गर्मियों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा क्यों बढ़ता है? इन उपायों से पाएं मन की शांति

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम शुरू होते ही सिर्फ तापमान ही नहीं बढ़ता, बल्कि इसका असर हमारे शरीर और मन पर भी साफ दिखाई देने लगता है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, जिससे चिड़चिड़ापन, गुस्सा, बेचैनी और मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर का आंतरिक ताप असंतुलित हो जाता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर भी जल्दी प्रतिक्रिया देने लगता है और मानसिक शांति भंग हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में शरीर को ठंडक और संतुलन देने वाली दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी है, जिससे मन और तन दोनों स्वस्थ रह सकें। पित्त बढ़ने से क्यों आता है गुस्सा?आयुर्वेद में पित्त को अग्नि तत्व माना गया है, जो शरीर के पाचन, ऊर्जा और तापमान को नियंत्रित करता है। गर्मियों में बाहरी तापमान बढ़ने से यह पित्त और अधिक सक्रिय हो जाता है, जिससे शरीर में गर्मी बढ़ती है। इसका सीधा असर मन पर पड़ता है और व्यक्ति जल्दी गुस्से में आ जाता है। इसके अलावा सिर में भारीपन, जलन, अनिद्रा और तनाव भी इसी असंतुलन के लक्षण हैं। ऐसे में शरीर को ठंडक देने वाले उपाय अपनाना आवश्यक हो जाता है। हर्बल टी से मिलेगा मानसिक सुकूनगर्मियों में चाय और कॉफी का अत्यधिक सेवन शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है, इसलिए विशेषज्ञ इसकी जगह हर्बल टी लेने की सलाह देते हैं। तुलसी, गुलाब की पंखुड़ियां, कैमोमाइल और पैशनफ्लावर जैसी जड़ी-बूटियों से बनी हर्बल टी तनाव को कम करने में मदद करती है। इसे दिन में एक या दो बार लेने से हार्मोन संतुलित रहते हैं और मानसिक शांति बनी रहती है। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक भी प्रदान करती है। मानसिक तनाव का प्राकृतिक उपचारआयुर्वेद में नस्य क्रिया को बेहद प्रभावी माना गया है। इसमें रात के समय नाक में शुद्ध घी की कुछ बूंदें डाली जाती हैं। यह प्रक्रिया मस्तिष्क को ठंडक देती है और तंत्रिका तंत्र को शांत करती है। इससे मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। नियमित रूप से करने पर यह पित्त दोष को संतुलित करने में सहायक होती है। चंदन का लेप: शरीर को देता है ठंडकचंदन की तासीर स्वभाव से ही ठंडी होती है। इसे माथे पर लगाने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और मानसिक अशांति कम होती है। गर्मियों में इसका प्रयोग विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। यह सिर में होने वाली जलन और तनाव को भी दूर करता है। तेल मालिश से मिलेगा आरामनारियल तेल या भृंगराज तेल से सिर और पैरों के तलवों की मालिश करना भी बेहद फायदेमंद होता है। इससे शरीर की थकान दूर होती है और रक्त संचार बेहतर होता है। विशेषकर तलवों की मालिश करने से तुरंत शीतलता का अनुभव होता है और गहरी नींद आने में मदद मिलती है। दिनचर्या में बदलाव जरूरीगर्मियों में हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। अधिक मसालेदार और तले-भुने भोजन से बचना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना, समय पर आराम करना और धूप में कम निकलना भी जरूरी है। दिन में थोड़ी देर आराम करने से शरीर की ऊर्जा संतुलित रहती है और मानसिक तनाव कम होता है। गर्मियों में बढ़ता गुस्सा और चिड़चिड़ापन केवल स्वभाव नहीं बल्कि शरीर के पित्त असंतुलन का संकेत है। यदि सही समय पर हर्बल उपाय, आयुर्वेदिक दिनचर्या और ठंडक देने वाले उपाय अपनाए जाएं, तो मन और शरीर दोनों को संतुलित रखा जा सकता है।
Summer Skincare Tips: रूखी त्वचा से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार नुस्खे

नई दिल्ली। गर्मियां आते ही कई तरह की स्किन संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जहां एक तरफ धूल-मिट्टी और पसीने के कारण कई लोगों की त्वचा ऑयली और चिपचिपी हो जाती है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें गर्मियों में भी ड्राई स्किन से परेशान होना पड़ता है। दरअसल, त्वचा में नमी की कमी के कारण स्किन रूखी हो जाती है। इसकी वजह से चेहरा बेजान और डल नजर आने लगता है। ऐसे में लोग ऑयल बेस्ड क्रीम और मॉइश्चराइजर यूज करना शुरू कर देते हैं। लेकिन इनसे त्वचा पर दाने और रैशेज की समस्या हो सकती है। गर्मी में रूखी त्वचा की देखभाल करना बहुत जरूरी है। ऐसे में आप चाहें तो गर्मी में स्किन की ड्राईनेस दूर करने के लिए कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपकी त्वचा में नमी बनी रहेगी। साथ ही, त्वचा काफी सॉफ्ट और ग्लोइंग भी बनेगी। तो आइए, जानते हैं गर्मियों में रूखी त्वचा पर क्या लगाना चाहिए? एलोवेरा जेल गर्मियों में ड्राई स्किन से छुटकारा पाने के लिए आप एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें मॉइश्चराइजिंग गुण होता है, जो त्वचा को अंदर से नमी प्रदान करता है। इसके अलावा, इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं। यह पिंपल्स, रैशेज, खुजली और जलन की समस्या को दूर करने में काफी प्रभावी होता है। इसके लिए आप ताजे एलोवेरा जेल को चेहरे पर लगाकर मसाज करें। 10-15 मिनट बाद पानी से चेहरा धो लें। इसके रेगुलर इस्तेमाल से आपकी स्किन मुलायम और चमकदार बनेगी। शहदशहद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। यह त्वचा की गहराई से सफाई करने के साथ ही स्किन को मॉइश्चराइज भी करता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो पिंपल्स, रैशेज और त्वचा के संक्रमण से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। इसके लिए आप एक से दो चम्मच शहद लेकर चेहरे पर लगाएं। हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में 10 मिनट तक मसाज करें। उसके बाद पानी से चेहरा धो लें। इसके नियमित इस्तेमाल से स्किन की ड्राइनेस से छुटकारा मिलेगा। चंदनचंदन को त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह न सिर्फ स्किन को ठंडक पहुंचाता है, बल्कि मुलायम भी बनाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो त्वचा को ड्राई होने से बचाने में मदद करते हैं। चेहर पर चंदन पाउडर लगाने से दाग-धब्बे दूर होते हैं और त्वचा में निखार आता है। इसके लिए आप 2 चम्मच चंदन पाउडर लें। इसमें 2 चम्मच दूध डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। इस पेस्ट को अपने पूरे चेहरे पर लगाएं। 10-15 मिनट बाद पानी से धो लें। आप हफ्ते में 2 से 3 बार इसका प्रयोग कर सकते हैं। दहीगर्मियों में ड्राई स्किन से राहत पाने के लिए आप चेहरे पर दही लगा सकते हैं। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा में नमी को बरकरार रखने में मदद करते हैं। दही का इस्तेमाल करने से चेहरे का कालापन दूर होता है और त्वचा का निखार भी बढ़ता है। इसके लिए आप 2 चम्मच गाढ़ा दही लेकर अपने चेहरे पर लगाएं। इससे कम से कम 5 मिनट तक मसाज करें। उसके बाद पानी से चेहरा धो लें। बेहतर रिजल्ट के लिए सप्ताह में 2-3 बार इसका इस्तेमाल करें।
कड़वाहट में छुपा सेहत का राज: बीमारियों का काल है नीम, लिवर के लिए बनता है सुरक्षा कवच

नई दिल्ली। नीम को आयुर्वेद में “कड़वा जरूर, लेकिन गुणों से भरपूर” पौधा माना गया है, जो खासकर लिवर की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद बताया जाता है। आज की अनियमित जीवनशैली, तला-भुना खाना, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि के कारण लिवर पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में नीम को एक प्राकृतिक सहायक उपाय के रूप में देखा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार नीम की पत्तियों में डिटॉक्स करने वाले गुण होते हैं, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। रोज सुबह खाली पेट 5 से 7 नीम की पत्तियां चबाना या उनका हल्का रस लेना लिवर को साफ रखने में सहायक माना जाता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर होता है और शरीर में हल्कापन महसूस होता है। नीम सिर्फ लिवर ही नहीं, बल्कि पूरे शरीर के लिए उपयोगी माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी सहायक बताया जाता है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है। त्वचा के लिए भी नीम काफी उपयोगी माना जाता है। मुंहासे, दाग-धब्बे और त्वचा संक्रमण जैसी समस्याओं में नीम की पत्तियों का पेस्ट या नीम के पानी से चेहरा धोना लाभकारी हो सकता है। इसके जीवाणुरोधी गुण त्वचा को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। नीम को कई रूपों में दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है, जैसे पत्तियों का काढ़ा, नीम के फूलों का शर्बत या हल्का उबालकर सेवन। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने में मदद करता है और लंबे समय तक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नीम जैसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां लिवर को मजबूत करने में सहायक हो सकती हैं, लेकिन किसी भी औषधीय पौधे का नियमित सेवन शुरू करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।
गर्मियों में राहत का देसी उपाय: शिकंजी से पाचन बेहतर और शरीर रहेगा एनर्जी से भरपूर

नई दिल्ली। गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और एनर्जी देने के लिए देसी पेय शिकंजी को सबसे आसान और असरदार उपाय माना जाता है। तापमान बढ़ने के साथ जब पानी की कमी, थकान और पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं, तब शिकंजी एक प्राकृतिक राहत देने वाला पेय साबित होती है। नींबू, पानी, काला नमक, जीरा पाउडर और हल्की चीनी या गुड़ से बनने वाली शिकंजी न सिर्फ स्वाद में ताजगी देती है, बल्कि शरीर को हाइड्रेट भी रखती है। कई लोग इसमें पुदीना और अदरक मिलाकर इसके फायदे और बढ़ा देते हैं। उत्तर भारत में तो गर्मियों के दिनों में सड़क किनारे मिट्टी के बर्तनों में रखी ठंडी शिकंजी आम दृश्य होती है, जो लोगों को तुरंत राहत देती है। घर पर इसे बनाना भी बेहद आसान है। एक जग ठंडे पानी में नींबू का रस मिलाएं, फिर स्वादानुसार काला नमक, भुना जीरा पाउडर और थोड़ी चीनी डालें। चाहें तो पुदीना पत्ते और अदरक का रस मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है। बिना चीनी के भी यह उतनी ही फायदेमंद रहती है। शिकंजी के नियमित सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। नींबू में मौजूद विटामिन C रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जबकि जीरा और अदरक पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं और गैस-एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं। यह शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में भी मदद करती है, जिससे त्वचा साफ और स्वस्थ रहती है। गर्मी में शरीर के तापमान को संतुलित रखने और डिहाइड्रेशन से बचाने में शिकंजी बेहद कारगर है। यह तुरंत एनर्जी देती है और थकान को कम करती है। साथ ही मेटाबॉलिज्म को तेज कर वजन नियंत्रण में भी सहायक मानी जाती है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, घर की बनी ताजी शिकंजी बाजार के पैक्ड ड्रिंक्स की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद है। इसलिए गर्मी के मौसम में इसे रोजाना की दिनचर्या में शामिल करना सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।
आंवला से पपीता तक, लिवर के लिए 'सुरक्षा कवच' हैं ये फल, रोजाना सेवन से मिलेंगे कई फायदे

नई दिल्ली। लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो न केवल खून को साफ करता, पाचन क्रिया को बेहतर करता बल्कि हानिकारक तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में भी मदद करता है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बाहर का तला-भुना खाना और अनियमित दिनचर्या धीरे-धीरे हमारे लिवर को नुकसान पहुंचा रही है। लिवर की सेहत के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ चुनिंदा फल और पत्ते लिवर को स्वस्थ रखने में बेहद फायदेमंद साबित होते हैं। आंवला से लेकर पपीता तक ये फल लिवर के लिए वरदान की तरह काम करते हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेदिक ज्ञान और माइंडफुल ईटिंग अपनाकर हम लिवर को मजबूत बना सकते हैं। विश्व लिवर दिवस पर आयुष मंत्रालय लोगों को सही आहार और प्राकृतिक चीजों के जरिए लिवर की देखभाल करने की सलाह दे रहा है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि इन फलों और पत्तों को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें। ताजा फल खाएं, जूस बनाकर पीएं या सलाद में डालकर खाएं। साथ ही तला-भुना, जंक फूड और ज्यादा शराब से बचें। नियमित व्यायाम और अच्छी नींद भी लिवर की सेहत के लिए जरूरी है। आंवला: लिवर का सबसे बड़ा दोस्त माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। रोजाना आंवला का सेवन या आंवला जूस लिवर को स्वस्थ रखता है। पपीता: यह पाचन शक्ति बढ़ाता है और लिवर में जमा विषाक्त पदार्थों को शरीर से निकालने में सहायक है। यह लिवर की सूजन कम करने में भी मददगार है। अनार: अनार के रस में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और खून को शुद्ध रखते हैं। अंगूर: अंगूर में मौजूद कंपाउंड लिवर को डिटॉक्स करने और सूजन कम करने में मदद करते हैं। संतरा और नींबू: ये दोनों फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं। नींबू पानी सुबह खाली पेट पीने से लिवर अच्छी तरह साफ होता है। फलों के साथ ही लिवर के लिए पत्ते भी फायदेमंद हैं। इनमें माकोय के पत्ते हैं, जो लिवर की सूजन और संबंधित समस्याओं में राहत देते हैं। आयुर्वेद में इन्हें लिवर टॉनिक माना जाता है। वहीं मोरिंगा के पत्तों में पोषक तत्वों की भरमार होती है। ये लिवर को मजबूत बनाते हैं और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।
Dry Skin Care Tips : गर्मियों में भी ड्राई स्किन की खास देखभाल जरूरी, इन घरेलू उपायों से पाएं मुलायम और निखरी त्वचा

नई दिल्ली। अक्सर यह माना जाता है कि ड्राई स्किन की समस्या सिर्फ सर्दियों में होती है, लेकिन हकीकत इससे अलग है। गर्मियों में भी तेज धूप, पसीना, धूल-मिट्टी और गलत स्किन केयर रूटीन के कारण त्वचा और ज्यादा रूखी और बेजान हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, हर मौसम में त्वचा को नमी (moisture) की जरूरत होती है, और अगर इसकी अनदेखी की जाए तो स्किन में खिंचाव, खुजली और डलनेस जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। गर्मियों में कई लोग गर्म पानी से नहाने या ज्यादा केमिकल युक्त ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगते हैं, जिससे स्किन की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। यही कारण है कि ड्राई स्किन वालों को इस मौसम में भी विशेष देखभाल की जरूरत होती है। नारियल तेल से मिलेगी गहरी नमीड्राई स्किन के लिए नारियल तेल बेहद फायदेमंद माना जाता है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले त्वचा पर हल्के हाथों से नारियल तेल लगाने से स्किन में नमी लॉक हो जाती है और रूखापन कम होता है। एलोवेरा जेल से त्वचा बनेगी मुलायमएलोवेरा जेल त्वचा के लिए नेचुरल मॉइश्चराइजर की तरह काम करता है। इसे चेहरे पर 5 से 10 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करने के बाद धोने से स्किन सॉफ्ट और फ्रेश नजर आती है। इसके बाद मॉइश्चराइजर लगाना और भी बेहतर परिणाम देता है। एवोकाडो मास्क से मिलेगा ग्लोएवोकाडो में मौजूद विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को गहराई से पोषण देते हैं। इसका फेस मास्क लगाने से ड्राई स्किन में सुधार आता है और चेहरा प्राकृतिक रूप से चमकदार दिखता है। नहाने के पानी में तेल मिलाना है फायदेमंदअगर नहाने के पानी में थोड़ा सा नारियल या बादाम तेल मिला लिया जाए तो त्वचा लंबे समय तक हाइड्रेट रहती है। इससे स्किन की ड्राइनेस काफी हद तक कम हो जाती है। ग्लिसरीन से मिलेगी रातभर की केयरसोने से पहले चेहरे पर ग्लिसरीन की हल्की परत लगाने से त्वचा की डैमेज सेल्स की मरम्मत होती है और सुबह स्किन ज्यादा मुलायम महसूस होती है। ड्राई स्किन की देखभाल सिर्फ क्रीम लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सही दिनचर्या और प्राकृतिक उपाय अपनाकर भी इसे स्वस्थ रखा जा सकता है। गर्मियों में नियमित देखभाल से त्वचा न सिर्फ रूखेपन से बचती है, बल्कि प्राकृतिक निखार भी बनाए रखती है।
black salt benefits : काला नमक-छोटी मात्रा में बड़ा फायदा, शरीर का संतुलन बनाए रखने में है बेहद मददगार

black salt benefits : नई दिल्ली। काला नमक भारतीय रसोई का एक ऐसा साधारण लेकिन बेहद असरदार घटक है, जो स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ सेहत के लिए भी कई तरह से लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद में इसे “सौवर्चला लवण” कहा गया है और सामान्य सफेद नमक की तुलना में इसे अधिक औषधीय गुणों वाला बताया गया है। खास बात यह है कि काला नमक पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। भोजन के बाद होने वाली गैस, पेट फूलना, कब्ज और भारीपन जैसी समस्याओं में यह राहत देने का काम करता है। यह पेट को हल्का रखता है और मेटाबॉलिज्म को सुधारने में सहायक माना जाता है। Delhi High Court : अदालत की रिकॉर्डिंग साझा करने के आरोपों पर कानूनी कार्रवाई की मांग, कई नाम शामिल.. विशेषज्ञों के अनुसार काले नमक की तासीर गर्म होती है, इसलिए यह शरीर में पित्त को संतुलित करने में मदद करता है। सुबह खाली पेट एक चुटकी काला नमक गुनगुने पानी के साथ लेने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन क्रिया सक्रिय रहती है। हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि अधिक मात्रा नुकसान भी पहुंचा सकती है। काला नमक सिर्फ पाचन ही नहीं, बल्कि सूजन और दर्द में भी राहत देने वाला माना जाता है। जोड़ों के दर्द में इसकी सिकाई उपयोगी हो सकती है। वहीं गर्मियों में छाछ में भुना जीरा और काला नमक मिलाकर पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और पेट की जलन कम होती है। हालांकि हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हड्डियों से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। सही मात्रा में इस्तेमाल किया गया काला नमक शरीर के संतुलन को बनाए रखने में एक सरल और प्राकृतिक सहायक बन सकता है।
Travel Tips: अप्रैल में घूमने के लिए बेहतरीन जगहें, जहां मिलेगा सुकून और यादगार अनुभव

नई दिल्ली। अप्रैल की छुट्टी आते ही लोगों के मन में अलग-अलग जगह घूमने का प्लान बनने लगता है। लेकिन समझ में नहीं आता कि वह कहां जाएं। आप अपने परिवार के साथ अगर कहीं बाहर जाने का मन बना रहे हैं तब आज आपके लिए हम कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताएंगे जहां पर आप अपनी छुट्टी आसानी से बिता सकते हैं और वहां पर आपको काफी अच्छी-अच्छी चीजें भी एक्सप्लोर करने को मिलेगी। दार्जिलिंगअप्रैल किस महीने में आप दार्जिलिंग जा सकते हैं डार्लिंग काफी अच्छी जगह है वहां पर आपको काफी कुछ देखने को मिलेगा। दार्जिलिंग को क्वीन ऑफ हिल्स के नाम से जाना जाता है और अप्रैल के महीने में इसकी खूबसूरती देखने लायक होती है। यहां की ठंडी हवा, बादलों से ढकी पहाड़ियां और कंचनजंगा की बर्फीली चोटियां मन को सुकून देती हैं। आप यहां हैप्पी वैली टी गार्डन में चाय के बागानों के बीच सैर कर सकते हैं, टाइगर हिल से सूर्योदय का नजारा देख सकते हैं। मुन्नारकेरल का मुन्नार अपनी हरियाली और चाय के बागानों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। अप्रैल में यहां की वादियां और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाती हैं। सुबह के समय पहाड़ों पर छाई हल्की धुंध और ठंडी हवा आपको पूरी तरह फ्रेश महसूस कराती है। एराविकुलम नेशनल पार्क में आप नीलगिरि ताहर को देख सकते हैं। यहां भी कई पर्यटक आते हैं और अपना अच्छा समय बिताते हैं। कसौलीकसौली एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, जो खासकर वीकेंड ट्रिप के लिए जाना जाता है। यहां की शांति, साफ हवा और खूबसूरत सनसेट आपको सुकून का अहसास कराते हैं। मंकी प्वाइंट से पूरे शहर का नजारा देखने का अपना अलग ही मजा है। अप्रैल के महीने में यहां की जगह काफी खूबसूरत हो जाती है इसलिए आपको यहां जरूर आना चाहिए परिवार के साथ छुट्टी बिताना चाहिए।
Skin Care Tips: Aloe Vera की इस खास ट्रिक से पाएं ग्लोइंग और क्लियर स्किन

नई दिल्ली। इस समय गर्मी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। जब गर्मी बढ़ने लगती है तो चेहरे का निखार भी जाने लगता है हमें ना चाहते हुए घर से बाहर निकालना पड़ता है बाहर धूल मिट्टी तेज धूप हमारे चेहरे को धीरे-धीरे खराब करती रहती है इसके कारण हमारे चेहरे में दाग धब्बे काफी ज्यादा होने लगते हैं। इसे ठीक करने के लिए हम कई बार महंगे प्रोडक्ट्स का उपयोग करते हैं लेकिन उतना फायदा नहीं हो पता है। आज हम आपको घर पर ही एलोवेरा से जुड़ी कुछ खास बातें बताएंगे जिनका उपयोग करके आप बेदाग चेहरा का सकते हैं। आपके चेहरे को चमकाएगा एलोवेराआपको इस गर्मी में अपने चेहरे पर ध्यान देने की जरूरत है आप हमेशा सोने से पहले अपने चेहरे को साफ करके धोकर ही सोए यह काफी अच्छा रहेगा। सोने से पहले आप आप एलोवेरा जेल से हल्के हाथों से चेहरे की मसाज करें और फिर पानी से धो लें। यह आपकी स्किन के अंदर जमी गंदगी को बाहर निकाल देता है। इसके अलावा, अगर आप अपनी स्किन को कोमल बनाना चाहते हैं, तो एलोवेरा में गुलाब जल की कुछ बूंदें मिलाकर लगाएं। इसे रात भर लगाकर छोड़ने से सुबह चेहरा एकदम फ्रेश और खिला-खिला नजर आता है। दाग धब्बों से इस प्रकार मिलेगा छुटकाराअगर इस समय आपके चेहरे में काफी ज्यादा दाग धब्बे हो गए हैं तब आपके लिए एलोवेरा और हल्दी का फेस पैक सबसे बेस्ट है। यह पैक बैक्टीरिया को खत्म करता है और चेहरे की सूजन को भी कम करता है। इसके नियमित इस्तेमाल से चेहरे की महीन रेखाएं और झुर्रियां कम होने लगती हैं। आप एलोवेरा को स्क्रब की तरह भी इस्तेमाल कर सकती हैं, जिससे चेहरे की डेड स्किन साफ हो जाती है। और आपका चेहरा धीरे-धीरे काफी अच्छा होने लगता है दाग धब्बे काफी हद तक ठीक हो जाते हैं।
SUMMER DRINKS : गर्मी में शरीर को ठंडक देने वाली नेचुरल ड्रिंक लस्सी, सही समय पर सेवन से मिलते हैं कई फायदे
SUMMER DRINKS : नई दिल्ली।गर्मियों के मौसम में बढ़ता तापमान शरीर पर सीधा असर डालता है और ऐसे में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी हो जाता है। इस दौरान लोग अक्सर ठंडे और मीठे पेय पदार्थों की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन कई बार ये आर्टिफिशियल ड्रिंक्स सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में लस्सी एक प्राकृतिक और पारंपरिक विकल्प के रूप में सामने आती है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है। लस्सी दही से तैयार किया जाने वाला एक पारंपरिक भारतीय पेय है, जिसे मथकर उसमें पानी और स्वाद के अनुसार नमक या चीनी मिलाकर बनाया जाता है। भारत के विभिन्न हिस्सों में इसकी अलग-अलग वैरायटी देखने को मिलती है, जहां मीठी और नमकीन दोनों प्रकार की लस्सी लोकप्रिय हैं। Chhattisgarh High Court recruitment : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में भर्ती का बड़ा अवसर डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर आवेदन शुरू, 12 मई तक मौका स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लस्सी की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करती है। गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को तुरंत राहत देता है और थकान को कम करने में सहायक होता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। लस्सी शरीर को न केवल ठंडक देती है बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व जैसे कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी सहायक होते हैं। इसके अलावा यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है और पानी की कमी को पूरा करने में भी मदद करती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो जाता है। लस्सी के सेवन का सही समय भी इसके लाभों को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार दिन के समय, विशेषकर दोपहर के भोजन के साथ या उसके बाद लस्सी का सेवन सबसे अधिक फायदेमंद माना जाता है। इस समय इसका सेवन पाचन को सुधारता है और शरीर को गर्मी से राहत देता है। रात के समय लस्सी का सेवन कुछ लोगों के लिए भारीपन या पाचन संबंधी परेशानी का कारण बन सकता है, इसलिए इसे दिन के समय सीमित मात्रा में लेना अधिक उचित माना जाता है।