BIND NAGAR PARISHAD: भिंड। आलमपुर नगर परिषद में विकास कार्यों पर जंग लगती नजर आ रही है। चूंकि यहां करीब एक महीने से नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और इंजीनियर के पद खली है और विकास कार्यों पर ब्रेक लगा हुआ है।
इन अव्यवस्थाओं के चलते परिषद की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाएं पूरी तरह ठप हो गयी है। विकास कार्यों की रफ्तार थम गई है, कर्मचारियों का वेतन अटक गया है और शहर की कई जरूरी सुविधाएं भी प्रभावित होने लगी हैं।
तबादले के बाद की ही नहीं पदस्थापना
तत्कालीन सीएमओ अतुल कुमार रावत का प्रभार 26 मई को हटा दिया गया था। वहीं इंजीनियर धर्मेंद्र पटेल का तबादला होने के बाद वे 14 मई को कार्यमुक्त हो गए थे। तब से दोनों पद खाली हैं और अब तक नए अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है।
हालांकि, 8 जून को गोरमी नगर परिषद के सीएमओ प्रदीप ताम्रकार को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है। ऐसे में नगर परिषद का काम लम्बे समय से अटका हुआ है।
करोड़ों के विकास कार्य अधर में
अधिकारियों की कमी का सबसे बड़ा असर विकास कार्यों पर पड़ा है। करीब 3 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर तो जारी हो चुके हैं, लेकिन वर्क ऑर्डर नहीं होने से काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
इसके अलावा नगर के 15 वार्डों में 75 लाख रुपये के प्रस्तावित विकास कार्यों के टेंडर भी अब तक जारी नहीं हो सके हैं। नए प्रस्ताव तैयार करने का काम भी रुका हुआ है।
66 कर्मचारियों को अब तक नहीं मिला वेतन
सीएमओ के न होने से वित्तीय फाइलों को भी मंजूरी नहीं मिली, जिसके चलते परिषद के करीब 66 करमसहरियों को मई महीने का वेतन अब तक नहीं मिला है। समस्या इतनी बढ़ गयी है कि उन लोगों पर आर्थिक संकट आ गया है।
नगर की रोजमर्रा की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। जल प्रदाय, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सेवाओं पर असर दिखाई देने लगा है।
विभाग बोला- जल्द होगी नियुक्ति
नगरीय प्रशासन विभाग के संयुक्त संचालक अमरसत्य गुप्ता ने बताया कि आलमपुर नगर परिषद में नए सीएमओ और इंजीनियर की नियुक्ति के लिए भोपाल प्रस्ताव भेज दिया गया है। विभाग का कहना है कि जल्द ही दोनों पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति कर दी जाएगी।