Chambalkichugli.com

आज का राशिफल 5 जून 2026: कन्या राशि वालों के लिए बड़ी सफलता के संकेत, जानें सभी राशियों का हाल

नई दिल्ली । 5 जून 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार मिश्रित परिणाम लेकर आ रहा है। कुछ राशियों के लिए यह दिन तरक्की और लाभ का संकेत दे रहा है, वहीं कुछ के लिए संयम और सतर्कता जरूरी होगी। मेष से कर्क राशिफल: आत्मविश्वास और जिम्मेदारी का दिनमेष राशि: अधिकारों की रक्षा में सफलता मिलेगी। सरकारी कामों में प्रगति संभव है।वृष राशि: भाग्य का साथ मिलेगा, करियर में सकारात्मकता बनी रहेगी।मिथुन राशि: सेहत और नियमों पर ध्यान दें, खर्च बढ़ सकता है।कर्क राशि: घर में खुशियों का माहौल रहेगा और आर्थिक कार्यों में सुधार होगा। सिंह से वृश्चिक राशिफल: सावधानी और अवसर दोनोंसिंह राशि: करियर में धैर्य रखें और खर्च पर नियंत्रण जरूरी है।कन्या राशि: मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा, व्यापार में लाभ के योग हैं और मनोबल ऊंचा रहेगा।तुला राशि: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खरीदारी के अवसर मिलेंगे, लेकिन विवाद से बचें।वृश्चिक राशि: व्यापार में तेजी आएगी और प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलेगी। धनु से मीन राशिफल: प्रगति और संतुलन का समयधनु राशि: पारिवारिक और आर्थिक जीवन में सुधार होगा।मकर राशि: रचनात्मक कार्यों में सफलता और नए अवसर मिलेंगे।कुंभ राशि: धैर्य और अनुशासन से आगे बढ़ें, खर्च नियंत्रित रखें।मीन राशि: आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा और कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। 5 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रहा है, खासकर कन्या, तुला और मीन राशि वालों के लिए यह दिन लाभदायक साबित हो सकता है। कुछ राशियों को संयम और सतर्कता के साथ निर्णय लेने की सलाह दी गई है।

दिलीप कुमार के सामने बोला पहला डायलॉग और खुल गए किस्मत के दरवाजे, अरुणा ईरानी ने साझा की यादगार कहानी

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में पांच दशक से अधिक समय तक अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रभाव छोड़ने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री अरुणा ईरानी ने अपने करियर की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे बचपन में एक साधारण ऑडिशन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और उन्हें फिल्मी दुनिया तक पहुंचाने का रास्ता तैयार किया। अरुणा ईरानी ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय वह काफी छोटी थीं और अपने परिवार के साथ एक रिहायशी इमारत में रहती थीं। एक दिन वहां एक कास्टिंग टीम बच्चों की तलाश में पहुंची। टीम ने इमारत में रहने वाले बच्चों को अभिनय के लिए ऑडिशन देने का निमंत्रण दिया। बच्चों को आकर्षित करने के लिए वहां वेफर्स और कोल्ड ड्रिंक की भी व्यवस्था की गई थी, जिससे माहौल उत्साहपूर्ण बन गया था। उन्होंने बताया कि यह सुनकर वह भी अपने दोस्तों के साथ ऑडिशन स्थल पर पहुंच गईं। उस समय उन्हें अभिनय की दुनिया के बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं थी और वह अन्य बच्चों की तरह वहां मौजूद माहौल का आनंद ले रही थीं। ऑडिशन के दौरान वह एक कोने में खड़ी होकर आराम से वेफर्स खा रही थीं और कोल्ड ड्रिंक पी रही थीं। तभी वहां मौजूद लोगों में से किसी की नजर उन पर पड़ी और उन्हें सामने बुलाया गया। अरुणा ने बताया कि जब वह आगे बढ़ीं तो उन्हें पता चला कि सामने हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता दिलीप कुमार बैठे हुए हैं। यह उनके लिए बेहद अप्रत्याशित और यादगार क्षण था। उन्होंने कहा कि दिलीप कुमार ने उनसे पूछा कि क्या वह संवाद बोल सकती हैं। इसके बाद उन्हें एक छोटा-सा संवाद दिया गया और उसे डर के भाव के साथ बोलने के लिए कहा गया। अभिनेत्री के अनुसार उन्होंने बिना घबराए पूरे आत्मविश्वास के साथ संवाद प्रस्तुत किया। उनके प्रदर्शन से वहां मौजूद लोग प्रभावित हुए और उन्हें ऑडिशन के लिए चुन लिया गया। यही वह पल था जिसने उनके अभिनय करियर की नींव रखी और फिल्मी दुनिया में प्रवेश का रास्ता खोल दिया। अरुणा ईरानी ने कहा कि उस दिन का अनुभव आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा है। उनके अनुसार जीवन में कई बार ऐसे अवसर अचानक सामने आते हैं, जो भविष्य को पूरी तरह बदल देते हैं। यदि वह उस दिन ऑडिशन में नहीं जातीं, तो शायद उनका जीवन किसी दूसरी दिशा में आगे बढ़ता। उन्होंने यह भी बताया कि अभिनय के प्रति उनका रुझान पारिवारिक माहौल से भी प्रभावित था। उनके पिता नाट्य गतिविधियों से जुड़े हुए थे, जबकि उनकी मां भी अभिनय क्षेत्र में सक्रिय थीं। यही कारण था कि परिवार ने उनके अभिनय करियर का समर्थन किया और उन्हें अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिला। अरुणा ईरानी का फिल्मी सफर भारतीय सिनेमा के सबसे सफल और लंबे करियरों में गिना जाता है। उन्होंने अपने अभिनय से विभिन्न पीढ़ियों के दर्शकों का मनोरंजन किया और कई यादगार भूमिकाओं के जरिए इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई। उनका यह अनुभव न केवल संघर्ष और अवसर की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रतिभा और सही मौके का मेल किसी भी व्यक्ति की जिंदगी को नई दिशा दे सकता है।

फिल्म ‘मां बहन’ की रिलीज के बीच तृप्ति डिमरी का खुलासा, बोलीं- बचपन में खूब डांट और मार पड़ी है

नई दिल्ली । अपनी नई फिल्म मां बहन की रिलीज को लेकर उत्साहित अभिनेत्री तृप्ति डिमरी इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने अपने बचपन से जुड़ी कई दिलचस्प यादें साझा कीं, जिन्होंने बातचीत को हल्के-फुल्के और भावनात्मक रंग से भर दिया। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि बचपन में उन्हें अक्सर डांट और सजा का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज वे उन अनुभवों को मुस्कुराते हुए याद करती हैं। एक बातचीत में तृप्ति ने कहा कि लगभग हर बच्चे की तरह उन्हें भी अपने माता-पिता से कभी न कभी डांट या मार पड़ी होगी। उन्होंने हंसते हुए बताया कि उनके बचपन में यह इतना सामान्य था कि कभी-कभी बिना किसी बड़ी वजह के भी उन्हें डांट पड़ जाती थी। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्हें मार नहीं पड़ती थी, उस दिन भी किसी न किसी कारण से डांट सुनने को मिल जाती थी। उनकी यह बात सुनकर मौजूद लोग भी मुस्कुरा उठे। अभिनेत्री ने कहा कि बचपन की ये घटनाएं उस समय भले ही कठिन लगती थीं, लेकिन समय बीतने के साथ वे जीवन की प्यारी यादों का हिस्सा बन जाती हैं। उनका मानना है कि परिवार और परवरिश से जुड़े ऐसे अनुभव व्यक्ति के व्यक्तित्व को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि आज वे उन दिनों को किसी शिकायत के बजाय स्नेह और अपनत्व के साथ याद करती हैं। अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए तृप्ति ने बताया कि कहानी में मौजूद तीनों प्रमुख किरदार अलग-अलग परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करते हैं। उनके अनुसार, फिल्म का परिवार पूरी तरह व्यवस्थित नहीं है, बल्कि उसमें कई तरह की उलझनें और विसंगतियां हैं। हालांकि यही अव्यवस्था कहानी को रोचक बनाती है और दर्शकों को किरदारों से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि फिल्म में ऐसे कई मौके आते हैं जब मुख्य पात्रों को अचानक पैदा हुई मुश्किल परिस्थितियों से निपटने के लिए नए रास्ते खोजने पड़ते हैं। यही संघर्ष और हास्य का मिश्रण फिल्म को मनोरंजक बनाता है। कहानी केवल कॉमेडी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें रिश्तों, पारिवारिक बंधनों और कठिन समय में एक-दूसरे का साथ देने की भावना को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी के निर्देशन में बनी यह फिल्म अब दर्शकों के लिए उपलब्ध है। फिल्म में तृप्ति के साथ माधुरी दीक्षित नेने, रवि किशन, धारणा दुर्गा, गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है जिसकी जिंदगी तब अचानक बदल जाती है जब घर की रसोई में एक लाश मिलती है। इसके बाद घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है और परिवार के सदस्यों को कई अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कॉमेडी, रहस्य और पारिवारिक भावनाओं के संतुलन के साथ फिल्म दर्शकों को एक अलग अनुभव देने का प्रयास करती है।

आईपीएल फाइनल वीडियो विवाद पर नुसरत भरूचा की सफाई, बोलीं- अफवाहों पर नहीं, तथ्यों पर करें भरोसा

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री Nushrratt Bharuccha ने आईपीएल फाइनल से जुड़ी एक वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और दावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हाल के दिनों में एक वीडियो को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिसमें सुनाई देने वाली कुछ आवाजों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे थे। अब अभिनेत्री ने स्वयं सामने आकर पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट करने की कोशिश की है। नुसरत भरूचा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से कई तस्वीरें और स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि एक साधारण घटना को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उन्होंने बताया कि वीडियो में सुनाई देने वाली आवाजों को लेकर कई तरह की भ्रामक कहानियां बनाई गईं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग थी। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनके नाम से कुछ ऐसे बयान भी प्रसारित किए गए, जिनका उनसे कोई संबंध नहीं था। अपने स्पष्टीकरण में अभिनेत्री ने बताया कि जिस दिन संबंधित वीडियो रिकॉर्ड की गई थी, उस समय वह अपने दोस्तों के घर पर आईपीएल फाइनल मुकाबला देख रही थीं। उसी दौरान घर में मौजूद एक पालतू पपी रोने जैसी आवाजें निकाल रहा था। वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान वही आवाजें भी कैद हो गईं। उनके अनुसार, यह पूरी घटना बेहद सामान्य थी, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर इसे अलग-अलग संदर्भों में प्रस्तुत किया जाने लगा। नुसरत ने यह भी बताया कि उनके एक मित्र ने उसी समय दूसरे एंगल से एक और वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें वही आवाजें स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती हैं। अभिनेत्री का कहना है कि यह अतिरिक्त वीडियो इस बात का प्रमाण है कि रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाजें वास्तव में पालतू पपी की थीं और उनका किसी अन्य दावे या अटकल से कोई संबंध नहीं था। विवाद बढ़ने के बाद अभिनेत्री ने एक और वीडियो साझा किया, जिसमें वह घर के भीतर दिखाई दे रही हैं और साथ ही पालतू पपी भी नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो उसी रात बाद में रिकॉर्ड किया गया था। नुसरत के अनुसार, उन्हें पहले ही कुछ लोगों ने सलाह दी थी कि वह अपनी मूल वीडियो हटा दें क्योंकि उसके गलत अर्थ निकाले जा सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन्होंने वीडियो को हटा भी दिया था, लेकिन बाद में वही स्थिति उत्पन्न हो गई जिसका डर था। अभिनेत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी सामग्री को संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत करना आसान हो गया है, जिससे गलतफहमियां तेजी से फैलती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वायरल सामग्री पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों की जांच अवश्य करें और बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। नुसरत भरूचा ने यह भी कहा कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी व्यक्ति के बारे में अधूरी जानकारी के आधार पर अफवाहें फैलाने या उसे परेशान करने से बचें। अभिनेत्री का मानना है कि डिजिटल माध्यमों पर जागरूकता और जिम्मेदारी आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट जानकारियों और अफवाहों के प्रभाव को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। नुसरत भरूचा की सफाई के बाद अब यह मामला तथ्यों और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के महत्व की ओर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है।

सात असफल IVF प्रयासों के बाद मिली खुशियों की सौगात, संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी बने जुड़वां बच्चों के माता-पिता

नई दिल्ली । टीवी और मनोरंजन जगत की चर्चित अभिनेत्री संभावना सेठ के जीवन में आखिरकार वह खुशी आ गई है जिसका उन्हें और उनके परिवार को वर्षों से इंतजार था। करीब दस वर्षों तक मातृत्व की राह में लगातार चुनौतियों और असफलताओं का सामना करने के बाद संभावना सेठ और उनके पति अविनाश द्विवेदी जुड़वां बच्चों के माता-पिता बन गए हैं। सरोगेसी के माध्यम से मिले इस सुखद उपहार ने न केवल उनके परिवार को नई खुशियां दी हैं, बल्कि उनके लाखों प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया है। इस खुशखबरी की जानकारी कपल ने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। अस्पताल से साझा की गई तस्वीरों में दोनों के चेहरे पर लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता और संतोष साफ दिखाई दे रहा था। तस्वीरों में संभावना की आंखों में खुशी के आंसू नजर आए, जबकि अविनाश उनके साथ खड़े होकर इस विशेष पल को महसूस करते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में कपल ने इस खुशी की तुलना समय से पहले आई दीपावली से करते हुए बताया कि उनके घर लक्ष्मी और गणेश के रूप में दो नई खुशियों का आगमन हुआ है। संभावना सेठ का मातृत्व का सफर आसान नहीं रहा। अभिनेत्री ने पहले भी कई अवसरों पर खुलकर बताया था कि मां बनने की उनकी इच्छा ने उन्हें वर्षों तक मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक संघर्षों से गुजरने पर मजबूर किया। उन्होंने लगातार चिकित्सा उपचार कराए और सात बार आईवीएफ प्रक्रिया का सहारा लिया, लेकिन हर बार उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। कई बार गर्भधारण के बाद गर्भपात जैसी पीड़ादायक परिस्थितियों ने भी उनके जीवन को प्रभावित किया। इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार प्रयास करती रहीं। लगातार असफल चिकित्सा प्रयासों के बाद संभावना और अविनाश ने सरोगेसी का विकल्प चुना। यह निर्णय उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। लंबे इंतजार और धैर्य के बाद आखिरकार उनके घर जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ, जिसने उनके वर्षों पुराने सपने को साकार कर दिया। इस उपलब्धि को कपल ने भगवान की कृपा और अपने संघर्ष की जीत बताया है। उनकी इस खुशी में मनोरंजन जगत की कई हस्तियां भी शामिल हुईं। गौहर खान ने परिवार और नवजात बच्चों के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सुखद भविष्य की कामना की। वहीं उर्फी जावेद, देबिना बनर्जी, किश्वर मर्चेंट और रोहित पुरोहित सहित कई कलाकारों ने उन्हें बधाई संदेश भेजे। सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने भी इस नए अध्याय के लिए कपल को शुभकामनाएं दीं। संभावना सेठ की यह कहानी केवल एक सेलिब्रिटी के माता-पिता बनने की खबर नहीं है, बल्कि उन हजारों दंपतियों के लिए प्रेरणा भी है जो लंबे समय तक संतान सुख के लिए संघर्ष करते हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों, असफलताओं और निराशाओं के बावजूद धैर्य, विश्वास और सही निर्णय जीवन में नई उम्मीदों के द्वार खोल सकते हैं। जुड़वां बच्चों के आगमन के साथ संभावना और अविनाश के जीवन में खुशियों का नया अध्याय शुरू हो गया है, जिसका इंतजार उन्होंने पूरे दस वर्षों तक किया था।

जब गोविंदा को देखकर आश्वस्त नहीं थे पहलाज निहलानी, लेकिन डांस टैलेंट ने दिलाया बॉलीवुड में पहला बड़ा मौका

नई दिल्ली/ मुंबई । हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी के निधन के बाद फिल्म जगत उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहा है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया और अनेक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। उनके जीवन से जुड़े कई यादगार प्रसंग इन दिनों चर्चा में हैं, जिनमें अभिनेता Govinda के करियर की शुरुआत से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी शामिल है। पहलाज निहलानी उन निर्माताओं में गिने जाते थे, जो नए कलाकारों की क्षमता को पहचानने में विश्वास रखते थे। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उन्होंने 1980 के दशक में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी फिल्मों में मनोरंजन, पारिवारिक भावनाएं और व्यावसायिक सफलता का संतुलित मेल देखने को मिलता था। इसी दौर में उन्होंने एक ऐसे युवा कलाकार को मौका दिया, जो आगे चलकर हिंदी सिनेमा का बड़ा सितारा बना। यह कहानी उस समय की है जब गोविंदा अपने करियर की शुरुआत करने की कोशिश कर रहे थे। पहलाज निहलानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब गोविंदा पहली बार उनसे मिलने पहुंचे तो उनका व्यक्तित्व और लुक उन्हें बहुत प्रभावशाली नहीं लगा। निर्माता के मन में यह संदेह था कि क्या यह युवा अभिनेता बड़े पर्दे पर दर्शकों को प्रभावित कर पाएगा। पहली मुलाकात के बाद वह पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे और किसी निर्णय पर पहुंचना उनके लिए आसान नहीं था। हालांकि अगले ही दिन परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। गोविंदा अपने डांस का एक वीडियो लेकर निहलानी के पास पहुंचे। जैसे ही निर्माता ने वह वीडियो देखा, उनकी राय बदल गई। गोविंदा की ऊर्जा, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति और शानदार नृत्य कौशल ने उन्हें प्रभावित कर दिया। निहलानी को महसूस हुआ कि इस युवा कलाकार में वह क्षमता मौजूद है जो उसे भीड़ से अलग बनाती है। इसके बाद उन्होंने गोविंदा को अपनी फिल्म में मुख्य भूमिका देने का फैसला कर लिया। यह फैसला आगे चलकर हिंदी फिल्म उद्योग के सबसे सफल निर्णयों में शामिल माना गया। वर्ष 1986 में रिलीज हुई Ilzaam से गोविंदा ने बतौर हीरो बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और अभिनेता को दर्शकों के बीच पहचान मिलने लगी। इसके बाद गोविंदा और पहलाज निहलानी की जोड़ी ने कई सफल फिल्मों में साथ काम किया। उनकी साझेदारी ने हिंदी सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। Shola Aur Shabnam और Aankhen जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। इन फिल्मों की सफलता ने गोविंदा को उस दौर के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल कर दिया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, डांस और मनोरंजक अभिनय शैली दर्शकों की पहली पसंद बन गई। पहलाज निहलानी का योगदान केवल सफल फिल्में बनाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने कई कलाकारों को अवसर देकर उनके करियर को नई दिशा दी। निर्माता के रूप में उनकी पहचान ऐसे फिल्मकार की रही, जो दर्शकों की पसंद को अच्छी तरह समझते थे। बाद में उन्होंने फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई और फिल्म उद्योग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके निधन के साथ हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे निर्माता को खो दिया है, जिसने न केवल कई सफल फिल्मों का निर्माण किया बल्कि नए कलाकारों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। गोविंदा से जुड़ा यह किस्सा उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण और प्रतिभा पहचानने की क्षमता का एक यादगार उदाहरण माना जाता है।

पेट्रोल की बढ़ती चिंता के बीच Hero का बड़ा दांव, नई फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक से बदलेगा दोपहिया बाजार का भविष्य

नई दिल्ली । भारत के दोपहिया वाहन बाजार में एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की शुरुआत हो गई है। देश की सबसे बड़ी मोटरसाइकिल निर्माता कंपनियों में शामिल हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी लोकप्रिय कम्यूटर बाइक्स Splendor+ और HF Deluxe के फ्लेक्स-फ्यूल संस्करण लॉन्च कर दिए हैं। यह पहली बार है जब कंपनी ने ऐसे मॉडल बाजार में उतारे हैं जो E20 से लेकर E85 तक इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर संचालित हो सकते हैं। नई तकनीक के साथ पेश की गई Splendor+ फ्लेक्स-फ्यूल की एक्स-शोरूम कीमत 82,710 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि HF Deluxe फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल 72,792 रुपये की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध होगा। कंपनी के अनुसार इन मोटरसाइकिलों की बिक्री जुलाई से दिल्ली और महाराष्ट्र के चुनिंदा शहरों में शुरू होगी। शुरुआती चरण के बाद इन्हें देशभर के बाजारों में उपलब्ध कराया जाएगा। फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को भारत के ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस तकनीक की मदद से वाहन पेट्रोल के साथ अधिक मात्रा में इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग कर सकते हैं। E20 का अर्थ है 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण, जबकि E85 में इथेनॉल की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत तक होती है। इससे पेट्रोल पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन के बढ़ते उपयोग से देश के ऊर्जा आयात बिल में कमी आ सकती है। साथ ही गन्ना और कृषि आधारित उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा। सरकार पहले ही इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है और भविष्य में E22 से E30 तक के मिश्रित ईंधन को भी बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। हीरो मोटोकॉर्प ने इन दोनों मोटरसाइकिलों के इंजन की मूल संरचना में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। Splendor+ और HF Deluxe पहले की तरह 97.2 सीसी सिंगल-सिलेंडर इंजन से लैस रहेंगी। हालांकि, फ्लेक्स-फ्यूल संचालन के लिए कंपनी ने इंजन कंट्रोल यूनिट यानी ECU को दोबारा कैलिब्रेट किया है और फ्यूल सिस्टम में आवश्यक तकनीकी सुधार किए हैं। इनमें नया फ्यूल पंप, अतिरिक्त फ्यूल फिल्टर और इथेनॉल के अनुरूप विशेष कंपोनेंट्स शामिल हैं। फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में फ्यूल टैंक, फ्यूल लाइन, इंजेक्टर, सील और अन्य हिस्सों को इस प्रकार डिजाइन किया जाता है कि वे अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के प्रभाव को लंबे समय तक सहन कर सकें। E85 ईंधन की ऑक्टेन रेटिंग भी सामान्य पेट्रोल की तुलना में अधिक होती है, जिससे इंजन को बेहतर प्रदर्शन और दक्षता प्राप्त हो सकती है। दिलचस्प बात यह है कि तकनीकी बदलावों के बावजूद इन मोटरसाइकिलों की कीमतों में बड़ा अंतर नहीं रखा गया है। HF Deluxe फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल मौजूदा संस्करण से केवल मामूली रूप से महंगा है, जबकि Splendor+ में भी सीमित मूल्य वृद्धि देखने को मिली है। इससे नई तकनीक को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। ऑटोमोबाइल उद्योग में फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को भविष्य की महत्वपूर्ण दिशा माना जा रहा है। हीरो मोटोकॉर्प की यह पहल न केवल हरित परिवहन को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत को वैकल्पिक ईंधन आधारित मोबिलिटी की ओर तेजी से आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

शरीर में पानी की कमी बन सकती है गंभीर खतरा, जानिए घर पर ORS बनाने का सही और आसान तरीका

नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में लगातार बढ़ रहे तापमान और हीटवेव जैसी परिस्थितियों के बीच डिहाइड्रेशन एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनकर सामने आ रहा है। तेज धूप, अत्यधिक पसीना और शरीर से लगातार पानी निकलने के कारण लोगों में कमजोरी, चक्कर, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में शरीर में पानी और आवश्यक खनिजों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। गर्मी के दौरान शरीर से केवल पानी ही नहीं निकलता, बल्कि सोडियम, पोटैशियम और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स भी कम हो जाते हैं। ऐसे में केवल पानी पीना कई बार पर्याप्त नहीं होता। इसी वजह से ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन यानी ORS को डिहाइड्रेशन से बचाव का प्रभावी उपाय माना जाता है। यह शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है तथा थकान और कमजोरी जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि बाजार में ORS उपलब्ध न हो तो इसे घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए केवल तीन सामान्य चीजों की आवश्यकता होती है। एक लीटर साफ पीने के पानी में छह चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक अच्छी तरह मिलाकर ORS तैयार किया जा सकता है। यह घोल शरीर में पानी की कमी को दूर करने और आवश्यक लवणों की पूर्ति करने में मदद करता है। हालांकि ORS बनाते समय सही मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। नमक या चीनी की अधिक मात्रा घोल के प्रभाव को कम कर सकती है और कुछ मामलों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा कर सकती है। इसलिए निर्धारित अनुपात में ही इसे तैयार करने की सलाह दी जाती है। तैयार घोल को साफ बर्तन में रखना चाहिए और लंबे समय तक उपयोग के लिए संग्रहित नहीं करना चाहिए। डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेतों को पहचानना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। अत्यधिक प्यास लगना, मुंह सूखना, सिरदर्द, कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना और पेशाब की मात्रा कम होना इसके सामान्य लक्षण हैं। बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक गंभीर रूप ले सकती है, इसलिए उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि गर्मी के मौसम में केवल ORS पर निर्भर रहने के बजाय नियमित रूप से पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। इसके अलावा मौसमी फल, नारियल पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थ भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचना और हल्के कपड़े पहनना भी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपायों में शामिल है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार उल्टी, दस्त, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी या भ्रम जैसी गंभीर समस्याएं महसूस हों तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। समय पर पहचान और सही देखभाल से डिहाइड्रेशन से जुड़ी जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। गर्मी के इस मौसम में सावधानी, पर्याप्त तरल पदार्थों का सेवन और जरूरत पड़ने पर ORS का उपयोग लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरल घरेलू उपायों को अपनाकर शरीर को पानी की कमी से बचाया जा सकता है और भीषण गर्मी के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रोटीन की दौड़ में कौन सबसे आगे? चिकन, मछली और मटन की पोषण क्षमता का पूरा सच

नई दिल्ली । स्वस्थ शरीर और संतुलित जीवनशैली के लिए प्रोटीन सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक माना जाता है। यह न केवल मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत में मदद करता है, बल्कि त्वचा, बाल, नाखून और शरीर की कई आवश्यक जैविक प्रक्रियाओं के लिए भी जरूरी होता है। नॉन-वेज आहार लेने वाले लोगों के बीच अक्सर यह सवाल उठता है कि चिकन, मछली और मटन में से कौन-सा खाद्य पदार्थ सबसे अधिक प्रोटीन प्रदान करता है और स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे बेहतर विकल्प कौन है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार 100 ग्राम पके हुए चिकन ब्रेस्ट में लगभग 30 से 31 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। यही कारण है कि चिकन को उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का सबसे लोकप्रिय स्रोत माना जाता है। इसकी खासियत यह है कि इसमें प्रोटीन अधिक और फैट अपेक्षाकृत कम होता है। यही वजह है कि जिम जाने वाले लोग, खिलाड़ी और फिटनेस प्रेमी अपनी डाइट में चिकन को प्राथमिकता देते हैं। मछली भी प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत मानी जाती है। सामान्य तौर पर 100 ग्राम मछली में 20 से 26 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है, हालांकि यह मात्रा मछली की प्रजाति के अनुसार बदल सकती है। मछली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह पोषक तत्व हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और शरीर में सूजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसी कारण पोषण विशेषज्ञ नियमित रूप से मछली का सेवन करने की सलाह देते हैं। मटन भी प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल है। 100 ग्राम मटन में लगभग 25 से 27 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसके साथ ही यह आयरन, जिंक और विटामिन बी12 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का भी अच्छा स्रोत है। हालांकि मटन में फैट की मात्रा चिकन और अधिकांश मछलियों की तुलना में अधिक होती है। इसलिए इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना अधिक उपयुक्त माना जाता है। यदि केवल प्रोटीन की मात्रा के आधार पर तुलना की जाए तो चिकन सबसे आगे माना जाता है। इसके बाद मटन और फिर मछली का स्थान आता है। लेकिन स्वास्थ्य लाभों के व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मछली को सबसे संतुलित विकल्प माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन के साथ-साथ हृदय और मस्तिष्क के लिए लाभकारी ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मौजूद होता है। खिलाड़ियों, बॉडीबिल्डर्स और नियमित व्यायाम करने वाले लोगों के लिए चिकन और मछली दोनों ही उत्कृष्ट विकल्प हो सकते हैं। बीमारी से उबर रहे लोगों के लिए भी प्रोटीन युक्त आहार शरीर की रिकवरी में मददगार साबित होता है। वहीं आयरन और विटामिन बी12 की कमी से जूझ रहे लोगों को सीमित मात्रा में मटन का सेवन लाभ पहुंचा सकता है। बुजुर्गों के लिए भी पर्याप्त प्रोटीन का सेवन आवश्यक माना जाता है, क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की शक्ति कम होने लगती है। ऐसे में मछली और चिकन जैसे आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थ बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी खाद्य पदार्थ का चुनाव केवल प्रोटीन की मात्रा के आधार पर नहीं, बल्कि संपूर्ण पोषण प्रोफाइल और व्यक्तिगत स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर करना चाहिए।

7 एयरबैग और 15 KMPL माइलेज के साथ आई नई इनोवा क्रिस्टा, टोयोटा ने प्रीमियम फीचर्स के साथ अपडेटेड एमपीवी की लॉन्च

नई दिल्ली । भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बहुउपयोगी वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी कड़ी में टोयोटा ने अपनी लोकप्रिय एमपीवी इनोवा क्रिस्टा के नए संस्करण को लॉन्च कर दिया है। लंबे समय से परिवारों, व्यवसायिक उपयोगकर्ताओं और फ्लीट ऑपरेटरों की पसंद बनी यह गाड़ी अब नए डिजाइन, प्रीमियम इंटीरियर और अतिरिक्त सुविधाओं के साथ बाजार में उतारी गई है। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को पहले से अधिक आरामदायक और आधुनिक अनुभव प्रदान करना है। नई इनोवा क्रिस्टा 2026 के बाहरी स्वरूप में कई बदलाव किए गए हैं। वाहन को अधिक आकर्षक और दमदार बनाने के लिए फ्रंट रेडिएटर ग्रिल को नया डिजाइन दिया गया है। इसके अलावा फ्रंट और रियर बंपर में भी बदलाव किए गए हैं, जिससे वाहन का लुक पहले की तुलना में अधिक प्रीमियम और आधुनिक दिखाई देता है। कंपनी का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य वाहन की पहचान को बनाए रखते हुए उसे नया और ताजा रूप देना है। इंटीरियर की बात करें तो नई इनोवा क्रिस्टा में आराम और प्रीमियम अनुभव पर विशेष ध्यान दिया गया है। केबिन में डुअल-टोन लेदर सीट अपहोल्स्ट्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे अंदर का माहौल अधिक आकर्षक बनता है। इंस्ट्रूमेंट पैनल और डोर ट्रिम्स पर वुड पैटर्न फिनिश दी गई है, जो वाहन को लक्जरी एहसास प्रदान करती है। इसके अलावा वायरलेस चार्जिंग और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। हालांकि कुछ फीचर्स केवल चुनिंदा वेरिएंट्स में उपलब्ध होंगे। इंजन के मोर्चे पर कंपनी ने किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया है। नई इनोवा क्रिस्टा में पहले की तरह 2.4 लीटर डीजल इंजन दिया गया है, जो मैन्युअल ट्रांसमिशन के साथ आता है। यह इंजन अपनी विश्वसनीयता और प्रदर्शन के लिए पहले से ही ग्राहकों के बीच लोकप्रिय रहा है। कंपनी के अनुसार वाहन लगभग 15 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देने में सक्षम है, जो इस श्रेणी की एमपीवी के लिए संतोषजनक माना जाता है। सुरक्षा के क्षेत्र में भी कंपनी ने कई महत्वपूर्ण फीचर्स शामिल किए हैं। नई इनोवा क्रिस्टा में 7 एयरबैग दिए गए हैं, जो चालक और यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम, व्हीकल स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल स्टार्ट असिस्ट और इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक फोर्स डिस्ट्रीब्यूशन जैसे आधुनिक सुरक्षा फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य विभिन्न सड़क परिस्थितियों में बेहतर नियंत्रण और सुरक्षित ड्राइविंग अनुभव प्रदान करना है। नई इनोवा क्रिस्टा को 7 सीटर और 8 सीटर दोनों विकल्पों में पेश किया गया है। यह वाहन विभिन्न रंग विकल्पों में उपलब्ध होगा, जिससे ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार चयन कर सकेंगे। कंपनी ने इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 19.72 लाख रुपये रखी है, जबकि टॉप वेरिएंट की कीमत 26.63 लाख रुपये तक जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इनोवा क्रिस्टा की मजबूत ब्रांड पहचान, विश्वसनीयता और व्यावहारिकता इसे भारतीय बाजार में लगातार लोकप्रिय बनाए हुए है। नए अपडेट्स के साथ यह मॉडल उन ग्राहकों को आकर्षित कर सकता है जो एक ऐसी एमपीवी की तलाश में हैं जो आराम, सुरक्षा, स्पेस और प्रदर्शन का संतुलित संयोजन प्रदान करे।