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IPL 2026 ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर, टॉप-5 से बाहर हुए दिग्गज खिलाड़ी

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 15वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) के बीच खेले गए रोमांचक मैच के बाद ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां एक ओर बल्लेबाजों की रैंकिंग में जबरदस्त उठापटक हुई है, वहीं गेंदबाजों की सूची में भी नई हलचल ने फैंस का ध्यान खींचा है। इस मैच के बाद कई बड़े नाम टॉप-5 से बाहर हो गए हैं, जिससे रेस और भी दिलचस्प हो गई है। ऑरेंज कैप रेस: Yashasvi Jaiswal टॉप पर कायमऑरेंज कैप की रेस में राजस्थान रॉयल्स के विस्फोटक ओपनर Yashasvi Jaiswal लगातार शानदार फॉर्म में बने हुए हैं। उन्होंने 3 मैचों में 170 रन बनाकर पहला स्थान हासिल किया हुआ है। उनका स्ट्राइक रेट 163.46 रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को दर्शाता है। दूसरे स्थान पर दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज Sameer Rizvi ने 160 रन के साथ अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। वहीं केकेआर के उभरते सितारे Angkrish Raghuvanshi 155 रन के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के स्टार बल्लेबाज Heinrich Klaasen 145 रन बनाकर चौथे स्थान पर बने हुए हैं। जबकि केकेआर के अनुभवी कप्तान Ajinkya Rahane 124 रन के साथ पांचवें स्थान पर हैं। ऑरेंज कैप टॉप-5 सूचीYashasvi Jaiswal – 170 रनSameer Rizvi – 160 रनAngkrish Raghuvanshi – 155 रनHeinrich Klaasen – 145 रनAjinkya Rahane – 124 रन इस बदलाव का सबसे बड़ा झटका राजस्थान के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी और मुंबई इंडियंस के अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा को लगा है, जो टॉप-5 से बाहर हो गए हैं। पर्पल कैप रेस: Ravi Bishnoi का दबदबा कायमगेंदबाजी की बात करें तो पर्पल कैप की रेस में राजस्थान रॉयल्स के स्पिनर Ravi Bishnoi ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मैचों में 7 विकेट लेकर पहला स्थान हासिल किया है। उनके बाद गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज Prasidh Krishna 6 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं अफगानिस्तान के स्टार ऑलराउंडर Rashid Khan ने 5 विकेट लेकर अपनी जगह तीसरे स्थान पर बनाई है। चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः Lungi Ngidi और Nandre Burger शामिल हैं, जिन्होंने 5-5 विकेट हासिल किए हैं। पर्पल कैप टॉप-5 सूचीRavi Bishnoi – 7 विकेटPrasidh Krishna – 6 विकेटRashid Khan – 5 विकेटLungi Ngidi – 5 विकेटNandre Burger – 5 विकेट लखनऊ सुपर जाएंट्स के गेंदबाज प्रिंस यादव भी 5 विकेट लेकर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि केकेआर के वैभव अरोड़ा 9वें पायदान पर मौजूद हैं। मुकाबला और भी रोमांचक होने की उम्मीदजैसे-जैसे आईपीएल 2026 आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस और ज्यादा दिलचस्प होती जा रही है। हर मैच के बाद रैंकिंग में बदलाव यह साबित कर रहा है कि कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक शीर्ष पर सुरक्षित नहीं रह सकता।

MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार

उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम जिले (Ratlam district) में उस दौरान हड़कंप मच गया जब उज्जैन जिले (Ujjain district) की बड़नगर पुलिस ने दुल्हन पक्ष से संपर्क कर बताया कि दूल्हे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी लगते ही दुल्हन पक्ष के परिवार में माहौल खराब हो गया। वधू पक्ष को पुलिस ने समझा बूझाकर शादी की रस्म को रोकने के लिए तैयार किया, इस दौरान मौका पाकर दूल्हा फरार हो गया, मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रतलाम में बड़नगर के एक युवक की शादी हो रही थी, बड़नगर से बारात पहुंच चुकी थी। दूल्हा मंडप में आने ही वाला था कि तभी दुल्हन पक्ष के परिवार को इसका पता चल गया। परिवार को पता चला कि जिस लड़के से लड़की की शादी होने वाली है, उस पर तो नाबालिग ने रेप का केस दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि इस मामले का पटाक्षेप करने में एक स्थानीय पार्षद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जब वह घर पर अकेली थीपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर थाना क्षेत्र के शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले युवक अभिषेक सेन के द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग से जनवरी के माह में उस वक्त दुष्कर्म किया गया जब वह घर पर अकेली थी। इस दौरान उसे डरा धमका कर इस घटना को किसी को भी बताने के लिए धमकाया गया था। जब पिछले दिनों अभिषेक की शादी की खबर नाबालिग तक पहुंची तो उसने इस शादी का विरोध किया। लेकिन अभिषेक ने उसे डराते हुए अपनी शादी को नहीं रोका और बारात लेकर रतलाम पहुंच गया। इसी बीच 6 अप्रैल को नाबालिग के द्वारा इस घटनाक्रम से दुखी होकर आत्महत्या करने की नीयत से एसिड पीकर जान देने का प्रयास किया गया तो यह मामला सामने आया। बालिका को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका मेडिकल कराने पर स्पष्ट हुआ कि पीड़िता गर्भवती भी है। पुलिस ने फोन पर दुल्हन पक्ष को समझायाउज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले अभिषेक सेन की शादी रतलाम जिले की युवती से तय थी, पिछले दो दिन से शादी के कार्यक्रम चल रहे थे और बुधवार रात करीब 8 बजे दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर निकल चुका था। बारात लगने से पहले पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया। वधु पक्ष को सूचना मिलते ही शादी वाले घर में हड़कंप मच गया। दोनों पक्षों की बातचीत के बाद शादी रोक दी गई। नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि आरोपी ने डरा-धमकाकर रेप किया। जिस दिन अभिषेक की शादी थी, उसी दिन पता चला कि पीड़िता प्रेग्नेंट है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 5 जनवरी को आरोपी उसके घर आया, जब वह अकेली थी। उसने धमकाकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने से मना किया। आरोपी की शादी तय होने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया। POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्जथाना प्रभारी अशोक पाटीदार के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता और आरोपी एक ही कॉलोनी में रहते हैं। दूल्हे की शादी के तीन दिन पहले पीड़िता ने 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी। इलाज के दौरान 8 अप्रैल को उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने परिजन को पूरी बात बताई।बालिका की शिकायत पर पुलिस ने पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है फिलहाल आरोपी फरार है उसे जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।

Weather: मध्य प्रदेश में थमा ओला-बारिश का दौर, अब गर्मी दिखाएगी अपना रौद्र रूप

भोपाल। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में पिछले कई दिनों से जारी आंधी-बारिश (Storm and Rain) और ओलों (Hail) का दौर अब खत्म होने की कगार पर है। मौसम का यह राहत भरा फेज अब तेजी से बदल रहा है और प्रदेश एक बार फिर झुलसाने वाली गर्मी की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department.) के अनुसार, शुक्रवार से मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। 9 दिन बाद खत्म हुआ राहत वाला दौरअप्रैल की शुरुआत इस बार अलग रही। जहां आमतौर पर इस समय तक तेज गर्मी पड़ने लगती है, वहीं इस साल 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलों का असर बना रहा। लगातार एक्टिव रहे साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया था। गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आया। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। अब 5 दिन नहीं होगी बारिशमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अब ये सिस्टम कमजोर पड़ चुके हैं। शुक्रवार से मौसम साफ रहेगा और अगले पांच दिन तक प्रदेश में कहीं भी बारिश के आसार नहीं हैं। यानी पूरा प्रदेश ड्राई जोन में रहेगा और तापमान तेजी से बढ़ेगा। 15 अप्रैल को नया सिस्टम, असर कममौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में सीमित ही रहेगा। ऐसे में गर्मी से राहत की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है।मौसम विभाग मानता है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने हैं। इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41°C के पार पहुंच गया था, लेकिन बाद में मौसम बदलने से गर्मी की रफ्तार थम गई थी। बार-बार बदला मौसम, फसलों को नुकसानइस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हुआ। गेहूं, पपीता और केले की फसलें प्रभावित हुईं। मार्च के आखिरी और अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। मौसम अब अपने पुराने ट्रेंड पर लौट रहा है। बारिश का दौर थमते ही तेज धूप और गर्म हवाएं असर दिखाने लगेंगी। आने वाले दिनों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा।

बैसाखी: आज पाकिस्तान जाएंगे 2840 सिख श्रद्धालु… कड़े नियमों के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर से होगी एंट्री

अमृतसर। बैसाखी और खालसा साजना दिवस (Baisakhi and Khalsa Sajna Day) के अवसर पर पाकिस्तान (Pakistan) जाने वाले सिख श्रद्धालुओं (Sikh devotees) के जत्थे के लिए इस बार सख्त नियम लागू किए गए हैं। अब कोई भी श्रद्धालु अकेले यात्रा नहीं कर सकेगा बल्कि केवल परिवार या समूह के साथ ही दर्शन के लिए जा पाएगा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee) ने यह फैसला सुरक्षा कारणों के चलते लिया है। एसजीपीसी के अनुसार शुक्रवार सुबह आठ बजे जत्था एसजीपीसी कार्यालय से रवाना होकर अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। इस बार देशभर से करीब 2840 श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। एसजीपीसी ने 1795 पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे थे जिनमें से 1763 को वीजा मिला जबकि 32 आवेदन खारिज कर दिए गए। इसके अलावा दिल्ली से 409 और हरियाणा से 255 श्रद्धालुओं को भी वीजा जारी हुआ है। सर्बजीत कौर मामले के बाद सख्तीएसजीपीसी ने बताया कि पिछले वर्ष एक महिला श्रद्धालु के पाकिस्तान में ही रुक जाने के मामले के बाद यह निर्णय लिया गया। अब किसी भी सिंगल पुरुष या महिला का वीजा आवेदन नहीं भेजा गया है जिससे कई श्रद्धालु इस बार यात्रा से वंचित रह गए। पंजा साहिब में होगा मुख्य समागमएसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि श्रद्धालु सबसे पहले गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब में माथा टेकेंगे जहां मुख्य समागम होगा। यात्रा 10 अप्रैल से 19 अप्रैल तक चलेगी। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने और पासपोर्ट व 20 डॉलर शुल्क खत्म करने की मांग दोहराई। सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने और दस्तावेज साथ रखने की अपील की है।

MP: रीवा के सरकारी स्कूल में पढ़ाना छोड़ कानों में एयर फोन लगाकर गाने सुन रही मैडम, छात्र झाल रहा पंखा…

रीवा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा (Rewa) से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जहां एक सरकारी स्कूल (Government School) में महिला हेडमास्टर (Female Headmaster) खुद कुर्सी पर बैठकर आराम करती नजर आईं, जबकि एक छात्र उनसे पंखा झलवाता दिखा. इतना ही नहीं, हेडमास्टर के कान में ईयरफोन भी लगा हुआ था. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाला यह मामला रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के शासकीय माध्यमिक शाला पनासी का बताया जा रहा है. जहां स्कूल की महिला हेडमास्टर वर्षा मांझी एक छात्र से पंखा झलवाती नजर आईं। https://twitter.com/priyarajputlive/status/2041876637890048412वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि हेडमास्टर कुर्सी पर आराम से बैठी हुई हैं, उनके कान में ईयरफोन लगा हुआ है, जबकि एक छात्र हाथ में पंखा लेकर उन्हें हवा कर रहा है. यह दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूलों की स्थिति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई को उजागर करती है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता पहले से ही सवालों के घेरे में है और अब इस तरह के वीडियो सामने आने के बाद व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है और जांच के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

LPG: कालाबाजारी पर प्रहार… देश में 1.16 लाख से अधिक स्थानों पर छापा, 53 डिस्ट्रीब्युटर सस्पेंड

नई दिल्ली। सरकार ने LPG सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब कमर्शियल (Commercial) LPG की सप्लाई कई नए सेक्टरों तक बढ़ा दी गई है। दूसरी ओर आज शुक्रवार, 10 अप्रैल को एलपीजी के दाम (LPG Rate) में कोई बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, केंद्र ने गुरुवार को कहा कि उसने देश भर में एलपीजी सप्लाई (LPG Supply) की निगरानी तेज कर दी है। गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए अब तक 1.16 लाख से अधिक छापे मारे हैं और लगभग 53 एलपीजी डिस्ट्रीब्युटर को सस्पेंड कर दिया है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार अब कमर्शियल LPG कृषि, यूरेनियम, हेवी वॉटर, फार्मास्यूटिकल्स, पेंट, सिरेमिक, फाउंड्री और ग्लास जैसे उद्योग को भी मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन सेक्टरों की गैस जरूरत का लगभग 70% हिस्सा पूरा किया जाए, जिसमें कुल सप्लाई लिमिट 200 टन प्रतिदिन तय की गई है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए क्या कर रही सरकारपेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सप्लाई संकट जब शुरू हुई तो सबसे पहले सरकार ने कमर्शियल LPG सप्लाई को सीमित कर दिया था ताकि देश के लगभग 33.2 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतें पूरी की जा सकें। घरेलू जरूरतों को सुनिश्चित करने के बाद ही अब धीरे-धीरे अन्य सेक्टरों के लिए सप्लाई बढ़ाई जा रही है। अस्पतालों और होटलों से शुरू होकर अब 70% तक पहुंची सप्लाई12 मार्च से सरकार ने कमर्शियल LPG की सीमित सप्लाई अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को देना शुरू किया था। इसके बाद इसे धीरे-धीरे बढ़ाया गया और अब यह 70% तक पहुंच गई है। इसमें अब रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, कैंटीन, कम्युनिटी किचन के साथ-साथ स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल और प्लास्टिक सेक्टर भी शामिल हैं। मजदूरों के लिए 5 किलो LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी: सरकार ने छोटे 5 किलो LPG सिलेंडर (FTL) की सप्लाई भी दोगुनी कर दी है, जो मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों द्वारा उपयोग किए जाते हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ताकि औद्योगिक क्षेत्रों में इन सिलेंडरों की कमी के चलते मजदूरों का पलायन न हो। अमेरिका-ईरान युद्ध से प्रभावित सप्लाई: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध से पहले भारत अपनी LPG जरूरत का लगभग 60% आयात करता था, जिसमें से करीब 90% हिस्सा पश्चिम एशिया से आता था, खासकर कतर से। ऐसे में इस संकट का सीधा असर भारत की गैस सप्लाई पर पड़ा। कोलकाता, दिल्ली, पटना में क्या हैं LPG के भावआज कोलकाता में घरेलू सिलेंडर ₹939 और कमर्शियल ₹2208 में मिल रहा है। मुंबई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर ₹912.50 और कमर्शियल ₹2031का है। चेन्नई में एलपीजी का आज का भाव बताएं तो घरेलू ₹928.50 और कमर्शियल ₹2,246.50 का है। पटना में आज घरेलू सिलेंडर ₹1011 और कमर्शियल ₹2365 में मिल रहा है। जयपुर में घरेलू सिलेंडर के दाम आज 9 ₹916.5 और कमर्शियल के ₹2031 हैं। लखनऊ जहां घरेलू सिलेंडर ₹950.50 का मिल रहा है तो वहीं, कमर्शियल ₹2201 का।

MP: ओंकारेश्वर में संत की हत्या की आशंका… मौत के 5 दिन बाद समाधि से निकलवाया शव

खंडवा। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ओंकारेश्वर (Omkareshwar) स्थित उदासीन अखाड़े (Udasin Akhara) से जुड़े संत ब्रजराज पुरी महाराज (Saint Brajraj Puri Maharaj) की हाल ही में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आश्रम से जुड़े लोगों ने उनकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताते हुए जल्दबाजी में उनके शव को समाधि दे दी थी, लेकिन बाद में संत समाज, हिंदू महासभा, परिजनों और अखाड़े के महंतों ने उनकी हत्या की आशंका जताते हुए शव को समाधि से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग कई। जिसके बाद प्रशासन ने गुरुवार को संत की समाधि खोदकर पार्थिव देह बाहर निकाली और पोस्टमार्टम कराया। हार्ट अटैक या फांसी? मौत की वजह पर विरोधाभास4 अप्रैल को संत ब्रजराज पुरी महाराज के निधन के बाद आश्रम के लोगों ने हार्ट अटैक से मौत की जानकारी दी थी। वहीं, खाचरौद से पहुंचे उदासीन अखाड़े के महंत ओंकारदास उदासीन ने दावा किया कि उन्हें संत द्वारा फांसी लगाने की सूचना दी गई थी। इस विरोधाभासी जानकारी ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया। महंत ओंकारदास का कहना है कि उनके ओंकारेश्वर पहुंचने से पहले ही संत को दोपहर में जल्दबाजी में समाधि दे दी गई, जबकि परंपरा के अनुसार दूर-दराज से आने वाले संतों का इंतजार किया जाता है। अधिकारियों की मौजूदगी में निकाला गया शव, फिर हुआ पोस्टमार्टममामले के तूल पकड़ने के बाद ओंकारेश्वर एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी की मौजूदगी में संत ब्रजराज पुरी महाराज की समाधि खोदी गई। प्रशासनिक निगरानी में पार्थिव देह को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद विधि-विधान के साथ संत की दोबारा समाधि दी गई। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी है, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी। गायब आभूषण, मोबाइल और नकदी ने बढ़ाया शकमहंत ओंकारदास उदासीन ने आरोप लगाया है कि संत के गले में पहनी सोने की चेन, रुद्राक्ष माला, मोबाइल फोन और नकदी मौके पर नहीं मिले। इसी वजह से हत्या या साजिश की आशंका और गहरा गई है। उन्होंने मांधाता थाने में आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम की मांग की थी। 73 एकड़ जमीन विवाद बना जांच का बड़ा एंगलपूरे मामले में 73 एकड़ जमीन का विवाद भी सामने आया है। हिंदू महासभा और संत समाज के अनुसार, संत ब्रजराज पुरी महाराज ने पहले इस जमीन को लेकर विवाद का जिक्र किया था। आरोप है कि निरंजनी अखाड़े से जुड़ी इस जमीन को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे नाम पर दर्ज करा लिया गया था। संत समाज इस विवाद को भी मौत से जोड़कर देख रहा है। प्रशासन ने दिए जांच के आदेशखंडवा डीआईजी मनोज कुमार राय पहले ही मामले की जांच के आदेश दे चुके हैं। वहीं हिंदू महासभा के आवेदन पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने भी पुलिस अधीक्षक को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। हालांकि मांधाता थाना पुलिस अब तक नजदीकी परिजनों से औपचारिक शिकायत नहीं मिलने का हवाला देकर कार्रवाई से बचती रही है। पहले से खुदवाया था समाधि का गड्ढास्थानीय संत समाज के अनुसार, बाबा ब्रजराज पुरी महाराज ने करीब एक साल पहले अपनी कुटिया के सामने समाधि के लिए गड्ढा खुदवा दिया था और चेलों को निर्देश दिया था कि निधन के बाद उन्हें वहीं समाधि दी जाए। इसी कारण पहली बार भी उसी स्थान पर समाधि दी गई थी। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस हाई-प्रोफाइल संत मृत्यु प्रकरण की सबसे अहम कड़ी बन गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह स्वाभाविक मौत थी, आत्महत्या थी या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।

पसीने की बदबू दूर करने के लिए अपनाएं य प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपचार!

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही त्वचा की देखभाल और पसीने की समस्या बढ़ जाती है। अधिक पसीना और उसकी बदबू सिर्फ असुविधाजनक नहीं होती, बल्कि सामाजिक रूप से भी शर्मिंदगी का कारण बन सकती है। लोग आमतौर पर डियोड्रेंट और परफ्यूम का सहारा लेते हैं, लेकिन ये केवल अस्थायी समाधान देते हैं। आयुर्वेद इस समस्या का समाधान अंदर से संतुलन बनाए रखकर करता है, न कि केवल बाहरी उपायों से। आयुर्वेद की दृष्टि में पसीने की बदबूआयुर्वेद पसीने की दुर्गंध को कफ और वात के असंतुलन से जोड़ता है। जब कफ और वात असंतुलित हो जाते हैं, तो पसीना अधिक निकलता है और गर्मी के कारण बैक्टीरिया पनपने का वातावरण बनता है। यही कारण है कि पसीना तेज दुर्गंध के साथ आता है। मुख्य कारण:ज्यादा तला-भुना, तीखा और मसालेदार भोजनकम पानी पीनाहार्मोन असंतुलनगर्मियों में सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग, जिससे पसीना और त्वचा की समस्याएं बढ़ती हैं आयुर्वेदिक आंतरिक उपाय गुनगुना पानी और सौंफ का पानी: दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें। सुबह सौंफ का पानी पीने से पेट साफ रहता है और तासीर ठंडी रहती है। गुलाब जल का सेवन: दिन में एक बार गुलाब जल पीना तन और मन को शीतलता देता है। नारियल पानी: शरीर को ठंडा रखने और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से नारियल पानी पिएं। छाछ में भुना जीरा: दोपहर में भुना जीरा मिलाकर छाछ पीने से गर्मी से बचाव और शरीर ठंडा रहता है। बाहरी स्वच्छता और प्राकृतिक उपाय नीम के पत्तों के साथ स्नान: नीम में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया को कम करते हैं। फिटकरी का इस्तेमाल: नीम न मिलने पर फिटकरी को पानी में मिलाकर स्नान करें। चंदन और गुलाब जल का लेप: शरीर पर चंदन और गुलाबजल लगाना त्वचा को ठंडक देने और सुगंधित बनाने में मदद करता है। गर्मियों में पसीने और उसकी दुर्गंध से बचने के लिए केवल डियोड्रेंट पर भरोसा नहीं करना चाहिए। आयुर्वेदिक उपाय जैसे गुनगुना पानी, सौंफ, नारियल पानी, नीम स्नान, फिटकरी और चंदन गुलाब जल का लेप शरीर को अंदर और बाहर से ठंडा और स्वच्छ रखते हैं। यह पसीने की बदबू को प्राकृतिक रूप से कम करता है और त्वचा को स्वस्थ बनाता है।

पिगमेंटेशन हटाएं और पाएं बेदाग, दमकती त्वचा के लिए एलोवेरा-केसर उपाय!

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में त्वचा की समस्याएं आम हो गई हैं। प्रदूषण, गलत खानपान और तनाव का असर सीधे चेहरे पर दिखता है। काले धब्बे, झाइयां और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और केमिकल युक्त क्रीम का इस्तेमाल करना आम बात है, लेकिन नानी के पुराने घरेलू नुस्खे आज भी उतने ही कारगर माने जाते हैं।एक बेहद सरल और असरदार उपाय है एलोवेरा जेल और केसर का फेस पैक। यह प्राकृतिक तरीका त्वचा को पोषण देने, हाइड्रेट करने और चेहरे की रंगत निखारने में मदद करता है। एलोवेरा और केसर क्यों फायदेमंद हैं?एलोवेरा: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स त्वचा को अंदर से रिपेयर करने में मदद करते हैं। यह त्वचा को हाइड्रेट करता है, डेड स्किन सेल्स हटाने में सहायक होता है और स्किन को फ्रेश बनाता है। केसर: यह त्वचा की रंगत निखारने और पिगमेंटेशन को कम करने वाला प्राकृतिक तत्व माना जाता है। नियमित उपयोग से झाइयों और डार्क स्पॉट्स में धीरे-धीरे कमी आती है। इन दोनों का संयोजन चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाता है और त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार नजर आने लगती है। एलोवेरा और केसर फेस पैक बनाने का तरीका एक चम्मच ताज़ा एलोवेरा जेल लें।इसमें 5-6 केसर के धागे मिलाएं।इसे 10 मिनट तक छोड़ दें, ताकि केसर के गुण अच्छे से घुल जाएं।रात को सोने से पहले चेहरे को साफ करें और हल्के हाथों से यह पेस्ट लगाएं।सुबह गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। नियमित इस्तेमाल: लगभग 15-20 दिनों में त्वचा में फर्क महसूस होता है। करीब एक महीने में त्वचा अधिक साफ, मुलायम और चमकदार दिख सकती है। उपयोग में सावधानियांपहली बार इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट अवश्य करें।सेंसिटिव स्किन वालों को अतिरिक्त सावधानी रखें।धूप में निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।जलन या परेशानी होने पर तुरंत उपयोग बंद कर दें। यह नानी का नुस्खा प्राकृतिक और सुरक्षित स्किन केयर के लिए उपयोगी है। यह त्वचा में नेचुरल ग्लो और सुधार लाता है, लेकिन गंभीर त्वचा समस्याओं के लिए यह मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं है। किसी भी समस्या की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।

चारधाम दर्शन 2026: अक्षय तृतीया पर मोक्ष और पुण्य की यात्रा

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा का विशेष महत्व है और इसे श्रद्धालु जीवन में एक बार अवश्य करने का संकल्प लेते हैं। मान्यता है कि चारों धामों  यमुनोत्री गंगोत्री केदारनाथ और बद्रीनाथ के दर्शन करने से जीवन के समस्त पाप धुल जाते हैं और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इस साल चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है और इसे लेकर श्रद्धालुओं में अत्यधिक उत्साह और आस्था देखी जा रही है। वैदिक पंचांग के अनुसार चारधाम यात्रा के कपाट अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर खुलते हैं। इस साल वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे प्रारंभ होकर 20 अप्रैल को सुबह 07:27 बजे समाप्त होगी। यही समय यात्रा के लिए सर्वोत्तम मुहूर्त माना गया है। अक्षय तृतीया के दिन यात्रा आरंभ करने से यह माना जाता है कि किए गए दान तप और तीर्थ यात्रा का पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। चारों धामों का आध्यात्मिक महत्व भी अत्यंत गहरा है। यमुनोत्री धाम यमुना नदी के पावन उद्गम स्थल पर स्थित है जहां स्नान करने से साधक को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है। गंगोत्री धाम मां गंगा को समर्पित है और यहां के दर्शन मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं। केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यह भक्तों को महादेव की असीम कृपा शांति और मानसिक संतुलन प्रदान करता है। बद्रीनाथ धाम जगत के पालनहार भगवान विष्णु का निवासस्थल माना गया है और यहां की यात्रा से पुनर्जन्म के चक्र से मुक्ति पाने का अवसर मिलता है। इस साल का संयोग विशेष रूप से लाभकारी है क्योंकि अक्षय तृतीया को ‘स्वयंसिद्ध मुहूर्त’ माना गया है। ग्रहों के शुभ संयोग इस समय को अत्यंत फलदायी बना रहे हैं। इसलिए श्रद्धालु इस समय यात्रा पर निकलकर अधिक पुण्य आशीर्वाद और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यात्रा के दौरान भक्तों द्वारा किया गया दान स्नान और पूजा अर्घ्य जीवन में सुख समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खोलता है। संक्षेप में चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह आध्यात्मिक शांति मानसिक संतुलन और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी खोलती है। 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली यह पावन यात्रा अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में होने के कारण विशेष पुण्यदायी है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर जीवन में एक बार अवश्य लेना चाहिए ताकि चारों धामों के दर्शन और धार्मिक कर्मों से उन्हें मोक्ष स्वास्थ्य सुख और समृद्धि प्राप्त हो।