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दिल्ली EV पॉलिसी ड्राफ्ट से बढ़ेगी इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार, बिक्री में उछाल के आसार

नई दिल्ली। देश की राजधानी Delhi में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई EV पॉलिसी (2024-2030) का ड्राफ्ट सामने आने के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में जबरदस्त उछाल आ सकता है। करीब 40,000 करोड़ रुपए के प्रावधान वाली इस नीति का मकसद न सिर्फ प्रदूषण कम करना है, बल्कि आम लोगों को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर तेजी से आकर्षित करना भी है।  शुरुआती झटका, फिर तेज रफ्तार पकड़ सकता है बाजारAxis Direct की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल इस पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में कई खरीदार नई नीति के लागू होने का इंतजार करते हुए अपनी EV खरीद को कुछ समय के लिए टाल सकते हैं। हालांकि, जैसे ही नीति लागू होगी, तब तक जमा हुई मांग (pent-up demand) और स्पष्ट प्रोत्साहनों के कारण बाजार में तेजी से उछाल देखने को मिल सकता है।  कब से क्या बदलेगा? बड़े फैसलों की टाइमलाइनइस ड्राफ्ट पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं- जनवरी 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों का ही रजिस्ट्रेशन होगा अप्रैल 2028 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया जाएगा यह कदम राजधानी को पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर ले जाने का बड़ा प्रयास माना जा रहा है।  प्रोत्साहन और स्क्रैपेज से मिलेगा बूस्टनीति में शुरुआती वर्षों में ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन दिए जाएंगे। पहले साल: ₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000)दूसरे साल: ₹6,600तीसरे साल: ₹3,300 इसके अलावा, पुराने वाहनों को हटाने (स्क्रैपेज) पर भी लाभ मिलेगा। हालांकि, यात्री वाहनों पर सीधी सब्सिडी खत्म कर दी गई है और कर छूट व अन्य लाभों पर जोर दिया गया है।  कंपनियों के लिए बड़ा मौकारिपोर्ट के मुताबिक, वे कंपनियां जो पहले से EV सेगमेंट में निवेश कर चुकी हैं और जिनके पास मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो है, उन्हें इस नीति से सबसे ज्यादा फायदा होगा।दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में पहले से मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं, जबकि नई कंपनियां भी इस बाजार में तेजी से निवेश बढ़ा रही हैं। हाइब्रिड वाहनों को भी मिला सहारानीति में हाइब्रिड वाहनों को भी नजरअंदाज नहीं किया गया है। 30 लाख रुपए से कम कीमत वाले मजबूत हाइब्रिड वाहनों पर 50% तक रोड टैक्स छूट दी जाएगी, जिससे ट्रांजिशन को आसान बनाया जा सके।  प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदमदिल्ली लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। ऐसे में यह EV पॉलिसी न सिर्फ परिवहन को स्वच्छ बनाएगी, बल्कि आने वाले वर्षों में शहर के पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर डालेगी।  कुल मिलाकर क्या होगा असर?यह नीति लागू होने के बाद EV की मांग में तेज उछाल आएगाबाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगीग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलेंगेप्रदूषण में कमी आएगी

इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा

इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां ब्रांडेड नमक के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे। एरोड्रम थाना पुलिस ने लोकनायक नगर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए टाटा नमक के नाम पर चल रही एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 840 पैकेट नकली नमक और लगभग 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी और लोगों को ब्रांडेड उत्पाद के नाम पर धोखा दिया जा रहा था। इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब टाटा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छापा मारा और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नमक बनाने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जाती थी। इसके बाद इंदौर में इसे तैयार कर टाटा नमक के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी लोगों के भरोसे और ब्रांड की साख का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमा रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नकली नमक किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि बाजार में नकली उत्पादों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सतर्क रहने की जरूरत है।

ईंधन कीमतों पर लगाम की तैयारी, सरकार ला सकती है प्राइस स्टेबिलाइजेशन मैकेनिज्म

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार अब एक बड़े कदम की तैयारी में है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ‘ईंधन मूल्य स्थिरीकरण तंत्र’ (Fuel Price Stabilization Mechanism) पर गंभीरता से विचार कर रही है।  क्यों उठी इस तंत्र की जरूरत?पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। कच्चे तेल की कीमत बढ़ते ही घरेलू बाजार में ईंधन महंगा हो जाता है, जिससे महंगाई और बढ़ती है।इसी समस्या से निपटने के लिए Government of India एक ऐसा तंत्र तैयार कर रही है, जो कीमतों में अचानक उछाल को नियंत्रित कर सके। कैसे काम करेगा यह तंत्र?रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था एक “बफर फंड” या रिजर्व सिस्टम पर आधारित होगी। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ेंगी, तब इस फंड के जरिए हस्तक्षेप कर उपभोक्ताओं पर सीधा बोझ कम किया जाएगा।यह मॉडल कुछ हद तक कृषि उत्पादों के मूल्य स्थिरीकरण तंत्र जैसा होगा, जहां जरूरत पड़ने पर बफर स्टॉक बाजार में उतारा जाता है। पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे शामिलइस प्रस्तावित योजना में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी तीनों ईंधनों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए एक अलग “ईंधन बफर फंड” बनाने की तैयारी है, जिससे कीमतों के तेज उतार-चढ़ाव को संतुलित किया जा सके।  रणनीतिक भंडार से अलग होगा यह सिस्टमयह तंत्र भारत के मौजूदा रणनीतिक कच्चे तेल भंडार से अलग होगा। जहां रणनीतिक भंडार का मकसद आपूर्ति सुनिश्चित करना है, वहीं यह नया सिस्टम कीमतों को स्थिर रखने पर फोकस करेगा।  कब होगा हस्तक्षेप? तय होंगे खास मानदंडसरकार इस बात पर भी काम कर रही है कि कब और कैसे हस्तक्षेप किया जाए। इसके लिए कुछ तय सीमाएं (थ्रेशहोल्ड) बनाई जा सकती हैं, जैस कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतवैश्विक बाजार में अस्थिरता का स्तरजब ये सीमाएं पार होंगी, तब सरकार बफर फंड का इस्तेमाल कर कीमतों को काबू में रखने की कोशिश करेगी।  स्थायी सब्सिडी नहीं, सिर्फ अस्थायी राहतसरकार का मकसद स्थायी सब्सिडी देना नहीं है, बल्कि सिर्फ अत्यधिक उतार-चढ़ाव के समय अस्थायी राहत देना है। जब हालात सामान्य हो जाएंगे, तब बफर को फिर से भर दिया जाएगा।  आम लोगों को क्या फायदा?इस तंत्र के लागू होने सेपेट्रोल-डीजल के अचानक महंगे होने का झटका कम लगेगामहंगाई पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगीघरेलू बजट पर दबाव घटेगा

रेल नेटवर्क का विस्तार: 741 करोड़ यात्रियों का आंकड़ा पार, इलेक्ट्रिफिकेशन में बड़ी उपलब्धि

नई दिल्ली। देश की लाइफलाइन मानी जाने वाली Indian Railways ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं। इस दौरान करीब 741 करोड़ यात्रियों ने ट्रेन से सफर किया, जो रेलवे की बढ़ती पहुंच और भरोसे को दर्शाता है। वहीं, ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6% हिस्सा अब विद्युतीकृत हो चुका है, जिससे परिचालन और भी तेज, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल बन गया है।  आय और माल ढुलाई में भी जबरदस्त बढ़ोतरीसरकारी आंकड़ों के अनुसार, रेलवे की कुल आय बढ़कर लगभग ₹80,000 करोड़ तक पहुंच गई है। वहीं माल ढुलाई भी बढ़कर 1,670 मिलियन टन (MT) हो गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था में रेलवे की अहम भूमिका को मजबूत करता है। विद्युतीकरण में ऐतिहासिक छलांग2014 तक जहां सिर्फ 20% रेलवे नेटवर्क ही विद्युतीकृत था, वहीं मार्च 2026 तक यह बढ़कर 69,873 रूट किलोमीटर (RKM) हो गया है। यह कुल नेटवर्क का 99.6% हिस्सा है। इस उपलब्धि ने भारत को विद्युतीकरण के मामले में United Kingdom (39%), Russia (52%) और China (82%) जैसे देशों से भी आगे पहुंचा दिया है।  डीजल की बचत, पर्यावरण को राहतरेलवे विद्युतीकरण के चलते 2024-25 में करीब 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत हुई, जिससे लगभग ₹6,000 करोड़ की लागत बची। साथ ही कच्चे तेल के आयात में कमी आई, जो देश के लिए बड़ी आर्थिक राहत है। सुरक्षा में तकनीकी मजबूतीरेलवे ने सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए हैं। ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम 3,100 किमी से ज्यादा ट्रैक पर लागू हो चुका है और 24,400 किमी पर काम जारी है। इसके अलावा, 1,874 स्टेशनों पर वीडियो सर्विलांस सिस्टम (VSS) लगाया गया है, जिसमें AI आधारित एनालिसिस और फेस रिकग्निशन तकनीक का उपयोग हो रहा है।  यात्रियों को बेहतर सुविधा1,405 स्टेशनों पर इंटीग्रेटेड पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (IPIS) लागू किया गया है, जो National Train Enquiry System से जुड़ा है। इससे यात्रियों को समय पर जानकारी और बेहतर कम्युनिकेशन मिल रहा है।  वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का विस्तारनई पीढ़ी की Vande Bharat Express ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 3.98 करोड़ यात्रियों ने इसमें सफर किया। अब तक यह सेवा 1 लाख ट्रिप में 9.1 करोड़ यात्रियों को ले जा चुकी है। वहीं, किफायती यात्रा के लिए Amrit Bharat Express भी शुरू की गई है, जिसकी 60 सेवाएं नेटवर्क पर चल रही हैं।  ट्रैक और स्पीड में भी सुधारपिछले दशक में 54,600 किमी ट्रैक का नवीनीकरण किया गया है। 110 किमी/घंटा से ज्यादा स्पीड झेलने वाले ट्रैक की लंबाई 31,445 किमी से बढ़कर 85,000 किमी से अधिक हो गई है, जिससे ट्रेनें अब ज्यादा तेज और सुरक्षित हो गई हैं।

टीवी इंडस्ट्री में पॉपुलैरिटी का खेल टॉप 10 स्टार्स की लिस्ट में किसने हासिल किया पहला स्थान

नई दिल्ली । टीवी की दुनिया में हर हफ्ते सितारों की चमक बदलती रहती है और इस बार की टॉप 10 लिस्ट ने एक बार फिर दर्शकों को चौंका दिया है। छोटे पर्दे के कलाकार सिर्फ अपने शो तक सीमित नहीं हैं बल्कि सोशल मीडिया के जरिए भी फैंस से लगातार जुड़े रहते हैं। यही वजह है कि उनकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से ऊपर नीचे होता रहता है। इस हफ्ते जारी हुई लिस्ट में कई बड़े नाम शामिल हैं लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस स्टार की हो रही है जिसने नंबर वन की कुर्सी पर कब्जा जमाया है। लिस्ट की शुरुआत नीचे से करें तो दसवें स्थान पर कनिका मान हैं जो नागिन 7 में नजर आ रही हैं। शो में मौजूदगी के बावजूद इस बार वह ज्यादा असर नहीं छोड़ पाईं। नौवें नंबर पर श्रति झा हैं जिनकी एक्टिंग चर्चा में तो रहती है लेकिन इस हफ्ते वह ऊपर नहीं चढ़ सकीं। आठवें स्थान पर शरद केलकर हैं जो अपनी दमदार आवाज और अभिनय के लिए जाने जाते हैं और सोशल मीडिया पर उनके किरदार की खूब चर्चा होती है। सातवें नंबर पर स्मृति ईरानी ने अपनी वापसी के बाद फिर से दर्शकों का ध्यान खींचा है। उनका पुराना जादू फिर देखने को मिल रहा है और इसी वजह से वह लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रही हैं। छठे नंबर पर नमिक पॉल हैं जो नागिन 7 में अपनी केमिस्ट्री को लेकर चर्चा में बने हुए हैं और फैंस का अच्छा रिस्पॉन्स पा रहे हैं। पांचवें स्थान पर रुपाली गांगुली हैं जिनका शो अनुपमा टीआरपी में लगातार टॉप पर बना हुआ है। भले ही शो नंबर वन हो लेकिन इस बार वह पॉपुलैरिटी लिस्ट में थोड़ा पीछे रह गईं। चौथे नंबर पर रोहित पुरोहित हैं जिन्होंने ये रिश्ता क्या कहलाता है में अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है और दर्शकों का भरोसा जीत लिया है। तीसरे स्थान पर पार्थ समथान हैं जो टीवी के साथ साथ सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त एक्टिव हैं और उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ रही है। दूसरे नंबर पर समृद्धि शुक्ला हैं जिन्होंने अपने किरदार से घर घर में पहचान बना ली है और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। अब बात करें इस हफ्ते के असली स्टार की तो प्रियंका चाहर चौधरी ने इस बार सबको पीछे छोड़ते हुए नंबर वन का ताज अपने नाम कर लिया है। नागिन 7 से मिली लोकप्रियता और सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत मौजूदगी ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। यह लिस्ट साफ बताती है कि आज के दौर में सिर्फ टीवी पर अच्छा प्रदर्शन ही नहीं बल्कि डिजिटल दुनिया में एक्टिव रहना भी उतना ही जरूरी हो गया है। दर्शकों का प्यार और ऑनलाइन एंगेजमेंट ही किसी स्टार को टॉप तक पहुंचाता है और इस हफ्ते प्रियंका ने यह साबित कर दिया है।

रिएलिटी शोज का महाकुंभ शुरू बिग बॉस 20 और नए शोज के साथ एंटरटेनमेंट का डबल डोज

नई दिल्ली । टीवी और ओटीटी की दुनिया में रिएलिटी शोज का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है और साल 2026 के आने वाले महीने दर्शकों के लिए जबरदस्त एंटरटेनमेंट लेकर आने वाले हैं एक तरफ जहां नए कॉन्सेप्ट वाले शोज लॉन्च होने की तैयारी में हैं वहीं दूसरी ओर पुराने हिट शोज नए सीजन के साथ वापसी करने जा रहे हैं ऐसे में दर्शकों के पास देखने के लिए कंटेंट की कोई कमी नहीं रहने वाली सबसे पहले बात करते हैं नए रिएलिटी शो ट्राइबवर्स की जो 17 अप्रैल से स्ट्रीम होने जा रहा है इस शो को अभिषेक मल्हान और खुशबू पाटनी होस्ट करेंगे यह शो अपने यूनिक कॉन्सेप्ट और नए अंदाज के चलते पहले ही चर्चा में आ चुका है इसकी शूटिंग पूरी हो चुकी है और ट्रेलर को भी दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है माना जा रहा है कि यह शो युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय हो सकता है इसके बाद बारी आती है लॉकअप के दूसरे सीजन की जिसका पहला सीजन काफी चर्चा में रहा था अब खबरें हैं कि इसका दूसरा सीजन इस बार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर नए अंदाज में देखने को मिलेगा हालांकि इसकी रिलीज डेट अभी तक ऑफिशियली सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि यह अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में आ सकता है इसी कड़ी में द ट्रेटर्स इंडिया का दूसरा सीजन भी सुर्खियों में है इस शो को करण जौहर होस्ट करते हैं और पहले सीजन को दर्शकों ने काफी पसंद किया था खबरों के मुताबिक नए सीजन में उर्फी जावेद रिया चक्रवर्ती मुनव्वर फारुकी और मल्लिका शेरावत जैसे सेलेब्स नजर आ सकते हैं हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है अब बात उस शो की जिसका इंतजार हर साल बेसब्री से होता है यानी बिग बॉस मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार बिग बॉस का 20वां सीजन अगस्त की बजाय जुलाई में ही शुरू हो सकता है हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अगर ऐसा होता है तो फैंस को पहले ही एंटरटेनमेंट का डोज मिल जाएगा वहीं स्टंट बेस्ड शो खतरों के खिलाड़ी भी इस साल अपने 15वें सीजन के साथ वापसी करने जा रहा है मेकर्स ने इसका ऐलान कर दिया है और खबरें हैं कि जून 2026 में यह शो ऑन एयर हो सकता है इसके लिए कई टीवी सेलेब्स को अप्रोच किया जा रहा है जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है कुल मिलाकर देखा जाए तो आने वाले महीनों में रिएलिटी शोज का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा जहां हर शो अपने अलग कॉन्सेप्ट और स्टार पावर के साथ दर्शकों को बांधने की कोशिश करेगा अब देखना दिलचस्प होगा कि इनमें से कौन सा शो दर्शकों के दिलों पर राज करता है और कौन पीछे रह जाता है

बॉलीवुड का कड़वा सच सामने, धुरंधर को लेकर कुणाल कोहली ने खोले इंडस्ट्री की सोच के राज

नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री की चमक दमक के पीछे छिपी कड़वी सच्चाइयां अक्सर सामने नहीं आ पातीं लेकिन जब कोई इन पर खुलकर बात करता है तो कई भ्रम टूट जाते हैं हाल ही में फिल्ममेकर कुणाल कोहली ने ऐसी ही एक सच्चाई उजागर की है जिसने बॉलीवुड के भीतर की सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं उन्होंने बताया कि कैसे फिल्म धुरंधर की रिलीज से पहले ही इंडस्ट्री के बड़े बड़े लोग इसकी असफलता का इंतजार कर रहे थे कुणाल कोहली के मुताबिक धुरंधर जब रिलीज होने वाली थी तब किसी को भी इस पर भरोसा नहीं था यहां तक कि इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशकों ने भी इसे लेकर नकारात्मक राय दी थी उन्होंने खुलासा किया कि कई बड़े डायरेक्टर्स से बातचीत के दौरान उन्हें साफ कहा गया था कि यह फिल्म सोमवार तक टिक नहीं पाएगी और बॉक्स ऑफिस पर बैठ जाएगी लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा फिल्म ने उम्मीदों को तोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया और दर्शकों का दिल जीत लिया कुणाल कोहली ने यह भी कहा कि जब तक फिल्म ने सफलता हासिल नहीं कर ली तब तक इंडस्ट्री से इसे कोई समर्थन नहीं मिला यह स्थिति सिर्फ धुरंधर के साथ ही नहीं बल्कि कई बड़ी फिल्मों के साथ देखी गई है उन्होंने उदाहरण देते हुए फिल्म बॉर्डर 2 का जिक्र किया और बताया कि इस फिल्म को लेकर भी शुरुआत में नकारात्मक बातें कही गई थीं लेकिन बाद में इसी फिल्म ने 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सबको चौंका दिया उन्होंने अपनी फिल्म हम तुम का अनुभव भी साझा किया और बताया कि रिलीज से पहले प्रिव्यू शो के दौरान इंडस्ट्री के लोगों को यह फिल्म खास पसंद नहीं आई थी इस वजह से वह काफी निराश हो गए थे उस समय आदित्य चोपड़ा ने उन्हें समझाया था कि यह फिल्म हर किसी की समझ में आने वाली नहीं है और यही इसकी खासियत है बाद में यही फिल्म दर्शकों के बीच बड़ी हिट साबित हुई कुणाल कोहली ने बेहद साफ शब्दों में कहा कि इंडस्ट्री के 99 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि दूसरा व्यक्ति सफल न हो यह बयान न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के प्रतिस्पर्धी माहौल की सच्चाई भी बयां करता है जहां सफलता से ज्यादा असफलता की चर्चा होती है इस पूरे मुद्दे पर कॉमेडियन जाकिर खान का बयान भी चर्चा में रहा था उन्होंने एक अवॉर्ड शो में मजाकिया अंदाज में कहा था कि लोग भले ही धुरंधर की तारीफ करें लेकिन अंदर ही अंदर उन्हें जलन जरूर होगी इस बयान पर अभिनेत्री अमीषा पटेल ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे नकारात्मक सोच बताया था कुणाल कोहली की यह बात साफ करती है कि फिल्म की असली परीक्षा दर्शकों के बीच होती है न कि इंडस्ट्री के पूर्वाग्रहों में धुरंधर की सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर कंटेंट मजबूत हो तो वह हर तरह की आलोचना को पीछे छोड़ सकता है और यही सिनेमा की असली ताकत भी है

अनिश्चितता के दौर में गोल्ड ETF बना सुरक्षित विकल्प, AUM पहुंचा 1.7 लाख करोड़

नई दिल्ली। वैश्विक अस्थिरता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों का भरोसा एक बार फिर सोने पर मजबूत होता दिख रहा है। खासतौर पर डिजिटल निवेश के रूप में Gold ETF ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। मार्च 2026 में गोल्ड ETF का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर ₹1,71,468 करोड़ हो गया, जो सालाना आधार पर लगभग तीन गुना उछाल को दर्शाता है। पांच साल में धमाकेदार ग्रोथ ICRA Analytics की रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्ड ETF ने पिछले पांच वर्षों में करीब 64.76% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) हासिल की है। मार्च 2021 में जहां AUM सिर्फ ₹14,122 करोड़ था, वहीं अब यह कई गुना बढ़ चुका है। सिर्फ एक साल में ही AUM ₹58,887 करोड़ (मार्च 2025) से बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ पहुंच गया—यानी करीब 191% की जोरदार बढ़ोतरी।  इनफ्लो भी मजबूत, लेकिन मासिक आधार पर गिरावट मार्च 2026 में गोल्ड ETF में ₹2,265 करोड़ का शुद्ध निवेश (इनफ्लो) आया, जबकि पिछले साल इसी महीने ₹77 करोड़ की निकासी हुई थी। हालांकि फरवरी 2026 के ₹5,254 करोड़ के मुकाबले मार्च में इनफ्लो करीब 56% घटा है। इस गिरावट की वजह सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी और वैश्विक जोखिम में अस्थायी कमी मानी जा रही है।  क्यों बढ़ रहा है गोल्ड ETF में निवेश? विशेषज्ञों के अनुसार, दो बड़े कारण इस उछाल के पीछे हैं— वैश्विक अनिश्चितता और तनाव सोने की लगातार मजबूत कीमतें इन हालात में निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में रहते हैं और सोना पारंपरिक रूप से “सेफ हेवन” माना जाता है। इसलिए Gold ETF तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।  पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन का पसंदीदा विकल्प फिलहाल बाजार में 26 गोल्ड ETF स्कीम उपलब्ध हैं, जिनमें से 6 नई स्कीम वित्त वर्ष 2025-26 में लॉन्च हुई हैं। इन फंड्स ने पिछले एक साल में करीब 58% से 62% तक का रिटर्न दिया है, जबकि 5 साल का CAGR रिटर्न लगभग 26% के आसपास रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि गोल्ड ETF निवेश पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और लॉन्ग टर्म रिटर्न के लिए बेहतर विकल्प है, जबकि फिजिकल गोल्ड अधिकतर पारंपरिक उपयोग के लिए खरीदा जाता है।  गिरावट के बावजूद भरोसा कायम हालांकि हाल के महीनों में इनफ्लो में थोड़ी कमी आई है, लेकिन निवेश पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा अब भी इस एसेट क्लास पर कायम है और आगे भी इसमें स्थिर ग्रोथ की संभावना बनी हुई है।

सरहदों से परे संगीत आशा भोसले और अदनान सामी का अनोखा संगम जिसने रच दिया इतिहास

नई दिल्ली । भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में पहचान बनाई थी लेकिन उनकी कला का विस्तार सरहदों से कहीं आगे तक फैला हुआ था कम ही लोग जानते हैं कि उन्होंने पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी अपनी आवाज दी थी और वहां भी अपने सुरों का जादू बिखेरा था साल 1995 में रिलीज हुई पाकिस्तानी उर्दू म्यूजिकल फिल्म सरगम इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है इस फिल्म का निर्देशन सयेद नूर ने किया था और इसमें मुख्य भूमिका निभाई थी मशहूर गायक अदनान सामी और अभिनेत्री ज़ेबा बख्तियार ने खास बात यह रही कि इस फिल्म से अदनान सामी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी जबकि ज़ेबा पहले ही भारतीय दर्शकों के बीच फिल्म हिना से लोकप्रिय हो चुकी थीं इस फिल्म में कुल ग्यारह गाने शामिल थे जिनमें से दो गानों को अपनी आवाज दी थी आशा भोसले ने ये गाने थे क्या है ये उलझन और जरा ढोलकी बजाओ गोरियों ये दोनों गीत उस दौर में काफी लोकप्रिय हुए थे और आज भी संगीत प्रेमियों के बीच सुकून देने वाले गीतों के रूप में सुने जाते हैं खास बात यह भी थी कि इन गानों को फिल्म के हीरो अदनान सामी ने ही कंपोज किया था इस तरह यह फिल्म संगीत और अभिनय दोनों ही स्तर पर एक खास सहयोग का उदाहरण बन गई फिल्म की कहानी जितनी दिलचस्प थी उतनी ही रोचक इसकी कास्ट की असल जिंदगी भी थी बहुत कम लोगों को पता है कि फिल्म के रिलीज होने से पहले ही यानी 1993 में अदनान सामी और ज़ेबा बख्तियार ने शादी कर ली थी दोनों की यह जोड़ी पर्दे पर ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी साथ थी हालांकि यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक सका और 1997 में दोनों अलग हो गए आशा भोसले का करियर अपने आप में एक मिसाल रहा उन्होंने करीब आठ दशकों तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहकर हजारों गाने गाए उन्होंने अलग अलग भाषाओं में अपनी आवाज दी और हर शैली में खुद को साबित किया अपनी बहन लता मंगेशकर से अलग पहचान बनाने के लिए उन्होंने अपनी गायकी में विविधता और प्रयोग को अपनाया यही कारण रहा कि उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हुआ आज भले ही आशा भोसले हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी आवाज और उनके गीत हमेशा जीवित रहेंगे पाकिस्तान की फिल्म सरगम में गाए उनके गीत इस बात का प्रमाण हैं कि संगीत की कोई सीमा नहीं होती यह दिलों को जोड़ता है और सरहदों को पार कर जाता है

टी20 टीम का नया कप्तान कौन ईशान हार्दिक या अभिषेक में छिड़ी जबरदस्त रेस

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में टी20 फॉर्मेट को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की उम्र को देखते हुए चयनकर्ता अब भविष्य की योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। साल 2028 में होने वाला टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक भारत के लिए बेहद अहम होंगे। उस समय सूर्यकुमार यादव की उम्र करीब 37 साल हो जाएगी ऐसे में टीम मैनेजमेंट एक ऐसे युवा कप्तान की तलाश में है जो लंबे समय तक टीम को संभाल सके और अपने प्रदर्शन से भी मैच जिताने की क्षमता रखता हो। इस रेस में तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं जो आने वाले समय में टीम इंडिया के टी20 कप्तान बन सकते हैं। सबसे पहला नाम ईशान किशन का है। विकेटकीपर बल्लेबाज होने का फायदा उन्हें कप्तानी में मिल सकता है क्योंकि वह मैदान पर हर स्थिति को करीब से समझते हैं। उनकी सोच तेज है और फैसले लेने की क्षमता भी मजबूत मानी जाती है। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने झारखंड को खिताब जिताकर अपनी लीडरशिप साबित की है। आईपीएल में भी कप्तानी का अनुभव उन्हें मिला है जिससे उनका दावा और मजबूत होता है। अगर उन्हें मौका मिलता है तो वह टीम को एक नई दिशा दे सकते हैं। दूसरा बड़ा नाम हार्दिक पांड्या का है जो पहले भी कप्तानी कर चुके हैं और खुद को साबित कर चुके हैं। उनकी अगुवाई में गुजरात टीम ने आईपीएल खिताब जीता था जो उनके नेतृत्व कौशल को दिखाता है। हार्दिक एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से मैच का रुख बदल सकते हैं। उनका आत्मविश्वास और आक्रामक रवैया टीम में ऊर्जा भरता है। बड़े मैचों में शांत रहकर फैसले लेना उनकी खासियत है जो उन्हें कप्तानी का मजबूत दावेदार बनाती है। तीसरा नाम अभिषेक शर्मा का है जो तेजी से उभरते हुए युवा खिलाड़ी हैं। उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बेहद आक्रामक है और वह शुरुआत से ही विपक्ष पर दबाव बनाने की क्षमता रखते हैं। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी का अनुभव भी उनके पास है। उनकी स्ट्राइक रेट और लगातार रन बनाने की क्षमता उन्हें टी20 का आदर्श खिलाड़ी बनाती है। अगर उन्हें कप्तानी दी जाती है तो वह टीम में नई सोच और निडरता ला सकते हैं जो आने वाले बड़े टूर्नामेंट में फायदेमंद साबित हो सकती है। कुल मिलाकर भारतीय टीम एक बदलाव के दौर से गुजर रही है और आने वाले समय में कप्तानी को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। चयनकर्ताओं के सामने चुनौती यह होगी कि वे ऐसे खिलाड़ी को चुनें जो न सिर्फ रणनीतिक रूप से मजबूत हो बल्कि अपने प्रदर्शन से भी टीम को जीत दिला सके।