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Oscar 2026 की हिट फिल्मों का ठिकाना यहां फ्री से लेकर पेड प्लेटफॉर्म तक पूरी जानकारी

नई दिल्ली: 15 मार्च को हुए ऑस्कर अवॉर्ड्स के ऐलान के बाद फिल्म प्रेमियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन अवॉर्ड जीतने वाली फिल्मों को देखा कहां जाए इस साल कई शानदार फिल्मों ने अलग अलग कैटेगरी में बाजी मारी और अब ये धीरे धीरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध हो रही हैं सबसे ज्यादा चर्चा में रही फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर जिसने इस बार कई अवॉर्ड्स अपने नाम किए यह फिल्म ग्लोबली HBO Max पर स्ट्रीम हो रही है वहीं भारत में इसे जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकता है अगर आपके पास सब्सक्रिप्शन नहीं है तो इसे प्राइम वीडियो और Apple TV पर रेंट पर भी उपलब्ध कराया गया है इसी तरह फिल्म सिनर्स भी खूब सुर्खियों में है यह भी HBO Max पर मौजूद है और भारतीय दर्शक इसे जियो हॉटस्टार पर आसानी से देख सकते हैं इसके अलावा प्राइम वीडियो और Apple TV पर इसे किराए पर देखने का विकल्प भी दिया गया है वहीं अवतार फायर एंड ऐश को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है जेम्स कैमरून की इस फिल्म ने बेस्ट विजुअल इफेक्ट्स कैटेगरी में ऑस्कर जीता है हालांकि अभी यह ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध नहीं है लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसे जियो हॉटस्टार पर रिलीज किया जा सकता है अगर आप कुछ अलग देखना चाहते हैं तो मिस्टर नोबॉडी अगेंस्ट पुतिन एक दिलचस्प विकल्प हो सकता है हालांकि फिलहाल यह फिल्म बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध नहीं है और इसे केवल फिल्म फेस्टिवल या लिमिटेड रिलीज के जरिए ही देखा जा सकता है वहीं हेमनेट को आप Peacock पर देख सकते हैं इसके अलावा यह प्राइम वीडियो और Apple TV पर रेंट के लिए भी उपलब्ध है इस फिल्म के लिए जेसी बकले ने ऑस्कर जीतकर इतिहास रचा है अगर आप फ्री में ऑस्कर विजेता कंटेंट देखना चाहते हैं तो द गर्ल व्हू क्राइड पर्ल्स आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है यह शॉर्ट फिल्म YouTube पर मुफ्त में उपलब्ध है और आसानी से देखी जा सकती है कुल मिलाकर इस साल की ऑस्कर विनिंग फिल्मों को देखने के लिए आपके पास कई विकल्प मौजूद हैं कुछ फिल्में अभी ओटीटी पर स्ट्रीम हो रही हैं जबकि कुछ के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा ऐसे में अगर आप वीकेंड पर कुछ बेहतरीन और चर्चित कंटेंट देखने की सोच रहे हैं तो यह लिस्ट आपके लिए पूरी तरह तैयार है

अक्षय कुमार का खुलासा बचपन में पापा उतारते थे अखाड़े में आज वही बना ताकत..

नई दिल्ल: बॉलीवुड के खिलाड़ी के नाम से मशहूर अक्षय कुमार इन दिनों क्विज रियलिटी शो व्हील ऑफ फॉर्च्यून की मेजबानी करते हुए अक्सर अपनी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से साझा करते नजर आते हैं हाल ही में शो के दौरान वह अपने बचपन की यादों में खो गए और एक ऐसा अनुभव साझा किया जिसने उनके व्यक्तित्व और करियर दोनों को गहराई से प्रभावित किया अक्षय कुमार ने बताया कि उनका बचपन सामान्य बच्चों से काफी अलग था उनके पिता खुद एक पहलवान थे और घर का माहौल पूरी तरह से खेल और मार्शल आर्ट्स से जुड़ा हुआ था उन्होंने खुलासा किया कि उनके पिता उन्हें बचपन में ही पेशेवर पहलवानों के साथ अखाड़े में उतार देते थे यह अनुभव उनके लिए आसान नहीं था लेकिन इसी ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाया उन्होंने कहा कि उस समय यह सब कठिन जरूर लगता था लेकिन आज जब वह अपने फिल्मी करियर को देखते हैं तो महसूस होता है कि वही ट्रेनिंग उनके बहुत काम आई खासकर एक्शन फिल्मों में उनके स्टंट्स और फिटनेस के पीछे यही मजबूत नींव है शो में मौजूद प्रतियोगियों के साथ बातचीत के दौरान अक्षय ने माता पिता और बच्चों के रिश्ते पर भी खुलकर बात की उन्होंने कहा कि हर बच्चे की रुचि अलग होती है और माता पिता को इसे समझने की जरूरत है उन्होंने सलाह दी कि अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है लेकिन किसी खेल या कला में अच्छा है तो उसे उस दिशा में आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए अक्षय ने यह भी कहा कि बच्चों पर अपनी इच्छाएं थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा को पहचानना ज्यादा जरूरी है उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी को तैराकी पसंद हो सकती है तो किसी को बॉक्सिंग या मार्शल आर्ट्स ऐसे में माता पिता का समर्थन ही बच्चे को आगे बढ़ने की ताकत देता है उन्होंने यह भी जोर दिया कि शिक्षा जरूरी है लेकिन इसके साथ साथ बच्चों के सपनों को भी महत्व देना चाहिए अगर माता पिता सही मार्गदर्शन और समर्थन दें तो बच्चा किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है दो बच्चों के पिता अक्षय कुमार ने अपने निजी अनुभव के आधार पर यह संदेश दिया कि माता पिता का विश्वास और साथ बच्चों के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है और यही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है

दर्श अमावस्या पर बन रहा खास संयोग विजय मुहूर्त और अमृत काल में करें पूजा मिलेगा पितरों का आशीर्वाद

नई दिल्ली, 18 मार्च का दिन हिंदू धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है क्योंकि इस दिन दर्श अमावस्या मनाई जा रही है हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह की अमावस्या को दर्श अमावस्या कहा जाता है इस दिन चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य होता है और इसे आत्मचिंतन तथा पितरों के स्मरण का समय माना जाता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों के तर्पण श्राद्ध और जल अर्पण का विशेष महत्व होता है ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए कर्मों से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और वे अपने वंशजों को सुख समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद देते हैं साथ ही दान पुण्य और स्नान करने से पितृ दोष दूर होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 31 मिनट पर रहेगा कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगी जिसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ हो जाएगी नक्षत्र पूर्व भाद्रपद सुबह 5 बजकर 21 मिनट तक रहेगा इसके बाद उत्तर भाद्रपद नक्षत्र प्रभावी होगा शुभ योग सुबह 4 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगा जबकि करण शकुनि सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक रहेगा शुभ मुहूर्तों की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा जो ध्यान और साधना के लिए अत्यंत उत्तम माना जाता है विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक रहेगा जिसमें महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 29 मिनट से 6 बजकर 53 मिनट तक रहेगा जो पूजा पाठ के लिए उपयुक्त है वहीं अमृत काल रात 9 बजकर 37 मिनट से 11 बजकर 10 मिनट तक रहेगा जो अत्यंत शुभ फलदायी समय माना गया है निशीथ मुहूर्त देर रात 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा हालांकि इस दिन अभिजित मुहूर्त नहीं है अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 29 मिनट से 2 बजे तक रहेगा यमगंड सुबह 7 बजकर 58 मिनट से 9 बजकर 28 मिनट तक और गुलिक काल सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा इसके अलावा दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा इन समयों में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है इस दिन एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि पूरा दिन पंचक प्रभावी रहेगा पंचक को ज्योतिष में संवेदनशील समय माना जाता है जिसमें कुछ विशेष कार्यों को टालना उचित माना जाता है हालांकि पूजा पाठ दान और पितृ तर्पण जैसे धार्मिक कार्य इस दौरान किए जा सकते हैं 18 मार्च की दर्श अमावस्या आध्यात्मिक साधना पितृ तर्पण और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है इस दिन सही मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाने वाले माने जाते हैं

GWALIOR TENT HOUSE FIRE : टेंट हाउस में लगी आग से मचा हड़कंप, 5 दमकल गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

TENT HOUSE FIRE

HIGHLIGHTS: ग्वालियर के जनकगंज क्षेत्र में देर रात आग 5 दमकल गाड़ियों ने 3 घंटे में पाया काबू लाखों का टेंट हाउस सामान जलकर नष्ट शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका किसी प्रकार की जनहानि नहीं GWALIOR TENT HOUSE FIRE : मध्यप्रदेश। ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित मरघट रोड पर देर रात एक टेंट हाउस के गोदाम में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। बता दें कि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भारतीय शेयर बाजार मजबूत वैश्विक संकेतों से हरे निशान में खुला, मेटल और डिफेंस में खरीदारी दमकल की टीम ने संभाला मोर्चा आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची। करीब 5 दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि आग की भयावहता को देखते हुए दमकल कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और लगभग 3 घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। होर्मुज तनाव के बीच भारत पहुंचेगा एक और LPG टैंकर ‘नंदा देवी’, ऊर्जा संकट से मिलेगी बड़ी राहत लाखों का सामान जलकर खाक इस भीषण आग में गोदाम में रखा भारी मात्रा में टेंट हाउस का सामान जलकर राख हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार: लगभग 700 कुर्सियां 250 गद्दे-रजाई 500 मैट 10 काउच 50 टेबल 10 तख्त MP HIGH COURT: हाईकोर्ट की सख्ती; बार-बार याचिका लगाने वाले पटवारी पर 10 हजार जुर्माना, बहाली से साफ इनकार बड़ी मात्रा में कपड़ा सभी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। शॉर्ट सर्किट बना कारण प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस और फायर विभाग की टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है, ताकि सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। राहत की खबर इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो एक बड़ी राहत की बात है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में बिजली के उपकरणों की नियमित जांच कराएं।

ब्राइडल लुक के लिए परफेक्ट: पायल के साथ खूब जचेंगे बिछिया के ये 6 यूनिक डिज़ाइन

नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में बिछिया और पायल को सुहाग और सौंदर्य का खास प्रतीक माना जाता है। शादी या किसी खास मौके पर अगर पायल के साथ सही डिजाइन की बिछिया पहनी जाए तो दुल्हन का पूरा लुक और भी आकर्षक नजर आता है। अक्सर दुल्हनें अपने लहंगे, ज्वेलरी और मेकअप पर ज्यादा ध्यान देती हैं, लेकिन पैरों का श्रृंगार भी ब्राइडल लुक का अहम हिस्सा होता है।अगर आप भी अपने पैरों को खास और स्टाइलिश बनाना चाहती हैं, तो इन ट्रेंडी बिछिया डिजाइन्स को ट्राई कर सकती हैं। मल्टी-लेयर या चेन बिछिया आजकल पायल से जुड़ी चेन वाली बिछिया काफी ट्रेंड में हैं। इसमें पायल से एक पतली चेन निकलकर बिछिया से जुड़ी होती है, जो पैरों को हेवी और रॉयल ब्राइडल लुक देती है। कुंदन और स्टोन वर्क बिछिया रॉयल लुक के लिए कुंदन और स्टोन वर्क वाली बिछिया बेहतरीन विकल्प है। भारी पायल के साथ पहनने पर यह डिजाइन पैरों को बेहद आकर्षक बनाता है। ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर बिछिया अगर आपकी पायल एंटीक या ऑक्सीडाइज्ड फिनिश वाली है तो उसी स्टाइल की बिछिया चुनना बेहतर रहेगा। इनमें छोटे घुंघरू या नक्काशीदार पैटर्न बहुत पसंद किए जाते हैं। मीनाकारी बिछिया रंग-बिरंगी मीनाकारी वाली बिछिया इन दिनों काफी ट्रेंड में है। आप अपने लहंगे के रंग के अनुसार लाल, हरे या गुलाबी रंग की मीनाकारी डिज़ाइन चुन सकती हैं। फ्लोरल और लीफ पैटर्न फूल और पत्तियों से प्रेरित डिजाइन हमेशा फैशन में बने रहते हैं। हल्की पायल के साथ यह डिजाइन बेहद एलिगेंट और नाजुक लुक देता है। एडजस्टेबल विंटेज बैंड अगर आप आरामदायक और सिंपल स्टाइल चाहती हैं तो चौड़े विंटेज बैंड वाली बिछिया ट्राई करें। ये हर साइज की उंगली में आसानी से फिट हो जाती हैं और बोहो-चिक लुक देती हैं। अगर आप अपने ब्राइडल लुक को हेड-टू-टो परफेक्ट बनाना चाहती हैं, तो पायल के साथ सही बिछिया डिजाइन चुनना न भूलें। सही ज्वेलरी आपके पूरे लुक को और भी खास बना सकती है।

MP HIGH COURT: हाईकोर्ट की सख्ती; बार-बार याचिका लगाने वाले पटवारी पर 10 हजार जुर्माना, बहाली से साफ इनकार

GWALIOR HIGH COURT

HIGHLIGHTS: हाईकोर्ट ने पटवारी की रिट अपील खारिज की 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया 2016 में विभागीय जांच के बाद हुई थी बर्खास्तगी 2022 में आपराधिक मामले में मिला था संदेह का लाभ कोर्ट ने कहा—दोनों प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं MP HIGH COURT: ग्वालियर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि आपराधिक मामले में बरी होने मात्र से किसी कर्मचारी को विभागीय कार्रवाई से राहत नहीं मिलती। कोर्ट ने शिवपुरी जिले के एक बर्खास्त पटवारी विश्राम सिंह कुशवाह की रिट अपील खारिज करते हुए उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने कहा कि बार-बार एक ही मुद्दे पर याचिकाएं दायर करना न्यायालय के समय का दुरुपयोग है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। चैत्र नवरात्रि 2026: राशि अनुसार करें ये खास उपाय, मां दुर्गा की कृपा से बदल सकती है किस्मत 2016 में हुई थी बर्खास्तगी याचिकाकर्ता विश्राम सिंह कुशवाह को वर्ष 2016 में राजस्व अभिलेखों में गलत प्रविष्टि करने और दस्तावेजों से छेड़छाड़ के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। विभागीय जांच के बाद एसडीओ शिवपुरी ने यह कार्रवाई की थी। चने के सेवन के सही तरीके: भुना, भीगा या पकाया हुआ कौन फायदेमंद 2022 में मिला था संदेह का लाभ इसी मामले में दर्ज आपराधिक केस में वर्ष 2022 में ट्रायल कोर्ट ने पटवारी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। इसके आधार पर उसने नौकरी में पुनः बहाली के लिए याचिका दायर की थी। देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट… कोर्ट की स्पष्ट टिप्पणी खंडपीठ ने कहा कि विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमे की प्रकृति अलग-अलग होती है। यदि किसी आरोपी को संदेह का लाभ मिलता है, तो यह जरूरी नहीं कि विभागीय दंड स्वतः समाप्त हो जाए। देश में फिर बदला मौसम…. कई राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि से गिरा पारा, आज भी अलर्ट… बार-बार याचिका पर सख्ती कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता पहले भी समान राहत के लिए याचिका दायर कर चुका था। इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग मानते हुए कोर्ट ने नाराजगी जताई और आर्थिक दंड लगाया।  

चैत्र नवरात्रि 2026: राशि अनुसार करें ये खास उपाय, मां दुर्गा की कृपा से बदल सकती है किस्मत

नई दिल्ली । जगत जननी दुर्गा की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि इस वर्ष 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जो शक्ति, समृद्धि और आरोग्यता का प्रतीक माने जाते हैं। इस दौरान घटस्थापना, उपवास और दुर्गा सप्तशती के पाठ का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवरात्रि में राशि के अनुसार विशेष उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है। राशि अनुसार करें ये उपाय  मेष और वृश्चिक इन राशि के जातक स्कंदमाता की पूजा करें। उन्हें गुड़ या लाल रंग की मिठाई का भोग लगाएं और ॐ स्कंदमात्रै नमः मंत्र का जप करें। इससे जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है। वृषभ और तुलाइन राशि के लोगमहागौरी को सफेद फूल अर्पण करें और छोटी कन्याओं को खीर खिलाएं। ऐसा करने से आर्थिक समस्याएं दूर होने की मान्यता है। मिथुन और कन्या इन राशि के जातक ब्रह्मचारि णी की पूजा करें और उन्हें हरे फल या मूंग की दाल से बने प्रसाद का भोग लगाएं। इससे करियर में उन्नति के योग बनते हैं। कर्क कर्क राशि के लोग सिद्धिदात्री की पूजा करें और दूध से बनी मिठाई अर्पण करें। इससे घर की बाधाएं दूर होने की मान्यता है। सिंह सिंह राशि के जातक कुष्मांडा की पूजा करें और मंदिर में लाल चंदन का दान करें। इससे मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ती है। धनु और मीन इन राशि के लोग चंद्रघंटा को पीली मिठाई या चने की दाल का भोग लगाएं। इससे भाग्य का साथ मिलने लगता है। मकर और कुंभ इन राशि के जातक कालरात्रि की पूजा करें और शनिवार को काले तिल और तेल का दान करें। इससे स्वास्थ्य और कानूनी व्यवस्थाओं से राहत मिलने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में श्रद्धा और नियम के साथ किए गए उपाय से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।

चने के सेवन के सही तरीके: भुना, भीगा या पकाया हुआ कौन फायदेमंद

नई दिल्ली : शरीर के स्वस्थ संचालन और मांसपेशियों की मजबूती के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है। महंगे सप्लीमेंट की बजाय किचन में मौजूद चना प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत है। चना आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर माना जाता है और इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार भुना चना, भीगा हुआ चना, पकाया हुआ चना और चने से बना सत्तू अलग-अलग तरीकों से शरीर को लाभ पहुंचाते हैं। इसका सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करना जरूरी है, ताकि पाचन ठीक रहे और शरीर को पूरा फायदा मिले। भुना चनाभुने हुए चने में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। यह वजन नियंत्रण में मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और हृदय रोगों में लाभकारी है। भुना चना सुबह या दोपहर के समय सेवन करना सबसे अच्छा माना जाता है। भीगा और पकाया हुआ चनाकाला चना रात में भिगोकर सुबह उबालकर खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और यह वजन बढ़ाने में मददगार है। जिम जाने वाले या पसीना बहाने वाले लोग इसके सेवन से ताकत और ऊर्जा पा सकते हैं। अगर इसे देसी घी के साथ हल्का सा छौंक लगाकर पकाया जाए तो यह वात दोष को कम करने और चने की रूखापन दूर करने में भी मदद करता है। इसे नाश्ते या शाम में हल्की भूख लगने पर खाया जा सकता है। चने से बना सत्तूसत्तू प्रोटीन से भरपूर होता है और गर्मियों में इसे खाने से पेट को ठंडक मिलती है। इसके सेवन से थकान कम होती है और नेत्र से जुड़े रोगों में भी राहत मिलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में तीनों प्रकार के चने का सेवन किया जा सकता है। हालांकि, वात दोष की अधिकता वाले लोग चने का सेवन सावधानी से करें।इस प्रकार चना केवल प्रोटीन का स्रोत ही नहीं बल्कि ऊर्जा देने और शरीर को स्वस्थ रखने का प्राकृतिक उपाय भी है।

चैत्र नवरात्रि 2026: पहला और अष्टमी व्रत रखने वाले जान लें ये जरूरी नियम, तभी मिलेगा पूजा का पूरा फल

नई दिल्ली । आदिशक्ति दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्रि का पर्व इस वर्ष 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगा। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। कई श्रद्धालु पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग केवल पहला दिन और अष्टमी का व्रत रखते हैं।धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्र का पहला दिन संकल्प का प्रतीक होता है, जबकि अष्टमी पूर्णता का प्रतीक मानी जाती है। इन दोनों दिनों का व्रत नियम और श्रद्धा के साथ करने से पूजा का विशेष फल प्राप्त होता है।पहले दिन के व्रत का महत्व नवरात्र के पहले दिन सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनने के बाद कलश स्थापना के साथ व्रत की शुरुआत की जाती है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की पूजा कर अपने संकल्प लेते हैं। घर में अखंड ज्योति जलाने और नियमित आरती करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और यह पूरे नवरात्र की आध्यात्मिक यात्रा की नींव माना जाता है। अष्टमी व्रत का महत्व चैत्र नवरात्रि में अष्टमी को महाष्टमी कहा जाता है। इस दिन विशेष रूप से Mahagauri की पूजा की जाती है। अष्टमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर भोजन कराया जाता है। मान्यता है कि इससे नवरात्रि का व्रत पूर्ण माना जाता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। व्रत के दौरान रखें इन बातों का ध्यान नवरात्रि में व्रत रखने वाले भक्तों को सात्विक आहार का पालन करना चाहिए। फलाहार, साबूदाना, कुट्टू का आटा और फल ऊर्जा देने में सहायक होते हैं। व्रत के दौरान अधिक नमक और मसालों से बचने की सलाह दी जाती है ताकि मन शांत और स्थिर बना रहे। धार्मिक मान्यता है कि संयम, श्रद्धा और नियमों के साथ किया गया व्रत ही भक्तों को मां दुर्गा का आशीर्वाद दिलाता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाता है।

कुंभ राशि में 4 ग्रहों की महायुति, इन राशि वालों के लिए शुरू होगा स्वर्णिम समय, मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राशि परिवर्तन हमेशा जीवन में बड़े बदलाव और अवसर लेकर आता है। मार्च 2026 में कुंभ राशि में बन रही चतुर्ग्रही योग इस समय की सबसे खास घटना है। इस योग के प्रभाव से चार भाग्यशाली राशियों मेष, वृषभ, तुला और कुंभ के लिए करियर और आर्थिक मामलों में महत्वपूर्ण सफलता के दरवाजे खुलने वाले हैं। चतुर्ग्रही योग का समय और प्रभावज्योतिषियों के अनुसार, 16 मार्च 2026 की शाम 6 बजकर 15 मिनट से कुंभ राशि में राहु, मंगल, बुध और चंद्रमा के मिलन से यह शक्तिशाली चतुर्ग्रही योग बना। यह योग 18 मार्च 2026 की देर रात 11 बजकर 35 मिनट तक पूर्ण प्रभावी रहेगा। इसके बाद चंद्रमा के मीन राशि में जाने के बाद यह योग समाप्त हो जाएगा। हालांकि, कुंभ राशि में राहु, मंगल और बुध का त्रिग्रही योग सक्रिय रहेगा। करीब ढाई दिन तक बने इस योग से इन चार राशियों के लिए करियर में उन्नति, धन लाभ और भाग्य के शुभ परिणाम आने की संभावना है। राशियों पर प्रभावमेष राशिमेष राशि वालों के स्वामी मंगल इस योग में शामिल हैं। इस समय उन्हें करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। नई नौकरी या पदोन्नति के मौके बढ़ेंगे। पहले की गई मेहनत का फल मिलेगा। घर में सुख-शांति आएगी और निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा। वृषभ राशिवृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग बड़ी तरक्की और आर्थिक सुधार का संकेत देता है। काम को मान्यता मिलेगी, बैंक बैलेंस बढ़ेगा और रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। स्वास्थ्य समस्याएं कम होंगी और किस्मत का साथ मिलेगा। तुला राशितुला राशि के लोगों को शिक्षा, करियर और धन के मामले में शुभ फल मिल सकते हैं। विद्यार्थियों को सफलता मिलेगी, करियर में प्रमोशन की संभावना रहेगी। लव लाइफ में खुशहाली आएगी और सिंगल जातकों को सच्चा प्यार मिलने के योग हैं। कुंभ राशियह योग कुंभ राशि में बन रहा है, इसलिए इस राशि वालों के लिए विशेष लाभकारी है। अचानक धन लाभ हो सकता है। ऑफिस में काम की सराहना होगी। नए स्रोत से आय बढ़ेगी और कर्ज चुकाने में आसानी होगी। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा और घर में खुशहाली रहेगी। डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य ज्योतिष स्रोतों पर आधारित है और केवल जागरूक करने के उद्देश्य से दी गई है।