ईरान युद्ध से भारतीय मार्केट भी प्रभावित…., मंगलोर रिफाइनरी को करना पड़ रहा बंद

तेहरान। ईरान और अमेरिका-इजराइल (Iran and the US-Israel War) के बीच छिड़ी जंग ने भारतीय मार्केट (Indian Market) को भी प्रभावित किया है। शेयर बाजार से लेकर तेल कारोबार तक में हलचल है। मीडिया में तो ये खबरें भी चल रही थीं कि मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) (Mangalore Refinery and Petrochemicals Limited (MRPL) की रिफाइनरी को बंद किया जा रहा है। अब सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का कंपनी ने आधिकारिक तौर पर खंडन किया है। क्या कहा कंपनी ने?कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कच्चे तेल की कमी की अटकलों के बावजूद उसका संचालन पूरी तरह से सुचारू रूप से जारी है। सरकारी नियंत्रण वाली इस रिफाइनरी ने शनिवार को ऑयलप्राइस डॉट कॉम द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किए जाने के बाद औपचारिक स्पष्टीकरण जारी किया। वायरल पोस्ट में कहा गया था कि 300,000 बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) की क्षमता वाली रिफाइनरी अपनी इकाइयों को बंद कर रही है क्योंकि क्षेत्रीय तनाव के कारण मध्य पूर्वी कच्चे तेल की आपूर्ति खाड़ी देशों में फंसी हुई है। एमआरपीएल ने इन दावों को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया है और कहा है कि रिफाइनरी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चल रही है और उसने निकट भविष्य के लिए अपनी आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षित कर ली है। एक आधिकारिक बयान में कंपनी ने कहा- हम स्पष्ट करते हैं कि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। एमआरपीएल सामान्य रूप से काम कर रहा है और उसने संचालन जारी रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का इंतजाम कर लिया है। रिफाइनरी बिना किसी यूनिट के बंद हुए अपनी सामान्य क्षमता पर काम कर रही है। कच्चे तेल की कमी की अफवाहों के विपरीत, कंपनी ने पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का स्टॉक कर लिया है। पेट्रोल-डीजल को लेकर अफवाहइंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और बीपीसीएल जैसी कंपनियों को भी इसी तरह की अफवाहों का सामना करना पड़ा। अफवाह है कि पेट्रोल और डीजल की किल्लत आने वाली है। इसी को लेकर इंडियन ऑयल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया- भारत में पर्याप्त ईंधन भंडार है और आपूर्ति एवं वितरण नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इंडियन ऑयल पूरे देश में निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे घबराएं नहीं और पेट्रोल पंपों पर भीड़ न लगाएं तथा सटीक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। इससे पहले, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
Warning: महामंदी की तरफ बढ़ रही दुनिया…. 7 दिन और चला ईरान युद्ध तो हालात होंगे भयावह!

तेहरान। स्कॉटलैंड की संस्था (Scottish Organization) वुड मैकेंजी (Wood Mackenzie) ने मध्य-पूर्व जंग से उपजे संकट को लेकर नई चेतावनी दी है। इसमें दावा किया कि अगर ईरान-इजराइल युद्ध (Iran-Israel War) अगले सात दिन तक और चलता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था 1929 की महा मंदी ‘ग्रेट डिप्रेशन’ के दौर में प्रवेश कर सकती है। इसमें यह भी कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में गतिरोध बने रहने से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसके परिणाम 1970 के दशक के तेल संकट से भी बड़े होने की संभावना है। क्या है महामंदीयह 1929 में अमेरिका से शुरू हुई आधुनिक इतिहास की सबसे भयंकर वैश्विक आर्थिक गिरावट थी, जो 1939-40 तक चली। अक्तूबर, 1929 के वॉल स्ट्रीट शेयर बाजार के पतन से शुरू होकर बैंकों के ठप होने, उत्पादन में भारी कमी और रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी के साथ पूरी दुनिया में फैल गई। सिर्फ अमेरिका में ही 1933 तक 1.5 करोड़ लोग बेरोजगार हो गए थे। इसके पीछे 1929 का स्टॉक मार्केट क्रैश, बैंकों का विफल होना, गलत मौद्रिक नीतियां और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कमी जैसे अनेक मिश्रित कारण थे। यह एक दशक तक चलने वाला (1929-1939) आर्थिक संकट था। आर्थिक मंदी द्वितीय विश्व युद्ध (1939) के शुरू होने के साथ समाप्त हुई, जिसने उत्पादन को बढ़ावा दिया और रोजगार के अवसर पैदा किए। इस आधार पर आशंकावुड मैकेंजी के मुख्य अर्थशास्त्री पीटर मार्टिन के अनुसार, कच्चे तेल के दाम 90 डॉलर प्रति बैरल के पास हैं। हॉर्मुज से गुजरने वाले 1.2 से 1.4 करोड़ बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति रुकने से कीमतें 125-150 डॉलर प्रति बैरेल तक जा सकती हैं। तेल 200 डॉलर प्रति बैरल को पार करता है तो यह 1970 के दशक जैसा झटका होगा। मध्य-पूर्व में जारी युद्ध शनिवार को आठवें दिन में प्रवेश कर गया। 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला कर दिया। पिछले एक हफ्ते से जारी लड़ाई में कुल 16 देश प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर प्रभावित हैं, जिससे लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को खतरा पैदा हो गया है। हिंसा मध्य एशिया से लेकर यूरोप के छोर तक फैलती जा रही है। अगर ये जंग बढ़ती है तो हालात और भयावह होंगे। रिपोर्ट में गैस संकट को लेकर भी चिंता जताई गई है। दुनिया का 20 फीसदी एलएनजी हॉर्मुज से गुजरता है। इसकी रुकावट 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान हुई गैस कटौती से कहीं अधिक गंभीर होगी। इससे यूरोप और एशिया में गैस की कीमतें 130 फीसदी तक बढ़ सकती हैं। वुड मैकेंजी का अनुमान है कि तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर रहने से वैश्विक जीडीपी विकास दर 2 फीसदी से नीचे गिर जाएगी। मुख्य अर्थशास्त्री पीटर मार्टिन ने कहा कि यह आधिकारिक तौर पर मंदी और फिर डिप्रेशन जैसे हालात को बढ़ावा देगा। उनके मुताबिक, बेरोजगारी और मुद्रास्फीति के कारण 1930 जैसी लंबी मंदी पैदा हो सकती है। ईरान युद्ध के बड़े अपडेट्स>>ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, एक सप्ताह पहले बमबारी शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान में 1,230 लोग मारे गए हैं, जबकि पांच हजार से अधिक घायल हैं।>>लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हमलों में 217 की मौत और 798 के घायल हुए, जबकि एक लाख विस्थापित हुए।>>इजरायल में 12 नागरिकों की मौत, 1,600 से अधिक घायल हैं>>अमेरिका के 6 सैन्य कर्मियों की मौत की पुष्टि हुई और 20 घायल हैं।>>कुवैत में चार, यूएई तीन, बहरीन दो और ओमान में एक मौत हुई>>युद्ध के पहले 5 दिनों में वैश्विक शेयर बाजारों से लगभग 3.2 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 265 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान होने का अनुमान है। इसमें डॉव जोन्स और एशियाई बाजारों में 2 मार्च को गिरावट दर्ज की गई।>>हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहने से वैश्विक मुद्रास्फीति में 1 फीसदी तक की वृद्धि का अनुमान है।>>ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें शनिवार को 92 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई। संघर्ष लंबा चलने पर 100-130 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है, जिससे पूरी दुनिया में माल ढुलाई 20 फीसदी महंगी हो जाएगी।>>हॉर्मुज के रास्ते 20 फीसदी तेल और एलएनजी की सप्लाई रुकने से चीन, भारत, जापान जैसे देशों की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में है।>>पिछले एक हफ्ते में दुनियाभर में 21,300 से अधिक उड़ानें रद्द की गई>>दुनिया भर के हवाई अड्डों पर 6 लाख से अधिक यात्री फंसे हुए।>>एयर इंडिया, इंडिगो, एमिरेट्स और कतर एयरवेज ने अपनी सेवाओं को निलंबित कर दिया है या रूट बदल दिए, जिससे प्रति उड़ान लागत 60,000 डॉलर तक बढ़ गई>>भारत से यूरोप जाने वाली उड़ानों को अब लंबा चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं।
शीतला अष्टमी 2026: कब है बासोड़ा पूजा? जानिए तारीख, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का पर्व विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन शीतला माता की पूजा-अर्चना कर परिवार के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। शीतला अष्टमी को कई जगहों पर बासोड़ा या बासोड़ा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत हर वर्ष चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस दिन माता शीतला को ठंडे या बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और घरों में चूल्हा नहीं जलाया जाता। वर्ष 2026 में शीतला अष्टमी का पर्व 11 मार्च बुधवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र कृष्ण अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को रात 1 बजकर 54 मिनट से हो रही है और यह तिथि 12 मार्च को सुबह 4 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालुओं को पूजा के लिए लगभग 12 घंटे का शुभ समय प्राप्त होगा। शीतला अष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ होकर शाम 6 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। वहीं इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 58 मिनट से 5 बजकर 47 मिनट तक रहेगा जिसे स्नान और ध्यान के लिए उत्तम समय माना जाता है। हालांकि इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है। वहीं राहुकाल दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से 2 बजे तक रहेगा इसलिए इस समय में पूजा या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इस वर्ष शीतला अष्टमी पर वज्र योग सिद्धि योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। वज्र योग सुबह से लेकर 9 बजकर 12 मिनट तक रहेगा जिसके बाद सिद्धि योग प्रारंभ होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार वज्र योग को अधिक शुभ नहीं माना जाता इसलिए शीतला माता की पूजा सिद्धि योग में करना अधिक फलदायी माना जाता है। इस योग में की गई पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शीतला अष्टमी का पर्व स्वास्थ्य और रोगों से सुरक्षा से जुड़ा हुआ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से चेचक जैसे संक्रामक रोगों से रक्षा होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। शीतला माता को ठंडा भोजन प्रिय माना जाता है इसलिए इस दिन घर में नया भोजन नहीं बनाया जाता। परंपरा के अनुसार शीतला सप्तमी यानी एक दिन पहले भोजन बनाकर रखा जाता है और अगले दिन वही ठंडा भोजन माता शीतला को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है। इसके बाद परिवार के लोग भी उसी भोजन को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से माता शीतला प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को स्वास्थ्य सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।
ईरान युद्ध के बीच 52 हजार भारतीय लौटे स्वदेश, विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली। भारत ने शनिवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया में उभरती सुरक्षा स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विदेश मंत्रालय ने देर रात जारी बयान में बताया कि पूरे क्षेत्र में हवाई मार्ग आंशिक रूप से खुलने के बाद 52,000 से अधिक भारतीय स्वदेश लौट आए हैं। मंत्रालय ने क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों से स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सलाह का पालन करने का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है और जरूरत पड़ने पर सभी लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए क्षेत्र की स्थानीय सरकारों के साथ काम कर रही है। वर्तमान में पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति अनिश्चित बनी हुई है क्योंकि अमेरिका और इजराइल ने ईरानी ठिकानों पर बमबारी जारी रखी है, जबकि ईरान ने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। मिशनों की हेल्पलाइन और सुरक्षा सलाहविदेश मंत्रालय ने बताया कि क्षेत्र में भारतीय मिशनों ने विस्तृत सलाह जारी की है और सहायता के लिए 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन भी स्थापित की गई है। हवाई परिचालन प्रभावित, 100 उड़ानें रद्दपश्चिम एशिया संकट के कारण शनिवार को दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, मुंबई हवाई अड्डे से 35 प्रस्थान और 36 आगमन उड़ानें रद्द हुईं, जबकि दिल्ली हवाई अड्डे से 22 प्रस्थान और 17 आगमन उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली हवाई अड्डे के संचालक डीआईएएल ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी या समय-सारणी में बदलाव हो सकता है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया में कुछ हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं, जिससे कई एयरलाइन कंपनियां सीमित संख्या में ही उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
रूस से तेल खरीदने की भारत को मिली मोहलत, ट्रंप बोले- वैश्विक दबाव कम करने का कदम

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के बीच अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अस्थायी अनुमति दे दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘थोड़ा दबाव कम करने’ के लिए उठाया गया कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला वैश्विक तेल बाजार पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। ट्रंप ने यह बयान एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया। स्थिति जल्द सामान्य होगी: ट्रंपट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका वैश्विक तेल बाजार पर दबाव कम करने के और कदम उठा सकता है। उन्होंने बताया कि दुनिया में तेल की कोई कमी नहीं है और अमेरिका के पास पर्याप्त तेल उपलब्ध है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी इस बात की पुष्टि की कि यह निर्णय वैश्विक तेल आपूर्ति में अस्थायी कमी को दूर करने के लिए लिया गया है। खाड़ी क्षेत्र में संकटखाड़ी क्षेत्र में तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले शिपिंग मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। यह मार्ग तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अपनी लगभग 40 प्रतिशत तेल आयात मध्य पूर्व से करता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी मोहलत दी है। ऊर्जा बाजार पर प्रभाव और भारत की सुरक्षाअमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि भारत को रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की मोहलत, मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक तेल कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए उठाए गए अल्पकालिक उपायों का हिस्सा है। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, देश अपनी ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है और वर्तमान में पर्याप्त एलपीजी, एलएनजी और कच्चे तेल की उपलब्धता है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि ऊर्जा उपभोक्ताओं को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत को विभिन्न स्रोतों से पहले से अधिक ऊर्जा आपूर्ति मिल रही है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से संभावित बाधाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। रूसी तेल का बढ़ता हिस्साभारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने कच्चे तेल के आयात स्रोतों में विविधता लाई है। 2022 में रूस भारत के कुल कच्चे तेल आयात का केवल 0.2 प्रतिशत था, लेकिन फरवरी 2026 में यह लगभग 20 प्रतिशत यानी करीब 1.04 मिलियन बैरल प्रति दिन पहुंच गया। ईरान पर सैन्य अभियान: ट्रंप का दावाट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के पूरे नेतृत्व का सफाया कर दिया है और इसे पृथ्वी से एक बड़े ‘कैंसर’ को हटाने जैसा बताया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सैन्य अभियान ईरान में कुछ समय तक जारी रहेगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान की नौसेना के 44 जहाजों, सभी विमान और अधिकांश मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। साथ ही मिसाइल निर्माण के क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचाने के कारण उनकी ड्रोन क्षमता में कमी आई है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व के लगभग हर स्तर पर सफाया कर दिया गया है।
रूस ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा! ट्रंप बोले- इससे कोई खास फायदा नहीं

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को उन रिपोर्टों को कम महत्व दिया, जिनमें कहा गया कि रूस ने ईरान को अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों पर हमले के लिए खुफिया जानकारी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा हुआ भी है, तो इससे ईरान को कोई खास लाभ नहीं हो रहा। यह टिप्पणी उन्होंने एयर फोर्स वन से मियामी के लिए रवाना होते समय की। अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। युद्ध शुरू होने के एक दिन बाद कुवैत में ड्रोन हमले में अमेरिकी सेना के छह रिजर्व सैनिक मारे गए। राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को रूस द्वारा ईरान को लक्ष्य संबंधी जानकारी देने के ठोस सबूत मिले हैं या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे युद्ध की दिशा पर बड़ा असर नहीं पड़ा है। रूस और अमेरिका संबंधों पर सवाल टाले जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर रूस ईरान की मदद कर रहा है तो अमेरिका-रूस संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने सवाल टालते हुए कहा कि “हम भी उनके खिलाफ वैसा ही कर सकते हैं।” उन्होंने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से अमेरिका यूक्रेन को खुफिया सहायता दे रहा है ताकि वह रूस के हमलों से बच सके। तेल बाजार पर युद्ध का असर पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के साथ ही तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार Hormuz Strait से रोजाना लगभग दो करोड़ बैरल तेल ले जाने वाले जहाज गुजरते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनके आवागमन में रुकावट आई है। ईरान के जवाबी हमलों और क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं को हुए नुकसान के कारण वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ा, जिससे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। रणनीतिक तेल भंडार पर ट्रंप का रुख तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कदम उठाने को तैयार हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी रणनीतिक तेल भंडार में पिछले महीने के अंत तक लगभग 41.5 करोड़ बैरल तेल था, जबकि इसकी कुल क्षमता 70 करोड़ बैरल से अधिक है। ट्रंप ने कहा कि देश में पर्याप्त तेल है और बाजार में आपूर्ति जल्दी सामान्य हो सकती है।
Women's Day 2026: महिलाओं की सुरक्षा के लिए मोबाइल में जरूर रखें ये 3 सेफ्टी ऐप, एक क्लिक में मिलेगी मदद

नई दिल्ली। हर साल 8 मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस जाता है। यह दिन महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों को समर्पित होता है। इस अवसर पर कई लोग महिलाओं को उपहार देते हैं या उन्हें खास तरीके से सम्मानित करते हैं। लेकिन महिला दिवस सिर्फ उत्सव का दिन ही नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने का भी मौका है। आज के डिजिटल दौर में कुछ मोबाइल एप ऐसी हैं जो मुसीबत की स्थिति में महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर सकती हैं। इनमें आपातकालीन अलर्ट और लोकेशन शेयरिंग जैसे फीचर दिए गए हैं। आइए जानते हैं ऐसी तीन महत्वपूर्ण सेफ्टी ऐप्स के बारे में, जिन्हें हर महिला को अपने मोबाइल में रखना चाहिए। 1. 112 India Appयह एप भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा तैयार की गई है। इसमें SOS बटन दिया गया है, जिसे दबाते ही आपकी लोकेशन तुरंत आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच जाती है। इस एप की खास बात यह है कि यह हिंदी और अंग्रेजी सहित करीब 10 भाषाओं में उपलब्ध है। इसके अलावा मोबाइल के पावर बटन को तीन बार दबाने पर भी इमरजेंसी अलर्ट भेजा जा सकता है। 2. e‑Raksha Appयह एप Madhya Pradesh Police और राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई है। इसमें जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम और SOS अलर्ट की सुविधा दी गई है। इस एप के जरिए उपयोगकर्ता अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन से तुरंत संपर्क कर सकता है। साथ ही इसमें आत्मरक्षा से जुड़े ट्यूटोरियल और सुरक्षा से संबंधित सलाह भी उपलब्ध है। 3. Himmat Appयह एप Delhi Police द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इसमें SOS बटन दबाते ही यूजर की लोकेशन और अन्य जरूरी जानकारी सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है। इस एप की खासियत यह है कि यह जरूरत पड़ने पर ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस तक भेज सकता है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। इन ऐप्स को मोबाइल में रखकर महिलाएं किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती हैं और अपनी सुरक्षा को और मजबूत बना सकती हैं।
Women’s Day 2026: रात में कार ड्राइव करते समय महिलाएं अपनाएं ये 5 सेफ्टी टिप्स, सफर होगा सुरक्षित

नई दिल्ली। गाड़ी चलाते समय हर व्यक्ति को ट्रैफिक नियमों और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी होता है। लेकिन जब महिलाएं ड्राइव कर रही हों, खासकर रात के समय, तो उन्हें अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। कई महिलाएं देर रात ऑफिस से घर लौटती हैं या अन्य कामों के लिए यात्रा करती हैं, ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती हैं। इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जानते हैं कि महिलाओं को रात में कार चलाते समय किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। 1. गाड़ी के सभी दरवाजे लॉक रखेंड्राइविंग शुरू करते ही कार के सभी दरवाजों को लॉक कर लेना चाहिए। सिर्फ ड्राइविंग सीट का दरवाजा लॉक करना पर्याप्त नहीं होता। रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति को लिफ्ट देने से बचना भी सुरक्षित रहता है। 2. सुनसान रास्तों से बचेंरात के समय शॉर्टकट के चक्कर में सुनसान या कम आवाजाही वाले रास्तों से बचना बेहतर होता है। यदि नेविगेशन का उपयोग कर रहे हैं तो छोटे रास्तों की बजाय मुख्य सड़क या हाईवे का चयन करना अधिक सुरक्षित हो सकता है। 3. कार की स्थिति पहले से जांच लेंड्राइव पर निकलने से पहले वाहन की स्थिति जरूर जांच लें। कार की समय पर सर्विसिंग हो, बैटरी सही हो, टायर में पर्याप्त हवा हो और हेडलाइट समेत सभी जरूरी सिस्टम ठीक से काम कर रहे हों। 4. सेफ्टी टूल्स साथ रखेंकार में कुछ जरूरी सुरक्षा उपकरण रखना फायदेमंद हो सकता है। जैसे पेपर स्प्रे, इलेक्ट्रिक शॉक रॉड या अन्य सेल्फ डिफेंस टूल्स, जो जरूरत पड़ने पर काम आ सकें। 5. फोन और लोकेशन हमेशा एक्टिव रखेंरात में यात्रा करते समय मोबाइल फोन पूरी तरह चार्ज होना चाहिए। अपनी लाइव लोकेशन परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति के साथ शेयर करना भी सुरक्षित कदम है। इसके अलावा मोबाइल के डायल पैड पर पुलिस या किसी करीबी का नंबर सबसे ऊपर सेव रखें ताकि आपात स्थिति में तुरंत कॉल किया जा सके। इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर महिलाएं रात में भी ज्यादा सुरक्षित तरीके से ड्राइव कर सकती हैं।
Women’s Day Special: 30 की उम्र के बाद महिलाएं क्या खाएं, स्किन ग्लो और कोलेजन के लिए डाइट टिप्स

नई दिल्ली। हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाने के लिए नहीं बल्कि उनकी सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए भी बेहद खास माना जाता है। अक्सर महिलाएं घर और ऑफिस की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत को पीछे छोड़ देती हैं। लेकिन 30 की उम्र के बाद शरीर में कई ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं जिन पर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 30 की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कोलेजन का स्तर धीरे धीरे कम होने लगता है। कोलेजन एक महत्वपूर्ण प्रोटीन होता है जो त्वचा को मजबूत, लचीला और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है। जब शरीर में इसकी कमी होने लगती है तो त्वचा पर झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं, त्वचा ढीली पड़ सकती है और प्राकृतिक ग्लो भी कम हो सकता है। इसी वजह से 30 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए सही और संतुलित डाइट लेना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर खानपान में जरूरी पोषक तत्व शामिल किए जाएं तो न केवल कोलेजन का स्तर बेहतर बना रहता है बल्कि शरीर भी लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। डाइट में सबसे पहले प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है। क्योंकि कोलेजन खुद एक प्रकार का प्रोटीन है और इसकी पर्याप्त मात्रा शरीर को मिलना बेहद आवश्यक है। इसके लिए महिलाएं अपनी डाइट में पनीर, दही, मूंग दाल, राजमा, चना, सोयाबीन, टोफू और विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स और नट्स शामिल कर सकती हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ स्किन और मसल्स को भी मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके अलावा शरीर के लिए बायोटिन और जिंक भी बेहद जरूरी पोषक तत्व माने जाते हैं। इनकी कमी होने पर त्वचा पर दाग धब्बे दिखने लगते हैं, बाल कमजोर हो सकते हैं और नाखून भी टूटने लगते हैं। इसलिए डाइट में बादाम, कद्दू के बीज, तिल, मशरूम और अंडे की सफेदी जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। ओमेगा 3 फैटी एसिड भी महिलाओं की सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह शरीर में सूजन को कम करने, हड्डियों को मजबूत रखने और जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है। ओमेगा 3 की पर्याप्त मात्रा पाने के लिए डाइट में अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट और सूरजमुखी के बीज जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है। विटामिन C भी कोलेजन के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। अगर शरीर में विटामिन C की कमी हो जाए तो इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है और त्वचा भी जल्दी डैमेज होने लगती है। इसलिए महिलाओं को अपनी डाइट में आंवला, संतरा, नींबू, कीवी, स्ट्रॉबेरी और शिमला मिर्च जैसे विटामिन C से भरपूर फूड्स जरूर शामिल करने चाहिए। संतुलित आहार के साथ पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना और अच्छी नींद लेना भी महिलाओं की सेहत के लिए उतना ही जरूरी है। सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर महिलाएं 30 की उम्र के बाद भी अपनी त्वचा को स्वस्थ और शरीर को ऊर्जावान बनाए रख सकती हैं। महिला दिवस का संदेश भी यही है कि महिलाएं अपने परिवार की देखभाल के साथ साथ अपनी सेहत को भी उतनी ही प्राथमिकता दें ताकि वे लंबे समय तक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकें।
रेगिस्तानी हवाओं से मध्य प्रदेश में बढ़ी गर्मी, तपने लगा मालवा-निमाड़, रतलाम सबसे गर्म

भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने अप्रैल जैसा असर दिखाना शुरू कर दिया है। महीने के पहले पखवाड़े में ही तापमान 39 डिग्री के करीब पहुंच गया है। प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र, यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले सबसे ज्यादा गर्म रहे। शनिवार को यहां कई जगह तापमान 38 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया और दिन में ‘लू’ जैसी तपन महसूस हुई। रविवार को रंगपंचमी के दिन भी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाओं का असर मध्य प्रदेश में महसूस किया जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे धूप और अधिक तीखी हो जाएगी। हवा की दिशा बदलने से बढ़ी गर्मीमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से बदलकर अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। साथ ही हवा में नमी भी काफी कम है। रेगिस्तानी क्षेत्रों से आने वाली यही गर्म और शुष्क हवाएं प्रदेश में तापमान बढ़ाने का कारण बन रही हैं, जिससे मार्च की शुरुआत में ही गर्मी का असर तेज हो गया है। रतलाम रहा सबसे गर्म शनिवार को प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा धार में 38.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.6 डिग्री, सागर में 37.2 डिग्री और गुना में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 36.5 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 36.4 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, ग्वालियर में 35.7 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री तापमान रहा। बदल रहा गर्मी का ट्रेंडप्रदेश में आमतौर पर तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े में शुरू होती है। पिछले दस वर्षों में भी 15 मार्च के बाद ही गर्मी ज्यादा बढ़ी है, लेकिन इस बार मौसम का ट्रेंड बदला हुआ दिखाई दे रहा है और महीने की शुरुआत में ही तापमान तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों में प्रदेश का अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। ऐसे में मार्च के पहले ही पखवाड़े में तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल अप्रैल और मई में हीट वेव यानी लू चलने की संभावना है। करीब 15 से 20 दिन तक लू का असर रह सकता है, हालांकि फिलहाल मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं दिया गया है।