जिला प्रशासन के निर्देश पर यह अभियान कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान के नेतृत्व में चलाया गया। विभागीय टीम ने औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की सघन जांच की, जिसमें फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी), बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।
जांच के दौरान कुल 20 वाहनों को रोका गया और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। इनमें से 5 वाहन जिनमें ट्रक और मिनी ट्रक शामिल हैं ऐसे पाए गए जिनके पास न तो वैध फिटनेस प्रमाण पत्र था और न ही पीयूसी प्रमाण पत्र। यह स्पष्ट रूप से परिवहन नियमों का उल्लंघन था। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी पांच वाहनों को जब्त कर लिया।
जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने वाहन मालिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फिटनेस प्रमाण पत्र, पीयूसी, बीमा और परमिट समय पर अपडेट रखना अनिवार्य है। यदि भविष्य में कोई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में वाहन चालकों और संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।