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MP में बीजेपी का ‘मेगा एडजस्टमेंट प्लान’: 31 विभागों की समितियों में 10,500 कार्यकर्ताओं को मिलेगा मौका


नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी ने एक व्यापक ‘कार्यकर्ता एडजस्टमेंट अभियान’ शुरू किया है। इस रणनीति के तहत प्रदेश के सभी 55 जिलों में विभिन्न सरकारी समितियों और बोर्डों के जरिए करीब 10,500 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। यह पहल न केवल संगठन को मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है, बल्कि जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को भी और सुदृढ़ करेगी।
पिछले एक सप्ताह से निगम-मंडलों में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है और अब इसे जिला स्तर तक विस्तार दिया जा रहा है। पार्टी का फोकस पंचायत से लेकर जिला स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रशासनिक ढांचे में शामिल करना है, ताकि वे सीधे शासन-प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें। इसके लिए 31 विभागों के अंतर्गत 70 से अधिक प्रकार की समितियों का गठन किया जा रहा है।
हर जिले में प्रभारी मंत्रियों को नियुक्तियों की जिम्मेदारी दी गई है। वे जिला स्तर के कोर ग्रुप के साथ मिलकर योग्य कार्यकर्ताओं के नामों का चयन कर रहे हैं। यह प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है और मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। दरअसल, 27 जनवरी को ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे, जिसके बाद अब तेजी से अमल शुरू हुआ है।
यदि औसतन आंकलन किया जाए तो हर जिले में लगभग 190 से 200 सदस्यों को विभिन्न समितियों में जगह मिलेगी। इस तरह पूरे प्रदेश में हजारों कार्यकर्ता प्रशासनिक जिम्मेदारियों से जुड़ेंगे। यह संख्या पंचायत और ब्लॉक स्तर को जोड़ने पर और भी बढ़ सकती है।
विभागवार देखें तो पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की 8 समितियों में ‘दिशा’, जल स्वच्छता और युवा ग्राम शक्ति जैसी इकाइयां प्रमुख हैं। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग में जिला स्तरीय समितियों में हर जिले से करीब 9 सदस्यों की नियुक्ति होगी। उच्च शिक्षा की जनभागीदारी समितियों में प्रति कॉलेज एक अध्यक्ष और 13 सदस्यों को शामिल किया जाएगा, जो कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा अवसर होगा।
सामाजिक न्याय, योजना एवं सांख्यिकी विभाग की समितियों में भी बड़ी संख्या में पद उपलब्ध हैं। जिला अंत्योदय समिति में 10 से 30 तक सदस्य नियुक्त किए जा सकते हैं। नगरीय निकायों की समितियों में भी 5 से 21 सदस्यों का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा जेल, पुलिस, तकनीकी शिक्षा, खेल और पीएचई विभागों में भी विभिन्न समितियों के माध्यम से नियुक्तियां की जाएंगी।
आर्थिक और विकास से जुड़े विभागों में भी कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, उद्योग, कृषि और उद्यानिकी विभागों की समितियां इस अभियान का अहम हिस्सा हैं। इन सभी नियुक्तियों में प्रभारी मंत्रियों की सिफारिश और कोर ग्रुप की सहमति को प्राथमिकता दी जा रही है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का कहना है कि हर नियुक्ति में सर्वसम्मति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि योग्य कार्यकर्ताओं को सही स्थान मिल सके। आने वाले कुछ हफ्तों में सभी जिलों की सूची अंतिम रूप ले लेगी और इसके साथ ही प्रदेश में बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा और अधिक सक्रिय नजर आएगा।

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