Chambalkichugli.com

अमेरिका-ईरान सीजफायर विवाद: ईरान ने तीन उल्लंघनों की बात कही, 10 पॉइंट्स पर चर्चा जारी

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत दोनों पक्ष 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर राजी हुए थे लेकिन अब ईरान ने आरोप लगाया है कि इनमें से तीन बिंदुओं का उल्लंघन किया गया है। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका पर दो हफ्ते के सीजफायर समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया। गालिबफ ने कहा कि अमेरिका पर ईरान का गहरा ऐतिहासिक अविश्वास है और अमेरिका बार बार अपने कमिटमेंट्स का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने बताया कि ईरान के 10 पॉइंट सीजफायर प्रस्ताव के तीन हिस्सों का उल्लंघन हुआ है। इसमें शामिल है इजरायल का लेबनान पर लगातार हमला ईरानी एयरस्पेस में ड्रोन का प्रवेश और ईरानी यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को नकारना। अमेरिका और ईरान के बीच 10 पॉइंट्स पर बनी सहमति में सबसे पहला बिंदु दोनों पक्षों द्वारा गैर आक्रामकता की गारंटी देना और ईरान के यूरेनियम संवर्धन को स्वीकार करना था। दूसरा ईरान की सेना के साथ तालमेल बनाकर होर्मुज स्ट्रेट से नियंत्रित मार्ग सुनिश्चित करना। तीसरा लेबनान में हिज्बुल्लाह समूह के खिलाफ लड़ाई समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म करना। चौथा इलाके के सभी बेस और डिप्लॉयमेंट पॉइंट से अमेरिकी सुरक्षा बलों को हटाना। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म करना होर्मुज स्ट्रेट में एक सुरक्षित ट्रांजिट प्रोटोकॉल बनाना जो तय शर्तों के तहत ईरानी दबदबे की गारंटी दे संघर्ष के दौरान ईरान को हुए नुकसान की पूरी भरपाई करना और ईरान के खिलाफ सभी मुख्य और द्वितीयक प्रतिबंध हटाना भी शामिल है। इसके अलावा विदेश में सभी ब्लॉक ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना और इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाइंडिंग प्रस्ताव के जरिए मंजूरी देना तय किया गया था। ईरान के डेलीगेशन ने इस विवाद के बीच अमेरिका के साथ उच्चस्तरीय बातचीत के लिए गुरुवार रात इस्लामाबाद में पहुंचने की तैयारी की है। पाकिस्तान में ईरानी राजदूत ने सोशल मीडिया पर लिखा पीएम शहबाज शरीफ की बुलाई गई डिप्लोमैटिक पहल को नाकाम करने के लिए इजरायली सरकार द्वारा बार बार सीजफायर तोड़ने की वजह से ईरानी जनता की राय पर शक के बावजूद ईरान के सुझाए गए 10 पॉइंट्स पर आधारित गंभीर बातचीत के लिए ईरानी डेलीगेशन आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद की यह पहल दोनों पक्षों के बीच भरोसे का माहौल बनाने और सीजफायर के उल्लंघनों पर स्पष्ट समाधान निकालने में अहम साबित हो सकती है। आने वाली बैठक में इन 10 पॉइंट्स और उल्लंघनों पर चर्चा होगी जो इस क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

ईरानी राजदूत ने पाकिस्तान में प्रतिनिधिमंडल के आगमन की दी जानकारी, बाद में डिलीट किया पोस्ट

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति के बाद दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसी बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ उच्चस्तरीय बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यह जानकारी दी थी कि अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंच रहा है। हालांकि उन्होंने बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी। ईरानी राजदूत के पोस्ट में लिखा गया था कि पीएम शहबाज शरीफ की बुलाई गई डिप्लोमेटिक पहल को नाकाम करने के लिए इजरायल द्वारा बार-बार सीजफायर तोड़ने की वजह से ईरानी जनता की राय पर शक के बावजूद ईरान के सुझाए गए 10 पॉइंट्स पर आधारित बातचीत के लिए यह डेलीगेशन पाकिस्तान पहुंच रहा है। हालांकि अब यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उपलब्ध नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के मकसद से बातचीत के लिए पाकिस्तान आ सकते हैं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान के खुद को एक अहम मध्यस्थ के तौर पर पेश करने के बाद इस हफ्ते इस्लामाबाद में बड़ी बैठक की तैयारी चल रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि संभव है कि जेडी वेंस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पाकिस्तान का दौरा करें। इससे पहले द फाइनेंशियल टाइम्स ने यह बताया कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बातचीत की थी। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी बात की। व्हाइट हाउस ने बयान में कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान निर्धारित समय से आगे चल रहा है और इसके मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुंच रहा है। वहीं वॉशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि तेहरान के साथ “सार्थक” बातचीत जारी रखी जा रही है जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को समाप्त करना और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है और इस्लामाबाद की पहल दोनों पक्षों के बीच भरोसे का माहौल बनाने में अहम साबित हो सकती है। ईरानी राजदूत के सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट करना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर संवेदनशीलता और कूटनीतिक सावधानी बरती जा रही है। इस तरह अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत और पाकिस्तान की मध्यस्थता ने क्षेत्रीय राजनीति में एक नई दिशा देने की संभावना पैदा कर दी है। आगामी बैठक और उच्चस्तरीय वार्ताएं इस संघर्ष के भविष्य को तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

एमपी में UCC लागू होने से पहले सरकार का बड़ा कदम, डीजी-एडीजी स्तर के अधिकारी बने संभाग प्रभारी

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब अपर मुख्य सचिव की तर्ज पर डीजी, स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संभागीय प्रभारी बनाया गया है। ये अधिकारी रेंज में तैनात आईजी के साथसाथ पूरे संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इस क्रम में वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र कुमार जैन को उज्जैन और पंकज कुमार श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।यूसीसी से पहले मॉनिटरिंग मजबूत करने की तैयारी यह व्यवस्था मोहन यादव सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता UCC लागू करने की तैयारी के बीच लागू की गई है। गृह विभाग ने संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में UCC को लेकर निर्देश मिलने के बाद विभाग ने सभी संभागों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी है, ताकि सुपरविजन और मॉनिटरिंग को मजबूत किया जा सके।संभागवार आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी प्रदेश के विभिन्न संभागों के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और रीवा संभाग में पहले से तैनाती थी, जबकि सात अन्य संभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं। भोपाल – वरुण कपूर (डीजी जेल)इंदौर – आदर्श कटियार (स्पेशल डीजी प्रशासन)उज्जैन – उपेंद्र कुमार जैन (डीजी ईओडब्ल्यू)ग्वालियर – प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (डीजी होमगार्ड)जबलपुर – पंकज कुमार श्रीवास्तव (स्पेशल डीजी सीआईडी)रीवा – अनिल कुमार (स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा)चंबल – जी अखेतो सेमा (स्पेशल डीजी जेल)नर्मदापुरम – रवि कुमार गुप्ता (स्पेशल डीजी रेल)सागर – अनंत कुमार सिंह (स्पेशल डीजी पुलिस हाउसिंग)शहडोल – राजाबाबू सिंह (एडीजी ट्रेनिंग) आईएएस अधिकारियों को भी सौंपी जिम्मेदारी प्रशासनिक स्तर पर भी संभागवार आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।उज्जैन – डॉ. राजेश राजौराग्वालियर – अशोक बर्णवालचंबल – मनु श्रीवास्तवजबलपुर – संजय दुबेनर्मदापुरम – नीरज मंडलोईइंदौर – अनुपम राजनभोपाल – संजय कुमार शुक्लरीवा – रश्मि अरुण शमीसागर – दीपाली रस्तोगीशहडोल – शिवशेखर शुक्ला

सफेद बालों से छुटकारा, इस नेचुरल जूस से पाएं खूबसूरत बाल!

नई दिल्ली। अगर इस समय आप अपने बाल से काफी परेशान हो गई हैं बाल टूट रहे हैं और सफेद होते जा रहे हैं। कई लोग महंगे शैंपू और हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर भी बालों की समस्या दूर नहीं होती। तब भी परेशानी की कोई बात नहीं है हम आज आपके लिए ऐसा ड्रिंक लेकर आए हैं जो आपके बालों को काफी मजबूत बनाएगा। इस जूस को पीने के बाद आपके बाल काफी चमकदार बन जाएंगे। तो चलिए इसके बारे में जानते हैं और समझते हैं कि यह कैसे यह काम करता है। बालों से जुड़ी है खास बातेंआपको बता दें कि, बालों की असली सेहत सिर्फ बाहरी देखभाल पर नहीं, बल्कि शरीर को मिलने वाले पोषण पर निर्भर करती है। अगर शरीर के अंदर जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी है, तो इसका असर सीधे बालों पर दिखाई देता है। इसलिए आपको अपने बालों के साथ शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए ताकि बाल ऑटोमेटिक अंदर से मजबूत और घने हो जाए। आंवला जूसअगर आप लगातार बाल झड़ने से परेशान हैं, तो आंवला जूस आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। इसे बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक आंवला, 8-10 करी पत्ते, आधा नींबू और एक चम्मच शहद मिलाएं। आंवला विटामिन C से भरपूर होता है, जो कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है और बालों को मजबूत बनाता है। करी पत्ते बालों की जड़ों को पोषण देते हैं, जबकि नींबू स्कैल्प को साफ रखने में मदद करता है। गाजर और चुकंदर का जूसगाजर चुकंदर का जूस भी एक बेहतरीन ऑप्शन है जिसे आप रोजाना ले सकते हैं ताकि आपके बालों को अच्छी पोषण मिल सके। बालों की तेजी से बढ़त और प्राकृतिक चमक के लिए गाजर और चुकंदर का जूस एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाने के लिए एक गाजर, एक छोटा चुकंदर, आधा सेब और थोड़ा अदरक मिलाकर जूस तैयार करें। गाजर में मौजूद विटामिन A बालों को चमकदार बनाता है, जबकि चुकंदर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर बालों की जड़ों को पोषण देता है। एलोवेरा और नारियल पानीगर्मी और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए नारियल पानी और एलोवेरा का मिश्रण बेहद असरदार होता है। एक कप नारियल पानी में 2 चम्मच एलोवेरा जेल, कुछ पुदीने की पत्तियां और थोड़ा खीरा मिलाकर पीएं। यह शरीर को ठंडक देता है और स्कैल्प की खुजली व जलन को कम करता है।

OTT और सिनेमाघरों पर लगेगा एंटरटेनमेंट का तड़का, इस शुक्रवार रिलीज होगी कई फ़िल्में और सीरीज

नई दिल्ली। सिनेमाघरों के बाद OTT में कई फिल्में और सीरीज रिलीज होती हैं जिसे आप अपने घर पर ही बड़े आसानी से देख सकते हैं। वहीं इस शुक्रवार 10 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघर और अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म OTT पर कई फ़िल्में और सीरीज दस्तक देने को तैयार है। इनमें शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और तृप्ति डिमरी (Tripti Dimri) स्टारर मूवी ‘ओ’रोमियो’ (O’Romeo) लेकर मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) की नई फिल्म ‘डकैत’ (Dacoit) शामिल हैं। तो चलिए उनके बारे में जानते हैं। फिल्म डकैतमृणाल ठाकुर की ‘डकैत’ का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। जब से इस फिल्म का ट्रेलर आया है दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए अपनी उत्सुकता दिखा रहे हैं आपको बता दे इस फिल्म में मृणाल ठाकुर ने सरस्वती नाम की लड़की का किरदार निभाया है। ये रोमांटिक एक्शन फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। वहीं फिल्म में मृणाल ठाकुर के साथ-साथ अदिवि शेष भी लीड रोल में नजर आ रहे हैं। फिल्म ओ रोमियोशाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म और रोमियो ने सिनेमाघरों में धमाल मचा दिया था। अच्छा खासा कलेक्शन करने के बाद अब OTT प्लेटफार्म पर रिलीज होने जा रही है।विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म प्यार और रिश्तों को एक ड्रामैटिक ट्विस्ट के साथ दिखाती है।इसे प्राइम वीडियो पर 10 अप्रैल से फ्री में देख सकते हैं। फिल्म तू या मैंसनाया कपूर की फिल्म तू या मैं नेवी सिनेमा घर में काफी अच्छा कलेक्शन किया था अब वह OTT पर आने जा रही है।ये फिल्म रोमांस और सर्वाइवल का मिक्स, यह फिल्म दो बहुत अलग इन्फ्लुएंसर की कहानी है, जिनकी ट्रिप एक डरावना मोड़ लेती है।एक गहरे स्विमिंग पूल में मगरमच्छ के साथ फंसे होने के कारण, उन्हें अपनी पर्सनल मुश्किलों से निपटते हुए ज़िंदा रहने के लिए लड़ना पड़ता है। इसे इस शुक्रवार, 10 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम कर सकते हैं। परफेक्ट क्राउन सीरीजपरफेक्ट क्राउन‘परफेक्ट क्राउन’ इस साल की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली कोरियन ड्रामा रिलीज़ में से एक है, क्योंकि इसमें IU और बायन वू-सियोक मेन रोल में हैं. यह एक अमीर वारिस और एक कमज़ोर राजकुमार के बीच कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की कहानी पर बेस्ड है।ये 10 अप्रैल से डिज्नी प्लस पर स्ट्रीम हो सकती हैं। आउटकम सीरीजजोनाह हिल द्वारा निर्देशित इस डार्क कॉमेडी फिल्म में कीनू रीव्स ने रीफ हॉक का किरदार निभाया है, जो एक हॉलीवुड अभिनेता है। उसका करियर एक रहस्यमय ब्लैकमेलर के कारण खतरे में पड़ जाता है, जिसके पास उसके अतीत का एक आपत्तिजनक वीडियो है। फिल्म में कैमरून डियाज़, मैट बोमर, डेविड स्पेड, लैवर्न कॉक्स, काइया गेर्बर और हिल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह सीरीज 10 अप्रैल को Apple Tv पर रिलीज होगी।

Hyundai Price Hike: 1 मई से महंगी होंगी कारें, जानिए कितनी बढ़ेगी कीमत!

नई दिल्ली। Hyundai ने 1 मई 2026 से अपनी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। जानें कितनी बढ़ेगी कीमत, इसके पीछे की वजह और अभी खरीदना क्यों फायदेमंद हो सकता है। Hyundai ने घोषणा की है कि 1 मई 2026 से उसकी सभी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। यह बढ़ोतरी अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के अनुसार होगी, लेकिन अनुमान है कि कीमतों में अधिकतम 1% तक का इजाफा हो सकता है। क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?कंपनी के अनुसार, कारों की कीमत बढ़ाने की मुख्य वजह उत्पादन लागत में बढ़ोतरी है। पिछले कुछ समय से कच्चे माल, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य खर्चों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके चलते कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा है। Hyundai का कहना है कि वह ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ डालने से बचने की कोशिश करती है, लेकिन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में बदलाव जरूरी हो गया है। बिक्री में जारी है बढ़ोतरीकीमत बढ़ाने के बावजूद Hyundai की बिक्री में सुधार देखा जा रहा है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी ने 2 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में करीब 8.7% अधिक है। घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट में भी कंपनी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे उसकी मजबूत पकड़ का पता चलता है। अभी खरीदना हो सकता है फायदेमंदअगर आप Hyundai की कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अप्रैल 2026 तक खरीदारी करना आपके लिए बेहतर हो सकता है। कीमत बढ़ने से पहले खरीदने पर आप पैसे बचा सकते हैं। साथ ही, इस समय कई डीलर ऑफर और डिस्काउंट भी दे सकते हैं, जिससे अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

एमपी में गेहूं खरीदी पर गरमाई सियासत, देरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप

भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की देरी को लेकर सियासत गरमा गई है। गुरुवार से प्रदेश के चार संभागों में खरीदी शुरू हो गई, लेकिन देरी को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। सरकार जहां इस देरी के पीछे इजराइल-ईरान युद्ध का हवाला दे रही है, वहीं विपक्ष इसे किसानों के साथ अन्याय बता रहा है। प्रदेशभर में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन खंडवा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की, जिसमें हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। रतलाम में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी में धरना दिया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे। भोपाल और श्योपुर में भी विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी देखने को मिली। जीतू पटवारी के आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में देरी एक “रणनीतिक घोटाला” है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारदाने की कमी का बहाना बनाकर खरीदी टाली गई और किसानों को नुकसान पहुंचाया गया। पटवारी ने कहा कि करीब 10 लाख क्विंटल गेहूं ओपन मार्केट में बिक चुका है और लगभग 25% गेहूं 1600 से 2000 रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर बेचा गया। उन्होंने नरेंद्र मोदी, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं, 3100 रुपए धान और 6000 रुपए सोयाबीन के दाम अब तक लागू नहीं किए गए हैं। व्यवस्थाओं की कमी से किसान परेशान रायसेन जिले में कई खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं अधूरी रहीं। बम्होरी केंद्र पर न तो पर्याप्त बारदाना पहुंचा और न ही किसानों के लिए छाया की व्यवस्था थी। स्लॉट बुकिंग के बावजूद किसानों को असमंजस का सामना करना पड़ा। वहीं, सागर में मंडी बंद होने पर जीतू पटवारी ने कलेक्टर को फोन कर नाराजगी जताई और कहा कि तेज गर्मी में किसान कई दिनों से परेशान हैं। श्योपुर और भोपाल में भी प्रदर्शन श्योपुर में जिला कांग्रेस कमेटी ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें विधायक बाबू जंडेल भी शामिल रहे। वहीं भोपाल में कलेक्टर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घेराव कर खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए।सरकार का पलटवार राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एक दाना भी गेहूं नहीं खरीदा गया था, जबकि वर्तमान सरकार किसानों से खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे युद्ध के कारण थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब व्यवस्थाएं पटरी पर आ रही हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का काम केवल विरोध करना है, जबकि सरकार किसानों के हित में काम कर रही है।

बुरहानपुर का बोरसर गांव बना गाली गलौच मुक्त, जुर्माने और झाड़ू से सजा का अनोखा नियम

बुरहानपुर । मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले का बोरसर गांव अब देश में गाली-गलौच मुक्त गांव के रूप में मशहूर हो गया है। यह गांव जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित है और यहां करीब 6 हजार लोग रहते हैं। बोरसर गांव ने एक अनोखी पहल करते हुए पूरे गांव में गाली देने पर कड़ी सजा और जुर्माने का नियम लागू किया है। अगर कोई व्यक्ति यहां गाली देता है, तो उसे 500 रुपये का जुर्माना या एक घंटे तक गांव में झाड़ू मारकर सफाई करने की सजा भुगतनी पड़ती है। गांव में यह पहल ग्राम पंचायत बोरसर के सरपंच अंतरसिंह और उपसरपंच विनोद शिंदे के नेतृत्व में की गई। इस योजना में अभिनेता और समाजसेवी अश्विन पाटिल भी शामिल हुए, जिन्होंने गांव को सभ्य और गाली मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने बताया कि अमीर हो या गरीब, यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने कहा कि छोटे झगड़ों में अक्सर विवाद गालियों की वजह से बढ़ जाते थे। इस समस्या को देखते हुए पंचायत ने इसे रोकने का ठोस कदम उठाया। बोरसर गांव में लोगों को जागरूक और शिक्षित बनाने के लिए पुस्तकालय भी खोला गया है। यहां धर्म-कर्म, जनरल नॉलेज और स्कूली पाठ्यक्रम की किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। बच्चों और युवाओं को इंटरनेट के माध्यम से ज्ञान और सूचना तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए गांव में चार जगहों पर फ्री वाईफाई की सुविधा भी दी गई है। इस पहल से हर व्यक्ति फ्री इंटरनेट का लाभ उठा रहा है और जानकारी तक आसान पहुंच सुनिश्चित हो रही है। गांव में गाली-गलौच रोकने के नियम के साथ-साथ हर घर हरियाली अभियान भी शुरू किया गया है। लोगों को पौधे वितरित किए गए हैं ताकि गांव हरित और साफ-सुथरा बने। इसके अलावा, सेवा भाव कक्ष की भी स्थापना की गई है। यहां जरूरतमंदों के लिए दानदाता और समाजसेवियों द्वारा विभिन्न सामग्री उपलब्ध कराई गई है। किसी भी धर्म और जाति का व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है। अभिनेता अश्विन पाटिल ने बताया कि जब वह मुंबई से गांव लौटे, तो देखा कि छोटी-छोटी बातों पर गाली-गलौच की वजह से विवाद बढ़ जाते थे। उन्होंने सरपंच अंतरसिंह और उपसरपंच विनोद शिंदे से संपर्क किया और पंचायत में बैठक बुलाई गई। सभी ग्रामीणों की मौजूदगी में निर्णय लिया गया और गांव को गाली मुक्त बनाने का आदेश जारी किया गया। अब गांव में जगह-जगह पोस्टर लगे हैं, जिसमें साफ शब्दों में लिखा है कि बोरसर मध्यप्रदेश का पहला गाली मुक्त गांव है। इस पहल ने पूरे गांव में एक सभ्यता और जागरूकता का माहौल पैदा किया है। छोटे विवाद भी अब शांति और समझदारी से सुलझाए जा रहे हैं। गाली-गलौच के बिना गांव में सामाजिक सामंजस्य और सहयोग की भावना मजबूत हो रही है। यह मॉडल अन्य ग्रामीण इलाकों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन सकता है। बोरसर गांव ने दिखा दिया कि अनुशासन, शिक्षा और जागरूकता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, तभी आया रेप केस का फोन-उज्जैन में सनसनी!

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन और रतलाम के बीच एक शादी समारोह उस वक्त अचानक थम गया, जब दूल्हे पर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया। बारात दरवाजे तक पहुंच चुकी थी और दूल्हा मंडप में एंट्री लेने ही वाला था, लेकिन पुलिस के एक फोन कॉल ने पूरे माहौल को बदल दिया। बारात के बीच पुलिस का फोन, मच गया हड़कंपजानकारी के मुताबिक, उज्जैन के पास बड़नगर की शिक्षक कॉलोनी निवासी अभिषेक सेन की शादी रतलाम की युवती से तय थी। शादी के कार्यक्रम दो दिन से चल रहे थे और बुधवार रात करीब 8 बजे बारात धूमधाम से निकली। लेकिन जैसे ही बारात दुल्हन के घर पहुंचने वाली थी, पुलिस ने दुल्हन पक्ष को फोन कर बताया कि दूल्हे के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामला दर्ज होने जा रहा है। यह सुनते ही शादी वाले घर में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत बातचीत के बाद शादी रोक दी गई। नाबालिग ने दर्ज कराया केस, पॉक्सो एक्ट में कार्रवाईपुलिस ने 15 वर्षीय नाबालिग की शिकायत पर आरोपी अभिषेक सेन के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज किया है। केस दर्ज होते ही दूल्हा फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है। चार महीने पहले हुई वारदात, शादी वाले दिन खुला सचपीड़िता के अनुसार, यह घटना 5 जनवरी की है, जब आरोपी उसके घर पहुंचा और उसे डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। उसने किसी को बताने पर धमकी भी दी। लंबे समय तक चुप रहने के बाद, जब आरोपी की शादी तय हुई तो पीड़िता मानसिक रूप से टूट गई। गर्भवती होने का खुलासा, आत्महत्या की कोशिशशादी से तीन दिन पहले, 6 अप्रैल को नाबालिग ने एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की। इलाज के दौरान 8 अप्रैल को डॉक्टरों को उसके गर्भवती होने का पता चला। इसके बाद उसने परिजनों को पूरी घटना बताई और मामला पुलिस तक पहुंचा। स्थानीय मदद से रुकी शादी, पुलिस ने की तत्पर कार्रवाईथाना प्रभारी अशोक पाटीदार के अनुसार, पीड़िता और आरोपी एक ही कॉलोनी में रहते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत दुल्हन पक्ष से संपर्क किया। एक स्थानीय पार्षद की मदद से समय रहते शादी रुकवाई गई, जिससे एक बड़ा सामाजिक और कानूनी विवाद टल गया। फरार आरोपी की तलाश जारीघटना के बाद आरोपी रतलाम पहुंचने से पहले ही फरार हो गया। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।

कांग्रेस में वंदे मातरम विवाद ने पकड़ा राजनीतिक तूफ़ान, केके मिश्रा ने दी खुली चेतावनी

इंदौर । इंदौर में वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कांग्रेस के अंदर ही बड़ा राजनीतिक तूफ़ान बन गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केके मिश्रा ने इस मामले पर अपनी पार्टी के भीतर खुले तौर पर विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने अपने ट्वीट्स में न सिर्फ भाजपा पर हमला बोला बल्कि कांग्रेस की पार्षद रूबीना खान को भी आड़े हाथों लिया। मिश्रा ने बेहद सख्त शब्दों में कहा कि जो लोग राष्ट्रधर्म नहीं निभा सकते और वंदे मातरम नहीं बोल सकते वे भाड़ में जाएं और पाकिस्तान जाकर बसें। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है। रूबीना खान के बयान को मिश्रा ने राजनीतिक ब्लैकमेलिंग करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा मामला भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर खेला गया है। मिश्रा ने यह भी कहा कि रूबीना खान के बयान से उन मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों का अपमान हुआ है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देश के लिए दी। उनके अनुसार यह केवल एक व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि राष्ट्रभक्ति के मूल्यों को चुनौती देने वाला मामला है। केके मिश्रा ने भाजपा पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मुद्दे पर राजनीति करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि उसने अपने ही मंत्री विजय शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। मिश्रा ने भाजपा पर राष्ट्रधर्म के मुद्दे पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उछालना और अपने ही लोगों की अनदेखी करना लोकतंत्र और राष्ट्रीय भावना के लिए खतरनाक है। मिश्रा ने कांग्रेस नेतृत्व को भी खुली चुनौती दी। इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सिर्फ नोटिस देने से काम नहीं चलेगा। उनके अनुसार रूबीना खान को पार्टी से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा जहां जाना चाहती हैं चली जाएं। मिश्रा ने पार्टी को चेतावनी दी कि ऐसे संदिग्ध निष्ठा वाले लोगों को शामिल करने से पहले गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनके अनुसार यह केवल पार्टी का मामला नहीं बल्कि देश के प्रति प्रतिबद्धता का भी सवाल है। इस पूरे विवाद ने कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद को खुलकर सामने ला दिया है। एक तरफ भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ उठाने के लिए भुनाने की कोशिश कर रही है तो वहीं कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच टकराव और तेज होता दिख रहा है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस मामले में कांग्रेस की छवि और संगठनात्मक क्षमता दोनों चुनौतीपूर्ण स्थिति में हैं। इंदौर के यह विवाद केवल स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं है बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकता है। केके मिश्रा का यह कड़ा रुख और पार्टी नेतृत्व को खुली चुनौती देना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस को अपने भीतर अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती बनाए रखने की आवश्यकता है। इस विवाद का राजनीतिक भविष्य और असर आने वाले दिनों में साफ होगा लेकिन फिलहाल यह वंदे मातरम विवाद कांग्रेस के लिए सबसे बड़े अंदरूनी तूफानों में से एक बन चुका है।