हजारों साल पहले ही समझ लिया गया था सिनेमा का रहस्य!

नई दिल्ली। आज के दौर में फिल्में देखना आम बात है, लेकिन सिनेमा का जन्म मानव इतिहास की सबसे अनोखी खोजों में से एक माना जाता है। जिस तकनीक के जरिए आज पर्दे पर चलती-फिरती तस्वीरें दिखाई देती हैं, उसकी बुनियादी समझ हजारों साल पहले ही दी जा चुकी थी। माना जाता है कि यूनानी दार्शनिक Aristotle ने लगभग 300 ईसा पूर्व ही उस सिद्धांत को समझ लिया था, जिस पर आधुनिक सिनेमा टिका हुआ है। हजारों साल पहले समझा गया था सिद्धांत लेखक और गीतकार Varun Grover ने एक बातचीत में बताया कि सिनेमा की तकनीक का मूल सिद्धांत प्राचीन समय में ही सामने आ चुका था। उनके अनुसार, आज फिल्मों में जो तकनीकी प्रक्रिया इस्तेमाल होती है, उसकी झलक अरस्तू के विचारों में मिलती है। वरुण ग्रोवर ने बताया कि अरस्तू ने एक घटना के जरिए यह समझा था कि इंसानी आंख और दिमाग किस तरह तस्वीरों को ग्रहण करते हैं। यही सिद्धांत आगे चलकर सिनेमा की बुनियाद बना। आंख और दिमाग का खेल कहानी के अनुसार, एक बार अरस्तू आसमान की ओर देख रहे थे। सूरज को देखने के बाद जब उन्होंने नजर दूसरी दिशा में घुमाई, तो उन्हें वहां भी सूरज जैसा प्रतिबिंब दिखाई दिया। इस घटना से उन्होंने अंदाजा लगाया कि जब कोई तस्वीर हमारी आंखों पर बनती है, तो उसका प्रभाव कुछ समय तक बना रहता है। दरअसल, किसी भी इमेज का असर लगभग एक चौथाई सेकंड तक हमारी आंखों में बना रहता है। अगर इसी दौरान दूसरी तस्वीर दिखाई जाए तो दिमाग दोनों को अलग-अलग नहीं बल्कि एक साथ जोड़कर देखता है। इसी वजह से स्थिर तस्वीरों की तेज़ सीरीज हमें चलती हुई दिखाई देती है। इसी सिद्धांत को आगे चलकर ‘पर्सिस्टेंस ऑफ विज़न’ कहा गया, जो सिनेमा और एनीमेशन की मूल तकनीक है। वरुण ग्रोवर का फिल्मी सफर Varun Grover हिंदी सिनेमा के चर्चित लेखक और गीतकार हैं। उन्होंने Masaan और Sandeep Aur Pinky Faraar जैसी फिल्मों के लिए सराहना हासिल की है। इसके अलावा वह Sacred Games जैसी चर्चित वेब सीरीज से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने Gangs of Wasseypur, Udta Punjab, Newton, Sui Dhaaga और RRR (हिंदी संस्करण) जैसे प्रोजेक्ट्स में लेखन का काम किया है। इस तरह, आज जिस सिनेमा को हम बड़े पर्दे पर देखते हैं, उसकी वैज्ञानिक नींव हजारों साल पहले रखे गए विचारों से जुड़ी मानी जाती है।
टटीरी गाने पर घमासान: बादशाह ने मांगी माफी, विजेंद्र सिंह बोले गलती मान ली तो अब विवाद खत्म करो

नई दिल्ली । रैपर Badshah का नया गाना टटीरी इन दिनों भारी विवादों में घिरा हुआ है। गाने के लिरिक्स और वीडियो में दिखाई गई कुछ झलकियों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आरोप है कि गाने में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद बादशाह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है लेकिन मामला अभी भी शांत नहीं हुआ है। इस बीच भारतीय बॉक्सर Vijender Singh ने आगे आकर बादशाह का समर्थन किया है और लोगों से इस विवाद को खत्म करने की अपील की है। दरअसल कुछ दिन पहले रिलीज हुए टटीरी गाने के वीडियो में स्कूल की बच्चियों को दिखाया गया था। इसके साथ ही गाने के कुछ लिरिक्स को लेकर भी लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे महिलाओं और नाबालिगों के प्रति अपमानजनक बताते हुए इसकी आलोचना की। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पुलिस तक पहुंच गया और हरियाणा में बादशाह के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई जाने लगीं। इसी बीच विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लोगों से संयम बरतने और कलाकार को माफ करने की अपील की। उन्होंने लिखा कि हरियाणा के लोगों की भावनाओं को कई बार गानों के जरिए ठेस पहुंचती है। कभी कोई सिंगर माफी मांगता है तो कभी किसी का गाना हटवा दिया जाता है। उनका कहना था कि कलाकारों से भी गलती हो सकती है और कई बार उनके शब्दों का मतलब बदलकर समझा जाता है। विजेंद्र सिंह ने आगे कहा कि समाज को भी बड़ा दिल दिखाते हुए माफी को स्वीकार करना चाहिए। अगर हर छोटी बात पर विवाद बढ़ता रहेगा तो इससे हरियाणा की कला और संस्कृति को नुकसान होगा। कलाकार भविष्य में मनोरंजन से जुड़े किसी भी काम को करने से पहले डरने लगेंगे। उन्होंने कहा कि अच्छे काम की तारीफ भी जरूरी है और गलत काम पर रोक लगाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि बादशाह से गलती हुई है और उन्होंने माफी भी मांग ली है इसलिए अब इस मुद्दे को खत्म कर आगे बढ़ना चाहिए। विजेंद्र ने यह भी कहा कि बादशाह हरियाणा का ही बेटा है और वह अपने काम के जरिए हरियाणा की पहचान को आगे बढ़ा रहा है। दूसरी ओर बादशाह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर इस पूरे मामले पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि उनके नए गाने के एक हिस्से में इस्तेमाल किए गए लिरिक्स और विजुअल रिप्रेजेंटेशन की वजह से कई लोगों खासकर हरियाणा के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। बादशाह ने स्पष्ट किया कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था कि वे हरियाणा की किसी महिला या बच्चे के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करें। उन्होंने कहा कि वह खुद हरियाणा से हैं और अपनी भाषा संस्कृति और पहचान पर गर्व करते हैं। उनके मुताबिक हिप-हॉप जॉनर में कई बार लिरिक्स प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाकर लिखे जाते हैं लेकिन उनका उद्देश्य कभी भी महिलाओं या बच्चों का अपमान करना नहीं था। उन्होंने लोगों से उन्हें हरियाणा का बेटा समझकर माफ करने की अपील की। हालांकि विवाद अभी थमा नहीं है। हरियाणा पुलिस ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए बादशाह के खिलाफ केस दर्ज किया है। उन्हें देश छोड़कर जाने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। पुलिस ने उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की और उन्हें जल्द पेश होने के निर्देश दिए। इसके अलावा हरियाणा महिला आयोग ने भी बादशाह को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।
जैसलमेर में पहली बार चादर महोत्सव: महामरी से बचाने वाले जैन-संत की 872 साल पुरानी चादर के दर्शन, 74 लाख की बोली

नई दिल्ली । राजस्थान के जैसलमेर में जैन समाज के पहले चादर महोत्सव की शुरुआत शुक्रवार को हो गई। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश विदेश से लगभग 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे। महोत्सव का मुख्य आकर्षण थे जैन संत दादा श्री जिनदत्त सूरी महाराज के 872 साल पुराने वस्त्र जिन्हें करीब 144 साल बाद पहली बार श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बाहर लाया गया। वस्त्रों का विशेष अभिषेक मानसरोवर के पवित्र जल से किया गया। अभिषेक और पूजा के लिए बोली लगाई गई जिसमें फलोदी के रहने वाले रविंद्र कुमार ने 74 लाख रुपये की बोली लगाई। पूजा के लिए भी क्रमशः 21 लाख और 11 लाख की दो बोली लगी। महोत्सव के दौरान जैसलमेर के प्रसिद्ध सोना किले से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा गढ़ीसर होते हुए देदांसर ग्राउंड पहुंची। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने वरघोड़ा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान ड्रोन से फूलों की बारिश की गई। सोनार किले से विंटेज कार में चादर को महोत्सव स्थल तक ले जाया गया जहां पानी के जहाज जैसी रथ में चादर को दर्शन के लिए रखा गया।महोत्सव स्थल पर परंपरानुसार चादर का विधिवत अभिषेक किया जाएगा। इसके साथ ही देश विदेश से आए श्रद्धालु दादागुरु इकतीसा का 1 करोड़ 8 लाख सामूहिक पाठ करेंगे।जैसलमेर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्र सिंह भंसाली ने बताया कि इतिहास में विक्रम संवत 1211 में अजमेर में दादा गुरुदेव का स्वर्गवास हुआ। उनके शरीर का अंतिम संस्कार हुआ लेकिन वस्त्र सुरक्षित रहे और बाद में पाटन में रखे गए। लगभग 145 साल पहले जैसलमेर में महामारी फैलने पर महारावल ने पवित्र वस्त्रों को पाटन से मंगवाया। मान्यता है कि वस्त्रों के आते ही जैसलमेर महामारी से मुक्त हो गया। तब से ये वस्त्र जैसलमेर के ज्ञान भंडार में सुरक्षित रखे गए हैं। जैन समाज के इतिहास में यह पहला अवसर है जब चादर महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस महोत्सव के माध्यम से श्रद्धालु न केवल जैन धर्म के ऐतिहासिक प्रतीकों को देख सकते हैं बल्कि उनकी पूजा अर्चना और अभिषेक में भाग लेकर धार्मिक पुण्य भी प्राप्त कर सकते हैं।
क्रिकेट जगत में भेदभाव का आरोप! वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका भारत में फंसे, माइकल वॉन और डी कॉक ने ICC की 'पावर पॉलिटिक्स' को घेरा।

नई दिल्ली :टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल का उत्साह उस समय विवादों के घेरे में आ गया, जब दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज क्विंटन डी कॉक ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े कर दिए। दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष (Military Conflict) के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्राएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिसका खामियाजा टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी टीमों को भुगतना पड़ रहा है। मामला तब गरमाया जब यह सामने आया कि 1 मार्च को बाहर हुई वेस्टइंडीज और 4 मार्च को सेमीफाइनल हारने वाली साउथ अफ्रीका की टीमें अभी भी कोलकाता के होटलों में फंसी हैं, जबकि महज एक दिन पहले (5 मार्च को) बाहर होने वाली इंग्लैंड की टीम को घर भेजने के लिए विशेष इंतजाम कर दिए गए। इस स्पष्ट “भेदभाव” को देखकर क्विंटन डी कॉक का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे आईसीसी का “मजाक” करार दिया। डी कॉक ने तंज कसते हुए लिखा कि यह देखना वाकई हैरान करने वाला है कि वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका जैसी टीमें अभी भी पूरी तरह अंधेरे में हैं और उन्हें कोई जानकारी नहीं दी जा रही, वहीं इंग्लैंड की टीम रातों-रात उड़ान भरने की तैयारी में है। उन्होंने इशारों-इशारों में आईसीसी के भीतर “पावर गेम” की ओर इशारा करते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे कुछ खास टीमों का असर दूसरों की तुलना में कहीं अधिक है। विवाद केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा; इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी इस मुद्दे पर आईसीसी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दोटूक शब्दों में कहा कि यह स्थिति दर्शाती है कि क्रिकेट जगत में सत्ता का संतुलन कितना बिगड़ा हुआ है। वॉन ने सवाल उठाया कि जब सभी टीमें एक ही टूर्नामेंट का हिस्सा हैं, तो उनके साथ व्यवहार अलग-अलग क्यों? सिर्फ इसलिए कि कोई टीम आईसीसी की टेबल पर अधिक शक्तिशाली है, उसे प्राथमिकता मिलना खेल भावना के विपरीत है। वॉन का यह बयान डी कॉक के गुस्से को और अधिक वजन देता नजर आया। लॉजिस्टिक संकट की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वेस्टइंडीज के खिलाड़ी पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इंग्लैंड की टीम शनिवार को मुंबई के रास्ते लंदन के लिए रवाना हो सकती है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमों को रविवार तक का इंतजार करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि इन दोनों टीमों को एक साथ चार्टर प्लेन से पहले जोहान्सबर्ग ले जाया जाएगा, जिसके बाद कैरेबियाई खिलाड़ी एंटीगुआ के लिए उड़ान भरेंगे। फाइनल जैसे बड़े मुकाबले से ठीक पहले इस तरह के विवाद ने आईसीसी के प्रबंधन और निष्पक्षता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
महिला दिवस पर जबलपुर की महिलाओं के लिए समदड़िया मॉल का खास तोहफा: फ्री मूवी, मेहंदी और सरप्राइज से भरा वीकेंड सेलिब्रेशन

जबलपुर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जबलपुर की महिलाओं के लिए इस बार खुशियों का खास पिटारा खुलने जा रहा है। शहर के समदड़िया मॉल ने 8 मार्च को महिलाओं के सम्मान में एक विशेष आयोजन की घोषणा की है जिसमें मनोरंजन सरप्राइज और ऑफर्स का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए मॉल प्रबंधन ने महिलाओं के लिए फ्री मूवी शो मेहंदी और कई अन्य आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया है जिससे पूरा दिन उत्सव के माहौल में बदल जाएगा। समदड़िया मॉल के सिनेमा मैनेजर संकेत दुबे ने बताया कि महिला दिवस के मौके पर महिलाओं को पूरी तरह मुफ्त में फिल्में देखने का मौका दिया जाएगा। यह सुविधा सुबह के पहले शो से लेकर रात के अंतिम शो तक उपलब्ध रहेगी। पूरे दिन में करीब 20 शो आयोजित किए जाएंगे जिनमें दर्शकों के मनोरंजन के लिए 11 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन फिल्मों में ओ रोमियो मर्दानी और द केरला स्टोरी जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं। महिलाओं को इस ऑफर का लाभ लेने के लिए शो शुरू होने से लगभग आधे घंटे पहले सिनेमा काउंटर पर पहुंचकर अपनी फ्री टिकट लेनी होगी। हालांकि इस खास ऑफर के लिए मॉल प्रबंधन ने कुछ नियम और शर्तें भी तय की हैं। यह विशेष सुविधा मुख्य रूप से 25 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं और विवाहित महिलाओं के लिए रखी गई है। यदि महिलाएं अपने परिवार के साथ आती हैं तो 3 साल तक के बच्चों की एंट्री पूरी तरह मुफ्त रहेगी। वहीं 3 साल से अधिक उम्र के बच्चों और साथ आने वाले पुरुष सदस्यों या पति को नियमानुसार टिकट खरीदना होगा क्योंकि यह ऑफर विशेष रूप से महिलाओं के सम्मान में दिया जा रहा है। मॉल प्रबंधन ने इस दिन को सिर्फ फिल्म तक सीमित नहीं रखा है बल्कि इसे एक उत्सव के रूप में मनाने की पूरी तैयारी की है। मॉल की पहली मंजिल पर महिलाओं के लिए मुफ्त मेहंदी लगाने की व्यवस्था की गई है जहां वे अपने हाथों में खूबसूरत मेहंदी रचा सकती हैं। इसके अलावा फूड लवर्स के लिए फूड कोर्ट में बाय वन गेट वन यानी एक के साथ एक फ्री का आकर्षक ऑफर भी रहेगा। इस ऑफर का फायदा उठाकर लोग अपने पसंदीदा व्यंजनों का दोगुना आनंद ले सकेंगे। बच्चों के मनोरंजन का भी खास ध्यान रखा गया है। उनके लिए मॉल में फ्री ड्राइविंग एक्टिविटी की व्यवस्था की गई है जिससे वे खेल खेल में ड्राइविंग का अनुभव ले सकेंगे और दिनभर मस्ती कर सकेंगे। मॉल की कुल क्षमता करीब 1200 सीटों की है इसलिए बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। समदड़िया मॉल की यह पहल न केवल महिलाओं को सम्मान देने का प्रयास है बल्कि उन्हें एक दिन पूरी तरह मनोरंजन और खुशी के साथ बिताने का अवसर भी प्रदान करती है। महिला दिवस के इस खास आयोजन से शहर की महिलाओं में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है और उम्मीद है कि यह दिन उनके लिए यादगार साबित होगा।
Sheetla Ashtami 2026: आरोग्यता की देवी माँ शीतला को क्यों प्रिय है 'ठंडा प्रसाद'? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और परंपराएं।

नई दिल्ली :सनातन परंपरा में चैत्र मास केवल एक कैलेंडर का महीना नहीं, बल्कि यह नई ऊर्जा, नववर्ष के उल्लास और प्रकृति के श्रृंगार का समय है। इसी पावन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘बसोड़ा’ या ‘शीतला अष्टमी’ का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से “आरोग्यता” और “स्वच्छता” की अधिष्ठात्री देवी “माँ शीतला” को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ शीतला का स्वरूप अत्यंत शीतल है और वे अपने भक्तों को चेचक, खसरा और ज्वर जैसी बीमारियों से मुक्त रखती हैं। वर्ष 2026 में बसोड़ा का पर्व 11 मार्च को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, अष्टमी तिथि 11 मार्च की मध्य रात्रि 01:54 बजे से प्रारंभ होकर 12 मार्च की सुबह 04:19 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की महत्ता के कारण 11 मार्च को ही मुख्य पूजन संपन्न होगा। इस दिन भक्तों के लिए पूजन का “शुभ मुहूर्त” सुबह 06:35 से शाम 06:27 तक रहेगा, जो साधना और संकल्प के लिए अत्यंत श्रेयस्कर है। बसोड़ा की सबसे विशिष्ट और अनूठी परंपरा है “बासी भोजन” का भोग। इस पर्व के नाम ‘बसोड़ा’ का अर्थ ही ‘बासी’ से जुड़ा है। लोक परंपरा के अनुसार, इस दिन घर में चूल्हा जलाना पूरी तरह वर्जित माना गया है। अग्नि को “ताप” और “उष्णता” का प्रतीक माना जाता है, जो शीतलता की देवी माँ शीतला के स्वभाव के विपरीत है। इसलिए, अष्टमी से एक दिन पहले यानी “सप्तमी” की शाम को ही विशेष पकवान जैसे मीठे चावल (ओलिया), राबड़ी, दही, पुए, और परांठे तैयार कर लिए जाते हैं। अष्टमी की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद, इन्हीं ठंडे पकवानों का भोग माता को लगाया जाता है और परिवार के सभी सदस्य इसी ‘ठंडे प्रसाद’ को ग्रहण करते हैं। इस परंपरा के पीछे गहरा “वैज्ञानिक तर्क” भी छिपा है। चैत्र मास वह समय होता है जब सर्दियाँ विदा हो रही होती हैं और गर्मियों का आगमन होता है। ऋतु परिवर्तन के इस संधिकाल में शरीर में पित्त और गर्मी बढ़ने की आशंका रहती है। आयुर्वेद और लोक मान्यताओं के अनुसार, शीतल भोजन ग्रहण करना शरीर को आने वाली भीषण गर्मी के लिए तैयार करने और पाचन तंत्र को संतुलित रखने का एक माध्यम है। यह इस बात का भी प्रतीक है कि अब से ताजे और ठंडे भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। पूजा की विधि भी उतनी ही सरल और भावपूर्ण है। भक्त सुबह स्वच्छ वस्त्र धारण कर हाथ में जल लेकर परिवार की “सुख-शांति” और रोगों से मुक्ति का संकल्प लेते हैं। माता की प्रतिमा को हल्दी, रोली और अक्षत अर्पित किए जाते हैं। पूजन के बाद माता के चरणों में अर्पित किए गए जल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस जल को पूरे घर में छिड़कने की परंपरा है, जिससे घर की “नकारात्मक ऊर्जा” नष्ट होती है और वातावरण शुद्ध होता है। संक्षेप में, बसोड़ा का यह पर्व हमें अनुशासन, स्वच्छता और प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।
किराये के घर में शिफ्ट होने से पहले अपनाएं ये वास्तु उपाय, बनी रहेगी सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा

नई दिल्ली। आज के समय में बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण बड़ी संख्या में लोग किराये के घरों में रहते हैं। हालांकि अक्सर लोग अपना घर खरीदने के बाद ही वास्तु शास्त्र पर ध्यान देते हैं लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार किराये के घर में रहने वाले लोगों के लिए भी वास्तु के नियम उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं। यदि किराये के घर में प्रवेश करते समय कुछ जरूरी वास्तु उपायों का ध्यान रखा जाए तो जीवन में सुख शांति समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति नए घर में प्रवेश करता है चाहे वह अपना घर हो या किराये का तो शुभ समय और शुभ मुहूर्त में ही प्रवेश करना बेहतर माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार उस समय ग्रहों की स्थिति भी महत्वपूर्ण होती है विशेष रूप से शुक्र ग्रह की स्थिति का विचार करना लाभकारी माना जाता है। हालांकि किराये के घर में प्रवेश करते समय खरमास जैसी स्थितियों को लेकर अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार घर में प्रवेश के दिन नवग्रह पूजा और हवन करवाना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है। इसके साथ ही घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना भी शुभ माना जाता है क्योंकि यह समृद्धि और शुभता का प्रतीक होता है। ज्योतिषाचार्य पंडित मनोत्पल झा के अनुसार किराये के मकान में प्रवेश करते समय कुछ सरल नियमों का पालन करने से घर में सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। उनका कहना है कि नए घर में प्रवेश के शुरुआती दिनों में मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। किराये के घर में भी पूजा के लिए उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए घर में पूजा स्थान इसी दिशा में बनाना चाहिए और उस स्थान को साफ सुथरा तथा व्यवस्थित रखना चाहिए। इसके अलावा घर में कहीं भी पानी के नल या पाइप से लगातार पानी टपकता नहीं रहना चाहिए क्योंकि वास्तु के अनुसार यह धन हानि का संकेत माना जाता है। वास्तु शास्त्र यह भी सुझाव देता है कि घर के अंदर बहुत गहरे रंग जैसे काला या गहरा लाल अधिक मात्रा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन रंगों का अधिक प्रयोग नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकता है। इसके बजाय हल्के और सकारात्मक रंगों का उपयोग घर के वातावरण को शांत और सुखद बनाता है। घर में सात्विकता और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए कुछ लोग हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करने की भी सलाह देते हैं। सुबह और शाम उनकी पूजा करने से घर में सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इसके साथ ही उत्तर पश्चिम दिशा में सुगंधित अगरबत्ती जलाने से वातावरण पवित्र और शांत रहता है। वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि चाहे घर किराये का हो या अपना यदि उसमें रहने वाले लोग साफ सफाई सकारात्मक सोच और धार्मिक परंपराओं का पालन करें तो घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है।
Iran-US-Israel युद्ध का नौवां दिन…..गंभीर हुए मिडिल ईस्ट के हालात, ओस्लो में US एंबेसी के पास जोरदार धमाका

तेहरान। ईरान (Iran), अमेरिका (America) और इजरायल (Israel) के बीच चल रहे युद्ध का आज 9वां दिन है. इस युद्ध के आगे बढ़ने के साथ दिनो ब दिन मिडिल ईस्ट (पश्चिमी एशिया) (Middle East- (Western Asia) में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) अपनी बात पर ही अड़े हुए हैं कि ईरान के साथ कोई भी बातचीत या समझौता नहीं होगा उन्हें सिर्फ ईरान का बिना किसी शर्त के सरेंडर चाहिए. ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा, ‘ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी, सिर्फ अनकंडीशनल सरेंडर.’ ट्रंप ने कहा कि ईरान के सरेंडर के बाद वहां पर एक नया नेतृत्व चुना जाएगा. अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान को फिर से विकसित करने में उसकी मदद करेगा। इधर, नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में रविवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई जब United States Embassy in Oslo के पास एक तेज धमाके की आवाज सुनी गई. धमाके की सूचना मिलते ही इलाके में सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस तुरंत सक्रिय हो गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई. धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोगों में घबराहट फैल गई. इस घटना में अब तक किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। इराक का कोई भी सैनिक ईरान में नहीं घुसाः हैदर अल-खर्कीइराकी ब्रिगेडियर जनरल हैदर अल-खर्की का कहना है कि देश पर US-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से न तो इराकी सुरक्षा बल और न ही क्षेत्रीय कुर्द पेशमर्गा सेना के सदस्य ईरान में घुसे हैं. अल-खर्की ने बात करते हुए कहा कि इराकी सुरक्षा सैनिकों को ऑटोनॉमस क्षेत्र की सरकार के साथ मिलकर ईरान के साथ सीमा पर नियंत्रण और मजबूत करने के लिए इराक के सुलेमानियाह के कुर्द क्षेत्र में तैनात किया गया है. अल-खर्की का यह बयान ईरान-इराक सीमा पर बढ़ते तनाव और उन रिपोर्टों के बीच आया है कि US तेहरान में सरकार के खिलाफ विद्रोह भड़काने के लिए कुर्दों की भर्ती कर रहा है. लेकिन ट्रंप ने कुछ घंटे पहले रिपोर्टरों से करते हुए कहा था कि US नहीं चाहता कि कुर्द समूह इस युद्ध में हिस्सा लें, क्योंकि ‘हम युद्ध को पहले से भी ज़्यादा जटिल नहीं बनाना चाहते हैं’। लापता सैनिक की खोज का इजरायली सेना का विशेष ऑपरेशनईरान के साथ चल रही लड़ाई के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उनके सैनिक शुक्रवार की रात को एक विशेष अभियान पर रवाना हुए. यह अभियान 40 साल पहले लापता हुए एक सैनिक की खोज से जुड़ा हुआ है। कुर्दिश सेना ने इराक के सुलेमानिया में ड्रोन मार गिरायान्यूज आउटलेट रुडॉ के मुताबिक, कुर्दिश पेशमर्गा सेना ने उत्तरी इराक के सुलेमानिया के कुर्द इलाके के ऊपर एक ड्रोन मार गिराया है. इस इलाके पर कई हवाई हमले हो रहे हैं. रुडॉ ने X पर जो फुटेज पोस्ट की है, उसमें कुर्दिश सेना के आसमान में किसी चीज पर गोली चलाने के बाद आग और धुआं दिख रहा है। बेरूत में भीषण हमले कर रहा इजरायलईरान में इजरायल के लगातार हमले जारी, बेरूत में भीषण हमले कर रहा इजरायल, मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट को टारेगट किया. इसके पहले तेहरान के तेल डिपो में एयरस्ट्राइक के बाद जोरदार धमाका हुआ। अमेरिकी सैनिकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए ट्रंपईरान के जवाबी हमले में मारे गए 6 अमेरिकी सैनिकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. ये सैनिक कुवैत में ईरानी सैनिकों पर हमला कर रहे थे जिसकी जवाबी कार्रवाई में ये अमेरिकी सैनिक मारे गए थे. ईरान पर इजरायल और अमेरिकी हमले के बाद ये पहला ऐसा अंतिम संस्कार समारोह हुआ है जिसमें युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। सुलेमानिया में फोर्स ने ड्रोन पर फायरिंग कर मार गिरायासुलेमानिया में सेकंड रीजन के हेडक्वार्टर में कई पेशमर्गा फोर्स ने एक ड्रोन पर फायरिंग की और उसे मार गिराया. यह आज रात प्रांत को टारगेट करके किए गए हमलों की एक सीरीज का हिस्सा था. ईरानी मीडिया ने बताया कि साउथ तेहरान में एक तेल डिपो पर हमला हुआ. फारस न्यूज एजेंसी ने बताया कि इजरायली डिफेंस फोर्स शहर को निशाना बनाकर नए हमले कर रही है. इन ताजा हमलों की वजह से पूरे इलाके में तबाही मच गई है.
Nepal: बालेन शाह ने किया बड़ा उलटफेर….., चार बार PM रह चुके केपी ओली को हराया

काठमांडू। नेपाल (Nepal) के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र (Jhapa-5 Constituency) में आरएसपी नेता और रैपर से नेता बने बालेन शाह (Balen Shah) ने चार बार प्रधानमंत्री (Prime Minister) रह चुके के.पी. शर्मा ओली (K.P. Sharma Oli) को लगभग 50,000 मतों के भारी अंतर से हराया। निर्वाचन आयोग ने यहां यह जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (आरएसपी) के नेता और काठमांडू के पूर्व महापौर, जिन्हें लोकप्रिय रूप से केवल बालेन के नाम से जाना जाता है, अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बताया कि 35 वर्षीय बालेन को 68,348 मत मिले, जबकि 74 वर्षीय ओली को 18,734 मत मिले। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) – (सीपीएन-यूएमएल) ने ओली को पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था। नेपाल में पिछले साल हुए हिंसक ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शनों के बाद बृहस्पतिवार को पहला आम चुनाव हुआ, जिसमें हिमालयी देश में राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की मांग की गई थी। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (आरएसपी) बड़ा बहुमत हासिल कर नेपाल की सत्ता पर काबिज़ होने जा रही है। शाह ने झापा-5 सीट पर ओली को चुनौती दी और अपने फैसले को सही साबित कर दिखाया। इस सीट पर कुल 1,06,372 वोट डाले गए। पूरे देश में आरएसपी के पक्ष में चल रही तेज लहर के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री दहल 10,240 मतों के साथ रुकुम पूर्व-1 सीट जीतने में सफल रहे हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी ने 60 से अधिक सीटों पर जीत हासिल कर ली है। दूसरी ओर, नेपाली कांग्रेस ने जहां सिर्फ नौ पर जीत हासिल की है। ओली की पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) 3, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी 2 सीटें जीत चुकी हैं। इन आंकड़ों के आने के बाद शाह का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। जेनरेशन-जेड के आंदोलन से पहले नेपाल की सत्ता पर काबिज़ रही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को मौजूदा आम चुनाव में करारी शिकस्त मिली है। पार्टी के उपाध्यक्ष बिष्णु पौडेल, गोकर्ण बिस्टा, महासचिव शंकर पोखरेल, सचिव महेश बसनेत, भानुभक्त ढकाल और राजन भट्टराई को हार का सामना करना पड़ा है। नेपाल की संसद (प्रतिनिधि सभा) की कुल 275 सीटों के लिए पांच मार्च को मतदान संपन्न हुआ था। इनमें से 165 सीटों पर प्रत्यक्ष मतदान के जरिए और शेष 110 सीटों पर आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से चुनाव कराए गए। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 में हुए व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी छात्र आंदोलनों के बाद ओली सरकार गिर गई थी और संसद भंग कर दी गई थी। इसके बाद गठित अंतरिम सरकार की देखरेख में ये चुनाव संपन्न हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेपाल के युवा मतदाताओं ने पारंपरिक नेतृत्व को नकारते हुए एक नए और आधुनिक राजनीतिक दृष्टिकोण को चुना है। शाह अगर सत्ता संभालते हैं तो न केवल नेपाल की आंतरिक राजनीति बल्कि भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंधों के लिए भी एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।
Iran-US War: ट्रंप की धमकी के बाद और तेज हुए ईरान के हमले….. दुबई की इमारतें हुईं धुआं-धुआं

दुबई। ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच छिड़ा युद्ध पूरी दुनिया को संकट में डालने वाला साबित हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने शनिवार को भी धमकी देते हुए कहा कि उनका हमला अब और तेज होगा। वहीं जानकारों का कहना है कि अगर एक सप्ताह युद्ध और चलता रहा तो कई देशों में मंदी जैसे हालात हो जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान पर बहुत तगड़ा हमला होने वाला है। ईरान (Iran) के व्यवहार की वजह से उसे बड़ी तबाही झेलनी होगी। इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति पजेश्कियां (Iranian President Pajeshkian) ने कहा था ईरान समर्पण करने वाला नहीं है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के बिना शर्त सरेंडर करने की मांग को ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरानियों के आत्मसमर्पण करने का विचार डोनाल्ड ट्रंप को कहीं दफना देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तब तक पड़ोसी खाड़ी देशों पर हमला नहीं करेंगे जब तक कि उधर से हमला नहीं होता है। बता दें कि ईरान पड़ोसी देशों में अमेरिका बेसों पर लगातार हमले कर रहा था। इसके अलावा ईरान ने यूएई के दुबई में खूब हमले किए। वह 28 फरवरी को हुए हवाई हमले के बाद युद्ध शुरू होने और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरान की देखरेख करने वाली त्रिपक्षीय नेतृत्व परिषद के एक सदस्य हैं। उन्होंने यह संदेश इस संघर्ष के पूरे क्षेत्र में फैलने के ठीक एक सप्ताह बाद दिया। इस संघर्ष से वैश्विक बाजार और हवाई यात्रा प्रभावित हुई तथा ईरान का अपना नेतृत्व सैकड़ों इजराइली और अमेरिकी हवाई हमलों से काफी कमजोर हो गया है। रेवोल्यूशनरी गार्ड ने पैदा कर दिया भ्रमईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने पेजेशकियान के बयान के बाद यह कहकर और भ्रम पैदा कर दिया कि तेहरान ने उन देशों पर हमला नहीं किया है जिन्होंने ‘अमेरिका को हमारे देश पर आक्रमण करने के लिए जगह नहीं दी।’ अमेरिकी हमले खाड़ी अरब देशों से नहीं हो रहे हैं, जिन पर अब हमला हो रहा है। संभवतः मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल के जवाब में, शनिवार को ईरान के एक प्रमुख धर्मगुरु, अयातुल्ला नासिर मकारम शिराजी ने देश की विशेषज्ञ सभा से नये सर्वोच्च नेता का नाम जल्द से जल्द तय करने का आग्रह किया। युद्ध में 88 धर्मगुरुओं की समिति से जुड़े भवनों पर हवाई हमले हुए हैं, जिससे समूह की किसी भी बैठक में देरी होने की संभावना है। और भीषण बमबारी होगीअमेरिका का कहना है कि आगे और भी भीषण बमबारी होगी। संघर्ष खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। ट्रंप प्रशासन ने इजराइल को 15.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के नये हथियार बिक्री की मंजूरी दे दी। वहीं ट्रंप ने कहा है कि ईरान के “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के बिना वे उससे बातचीत नहीं करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने आगामी बमबारी अभियान की चेतावनी दी। संयुक्त राष्ट्र में क्या बोले ईरान के राजदूतसंयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए ‘सभी आवश्यक उपाय’ करेगा। एसोसिएटेड प्रेस के वीडियो में पश्चिमी तेहरान के ऊपर धमाका और धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। इजराइल ने कहा कि उसने व्यापक स्तर पर हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर लगातार हमले किए हैं, जिनमें उसकी सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है। देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस लड़ाई में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 200 से अधिक और इजराइल में 11 लोग मारे गए हैं। छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। शनिवार सुबह, ईरान से मिसाइल दागे जाने के कारण पूरे इजराइल में लोग बचने के लिए आश्रयों की ओर भागे। इस बीच यरुशलम में जोरदार धमाके सुनाई दिए। इजराइल की आपातकालीन सेवाओं ने तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले किए। दुबई में शनिवार सुबह कई धमाकों की आवाज सुनी गई और सरकार ने हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। अलर्ट बजने के बाद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का इंतजार कर रहे यात्रियों को विशाल हवाई अड्डे की सुरंगों में ले जाया गया।