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सिंगरौली डकैती में सुरक्षा में बड़ी चूक, बैंक में नहीं था गार्ड


नई दिल्ली। सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में हुई 15 करोड़ की सनसनीखेज डकैती के मामले में अब जांच के दौरान बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं। पांच हथियारबंद बदमाश दिनदहाड़े करीब 10 किलो सोना और 20 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन चार अभी भी फरार हैं और लूटा गया पूरा माल भी बरामद नहीं हो सका है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में इस पूरे मामले में तीन बड़ी चूक सामने आई हैं, जिसने बैंक और पुलिस दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहली चूक बैंक में वर्षों से नहीं था सिक्योरिटी गार्ड

जांच में सामने आया कि बैंक की इस शाखा में पिछले कई वर्षों से कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात ही नहीं था। 2018 में खुली इस ब्रांच में सुरक्षा के नाम पर सिर्फ सीसीटीवी कैमरे लगे थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्होंने कभी यहां गार्ड नहीं देखा। बैंक के जोनल अधिकारी ओंकार प्रसाद ने भी स्वीकार किया कि खर्च कम करने के चलते गार्ड की नियुक्ति बंद कर दी गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी बड़ी रकम और सोने की सुरक्षा बिना गार्ड के कैसे छोड़ी गई।

दूसरी चूक सूचना के बावजूद 20 मिनट देरी से पहुंची पुलिस

डकैती की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस को मौके पर पहुंचने में करीब 20 मिनट का समय लग गया, जबकि थाना मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर था। अनुमान है कि सामान्य परिस्थितियों में यह दूरी 7-8 मिनट में तय की जा सकती थी। देरी के कारण बदमाशों को भागने का पर्याप्त समय मिल गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदमाशों के हथियारबंद होने की जानकारी के चलते तैयारी में समय लगा।

तीसरी चूक चेक पॉइंट पर नहीं रोके गए आरोपी

घटना के बाद बदमाश बाइक से मस्जिद तिराहा, अंबेडकर चौक होते हुए शहर से बाहर निकल गए। इन रास्तों पर पुलिस के चेक पॉइंट मौजूद थे, लेकिन समय पर अलर्ट नहीं किया गया। आरोपी करीब 35 किलोमीटर का सफर तय कर छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर गए। सवाल उठ रहा है कि वायरलेस सिस्टम के जरिए तत्काल सूचना क्यों नहीं दी गई, जिससे उन्हें रोका जा सकता था।

अलार्म सिस्टम भी निकला बेअसर

बैंक में लगा अलार्म सिस्टम भी महज औपचारिकता साबित हुआ। इसके स्विच मैनेजर, कैशियर और डिप्टी मैनेजर के पास थे, लेकिन इसे पुलिस कंट्रोल रूम से नहीं जोड़ा गया था। बैंक अधिकारियों का कहना है कि अलार्म बजाने पर भी तत्काल मदद नहीं मिलती, इसलिए इसका कोई खास उपयोग नहीं रहा।

आरपीएफ की सतर्कता से पकड़ा गया एक आरोपी

इस मामले में एक आरोपी कमलेश कुमार को रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता से पकड़ा गया। सिंगरौली-पटना ट्रेन में संदिग्ध गतिविधि के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया। उसके पास से 15 लाख 20 हजार रुपए और 61 ग्राम सोना बरामद हुआ। पूछताछ में उसने पहले गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती के बाद डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली। कोर्ट ने उसे 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

अब भी फरार चार आरोपी, पुलिस कर रही तलाश

पुलिस के अनुसार, अन्य आरोपी छत्तीसगढ़ की ओर भागे हैं। उनके फोटो आसपास के राज्यों में सर्कुलेट कर दिए गए हैं और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

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