे इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी बनाता है। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और तकनीकी विकास के लिए करने की योजना बना रही है। इसमें डिजिटल LED स्क्रीन की स्थापना, रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करना शामिल है। इससे कंपनी के संचालन और बाजार उपस्थिति को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

नेचुरल हेयर केयर का बढ़ता ट्रेंड, हर किसी के बालों पर अलग असर दिखाता है रीठा

नई दिल्ली । आजकल बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। धूल, प्रदूषण, तनाव और कैमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के लगातार इस्तेमाल से लोगों के बाल कमजोर और बेजान होते जा रहे हैं। ऐसे माहौल में लोग फिर से पुराने घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर लौट रहे हैं। इन्हीं पारंपरिक विकल्पों में Reetha का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है, जिसे लंबे समय से बालों की सफाई और देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। रीठा को प्राकृतिक क्लेंजर माना जाता है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पानी के साथ मिलकर झाग बनाते हैं और सिर की त्वचा की सफाई करने में मदद करते हैं। जब इसका उपयोग बाल धोने के लिए किया जाता है, तो यह स्कैल्प पर जमा धूल, अतिरिक्त तेल और गंदगी को साफ करने का काम करता है। यही वजह है कि कई लोग इसे कैमिकल वाले शैंपू का प्राकृतिक विकल्प मानते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, साफ स्कैल्प बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए जरूरी होता है। जब सिर की त्वचा पर गंदगी और अतिरिक्त तेल जमा हो जाता है, तो बाल कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में रीठा बालों की जड़ों को साफ रखने में मदद कर सकता है, जिससे बालों को बेहतर वातावरण मिलता है। रूसी और खुजली जैसी समस्याओं में भी रीठा को उपयोगी माना जाता है। सिर की त्वचा पर जमा मृत कोशिकाएं और तेल अक्सर डैंड्रफ की वजह बनते हैं। रीठा इन तत्वों को साफ करने में मदद करता है, जिससे कुछ लोगों को राहत महसूस हो सकती है। हालांकि अगर किसी को ज्यादा खुजली, संक्रमण या एलर्जी की समस्या हो, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है। रीठा का नियमित और संतुलित इस्तेमाल बालों को मुलायम और चमकदार बनाने में भी मदद कर सकता है। कई लोग मानते हैं कि इससे बाल टूटना कम होते हैं और उनकी प्राकृतिक चमक बनी रहती है। हालांकि बालों का स्वस्थ और घना होना केवल एक चीज पर निर्भर नहीं करता। इसके पीछे खानपान, शरीर में पोषण, हार्मोन और जीवनशैली जैसे कई कारण भी जिम्मेदार होते हैं। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि हर व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की प्रकृति अलग होती है। इसलिए किसी भी प्राकृतिक चीज का असर सभी पर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों को रीठा इस्तेमाल करने के बाद सूखापन, जलन या खुजली महसूस हो सकती है। ऐसी स्थिति में इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। बहुत ज्यादा ड्राई हेयर वाले लोगों को भी इसे सीमित मात्रा में इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह सिर के प्राकृतिक तेल को कम कर सकता है। इसके अलावा किसी भी नए घरेलू उपाय को अपनाने से पहले थोड़ा परीक्षण करना बेहतर माना जाता है।

ऑस्ट्रेलिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए 15 सदस्यीय टीम घोषित की, कप्तान बनीं सोफी मोलिनक्स

नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी मजबूत और संतुलित टीम का ऐलान कर दिया है। मेलबर्न से जारी इस घोषणा में 15 खिलाड़ियों को स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जबकि टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी Sophie Molineux को सौंपी गई है। यह टीम अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण मानी जा रही है, जिसमें एश्ले गार्डनर, ताहलिया मैकग्राथ, एलिस पेरी और बेथ मूनी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। टीम प्रबंधन ने इस बार गेंदबाजी और ऑलराउंड विकल्पों पर खास फोकस किया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया को हर परिस्थितियों में मजबूती मिल सके। टीम में बाएं हाथ की तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने पिछले साल आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप में कप्तानी की थी। वहीं डार्सी ब्राउन को इस बार स्क्वॉड से बाहर कर दिया गया है, जो चयनकर्ताओं के एक अहम फैसले के रूप में देखा जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी यूनिट इस बार काफी मजबूत नजर आ रही है, जिसमें मेगन शुट्ट, किम गार्थ, एनाबेल सदरलैंड, अलाना किंग और निकोला कैरी जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा ताहलिया मैकग्राथ और एलिस पेरी जैसे ऑलराउंडर टीम को अतिरिक्त संतुलन प्रदान करेंगे। अनुभवी खिलाड़ी Ellyse Perry इस टूर्नामेंट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के करीब होंगी, जहां वह अपने 50 टी20 विश्व कप मैच पूरे कर सकती हैं। वहीं निकोला कैरी तीन साल बाद टी20 वर्ल्ड कप में वापसी कर रही हैं। टीम में ग्रेस हैरिस और जॉर्जिया वोल की वापसी भी हुई है, जिससे बल्लेबाजी क्रम और मजबूत हुआ है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ताहलिया विल्सन को ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर रखा गया है। ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप 1 में दक्षिण अफ्रीका, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड के साथ रखा गया है। टीम अपना पहला मुकाबला 13 जून को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी। कुल मिलाकर, ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर खिताब की सबसे बड़ी दावेदार टीमों में से एक मानी जा रही है, और इस स्क्वॉड से उनकी मजबूती और बढ़ गई है।

Q4 में 45% मुनाफा बढ़ते ही दौड़ा रेलवे स्टॉक, Texmaco Rail को मिला बड़ा इंटरनेशनल कॉन्ट्रैक्ट

नई दिल्ली । चौथी तिमाही के मजबूत नतीजों और एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर की वजह से Texmaco Rail & Engineering के शेयरों में बुधवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर इंट्राडे में लगभग 14 प्रतिशत तक उछल गए और निवेशकों में इस दौरान भारी उत्साह देखा गया। इस तेजी के पीछे कंपनी के बेहतर वित्तीय प्रदर्शन और विदेश से मिले बड़े प्रोजेक्ट को मुख्य कारण माना जा रहा है। कंपनी ने हाल ही में अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिनमें मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर लगभग 45 प्रतिशत बढ़कर 57.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 39.8 करोड़ रुपये था। मुनाफे में इस मजबूत बढ़त ने बाजार में सकारात्मक संकेत दिए और निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। हालांकि, इस दौरान कंपनी के राजस्व में गिरावट भी देखने को मिली। रेवेन्यू लगभग 13 प्रतिशत घटकर 1,167 करोड़ रुपये पर आ गया। इसके बावजूद कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत बना रहा। EBITDA में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि EBITDA मार्जिन भी बेहतर होकर 9.1 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह संकेत देता है कि कंपनी ने लागत नियंत्रण और परिचालन दक्षता पर अच्छा काम किया है। नतीजों के साथ-साथ कंपनी के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर साउथ अफ्रीका से मिला एक बड़ा ऑर्डर रहा। इस ऑर्डर के तहत कंपनी को हजारों मालवाहक वैगन और दर्जनों डीजल लोकोमोटिव की आपूर्ति करनी है। यह समझौता न केवल एक बड़े प्रोजेक्ट को दर्शाता है बल्कि इसमें लंबे समय तक चलने वाली मेंटेनेंस साझेदारी भी शामिल है, जो कंपनी के लिए स्थिर आय का स्रोत बन सकता है। इस डील की कुल अनुमानित वैल्यू ₹4,045 करोड़ से अधिक बताई जा रही है, जिससे कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत होने की उम्मीद है। पहले से ही कंपनी के पास हजारों करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक मौजूद है, और इस नए प्रोजेक्ट के जुड़ने से आने वाले वर्षों में राजस्व की दृश्यता और बेहतर हो सकती है। इसके अलावा कंपनी ने भविष्य की रणनीति के तहत डिफेंस सेक्टर में भी कदम रखने की योजना को मंजूरी दी है। यह कदम कंपनी के बिजनेस पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। छोटे स्तर के निवेश के साथ यह पहल आने वाले समय में नए अवसर खोल सकती है। कुल मिलाकर मजबूत तिमाही नतीजे, बेहतर मार्जिन और बड़े विदेशी ऑर्डर ने मिलकर कंपनी के स्टॉक में तेज़ी का माहौल बनाया है। बाजार की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इस ऑर्डर को कितनी तेजी और दक्षता के साथ पूरा कर पाती है और आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन किस दिशा में जाता है।

₹780 वाला KIMS शेयर बना बाजार का स्टार, 26% की तेजी के बाद फिर बुलिश संकेत, जानिए क्या हो सकता है अगला टारगेट

नई दिल्ली । शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला, जहां शुरुआती कारोबार में तेजी के बाद अचानक गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया। हालांकि इसी अस्थिरता के बीच हॉस्पिटल सेक्टर की कंपनी कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी KIMS का शेयर लगातार फोकस में बना रहा। ₹780 के आसपास कारोबार कर रहा यह स्टॉक हाल के दिनों में मजबूत रफ्तार दिखा चुका है और अब इसमें आगे भी तेजी की संभावना जताई जा रही है। बाजार के जानकारों के मुताबिक KIMS शेयर ने डेली चार्ट पर एक महत्वपूर्ण पैटर्न से ब्रेकआउट दिया है, जिसे आमतौर पर बुलिश संकेत माना जाता है। यह ब्रेकआउट सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न से हुआ है, जो अक्सर किसी बड़े मूवमेंट से पहले देखने को मिलता है। इस तकनीकी संकेत के बाद स्टॉक में नई खरीदारी देखने को मिल रही है और निवेशकों की दिलचस्पी भी बढ़ गई है। हाल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो KIMS शेयर में पिछले एक साल में लगभग 26 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद भी स्टॉक में पूरी तरह ठहराव नहीं आया है, बल्कि इसमें आगे और मूवमेंट की संभावना बनी हुई है। इसी वजह से शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स इस स्टॉक पर खास नजर बनाए हुए हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अगले एक से दो महीनों में इसमें और बेहतर रिटर्न देखने को मिल सकता है। तकनीकी चार्ट पर देखा जाए तो स्टॉक ने पहले के हाई लेवल के आसपास मजबूत पकड़ बनाई है। एक समय यह शेयर ₹798 के करीब पहुंचकर अपने उच्चतम स्तर को छू चुका था, जिसके बाद इसमें हल्की मुनाफावसूली जरूर देखने को मिली, लेकिन अब एक बार फिर यह रिकवरी मोड में नजर आ रहा है। मौजूदा स्तर पर खरीदारी बढ़ने से स्टॉक में फिर से तेजी का माहौल बनता दिख रहा है। कुल मिलाकर KIMS शेयर फिलहाल उस मोड़ पर खड़ा है, जहां से अगली बड़ी चाल संभव मानी जा रही है। चार्ट पैटर्न, हालिया तेजी और बाजार की रुचि को देखते हुए यह स्टॉक आने वाले समय में निवेशकों के लिए अहम भूमिका निभा सकता है। हालांकि बाजार की अस्थिरता को देखते हुए इसमें उतार-चढ़ाव बने रहने की भी पूरी संभावना है, इसलिए निवेशक सतर्कता के साथ ही इस पर नजर बनाए हुए हैं।

तुलसी के पानी से बालों की देखभाल: डैंड्रफ और रूखेपन से मिलेगा छुटकारा..

बालों के लिए तुलसी का पानी: प्राकृतिक हेयर केयर का आसान उपाय बदलते मौसम में बालों का रूखा, बेजान और कमजोर हो जाना एक आम समस्या है। ऐसे में लोग महंगे शैम्पू और ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद में बताए गए घरेलू उपाय आज भी बेहद असरदार माने जाते हैं। तुलसी का पानी ऐसा ही एक प्राकृतिक नुस्खा है, जो बालों को मजबूत, साफ और हेल्दी बनाने में मदद करता है। तुलसी का पानी क्यों फायदेमंद है? तुलसी में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो स्कैल्प की गंदगी, डैंड्रफ और खुजली को कम करने में मदद करते हैं। यह बालों की जड़ों को पोषण देता है और हेयर फॉल की समस्या को भी नियंत्रित करता है।तुलसी के पानी का सही इस्तेमाल कैसे करें? तुलसी का पानी बनाना और इस्तेमाल करना बहुत आसान है। इसके लिए सबसे पहले 15 से 20 ताजा तुलसी के पत्ते लें और उन्हें पानी में अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी हल्का गुनगुना हो जाए तो इसे छान लें। अब इस तुलसी वाले पानी को सामान्य पानी के साथ मिलाकर माइल्ड शैम्पू के साथ बालों को धो सकते हैं। इससे स्कैल्प साफ होता है और बालों में प्राकृतिक चमक आती है। नीम के साथ और भी ज्यादा असरदार अगर आप ज्यादा बेहतर रिजल्ट चाहती हैं, तो तुलसी के पानी में नीम के पत्तों का पानी मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसे बालों में 20–25 मिनट तक लगाकर रखें और फिर हल्के शैम्पू से धो लें। यह मिश्रण डैंड्रफ और स्कैल्प इंफेक्शन में बहुत प्रभावी माना जाता है। हेयर मास्क में भी करें इस्तेमाल दही या अंडे से बने हेयर मास्क में भी तुलसी का पानी मिलाया जा सकता है। इससे बालों को गहराई से पोषण मिलता है और बाल सिल्की, शाइनी और मजबूत बनते हैं। इस उपाय को हफ्ते में 2 बार अपनाया जा सकता है। जरूरी सावधानियां तुलसी का पानी इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। अगर स्कैल्प पर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें और एक्सपर्ट की सलाह लें।

21 साल का इंतजार खत्म: Real Betis ने Elche को मात देकर Champions League क्वालिफाई किया 3. Real Betis की ऐतिहासिक जीत, Elche को हराकर Champions League में दर्ज की एंट्री

नई दिल्ली। स्पेनिश फुटबॉल लीग La Liga में रियल बेटिस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एल्चे को 2-1 से हराकर अगले सीजन की UEFA Champions League में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ बेटिस ने लीग में पांचवां स्थान हासिल किया और लगभग 21 साल बाद यूरोप की सबसे बड़ी क्लब प्रतियोगिता में वापसी का रास्ता साफ कर लिया। मैच की शुरुआत से ही रियल बेटिस ने आक्रामक रुख अपनाया। टीम के लिए पाब्लो फोर्नल्स सबसे बड़े हीरो साबित हुए, जिन्होंने नौवें मिनट में कुचो हर्नांडेज को पहला गोल करने का मौका दिया। इसके बाद 68वें मिनट में फोर्नल्स ने पेनल्टी एरिया के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर निर्णायक गोल दागा। एल्चे ने भी मुकाबले में वापसी की कोशिश की और 41वें मिनट में हेक्टर फोर्ट के जरिए बराबरी हासिल कर ली। हालांकि, उनका पूरा गेम प्लान तब बिगड़ गया जब लियो पेट्रोट को एंटनी पर खतरनाक टैकल के कारण सीधे रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। दूसरी ओर, Real Betis ने मौके का पूरा फायदा उठाया और मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। अंत में 2-1 की जीत के साथ टीम ने न केवल तीन अहम अंक हासिल किए, बल्कि इतिहास भी रच दिया।इस जीत का असर सिर्फ बेटिस तक सीमित नहीं रहा। लीग में अन्य मुकाबलों में सेल्टा विगो की हार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जबकि लेवांटे ने 3-2 की रोमांचक जीत के साथ रेलीगेशन जोन से बाहर निकलने में सफलता पाई। वहीं, एटलेटिको मैड्रिड ने भी ओसासुना को 2-1 से हराकर महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। हालांकि मैच के दौरान रेड कार्ड और चोटों ने मुकाबले को और भी मुश्किल बना दिया। कुल मिलाकर यह मैचडे ला लीगा के लिए बेहद निर्णायक साबित हुआ, जहां रियल बेटिस ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर यूरोपियन फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर वापसी सुनिश्चित कर ली।

Italian Open 2026: कोको गॉफ ने मिरा एंड्रीवा को हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह, रोम में दिखाया दमदार कमबैक

नई दिल्ली। इटली की राजधानी रोम में चल रहे इटैलियन ओपन में महिला टेनिस का रोमांच चरम पर है। इस टूर्नामेंट में दुनिया की नंबर 3 खिलाड़ी Coco Gauff ने रूस की युवा स्टार Mirra Andreeva को एक कड़े मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। यह मैच बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें गॉफ को जीत हासिल करने के लिए पांच मैच पॉइंट्स तक का संघर्ष करना पड़ा। मुकाबला 4-6, 0-2 की मुश्किल स्थिति से शुरू होकर गॉफ के शानदार कमबैक के साथ खत्म हुआ और उन्होंने तीसरे सेट में 6-4 से जीत दर्ज की। पहले सेट में एंड्रीवा ने आक्रामक शुरुआत करते हुए बढ़त बना ली थी और लगातार विनर्स के साथ गॉफ को दबाव में रखा। वहीं दूसरे सेट में गॉफ ने अपनी रणनीति बदली और एंड्रीवा की गलतियों का फायदा उठाते हुए मैच को निर्णायक सेट तक पहुंचा दिया। तीसरे सेट में शुरुआत में गॉफ 5-1 से आगे थीं, लेकिन एंड्रीवा ने वापसी की कोशिश की और मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। हालांकि, दबाव के क्षणों में गॉफ ने संयम बनाए रखा और मैच अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ कोको गॉफ का यह सीजन और मजबूत हो गया है। यह उनका लगातार तीसरा WTA 1000 सेमीफाइनल है, जिसमें दुबई और मियामी ओपन भी शामिल हैं। इस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का 15वां WTA 1000 सेमीफाइनल भी हासिल किया। अब सेमीफाइनल में गॉफ का सामना रोमानिया की खिलाड़ी Sorana Cirstea से होगा, जो उनके लिए एक और चुनौतीपूर्ण मुकाबला साबित हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले साल भी कोको गॉफ ने इसी टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस बार उनकी नजर खिताब जीतने पर टिकी है।

IPL 2026: पैट कमिंस पर धीमे ओवर रेट के चलते लगा 12 लाख का जुर्माना, SRH की हार के बाद बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League) 2026 में मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद को गुजरात टाइटंस के हाथों करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 168 रन बनाए, जिसके जवाब में SRH की टीम महज 86 रन पर सिमट गई और 82 रन से हार गई। इस हार के बाद SRH के कप्तान Pat Cummins पर बड़ा एक्शन लिया गया है। धीमे ओवर रेट के कारण उन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह इस सीजन का उनका पहला उल्लंघन है, इसलिए आईपीएल कोड ऑफ कंडक्ट के तहत केवल जुर्माना लगाया गया। गुजरात टाइटंस की ओर से साई सुदर्शन ने 61 रनों की अहम पारी खेली, जबकि वाशिंगटन सुंदर ने 50 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में SRH की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई और टीम 14.5 ओवर में ही ऑलआउट हो गई। गेंदबाजी में गुजरात टाइटंस के लिए कगिसो रबाडा सबसे बड़े हीरो रहे, जिन्होंने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। जेसन होल्डर और प्रसिद्ध कृष्णा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए अहम विकेट चटकाए। इस हार के बावजूद SRH अभी भी अंक तालिका में तीसरे स्थान पर बनी हुई है, लेकिन टीम का नेट रन रेट प्रभावित हुआ है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अब टीम को आने वाले मुकाबलों में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। आईपीएल में इस सीजन धीमे ओवर रेट को लेकर कई कप्तानों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल और शुभमन गिल जैसे नाम भी शामिल हैं। कुल मिलाकर यह मुकाबला SRH के लिए सिर्फ हार नहीं बल्कि चेतावनी भी साबित हुआ है कि आने वाले मैचों में उन्हें रणनीति और प्रदर्शन दोनों में सुधार करना होगा।