ChatGPTने 80 साल पुराना गणित का सवाल हल किया, AI की ताकत से वैज्ञानिक जगत हैरान

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ जानकारी देने या सवालों के जवाब तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब जटिल समस्याओं को हल करने और नए तर्क विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ता दिख रहा है। इसका ताजा उदाहरण ChatGPT द्वारा 80 साल पुराने अनसुलझे गणितीय सवाल को हल करने के रूप में सामने आया है। यह सवाल 1946 में मशहूर गणितज्ञ पॉल एर्डोश ने पूछा था, जिसमें यह समझना था कि किसी समतल सतह पर बने कई बिंदुओं में कितने जोड़े ऐसे हो सकते हैं जिनके बीच की दूरी ठीक 1 यूनिट हो। दशकों तक इस समस्या का कोई सर्वमान्य समाधान नहीं मिल पाया था। ChatGPT ने इस समस्या पर काम करते हुए ऐसे नए गणितीय पैटर्न और उदाहरण खोजे, जिनमें पहले से अधिक यूनिट डिस्टेंस जोड़े संभव हो सकते हैं। खास बात यह रही कि AI ने केवल पुरानी जानकारी नहीं दोहराई, बल्कि अलग-अलग गणितीय क्षेत्रों को जोड़कर एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समाधान में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि AI ने अल्जेब्रिक नंबर थ्योरी जैसे जटिल सिद्धांतों का उपयोग किया और उन्हें ज्यामितीय समस्या से जोड़कर एक नया समाधान रास्ता तैयार किया। गणितज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि AI की रीजनिंग क्षमता का बड़ा प्रमाण है, जहां मशीनें केवल गणना नहीं बल्कि गहराई से सोचकर नए निष्कर्ष निकालने में सक्षम हो रही हैं। हालांकि विशेषज्ञ यह भी साफ करते हैं कि AI इंसानों की जगह नहीं लेगा। यह केवल समाधान सुझा सकता है, लेकिन यह तय करना कि कौन सा सवाल महत्वपूर्ण है और उसका वास्तविक अर्थ क्या है, यह भूमिका अभी भी इंसानों के पास ही रहेगी। कुल मिलाकर यह उपलब्धि दिखाती है कि AI आने वाले समय में विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग और रिसर्च के क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि: आधुनिक भारत के शिल्पकार को नमन

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि हर साल 27 मई को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है। इस दिन भारत उन्हें याद करता है, जिन्होंने आज़ाद भारत की नींव मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। नेहरू जी का निधन 27 मई 1964 को हुआ था, लेकिन उनके विचार, उनकी नीतियाँ और उनका आधुनिक भारत का सपना आज भी लोगों के बीच जीवित है। नेहरू जी को बच्चों से बेहद लगाव था, इसलिए उन्हें “चाचा नेहरू” के नाम से भी जाना जाता है। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर स्कूलों, संस्थानों और राजनीतिक संगठनों में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है। लोग उन्हें फूल अर्पित कर उनके योगदान को याद करते हैं और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हैं। नेहरू जी का मानना था कि भारत का भविष्य शिक्षा, विज्ञान और तकनीक पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने देश में बड़े-बड़े उद्योगों, आईआईटी और वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना की दिशा में काम किया। उनके नेतृत्व में भारत ने लोकतंत्र को मजबूत किया और एक आधुनिक राष्ट्र बनने की ओर कदम बढ़ाए। आज भी नेहरू जी की नीतियों और सोच का असर भारतीय राजनीति और विकास मॉडल में देखा जा सकता है। उनके द्वारा दिया गया धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश भारत की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। पुण्यतिथि के इस अवसर पर देश उन्हें केवल याद ही नहीं करता, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प भी लेता है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा। नेहरू जी ने कहा था कि “भविष्य उन्हीं का है जो अपने सपनों की सुंदरता पर विश्वास करते हैं।” यही विचार आज भी हर भारतीय को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। -पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि
घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने के लिए जानिए तुलसी रखने की 3 सबसे शुभ जगहें

नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में तुलसी के पौधे को विशेष महत्व दिया जाता है। यह केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं माना जाता, बल्कि वास्तु शास्त्र में भी इसे सकारात्मक ऊर्जा और शुभ प्रभाव से जोड़कर देखा जाता है। कई घरों में तुलसी का पौधा नियमित पूजा और परंपराओं का हिस्सा होता है। मान्यता है कि सही स्थान पर रखा गया तुलसी का पौधा घर के वातावरण को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है और परिवार में सुख-शांति बनाए रखने में योगदान दे सकता है। घर के वातावरण पर विशेष प्रभाववास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी के पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उसे पर्याप्त धूप और स्वच्छ वातावरण मिल सके। माना जाता है कि स्वस्थ और हरा-भरा तुलसी का पौधा घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने का काम करता है। इसी वजह से लोग तुलसी को केवल सजावट का हिस्सा नहीं बल्कि शुभता से जुड़ी मान्यताओं का केंद्र भी मानते हैं। पूर्व दिशा को माना गया शुभ स्थानतुलसी रखने के लिए घर की पूर्व दिशा को काफी शुभ माना जाता है। यह दिशा नई शुरुआत और प्रकाश का प्रतीक मानी जाती है। सुबह की पहली धूप इस दिशा में आसानी से पहुंचती है, जिससे पौधे को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिशा में रखा गया तुलसी का पौधा घर के वातावरण को शांत और सकारात्मक बनाए रखने में मदद करता है।उत्तर-पूर्व दिशा का भी है विशेष महत्ववास्तु मान्यताओं के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति की दिशा माना जाता है। इसलिए इस हिस्से में तुलसी रखने को भी शुभ बताया जाता है। कहा जाता है कि यह स्थान घर में संतुलन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने से जुड़ा माना जाता है। कई लोग इसी कारण घर के इस हिस्से में तुलसी स्थापित करना पसंद करते हैं। उत्तर दिशा से जुड़ी समृद्धि की मान्यताकुछ वास्तु मान्यताओं में उत्तर दिशा को धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इस कारण कई लोग तुलसी को इस दिशा में रखने को लाभकारी मानते हैं। हालांकि इसके साथ यह भी जरूरी माना जाता है कि पौधे की नियमित देखभाल हो और उसे पर्याप्त पानी व धूप मिलती रहे। पौधे की स्वच्छता और देखरेख को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया जाता है।तुलसी का पौधा केवल धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं बल्कि भारतीय जीवनशैली में एक विशेष स्थान रखता है। चाहे इसे आस्था के रूप में देखा जाए या सकारात्मक वातावरण से जोड़कर, लोग आज भी इसे घर की शुभता और शांति का प्रतीक मानते हैं।
LPG VS Ethanol: LPG से सस्ता पड़ेगा एथेनॉल चूल्हा, जानिए क्या है नई टेक्नोलॉजी और कैसे करता है काम

नई दिल्ली। एथेनॉल चूल्हा एक नई पीढ़ी की कुकिंग तकनीक है, जिसमें ईंधन के रूप में लिक्विड या जेल एथेनॉल का इस्तेमाल किया जाता है।यह वही एथेनॉल है जिसे पेट्रोल में मिलाकर वाहनों में भी इस्तेमाल किया जाता है। यह चूल्हा LPG सिलेंडर का एक संभावित विकल्प माना जा रहा है क्योंकि यह: बिना धुआं जलता है बिना कालिख के खाना पकाता है तेज और स्थिर आंच देता है कम लागत में काम करता है एथेनॉल स्टोव कैसे काम करता है?एथेनॉल स्टोव की कार्यप्रणाली काफी सरल होती है: स्टोव के टैंक में लिक्विड या जेल एथेनॉल भरा जाता है इसे जलाया जाता है नियंत्रित बर्नर एथेनॉल को पूरी तरह जलाते हैं इससे LPG जैसी तेज और साफ आंच मिलती है इस तकनीक में गैस पाइपलाइन या सिलेंडर की जरूरत नहीं होती, जिससे रिस्क भी कम हो जाता है। LPG vs Ethanol: कौन कितना सस्ता?रिपोर्ट्स के मुताबिक 1 लीटर एथेनॉल लगभग 15 घंटे तक आंच दे सकता है LPG की तुलना में इसका प्रति यूनिट कुकिंग खर्च कम पड़ता है लंबे समय में यह घरेलू बजट पर राहत दे सकता है यही वजह है कि इसे “स्मार्ट और सस्ता कुकिंग फ्यूल” कहा जा रहा है। पर्यावरण के लिए कितना फायदेमंद?एथेनॉल स्टोव को “ग्रीन टेक्नोलॉजी” माना जाता है क्योंकि: यह कार्बन न्यूट्रल फ्यूल है गन्ना, मक्का और बायोमास से बनता है धुआं और जहरीली गैसें नहीं निकलतीं जंगलों पर ईंधन निर्भरता कम हो सकती है LPG से कैसे अलग है?फीचर LPG एथेनॉल स्टोवईंधन फॉसिल फ्यूल बायोफ्यूलधुआं थोड़ा लगभग नहींसुरक्षा गैस लीकेज रिस्क कम रिस्कलागत अधिक कम होने की संभावनापर्यावरण प्रदूषण क्लीन एनर्जी नितिन गडकरी का विजनकेंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कई मंचों पर एथेनॉल आधारित कुकिंग टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने की बात कही है।उनका मानना है कि अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर अपनाई गई, तो: LPG पर निर्भरता कम होगी किसानों को एथेनॉल से नया बाजार मिलेगा भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेगा सेहत और सुरक्षा के फायदेधुआं न होने से सांस की बीमारियों का खतरा कम बर्तन काले नहीं पड़ते आग फैलने का जोखिम LPG की तुलना में कम इनडोर एयर क्वालिटी बेहतर एथेनॉल स्टोव आने वाले समय में रसोई की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह न सिर्फ LPG का विकल्प बन सकता है, बल्कि सस्ता, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल कुकिंग सिस्टम भी साबित हो सकता है।हालांकि इसका व्यापक उपयोग तभी संभव होगा जब इसका उत्पादन, सप्लाई और कीमत स्थिर रूप से विकसित हो।
जून 2026 का धार्मिक कैलेंडर तैयार परमा एकादशी से संत कबीर जयंती तक पूरे महीने रहेंगे पर्व और पूजा के खास संयोग

नई दिल्ली । जून 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास और पुण्यदायी माना जा रहा है। इस महीने एक साथ कई बड़े व्रत त्योहार और धार्मिक आयोजन होने जा रहे हैं जिनका इंतजार श्रद्धालु पूरे साल करते हैं। ज्येष्ठ मास और अधिक मास के विशेष संयोग के कारण इस बार परमा एकादशी सोमवती अमावस्या निर्जला एकादशी वट पूर्णिमा और संत कबीर जयंती जैसे पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाए जाएंगे। वहीं असम के प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में लगने वाला अंबुबाची मेला भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। जून महीने की शुरुआत ही धार्मिक अनुष्ठानों के माहौल के साथ होगी। 11 जून को परमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। अधिक मास में आने वाली इस एकादशी को अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके बाद 15 जून को सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण दान और स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है। इसी दिन पुरुषोत्तम मास का समापन भी होगा। 17 जून को रंभा तृतीया व्रत रखा जाएगा। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए यह व्रत करती हैं जबकि अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की इच्छा लेकर पूजा करती हैं। 20 जून को मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर की पूजा का विशेष पर्व मनाया जाएगा। मान्यता है कि मां विंध्यवासिनी अपने भक्तों को भय और संकटों से मुक्ति दिलाती हैं। इस दिन देवी की पूजा अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 22 जून को दुर्गाष्टमी और धूमावती जयंती का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन से 26 जून तक असम के प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर में अंबुबाची मेले का आयोजन होगा। यह मेला शक्ति साधना और देवी उपासना का सबसे बड़ा आयोजन माना जाता है जहां देश विदेश से साधु संत और श्रद्धालु पहुंचते हैं। 25 जून को साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में शामिल निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसे भीमसेनी एकादशी और पांडव एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास करने से सभी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए यह व्रत विशेष माना गया है। महीने के अंत में 29 जून को वट पूर्णिमा व्रत और संत कबीर दास जयंती मनाई जाएगी। वट पूर्णिमा पर सुहागन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर पति की लंबी उम्र की कामना करेंगी। वहीं संत कबीर जयंती पर देशभर में भजन सत्संग और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पूरे जून महीने में मंदिरों में विशेष पूजा पाठ भजन कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की धूम देखने को मिलेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह महीना भक्ति साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहने वाला है।
टैरो राशिफल 27 मई 2026: कर्क और मकर राशि वालों के लिए राहत भरा दिन, कई राशियों के इमोशंस रहेंगे भारी

नई दिल्ली। 27 मई 2026 का टैरो राशिफल संकेत देता है कि आज का दिन कई राशियों के लिए इमोशनल उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। किसी पुरानी याद, अचानक बातचीत या रिश्तों से जुड़ी स्थिति मन पर असर डाल सकती है। वहीं कुछ राशियों को करियर और भविष्य को लेकर क्लैरिटी मिलने के संकेत हैं। दिन के दूसरे हिस्से में कई लोग खुद को थोड़ा स्थिर और शांत महसूस कर सकते हैं। कुल मिलाकर टैरो कार्ड्स बताते हैं कि आज छोटी-छोटी बातें भी ज्यादा असर डाल सकती हैं, इसलिए बिना सोचे-समझे रिएक्शन देने से बचना बेहतर रहेगा। कुछ राशियों के लिए यह दिन धीरे-धीरे चीजों के बेहतर होने और सुकून पाने का संकेत भी दे रहा है। राशिवार टैरो संकेत मेषआज मन पूरी तरह शांत नहीं रहेगा, लेकिन धीरे-धीरे हालात में सुधार दिखेगा। पुरानी बातें बीच-बीच में परेशान कर सकती हैं, लेकिन कोई छोटी अच्छी खबर या बातचीत राहत दे सकती है। वृषभदिन काफी व्यस्त रह सकता है। आप अपने शांत और मैच्योर व्यवहार से लोगों का ध्यान खींचेंगे। पुरानी गलतफहमियां अब धीरे-धीरे खत्म होती दिख सकती हैं।मिथुनरिश्तों और इमोशंस को लेकर ज्यादा सोच सकते हैं। जल्दबाजी से बचें, चीजें समय के साथ साफ होंगी। कर्कचीजें धीरे-धीरे बेहतर होती नजर आएंगी। मानसिक बोझ हल्का होगा और फ्यूचर को लेकर क्लैरिटी मिलेगी। अंदर से सुकून महसूस होगा। सिंहआज मानसिक तनाव बढ़ सकता है। काम और रिश्तों में थोड़ी थकान महसूस होगी, इसलिए खुद को आराम देना जरूरी है। कन्यामूड में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन पहले से बेहतर स्थिति दिखेगी। किसी करीबी की बातचीत राहत दे सकती है। तुलापुरानी यादें मन को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन दिन आगे बढ़ने के साथ नया फोकस मिलेगा और मन हल्का होगा। वृश्चिकइमोशंस अस्थिर रह सकते हैं। कुछ दूरी बनाकर रखना आपके लिए बेहतर रहेगा। धनुकाम में देरी या कम मोटिवेशन से थोड़ी निराशा हो सकती है, लेकिन दिन के अंत में क्लैरिटी मिलेगी। मकरचीजें धीरे-धीरे बेहतर दिशा में जाएंगी। मन अब ज्यादा प्रैक्टिकल और शांत महसूस करेगा, सुकून मिलेगा। कुंभपुरानी बातें अब उतनी भारी नहीं लगेंगी। कॉन्फिडेंस धीरे-धीरे वापस आएगा। मीनइमोशंस और थॉट्स ज्यादा रहेंगे, लेकिन दिन के अंत में किसी की सराहना मन को राहत दे सकती है।आज का टैरो राशिफल बताता है कि दिन इमोशनली एक्टिव रहेगा, लेकिन कई राशियों के लिए यह धीरे-धीरे सुधार और मानसिक शांति की ओर बढ़ने का संकेत भी दे रहा है।
Airtel का बड़ा दावा: ‘नेट न्यूट्रैलिटी का उल्लंघन नहीं’, प्रायोरिटी पोस्टपेड सर्विस पर सरकार के सामने रखा पक्ष

नई दिल्ली। एयरटेल (Airtel) की नई ‘प्रायोरिटी पोस्टपेड सर्विस’ को लेकर उठे विवाद के बीच कंपनी ने दूरसंचार विभाग (DoT) की कमिटी के सामने अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि यह सेवा 5G नेटवर्क स्लाइसिंग तकनीक पर आधारित है और इससे नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं होता। साथ ही, इसका असर प्रीपेड या अन्य ग्राहकों की इंटरनेट स्पीड और सेवा गुणवत्ता पर नहीं पड़ेगा। एयरटेल ने स्पष्ट किया है कि उसकी यह प्रायोरिटी सर्विस पूरी तरह कंटेंट-न्यूट्रल है और इसमें किसी भी ऐप या वेबसाइट के साथ भेदभाव नहीं किया जाता। न तो किसी ऐप को ब्लॉक किया जाता है, न उसकी स्पीड कम की जाती है और न ही किसी को अतिरिक्त प्राथमिकता देकर अन्य यूजर्स को नुकसान पहुंचाया जाता है। कंपनी के अनुसार, 5G क्षमता का वर्तमान उपयोग पीक टाइम में लगभग 38% है, जिसमें प्रायोरिटी पोस्टपेड ट्रैफिक की हिस्सेदारी बेहद कम है। इसलिए प्रीपेड यूजर्स के लिए पर्याप्त नेटवर्क क्षमता हमेशा उपलब्ध रहती है और उनकी सर्विस क्वालिटी प्रभावित नहीं होगी। एयरटेल ने यह भी तर्क दिया है कि अगर 5G नेटवर्क स्लाइसिंग जैसी तकनीकों के उपयोग पर रोक लगाई गई, तो भारत में 6G तकनीक के विकास की संभावनाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि यह तकनीक भविष्य की उन्नत कनेक्टिविटी का आधार है। हाल ही में लॉन्च हुई इस सर्विस के तहत पोस्टपेड यूजर्स को भीड़भाड़ वाले इलाकों में बेहतर नेटवर्क और कम कॉल ड्रॉप जैसी सुविधाएं देने का दावा किया गया है। यह सेवा 449 रुपये के शुरुआती प्लान से उपलब्ध है। नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनियां किसी भी वेबसाइट या ऐप के साथ भेदभाव नहीं कर सकतीं, न ही किसी को पैसे लेकर तेज या धीमा इंटरनेट दे सकती हैं। इसी को लेकर इस नई सर्विस पर बहस तेज हो गई है।
BSNL का धमाकेदार ऑफर: सिर्फ ₹51 में 28 दिन अनलिमिटेड कॉल, 2GB डेली डेटा और फ्री सिम

नई दिल्ली। सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए एक खास लिमिटेड टाइम ऑफर लेकर आई है। कंपनी ने इस योजना को “स्मार्ट स्टार्ट प्लान” नाम दिया है, जिसके तहत बेहद कम कीमत में यूजर्स को हाई वैल्यू बेनिफिट्स मिल रहे हैं। क्या है BSNL का ₹51 स्मार्ट स्टार्ट प्लान?इस ऑफर के तहत नए ग्राहकों को सिर्फ ₹51 में ये सुविधाएं मिल रही हैं: 28 दिनों की वैलिडिटी अनलिमिटेड लोकल और एसटीडी कॉलिंग रोजाना 2GB हाई-स्पीड डेटा हर दिन 100 फ्री SMS फ्री BSNL सिम कार्ड (नए यूजर्स के लिए) ऑफर की वैलिडिटी और शर्तेंकंपनी के अनुसार यह ऑफर 22 मई 2026 से 30 जून 2026 तक सीमित समय के लिए उपलब्ध रहेगा। सिर्फ नए ग्राहक ही इस ऑफर का लाभ ले सकते हैं मौजूदा BSNL यूजर्स इस प्लान के लिए पात्र नहीं हैं सिम कार्ड नजदीकी कस्टमर सर्विस सेंटर या रिटेलर से लिया जा सकता है पहले भी आए ऐसे ऑफरBSNL इससे पहले भी नए ग्राहकों के लिए ₹1 का पहला रिचार्ज कूपन (FRC) जैसी योजनाएं ला चुका है, जिसमें शुरुआती यूजर्स को किफायती दरों पर कॉलिंग और डेटा बेनिफिट्स दिए गए थे। क्यों ला रही है BSNL ऐसे ऑफर?BSNL देशभर में अपने 4G नेटवर्क विस्तार पर काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य नए ग्राहकों को जोड़ना और निजी टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले अपनी पकड़ मजबूत करना है।
Lava Shark 5G लॉन्च: 6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ 15 हजार से कम में नया 5G स्मार्टफोन

नई दिल्ली। भारतीय स्मार्टफोन बाजार में Lava Shark 5G लॉन्च हो गया है, जो कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा बैटरी वाला फोन माना जा रहा है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh बैटरी, 5G कनेक्टिविटी और 120Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले है। कंपनी ने इसे बजट सेगमेंट में उतारा है ताकि कम कीमत में ज्यादा बैटरी और बेहतर परफॉर्मेंस चाहने वाले यूजर्स को आकर्षित किया जा सके। कीमत और उपलब्धताLava Shark 5G की भारत में कीमत 11,999 रुपये रखी गई है।यह स्मार्टफोन 10 जून से Lava के रिटेल आउटलेट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी ने इसे ऑफलाइन मार्केट को ध्यान में रखकर लॉन्च किया है। डिजाइन और डिस्प्लेइस फोन में बड़ा और स्मूथ डिस्प्ले दिया गया है: 6.75 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट बड़ा स्क्रीन एक्सपीरियंस वीडियो और गेमिंग के लिए बेहतर 120Hz रिफ्रेश रेट इस प्राइस रेंज में इसे एक आकर्षक विकल्प बनाता है। प्रोसेसर और परफॉर्मेंसLava Shark 5G में दिया गया है: Unisoc T8200 चिपसेट (6nm प्रोसेस) Mali-G57 MC2 GPU 4GB LPDDR4X RAM 64GB UFS 2.2 स्टोरेज माइक्रोSD कार्ड सपोर्ट (1TB तक एक्सपेंडेबल स्टोरेज) यह कॉम्बिनेशन इसे बेसिक से मिड-लेवल यूज के लिए उपयुक्त बनाता है। बैटरी और चार्जिंगफोन की सबसे बड़ी ताकत इसकी बैटरी है: 6000mAh बैटरी 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट इस बैटरी के साथ यूजर को लंबा बैकअप मिलने की उम्मीद है, खासकर वीडियो देखने और सोशल मीडिया इस्तेमाल में। कैमरा फीचर्सकैमरा सेटअप बजट कैटेगरी के अनुसार दिया गया है: 13MP रियर कैमरा 5MP फ्रंट कैमरा यह सेटअप बेसिक फोटोग्राफी और वीडियो कॉलिंग के लिए पर्याप्त माना जा सकता है। अन्य फीचर्ससाइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर (पावर बटन में) 5G + 4G नेटवर्क सपोर्ट IP64 रेटिंग (धूल और हल्के पानी के छींटों से सुरक्षा) वजन लगभग 210 ग्राम क्या यह फोन खरीदना चाहिए?Lava Shark 5G अपने प्राइस सेगमेंट में कुछ मजबूत फीचर्स लेकर आता है: बड़ी 6000mAh बैटरी 120Hz डिस्प्ले 5G सपोर्ट एक्सपेंडेबल स्टोरेज कमियां: कैमरा औसत स्तर का परफॉर्मेंस मिड-रेंज ही माना जाएगा अभी तक पूरी तरह रिव्यू आधारित फीडबैक उपलब्ध नहीं है कुल मिलाकर यह फोन उन यूजर्स के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है जो कम बजट में लंबी बैटरी और 5G स्मार्टफोन चाहते हैं। Lava Shark 5G बजट सेगमेंट में एक मजबूत एंट्री है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबी बैटरी और बड़ा डिस्प्ले चाहते हैं। हालांकि कैमरा और प्रोसेसर परफॉर्मेंस में यह फ्लैगशिप लेवल अनुभव नहीं देता, लेकिन 12 हजार रुपये के अंदर यह एक संतुलित 5G पैकेज साबित हो सकता है।
स्किन के दाग-धब्बे होंगे गायब: हल्दी के साथ 2 घरेलू चीजों का कमाल, मिलेगा नेचुरल ग्लो

नई दिल्ली । सर्दियों के मौसम में ठंडी हवा और ड्राई स्किन के कारण चेहरा रूखा, बेजान और डल नजर आने लगता है। ऐसे में अगर आप केमिकल प्रोडक्ट्स की बजाय घरेलू नुस्खे अपनाते हैं तो त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारा जा सकता है। हल्दी को आयुर्वेद में त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो स्किन को साफ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं। अगर हल्दी में दो खास चीजें मिलाकर फेस पर लगाया जाए तो चेहरा सर्दियों में भी खिला-खिला और ग्लोइंग नजर आ सकता है। 1. हल्दी + दही: प्राकृतिक मॉइश्चराइजर पैकदही में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को एक्सफोलिएट करता है और डेड स्किन हटाने में मदद करता है। हल्दी के साथ मिलकर यह स्किन को अंदर से साफ करता है। कैसे बनाएं पैक:1 चुटकी हल्दी2 चम्मच ताजा दहीदोनों को मिलाकर पेस्ट बना लें और चेहरे पर 15–20 मिनट लगाएं। फिर हल्के गुनगुने पानी से धो लें। फायदे:ड्राई स्किन से राहतदाग-धब्बे हल्के होते हैंचेहरा मुलायम और चमकदार बनता है 2. हल्दी + शहद: ग्लो बढ़ाने वाला नेचुरल फेस मास्कशहद एक बेहतरीन नेचुरल मॉइश्चराइजर है जो त्वचा को हाइड्रेट रखता है। हल्दी के साथ मिलकर यह स्किन को ग्लोइंग बनाता है और पिंपल्स कम करता है। कैसे बनाएं पैक:1 चुटकी हल्दी1 चम्मच शहदइसे अच्छे से मिक्स करके चेहरे पर लगाएं और 15–20 मिनट बाद धो लें। फायदे:स्किन में नेचुरल ग्लो आता हैमुंहासे और दाग कम होते हैंत्वचा सॉफ्ट और हाइड्रेट रहती हैध्यान रखने वाली बातेंहल्दी बहुत ज्यादा न लगाएं, वरना स्किन पीली पड़ सकती हैपहले पैच टेस्ट जरूर करेंहफ्ते में 2–3 बार ही इस्तेमाल करें हल्दी के साथ दही या शहद का इस्तेमाल सर्दियों में त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद है। यह न केवल चेहरे को साफ करता है बल्कि उसे प्राकृतिक रूप से चमकदार भी बनाता है। नियमित उपयोग से स्किन चांद जैसी निखरी और हेल्दी दिख सकती है।