गुड़ी पड़वा 2026: 19 मार्च को मनाया जाएगा हिंदू नववर्ष, जानिए गुड़ी स्थापना और तेल स्नान का महत्व

नई दिल्ली । हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 19 मार्च को मनाया जाएगा। इसी दिन से हिंदू नववर्ष नवसंवत्सर 2083 की शुरुआत मानी जाती है और चैत्र नवरात्रि का भी आरंभ होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी तिथि पर सृष्टि की रचना भगवान Brahma ने की थी इसलिए इसे नए साल की शुरुआत के रूप में मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इस पर्व को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है जहां इसे गुड़ी पड़वा कहा जाता है। वहीं कर्नाटक में इसे युगादी और आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना में उगादी के नाम से जाना जाता है। गुड़ी स्थापना की परंपरा गुड़ी पड़वा के दिन घरों में गुड़ी स्थापित करने की परंपरा है। गुड़ी को विजय समृद्धि और नए वर्ष के स्वागत का प्रतीक माना जाता है। इसे घर के मुख्य द्वार छत या किसी ऊंचे स्थान पर लगाया जाता है ताकि वह दूर से दिखाई दे सके। गुड़ी बनाने के लिए बांस के डंडे पर सुंदर कपड़ा बांधा जाता है और उस पर आम तथा नीम की पत्तियां फूल और ऊपर उल्टा चांदी तांबे या पीतल का कलश लगाया जाता है।तेल स्नान का महत्व गुड़ी पड़वा की सुबह जल्दी उठकर सुगंधित तेल से स्नान करने की परंपरा भी प्रचलित है। माना जाता है कि इससे शरीर की अशुद्धियां दूर होती हैं रक्त संचार बेहतर होता है और व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा के साथ नए वर्ष की शुरुआत करता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन तेल स्नान करने से Lakshmi की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है। पारंपरिक व्यंजनों से होता है नए साल का स्वागत गुड़ी पड़वा के अवसर पर महाराष्ट्र में श्रीखंड पुरण पोली राइस चकली और भाकरवड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। परिवार और रिश्तेदारों के साथ इन पकवानों का आनंद लेते हुए लोग नए साल का स्वागत करते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।
Bada Mangal 2026: हनुमान भक्तों के लिए खास साल, ज्येष्ठ मास में पड़ेंगे 8 बड़ा मंगल, दोगुना पुण्य कमाने का मौका

नई दिल्ली। भगवान हनुमान के भक्तों के लिए साल 2026 बेहद खास रहने वाला है। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़ा मंगल का पर्व इस बार विशेष महत्व लेकर आ रहा है। आमतौर पर जहां चार या पांच बड़ा मंगल होते हैं, वहीं इस साल पूरे आठ बड़ा मंगल पड़ेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और पुण्य कमाने के अधिक अवसर मिलेंगे। बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है। खासकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में यह पर्व बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, सुंदरकांड का पाठ किया जाता है और जगह-जगह भंडारों का आयोजन भी होता है। मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। बड़ा मंगल 2026 की तारीखेंसाल 2026 में ज्येष्ठ मास के दौरान पड़ने वाले बड़ा मंगल इस प्रकार हैं- पहला बड़ा मंगल – 5 मई 2026 दूसरा बड़ा मंगल – 12 मई 2026 तीसरा बड़ा मंगल – 19 मई 2026 चौथा बड़ा मंगल – 26 मई 2026 पांचवां बड़ा मंगल – 2 जून 2026 छठा बड़ा मंगल – 9 जून 2026 सातवां बड़ा मंगल – 16 जून 2026 आठवां बड़ा मंगल – 23 जून 2026 क्यों पड़ रहे हैं 8 बड़ा मंगल इस बार आठ बड़ा मंगल पड़ने की खास वजह अधिकमास है। हिंदू पंचांग के अनुसार विक्रम संवत 2083 में 12 की बजाय 13 महीने होंगे। हर तीन साल में सौर और चंद्र कैलेंडर के बीच लगभग 33 दिनों के अंतर को संतुलित करने के लिए अधिकमास जोड़ा जाता है। अधिकमास जिस महीने में पड़ता है, वह महीना लगभग दोगुना हो जाता है। साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में ही जुड़ रहा है, जिसकी वजह से यह महीना लंबा हो जाएगा। 60 दिन तक चलेगा ज्येष्ठ मासइस साल ज्येष्ठ मास की शुरुआत 2 मई 2026 से होगी। वहीं अधिकमास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक रहेगा। इस कारण ज्येष्ठ मास लगभग 60 दिन तक, यानी 29 जून 2026 तक चलेगा। लंबे ज्येष्ठ महीने के कारण इस दौरान कुल आठ मंगलवार पड़ेंगे और सभी को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाएगा। इस तरह भक्तों को अन्य वर्षों की तुलना में बजरंगबली की आराधना के अधिक अवसर मिलेंगे और मान्यता के अनुसार दोगुना पुण्य प्राप्त हो सकता है। डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य स्रोतों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है।
हरी सब्जियों को खाएं सही तरीके से, बुजुर्ग और बच्चों के लिए विशेष सलाह…

नई दिल्ली: हरी सब्जियां स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती हैं। आयुर्वेद में भी हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने का सही तरीका बताया गया है, ताकि पाचन ठीक रहे और शरीर को पूरा पोषण मिल सके। हालांकि आजकल सैंडविच, सलाद और नूडल्स में कच्ची सब्जियों का इस्तेमाल आम हो गया है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार कई हरी सब्जियां कच्ची खाने से पाचन में समस्या हो सकती है और वात दोष बढ़ा सकती हैं। कैसे खाएं हरी सब्जियां: पालक, शिमला मिर्च और गोभी जैसी हरी सब्जियों को कच्चा खाने से बचें। इनमें परजीवी टेपवर्म होने का खतरा रहता है। सब्जियों को पहले उबालें, फिर अतिरिक्त पानी निचोड़कर घी या तेल में हल्का भूनकर पकाएं। बुजुर्ग और बच्चों को हरी सब्जियों का सेवन कम मात्रा में दें। आयुर्वेद में बुजुर्गों और बच्चों के पाचन को ध्यान में रखते हुए कुछ सब्जियों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। इनमें तोरई, टिंडा, लौकी, परवल और कुंदरू शामिल हैं। ये हरी सब्जियों जितनी ही पौष्टिक होती हैं और पचाने में हल्की होती हैं। यदि बच्चे इन सब्जियों को कम पसंद करें, तो इन्हें आटे में मिलाकर पराठा या मीठे के रूप में दिया जा सकता है। सही मात्रा और सही तरीके से हरी सब्जियों का सेवन करने से पाचन बेहतर रहता है, प्रतिरक्षा मजबूत होती है और हृदय स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है।
पंचतत्व और हमारी उंगलियां: जानें शरीर में इन्हें सक्रिय करने के आसान तरीके

नई दिल्ली: हमारा शरीर पंचभूतों से बना है -पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश। आयुर्वेद और प्राचीन ज्ञान के अनुसार ये पंचतत्व हमारे शरीर और स्वास्थ्य के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मृत्यु के बाद शरीर इन्हीं पंचतत्वों में विलीन हो जाता है, लेकिन जीवन में इनके संतुलन और सक्रियता को बनाए रखना भी जरूरी है। हाथ की पांचों उंगलियां हमारे शरीर के पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करती हैं। अंगूठा पृथ्वी तत्व, तर्जनी वायु, मध्यमा आकाश, अनामिका अग्नि और कनिष्ठा जल का प्रतीक है। पृथ्वी तत्व अंगूठा:प्रकृति से जुड़ने से पृथ्वी तत्व सक्रिय होता है। हरियाली के बीच समय बिताएं, नंगे पैर घास पर चलें, मिट्टी को हाथ लगाएं और बागवानी करें। वायु तत्व तर्जनी:सांस और प्राणायाम से वायु तत्व संतुलित होता है। रोजाना खुली हवा में अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम करें। आहार में हल्की कड़वी चीजें शामिल करें। आकाश तत्व मध्यमा:आकाश तत्व को संतुलित करने के लिए ध्यान और मौन की प्रक्रिया अपनाएं। ध्यान मुद्रा में बैठकर ओम का उच्चारण करें। यह मानसिक चेतना बढ़ाता है और मन को शांति प्रदान करता है। अग्नि तत्व अनामिका:अग्नि तत्व पाचन से जुड़ा है। इसे सक्रिय करने के लिए सूर्य नमस्कार, नौकासन और कपालभाति जैसी योग मुद्राएं करें। साथ ही हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन लें। सही पाचन से कई रोग अपने आप ठीक हो सकते हैं। जल तत्व कनिष्ठा:जल तत्व हमारे शरीर का 50-65 फीसदी हिस्सा बनाता है। इसे सक्रिय करने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ लें, जल मुद्रा का अभ्यास करें और स्विमिंग करें।इस प्रकार पंचतत्वों को सक्रिय और संतुलित रखने से न केवल स्वास्थ्य बेहतर रहता है बल्कि मानसिक शांति और ऊर्जा भी बढ़ती है।
पेड़ पर खिलने वाला यह लाल फूल सेहत का खजाना: डायबिटीज से इम्यूनिटी तक देता है कई फायदे

नई दिल्ली । अनार फल तो लगभग हर कोई खाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके लाल फूल भी सेहत के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में अनार के फूलों का उपयोग सदियों से कई बीमारियों के उपचार में किया जाता रहा है।पोषक तत्वों से भरपूर अनार का फूल देखने में जितना सुंदर होता है, इसके अंदर मौजूद तत्व उतने ही प्रभावशाली होते हैं। इसमें टैनिन, गैलिक एसिड और ट्राइटरपेनॉइड्स जैसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने और संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।डायबिटीज नियंत्रण में सहायक अनार के फूल मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी माने जाते हैं। कई शोधों के अनुसार इसमें ऐसे गुण होते हैं जो ब्लड शुगर लेवल को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं और शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं। आयुर्वेद में अक्सर इसके सूखे फूलों से बने चूर्ण के सेवन की सलाह दी जाती है। घाव और सूजन में फायदेमंद अगर शरीर में चोट या सूजन हो तो अनार का फूल प्राकृतिक मरहम की तरह काम कर सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण त्वचा की कोशिकाओं को जल्दी ठीक करने और सूजन कम करने में मदद करते हैं। पुराने समय में इसके सूखे फूलों का लेप घावों पर लगाया जाता था ताकि संक्रमण न फैले। इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार अनार के फूलों में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। उपयोग से पहले रखें सावधानी हालांकि अनार का फूल प्राकृतिक औषधि माना जाता है, लेकिन इसका सेवन करने से पहले किसी विशेषज्ञ या आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है। हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए सही मात्रा और सही तरीका जानना जरूरी होता है।
सरके चुनर तेरी सरके पर फैंस नाराज, अश्लीलता फैलाने का आरोप सोशल मीडिया पर..

नई दिल्ली : बॉलीवुड में एक बार फिर अश्लीलता का मुद्दा चर्चा में है। फिल्म केडी- द डेविलKD: The Devil का नया गाना सरके चुनर तेरी सरके सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, लेकिन इसके बोल और डांस को लेकर दर्शकों में नाराजगी भी काफी है। गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त की जोड़ी नजर आती है, और उनका डांस वीडियो रिलीज होते ही चर्चा में आ गया। गाने को मंगली ने गाया है, रकीब आलम ने लिखा है और संगीत अर्जुन जान्या का है। शुरुआत में गाना सामान्य लगता है, लेकिन जैसे-जैसे गीत आगे बढ़ता है, इसके बोल सीधे-सीधे अश्लील और स्पष्ट हो जाते हैं। कई यूजर्स का कहना है कि गाने में डबल मीनिंग की बजाय स्पष्ट अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिसे सोशल मीडिया पर बर्दाश्त नहीं किया जा रहा। नोरा फतेही ने गाने में अपनी एनर्जेटिक डांसिंग दिखाई है, जिसमें पल्लू गिराने जैसे स्टेप्स शामिल हैं। संजय दत्त भी खलनायक वाले अंदाज में डांस करते दिखाई देते हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इसे भोजपुरी गानों से भी घटिया बताया और आलोचना का स्तर काफी बढ़ गया। इससे पहले कुछ दिन पहले बादशाह के गाने टटीरी को लेकर भी इसी तरह का विवाद उठ चुका था। फिल्म केडी- द डेविल कन्नड़ सिनेमा की बड़ी परियोजना है और इसे पैन-इंडिया स्तर पर रिलीज किया जाएगा। फिल्म में ध्रुव सरजा लीड रोल में हैं, जबकि शिल्पा शेट्टी, वी रविचंद्रन और अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। गाने और फिल्म के निर्देशन का काम प्रेम ने किया है। यह गाना पांच भाषाओं में रिलीज किया गया है, और इसे पार्टी एंथम बनाने की कोशिश की गई थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर आलोचना ने इसे सुर्खियों में ला दिया। कई लोगों ने नोरा फतेही की डांसिंग और गाने के बोल को अशोभनीय बताया है, जिससे फिल्म रिलीज से पहले ही विवाद का सामना कर रही है। फिल्म की रिलीज़ तारीख 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इस गाने के वायरल होने और आलोचना में आने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि मेकर्स इसे किस तरह संभालते हैं। गाने और फिल्म की यह प्रतिक्रिया बॉलीवुड में अश्लीलता और सेंसरशिप के मुद्दे पर नई बहस को जन्म दे सकती है। इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पैन-इंडिया रिलीज़ वाले बड़े प्रोजेक्ट्स में दर्शकों की संवेदनाओं और सांस्कृतिक सीमाओं का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए।
सोमवार का राशिफल

युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – ग्रीष्मचैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी, सोमवार, 16 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल। मेष राशि :- कर्ज तथा रोगों से मुक्ति भी संभव है। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। जमीन जायदाद का लाभ भी हो सकता है। आवास, मकान तथा वाहन की सुविधाएं मिलेंगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंग। रुपए पैसों की सुविधा मिल जाएगी। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्घि व खर्चा बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6 वृष राशि :- बनते हुए कार्यों में बाधा आएगी। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कुछ आर्थिक ङ्क्षचताएं भी कम होगी। नियोजित धन से लाभ होने लगेगा। घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। शुभांक-3-4-5 मिथुन राशि :- बढ़ते घाटे से कुछ राहत मिलने लगेगी। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। ज्ञानार्जन का वातावरण बनेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-4-5 कर्क राशि :– खान-पान में सावधानी रखें। शत्रुभय, ङ्क्षचता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शैक्षणिक क्षेत्र में उदासीनता रहेगी। मित्रों की उपेक्षा करना ठीक नहीं रहेगा। कार्यक्षेत्र में तनाव पैदा होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-4-6-7 सिंह राशि :- महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगें। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8 कन्या राशि :- शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानी पूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई धार्मिक यात्रा करेगें। शुभांक-2-5-7 तुला राशि :– सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां आज पैदा होगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। सभा-सोसायटी में सम्मान मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। शुभांक-3-5-7 वृश्चिक राशि :- कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच आमोद-प्रमोद का दिन होगा। व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। शुभांक-2-4-6 धनु राशि :- स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। मनोरथ सिद्घि का योग है। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे हैं। शुभांक-4-6-8 मकर राशि :- सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंग। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। शुभांक-6-7-9 कुंभ राशि :- दिन-भर का माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी वातावरण में तनाव पैदा करेंगे। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। कुछ कार्यक्रम बदलने होंगे। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। शुभांक-3-5-7 मीन राशि :– अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंग। शुभांक-2-4-6
युद्ध से शांति की ओर, सलमान खान की नई फिल्म का नया टाइटल और पोस्टर चर्चा में

नई दिल्ली : बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ का नाम बदलकर अब ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया है। यह बदलाव सलमान खान फिल्म्स की ओर से आधिकारिक तौर पर घोषित किया गया और इसके साथ ही नया पोस्टर और टैगलाइन May War Rest in Peace भी जारी किया गया। इस बदलाव ने रिलीज से पहले ही दर्शकों और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा कर दी है। फिल्म की कहानी भारत-चीन सीमा पर हुए ऐतिहासिक गलवान घाटी संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही है। यह घटना भारतीय सैनिकों की बहादुरी और साहस की मिसाल के रूप में जानी जाती है। हालांकि मेकर्स ने स्पष्ट किया है कि फिल्म किसी एक घटना का प्रत्यक्ष चित्रण नहीं होगी, बल्कि इसमें देशभक्ति, बलिदान और मानवता जैसे बड़े सामाजिक और भावनात्मक विषयों को प्रमुखता दी जाएगी। सलमान खान के इस प्रोजेक्ट को उनके सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। फिल्म का नया नाम युद्ध की बजाय शांति का संदेश देता है। इसका उद्देश्य दर्शकों को कहानी के भावनात्मक और नैतिक पहलुओं से जोड़ना है। नया पोस्टर भी इसी संदेश को उजागर करता है, जिसमें युद्ध के माहौल के बावजूद शांति और मानवीय मूल्य प्रमुख दिखाई दे रहे हैं। मेकर्स ने यह भी कहा है कि फिल्म केवल एक एक्शन या वॉर ड्रामा नहीं होगी। इसे दर्शकों के साथ भावनात्मक जुड़ाव पैदा करने वाली कहानी के रूप में तैयार किया जा रहा है। देशभक्ति और वीरता पर आधारित फिल्मों को हमेशा दर्शकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और यही कारण है कि इस फिल्म से बड़ी उम्मीदें हैं। सोशल मीडिया पर नए नाम और टैगलाइन के साथ फिल्म की चर्चा तेज हो गई है। कई यूजर्स ने “May War Rest in Peace” को सकारात्मक और शक्तिशाली संदेश वाला बताया है। फिल्म इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि टाइटल में यह बदलाव फिल्म को अलग पहचान देगा। पहले फिल्म केवल युद्ध और संघर्ष की कहानी प्रतीत हो रही थी, जबकि अब इसका नया नाम व्यापक सामाजिक और नैतिक संदेश भी प्रस्तुत करता है। फिल्म की रिलीज की तारीख अभी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन मेकर्स का दावा है कि यह अगले साल बड़े पर्दे पर आएगी। फिल्म भारत-चीन सीमा संघर्ष और भारतीय सैनिकों की वीरता को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। सलमान खान का यह प्रोजेक्ट दर्शकों को देशभक्ति, साहस और मानवता के भावनात्मक संदेश के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित होने वाला है। फिल्म के नए पोस्टर और टैगलाइन ने इसे सिर्फ एक मनोरंजक फिल्म से बढ़कर एक संदेशवाहक फिल्म बना दिया है, जिससे दर्शकों में उत्सुकता और उम्मीद दोनों बढ़ गई हैं। इस बदलाव के साथ, सलमान खान की फिल्म अब सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि शांति और मातृभूमि के प्रति सम्मान की कहानी के रूप में पेश की जाएगी।
आज सोम प्रदोष व्रत: भगवान शिव के अभिषेक का शुभ मुहूर्त शाम 6:29 से 8:53 बजे तक

नई दिल्ली । 16 मार्च को सोम प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जब प्रदोष व्रत सोमवार को पड़ता है तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है और इसका महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आने की मान्यता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। पंचांग के अनुसार आज प्रदोष काल में पूजा और अभिषेक का शुभ समय शाम 6:29 बजे से रात 8:53 बजे तक रहेगा। इस दौरान विधि-विधान से अभिषेक करने से भक्तों को विशेष आशीर्वाद मिलने की मान्यता है। अभिषेक करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी माना गया है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते समय उसका चिकना भाग ऊपर की ओर रखना चाहिए। भगवान शिव को कुमकुम और हल्दी अर्पित नहीं की जाती। पूजा के दौरान मन को शांत रखकर श्रद्धा और सकारात्मक भाव से भगवान शिव का स्मरण करना चाहिए। परंपरा के अनुसार इस दिन व्रत रखकर शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद और जल से अभिषेक किया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से व्यक्ति को दीर्घायु, आरोग्य, धन-धान्य और संतान सुख की प्राप्ति होती है।
नवरात्रि 2026: बिना गैस के बनाए ये 5 हेल्दी फलाहारी डिश, एनर्जी बनी रहेगी पूरे व्रत में

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि 2026 की तैयारियां अब से शुरू हो गई हैं। नवरात्रि के नौ दिन व्रत रखने वाले लोगों के लिए हेल्दी और हल्का भोजन जरूरी होता है, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहे। एलपीजी गैस की महंगाई और संकट को देखते हुए बिना गैस के बनने वाली फलाहारी डिशेज इस बार खास मददगार साबित होंगी। बिना गैस के 5 फालाहारी डिश: फ्रूट योगर्ट बाउल सामग्री: दही, केला, सेब, पपीता या अनार, शहद, ड्राई फ्रूट्स (बादाम, काजू) विधि: दही में कटे फल, शहद और ड्राई फ्रूट्स डालकर मिक्स करें। प्रोटीन, फाइबर और एनर्जी से भरपूर। मखाना ड्राई फ्रूट मिक्ससामग्री: भुना मखाना, बादाम, काजू, किशमिश, सेंधा नमक विधि: सभी चीजों को एक डिब्बे में मिलाकर रखें। भूख लगे तो खाएं, लंबे समय तक ऊर्जा देती है। केला-पीनट एनर्जी बाउल सामग्री: 1–2 केले, मूंगफली या पीनट बटर, शहद, चिया सीड्स विधि: केले काटकर पीनट बटर, शहद और चिया सीड्स डालें। तुरंत एनर्जी देने वाला फलाहार। कच्चा फलाहारी सलाद सामग्री: खीरा, टमाटर, उबला आलू, मूंगफली, सेंधा नमक, नींबू विधि: सबको काटकर बाउल में मिलाएं, ऊपर से नींबू और नमक डालें। हल्का और ताजगी भरा। मिल्क ड्राई फ्रूट शेक सामग्री: ठंडा दूध, खजूर या किशमिश, बादाम, केला विधि: मिक्सर में सबको ब्लेंड करें। दिनभर की थकान दूर करने में मदद करता है। ये रेसिपी जल्दी बनती हैं, हेल्दी हैं और पूरे व्रत में शरीर में ऊर्जा बनाए रखती हैं।