मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में लू और गर्म हवाओं का असर, 10 शहरों में पारा 38°C पार

मध्य प्रदेश में मार्च के दूसरे हफ्ते में ही मौसम ने गर्मी के तेवर दिखाए हैं। गुरुवार को नर्मदापुरम, रतलाम और धार में तेज गर्म हवाएं चलीं और शुक्रवार को भी यहां लू का अलर्ट जारी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 10 शहरों में पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि नर्मदापुरम सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। अन्य शहरों में रतलाम 39.5°C, खजुराहो 39°C, धार 38.8°C, दमोह-टीकमगढ़ 38.5°C, खंडवा 38.1°C, मंडला, श्योपुर और खरगोन में पारा 38°C के आसपास रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर 37.8°C, उज्जैन 37.5°C, ग्वालियर 37.2°C, भोपाल 37°C और जबलपुर 36.9°C तापमान के साथ गर्म रहे। मौसम विभाग ने बताया कि वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से पश्चिम और उत्तर-पश्चिम की ओर बदल गई है। हवा में नमी बहुत कम है और रेगिस्तानी इलाकों से आती गर्म हवाएं प्रदेश में पारे को बढ़ा रही हैं। 15 और 16 मार्च को प्रदेश के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक वाला मौसम रहने की संभावना है। 15 मार्च को ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में बारिश का अनुमान है। वहीं, 16 मार्च को सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट जिलों में मौसम बदलेगा। विशेषज्ञों ने बताया कि मार्च में दिन के समय गर्मी और रात में हल्की ठंड रहने से सर्दी-जुकाम, एलर्जी और अस्थमा के मरीज बढ़ सकते हैं। इसलिए सुबह और रात को ठंडी हवा से बचाव करना जरूरी है। मौसम विभाग ने कहा कि मार्च में पारा बढ़ने का यह सीजनल ट्रेंड है, लेकिन असली लू अप्रैल-मई में चलेगी। अप्रैल और मई में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45°C पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी अधिक गर्मी रहेगी। प्रदेश के मौसम में मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। पिछले दस साल के आंकड़ों के अनुसार मार्च में तीनों मौसम – गर्मी, ठंड और बारिश का ट्रेंड रहता है। इंदौर में दिन का पारा 41.1°C तक पहुंच चुका है, जबकि ग्वालियर में रात का न्यूनतम तापमान 8°C तक दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में मार्च में दिन में तेज गर्मी और कभी-कभी बारिश का असर देखा जाता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दिन में हल्के कपड़े पहनें और शीतल पेय का सेवन संतुलित करें ताकि स्वास्थ्य पर असर न पड़े।
जब काम खत्म हो जाता है तो कहां जाते हैं सैटेलाइट? समझिए Graveyard Orbit का अनोखा विज्ञान

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में आज हजारों उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगा रहे हैं। ये उपग्रह मौसम की जानकारी प्रदान करते हैं, सौर गैसों का अध्ययन करते हैं, ग्रह-तारों की निगरानी करते हैं और संचार सेवाओं को बेहतर बनाते हैं जैसे कई महत्वपूर्ण काम करते हैं। लेकिन हर मशीन की तरह इन सैटेलाइट की भी एक सीमित आयु होती है। कुछ वर्षों तक काम करने के बाद ये तकनीक रूप से पुरानी या ख़राब हो गई हैं। ऐसे में सबूतों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि इन सैटेलाइट सैटेलाइट का क्या किया जाए ताकि अंतरिक्ष में खतरनाक सामान न बदले। लो अर्थ ऑर्बिट वाले सैटेलाइट को ऐसे ख़त्म कर दिया गया हैकैथेड्रल के पास के पुराने उपग्रहों को हटाने के लिए दो मुख्य तरीके होते हैं, जो उनकी विचारधारा पर प्रतिबंध लगाते हैं। कम पाइपलाइन वाली कक्षा को लो अर्थ ऑर्बिट कहा जाता है। इस क्लास में मौजूद सैटेलाइट को हटाने का तरीका आसान होता है।इंजीनियर सैटेलाइट में बैचलर जेल का उपयोग करके अपनी गति को धीरे-धीरे कम कर देते हैं। जैसे ही उसकी गति कम होती है, उपग्रह अपनी कक्षा से नीचे आता हुआ प्रतीत होता है और अंततः पृथ्वी के द्वीपों में प्रवेश कर जाता है। बस्ती में प्रवेश करते समय हवा के झोंके से इतनी तेज़ गर्मी पैदा होती है कि अधिकांश उपग्रह जलकर पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। छोटे उपग्रह के लिए यह विधि सबसे सुरक्षित मानी जाती है, क्योंकि इनका कोई मालबा जमीन तक अवलोकन नहीं है। बिग स्पेस यानों को ‘स्पेस फ़्रांसीसी कब्रिस्तान’ में स्थापित किया गया हैहालाँकि सभी उपग्रह संपूर्ण प्रकार के जलकर समाप्त नहीं हुए। बड़े अंतरिक्ष यान, पुराने अंतरिक्ष स्टेशन या भारी उपग्रह के कुछ हिस्सों में ज्वालामुखी के बाद भी बच सकते हैं। ऐसे मामलों में वैज्ञानिक उन्हें नियंत्रित तरीके से पृथ्वी पर गिराते हैं ताकि मालबा क्षेत्र पर सुरक्षित रहे।इसके लिए प्रशांत महासागर में एक खास जगह चुनी गई है, जिसे ‘स्पेस क्राफ्ट कब्रिस्तान’ कहा जाता है। यह क्षेत्र प्वाइंट निमो के आसपास स्थित है। यह पृथ्वी का सबसे घना समुद्री तट माना जाता है, जहां से किसी भी दिशा में लगभग 2,600 किलोमीटर दूर है। यहां विकलांगों और मानव अपराध की संख्या बेहद कम है, इसलिए किसी भी दुर्घटना का खतरा भी बहुत कम रहता है। इतिहास में कई बड़े अंतरिक्ष यान, जैसे मीर स्पेस स्टेशन और सैल्यूट श्रृंखला के स्टेशन इसी क्षेत्र में गिरे हुए थे। ‘ग्रेवयार्ड ऑर्बिट’ में भेजे गए उपग्रह उपग्रह कक्षा वाले हैंदूसरी ओर, बहुत से कक्षा में मौजूद उपग्रह को पृथ्वी पर वापस लाना आसान नहीं होता। उदाहरण के लिए भूस्थैतिक कक्षा में विद्यमान उपग्रह पृथ्वी से लगभग 36 हजार किमी की भूमि पर स्थित हैं। इतने सारे प्लांट से उन्हें वापस लाने के लिए भारी मात्रा में जंगल की आवश्यकता होती है, जो अक्सर उपलब्ध नहीं होता है।ऐसे में साइंटिस्ट उन्हें लिटिल और ऊपर भेजते हैं, जिसे ग्रेवयार्ड ऑर्बिट कहा जाता है। यह क्लास सामान्य जियोस्टोरी क्लास से करीब 200 से 300 किमी ऊपर है। यहां पर सैटेलाइट सैटेलाइट हो जाने के बाद सैटेलाइट से कनेक्ट होने का खतरा कम हो जाता है। कई पुराने हज़ारों वर्षों तक इसी तरह के ‘अंतरिक्ष कब्रिस्तान’ में चक्करदार रह सकते हैं। अंतरिक्ष में जंगल की स्थापना क्यों है चिंता का विषयपुराने को उपग्रह सेट करना भी जरूरी है क्योंकि पृथ्वी के वर्ग में अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष डेबरी तेजी से बढ़ रही है। नासा के अनुसार आज पृथ्वी के चारों ओर हजारों सक्रिय उपग्रहों के साथ-साथ लाखों छोटे-बड़े टुकड़ों के टुकड़े भी मौजूद हैं।ये टुकड़े बहुत तेज गति से पाए जाते हैं और अगर कोई सैटेलाइट एक्टिवेटिड या स्पेस यान से अलग हो जाए तो भारी नुकसान हो सकता है। ऐसे टकराव से और अधिक मालबा बनता है और यह एक खतरनाक चेन प्रतिक्रिया शुरू हो सकती है, जिसे केसलर सिंड्रोम कहा जाता है। यदि यह स्थिति गंभीर हो जाए तो कुछ स्पेस फ़्लोरिडा के उपयोग की गुंजाइश नहीं है, जिनमें से कोई भी नहीं है। इसी कारण से साइंटिफिक पुराने सैटेलाइट को सुरक्षित तरीकों से हटाने के लिए कॉन्स्टैंट नए सैटेलाइट और समुद्र तट पर काम कर रहे हैं, ताकि अंतरिक्ष को साफ और सुरक्षित रखा जा सके।
Satya Nadella ने Shantanu Narayen के इस्तीफे पर कहा- आपने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक बनाई

नई दिल्ली। टेक जगत की दिग्गज कंपनी एडोब के लंबे समय तक सीईओ रहे शांतनु नारायण के पद से हटने की घोषणा के बाद उद्योग जगत से उन्हें कॉन्स्टैंट एजेंट मिल रही है। सत्या नडेला ने भी उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण प्राइवेट लिमिटेड में से एक को नई ऊंचाई तक हासिल कर चुके हैं। लगभग दो दशक तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद नारायण के पद छोड़ने की खबर ने ग्लोबल टेक इंडस्ट्री का ध्यान खींचा है। नडेला बोले-आपने बनाया दुनिया की अहम कंपनी में से एकमाइक्रोसॉफ्ट के सीईओ और सीईओ सत्य नडेला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए शांतनु नारायण को उनके शानदार पद के लिए बधाई दी। नेडेला ने लिखा है कि एडोब में उनके नेतृत्व का दौर बेहद प्रभावशाली रहा है और उन्होंने ऐसी सॉफ्टवेयर कंपनी का निर्माण किया है जो दुनिया भर के निर्माता, प्रशिक्षण और उद्यम के लिए नई स्टैमिना के दरवाजे खोल रहे हैं। नेडेला ने यह भी कहा कि शांतनु की उत्तेजित सोच और नेतृत्व शैली उन्हें हमेशा प्रेरित करती रहती है। उन्होंने कहा कि एक लीडर के रूप में नारायण ने जिस तरह का उदाहरण पेश किया, वह पूरे उद्योग के लिए मार्गदर्शक है। करीब दो दशक बाद सीईओ पद से विदाईएडोब ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि शांतनु नारायण 18 साल तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद सीईओ पद से हट रहे हैं। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि नए सीईओ की नियुक्ति नारायण की भूमिका में होगी। इसके बाद वह कंपनी से जुड़े सहयोगियों और बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।कंपनी ने नए सीईओ की खोज के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है, जिसमें आंतरिक और बाहरी दोनों मिलकर विचार करेंगे। इस प्रक्रिया की निगरानी कंपनी के बोर्ड का होना। बोर्ड ने भी की अगुवाई और बदलाव की जिम्मेदारी संभालीएडोब के प्रमुख स्वतंत्र निदेशक फ्रैंक काल्डेरोनी ने कहा कि शांतनु नारायण ने पिछले कई वर्षों में कंपनी को परिवर्तन के दौर से आसानी से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि नारायण ने एडोब को पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनी से लेकर आधुनिक डिजिटल और आर्किटेक्चर आधारित प्लेटफॉर्म में अहम भूमिका निभाई है।उनके नेतृत्व वाली कंपनी ने फ्यूचर की टेक्नॉलजी को बोल्ट और डिजिटल टैलेंट और कस्टमर एक्सपीरियंस के क्षेत्र में खुद को ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित किया। थिएटर स्टूडियो से क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म तक का सफरशांतनु नारायण के नेतृत्व में एडोब ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया। कंपनी ने पारंपरिक सैद्धांतिक सॉफ़्टवेयर की रणनीति से हटकर प्लॉट आधारित क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म की दिशा में कदम बढ़ाया। इस बदलाव से कंपनी की आय और बाजार में दोनों की स्थिति मजबूत हुई।कंपनी के प्रमुख उत्पाद जैसे Adobe Photoshop, Adobe Acrobat और Adobe Creative Cloud आज दुनिया भर में क्रिएटर्स, डिज़ाइनर, कंपनी और डिजिटल प्रकाशकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण टूल बन गए हैं। 3,000 से 30,000 तक कर्मचारीअपने लंबे कार्यकाल को याद करते हुए शांतनु नारायण ने कहा था कि जब उन्हें कंपनी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब एडोब में करीब 3,000 कर्मचारी थे, जो अब लगभग 30,000 हो गए हैं। उन्होंने बताया कि इस दौरान कंपनी का राजस्व 1 अरब डॉलर से बढ़कर लगभग 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया।नारायण ने कहा कि एडोब ने अपने उद्देश्य के लिए ऐसी तकनीक विकसित नहीं की, बल्कि उनके द्वारा बनाए गए डिजिटल उपकरणों से अरबों लोग प्रभावित हुए। यही कारण है कि आज एडोब डिजिटल प्रतिभा और ग्राहक अनुभव के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनी गिनी है।
ग्वालियर में लाड़ली बहना सम्मेलन, 122 करोड़ के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण

ग्वालियर जिले के घाटीगांव में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहना सम्मेलन में शामिल होंगे और प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 1836 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। यह राशि योजना की 34वीं किस्त के रूप में दी जा रही है। वहीं ग्वालियर जिले की 3 लाख 2 हजार 850 महिलाओं के खातों में 44 करोड़ 83 लाख रुपए की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर जिले में लगभग 122 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी करेंगे। इसमें 62 करोड़ रुपए के 19 कार्यों का लोकार्पण और 60 करोड़ रुपए के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इसके अलावा सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आर्थिक सहायता भी वितरित की जाएगी। लाड़ली बहना सम्मेलन में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, राज्य सरकार के मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह, विधायक मोहन सिंह राठौर और जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के दौरान राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयर टर्मिनल, महाराजपुरा पहुंचेगे और वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा घाटीगांव के पास देवनारायण मंदिर परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेंगे। मुख्यमंत्री देवनारायण मंदिर और शबरी माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे और उसके बाद हेलीकॉप्टर से पुनः विमानतल पहुंचकर भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के तहत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपए की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपए की आर्थिक सहायता मिल रही है। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और इस दौरान 54,140 करोड़ रुपए सीधे महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। अब योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं को कौशल उन्नयन, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। लोकार्पित होने वाले प्रमुख कार्यों में करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुलैथ का भवन और 9.11 करोड़ रुपए की लागत से डाडा खिरक–तिघरा मार्ग पर सांक नदी पर बने उच्च स्तरीय पुल शामिल हैं। भूमिपूजन किए जाने वाले प्रमुख कार्यों में आईएसबीटी के समीप 6.17 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला 100 सीटर श्रमिक विश्रामगृह और 12.16 करोड़ रुपए की लागत से अंबेडकर धाम के द्वितीय चरण में बाबा साहब के जीवन पर आधारित संग्रहालय शामिल हैं। इसके अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की नई सड़कों, आयुर्वेदिक महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग के हॉल और छात्रावास तथा भितरवार में नए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है।
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट, BSE Sensex और Nifty 50 लाल निशान में

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स के बीच चिंता का माहौल बन गया। कमजोर वैश्विक सेंसेक्स, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली हावी रही और दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। बाजार के जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सेंसेक्स और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय बाजार के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। सेंसेक्स और निफ्टी में करीब एक प्रतिशत की गिरावटशुक्रवार सुबह करीब 11:40 बजे तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 निफ्टी वाला सेंसेक्स 706 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,334 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 240 अंक यानी 1.02 प्रतिशत टूटकर 23,398 पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट का दायरा व्यापक रहा और कई प्रमुख सेक्टरों में तेजी से बिकवाली देखी गई। मेटल, डिफेंस, ऑटो और पीएसयू बैंक से जुड़े सप्लाई में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार का समग्र सेंटिमेंट कमजोर हो गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल बना बड़ा कारणविशेषज्ञों के अनुसार बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति टमाटर के करीब पहुंच गई हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मज में संभावित बाधाओं के कारण सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस वजह से डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 95 डॉलर प्रति टमाटर और ब्रेंट क्रूड लगभग 100 डॉलर प्रति टमाटर के आसपास कारोबार कर रहा है। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी से आर्थिक दृष्टि से चिंता का विषय मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ सकता है। वैश्विक सेंसेक्स की कमजोरी का भी पड़ा असरभारतीय बाजार पर वैश्विक सेंसेक्स का भी नेगेटिव असर देखने को मिला। एशियाई सेंसेक्स में भी शुक्रवार को कमजोरी का माहौल रहा। सियोल, टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और जकार्ता के प्रमुख शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। वहीं अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। वैश्विक सेंसेक्स में इस कमजोरी ने सेंसेक्स के मान्य को प्रभावित किया, जिसका असर भारतीय सेंसेक्स पर भी साफ दिखाई दिया। विदेशी सेंसेक्स की बिकवाली से बढ़ा दबावभारतीय बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण विदेशी सेंसेक्स की लगातार बिकवाली भी है। एक्सचेंज के आंकड़ों के हिसाब से विदेशी सेंसेक्स ने गुरुवार को ही 7,049.87 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए थे। मार्च महीने में अब तक एफआईआई भारतीय बाजार से 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी कर चुके हैं। लगातार हो रही इस बिकवाली से बाजार में तरलता पर असर पड़ रहा है और सेंसेक्स का भरोसा भी कमजोर हो रहा है। रुपये की कमजोरी ने भी बढ़ाई चिंताडॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये पर बढ़ता दबाव भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। शुक्रवार के कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले लगभग 92.60 के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। कमजोर होता रुपया विदेशी फर्मों के लिए जोखिम बढ़ता है, जिससे वे भारतीय बाजार से पैसा निकालने लगते हैं। उद्यमियों का कहना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें घट स्तर पर बनी रहती हैं और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता जारी रहती है, तो निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर की अवैध बिक्री पर कड़ा नियंत्रण, इंदौर में हेल्पलाइन जारी 0731-2993900

इंदौर जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध बिक्री को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपभोक्ताओं की सुविधा और गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। अब नागरिक गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए निर्धारित हेल्पलाइन नंबर 0731-2993900 पर संपर्क कर सकते हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने बताया कि घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री और कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। कंट्रोल रूम के संचालन के लिए जिले में अधिकारियों और कर्मचारियों की एक टीम तैनात की गई है। इसमें सहायक आपूर्ति अधिकारी कल्पना परामानिक, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सवेसिंह गामड़ और कंप्यूटर ऑपरेटर अंकित नागर, रोहित बर्मन, महेश जगताप तथा अब्दुल समद शामिल हैं। यह टीम प्राप्त शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों के साथ समन्वय करते हुए उनका त्वरित निराकरण करेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति और वितरण पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई एजेंसी या व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता हुआ गैस की अवैध बिक्री करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ता अपनी शिकायतें हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा कलेक्टोरेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक 221 में कार्यालय समय के दौरान व्यक्तिगत रूप से समस्या या सुझाव भी दे सकते हैं। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें गैस सिलेंडर की उपलब्धता, कीमत या वितरण से जुड़ी कोई अनियमितता दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना दें। प्रशासन का मानना है कि उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी से गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलेगी।
आईपीएल में विवाद की आहट, Sunrisers Hyderabad के लिए Abrar Ahmed का सौदा बन सकता है परेशानी

नई दिल्ली। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड द्वारा आयोजित फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट द हंड्रेड की नीलामी में पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने के बाद सन ग्रुप की टीम सनराइजर्स लीड्स के खिलाफ मैदान में उतरी है। इस फैसले का असर भारतीय क्रिकेट बाजार में भी पड़ सकता है, खासकर आईपीएल में उनकी सहयोगी टीम सनराइजर्स हैदराबाद पर। सोशल मीडिया पर विरोधअबरार अहमद को टीम में शामिल करने के बाद सोशल मीडिया पर कई भारतीय फैंस ने इस फैसले की आलोचना की है। कुछ फैंस ने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद का बहिष्कार करने की भी चेतावनी दी है। आलोचक का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी को साइन करना, जिस पर 2025 में भारतीय सेना का मजाक उड़ाने वाला पोस्ट करने का आरोप लगा था, देश की भावनाओं के खिलाफ है। बोली में ट्रेंट रॉकेट्स को पछाड़ानीलामी के दौरान सनराइजर्स लीड्स ने ट्रेंट रॉकेट्स से ज्यादा बोली लगाकर अबरार अहमद को अपने साथ जोड़ा। इस फैसले ने कई लोगों को चौंका दिया। भारतीय टीमों के रुख पर चर्चानीलामी से पहले यह माना जा रहा था कि भारतीय स्वामित्व वाली चार फ्रेंचाइजी- सनराइजर्स लीड्स MI लंदन मैनचेस्टर सुपर जायंट्स सदर्न ब्रेव पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाने से बचेंगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ और सनराइजर्स लीड्स ने अबरार को टीम में शामिल कर लिया। ईसीबी की चेतावनी भी थीनीलामी से पहले इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने सभी आठ टीमों को स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्रीयता के आधार पर किसी खिलाड़ी को नजरअंदाज करना ब्रिटेन के एंटी-डिस्क्रिमिनेशन कानूनों का उल्लंघन माना जा सकता है। जेएनएन ने फैसला बतायाटीम प्रबंधन का कहना है कि यह फैसला क्रिकेटिंग कारणों से लिया गया। टीम के हेड कोच डेनियल विटोरी की देखरेख में यह फैसला टीम की जरूरत और खिलाड़ी की क्षमता को देखते हुए लिया गया। हालांकि इस साइनिंग से “शैडो-बैन” की अटकलें खत्म हो गई हैं, लेकिन अब फ्रेंचाइजी को भारत जैसे अपने सबसे बड़े प्रोफेशनल बाजार में पीआर संकट और फैंस की नाराजगी से निपटने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। अगर विवाद बढ़ता है, तो इसका असर आईपीएल में इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद की लोकप्रियता और ब्रांड वैल्यू पर भी पड़ सकता है।
खजराना थाना क्षेत्र में 15 साल के छात्र की गुमशुदगी, मोबाइल और सीसीटीवी से जुटाई जानकारी

इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय छात्र के लापता होने की खबर ने परिवार और पुलिस को चिंतित कर दिया है। छात्र बुधवार को घर से मथुरा स्थित संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। घटना के दूसरे दिन भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार ने गुरुवार को खजराना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस और जीआरपी को अलर्ट किया। छात्र कृष्ण विहार कॉलोनी में रहता है और उसके मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि उसने हाल ही में देहरादून जाने वाली ट्रेनों की जानकारी इंटरनेट पर सर्च की थी। इसके अलावा घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में वह बैग लेकर अकेले पैदल जाते हुए दिखाई दिया। परिवार ने बताया कि छात्र का झुकाव धार्मिक गतिविधियों की ओर काफी ज्यादा था। वह रोजाना करीब दो घंटे पूजा-पाठ करता था और नियमित रूप से मंदिर भी जाता था। मोबाइल पर संतों के प्रवचन सुनना उसकी दिनचर्या का हिस्सा बन गया था। खासतौर पर वह वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों से काफी प्रभावित था। छात्र के बड़े भाई ने कहा कि गूगल हिस्ट्री और सोशल मीडिया अकाउंट से यह भी पता चला कि वह संत प्रेमानंद के प्रवचन के अलावा उत्तराखंड की एक साध्वी के भजन भी सुनता था। परिवार को मिले पत्र में छात्र ने लिखा कि वह अपने “असली परिवार” के पास जा रहा है और परिजनों से उसे ढूंढने की कोशिश न करने की अपील की है। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि वह किसी डांट-फटकार या खराब रिजल्ट के कारण घर नहीं छोड़ रहा है। पत्र में उसने एक दोस्त से लिए गए 500 रुपए लौटाने की बात भी लिखी है और परिजनों से चिंता न करने को कहा है। छात्र के पिता ड्राइवर का काम करते हैं और परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों को सूचना दी है। सभी मिलकर उसकी तलाश में जुटे हैं। पिता ने अपने बड़े बेटे को वृंदावन स्थित आश्रम भेजने की तैयारी की है ताकि वहां पता किया जा सके कि छात्र वहां तो नहीं पहुंचा। खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के जिलों और रेलवे पुलिस को सूचना दे दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर छात्र की तलाश कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही उसका सुराग मिल सकेगा।
टेनिस में कमाल, Carlos Alcaraz ने Indian Wells Masters में लगातार 5वीं बार बनाई सेमीफाइनल में जगह

नई दिल्ली। दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडियन वेल्स मास्टर्स के सेमीफाइनल में लगातार पांचवीं बार जगह बनाई है। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में ब्रिटेन के कैमरून नोरी को 6-3, 6-4 से हराया। इस जीत के साथ स्पेन के अल्काराज ने नोरी से पिछली हार का बदला भी ले लिया। नोरी ने उन्हें पिछले साल पेरिस में हराया था। साथ ही 2026 में अल्काराज की जीत का क्रम अब 16 मैचों तक पहुंच गया है। इतिहास में तीसरे खिलाड़ी बनेलगातार पांच बार इंडियन वेल्स के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले अल्काराज तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि राफेल नडाल (2006–2013) नोवाक जोकोविच (2011–2016) हासिल कर चुके हैं। मैच में कैसे मिली जीतमुकाबले के पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर रही, लेकिन अल्काराज ने आखिरी चार गेम में तीन बार सर्विस ब्रेक करते हुए सेट अपना नाम कर लिया। दूसरे सेट में नॉरी ने 2-0 की बढ़त बनाई, लेकिन इसके बाद अलकाराज ने लगातार चार गेम जीते, मैच पर कंट्रोल बनाया। बेसलाइन शॉट्स, ड्रॉप शॉट और नेट प्ले के शानदार मिक्सचर के साथ उन्होंने 1 घंटा 33 मिनट में मैच जीत लिया। अलकाराज ने क्या कहाजीत के बाद अलकाराज ने कहा: उनके खिलाफ खेलना हमेशा मुश्किल होता है। उनके टॉपस्पिन फोरहैंड और फ्लैट बैकहैंड से खेलना मुश्किल है। मुझे सही शॉट लगाना पड़ता है। आज मैंने ऑफेंसिव खेला और अपने लेवल से खुश हूं। मेदवेदेव भी सेमीफाइनल में पहुंचेदूसरी ओर रूस के स्टार खिलाड़ी डेनियल मेदवेदेव ने मौजूदा चैंपियन जैक ड्रेपर को 6-1, 7-5 से हराकर चौथी बार टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। हां है कि अलकाराज ने 2023 और 2024 में इंडियन वेल्स का खिताब जीता था और दोनों बार फाइनल में मेदवेदेव को हराया था। इस बार भी अगर दोनों खिलाड़ी फाइनल में खिताबी मुकाबले हैं तो एक और रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
13 मार्च 2026 का अंक ज्योतिष: मूलांक 4 के अटके काम पूरे होंगे, मूलांक 6 को आर्थिक लाभ..

नई दिल्ली। आज 13 मार्च 2026 अंक ज्योतिष के अनुसार मुख्य रूप से मूलांक 4 की ऊर्जा से प्रभावित है। यह अंक अनुशासन, मेहनत और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ब्रह्मांडीय अंक 8 आज करियर और आर्थिक उन्नति के अवसर दे रहा है। यह दिन भावनाओं में बहने की बजाय ठोस योजना और जिम्मेदारी निभाने का है। जो लोग महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं उनकी मेहनत आज भविष्य में मजबूत परिणाम दे सकती है। मूलांक 1 के लिए आज का दिन योजना बनाने और नई जिम्मेदारियां संभालने का है। पैसों से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें। आज की सीख है कि अनुशासन और जिम्मेदारी ही नेतृत्व को मजबूत बनाती है। मूलांक 2 वाले लोगों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सहयोग करने की क्षमता सफलता दिलाएगी। छोटी बातों पर अधिक सोचने से बचें। आज की सीख है कि संतुलित मन कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय दिलाता है। मूलांक 3 वाले लोग अपने विचारों को अनुशासन के साथ लागू करें। काम और निजी जीवन में संतुलन बनाना जरूरी है। मनोरंजन में समय ज्यादा खर्च करने से बचें। रचनात्मकता तब सफल होती है जब उसमें अनुशासन जुड़ा हो। मूलांक 4 वाले लोगों के लिए आज विशेष दिन है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और योजना बनाने की क्षमता मजबूत रहेगी। व्यवहार में अत्यधिक कठोरता से बचें। निरंतर प्रयास ही स्थायी सफलता का आधार है। मूलांक 5 वाले लोगों को माहौल सीमित लग सकता है लेकिन जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए समय अनुकूल है। जोखिम भरे निवेश से बचें। अनुशासन भविष्य की आजादी को मजबूत करता है। मूलांक 6 वालों के लिए आज आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। व्यावहारिक सोच नई जिम्मेदारी और अवसर दिला सकती है। सारी जिम्मेदारियां अकेले उठाने से बचें। अपनों का साथ जीवन में स्थिरता लाता है। मूलांक 7 के लिए दिन शांत होकर योजना बनाने का है। करियर से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें और परिवार के साथ संवाद बनाए रखें। जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करने से बचें। ज्ञान तभी उपयोगी है जब इसे व्यवहार में उतारा जाए। मूलांक 8 वाले लोगों के लिए आज प्रभावशाली दिन है। बिजनेस और वित्तीय योजनाएं सफल हो सकती हैं। केवल धन पर ध्यान केंद्रित करने से बचें। सफलता में करुणा और संतुलन भी जरूरी है। मूलांक 9 के लिए आपकी मेहनत और सकारात्मक सोच दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ संबंध मजबूत होंगे। पुरानी बातों में उलझने से बचें। अच्छे उद्देश्य से किया गया काम ही सच्ची संतुष्टि देता है। आज का दिन सभी मूलांकों के लिए अनुशासन मेहनत और संतुलित निर्णयों से सफलता और समृद्धि लाने वाला है।