Balaram Krishi Mahotsav: भोपाल। किसान कल्याण क्षैत्र में मध्यप्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि कल्याण राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सभी योजनाओं का मिशन मोड में क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजधानी से लेकर गांवों तक किसानों से सीधे संवाद के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
मुख्यमंत्री मंत्रालय में ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के तहत अब तक हुए कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मंत्रालय में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना व विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।@DrMohanYadav51 @minmpkrishi @Aidalsinghkbjp #कृषक_कल्याण_वर्ष_2026… pic.twitter.com/Hvlfl0sbjS
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) July 3, 2026
डेयरी और जैविक खेती पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने में दुग्ध उत्पादन अहम भूमिका निभा सकता है। इसके लिए उन्नत नस्ल की गाय उपलब्ध कराने में निजी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाए। साथ ही कम पानी वाली फसलों, प्राकृतिक और जैविक खेती तथा फसल चक्र अपनाने के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
सहकारी समितियों का होगा डिजिटलाइजेशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बेहतर और आसान सेवाएं देने के लिए सहकारी समितियों की प्रक्रियाओं का डिजिटलाइजेशन किया जाए। इसी महीने ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल और ई-पासबुक सुविधा भी शुरू की जाएगी।
सभी जिलों में होंगे कृषि महोत्सव
सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव आयोजित करने का फैसला किया है। इसके अलावा सभी संभागीय मुख्यालयों पर फूड फेस्टिवल आयोजित होंगे। उज्जैन में उत्कृष्ट किसानों और पशुपालकों को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
अलग-अलग जिलों में होंगे विशेष आयोजन
सरकार की योजना के तहत खरगौन में किसान सम्मेलन और कपास-मिर्च महोत्सव, बुरहानपुर में केला महोत्सव, इंदौर में सब्जी महोत्सव और एक्वाकल्चर मार्केटिंग सिम्पोजियम, जबलपुर में मत्स्य पालन और कुक्कुट पालन सम्मेलन, नीमच में आधुनिक उद्यानिकी कार्यशाला, भोपाल में पराली प्रबंधन कार्यशाला और नरसिंहपुर में गन्ना महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।