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अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य कार्रवाई दिवस: महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकारों की वैश्विक आवाज

अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य कार्रवाई दिवस (International Day of Action for Women’s Health) हर साल महिलाओं के स्वास्थ्य, उनके अधिकारों और सुरक्षित चिकित्सा सेवाओं के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन दुनिया को याद दिलाता है कि महिलाओं का स्वास्थ्य केवल एक व्यक्तिगत मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और वैश्विक विकास का अहम आधार है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित मातृत्व सेवाएं और प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े अधिकार दिलाना है। यह दिवस इस बात पर जोर देता है कि हर महिला को समान और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। कई देशों में आज भी महिलाएं जरूरी चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं, जिससे मातृ मृत्यु दर और स्वास्थ्य असमानता जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इसी कारण यह दिन नीति-निर्माताओं, सरकारों और समाज को महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करता है। महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए आंकड़ों और सांख्यिकी (Statistics) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। यह जानना जरूरी है कि कितनी महिलाएं सुरक्षित प्रसव सुविधाओं से वंचित हैं, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में कितना अंतर है और महिलाओं को समय पर इलाज मिल पा रहा है या नहीं। सही डेटा के बिना कोई भी स्वास्थ्य नीति प्रभावी तरीके से नहीं बनाई जा सकती। इसलिए यह दिन “डेटा आधारित स्वास्थ्य सुधार” की जरूरत पर भी जोर देता है। आज भी दुनिया के कई हिस्सों में महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। इनमें सुरक्षित प्रसव सुविधाओं की कमी, प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव, जागरूकता की कमी और सामाजिक बाधाएं प्रमुख हैं। कई जगह महिलाओं को अपने स्वास्थ्य से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता भी नहीं मिलती, जो उनकी स्थिति को और कमजोर बनाता है। यह दिन वैश्विक स्तर पर कई संगठनों की भूमिका को भी उजागर करता है, जैसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), संयुक्त राष्ट्र महिला (UN Women) और विभिन्न गैर-सरकारी संगठन। ये संस्थाएं महिलाओं के लिए स्वास्थ्य कैंप, जागरूकता कार्यक्रम और सुरक्षित मातृत्व योजनाएं चलाकर उनकी स्थिति सुधारने का प्रयास करती हैं। अगर महिलाओं के स्वास्थ्य पर सही ध्यान दिया जाए और ठोस नीतियां लागू हों, तो मातृ मृत्यु दर में भारी कमी लाई जा सकती है और हर महिला को बेहतर जीवन मिल सकता है। यही कारण है कि यह दिन सिर्फ एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि एक वैश्विक आंदोलन है, जो समानता और अधिकारों की दिशा में काम करता है। अंत में यह दिवस हमें यह संदेश देता है कि स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ परिवार और मजबूत समाज की नींव होती है। इसलिए महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। -अंतर्राष्ट्रीय महिला स्वास्थ्य कार्रवाई दिवस

26 मई: जॉर्जिया का Independence Day – इतिहास, जश्न और महत्व

26 मई को जॉर्जिया (देश) अपना राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस मनाता है, जो 1918 में रूसी साम्राज्य से आजादी की घोषणा की याद में होता है। यह दिन देश की पहचान, लोकतंत्र और सांस्कृतिक विरासत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पर्व माना जाता है।26 मई 1918 को जॉर्जिया की नेशनल काउंसिल ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ जॉर्जिया की स्थापना की घोषणा की थी। यह घटना रूसी साम्राज्य के पतन और 1917 की रूसी क्रांति के बाद हुई राजनीतिक उथल-पुथल का नतीजा थी।उस समय जॉर्जिया लंबे समय से बाहरी शासन के प्रभाव में था, और यह घोषणा देश के लिए एक नए लोकतांत्रिक युग की शुरुआत थी। स्वतंत्रता कैसे मिली?प्रथम विश्व युद्ध के बाद रूस कमजोर हो गयाजॉर्जियाई राष्ट्रीय आंदोलन मजबूत हुआ26 मई 1918 को स्वतंत्र राज्य की घोषणा हुईराजधानी तब भी त्बिलिसी (Tbilisi) थी हालांकि यह स्वतंत्रता लंबे समय तक टिक नहीं पाई और 1921 में सोवियत संघ ने जॉर्जिया पर कब्जा कर लिया, लेकिन 1991 में देश ने फिर से स्वतंत्रता हासिल की। जॉर्जिया में कैसे मनाया जाता है यह दिन?यह देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उत्सव होता है, जिसे पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। प्रमुख आयोजन🇬🇪 राष्ट्रीय ध्वज फहराना सैन्य परेड राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के भाषण आतिशबाजी (Fireworks) संगीत कार्यक्रम और सांस्कृतिक शो प्रदर्शनी और लोक कार्यक्रमराजधानी त्बिलिसी के Rustaveli Avenue और Freedom Square पर सबसे बड़े कार्यक्रम होते हैं। आधुनिक जॉर्जिया में महत्वआज यह दिन सिर्फ ऐतिहासिक नहीं बल्कि:राष्ट्रीय एकता का प्रतीक हैलोकतंत्र और स्वतंत्रता का संदेश देता हैयूरोप से जुड़ाव और पहचान का हिस्सा हैयुवाओं के लिए गर्व का अवसर है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वजॉर्जिया का यह दिन वैश्विक मंच पर भी मनाया जाता हैविदेशों में रहने वाले जॉर्जियाई समुदाय भी इसे उत्सव की तरह मनाते हैंकई देशों के प्रतिनिधि भी आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं26 मई को जॉर्जिया का नेशनल डे भी कहा जाता है1918 की यह घटना देश के आधुनिक लोकतंत्र की नींव मानी जाती हैयह यूरोप के सबसे पुराने लोकतांत्रिक आंदोलनों में से एक से जुड़ा है 26 मई का दिन जॉर्जिया के लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, संघर्ष और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है। यह दिन याद दिलाता है कि आज का आधुनिक जॉर्जिया कई ऐतिहासिक संघर्षों और बदलावों के बाद बना है। -जॉर्जिया (देश) राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस

GWALIOR NAGAR NIGM HEARING: अमृत योजना में 840 करोड़ खर्च, फिर भी ग्वालियर में गहराया जल संकट

GWALIOR NAGAR NIGAM

HIGHLIGHTS: खाली मटका लेकर निगम पहुंचे पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता ग्वालियर में जल संकट को लेकर जनसुनवाई में हंगामा अमृत योजना के 840 करोड़ खर्च पर उठे सवाल घरेलू पानी बिल को व्यवसायिक बनाने की शिकायत खुले नाले और कच्ची सड़क से परेशान रहवासी पहुंचे जनसुनवाई   GWALIOR NAGAR NIGM HEARING: मध्यप्रदेश। ग्वालियर नगर निगम की जनसुनवाई में जल संकट का मुद्दा गर्माता हुआ नजर आया। बता दें कि मंगलवार को हुई जनसुनवाई में वार्ड क्रमांक 27 के पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता अपने समर्थकों के साथ खाली मटका और पानी के बर्तन लेकर निगम कार्यालय पहुंचे। क्षेत्र में कई दिनों से पानी न आने के कारन उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने ने आरोप लगाया की पानी नहीं मिलने से लोग परेशान है और अब तक नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। कांग्रेस में बदलाव की सुगबुगाहट? डीके शिवकुमार की बढ़ती दावेदारी के बीच तेज हुआ मंथन अमृत योजना पर उठाए सवाल पूर्व पार्षद बृजेश गुप्ता ने अमृत योजना के तहत खर्च हुए 840 करोड़ रुपए पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब लोगों को पर्याप्त पानी ही नहीं मिल रहा, तो इतनी बड़ी राशि खर्च होने का क्या फायदा। साथ ही प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रवासियों ने ये भी आरोप लगाया कि गर्मी में जल संकट और ज्यादा गंभीर हो गया है। जिसके बाद मामले को बढ़ता देख अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि दो दिनों के भीतर क्षेत्र की पानी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। Ebola Alert: हैदराबाद एयरपोर्ट पर बढ़ी सख्ती, अफ्रीका में बढ़ते मामलों के बीच भारत में एहतियात तेज अतिक्रमण और सीवर से जुड़ी शिकायतें भी आई जनसुनवाई में महलगांव निवासी राजा ने भी पानी बिल से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके घरेलू पानी कनेक्शन का बिल गलती से व्यवसायिक श्रेणी में बदल दिया गया, जिससे उन्हें अत्यधिक राशि के बिल मिल रहे हैं। शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से तत्काल सुधार की मांग की। अधिकारियों ने दस्तावेज जांचने के बाद जल्द बिल संशोधन करने का भरोसा दिया। इसके अलावा पानी, सीवर और अतिक्रमण से जुड़ी कई शिकायतें भी जनसुनवाई में पहुंचीं। सरकारी खरीदी से पहले ही मंडी में मूंग की धूम: खरगोन में 55 हजार क्विंटल बिक्री का अनुमान खुले नाले और कच्ची सड़क से परेशान लोग वार्ड क्रमांक 55 के रहवासियों ने क्षेत्र में खुले पड़े नाले को बंद कराने की मांग की। लोगों का कहना है कि कई सालों से नाला खुला होने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं और लोग उसमें गिरकर घायल हो चुके हैं। वहीं मेवाती मोहल्ले के रहवासियों ने कच्ची सड़क को लेकर आवेदन दिया। उनका कहना है कि बारिश के समय हालात और खराब हो जाते हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। अधिकारियों ने निरीक्षण कर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है।  

क्या Earbuds से हो सकती है आपकी जासूसी? जानिए साइबर एक्सपर्ट्स की चेतावनी और सच्चाई

नई दिल्ली। आज के समय में वायरलेस ईयरबड्स सिर्फ म्यूजिक सुनने या कॉल करने का साधन नहीं रह गए हैं, बल्कि ये स्मार्ट फीचर्स से लैस ऐसे डिवाइस बन चुके हैं जो माइक्रोफोन, ब्लूटूथ और AI तकनीक के जरिए लगातार फोन से जुड़े रहते हैं। इसी वजह से साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ इन डिवाइस को लेकर प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। Earbuds कैसे बन सकते हैं खतरा?आधुनिक Earbuds में माइक्रोफोन और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी होती है, जिससे ये फोन से लगातार जुड़े रहते हैं। अगर किसी डिवाइस में सुरक्षा खामी हो या वह किसी मालवेयर से संक्रमित हो जाए तो हैकर माइक्रोफोन तक पहुंच बना सकता है। इस स्थिति में यूजर को बिना जानकारी दिए आसपास की बातचीत रिकॉर्ड होने का खतरा पैदा हो सकता है। हालांकि ऐसा आमतौर पर तभी संभव है जब डिवाइस या फोन किसी असुरक्षित ऐप या लिंक से प्रभावित हो। ब्लूटूथ हैकिंग का बढ़ता खतरासाइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि सार्वजनिक जगहों जैसे एयरपोर्ट, मॉल या कैफे में ब्लूटूथ ऑन रखना जोखिम भरा हो सकता है। हैकर्स कई बार नकली ब्लूटूथ डिवाइस बनाकर यूजर्स को कनेक्ट करने के लिए ट्रिक करते हैं। अगर कोई यूजर गलती से ऐसे डिवाइस से कनेक्ट हो जाता है तो उसके फोन का डेटा, कॉन्टैक्ट्स और ऑडियो जानकारी चोरी होने का खतरा बढ़ सकता है। किन लोगों को ज्यादा खतरा?जो लोग लगातार Earbuds का इस्तेमाल ऑफिस कॉल, बिजनेस मीटिंग या निजी बातचीत के लिए करते हैं, वे ज्यादा संवेदनशील स्थिति में हो सकते हैं। खासकर सस्ते या अनजान ब्रांड के डिवाइस में सिक्योरिटी अपडेट की कमी के कारण खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, अगर किसी ऐप को जरूरत से ज्यादा माइक्रोफोन परमिशन दी गई हो तो वह बैकग्राउंड में डेटा एक्सेस कर सकता है। कैसे बचें इस खतरे से?यूजर्स को हमेशा भरोसेमंद ब्रांड के Earbuds इस्तेमाल करने चाहिए और समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट करना चाहिए। अनजान ब्लूटूथ रिक्वेस्ट को स्वीकार न करें और जरूरत न होने पर ब्लूटूथ बंद रखें। फोन में ऐप्स की माइक्रोफोन परमिशन नियमित रूप से चेक करना भी जरूरी है। किसी भी संदिग्ध लिंक या ऐप से बचकर रहना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

DATIYA COLLECTOR HEARING: स्मार्ट मीटर की शिकायतें लेकर पहुंचे लोग, कलेक्टर ने अधोकरियों को दिए निराकरण के निर्देश

DATIYA PUBLIC HEARING

HIGHLIGHTS: दतिया जनसुनवाई में बिजली और जमीन विवाद के मामले हावी स्मार्ट मीटर के बढ़े बिलों को लेकर लोगों में नाराजगी महिला ने 32 बीघा धान फसल चरवाने का लगाया आरोप मंदिर का रास्ता बंद करने की शिकायत पहुंची प्रशासन तक अधिकारियों ने त्वरित जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश     DATIYA COLLECTOR HEARING: मध्यप्रदेश। दतिया में मंगलवार को जनसुनवाई आरोजन किया गया जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस दौरान लिस अधीक्षक कार्यालय में एएसपी सुनील शिवराने ने थाना प्रभारियों के साथ शिकायतें सुनीं साथ ही कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने अधिकारयों को मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बिजली बिल, जमीन विवाद, मारपीट, रास्ता बंद करने और फसल नुकसान जैसे कई मामले पहुंचे। नलों से नहीं टपकी एक बूंद: भीषण गर्मी में राजस्थान के कुएं पर निर्भर MP का गांव, पानी के लिए रोज जंग बिजली बिल कम करने की मांग बता दें की जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें बिजली विभाग से जुड़ी हुई आई, जहां लोगों का कहना था कि स्मार्ट मीटर होने की वजह से बिजली बिल अत्यधिक आता है। कई बार तो जांच किए बिना ही बिल जारी कर दिया जाता है। कई लोगों ने बिजली कंपनी पर शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया। जिसके बाद प्रशासन ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मामलों की जांच कर जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। नेपाल में अमेरिका की बढ़ती सक्रियता, चीन की बढ़ी चिंता क्या बन रहा नया भू-राजनीतिक मोर्चा? झूठे केस के मामले भी सामने आए ग्राम शेरसा की एक निवासी ने आरोप लगाया कि पति और बेटे के न्यायिक अभिरक्षा में होने का फायदा उठाकर गांव के कुछ लोगों ने उनकी 32 बीघा धान की फसल पशुओं से चरवा दी। जिसमे महिला ने करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का दावा किया। वहीं जिगना थाना क्षेत्र के चेतराम यादव ने एसपी को आवेदन देकर आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने शराब के लिए पैसे मांगने के बाद मारपीट की और बाद में उन्हीं पर झूठा केस दर्ज करा दिया। उन्होंने मामले की सीसीटीवी जांच कराने की मांग की। वैश्विक संसाधनों की नई जंग में बड़ा कदम: भारत-अमेरिका समझौते से तकनीक और उद्योग क्षेत्र को मिलेगा नया आधार मंदिर का रास्ता बंद करने और अतिक्रमण के आरोप इंदरगढ़ तहसील के जौरा गांव निवासी हरीराम ने सीमांकन नहीं होने से खेत पर अतिक्रमण की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि खेत में जबरन बिजली का खंभा और निजी ट्रांसफार्मर तक लगा दिया गया। वहीं इंदरगढ़ में एस.एन. परिहार ने मंदिर जाने वाले रास्ते पर रातोंरात दीवार खड़ी कर रास्ता बंद करने की शिकायत की। जनसुनवाई के अंत में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को समयसीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए।

Mouni Roy का बोल्ड फोटोशूट वायरल, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

नई दिल्ली । टीवी इंडस्ट्री से अपने करियर की शुरुआत करने वाली Mouni Roy आज ग्लैमर वर्ल्ड का बड़ा नाम बन चुकी हैं। खासकर Naagin से मिली लोकप्रियता ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। अभिनय के साथ-साथ मौनी अपने फैशन सेंस और स्टाइलिश अंदाज को लेकर भी लगातार सुर्खियों में बनी रहती हैं। एक बार फिर उनका लेटेस्ट फोटोशूट इंटरनेट पर तहलका मचा रहा है। हाल ही में शेयर की गई तस्वीरों में मौनी रॉय गोल्डन और ब्लैक शिमरी आउटफिट में बेहद ग्लैमरस नजर आ रही हैं। हर तस्वीर में उनका कॉन्फिडेंस और स्टाइल अलग ही आकर्षण पैदा कर रहा है। खुले बाल, बोल्ड मेकअप और कातिलाना एक्सप्रेशन ने उनके लुक को और भी खास बना दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार उनकी तस्वीरों पर कमेंट कर तारीफों के पुल बांध रहे हैं। तस्वीरों में मौनी कभी शीशे के सामने स्टाइलिश पोज देती नजर आ रही हैं तो कभी कैमरे के सामने अपनी अदाओं से फैंस को दीवाना बना रही हैं। उनका हर पोज इतना आकर्षक है कि तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस का कहना है कि मौनी का फैशन और एटीट्यूड उन्हें बाकी अभिनेत्रियों से अलग बनाता है। Mouni Roy सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने फैशन फोटोशूट की झलक फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं। यही वजह है कि उनकी तस्वीरें पोस्ट होते ही वायरल होने लगती हैं। इस बार भी उनका बोल्ड और एलिगेंट अवतार इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है। मौनी रॉय का यह नया फोटोशूट साबित करता है कि वह सिर्फ शानदार अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि फैशन आइकन भी हैं। उनका हर नया लुक फैंस के बीच ट्रेंड करने लगता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर उनकी फैन फॉलोइंग लगातार बढ़ती जा रही है।

सिर्फ बिजली बिल नहीं बचाते Solar Panels, पर्यावरण से लेकर कमाई तक देते हैं कई बड़े फायदे

नई दिल्ली। आज के समय में बढ़ते बिजली बिल और ऊर्जा संकट के बीच Solar Energy लोगों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बनती जा रही है। घरों, ऑफिसों और फैक्ट्रियों में तेजी से सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। वजह सिर्फ बिजली बिल में बचत नहीं, बल्कि इसके कई ऐसे फायदे हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। एक बार इंस्टॉल होने के बाद सोलर पैनल सालों तक कम खर्च में बिजली देते हैं और लंबे समय तक राहत पहुंचाते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सोलर पैनल लगने के बाद बिजली के लिए सरकारी ग्रिड पर निर्भरता काफी कम हो जाती है। खासकर ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम में बैटरी के जरिए बिजली स्टोर की जा सकती है, जिससे रात के समय भी बिजली का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है। इससे बार-बार बिजली कटौती या बढ़ते बिजली बिल की चिंता कम हो जाती है। सोलर सिस्टम का एक बड़ा फायदा इसकी कम मेंटेनेंस लागत भी है। शुरुआती इंस्टॉलेशन खर्च थोड़ा ज्यादा जरूर होता है, लेकिन सरकारी सब्सिडी के कारण यह लागत काफी घट जाती है। एक बार पैनल लगाने के बाद सिर्फ साल में एक-दो बार सफाई या सामान्य देखभाल की जरूरत पड़ती है। अच्छी क्वालिटी के सोलर पैनल 20 से 25 साल तक आसानी से काम कर सकते हैं। पर्यावरण के लिहाज से भी सोलर एनर्जी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इससे बिजली बनाने के दौरान कोई धुआं, जहरीली गैस या प्रदूषण पैदा नहीं होता। यही कारण है कि इसे क्लीन और ग्रीन एनर्जी कहा जाता है। सोलर पावर का इस्तेमाल कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करता है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। सरकार भी लोगों को सोलर एनर्जी अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। केंद्र और कई राज्य सरकारें सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी और आसान लोन सुविधा दे रही हैं। इससे आम लोगों के लिए सोलर सिस्टम लगाना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोलर एनर्जी घरेलू और व्यावसायिक बिजली जरूरतों का बड़ा स्रोत बन सकती है। कम खर्च, लंबी लाइफ और पर्यावरण सुरक्षा जैसे फायदे इसे भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा तकनीकों में शामिल कर रहे हैं।

फोन की बैटरी जल्दी हो रही खराब? ये छोटी गलतियां बन सकती हैं बड़ा कारण

नई दिल्ली। आजकल स्मार्टफोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन कई यूजर्स एक आम समस्या से परेशान रहते हैंफोन की बैटरी जल्दी खराब होना। ज्यादातर स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन बैटरी दी जाती है, जो बेहतर बैकअप और लंबी लाइफ के लिए जानी जाती है। हालांकि, गलत इस्तेमाल और कुछ छोटी लापरवाहियां बैटरी की हेल्थ तेजी से खराब कर सकती हैं। टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कई लोग अनजाने में ऐसी गलतियां करते हैं जिनका सीधा असर फोन की बैटरी लाइफ पर पड़ता है। सबसे बड़ी गलती खराब क्वालिटी वाले चार्जर का इस्तेमाल करना मानी जाती है। कई कंपनियां अब फोन के साथ चार्जर नहीं देतीं, ऐसे में लोग सस्ते या लोकल चार्जर खरीद लेते हैं। ऐसे चार्जर सही तरीके से वोल्टेज कंट्रोल नहीं कर पाते, जिससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए हमेशा ओरिजिनल या सर्टिफाइड चार्जर का ही इस्तेमाल करना चाहिए। फोन को जरूरत से ज्यादा गर्म होने देना भी बैटरी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। धूप में फोन इस्तेमाल करना, गेमिंग के दौरान चार्जिंग करना या लंबे समय तक लगातार भारी ऐप्स चलाना बैटरी को ओवरहीट कर सकता है। अधिक तापमान के कारण बैटरी के अंदर केमिकल रिएक्शन तेज हो जाते हैं, जिससे बैटरी जल्दी डैमेज होने लगती है। कई यूजर्स की आदत होती है कि वे फोन को पूरी तरह डिस्चार्ज होने के बाद ही चार्ज करते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बार-बार बैटरी को 0 प्रतिशत तक गिराना उसकी लाइफ कम कर सकता है। बेहतर होगा कि फोन को 20 से 30 प्रतिशत बैटरी बचने पर ही चार्ज कर लिया जाए। बहुत ज्यादा ठंड में फोन चार्ज करना भी नुकसानदेह हो सकता है। अत्यधिक ठंडे तापमान में बैटरी की क्षमता प्रभावित होती है और चार्जिंग प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर बैटरी के अंदर तकनीकी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। इसके अलावा स्मार्ट चार्जिंग फीचर को नजरअंदाज करना भी गलत माना जाता है। आजकल कई स्मार्टफोन्स में बैटरी प्रोटेक्शन या स्मार्ट चार्जिंग फीचर दिया जाता है, जो बैटरी को लंबे समय तक 100 प्रतिशत चार्ज रहने से बचाता है। इससे बैटरी की हेल्थ लंबे समय तक बेहतर बनी रहती है। टेक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यूजर्स इन छोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखें तो स्मार्टफोन की बैटरी कई साल तक बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

108MP कैमरा और 6520mAh बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Honor 600e, 8GB RAM ने बढ़ाई ताकत

नई दिल्ली। Honor ने अपनी नई E-सीरीज के तहत Honor 600e स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को दमदार कैमरा, बड़ी बैटरी और प्रीमियम फीचर्स के साथ पेश किया है। खास बात यह है कि फोन में 108 मेगापिक्सल का हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा और 6520mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो इसे मिड-प्रीमियम सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाती है। Honor 600e में 6.6 इंच का AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें 2000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिलती है। इससे तेज धूप में भी स्क्रीन साफ दिखाई देती है। फोन को धूल और पानी से बचाने के लिए IP66 रेटिंग भी दी गई है। परफॉर्मेंस के लिए स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 7100 प्रोसेसर दिया गया है। इसके साथ Mali G610 MC2 GPU मिलता है, जो गेमिंग और मल्टीटास्किंग को बेहतर बनाता है। डिवाइस में 8GB RAM और 512GB इंटरनल स्टोरेज दी गई है, जिससे यूजर्स को स्टोरेज की कमी महसूस नहीं होगी। फोटोग्राफी के लिए फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है। इसका प्राइमरी कैमरा 108MP का है, जो 10x डिजिटल जूम सपोर्ट करता है। इसके अलावा 5MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस भी दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 16MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है। बैटरी की बात करें तो Honor 600e में 6520mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है। इसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी मिलता है, जिससे फोन कम समय में चार्ज हो सकता है। कंपनी ने इस स्मार्टफोन को Desert Gold, Velvet Gray और Vital Green कलर ऑप्शन में पेश किया है। इसकी कीमत PEN 1,999 यानी करीब 56 हजार रुपये रखी गई है। फिलहाल यह स्मार्टफोन पेरू में कंपनी के ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।

6000mAh बैटरी और 120Hz डिस्प्ले के साथ आया Lava का नया 5G फोन, कीमत रखी सिर्फ ₹11,999

नई दिल्ली। भारतीय स्मार्टफोन कंपनी Lava International ने बजट सेगमेंट में अपना नया 5G स्मार्टफोन SHARK 2 5G लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और दमदार परफॉर्मेंस के साथ पेश किया है। खास बात यह है कि इसकी शुरुआती कीमत सिर्फ 11,999 रुपये रखी गई है, जिससे यह बजट यूजर्स के लिए एक आकर्षक विकल्प बन सकता है। Lava का यह नया फोन 6.75 इंच के HD+ LCD डिस्प्ले के साथ आता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है। इससे स्क्रॉलिंग, गेमिंग और वीडियो देखने का अनुभव काफी स्मूद हो जाता है। कंपनी ने फोन में 2.3GHz क्लॉक स्पीड वाला Unisoc T8200 6nm प्रोसेसर दिया है, जिसके साथ Mali-G57 MC2 GPU मिलता है। यह कॉम्बिनेशन रोजमर्रा के कामों के साथ मल्टीटास्किंग और सामान्य गेमिंग को भी बेहतर बनाता है। फोन में 4GB LPDDR4x रैम और 64GB UFS 2.2 स्टोरेज दी गई है। स्टोरेज को माइक्रोSD कार्ड की मदद से 1TB तक बढ़ाया जा सकता है। फोटोग्राफी के लिए डिवाइस में 13MP का रियर कैमरा और 5MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट स्कैनर मिलता है। Lava SHARK 2 5G की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है। इसके साथ 18W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है। फोन को धूल और पानी के छींटों से बचाने के लिए IP64 रेटिंग भी मिलती है। कंपनी के मुताबिक, इस स्मार्टफोन की पहली सेल 10 जून 2026 से शुरू होगी। इसे Lava के रिटेल स्टोर्स के जरिए खरीदा जा सकेगा। लॉन्च ऑफर्स के तहत ग्राहकों को कई फाइनेंशियल स्कीम्स और कंपनी की Free Service @ Home सुविधा भी मिलेगी।