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गोंद कतीरा का गलत सेवन पाचन तंत्र पर डाल सकता है नकारात्मक असर..

नई दिल्ली:गर्मियों के मौसम में शरीर को ठंडा रखने और लू से बचाव के लिए लोग अक्सर प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं। इनमें गोंद कतीरा को विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है, जो शरीर को ठंडक देने और गर्मी के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसका गलत तरीके से सेवन करने पर यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है और पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर डाल सकता है। जानकारों के अनुसार सबसे बड़ी गलती यह होती है कि कई लोग गोंद कतीरा को पूरी तरह से भिगोए बिना या कम समय के लिए भिगोकर ही सेवन कर लेते हैं। यह तरीका शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है क्योंकि अधपका या सूखा गोंद कतीरा पेट में जाकर फूल सकता है, जिससे पेट में भारीपन, गैस, ऐंठन और अपच जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सही तरीका यह बताया जाता है कि गोंद कतीरा को हमेशा पर्याप्त समय देकर पानी में भिगोना चाहिए। आमतौर पर एक से दो चम्मच मात्रा को रातभर लगभग आठ से दस घंटे तक पानी में रखने पर यह पूरी तरह फूलकर जेली जैसी बनावट में बदल जाता है। इसके बाद ही इसका सेवन करना सुरक्षित माना जाता है। भीगे हुए गोंद कतीरा को ठंडाई, शरबत, दूध या अन्य पारंपरिक पेय में मिलाकर लिया जा सकता है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ साथ गर्मी से राहत पहुंचाने में भी मदद करता है। गर्म मौसम में इसका संतुलित सेवन शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक माना जाता है। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अत्यधिक सेवन करने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ सकता है और अन्य शारीरिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। इसलिए सामान्य रूप से सीमित मात्रा में ही इसका उपयोग करना सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा सही तरीके से उपयोग करने पर गोंद कतीरा शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है और कुछ हद तक जोड़ों तथा हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। लेकिन इसका पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही विधि और संतुलित मात्रा में लिया जाए। गर्मियों में प्राकृतिक उपाय अपनाते समय सावधानी बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी या गलत तरीका किसी भी फायदेमंद चीज को नुकसानदायक बना सकता है।

एलोवेरा और हल्दी से पाएं ग्लोइंग स्किन, दाग-धब्बों से मिलेगा छुटकारा

नई दिल्ली। गर्मियों में तेज धूप, धूल और प्रदूषण की वजह से त्वचा पर दाग-धब्बे, मुंहासे और डलनेस आम समस्या बन जाती है। ऐसे में एलोवेरा और हल्दी का प्राकृतिक फेस पैक बिना ज्यादा खर्च के त्वचा को निखारने का आसान तरीका माना जाता है। एलोवेरा और हल्दी क्यों फायदेमंद हैं? एलोवेरा के फायदेएलोवेरा में विटामिन A, C, E और कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह त्वचा को गहराई से नमी देता है, जलन और सूजन को कम करता है और सनबर्न से राहत दिलाता है। इसके नियमित उपयोग से त्वचा मुलायम और हाइड्रेट रहती है। हल्दी के फायदेहल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। यह मुंहासों को कम करता है, दाग-धब्बों को हल्का करता है और स्किन टोन को बेहतर बनाता है। एलोवेरा-हल्दी फेस पैक कैसे बनाएं? 2 बड़े चम्मच ताजा एलोवेरा जेल लेंआधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएंचाहें तो 1 चम्मच शहद या दही भी मिला सकते हैंसभी चीजों को अच्छे से मिलाकर पेस्ट तैयार करेंइस्तेमाल करने का तरीका चेहरे को साफ करके इस पेस्ट को 10–15 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें। इसे हफ्ते में 2–3 बार लगाने से त्वचा में धीरे-धीरे निखार आने लगता है। क्या फायदे मिलते हैं?दाग-धब्बे कम होते हैंत्वचा साफ और ग्लोइंग बनती हैडेड स्किन हटती हैपिंपल्स की समस्या में राहत मिलती हैस्किन हाइड्रेट और फ्रेश रहती है सावधानीसंवेदनशील त्वचा वाले लोग पहले पैच टेस्ट जरूर करें, क्योंकि हल्दी कुछ लोगों में हल्की जलन या एलर्जी कर सकती है। कुल मिलाकर यह एक आसान, सस्ता और प्राकृतिक उपाय है जो नियमित इस्तेमाल से त्वचा की सेहत और चमक दोनों को बेहतर बना सकता है।

हेल्दी डाइट टिप्स: रोटी को बनाएं प्रोटीन रिच, पाएं जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली। गेहूं की रोटी भारतीय भोजन का सबसे आम हिस्सा है, लेकिन सिर्फ गेहूं की रोटी शरीर की प्रोटीन की जरूरत को पूरा नहीं कर पाती। ऐसे में अगर आटे में कुछ पौष्टिक चीजें मिलाई जाएं तो वही साधारण रोटी एक हेल्दी और प्रोटीन-रिच डाइट में बदल सकती है। गेहूं की रोटी में मिलाएं ये प्रोटीन-युक्त चीजें –सोयाबीन का आटासोयाबीन को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। गेहूं के आटे में थोड़ी मात्रा में सोया आटा मिलाने से रोटी का प्रोटीन स्तर काफी बढ़ जाता है। यह मांसपेशियों की मजबूती के लिए भी फायदेमंद है। बेसन (चना आटा)चना दाल से बना बेसन प्रोटीन से भरपूर होता है। इसे आटे में मिलाकर रोटी बनाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस होता है। रागी का आटारागी में प्रोटीन के साथ कैल्शियम और आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने और खून की कमी दूर करने में मदद करता है। क्विनोआ का आटाक्विनोआ आजकल सुपरफूड के रूप में जाना जाता है। इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर के विकास और रिकवरी के लिए जरूरी हैं। बीज और मेवे (सीड्स)चिया सीड्स, अलसी और कद्दू के बीज प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं। इन्हें पीसकर आटे में मिलाने से रोटी ज्यादा पौष्टिक बन जाती है। बादाम और मूंगफली का पाउडर भी ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है। दालों का पाउडरमूंग, चना या उड़द दाल को हल्का भूनकर उसका पाउडर बनाकर आटे में मिलाने से प्रोटीन की मात्रा कई गुना बढ़ जाती है। कैसे बनाएं और फायदा क्या हैइन सभी चीजों को गेहूं के आटे में सीमित मात्रा में मिलाकर सामान्य रोटी की तरह ही इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे न सिर्फ स्वाद बेहतर होता है, बल्कि शरीर की ताकत, इम्युनिटी और पाचन क्षमता भी मजबूत होती है।

आज से अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन, श्रद्धालुओं के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी

नई दिल्ली। अमरनाथ यात्रा 2026 (Amarnath Yatra) के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र यात्रा में शामिल होंगे। यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर अगस्त के अंत तक चलेगी। यात्रा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। बिना परमिट के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। श्रद्धालु ऑनलाइन या देशभर की निर्धारित बैंक शाखाओं के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। Amarnath Yatra के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन और कितनी है फीसअमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन दो तरीकों से किया जा सकता है—ऑनलाइन और ऑफलाइन। ऑनलाइन आवेदन श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर किया जा सकता है, जबकि ऑफलाइन प्रक्रिया बैंक शाखाओं के माध्यम से पूरी होती है। रजिस्ट्रेशन के दौरान श्रद्धालुओं को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पहचान पत्र और हेल्थ सर्टिफिकेट जमा करना होता है। इसके बाद यात्रा परमिट जारी किया जाता है। फीस की बात करें तो भारतीय श्रद्धालुओं के लिए यह लगभग 150 से 220 रुपये के बीच तय की गई है, जबकि विदेशी यात्रियों के लिए शुल्क अधिक हो सकता है। रूट, नियम और जरूरी गाइडलाइनअमरनाथ यात्रा के लिए दो मुख्य रूट निर्धारित किए गए हैं—पहलगाम और बालटाल। पहलगाम रूट लंबा लेकिन आसान माना जाता है, जबकि बालटाल रूट छोटा लेकिन ज्यादा कठिन है। यात्रा के लिए कुछ जरूरी नियम भी तय किए गए हैं:उम्र 13 से 70 साल के बीच होनी चाहिएअनिवार्य हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) जरूरी हैRFID कार्ड साथ रखना होगागर्भवती महिलाओं (6 सप्ताह से अधिक) को अनुमति नहीं हैइसके अलावा श्रद्धालुओं को मौसम, सुरक्षा और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। कुल मिलाकर, अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए इस बार व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया गया है। अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो समय रहते रजिस्ट्रेशन कराना बेहद जरूरी है।

रोजाना शहद का सेवन क्यों है जरूरी? जानिए इसके जबरदस्त हेल्थ बेनिफिट्स

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में लोग प्राकृतिक और सुरक्षित उपायों की तलाश में रहते हैं। इन्हीं में एक बेहद असरदार चीज है Honey, जिसे सदियों से आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में उपयोग किया जाता रहा है। हल्की मिठास और पोषक तत्वों से भरपूर शहद न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में भी मदद करता है।  इम्युनिटी बढ़ाने में कारगरशहद में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। यही वजह है कि रोजाना सीमित मात्रा में शहद का सेवन करने की सलाह दी जाती है।  वजन घटाने में सहायकअगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो शहद आपकी डाइट का हिस्सा बन सकता है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है। खास बात यह है कि शहद, रिफाइंड शुगर की तुलना में एक हेल्दी विकल्प है, जिससे मीठा खाने की इच्छा भी संतुलित तरीके से पूरी हो सकती है। शहद-नींबू ड्रिंक: सुबह का हेल्दी स्टार्टवजन घटाने के लिए Honey और Lemon का मिश्रण बेहद लोकप्रिय है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और आधा नींबू मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और पाचन तंत्र बेहतर बनता है। इससे दिनभर हल्कापन और ऊर्जा बनी रहती है।  दालचीनी के साथ डबल फायदाशहद को Cinnamon के साथ मिलाकर सेवन करने से भी मोटापा कम करने में मदद मिलती है। ग्रीन टी में शहद और दालचीनी मिलाकर पीने से ब्लड शुगर संतुलित रहता है और शरीर को नेचुरल एनर्जी मिलती है।  सेवन में रखें सावधानीभले ही शहद प्राकृतिक है, लेकिन इसका अधिक सेवन नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, खासकर डायबिटीज या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।  क्यों बनाएं शहद को डेली रूटीन का हिस्सा?इम्युनिटी बढ़ाता हैपाचन सुधारता हैवजन नियंत्रित करने में मदद करता हैशरीर को नेचुरल एनर्जी देता है

समर हेल्थ टिप्स: खाली पेट इस ड्रिंक से करें दिन की शुरुआत, शरीर रहेगा फिट

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या और खराब खान-पान ने सेहत को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। ऊपर से चिलचिलाती गर्मी शरीर को और कमजोर बना देती है। ऐसे में अगर आप दिन की शुरुआत एक आसान और नेचुरल उपाय से करें, तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है। आयुर्वेद भी सुबह खाली पेट कुछ खास चीजों के सेवन की सलाह देता है, जिनमें mint, lemon और honey का मिश्रण एक बेहद असरदार हेल्दी ड्रिंक माना जाता है। क्या है यह हेल्दी ड्रिंक और क्यों है खास?यह ड्रिंक गुनगुने पानी में पुदीना, नींबू और शहद मिलाकर तैयार की जाती है। यह न सिर्फ शरीर को अंदर से डिटॉक्स करती है, बल्कि पाचन को दुरुस्त कर दिनभर के लिए एनर्जी भी देती है। National Health Mission ने भी इसे अपनी वेलनेस टिप्स में शामिल किया है, जिससे इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। पाचन तंत्र को बनाएं मजबूतइस ड्रिंक में मौजूद पुदीना पेट को ठंडक देता है और गैस, ब्लोटिंग जैसी समस्याओं को कम करता है। वहीं नींबू और गुनगुना पानी कब्ज और अपच को दूर करने में मदद करते हैं। रोजाना सेवन से आपका डाइजेशन सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत होने लगता है। त्वचा में लाए प्राकृतिक निखारनींबू में भरपूर विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को अंदर से साफ करते हैं। शहद स्किन को मॉइस्चराइज करता है, जिससे चेहरा चमकदार और हेल्दी दिखता है। नियमित सेवन से स्किन पर नेचुरल ग्लो आ सकता है। इम्युनिटी बढ़ाने में कारगरयह ड्रिंक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी मदद करती है। नींबू जहां इम्युनिटी को बूस्ट करता है, वहीं शहद में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो सर्दी-जुकाम और गले की खराश से बचाव करते हैं। एनर्जी और डिटॉक्स का डबल फायदागुनगुना पानी शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है, जबकि शहद तुरंत ऊर्जा देता है। यह ड्रिंक शरीर को हल्का और फ्रेश महसूस कराती है, जिससे दिनभर एक्टिव बने रहना आसान हो जाता है।  सावधानी भी जरूरीहालांकि यह ड्रिंक पूरी तरह नेचुरल है, लेकिन अगर आपको डायबिटीज, एसिडिटी या कोई अन्य गंभीर समस्या है, तो इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। बनाने की आसान विधिएक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ लें। इसमें 7-10 पुदीने की पत्तियां हल्का मसलकर डालें और 1-2 चम्मच शहद मिलाएं। इसे अच्छी तरह मिलाकर सुबह खाली पेट धीरे-धीरे पिएं।

5 घंटे तक ‘मृत’ घोषित शख्स अचानक जिंदा, अस्पताल में हुआ चौंकाने वाला चमत्कार

नई दिल्ली। रूस के साइबेरिया क्षेत्र(Siberia Region)के याकुतिया (Yakutia) में एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे डॉक्टर “मेडिकल चमत्कार” मान रहे हैं। एक व्यक्ति, जो कड़ाके की ठंड में करीब 5 घंटे तक बिना सांस और बिना धड़कन के पड़ा रहा, उसे डॉक्टरों ने क्लिनिकली मृत घोषित कर दिया था। लेकिन बाद में “ग्रेजुअल थॉइंग” तकनीक की मदद से उसे दोबारा जीवन मिल गया। -20°C ठंड में बेसुध पड़ा मिला शख्सरिपोर्ट्स के मुताबिक, व्यक्ति शराब के नशे में बाहर गिर पड़ा था। उस समय तापमान लगभग -20 डिग्री सेल्सियस (-4°F) था। राहगीरों ने जब उसे देखा तो वह पूरी तरह बेहोश था और शरीर में कोई हरकत नहीं थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों को न पल्स मिली, न सांस और न ही ECG में कोई हार्टबीट। डॉक्टरों ने नहीं छोड़ी उम्मीदमिरनी अस्पताल के डॉक्टरों ने तुरंत उसे “ग्रेजुअल रीवॉर्मिंग” (धीरे-धीरे गर्म करने की प्रक्रिया) पर रखा।डॉक्टरों ने करीब 4 घंटे तक उसके शरीर का तापमान धीरे-धीरे बढ़ाया—25°C से 34°C तक।यदि शरीर को अचानक गर्म किया जाता, तो दिल और नसों के फटने का खतरा था। इसलिए बेहद सावधानी से इलाज किया गया। फिर लौटी धड़कनजब शरीर का तापमान 34°C के करीब पहुंचा, तो डॉक्टरों ने CPR और जीवन रक्षक दवाएं दीं।करीब 25 मिनट बाद मॉनिटर पर हल्की हार्टबीट दिखाई दी-और यहीं से उसकी वापसी शुरू हो गई। ठंड बनी ‘रक्षक’, नहीं तो मौत तय थीडॉक्टरों के अनुसार, यह मामला इसलिए खास है क्योंकि अत्यधिक ठंड ने शरीर को “प्रिजर्वेशन मोड” में डाल दिया था। इस स्थिति में शरीर की ऑक्सीजन जरूरत बहुत कम हो जाती है, जिससे अंग लंबे समय तक सुरक्षित रह सकते हैं। 5 दिन में अस्पताल से चला गया घरसबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 24 घंटे कोमा में रहने के बाद वह व्यक्ति पूरी तरह होश में आया।सिर्फ 5 दिन बाद वह बिना किसी गंभीर दिमागी या अंग क्षति के अपने पैरों पर चलकर अस्पताल से बाहर चला गया।

वजन घटाने का आसान तरीका, इन 6 फ्लेवर वाली ग्रीन टी से मिलेगा डबल फायदा..

नई दिल्ली:   वजन कम करने के लिए लोग अक्सर डाइटिंग, जिम और तरह-तरह के हेल्दी ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं, लेकिन इनमें सबसे आसान और असरदार विकल्पों में से एक ग्रीन टी है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है और फैट बर्निंग प्रक्रिया को सपोर्ट करती है। हालांकि, रोज एक ही तरह की ग्रीन टी पीना कई लोगों के लिए बोरिंग हो जाता है, जिसके कारण वे इसे छोड़ देते हैं। ऐसे में ग्रीन टी को अलग-अलग फ्लेवर के साथ पीना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जिससे स्वाद भी बदलता है और सेहत को अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं। लेमन ग्रीन टी एक लोकप्रिय विकल्प है जिसमें ग्रीन टी के साथ नींबू का रस मिलाया जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को और अधिक सक्रिय बनाता है। यह ड्रिंक शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करने के साथ-साथ ताजगी भी प्रदान करती है, जिससे दिनभर एनर्जी बनी रहती है। हनी ग्रीन टी उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जिन्हें ग्रीन टी का कड़वा स्वाद पसंद नहीं आता। इसमें थोड़ा सा शहद मिलाने से इसका स्वाद संतुलित हो जाता है और यह अधिक स्वादिष्ट बन जाती है। शहद में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं और यह गले को भी आराम पहुंचाती है। दालचीनी ग्रीन टी भी वजन घटाने के लिए काफी प्रभावी मानी जाती है। इसमें दालचीनी मिलाने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और यह फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज करती है। इसका नियमित सेवन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। पुदीना ग्रीन टी शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी सुधारती है। यह खासकर गर्मियों में बहुत फायदेमंद मानी जाती है और पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करती है। अदरक ग्रीन टी वजन घटाने के लिए एक शक्तिशाली विकल्प है। अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं, जिससे फैट तेजी से बर्न होता है। सेब और दालचीनी वाली ग्रीन टी भी एक स्वादिष्ट और हेल्दी विकल्प है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ फैट मेटाबॉलिज्म को भी तेज करते हैं। इन अलग-अलग फ्लेवर वाली ग्रीन टी को अपनी डेली रूटीन में शामिल करके न सिर्फ वजन घटाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है, बल्कि इसे स्वादिष्ट और दिलचस्प भी बनाया जा सकता है।

सनस्क्रीन से लेकर आयुर्वेद तक: बदल रहे हैं भारत के स्किन केयर ट्रेंड्स

नई दिल्ली। आजकल स्किन केयर सिर्फ खूबसूरती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह हेल्थ और लाइफस्टाइल का अहम हिस्सा बन चुका है। भारत में बदलते मौसम, प्रदूषण और स्ट्रेस के कारण स्किन प्रॉब्लम्स तेजी से बढ़ रही हैं, जिसके चलते स्किन केयर इंडस्ट्री में नए ट्रेंड सामने आ रहे हैं। 1. सनस्क्रीन का इस्तेमाल अब “डेली रूटीन” बनाडर्मेटोलॉजिस्ट लगातार सलाह दे रहे हैं कि सनस्क्रीन अब सिर्फ गर्मियों के लिए नहीं, बल्कि रोजाना जरूरी है।UV किरणों से बचाव के लिए SPF 30 से 50 तक की सनस्क्रीन ज्यादा इस्तेमाल हो रही है। 2. “Skin Barrier Repair” प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांडआजकल लोग harsh केमिकल्स की बजाय ऐसे प्रोडक्ट्स पसंद कर रहे हैं जो स्किन की natural barrier को ठीक करें।Ceramide, Hyaluronic Acid और Niacinamide वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री तेजी से बढ़ी है। 3. नेचुरल और आयुर्वेदिक स्किन केयर की वापसीहल्दी, एलोवेरा, चंदन और नीम आधारित प्रोडक्ट्स फिर से ट्रेंड में हैं।लोग केमिकल-फ्री और ऑर्गेनिक स्किन केयर को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। 4. “Glass Skin” और “Hydrated Glow” ट्रेंडकोरियन ब्यूटी ट्रेंड्स का असर भारत में भी दिख रहा है।लोग अब matte लुक से ज्यादा चमकदार और हाइड्रेटेड स्किन पसंद कर रहे हैं। 5. Dermatologist-led skincare का चलन बढ़ाअब लोग सोशल मीडिया टिप्स की बजाय डॉक्टर-प्रमाणित स्किन केयर रूटीन को फॉलो कर रहे हैं।Retinol, Vitamin C serum और chemical exfoliation को लेकर जागरूकता बढ़ी है। 6. गलत स्किन केयर से नुकसान के मामले भी बढ़ेबिना सलाह के स्टेरॉइड क्रीम, फेयरनेस क्रीम और हार्श केमिकल्स के उपयोग से स्किन डैमेज के केस बढ़ रहे हैं। डॉक्टर चेतावनी दे रहे हैं कि गलत प्रोडक्ट से स्थायी नुकसान हो सकता है।

बालों की हर समस्या का समाधान? कॉफी से मिल सकता है नेचुरल हेयर केयर

नई दिल्ली। आज के समय में बाल झड़ना और काफी ज्यादा डैंड्रफ होना आम बात बन गया है।आजकल प्रदूषण और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बालों का झड़ना, डैंड्रफ और रूखापन एक आम समस्या बन गई है। हम अक्सर महंगे पार्लर ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन नतीजा हमेशा अच्छा नहीं आता है इसलिए हम आपके लिए ऐसा ट्रिक लेकर आए हैं जिससे आप अपने बाल को काफी सुंदर और डैंड्रफ फ्री बन सकती हैं। कॉफी दिखाएगा का कमालहमारे किचन में रखा हुआ काफी हम पीने के लिए उपयोग करते हैं लेकिन हमें इसके बारे में बिल्कुल नहीं पता कि इसे हमारे बाल भी काफी अच्छे हो सकते हैं। आपको बता दें, कॉफी हेयर मास्क का इस्तेमाल कर आप मात्र 2 हफ्ते में रेशमी, चमकदार और डैंड्रफ मुक्त बाल पा सकते हैं। कॉफी के बड़े फायदेकॉफी में मौजूद कैफीन बालों की जड़ों को मजबूत करने में मदद करता है, जिससे हेयर ग्रोथ बढ़ती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स स्कैल्प को डिटॉक्स करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाते हैं। कॉफी बालों के क्यूटिकल्स को स्मूथ बनाती है, जिससे बाल सिल्की नजर आते हैं। सिल्की बालों के लिए लगे काफी दही और शहदशहद नमी को लॉक करता है और दही बालों को गहराई से कंडीशन करता है। आप 2 चम्मच कॉफी पाउडर, 1 चम्मच शहद, 2 चम्मच ताजा दही लें। तीनों चीजों को मिलाकर एक चिकना पेस्ट बना लें। इसके बाद इसे आप अपने बालों पर पेस्ट की तरह लगे थोड़ी देर रुकने के बाद इसे धूल दे आपकी बाल काफी मुलायम हो जायेगे और साइन करने लगेंगे। डैंड्रफ के लिए नींबू कॉफ़ी और तेलनींबू डैंड्रफ खत्म करता है और नारियल तेल स्कैल्प को पोषण देता है। आप 2 चम्मच कॉफी पाउडर, 1 चम्मच नारियल तेल, कुछ बूंदें नींबू का रस लें। आप इसे मिलाकर हल्का गुनगुना कर लें ताकि यह स्कैल्प में अच्छे से समा जाए।मास्क लगाने से पहले बालों को अच्छे से कंघी कर लें ताकि कोई गांठ न रहे। ब्रश या उंगलियों की मदद से मास्क को स्कैल्प से लेकर बालों की पूरी लंबाई तक लगाएं।हल्के हाथों से 5 मिनट तक स्कैल्प की मसाज करें। इससे कैफीन जड़ों के अंदर तक जाएगा।मास्क को 30 से 45 मिनट तक लगा रहने दें। अगर आप ऐसा दो हफ्तों में तीन-चार बार करेंगी तो आपके बाल काफी अच्छे और घने बन जाएंगे