परदे पर शराबी का अमर अभिनय करने वाले केष्टो मुखर्जी की अनसुनी दास्तान, मंदिर जाते वक्त सड़क हादसे में थम गई थीं सांसें

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के सुनहरे इतिहास में कई ऐसे कलाकारों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है, जिनकी रील और रीयल लाइफ में जमीन-आसमान का अंतर था। एक ऐसे ही बेमिसाल अभिनेता थे केष्टो मुखर्जी, जिन्होंने परदे पर हमेशा एक पक्के शराबी का किरदार निभाकर दर्शकों को लोटपोट किया, लेकिन असल जिंदगी में उन्होंने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया। अपनी खास कॉमिक टाइमिंग, अनूठी शारीरिक भाषा और लड़खड़ाती जुबान से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले केष्टो मुखर्जी ने अपने करियर में ९० से भी अधिक फिल्मों में काम किया, मगर उनका यह मुकाम कड़े संघर्षों और बेहद अजीबो-गरीब दौर से गुजरकर हासिल हुआ था। कोलकाता के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे केष्टो को बचपन से ही अभिनय का गहरा शौक था, जिसके चलते उन्होंने शुरुआती दिनों में नुक्कड़ नाटकों और रंगमंच का रुख किया था। कोलकाता के रंगमंच पर सक्रियता के दौरान मशहूर फिल्मकार ऋत्विक घटक की पारखी नजर उन पर पड़ी। घटक ने केष्टो की असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अपनी बांग्ला फिल्म ‘नागरिक’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका दे दी। किस्मत का खेल देखिए कि यह फिल्म साल १९५२ में बनकर पूरी हो चुकी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे सिनेमाघरों तक पहुंचने में पूरे २५ साल लग गए। जब यह फिल्म १९७७ में रिलीज हुई, तब तक ऋत्विक घटक इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। अपने गुरु और मार्गदर्शक के निधन के गहरे सदमे के कारण केष्टो मुखर्जी ने इस फिल्म को अपने जीवन में कभी नहीं देखा। कोलकाता में कई बंगाली फिल्मों का हिस्सा रहने के बावजूद केष्टो को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे न तो उनके भीतर की अभिनय की भूख मिट रही थी और न ही परिवार का गुजारा हो पा रहा था। आर्थिक तंगहाली से जूझते हुए केष्टो मुखर्जी ने एक दिन आंखों में बड़े सपने लिए मायानगरी बॉम्बे का रुख किया। बॉम्बे आकर उन्होंने नए सिरे से काम की तलाश शुरू की और किसी तरह दिग्गज निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी से संपर्क साधे रखा। ऋषिकेश मुखर्जी ने उनकी अभिनय क्षमता का सम्मान करते हुए अपनी फिल्म ‘मुसाफिर’ में उन्हें एक स्ट्रीट डांसर का बेहद छोटा सा रोल दिया। इस छोटे से ब्रेक के बाद भी बॉम्बे जैसे बड़े शहर में खुद को स्थापित करने के लिए उनका संघर्ष थमा नहीं था। इसी जद्दोजहद के बीच एक दिन वह महान फिल्मकार बिमल रॉय से मिलने उनकी फिल्म के सेट पर पहुंच गए। बिमल रॉय उस समय शूटिंग के बेहद व्यस्त शेड्यूल में व्यस्त थे, इसलिए केष्टो वहीं एक कोने में बैठकर घंटों तक उनके फ्री होने का इंतजार करने लगे। काफी देर बाद जब बिमल रॉय फुर्सत में आए और केष्टो उनके सामने पहुंचे, तो उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि फिलहाल उनके पास कोई काम नहीं है और वह बाद में आएं। इस साफ इनकार के बाद भी केष्टो वहां से हिले नहीं, जिससे चिढ़कर बिमल रॉय ने उनसे पूछ लिया कि क्या तुम भौंक सकते हो, क्योंकि उन्हें अपनी फिल्म के एक दृश्य के लिए कुत्ते की आवाज की जरूरत थी। आम तौर पर ऐसा तीखा सवाल सुनकर कोई भी स्वाभिमानी कलाकार वहां से चला जाता, लेकिन केष्टो ने धैर्य रखा और तुरंत पूरी शिद्दत के साथ सेट पर ही कुत्ते की आवाज निकालने लगे। उनकी इस अप्रत्याशित हरकत और अभिनय के प्रति गजब का समर्पण देखकर बिमल रॉय पूरी तरह हैरान रह गए और उन्होंने तुरंत केष्टो को अपनी फिल्म के लिए साइन कर लिया। इस ऐतिहासिक घटना के बाद केष्टो मुखर्जी की बॉलीवुड में राह आसान हो गई और उन्होंने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह हिंदी सिनेमा के सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद हास्य कलाकारों में शुमार हो गए, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। महज ५६ वर्ष की उम्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने उनके इस सुनहरे सफर पर हमेशा के लिए विराम लगा दिया। वह मुंबई के समीप स्थित एक प्रसिद्ध गणपति मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान अगले ही दिन दिल का दौरा पड़ने के कारण इस महान कलाकार का असमय निधन हो गया।
मिथुन चक्रवर्ती की बेटी दिशानी ने की सगाई, विदेशी बॉयफ्रेंड के प्रपोजल को कहा ‘हां’, रोमांटिक तस्वीरें वायरल

नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के परिवार में खुशियों ने दस्तक दी है। उनकी बेटी दिशानी चक्रवर्ती ने अपने लंबे समय से बॉयफ्रेंड रहे माइल्स मैंटजारिस के साथ सगाई कर ली है। सगाई की खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आते ही वायरल हो गईं और फैंस से लेकर फिल्मी हस्तियों तक सभी उन्हें बधाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों में दोनों का रोमांटिक अंदाज और एक-दूसरे के प्रति प्यार साफ नजर आ रहा है। दिशानी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर सगाई समारोह की कई तस्वीरें साझा की हैं। तस्वीरों में वह अपनी इंगेजमेंट रिंग फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं, जबकि उनके चेहरे पर इस खास पल की खुशी साफ दिखाई दे रही है। माइल्स मैंटजारिस ने बेहद खास अंदाज में उन्हें प्रपोज किया, जिसे यादगार बनाने के लिए खूबसूरत लोकेशन और शानदार सजावट का भी इंतजाम किया गया था। तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे के साथ बेहद खुश और भावुक नजर आ रहे हैं। सगाई की तस्वीरों के साथ दिशानी ने अपनी शादी की तारीख का भी खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वह और माइल्स 6 दिसंबर 2026 को शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। फैंस लगातार कमेंट कर कपल को नए जीवन की शुभकामनाएं दे रहे हैं। लुक की बात करें तो दिशानी ने इस खास मौके पर सफेद रंग की खूबसूरत ड्रेस पहनी थी, जिसमें वह बेहद आकर्षक और एलिगेंट नजर आ रही थीं। वहीं माइल्स ब्लैक आउटफिट में दिखाई दिए। दोनों की जोड़ी को सोशल मीडिया यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं। तस्वीरों में उनकी केमिस्ट्री और रोमांटिक अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है। प्रपोजल की तस्वीरों में यह भी देखने को मिला कि माइल्स ने इस पल को यादगार बनाने के लिए खास तैयारी की थी। शानदार लोकेशन, खूबसूरत नजारा और रोमांटिक माहौल ने इस सगाई को और भी खास बना दिया। यही वजह है कि तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं और चर्चा का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि दिशानी चक्रवर्ती, मिथुन चक्रवर्ती की गोद ली हुई बेटी हैं। मिथुन ने उन्हें बचपन में अपनाया था और हमेशा अपनी बेटी की तरह प्यार और परवरिश दी। दिशानी अपने तीन भाइयों की इकलौती बहन हैं और परिवार के बेहद करीब मानी जाती हैं। अब उनकी सगाई की खबर से पूरा परिवार खुशी के माहौल में है। फैंस को अब 6 दिसंबर 2026 का इंतजार है, जब दिशानी और माइल्स शादी के बंधन में बंधकर अपने जीवन की नई शुरुआत करेंगे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों ने इस खुशखबरी को और भी खास बना दिया है।
दबंग 2 नहीं, 56 साल पुरानी है ‘फुलौरी बिना चटनी’ की कहानी, अब धमाल 4 में फिर गूंजेगी लोकधुन

नई दिल्ली । भोजपुरी लोकसंगीत की अमर धुन ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ एक बार फिर चर्चा में है। फिल्म ‘धमाल 4’ के नए गीत ‘चटनी’ में इस लोकप्रिय लोकधुन को रीक्रिएट किया गया है, जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर मनोरंजन जगत तक इसकी खूब चर्चा हो रही है। हालांकि अधिकांश लोग इस गीत को सलमान खान की फिल्म ‘दबंग 2’ से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसकी असली कहानी इससे कहीं ज्यादा पुरानी और दिलचस्प है। यह गीत करीब 56 साल पहले भोजपुरी लोकसंस्कृति से निकलकर कैरेबियन देशों तक पहुंचा और फिर वहां से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने में सफल रहा। ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ मूल रूप से एक पारंपरिक भोजपुरी लोकगीत है। फुलौरी एक लोकप्रिय पकवान है, जिसे आमतौर पर चटनी के साथ खाया जाता है। इसी वजह से गीत की पंक्ति ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ यह संदेश देती है कि कुछ चीजें एक-दूसरे के बिना अधूरी होती हैं। यही सरल लेकिन प्रभावी भाव इस गीत को आम लोगों से जोड़ता है। इतिहासकारों के अनुसार 19वीं सदी में भारत से त्रिनिदाद और टोबैगो सहित कई कैरेबियन देशों में गए गिरमिटिया मजदूर अपने साथ भोजपुरी भाषा, संस्कृति और लोकगीतों की विरासत भी लेकर गए थे। उन्हीं गीतों में ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ भी शामिल था। समय के साथ यह गीत वहां की स्थानीय संस्कृति का हिस्सा बन गया और पीढ़ी दर पीढ़ी गाया जाता रहा। इस गीत को वैश्विक पहचान दिलाने का सबसे बड़ा श्रेय प्रसिद्ध गायक सुंदर पोपो को जाता है। ‘किंग ऑफ चटनी म्यूजिक’ के नाम से मशहूर सुंदर पोपो ने वर्ष 1969 के आसपास भोजपुरी लोकधुनों को कैरेबियन संगीत और आधुनिक बीट्स के साथ जोड़कर नया प्रयोग किया। उनके गाए ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। यही वह दौर था जब ‘चटनी म्यूजिक’ नाम की नई संगीत शैली दुनिया के सामने आई। भोजपुरी लोकसंगीत, भारतीय सुरों और कैरेबियन लय का यह अनोखा संगम लोगों को बेहद पसंद आया। भारत में इस गीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम बाबला और कंचन की मशहूर जोड़ी ने किया। 1980 के दशक में उनके द्वारा पेश किया गया संस्करण सुपरहिट साबित हुआ। बड़ी संख्या में भारतीय श्रोताओं ने पहली बार इसी वर्जन के जरिए इस गीत को सुना। इसके बाद भोजपुरी संगीत जगत ने भी इस धुन को भरपूर अपनाया। लोकगायिका कल्पना पटवारी समेत कई कलाकारों ने अपने-अपने अंदाज में इसे गाया और यह गीत भोजपुरी संस्कृति का एक तरह से फोक एंथम बन गया। बॉलीवुड भी इस लोकप्रिय धुन के आकर्षण से अछूता नहीं रहा। 1994 की फिल्म ‘घर की इज्जत’ में इसकी झलक दिखाई दी, लेकिन वर्ष 2012 में फिल्म ‘दबंग 2’ के जरिए इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम हुआ। ममता शर्मा और वाजिद अली की आवाज में आया यह संस्करण देशभर में हिट साबित हुआ और आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। अब एक बार फिर यह ऐतिहासिक धुन फिल्म ‘धमाल 4’ के जरिए दर्शकों के सामने लौट रही है। हाल ही में रिलीज हुए ‘चटनी’ गीत में रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और अंजलि देशपांडे मस्ती भरे अंदाज में नजर आ रहे हैं। गीत को आधुनिक संगीत के साथ पेश किया गया है, लेकिन इसकी लोकधुन आज भी वैसी ही ताजगी और अपनापन लिए हुए है। भोजपुरी गांवों से शुरू होकर कैरेबियन देशों तक और फिर बॉलीवुड की चमकदार दुनिया तक पहुंचने वाला ‘फुलौरी बिना चटनी कैसे बनी’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय लोकसंस्कृति की वैश्विक यात्रा का प्रतीक है। यही वजह है कि बदलते दौर, बदलती पीढ़ियों और नए संगीत ट्रेंड्स के बावजूद इस गीत का जादू आज भी कायम है।
मंगलवार पूजा विधि: बजरंगबली की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, दूर होंगे संकट और मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

नई दिल्ली ; धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह का मंगलवार भगवान हनुमान की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जीवन से भय, संकट, रोग और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है। हिंदू धर्म में हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना गया है। इसलिए मंगलवार को उनकी विशेष पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मंगलवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल या हनुमान मंदिर में जाकर पूजा की शुरुआत करनी चाहिए। पूजा के दौरान हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल, गुड़ और चने का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है, इसलिए सिंदूर अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। पूजा के समय दीपक और धूप जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है। कई श्रद्धालु इस दिन सुंदरकांड, बजरंग बाण और हनुमान अष्टक का पाठ भी करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन स्तोत्रों और पाठों के नियमित जाप से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। मंगलवार के दिन व्रत रखने की भी परंपरा है। मान्यता है कि श्रद्धा और संयम के साथ रखा गया मंगलवार का व्रत व्यक्ति की मनोकामनाएं पूर्ण करने में सहायक होता है। कुछ लोग इस दिन केवल एक समय भोजन करते हैं, जबकि कई श्रद्धालु फलाहार ग्रहण कर दिनभर भगवान हनुमान का स्मरण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के साथ पूजा करने से उसका पुण्यफल और अधिक बढ़ जाता है। मंगलवार को दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। लाल मसूर की दाल, गुड़, तांबे के पात्र, लाल वस्त्र या जरूरतमंदों को भोजन कराने को शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए दान से मंगल दोषों के प्रभाव में कमी आती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा हनुमान मंदिर में जाकर दर्शन करना और बंदरों को फल, गुड़ या चना खिलाना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और नियमपूर्वक की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में आत्मबल, साहस और सकारात्मकता का संचार करती है। यही कारण है कि देशभर में लाखों श्रद्धालु इस दिन हनुमान जी की विशेष आराधना कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना करते हैं।
स्किन केयर में बेसन का कमाल: महंगे प्रोडक्ट्स को दे सकता है टक्कर, चेहरे पर लाएगा प्राकृतिक निखार

नई दिल्ली ; आज के समय में हर कोई स्वस्थ, चमकदार और बेदाग त्वचा पाना चाहता है। इसके लिए लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट्स पर हजारों रुपये खर्च करते हैं। हालांकि, भारतीय परंपरा में कई ऐसे घरेलू उपाय मौजूद हैं जो कम खर्च में त्वचा की देखभाल करने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं में से एक है बेसन। वर्षों से बेसन का उपयोग घरेलू उबटन और फेस पैक के रूप में किया जाता रहा है। माना जाता है कि यह त्वचा की गहराई से सफाई करने और प्राकृतिक निखार बनाए रखने में सहायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार बेसन त्वचा पर जमा अतिरिक्त तेल, धूल और गंदगी को हटाने में मदद करता है। नियमित रूप से बेसन का उपयोग करने से त्वचा साफ और ताजगी भरी महसूस हो सकती है। यही कारण है कि कई लोग फेस वॉश की जगह बेसन का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपनी त्वचा की प्रकृति को समझना जरूरी है। त्वचा पर निखार लाने के लिए बेसन और दही का फेस पैक काफी लोकप्रिय माना जाता है। दही में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी प्रदान करने में मदद करते हैं, जबकि बेसन त्वचा की सफाई का काम करता है। इसी तरह बेसन में हल्दी मिलाकर बनाया गया उबटन भी पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों पर दूल्हा-दुल्हन को हल्दी-बेसन का उबटन लगाने की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है। ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए बेसन और गुलाब जल का मिश्रण उपयोगी माना जाता है। यह त्वचा को ताजगी देने और अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। वहीं, शुष्क त्वचा वाले लोग बेसन में दूध या शहद मिलाकर फेस पैक तैयार कर सकते हैं। इससे त्वचा को पोषण और नमी मिलने में सहायता मिल सकती है। बेसन का उपयोग हल्के एक्सफोलिएटर के रूप में भी किया जाता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है, जिससे त्वचा अधिक साफ और चमकदार दिखाई देती है। हालांकि, बहुत अधिक रगड़ने से त्वचा को नुकसान भी पहुंच सकता है, इसलिए इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। यदि त्वचा पर जलन, खुजली या एलर्जी जैसी समस्या महसूस हो तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। साथ ही, गंभीर त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है। सही खानपान, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और नियमित स्किन केयर रूटीन के साथ बेसन जैसे पारंपरिक उपाय त्वचा की देखभाल में सहायक भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि आज भी बेसन भारतीय घरेलू सौंदर्य उपचारों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
वास्तविक जीवन में मदिरा को हाथ न लगाने वाले हास्य अभिनेता की अनसुनी दास्तान, मंदिर जाते समय हुए सड़क हादसे में थम गई थीं सांसें

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे विलक्षण कलाकार हुए हैं, जिनकी ऑन-स्क्रीन छवि और वास्तविक जीवन के आचरण में जमीन-आसमान का अंतर था। इस फेहरिस्त में सबसे लोकप्रिय नामों में से एक नाम दिवंगत अभिनेता केष्टो मुखर्जी का है। केष्टो मुखर्जी ने रुपहले पर्दे पर हमेशा एक ऐसे शराबी के किरदारों को जीवंत किया, जिसे देखकर दर्शक अपनी हंसी नहीं रोक पाते थे। आम जनता उन्हें असल जिंदगी में भी शराबी समझने की भूल कर बैठती थी, जबकि हकीकत यह थी कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया था। उनका पूरा सफरनामा कला के प्रति अटूट निष्ठा, कड़े संघर्षों और अप्रत्याशित मोड़ों की एक अनूठी दास्तान है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जन्मे केष्टो मुखर्जी को बचपन से ही अभिनय का गहरा शौक था, जिसके कारण उन्होंने बेहद कम उम्र में ही नुक्कड़ नाटकों और स्थानीय रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत कर दी थी। रंगमंच पर उनकी शानदार प्रतिभा को देखकर उस दौर के महान बंगाली फिल्मकार ऋत्विक घटक बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने केष्टो को अपनी प्रतिष्ठित बांग्ला फिल्म ‘नागरिक’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका की पेशकश की। नियति का खेल देखिए कि यह फिल्म साल 1952 में ही बनकर पूरी तरह तैयार हो चुकी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे रिलीज होने में पूरे 25 साल का लंबा समय लग गया। जब यह फिल्म 1977 में सिनेमाघरों में पहुंची, तब तक ऋत्विक घटक इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। अपने गुरु के जाने के गम में केष्टो मुखर्जी इतने भावुक हो गए थे कि उन्होंने इस फिल्म को जीवनभर कभी नहीं देखा। कोलकाता के सिनेमाई हलकों में कई बंगाली फिल्मों का हिस्सा रहने के बावजूद केष्टो मुखर्जी को वह पहचान और आर्थिक संबल नहीं मिल पा रहा था, जिसके वह हकदार थे। न तो उनके परिवार का गुजारा ठीक से हो पा रहा था और न ही उनके भीतर के कलाकार की भूख शांत हो रही थी। आखिरकार, अपनी आंखों में एक बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना संजोकर उन्होंने देश की आर्थिक राजधानी और मायानगरी बॉम्बे का रुख किया। मुंबई आने के बाद शुरुआती दिन बेहद तंगहाली और संघर्ष में बीते। उन्होंने हार न मानते हुए लगातार प्रयास किए और किसी तरह मशहूर निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी से संपर्क स्थापित किया। ऋषिकेश मुखर्जी ने उनकी प्रतिभा का सम्मान करते हुए अपनी फिल्म ‘मुसाफिर’ में उन्हें एक स्ट्रीट डांसर का बहुत छोटा सा रोल दिया, जिससे उनके हिंदी सिनेमा के सफर का आधिकारिक तौर पर आगाज हुआ। बॉम्बे में खुद को स्थापित करने की इसी जद्दोजहद के दौरान केष्टो मुखर्जी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक वाकया सामने आया, जब वह काम की तलाश में महान फिल्ममेकर बिमल रॉय के सेट पर पहुंचे थे। बिमल रॉय उस समय अपनी फिल्म की शूटिंग में बेहद व्यस्त थे और केष्टो बिना थके घंटों एक कोने में खड़े होकर उनकी फुर्सत का इंतजार करते रहे। काफी देर बाद जब बिमल रॉय की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि फिलहाल उनके पास देने के लिए कोई काम नहीं है और वह बाद में आएं। इसके बावजूद केष्टो वहां से नहीं गए। कुछ समय बाद बिमल रॉय ने जब दोबारा उन्हें वहीं खड़ा देखा, तो वह थोड़े असहज और चिढ़ गए। उन्होंने केष्टो से पूछा कि क्या तुम भौंक सकते हो, मुझे अपनी फिल्म के एक दृश्य के लिए कुत्ते की प्रामाणिक आवाज की जरूरत है, क्या तुम यह कर पाओगे। यह एक ऐसा सवाल था जो किसी भी स्वाभिमानी अभिनेता को निराश और आहत कर सकता था, लेकिन केष्टो मुखर्जी ने इसे एक बड़ी चुनौती और अवसर के रूप में स्वीकार किया। वह कुछ पल के लिए बिल्कुल शांत हुए और फिर पूरे समर्पण के साथ सेट पर ही जोर-जोर से कुत्ते की आवाज निकालने लगे। उनकी इस अप्रत्याशित और सजीव प्रस्तुति ने बिमल रॉय समेत पूरे सेट पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। बिमल रॉय के पास कहने के लिए कोई शब्द नहीं बचे थे और उन्होंने केष्टो की प्रतिभा का लोहा मानते हुए तुरंत उन्हें अपनी फिल्म के लिए अनुबंधित कर लिया। इस घटना के बाद केष्टो मुखर्जी के लिए बॉलीवुड के दरवाजे पूरी तरह खुल गए और उन्होंने अपने पूरे करियर में 90 से अधिक फिल्मों में अपनी विशिष्ट अदाकारी का लोहा मनवाया। सफलता के शिखर पर पहुंचने और दर्शकों को दशकों तक हंसाने वाले इस महान कलाकार का अंत बेहद दुखद रहा। मात्र 56 वर्ष की आयु में नियति ने उन्हें हमसे छीन लिया। एक दिन जब वह मुंबई के पास स्थित एक प्रसिद्ध गणपति मंदिर में दर्शन करने के लिए अपनी कार से जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में केष्टो मुखर्जी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद दुर्घटना के अगले ही दिन दिल का दौरा पड़ने के कारण इस महान हास्य अभिनेता का असमय निधन हो गया।
6 जून 2026 का राशिफल: मेष से मीन तक सभी राशियों का दिन कैसा रहेगा, जानें पूरी भविष्यवाणी

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर 16 जून 2026 का दैनिक राशिफल तैयार किया गया है। इस दिन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग देखने को मिलेगा। मंगलवार का दिन होने के कारण भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व भी बताया गया है, जिससे भय, रोग और कष्टों से राहत मिलने की मान्यता है। मेष राशिप्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। वृषभ राशिनिवेश के लिए दिन अच्छा है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लव लाइफ बेहतर रहेगी। मिथुन राशिरिश्तों में बातचीत से सुधार होगा लेकिन स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। कर्क राशिकाम में आत्मविश्वास से सफलता मिलेगी और वित्तीय स्थिति ठीक रहेगी। सिंह राशिप्रेम जीवन और करियर दोनों में सकारात्मकता रहेगी, स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कन्या राशिरिश्तों और आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है, सोच-समझकर निर्णय लें। तुला राशिकरियर और प्रेम जीवन दोनों में संतुलन बना रहेगा और आर्थिक निर्णय लाभकारी हो सकते हैं। वृश्चिक राशिप्रेम संबंध मजबूत होंगे, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां संभव हैं। धनु राशिकरियर में सफलता और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी, स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। मकर राशिपैसों के मामलों में सतर्कता रखें और कार्यस्थल पर जिम्मेदारी से काम करें। कुंभ राशिनई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, लेकिन स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मीन राशिलव लाइफ मजबूत रहेगी और करियर में रचनात्मकता बढ़ेगी, हालांकि स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी है।
तुला राशि पर सफलता की मेहरबानी, नौकरी, व्यापार और पारिवारिक मामलों में मिल सकते हैं बड़े सकारात्मक संकेत

नई दिल्ली । जून माह का यह सप्ताह तुला राशि के जातकों के लिए कई क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला माना जा रहा है। करियर, व्यापार, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में प्रगति के संकेत दिखाई दे रहे हैं। सप्ताह के दौरान कई ऐसे अवसर सामने आ सकते हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बन सकते हैं। हालांकि कुछ मामलों में सावधानी और संतुलित निर्णय लेना भी आवश्यक रहेगा। व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से यह समय लाभकारी माना जा रहा है। साझेदारी में व्यवसाय करने वाले लोगों के बीच चल रहे पुराने मतभेद समाप्त हो सकते हैं, जिससे नए निवेश और विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। पारंपरिक और पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। कारोबार में नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों को शामिल करने से कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा लंबे समय से चली आ रही कुछ व्यावसायिक चुनौतियों का समाधान निकल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी सप्ताह उत्साहजनक रह सकता है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होने की संभावना है। पेशेवर जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के कारण प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि हो सकती है। कुछ लोगों को आधिकारिक यात्राओं का अवसर मिल सकता है, जो भविष्य में करियर के लिए लाभदायक साबित होगा। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को भी नए अवसर प्राप्त होने के संकेत मिल रहे हैं। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय मेहनत के सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। अध्ययन में एकाग्रता बनी रहेगी और प्रतिस्पर्धी वातावरण में बेहतर प्रदर्शन की संभावना दिखाई दे रही है। खेल और अन्य प्रतिभा आधारित क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को भी अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में सामंजस्य और सहयोग का वातावरण बना रह सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कुछ विवादों का समाधान निकलने की संभावना है। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिल सकते हैं, जिससे घर में प्रसन्नता का माहौल रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम की योजना भी बन सकती है। प्रेम संबंधों के मामले में यह सप्ताह अनुकूल संकेत दे रहा है। जीवनसाथी या प्रेमी के साथ संबंधों में मधुरता बढ़ सकती है। आपसी समझ और संवाद बेहतर होने से रिश्तों में मजबूती आएगी। भावनात्मक स्तर पर भी संतोष और स्थिरता महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामान्य रूप से स्थिति संतुलित रहने की संभावना है। मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास अच्छा बना रहेगा। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से शरीर में संक्रमण या पानी की कमी से जुड़ी समस्याओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए भी यह सप्ताह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। समाज सेवा, नेतृत्व या जनसंपर्क के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को सम्मान और पहचान मिलने के संकेत हैं। इससे उनके प्रभाव और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। कुल मिलाकर यह सप्ताह तुला राशि के जातकों के लिए अवसरों, उपलब्धियों और सकारात्मक बदलावों का संकेत देता है। सही समय पर सही निर्णय लेने से कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं, जबकि छोटी लापरवाही संभावित लाभ को प्रभावित कर सकती है।
Ramayana Controversy: रामायण पर कथित टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद, अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ तिरुपति अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज

Ramayana Controversy: नई दिल्ली । अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने एक कथित बयान को लेकर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। रामायण और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी उनकी कथित टिप्पणियों के खिलाफ तिरुपति की एक अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिनेता द्वारा सार्वजनिक मंचों पर दिए गए कुछ बयान धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं और समाज में अनावश्यक विवाद तथा तनाव की स्थिति पैदा कर सकते हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने लगी। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस वीडियो में अभिनेता रामायण और उससे जुड़े प्रमुख पात्रों के संबंध में ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें हिंदू समुदाय के एक वर्ग ने आपत्तिजनक माना है। वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रिया सामने आई और विवाद ने कानूनी रूप ले लिया। रामायण पर कथित टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद, अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ तिरुपति अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों को धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर टिप्पणी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आरोप लगाया गया है कि संबंधित बयान न केवल धार्मिक मान्यताओं को प्रभावित करते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर भी प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। शिकायतकर्ता ने अदालत से मामले को गंभीरता से लेने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। अदालत में दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में धार्मिक आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में यदि किसी सार्वजनिक टिप्पणी से किसी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता का मानना है कि इस मामले में तथ्यों की पड़ताल कर यह निर्धारित किया जाना आवश्यक है कि संबंधित बयान कानून के दायरे में किस प्रकार आते हैं। विवाद का एक पहलू यह भी है कि शिकायत में अभिनेता पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों को लेकर विवादास्पद बहस को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस प्रकार के बयान समाज में अनावश्यक वैचारिक टकराव उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए मामले को केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का प्रश्न मानने के बजाय उसके व्यापक सामाजिक प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। CONGRESS SMART METER PROTEST: ग्वालियर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, बोले-शिकायतें दूर करो, फिर लगाओ स्मार्ट मीटर कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत अब शिकायत में प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया किस प्रकार संचालित होगी। यदि अदालत प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाती है, तो संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने या अन्य आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन को लेकर चल रही व्यापक बहस को भी एक बार फिर चर्चा में ले आया है। देश में समय-समय पर सार्वजनिक हस्तियों की टिप्पणियों को लेकर ऐसे विवाद सामने आते रहे हैं, जिनमें कानूनी और सामाजिक दोनों पहलुओं पर विमर्श होता है। फिलहाल मामला न्यायिक विचाराधीन प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है और सभी पक्षों की नजर अदालत की आगामी कार्रवाई पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में होने वाले कानूनी घटनाक्रम पर व्यापक ध्यान रहने की संभावना है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले में फिर टली सुनवाई, अदालत ने 7 अगस्त की नई तारीख की तय

नई दिल्ली । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय तथा उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक मामले की सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में निर्धारित सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने के कारण अदालत ने मामले की अगली तारीख 7 अगस्त तय की है। इस घटनाक्रम के बाद यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान न तो मुख्यमंत्री विजय अदालत पहुंचे और न ही उनकी पत्नी संगीता ने व्यक्तिगत रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की गैरहाजिरी को ध्यान में रखते हुए सुनवाई को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। यह मामला पिछले कई महीनों से फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। इससे पहले भी कई अवसरों पर सुनवाई निर्धारित होने के बावजूद दोनों पक्ष व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। कानूनी प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति को लेकर भी अदालत के समक्ष अनुरोध प्रस्तुत किए गए थे। मुख्यमंत्री पद से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण कारणों के रूप में बताया गया है। संगीता ने वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए वैवाहिक संबंध समाप्त करने की मांग की थी। याचिका में यह कहा गया था कि पति-पत्नी के बीच उत्पन्न मतभेद ऐसे स्तर तक पहुंच चुके हैं जहां वैवाहिक संबंधों को सामान्य रूप से आगे बढ़ाना संभव नहीं रह गया है। याचिका में वैधानिक अधिकारों से संबंधित अन्य मांगों को भी शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री विजय का सार्वजनिक जीवन लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है। फिल्म जगत में लोकप्रिय अभिनेता के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और अपनी पार्टी के माध्यम से राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक छवि पर लोगों की विशेष नजर बनी हुई है। इसी कारण उनके निजी जीवन से जुड़ा यह कानूनी मामला भी व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के निजी मामलों को लेकर लोगों की स्वाभाविक रुचि रहती है, हालांकि कानूनी प्रक्रिया को पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में अदालत दोनों पक्षों को पर्याप्त अवसर देती है ताकि किसी भी संभावित समाधान की संभावना को परखा जा सके। ऐसे मामलों में अदालत की प्राथमिकता कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षा करना होती है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। उस दिन अदालत मामले की प्रगति, पक्षकारों की उपस्थिति और आगे की कानूनी कार्यवाही को लेकर निर्णय ले सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस चर्चित मामले में आगे की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है। Google Photo Search Suggestion: