भारत-अफगानिस्तान पहले वनडे पर बारिश का खतरा, धर्मशाला का मौसम बढ़ा सकता है टीम इंडिया की चिंता

नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज शनिवार को होने जा रहा है, लेकिन मुकाबले से पहले मौसम सबसे बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित Himachal Pradesh Cricket Association Stadium में खेले जाने वाले पहले वनडे पर बारिश का साया मंडरा रहा है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों को आशंका है कि कहीं मौसम इस रोमांचक मुकाबले का मजा किरकिरा न कर दे। मौसम रिपोर्ट के अनुसार धर्मशाला में शनिवार को बारिश की संभावना काफी अधिक बताई जा रही है। दिन और शाम दोनों समय बादल छाए रहने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। शुक्रवार को भी धर्मशाला और आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई थी, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की खबरें भी सामने आई थीं। ऐसे हालात में मैदान और आउटफील्ड की स्थिति भी मैच पर असर डाल सकती है। यदि बारिश लगातार होती है तो ओवरों में कटौती या मैच रद्द होने जैसी स्थिति भी बन सकती है। हालांकि मौसम की चुनौती के बावजूद दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगी। भारतीय टीम इस सीरीज में कुछ प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद संतुलित नजर आ रही है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनके स्थान पर युवा बल्लेबाज Yashasvi Jaiswal को टीम में शामिल किया गया है। वहीं ऑलराउंडर Hardik Pandya भी चोट से उबर रहे हैं और इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में कप्तान Rohit Sharma पर सभी की निगाहें रहेंगी। अफगानिस्तान के खिलाफ रोहित का रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेले गए वनडे मुकाबलों में शानदार औसत से रन बनाए हैं और एक शतक भी उनके नाम दर्ज है। धर्मशाला की बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों में उनसे एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में Shubman Gill और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी अहम भूमिका निभाएगी। वहीं नंबर तीन पर Ishan Kishan को मौका मिल सकता है। उपकप्तान Shreyas Iyer से मध्यक्रम में बड़ी जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा होगी। इसके अलावा KL Rahul हाल के दिनों में अच्छी लय में रहे हैं और टीम को उनसे भी बड़ी उम्मीदें हैं। इस सीरीज की एक और खास बात युवा खिलाड़ियों को मिला मौका है। Prince Yadav, Harsh Dubey और Gurnoor Brar को पहली बार भारतीय वनडे टीम में शामिल किया गया है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि इनमें से किस खिलाड़ी को पदार्पण का अवसर मिलता है। गेंदबाजी विभाग में Arshdeep Singh के नेतृत्व में भारतीय आक्रमण मैदान पर उतरेगा। उनका साथ Prasidh Krishna दे सकते हैं। धर्मशाला की पिच तेज गेंदबाजों को मदद देने के लिए जानी जाती है, ऐसे में भारतीय गेंदबाज शुरुआती ओवरों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अब सभी की निगाहें मौसम पर टिकी हैं। यदि बारिश बाधा नहीं बनती है तो क्रिकेट प्रेमियों को भारत और अफगानिस्तान के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।
सिनेमाघरों के बाद अब ओटीटी पर छाएगी ‘दृश्यम 3’, मोहनलाल की सस्पेंस थ्रिलर की रिलीज डेट का हुआ ऐलान

नई दिल्ली । मलयालम सिनेमा की सबसे चर्चित और सफल फ्रेंचाइजी में शामिल ‘दृश्यम’ का तीसरा भाग अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है। सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन के बाद मोहनलाल अभिनीत ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज डेट आधिकारिक रूप से घोषित कर दी गई है। लंबे समय से फिल्म के डिजिटल प्रीमियर का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए यह बड़ी खबर मानी जा रही है। क्राइम और सस्पेंस से भरपूर इस फिल्म ने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब फिल्म को डिजिटल माध्यम से और व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। फिल्म के निर्माताओं का मानना है कि ओटीटी रिलीज के जरिए देश और विदेश के करोड़ों दर्शक इस कहानी का आनंद ले सकेंगे। ‘दृश्यम 3’ का निर्देशन एक बार फिर जीतू जोसेफ ने किया है, जिन्होंने इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी के पिछले दोनों भागों को भी निर्देशित किया था। फिल्म की कहानी जॉर्जकुट्टी और उसके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। तीसरे भाग में भी रहस्य, तनाव और अप्रत्याशित घटनाओं का ऐसा ताना-बाना बुना गया है जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और मोहनलाल का दमदार अभिनय माना जा रहा है। जॉर्जकुट्टी के किरदार ने वर्षों से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। यही वजह है कि तीसरे भाग को लेकर भी काफी उत्साह देखने को मिला। फिल्म ने अपनी रिलीज के साथ ही सस्पेंस थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था। अब यह फिल्म 18 जून से ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। डिजिटल रिलीज के साथ दर्शक अपने घरों में आराम से इस बहुप्रतीक्षित फिल्म का आनंद ले सकेंगे। खास बात यह है कि फिल्म केवल एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे इसके डिजिटल प्रीमियर को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। निर्माताओं ने यह भी सुनिश्चित किया है कि फिल्म अधिक से अधिक दर्शकों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से इसे मलयालम के अलावा अन्य भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा। दर्शक फिल्म को तेलुगु, तमिल और कन्नड़ डब संस्करणों में भी देख सकेंगे। इससे दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रशंसकों को अपनी पसंदीदा भाषा में फिल्म देखने का अवसर मिलेगा। फिल्म उद्योग के जानकारों का मानना है कि ‘दृश्यम 3’ की ओटीटी रिलीज को शानदार प्रतिक्रिया मिल सकती है। पिछले दो भागों की लोकप्रियता और तीसरे भाग को मिले सकारात्मक प्रतिसाद को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी इसके अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में जो दर्शक किसी कारणवश इसे सिनेमाघरों में नहीं देख पाए थे, उनके लिए यह फिल्म अब आसानी से उपलब्ध होगी। सस्पेंस, रहस्य और पारिवारिक ड्रामा के अनोखे मिश्रण से सजी ‘दृश्यम 3’ एक बार फिर जॉर्जकुट्टी की कहानी को नए मोड़ पर लेकर आती है। ओटीटी रिलीज के साथ यह फिल्म एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आने के लिए तैयार है।
महिला टी20 विश्व कप में रिकॉर्डों की बारिश, डैन व्याट ने सारा टेलर को छोड़ा पीछे; इंग्लैंड की ऐतिहासिक जीत

नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 के उद्घाटन मुकाबले में मेजबान England Women’s Cricket Team ने शानदार प्रदर्शन करते हुए Sri Lanka Women’s Cricket Team को 87 रन से पराजित कर टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की। बर्मिंघम के Edgbaston में खेले गए इस मुकाबले में केवल जीत ही नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी बने, जिनमें सबसे प्रमुख नाम डैन व्याट का रहा। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में एक विकेट खोकर 219 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के नाम था, जिसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रन बनाए थे। टीम की इस उपलब्धि में सलामी बल्लेबाज डैन व्याट की भूमिका सबसे अहम रही। डैन व्याट ने 62 गेंदों पर नाबाद 105 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी इस शतकीय पारी के दौरान उन्होंने कई व्यक्तिगत उपलब्धियां भी हासिल कीं। वह महिला टी20 विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली तीसरी बल्लेबाज बन गई हैं। इस मामले में उन्होंने इंग्लैंड की पूर्व स्टार बल्लेबाज सारा टेलर को पीछे छोड़ दिया। टेलर के नाम विश्व कप में 541 रन दर्ज थे, जबकि व्याट अब 593 रन तक पहुंच चुकी हैं। व्याट की यह पारी महिला टी20 विश्व कप इतिहास की चौथी सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी भी बन गई है। इंग्लैंड की ओर से टूर्नामेंट में सबसे बड़ी पारी खेलने का रिकॉर्ड Heather Knight के नाम है, जिन्होंने 2020 में नाबाद 108 रन बनाए थे। वहीं विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी का रिकॉर्ड Meg Lanning के नाम दर्ज है, जिन्होंने 126 रन बनाए थे। डैन व्याट ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। वह महिला टी20 विश्व कप में सर्वाधिक शतक लगाने वाली संयुक्त रूप से दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं। उनके नाम अब तीन शतक दर्ज हैं। इस सूची में शीर्ष स्थान यूएई की बल्लेबाज Esha Oza के पास है, जिन्होंने पांच शतक लगाए हैं। इंग्लैंड की बल्लेबाजी के दौरान अंतिम ओवर भी रिकॉर्डबुक में दर्ज हो गया। टीम ने आखिरी ओवर में 26 रन बटोरे, जो महिला टी20 विश्व कप इतिहास का संयुक्त रूप से दूसरा सबसे महंगा ओवर माना जा रहा है। श्रीलंका की गेंदबाज Malki Madara इस ओवर में इंग्लिश बल्लेबाजों के निशाने पर रहीं। उन्होंने अपने चार ओवर के स्पेल में 51 रन देकर एक विकेट लिया। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे महंगा गेंदबाजी स्पेल है। इस सूची में पहला स्थान भारतीय गेंदबाज Shikha Pandey के नाम है, जिन्होंने 2020 में चार ओवर में 52 रन खर्च किए थे। हालांकि श्रीलंका की हार के बीच भी एक रिकॉर्ड दर्ज हुआ। टीम की बल्लेबाज Nilakshi de Silva और मलकी मदारा ने आठवें विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी की। यह महिला टी20 विश्व कप इतिहास में आठवें या उससे नीचे के विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी मानी जा रही है। गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से फ्रेया केम्प ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने विश्व कप पदार्पण मुकाबले में 21 रन देकर चार विकेट हासिल किए। इस उपलब्धि के साथ वह महिला टी20 विश्व कप डेब्यू मैच में चार विकेट लेने वाली चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गईं। उनके प्रदर्शन ने इंग्लैंड की जीत को और भी यादगार बना दिया। महिला टी20 विश्व कप 2026 का पहला मुकाबला इस तरह रिकॉर्डों, ऐतिहासिक उपलब्धियों और शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शनों के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
महिला टी20 विश्व कप 2026 में इंग्लैंड का ऐतिहासिक धमाका, रिकॉर्ड 219 रन बनाकर श्रीलंका को 87 रन से रौंदा

नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 का आगाज मेजबान England Women’s Cricket Team के ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ हुआ। बर्मिंघम स्थित Edgbaston में खेले गए टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में इंग्लैंड ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए Sri Lanka Women’s Cricket Team को 87 रन के बड़े अंतर से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने महिला टी20 विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ा स्कोर बनाने का नया रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। सलामी बल्लेबाज Amy Jones और Danni Wyatt-Hodge ने पहले विकेट के लिए 135 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत आधार दिया। एमी जोन्स ने 38 गेंदों में 53 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें कई आकर्षक शॉट देखने को मिले। उनके आउट होने के बाद भी इंग्लैंड की रनगति पर कोई असर नहीं पड़ा। दूसरे छोर पर डैनी व्याट ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 62 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाए। अपनी इस यादगार पारी में उन्होंने 13 चौके और एक छक्का लगाया। उनका स्ट्राइक रेट 169 से अधिक रहा, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है। मध्यक्रम में कप्तान Nat Sciver-Brunt ने भी विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की और सिर्फ 22 गेंदों में नाबाद 46 रन ठोक दिए। उनकी पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल रहा। इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में केवल एक विकेट खोकर 219 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा टीम स्कोर बन गया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भी इंग्लैंड के नाम था, जब उसने 2023 में पाकिस्तान के खिलाफ 213 रन बनाए थे। 220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण टीम कभी भी लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़ती नजर नहीं आई। श्रीलंका की ओर से Nilakshi de Silva ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि Harshitha Samarawickrama ने 29 रन का योगदान दिया। इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सकी और पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से फ्रेया केम्प ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 22 रन देकर चार विकेट झटके और मैच का रुख पूरी तरह इंग्लैंड की ओर मोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ वह महिला टी20 विश्व कप में पदार्पण मैच में चार विकेट लेने वाली चुनिंदा गेंदबाजों में शामिल हो गईं। इसके अलावा Sophie Ecclestone और Charlie Dean ने दो-दो विकेट लिए, जबकि Lauren Bell और Linsey Smith को एक-एक सफलता मिली। यह मुकाबला रिकॉर्डों के लिहाज से भी खास रहा। दोनों टीमों ने मिलकर कुल 351 रन बनाए, जो महिला टी20 विश्व कप इतिहास में दोनों पारियों का दूसरा सबसे बड़ा संयुक्त स्कोर है। इससे पहले 2018 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मुकाबले में कुल 354 रन बने थे।
36 घंटे की बैटरी, 40dB नॉइज कैंसिलेशन और डुअल डिवाइस सपोर्ट के साथ बाजार में उतरे लेनेवो के प्रीमियम योगा ईयरबड्स

नई दिल्ली । प्रीमियम ऑडियो डिवाइस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में लेनेवो ने नया कदम उठाते हुए Yoga True Wireless Noise Cancelling Earbuds लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस उत्पाद को फिलहाल चीन के बाजार में पेश किया है। नए ईयरबड्स को उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो बेहतर साउंड क्वालिटी, प्रभावी नॉइज कैंसिलेशन, लंबी बैटरी लाइफ और स्मार्ट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं की तलाश में रहते हैं। लेनेवो की योगा सीरीज लंबे समय से प्रीमियम डिजाइन और आधुनिक तकनीक के लिए जानी जाती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नए वायरलेस ईयरबड्स में आकर्षक डिजाइन के साथ कई उन्नत फीचर्स शामिल किए गए हैं। कंपनी का दावा है कि यह डिवाइस रोजमर्रा के उपयोग से लेकर पेशेवर कार्यों और मनोरंजन तक विभिन्न जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। ऑडियो प्रदर्शन के लिए ईयरबड्स में 12.2 मिमी डायनेमिक ड्राइवर दिए गए हैं। बड़े आकार के ड्राइवर संगीत सुनने के दौरान अधिक स्पष्ट ध्वनि, गहरे बास और संतुलित ऑडियो अनुभव प्रदान करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही 40dB तक की एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन तकनीक भी उपलब्ध कराई गई है। यह तकनीक आसपास के अनावश्यक शोर को कम करके उपयोगकर्ता को अधिक स्पष्ट और निर्बाध सुनने का अनुभव देती है। कॉलिंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रत्येक ईयरबड में तीन माइक्रोफोन लगाए गए हैं। इनमें वॉयसप्रिंट रिकग्निशन और एनवायरमेंटल नॉइज कैंसिलेशन जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉल के दौरान उपयोगकर्ता की आवाज स्पष्ट रूप से सामने वाले व्यक्ति तक पहुंचे और आसपास का शोर बातचीत में बाधा न बने। यह सुविधा विशेष रूप से ऑनलाइन मीटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और व्यावसायिक संचार के लिए उपयोगी मानी जा रही है। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी कंपनी ने कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी हैं। नए ईयरबड्स डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी सपोर्ट करते हैं, जिससे उपयोगकर्ता एक ही समय में दो अलग-अलग डिवाइस से जुड़े रह सकते हैं। उदाहरण के तौर पर लैपटॉप और स्मार्टफोन के बीच बिना बार-बार पेयरिंग किए आसानी से स्विच किया जा सकता है। ट्रिपल-टैप जेस्चर फीचर इस प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाता है। इसके अलावा योगा पीसी के साथ इंस्टेंट पेयरिंग सुविधा भी दी गई है, जिससे कनेक्शन स्थापित करने में कम समय लगता है। बैटरी प्रदर्शन इस नए उत्पाद की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। कंपनी के अनुसार, एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन बंद होने पर ईयरबड्स एक बार चार्ज करने पर लगभग सात घंटे तक उपयोग किए जा सकते हैं। वहीं चार्जिंग केस के साथ कुल बैटरी बैकअप 36 घंटे तक पहुंच जाता है। फास्ट चार्जिंग तकनीक की मदद से केवल 10 मिनट चार्ज करने पर लगभग दो घंटे तक ऑडियो प्लेबैक का लाभ लिया जा सकता है। डिवाइस को IPX4 रेटिंग भी प्राप्त है, जो इसे पसीने और हल्के पानी के छींटों से सुरक्षा प्रदान करती है। ऐसे में यह उत्पाद फिटनेस गतिविधियों, यात्रा और दैनिक उपयोग के दौरान भी भरोसेमंद साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रीमियम फीचर्स, लंबी बैटरी लाइफ, उन्नत नॉइज कैंसिलेशन और स्मार्ट कनेक्टिविटी के संयोजन के साथ लेनेवो ने वायरलेस ऑडियो बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को और मजबूत करने का प्रयास किया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नया उत्पाद उपभोक्ताओं के बीच कितनी लोकप्रियता हासिल कर पाता है।
साइल लारिन ने बचाई कनाडा की लाज, फीफा वर्ल्ड कप में बोस्निया के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ

नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में सह-मेजबान Canada National Football Team ने अपने पहले मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए महत्वपूर्ण अंक हासिल किया। टोरंटो में खेले गए रोमांचक मुकाबले में कनाडा और Bosnia and Herzegovina National Football Team के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच के नायक रहे कनाडा के अनुभवी स्ट्राइकर साइल लारिन, जिन्होंने अंतिम चरण में गोल दागकर अपनी टीम को हार से बचा लिया। टोरंटो के खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। शुरुआती मिनटों में उन्होंने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और कनाडा के रक्षात्मक विभाग पर लगातार दबाव बनाया। पहले हाफ में बोस्निया को कॉर्नर किक के जरिए सफलता मिली। Sead Kolasinac द्वारा आगे बढ़ाई गई गेंद पर Jovo Lukic ने शानदार हेडर लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद कनाडा पर दबाव और बढ़ गया। गोल खाने के बाद कनाडा ने जवाबी हमले तेज किए। टीम के स्टार फॉरवर्ड Jonathan David ने बराबरी का बेहतरीन मौका बनाया, लेकिन बोस्निया के गोलकीपर Nikola Vasilj ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त बरकरार रखी। इसके बाद Tani Oluwaseyi भी एक आसान अवसर को गोल में नहीं बदल सके। दूसरे हाफ में कनाडा ने पूरी ताकत के साथ वापसी की कोशिश की। लगातार हमलों के बीच ओलुवासेयी का एक हेडर गोल के करीब पहुंचा, लेकिन डिफेंडर Nikola Katic ने उसे रोक दिया। वहीं, Richie Laryea के संभावित गोल को भी कोलासिनाक ने गोललाइन से क्लियर कर दिया। हालांकि बोस्निया भी लगातार जवाबी हमले करता रहा। कनाडा के गोलकीपर Maxime Crepeau ने कई महत्वपूर्ण बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। विशेष रूप से Ermedin Demirovic के खतरनाक प्रयास को रोकना मैच का अहम क्षण साबित हुआ। जब ऐसा लग रहा था कि बोस्निया जीत दर्ज कर लेगा, तभी कनाडा के मुख्य कोच Jesse Marsch का रणनीतिक बदलाव काम आ गया। 76वें मिनट में मैदान पर उतारे गए साइल लारिन ने केवल दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया। Promise David के शानदार पास पर लारिन ने गेंद को नियंत्रित किया और सटीक फिनिश के साथ गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया। स्टॉपेज टाइम में लारिन के पास कनाडा को जीत दिलाने का सुनहरा अवसर भी था, लेकिन Tarik Muharemovic ने उनका प्रयास विफल कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने जीत के लिए प्रयास किए, लेकिन कोई भी निर्णायक गोल नहीं कर सकी। इस ड्रॉ के साथ कनाडा ने विश्व कप इतिहास में अपना पहला अंक हासिल किया और घरेलू दर्शकों के सामने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की। वहीं बोस्निया और हर्जेगोविना को भी कठिन मुकाबले से एक महत्वपूर्ण अंक मिला।
डैनी व्याट के तूफानी शतक से इंग्लैंड की धमाकेदार शुरुआत, श्रीलंका को 87 रन से रौंदा

नई दिल्ली । आईसीसी महिला टी20 विश्व कप 2026 में मेजबान England Women’s Cricket Team ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है। बर्मिंघम के Edgbaston Cricket Ground में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 87 रन के बड़े अंतर से हराकर टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए। इस जीत की सबसे बड़ी नायिका रहीं स्टार बल्लेबाज Danni Wyatt-Hodge, जिन्होंने नाबाद शतकीय पारी खेलकर मैच को एकतरफा बना दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने निर्धारित 20 ओवर में एक विकेट के नुकसान पर 219 रन बनाए। यह स्कोर महिला टी20 विश्व कप के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर भी बन गया। इंग्लैंड की बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और श्रीलंकाई गेंदबाजों को दबाव में बनाए रखा। इंग्लैंड को मजबूत शुरुआत दिलाने में Amy Jones और डैनी व्याट की जोड़ी ने अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 135 रन की शानदार साझेदारी की। एमी जोन्स ने 38 गेंदों पर 53 रन की उपयोगी पारी खेली, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा। हालांकि मैच की सबसे बड़ी आकर्षण डैनी व्याट की विस्फोटक बल्लेबाजी रही। उन्होंने श्रीलंका के गेंदबाजी आक्रमण की जमकर खबर लेते हुए 62 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाए। अपनी पारी में उन्होंने 13 चौके और एक छक्का लगाया। यह पारी न केवल उनके करियर की यादगार पारियों में शामिल हो गई, बल्कि इंग्लैंड को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में भी निर्णायक साबित हुई। मध्यक्रम में कप्तान Nat Sciver-Brunt ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 22 गेंदों में नाबाद 46 रन बनाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। अंतिम ओवरों में उनके आक्रामक खेल ने इंग्लैंड को 200 रन के पार पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 220 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी Sri Lanka Women’s Cricket Team की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान Chamari Athapaththu केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और टीम कभी भी लक्ष्य के करीब पहुंचती नजर नहीं आई। श्रीलंका की ओर से Nilakshi de Silva ने सबसे अधिक 39 रन बनाए, जबकि Harshitha Samarawickrama ने 29 रन का योगदान दिया। हालांकि अन्य बल्लेबाज बड़ी साझेदारी करने में नाकाम रहीं। गेंदबाजी में इंग्लैंड की ओर से Freya Kemp ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके। वहीं Sophie Ecclestone और Charlie Dean ने दो-दो विकेट हासिल किए। इस शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के दम पर श्रीलंका की पूरी टीम 132 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में मजबूत शुरुआत की है और खिताब की दावेदारी को भी मजबूती से पेश किया है। वहीं श्रीलंका को अगले मुकाबलों में वापसी के लिए अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में सुधार करना होगा।
Android 17 QPR1 Beta 4 रिलीज, कैमरा से कनेक्टिविटी तक कई बड़ी समस्याएं हुईं दूर; Pixel यूजर्स को मिलेगा ज्यादा स्मूद अनुभव

नई दिल्ली । गूगल ने अपने एंड्रॉयड बीटा प्रोग्राम से जुड़े पिक्सल स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए Android 17 QPR1 Beta 4 अपडेट जारी कर दिया है। यह अपडेट किसी बड़े नए फीचर की बजाय सिस्टम की स्थिरता बढ़ाने, पुराने तकनीकी दोषों को दूर करने और समग्र उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। कंपनी का मानना है कि आगामी फीचर ड्रॉप और सार्वजनिक रिलीज से पहले यह संस्करण प्लेटफॉर्म को अधिक भरोसेमंद और परिपक्व बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एंड्रॉयड इकोसिस्टम में क्वार्टरली प्लेटफॉर्म रिलीज यानी QPR अपडेट्स की विशेष भूमिका होती है। इनके माध्यम से गूगल नए सुधारों और संभावित फीचर्स का परीक्षण करता है, ताकि अंतिम संस्करण आम उपभोक्ताओं तक अधिक स्थिर रूप में पहुंच सके। Android 17 QPR1 Beta 4 भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे विशेष रूप से उन कमियों को दूर करने के लिए तैयार किया गया है जिनकी शिकायतें बीटा परीक्षण के दौरान सामने आई थीं। नए अपडेट का सबसे बड़ा फोकस सिस्टम परफॉर्मेंस और विश्वसनीयता पर रहा है। कई उपयोगकर्ताओं को बाहरी डिस्प्ले का उपयोग करते समय माउस पॉइंटर गायब होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था, विशेष रूप से तब जब वे वर्क प्रोफाइल या अतिरिक्त सुरक्षा वाले एप्लिकेशन का उपयोग करते थे। इस तकनीकी समस्या को अब ठीक कर दिया गया है, जिससे प्रोफेशनल और एंटरप्राइज उपयोगकर्ताओं को अधिक सहज अनुभव मिलने की उम्मीद है। गूगल ने प्राइवेट स्पेस से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या का भी समाधान किया है। कुछ परिस्थितियों में क्रेडेंशियल प्रोवाइडर सेटिंग्स खोलते समय सेटिंग्स एप्लिकेशन अचानक बंद हो जाता था। यह समस्या सुरक्षा और अकाउंट प्रबंधन से जुड़े उपयोगकर्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही थी। नए अपडेट में इस बग को पूरी तरह दूर करने का दावा किया गया है। कैमरा प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार किए गए हैं। कई पिक्सल उपयोगकर्ताओं ने 5x जूम पर वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान फ्रेम जंप और रिकॉर्डिंग में झटके महसूस होने की शिकायत की थी। यह समस्या वीडियो क्वालिटी को प्रभावित कर रही थी। Android 17 QPR1 Beta 4 में इस कमी को ठीक कर कैमरा अनुभव को अधिक स्थिर और पेशेवर बनाने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही बैक टैप जेस्चर से जुड़ी दिक्कतों का भी समाधान किया गया है, जिससे डिवाइस के शॉर्टकट फीचर्स पहले की तुलना में बेहतर ढंग से काम करेंगे। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण सुधार शामिल किए गए हैं। वायरलेस एडीबी और लोकल नेटवर्क आधारित एप्लिकेशनों में आने वाली कनेक्शन संबंधी समस्याओं को दूर किया गया है। इससे डेवलपर्स और तकनीकी उपयोगकर्ताओं को अधिक विश्वसनीय नेटवर्क अनुभव मिलने की संभावना है। साथ ही कुछ उपकरणों में रीस्टार्ट के बाद होम स्क्रीन विजेट्स गायब हो जाने की शिकायतें भी सामने आई थीं, जिन्हें इस अपडेट के माध्यम से ठीक कर दिया गया है। यह अपडेट हाल के अधिकांश पिक्सल स्मार्टफोन्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। हालांकि पिक्सल 6 सीरीज को फिलहाल इस रिलीज में शामिल नहीं किया गया है। कंपनी ने संकेत दिया है कि भविष्य के किसी बीटा संस्करण में इस सीरीज के लिए भी सपोर्ट उपलब्ध कराया जा सकता है। अलग-अलग पिक्सल मॉडल्स के लिए अलग बिल्ड नंबर जारी किए गए हैं, ताकि डिवाइस के अनुसार अनुकूलित सुधार प्रदान किए जा सकें। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि Android 17 QPR1 Beta 4 भले ही फीचर आधारित बड़ा अपडेट न हो, लेकिन यह प्लेटफॉर्म की गुणवत्ता और स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले महीनों में एंड्रॉयड 17 के व्यापक रोलआउट से पहले यह अपडेट उपयोगकर्ताओं को अधिक भरोसेमंद, सुरक्षित और सहज अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा।
तेरहवीं की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दूसरा दुख, तालाब में मिला 25 वर्षीय युवक का शव

मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक 25 वर्षीय युवक का शव तालाब में मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई है, जो गुढ़ थाना क्षेत्र के दुआरी गांव का निवासी था और शुक्रवार से अपने घर से लापता बताया जा रहा था। घटना मनिकवार चौकी क्षेत्र के अमिलिहा गांव की है। स्थानीय लोगों ने शनिवार दोपहर तालाब में एक शव उतराता हुआ देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई गई, जहां मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई। सागर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार परिवार पहले से ही एक अन्य सदस्य के निधन के कारण शोक में था। शनिवार को घर में तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित होना था और उसकी तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच सागर के शव मिलने की सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। एक ही परिवार में कम समय के भीतर दूसरी दुखद घटना होने से गांव में भी शोक का माहौल बन गया है। पुलिस के अनुसार सागर शुक्रवार से घर से लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे हुए थे और रिश्तेदारों तथा परिचितों से भी संपर्क किया जा रहा था। इसी दौरान शनिवार दोपहर अमिलिहा गांव के तालाब में शव मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। Shail Yadav ने बताया कि युवक के लापता होने और शव मिलने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा युवक के अंतिम समय की गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सागर अग्निहोत्री की असमय मौत से दुआरी और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहा है।
AI ‘जेलब्रेक’ के खतरे पर सख्त हुआ अमेरिका, Anthropic के एडवांस मॉडल्स बंद, वैश्विक तकनीकी उद्योग में नई बहस शुरू

नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से विकसित होते क्षेत्र में एक नया मोड़ तब सामने आया जब अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने अपने सबसे उन्नत AI मॉडल्स की पहुंच अचानक सीमित करने का फैसला लिया। कंपनी का यह कदम अमेरिकी सरकार के उस निर्देश के बाद सामने आया है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी आशंकाओं का हवाला देते हुए विदेशी नागरिकों के लिए कुछ अत्याधुनिक AI सिस्टम्स के उपयोग पर रोक लगाने को कहा गया। इस फैसले ने वैश्विक तकनीकी उद्योग, नीति निर्माताओं और AI विशेषज्ञों के बीच नई चर्चा शुरू कर दी है। कंपनी ने बताया कि उसे अमेरिकी अधिकारियों की ओर से निर्यात नियंत्रण संबंधी निर्देश प्राप्त हुए हैं, जिनके तहत उसके दो प्रमुख AI मॉडल्स की उपलब्धता विदेशी उपयोगकर्ताओं के लिए सीमित करनी पड़ी। हालांकि सरकार की ओर से सार्वजनिक रूप से सुरक्षा चिंताओं का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि इन मॉडल्स की क्षमताओं के दुरुपयोग की संभावना को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। इस पूरे मामले का केंद्र तथाकथित “जेलब्रेक” तकनीक को माना जा रहा है। तकनीकी भाषा में जेलब्रेक का अर्थ उन तरीकों से है जिनके माध्यम से किसी AI मॉडल के सुरक्षा प्रतिबंधों और नियंत्रण प्रणालियों को दरकिनार करने का प्रयास किया जाता है। अमेरिकी अधिकारियों को आशंका है कि अत्यधिक सक्षम AI मॉडल्स का उपयोग साइबर सुरक्षा कमजोरियों की पहचान या अन्य संवेदनशील गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसी संभावना के आधार पर सरकार ने एहतियाती रुख अपनाया है। Anthropic ने अपने आधिकारिक रुख में कहा है कि उसे उपलब्ध कराए गए संकेत सीमित और संभावित जोखिमों पर आधारित हैं। कंपनी का मानना है कि किसी एक संभावित सुरक्षा कमजोरी के आधार पर व्यापक रूप से उपयोग किए जा रहे कमर्शियल AI मॉडल्स की पहुंच रोकना संतुलित नियामकीय दृष्टिकोण नहीं माना जा सकता। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह जिम्मेदार AI विकास और सुरक्षा मानकों के पक्ष में है, लेकिन नियमन तथ्यों और पारदर्शी प्रक्रियाओं पर आधारित होना चाहिए। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका में AI तकनीकों को लेकर निगरानी और नियंत्रण की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी प्रशासन का ध्यान मुख्य रूप से उन सेमीकंडक्टर चिप्स, हार्डवेयर और तकनीकी संसाधनों पर केंद्रित रहा है जो AI सिस्टम्स को संचालित करते हैं। हालांकि अब पहली बार AI मॉडल्स तक पहुंच को लेकर भी सख्त दृष्टिकोण देखने को मिल रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य में AI निर्यात नियंत्रण और अधिक व्यापक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम केवल एक कंपनी या दो मॉडल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि यह AI शासन व्यवस्था के बदलते स्वरूप का संकेत है। दुनिया भर की सरकारें यह तय करने की कोशिश कर रही हैं कि अत्यधिक सक्षम AI प्रणालियों के विकास और उपयोग को किस प्रकार नियंत्रित किया जाए ताकि नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे। दूसरी ओर तकनीकी कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि अत्यधिक प्रतिबंध अनुसंधान और व्यावसायिक विकास की गति को प्रभावित न करें। फिलहाल Anthropic और अमेरिकी प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर मतभेद स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। आने वाले समय में यह मामला AI उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है, क्योंकि इससे यह तय होगा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी स्वतंत्रता और वैश्विक डिजिटल प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन किस प्रकार स्थापित किया जाएगा। AI नियमन को लेकर चल रही यह बहस आने वाले वर्षों में वैश्विक तकनीकी नीति को प्रभावित कर सकती है।