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गोलीकांड निकला फर्जी उज्जैन पुलिस का बड़ा खुलासा आगजनी मामले में सख्त कार्रवाई

उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में सामने आए गोलीकांड और आगजनी के मामलों में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जांच में सामने आया है कि गोली लगने की घटना दरअसल एक सोची समझी साजिश थी जबकि आगजनी के मामले में 13 आरोपियों को नामजद कर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार चिमनगंज थाना क्षेत्र में अतीक माहुरकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे आला बाथम ने गोली मारी है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की लेकिन जांच के दौरान कई तरह के विरोधाभास सामने आए। घटनास्थल पर खून के निशान बेहद कम पाए गए जबकि दूसरे स्थान पर अधिक रक्त मिला जिससे पुलिस को संदेह हुआ। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला पलट गया। अतीक माहुरकर ने स्वीकार किया कि उसने अवैध देशी कट्टे से खुद को गोली मारकर दूसरे व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची थी। उसने बताया कि कट्टा लोड करते समय अचानक फायर हो गया और गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद उसने फर्जी घटनास्थल तैयार कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। इस साजिश में उसके कुछ साथियों की भूमिका भी सामने आई है जिन्होंने खून फैलाकर और सबूतों से छेड़छाड़ कर झूठा घटनाक्रम तैयार करने में मदद की। पुलिस अब इन सभी आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर ढांचा भवन क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर हुई आगजनी की घटना में पुलिस ने 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी पेट्रोल और हथियारों के साथ आते हुए दिखाई दिए जिन्होंने पहले इलाके की रैकी की और फिर सुनियोजित तरीके से आगजनी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार गोलीकांड की घटना एफएसएल और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर खुद द्वारा की गई पाई गई है। वहीं आगजनी मामले में भी साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि इन मामलों में शामिल कई आरोपी पहले से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और कुछ पर जिलाबदर की कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस अब सभी आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है। इन घटनाओं के खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि अपराधियों ने कानून को गुमराह करने के लिए किस हद तक साजिश रची लेकिन पुलिस की सतर्कता और जांच के चलते सच्चाई सामने आ गई।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों का असर, महंगाई बढ़ी; दरों पर RBI का रुख नरम

नई दिल्ली। देश में बढ़ती ईंधन कीमतों का असर अब महंगाई पर साफ दिखने लगा है। मार्च 2026 में थोक महंगाई दर (WPI) में उछाल दर्ज किया गया है, जिससे आने वाले समय में Reserve Bank of India की मौद्रिक नीति पर असर पड़ सकता है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए आरबीआई फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। ईंधन बना महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजहरेटिंग एजेंसी ICRA के वरिष्ठ अर्थशास्त्री Rahul Agrawal के अनुसार, थोक महंगाई में यह बढ़ोतरी व्यापक स्तर पर हुई है, जिसमें क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और ईंधन-ऊर्जा की कीमतों का बड़ा योगदान रहा।उन्होंने बताया कि फरवरी की तुलना में मार्च में मुख्य महंगाई में 175 बेसिस पॉइंट की वृद्धि हुई, जिसमें करीब 150 बेसिस पॉइंट सिर्फ ईंधन और ऊर्जा सेक्टर से आए। खाद्य महंगाई स्थिर, गैर-खाद्य में उछालमार्च में खाद्य महंगाई दर 1.8% पर स्थिर रही, लेकिन गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई 3.3% से बढ़कर 3.7% पर पहुंच गई, जो पिछले 41 महीनों का उच्चतम स्तर है। यह संकेत देता है कि उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ने से अन्य वस्तुएं महंगी हो रही हैं।  वैश्विक कारणों का असरविशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, शिपिंग और माल ढुलाई लागत में इजाफा और इनपुट लागत बढ़ने से आयात महंगा हो रहा है। इससे अप्रैल में भी महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। डीजल और गैस की कीमतों ने बढ़ाया दबावCareEdge Ratings की मुख्य अर्थशास्त्री Rajani Sinha के मुताबिक, पश्चिम एशिया संकट के चलते थोक डीजल और अन्य ईंधनों की कीमतों में तेज उछाल आया है।मार्च में थोक डीजल की कीमतों में 25% से ज्यादा की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर करीब 310 रुपये महंगे हुए।हालांकि खुदरा पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहीं, लेकिन थोक स्तर पर बढ़ोतरी का असर उद्योग और परिवहन पर पड़ा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बनी रहेंगी चुनौतीअनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में कच्चे तेल की कीमतें औसतन 85-90 डॉलर प्रति बैरल के बीच रह सकती हैं। इससे परिवारों, सरकार और तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बना रहेगा।हालांकि मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन के कारण कंपनियां 100-105 डॉलर प्रति बैरल तक कीमतों को संभाल सकती हैं। ब्याज दरों पर क्या होगा असर?मौजूदा महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि Reserve Bank of India फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा।अगर आर्थिक विकास दर कमजोर पड़ती है, तो साल के अंत तक दरों में कटौती पर विचार किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल “वेट एंड वॉच” की रणनीति अपनाई जा सकती है।

वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी 1.6% उछले

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार तेजी दिखाई। कारोबारी सत्र के अंत में BSE Sensex और Nifty 50 दोनों करीब 1.6% की बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता दिखा। दिनभर ऐसा रहा बाजार का हाल30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,263.67 अंक (1.63%) चढ़कर 78,111.24 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 388.65 अंक (1.63%) की तेजी के साथ 24,231.30 के स्तर पर पहुंच गया।दिन के दौरान सेंसेक्स 77,981.10 पर खुला और 78,270.42 का हाई छुआ, जबकि निफ्टी ने 24,163.80 से शुरुआत कर 24,280.90 का इंट्रा-डे उच्च स्तर हासिल किया। यह पूरे सत्र में मजबूत खरीदारी का संकेत देता है। मिडकैप-स्मॉलकैप में और ज्यादा तेजीमुख्य इंडेक्स के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 में 2.20% और स्मॉलकैप 100 में 2.35% की बढ़त दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि निवेशक बड़े शेयरों के साथ-साथ मिड और स्मॉल कंपनियों में भी भरोसा जता रहे हैं।  हर सेक्टर में खरीदारी, आईटी-रियल्टी में जोरदार उछालबुधवार को लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में रहे। आईटी, मेटल, पीएसयू बैंक, मीडिया और रियल्टी सेक्टर में 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। वहीं ऑटो, एफएमसीजी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी 1% से अधिक की बढ़त देखने को मिली।  किन शेयरों ने दिखाई सबसे ज्यादा तेजीनिफ्टी 50 के ज्यादातर शेयरों में खरीदारी रही। खासतौर पर Wipro, Tata Consultancy Services, Tech Mahindra, Larsen & Toubro और Hindalco Industries जैसे दिग्गज शेयरों में 3% से 4% तक की तेजी दर्ज की गई।हालांकि Bharti Airtel, ICICI Bank, Axis Bank और ONGC जैसे कुछ शेयरों में हल्की गिरावट भी देखने को मिली। क्यों आई बाजार में तेजी?विशेषज्ञों के मुताबिक, United States और Iran के बीच तनाव कम होने और शांति वार्ता दोबारा शुरू होने की उम्मीदों ने बाजार का मूड पॉजिटिव किया। Donald Trump के बयान ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिससे बाजार में खरीदारी तेज हुई। कच्चे तेल में नरमी, रुपये को मिला सहाराकच्चे तेल की कीमतों में गिरावट (94-95 डॉलर के आसपास) से भारत के आयात बिल पर दबाव कम हुआ है। इससे रुपये को मजबूती मिली और यह करीब 93.50 के स्तर तक पहुंच गया। यह भी बाजार की तेजी का एक बड़ा कारण रहा।

छतरपुर में दर्दनाक घटना नौकरी ज्वाइन करने के 5 दिन बाद ही युवक की करंट से मौत

छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है जहां एक युवक की मामूली सी कोशिश उसकी जान पर भारी पड़ गई। बमीठा स्थित खजुराहो हेरिटेज होटल में काम करने वाले एक युवक की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।मृतक की पहचान प्रदीप रैकवार उर्फ रानू रैकवार के रूप में हुई है जो होटल में रूम बॉय के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि उसने महज 5 दिन पहले ही इस नौकरी को ज्वाइन किया था और अपने काम की शुरुआत ही की थी कि यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के अनुसार होटल परिसर में एक बंदर घुस आया था जिससे अफरा तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान प्रदीप उसे भगाने के लिए आगे आया। आसपास नजर दौड़ाने पर उसे एक लोहे का पाइप मिला जिसे लेकर वह बंदर को भगाने की कोशिश करने लगा।लेकिन जैसे ही उसने पाइप को ऊपर उठाया वह ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। पाइप के जरिए करंट सीधे उसके शरीर में दौड़ गया और तेज चिंगारी के साथ वह जमीन पर गिर पड़ा। घटना इतनी अचानक और भयावह थी कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। जैसे ही लोगों ने उसे गिरते देखा मौके पर चीख पुकार मच गई। तुरंत मदद की कोशिश की गई लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवक की मौके पर ही मौत हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। साथ ही यह भी कि बिजली लाइनों के आसपास किसी भी प्रकार की लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। एक परिवार के सपने उस वक्त टूट गए जब घर का युवा सदस्य जिसने अभी अभी अपनी नई जिंदगी की शुरुआत की थी अचानक इस दुनिया को अलविदा कह गया।

झाबुआ में अमानवीयता की हद: महिला को ‘तालिबानी सजा’, सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया

झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। बालवासा गांव में एक महिला को कथित संबंधों के आरोप में ग्रामीणों ने क्रूर और अपमानजनक सजा दी। महिला के साथ मारपीट की गई, उसका सिर मुंडवाया गया और उसे अपने ही पति को कंधे पर बैठाकर पूरे गांव में घुमाने के लिए मजबूर किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला घटना 13 अप्रैल की बताई जा रही है। इसका वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई। वीडियो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं, लेकिन किसी ने विरोध नहीं किया, बल्कि कुछ लोग घटना का वीडियो बनाते नजर आए। आरोप के नाम पर क्रूरता जानकारी के अनुसार, महिला अपने पति से अलग रह रही थी और उस पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ रहने का आरोप लगाया गया। इसी को लेकर पति और कुछ ग्रामीण उसे जबरन गांव वापस लाए। इसके बाद उसके साथ मारपीट कर अमानवीय व्यवहार किया गया और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। गांव में घुमाकर किया अपमान ग्रामीणों ने महिला को मजबूर किया कि वह अपने पति को कंधे पर बैठाकर गांव में घूमे। इस दौरान लोग तमाशबीन बने रहे। इस तरह की घटना ने कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की कार्रवाई मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रतिपाल सिंह महोबिया के अनुसार, मुख्य आरोपियों—सूर्या डामोर, दिलीप भूरिया, बाबू भूरिया और शैलेश भूरिया—को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़िता सुरक्षित, जांच जारी पुलिस ने पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर रखा है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि समाज में मौजूद कुरीतियों और भीड़ मानसिकता की भयावह तस्वीर भी सामने लाती है। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

अदालत ने दिया अनोखा आदेश: याचिका बहाल, आश्रम में एक घंटे सेवा की शर्त

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की Madhya Pradesh High Court की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय देते हुए साफ किया है कि वकील की गलती की सजा याचिकाकर्ता को नहीं दी जा सकती। इस फैसले ने न्याय के साथ मानवीय दृष्टिकोण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनोखा संतुलन पेश किया है। क्या था मामला?यह मामला गोविंद स्वरूप श्रीवास्तव की याचिका से जुड़ा था, जिसे सुनवाई के दौरान उनके वकील के अनुपस्थित रहने के कारण खारिज कर दिया गया था। इसके बाद याचिका बहाल करने के लिए दिया गया आवेदन भी सिंगल बेंच द्वारा निरस्त कर दिया गया था।हालांकि, इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला डिवीजन बेंच के सामने पहुंचा, जहां पूरी परिस्थितियों का दोबारा परीक्षण किया गया। डिवीजन बेंच ने दिया राहत भरा फैसलासुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के वकील किसी अन्य अदालत में व्यस्त होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके थे। ऐसे में याचिकाकर्ता को इसका नुकसान उठाना न्यायसंगत नहीं माना जा सकता।अदालत ने पूर्व आदेशों को निरस्त करते हुए याचिका को पुनः बहाल करने के निर्देश दिए, जिससे याचिकाकर्ता को बड़ी राहत मिली। ‘सजा’ नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी की अनोखी शर्तहालांकि कोर्ट ने याचिका बहाल करते समय एक अनोखी शर्त भी रखी। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता या उसका वकील Madhav Andh Ashram जाकर कम से कम 2000 रुपये की खाद्य सामग्री दान करे और वहां रहने वाले बच्चों व जरूरतमंदों के साथ कम से कम एक घंटा समय बिताए। ‘सोशल ऑडिट’ को बढ़ावा देने की पहलकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह शर्त किसी प्रकार की सजा नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक प्रयास है। अदालत ने ‘सोशल ऑडिट’ की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज के जागरूक नागरिकों को समय-समय पर ऐसे संस्थानों का दौरा करना चाहिए, ताकि वहां की व्यवस्थाओं और जरूरतों को समझकर सुधार लाया जा सके। न्याय के साथ सामाजिक संदेशइस फैसले ने यह संदेश दिया है कि न्याय सिर्फ कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोर्ट का यह दृष्टिकोण न्याय व्यवस्था में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।

नीरव मोदी प्रत्यर्पण केस में बड़ा अपडेट: लंदन में CBI की सक्रियता तेज, भारत वापसी के संकेत

नई दिल्ली। भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत लाने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंचती नजर आ रही है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्यर्पण से जुड़ी अधिकांश कानूनी बाधाएं दूर हो चुकी हैं और इसी के चलते केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीमें इन दिनों लंदन में सक्रिय हैं। लंदन में CBI की मौजूदगी क्यों अहम? सूत्रों का कहना है कि लंदन में जांच एजेंसियों की बढ़ती गतिविधि इस बात का संकेत है कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया अंतिम दौर में है। जैसे ही शेष औपचारिकताएं पूरी होंगी, नीरव मोदी को भारत लाने की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इसे भारत सरकार के लिए बड़ी कानूनी और कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। क्या है पूरा मामला? नीरव मोदी पर अपने मामा मेहुल चोकसी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करीब 13,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। CBI के अनुसार, इस घोटाले में लगभग 6,498 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सीधे तौर पर नीरव मोदी से जुड़ी बताई गई है। कब से जेल में है मोदी? 55 वर्षीय नीरव मोदी को 19 मार्च 2019 को ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया था। तब से वह वैंड्सवर्थ जेल, लंदन में बंद है। कभी लग्जरी ज्वेलरी ब्रांड और ग्लैमरस आयोजनों में चर्चा में रहने वाला यह कारोबारी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित आर्थिक अपराधी बन चुका है। कानूनी रास्ते लगभग खत्म हाल ही में ब्रिटेन की हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस ने नीरव मोदी की प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील को फिर से खोलने की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद उसके पास सीमित कानूनी विकल्प बचे हैं। हालांकि उसने यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय का रुख किया है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे प्रक्रिया में ज्यादा देरी की संभावना नहीं है। कब हो सकता है प्रत्यर्पण? आधिकारिक तौर पर अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों को देखते हुए माना जा रहा है कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया जल्द पूरी हो सकती है। नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण अब औपचारिकताओं तक सीमित माना जा रहा है। यदि यह जल्द होता है, तो यह न केवल आर्थिक अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी, बल्कि भविष्य के मामलों के लिए भी सख्त संदेश साबित होगा।

सुप्रीम कोर्ट सख्त: पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक, तीन हफ्ते में जवाब तलब

नई दिल्ली। पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कांग्रेस नेता को नोटिस जारी करते हुए तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने यह आदेश असम सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट बेल को चुनौती दी गई थी। कोर्ट का स्पष्ट निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि फिलहाल ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक रहेगी। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पवन खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो इस आदेश से उस प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की गई है। असम सरकार की दलील सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि इस मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट को सुनवाई का अधिकार क्षेत्र नहीं था, क्योंकि एफआईआर और कथित अपराध दोनों असम में दर्ज हुए हैं। उन्होंने इसे ‘फोरम शॉपिंग’ बताते हुए कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाया। क्या है पूरा मामला यह विवाद हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान सरमा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़ा है। असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप शामिल हैं। खेड़ा का पक्ष खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और अधिकतम मानहानि का मामला बनता है, जिसमें गिरफ्तारी आवश्यक नहीं है। पहले क्या हुआ था तेलंगाना हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 10 अप्रैल को खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे संबंधित अदालत में नियमित जमानत के लिए आवेदन कर सकें। इसी आदेश को चुनौती देते हुए असम सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। राजनीतिक माहौल गर्म इस मामले ने राज्य की सियासत को भी गरमा दिया है। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है, जबकि बीजेपी ने खेड़ा के बयान को गैरजिम्मेदार और मानहानिकारक करार दिया है।

कलेक्ट्रेट में फर्जीवाड़ा सरकारी बाबुओं और दलाल की मिलीभगत से जमीन बेचने की साजिश

देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में प्रशासनिक तंत्र को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें कलेक्टर के नाम से फर्जी हस्ताक्षर और आदेश जारी कर जमीन बेचने की साजिश रची गई। इस मामले ने न केवल सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आम जनता में भी आक्रोश पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट कार्यालय से जुड़े इस मामले में सरकारी कर्मचारियों और एक दलाल की मिलीभगत सामने आई है। कलेक्टर ऋतुराज सिंह को जब इस गड़बड़ी की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल BNP थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी और सरकारी दस्तावेजों में कूट रचना जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नजूल शाखा के बाबू रमेश लोबानिया अपर कलेक्टर कार्यालय के बाबू संजय जाटव विजयागंज मंडी तहसील के बाबू जितेंद्र भद्रे और एक दलाल को गिरफ्तार कर लिया है। शहर के CSP सुमित अग्रवाल ने बताया कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें वैध दिखाकर जमीन बेचने की कोशिश की। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर कलेक्टर के नाम से फर्जी आदेश जारी किए। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर छोटे और कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन को बेचने का प्रयास किया गया। इतना ही नहीं एक किसान की जमीन की रजिस्ट्री भी करवा दी गई थी जिसे बाद में निरस्त कराया गया। इस पूरे मामले में दलाल की भूमिका भी बेहद अहम मानी जा रही है जिसने खरीदार और सरकारी कर्मचारियों के बीच कड़ी का काम किया। आरोप है कि पैसों के लालच में यह पूरा फर्जीवाड़ा अंजाम दिया गया। यह मामला केवल फर्जी दस्तावेज बनाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश प्रतीत हो रही है जिसमें अंदरूनी कर्मचारियों ने सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाया। अब यह जांच का विषय है कि क्या इस पूरे प्रकरण में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी थी या उन्हें पूरी तरह अंधेरे में रखा गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि यदि सरकारी दफ्तरों से ही फर्जी आदेश जारी होने लगें तो आम जनता का भरोसा व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा।

ईरान-अमेरिका तनाव का असर: सोना-चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में आज लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत की संभावनाओं की वजह से आज इंटरनेशनल मार्केट गोल्ड और सिल्वर का रेट फिर से बढ़ा हुआ है। मौजूदा परिस्थितियों की वजह से दुनिया भर में एनर्जी संकट गहरा गया है। बता दें, पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच एक दौर की बातचीत हो गई है। लेकिन यह पूरी वार्ता विफल रही थी। दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता तब नहीं हो पाया था। क्या है गोल्ड का ताजा रेट (Gold Latest Price)COMEX gold की कीमतों में आज शुरुआती कारोबार के दौरान बढ़ोतरी देखने को मिली। जिसके बाद यह 4855 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले के सत्र में सोने का भाव 2 प्रतिशत से अधिक बढ़ा था। COMEX Silver के रेट भी आज बुधवार को बढ़ोतरी देखने को मिली है। चांदी की कीमतों में उछाल के बाद यह 79 डॉलर प्रति आउंस के स्तर पर पहुंच गई थी। ब्लूमबर्ग के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत आने वाले दिनों में हो सकती है। न्यूयार्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले दो दिनों में बातचीत शुरू होने के संकेत दिए हैं। इन खबरों की वजह से मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी दर्ज की गई। वहीं, डॉलर इंडेक्स 0.3 प्रतिशत लुढ़क चुका है। बता दें, जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से मेटल की कीमतों में 8 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। कहां तक जाएगा सोने और चांदी का रेट (Gold Silver Price Outlook)Augmon से जुड़ी रेनिशा कहती हैं कि सोने और चांदी इस समय भी बुल रन पर सवार हैं। हालांकि, आगे का रास्ता काफी अनिश्चितताओं से भरा हुआ है। रेनिशा का कहना है टेक्निकल स्तर पर, “गोल्ड 4800 से 4850 डॉलर (154000 रुपये से 155000 रुपये तक) के आस-पास रेसिस्टेंस दिखा रहा है। अगर कीमतें इसके ऊपर गई तो यह फिर 5000 डॉलर (160000 रुपये) के स्तर तक जा सकती हैं।” चांदी के विषय में एक्सपर्ट की राय है कि यह 77 डॉलर (246000 रुपये) के स्तर पर रेसिस्टेंस दिखा रहा है। इसके ऊपर जाने की स्थिति में चांदी का दाम 82 डॉलर से 87 डॉलर (255000 रुपये से 265000 रुपये) के स्तर तक पहुंच सकता है।”