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काला हिरण' फिल्म पर गहराया कानूनी संकट: अभिनेता गोविंद नामदेव के बयानों से भड़के निर्माता अमित जानी, मानहानि के तहत कोर्ट में घसीटने की दी चेतावनी

नई दिल्ली। फिल्म उद्योग में वास्तविक और चर्चित आपराधिक मामलों पर बनने वाली फिल्मों को लेकर अक्सर विवाद खड़े होते रहे हैं, लेकिन वर्तमान में फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर शुरू हुआ आंतरिक घमासान अब कानूनी चौखट तक पहुंच गया है। अभिनेता सलमान खान से जुड़े चर्चित ब्लैकबक कानूनी मामले से प्रेरित इस आगामी फिल्म के मुख्य कलाकार गोविंद नामदेव और फिल्म के निर्माता अमित जानी के बीच सीधा वैचारिक और कानूनी टकराव पैदा हो गया है। अभिनेता गोविंद नामदेव ने हाल ही में सार्वजनिक मंच पर यह बयान देकर सनसनी फैला दी थी कि उन्हें फिल्म की वास्तविक पटकथा और संदर्भ के बारे में पूरी तरह अंधेरे में रखा गया था। अभिनेता के अनुसार, यदि उन्हें पहले से इस बात का भान होता कि यह पूरी फिल्म सलमान खान की छवि के विपरीत और उनके खिलाफ केंद्रित है, तो वह कभी भी इस परियोजना का हिस्सा नहीं बनते। इस गंभीर और एकतरफा आरोप के सार्वजनिक होते ही फिल्म के निर्माता अमित जानी ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए अभिनेता के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। निर्माता ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि किसी भी अनुभवी और वरिष्ठ अभिनेता के साथ बिना लिखित पटकथा के तीन-चार दिनों तक लगातार अदालत के दृश्यों की शूटिंग करना व्यावहारिक रूप से असंभव है। प्रोडक्शन हाउस का स्पष्ट तर्क है कि फिल्म का शीर्षक ही ‘काला हिरण’ है, जो सीधे तौर पर वर्ष 1998 से लेकर 2018 तक जोधपुर की निचली और उच्च अदालतों में चले ऐतिहासिक मुकदमे की याद दिलाता है। ऐसे में यह कहना कि कलाकार को विषय की गहराई और संदर्भ की जानकारी नहीं थी, पूरी तरह से असत्य और हास्यास्पद है। निर्माता ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया कि गोविंद नामदेव फिल्म में मुख्य सरकारी वकील की भूमिका निभा रहे हैं, जो अयान खान नामक चरित्र के खिलाफ अदालती पैरवी कर रहा है। शूटिंग के दौरान अभिनेता ने स्वयं कई जटिल कानूनी और प्रासंगिक संवाद बोले हैं, जिसमें जीप पर लगे खून के धब्बे और टायरों में फंसे हिरण के बालों जैसे संवेदनशील विवरणों का जिरह के दौरान उल्लेख शामिल है। प्रोडक्शन हाउस के अनुसार, सेट पर बिना किसी दबाव या गनपॉइंट के पूरी स्वेच्छा से किए गए काम को अब साक्षात्कार के माध्यम से धोखे का नाम दिया जा रहा है, जो कि केवल एक बड़े सुपरस्टार को खुश करने और उद्योग में अपने संबंधों को बचाने की एक कमजोर कोशिश मात्र है। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब निर्माता अमित जानी ने दोनों पक्षों के बीच हस्ताक्षरित कानूनी अनुबंध का खुलासा किया। निर्माता के दावों के अनुसार, गोविंद नामदेव ने न केवल इस वर्तमान फिल्म के लिए बल्कि भविष्य में बनने वाले इसके दूसरे भाग के लिए भी बकायदा कानूनी एग्रीमेंट साइन किया था। अब सार्वजनिक रूप से इस तरह के विरोधाभासी बयान देना न केवल उस कानूनी अनुबंध की शर्तों का खुला उल्लंघन है, बल्कि इससे प्रोडक्शन हाउस की बाजार साख और फिल्म की व्यावसायिक छवि को भी भारी वित्तीय और नैतिक नुकसान पहुंचा है। इस विवाद के बाद प्रोडक्शन हाउस ने अब रक्षात्मक रुख छोड़कर पूरी तरह से आक्रामक कानूनी कार्रवाई करने का मन बना लिया है। फिल्म निर्माता ने स्पष्ट किया है कि वे इस अनुबंध उल्लंघन और मानहानि के मामले को लेकर बहुत जल्द कानूनी नोटिस जारी करने जा रहे हैं। इस मामले की आधिकारिक सुनवाई और जांच के लिए अभिनेता को नोएडा की जिला अदालत में आकर अपना जवाब दाखिल करना होगा। सिनेमा जगत के विश्लेषकों का मानना है कि इस आंतरिक कलह और आने वाले कानूनी नोटिस के बाद फिल्म के समय पर प्रदर्शन और इसके भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बादल और अधिक गहरे हो गए हैं।

अमेजन प्राइम डे सेल से पहले लॉन्च हो सकती है वनप्लस 'N6' सीरीज, रेडमी और रियलमी के दबदबे को मिलेगी सीधी चुनौती

नई दिल्ली। भारतीय स्मार्टफोन बाजार के प्रीमियम और मिड-रेंज सेगमेंट में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद दिग्गज टेक ब्रांड वनप्लस अब देश के किफायती मोबाइल बाजार में एक बड़ा धमाका करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी भारत में अपनी नई एंट्री-लेवल स्मार्टफोन श्रृंखला ‘वनप्लस एन सीरीज’ को पेश करने जा रही है। इस आगामी सीरीज के तहत बेहद किफायती हैंडसेट लॉन्च किए जाएंगे, जिनकी शुरुआती कीमत बीस हजार रुपये से भी कम होने की पूरी संभावना है। वनप्लस ने इस नई तैयारी को अमलीजामा पहनाते हुए अपने आधिकारिक वेब पोर्टल पर एक नया टीजर भी लाइव कर दिया है, जिसने टेक जगत और बजट स्मार्टफोन उपभोक्ताओं के बीच उत्सुकता काफी बढ़ा दी है। इस नई रणनीतिक तैयारी के तहत वनप्लस का मुख्य फोकस उन उपभोक्ताओं को आकर्षित करना है जो कम बजट में एक भरोसेमंद और बेहतर ब्रांड वैल्यू वाला स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस नई सीरीज के आने से भारतीय मोबाइल बाजार के सब-20 हजार रुपये वाले सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा काफी रोचक हो जाएगी। वनप्लस की इस किफायती सीरीज का सीधा मुकाबला पहले से इस सेगमेंट में स्थापित चीनी और वैश्विक ब्रांड्स जैसे रेडमी, रियलमी, पोको और वीवो के एंट्री-लेवल तथा मिड-रेंज हैंडसेट्स से होगा। कंपनी इन फोन्स की बिक्री के लिए प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इंडिया को अपना मुख्य पार्टनर बना सकती है। कंपनी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक टीजर में फिलहाल आगामी हैंडसेट्स की लॉन्चिंग को लेकर ‘कमिंग सून’ का टैगलाइन इस्तेमाल किया गया है। वनप्लस ने अभी तक किसी निश्चित लॉन्चिंग तारीख या समय सीमा का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है, लेकिन तकनीकी गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। वैश्विक तकनीकी रिपोर्ट्स और लीक हुई जानकारियों के अनुसार, इस सीरीज के तहत बाजार में उतरने वाले पहले स्मार्टफोन का नाम ‘वनप्लस एन6’ हो सकता है। हालांकि, गोपनीयता बनाए रखते हुए कंपनी ने अभी तक इस फोन के कैमरा सेटअप, प्रोसेसर क्षमता, बैटरी बैकअप और अन्य प्रमुख स्पेसिफिकेशन्स से जुड़ी बारीक जानकारियां साझा नहीं की हैं। इस नई घोषणा के बाद तकनीकी जानकारों के बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि कंपनी की मौजूदा किफायती श्रृंखला ‘नोर्ड सीरीज’ का भविष्य क्या होगा। उल्लेखनीय है कि कंपनी ने हाल ही में बाजार में नोर्ड 6, नोर्ड सीई6 और नोर्ड सीई6 लाइट जैसे स्मार्टफोन उतारे थे, जो ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय रहे हैं। माना जा रहा है कि नई ‘N’ सीरीज को नोर्ड सीरीज से भी नीचे के प्राइस ब्रैकेट में स्थापित किया जाएगा ताकि कंपनी हर वर्ग के ग्राहकों तक अपनी पहुंच बना सके। यह रणनीति वनप्लस को भारत के ग्रामीण और अर्ध-शहरी बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में काफी मदद कर सकती है। व्यावसायिक रणनीतियों और बाजार के रुझानों से संकेत मिलते हैं कि वनप्लस अपनी इस नई किफायती सीरीज के हैंडसेट्स को आगामी अमेजन प्राइम डे सेल की शुरुआत से ठीक पहले भारतीय बाजार में पेश कर सकती है। इस रणनीतिक टाइमिंग का मुख्य उद्देश्य सेल के दौरान मिलने वाले भारी ट्रैफिक और उपभोक्ता मांग का पूरा लाभ उठाना है ताकि शुरुआती दौर में ही बड़ी संख्या में हैंडसेट्स की बिक्री की जा सके। हालांकि, इस व्यापारिक योजना और उत्पादन आपूर्ति को लेकर कंपनी की ओर से आने वाले दिनों में और अधिक विस्तृत तथा पुख्ता आधिकारिक घोषणाएं होने की उम्मीद जताई जा रही है।

एक दिन में 47 फिल्में साइन करने वाला बॉलीवुड स्टार, पहली ही फिल्म ने बनाया सुपरस्टार, फिर फीका पड़ गया करियर

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली। हालांकि, हर किसी की सफलता लंबे समय तक कायम नहीं रह पाती। अभिनेता Rahul Roy की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। एक समय था जब फिल्म निर्माता उनके साथ काम करने के लिए कतार में खड़े रहते थे और उनके पास फिल्मों की इतनी भरमार थी कि उन्होंने एक ही दिन में 47 फिल्में साइन कर ली थीं। हाल ही में राहुल रॉय टीवी शो लाफ्टर शेफ्स में नजर आए, जहां उनके फिल्मी करियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सामने आया। शो के दौरान अभिनेता Karan Kundrra ने राहुल से पूछा कि क्या उन्होंने एक दिन में 150 फिल्में साइन की थीं। इस पर राहुल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि यह आंकड़ा गलत है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 150 नहीं, बल्कि 47 फिल्में एक ही दिन में साइन की थीं। यह सुनकर शो में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। राहुल रॉय को सबसे ज्यादा पहचान फिल्म Aashiqui से मिली थी। यह उनकी पहली फिल्म थी और रिलीज होते ही देशभर में जबरदस्त हिट साबित हुई। फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री Anu Aggarwal नजर आई थीं। रोमांटिक कहानी और यादगार संगीत के कारण ‘आशिकी’ ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली। फिल्म की लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि राहुल रॉय को लंबे समय तक ‘आशिकी बॉय’ के नाम से जाना जाता रहा। एक इंटरव्यू में राहुल रॉय ने बताया था कि ‘आशिकी’ सिनेमाघरों में करीब छह महीने तक हाउसफुल चली थी। फिल्म की सफलता ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और उनके पास फिल्मों के प्रस्तावों की बाढ़ आ गई। निर्माता और निर्देशक उन्हें अपनी फिल्मों में लेने के लिए उत्सुक रहते थे। इसी दौरान उन्होंने 47 फिल्मों पर हस्ताक्षर कर दिए। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में फिल्में साइन करना उनके लिए मुश्किल साबित हुआ। राहुल ने बाद में स्वीकार किया था कि उनके पास सभी फिल्मों के लिए समय नहीं था। मजबूरी में उन्हें कई प्रोजेक्ट छोड़ने पड़े और लगभग 21 निर्माताओं को उनकी एडवांस राशि भी लौटानी पड़ी। यह उनके करियर का एक ऐसा दौर था जब लोकप्रियता अपने चरम पर थी, लेकिन सही प्रबंधन न होने के कारण वह उसका पूरा लाभ नहीं उठा सके। फिल्मों के अलावा राहुल रॉय रियलिटी शो की दुनिया में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। वे वर्ष 2007 में प्रसारित हुए Bigg Boss के पहले सीजन के विजेता रहे थे। बिग बॉस की ट्रॉफी जीतने के बाद भी उनके करियर को वैसी रफ्तार नहीं मिल सकी जैसी ‘आशिकी’ के दौर में देखने को मिली थी। राहुल रॉय ने अपने करियर में 28 से अधिक फिल्मों में काम किया, लेकिन उनकी बाद की अधिकांश फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सकीं। धीरे-धीरे उनका स्टारडम कम होता गया और वे फिल्मी दुनिया से दूर होते चले गए। हाल के वर्षों में राहुल रॉय सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहे हैं। कुछ समय पहले एक कंटेंट क्रिएटर के साथ रील वीडियो बनाने को लेकर उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। आलोचनाओं का जवाब देते हुए राहुल ने कहा था कि वह ईमानदारी से काम कर रहे हैं और मेहनत करके अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि लोग उनकी इतनी चिंता करते हैं तो उन्हें बेहतर काम दिलाने में मदद करें। राहुल रॉय की कहानी बॉलीवुड में सफलता और संघर्ष दोनों का अनोखा उदाहरण है। एक दौर में जहां वे इंडस्ट्री के सबसे चर्चित सितारों में शामिल थे, वहीं आज उनकी यात्रा नई पीढ़ी के कलाकारों को सफलता के साथ संतुलन बनाए रखने का संदेश देती है।

भिंडी-मटन की ‘रिश्वत’ देकर गवाया गया था मन्ना डे का यह अमर गीत, आज भी सुनते ही झूम उठते हैं संगीत प्रेमी

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के महान पार्श्वगायकों में शुमार Manna Dey ने अपने लंबे और शानदार करियर में सैकड़ों यादगार गीत गाए। शास्त्रीय संगीत की मजबूत पकड़ और मधुर आवाज के कारण उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित गायकों में गिना जाता है। उनके जीवन से जुड़े कई किस्से आज भी संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प किस्सा फिल्म देख कबीरा रोया के मशहूर गीत “कौन आया मेरे मन के द्वारे” से जुड़ा हुआ है। साल 1957 में रिलीज हुई Dekh Kabira Roya का निर्देशन अमेय चक्रवर्ती ने किया था, जबकि फिल्म का संगीत दिग्गज संगीतकार Madan Mohan ने तैयार किया था। फिल्म का गीत “कौन आया मेरे मन के द्वारे” उस दौर के सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है। यह गीत अभिनेता Anup Kumar पर फिल्माया गया था और आज भी रेडियो, संगीत कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर खूब सुना जाता है। कहा जाता है कि इस गीत की धुन तैयार करते समय मदन मोहन के मन में केवल एक ही नाम था और वह था मन्ना डे। दरअसल, यह गीत शास्त्रीय संगीत के रंग में रंगा हुआ था। संगीत जगत में माना जाता था कि शास्त्रीय रागों पर आधारित गीतों को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करने में मन्ना डे का कोई मुकाबला नहीं था। यही वजह थी कि मदन मोहन किसी अन्य गायक के बजाय मन्ना डे की आवाज में ही इस गीत को रिकॉर्ड करना चाहते थे। हालांकि, मन्ना डे को मनाने के लिए मदन मोहन ने एक अनोखा तरीका अपनाया। चर्चित किस्सों के अनुसार, उन्होंने मन्ना डे से पूछा कि वे क्या कर रहे हैं। जब मन्ना डे ने बताया कि उनके पास फिलहाल कोई विशेष काम नहीं है, तब मदन मोहन ने उन्हें अपने घर आने का निमंत्रण दिया और कहा कि वे उन्हें उनकी पसंद का भिंडी-मटन खिलाएंगे। मदन मोहन अपने बेहतरीन खानपान और मेहमाननवाजी के लिए भी जाने जाते थे। ऐसे में स्वादिष्ट भोजन का न्योता सुनकर मन्ना डे उनके घर पहुंच गए। वहां उनका शानदार स्वागत हुआ और उन्हें भिंडी-मटन परोसा गया। भोजन के बाद मदन मोहन ने बड़ी सहजता से उन्हें गीत की धुन सुनाई और कहा कि वे चाहते हैं कि यह गीत मन्ना डे ही गाएं। बताया जाता है कि धुन सुनते ही मन्ना डे प्रभावित हो गए और उन्होंने तुरंत गीत गाने के लिए हामी भर दी। इसके बाद रिकॉर्ड हुआ “कौन आया मेरे मन के द्वारे” हिंदी फिल्म संगीत का एक कालजयी गीत बन गया। इसकी मधुरता, शास्त्रीयता और मन्ना डे की अद्भुत गायकी ने इसे अमर बना दिया। दशकों बाद भी यह गीत संगीत प्रेमियों की पसंदीदा सूची में शामिल है। मन्ना डे की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अपने करियर में अनेक प्रतिष्ठित सम्मान मिले। उन्हें वर्ष 1971 में पद्म श्री, 2005 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार और 2012 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें तीन बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। उनकी आवाज और संगीत साधना आज भी नई पीढ़ी के गायकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

निर्जला एकादशी पर शनि और शुक्र रचेंगे दुर्लभ इतिहास: ज्योतिषीय गणना में 120 डिग्री पर नवपंचम राजयोग का महासंयोग

नई दिल्ली। सनातन परंपरा में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण मानी जाने वाली निर्जला एकादशी इस बार न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ज्योतिषीय समीकरणों के लिहाज से भी अत्यंत विशेष होने जा रही है। आगामी पच्चीस जून को मनाए जाने वाले इस पावन पर्व पर आकाशमंडल में एक बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली नवपंचम राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञों के अनुसार यह शुभ संयोग तब बनता है जब दो मित्र ग्रह एक-दूसरे से विशेष त्रिकोणीय दूरी पर स्थापित होते हैं। इस बार न्याय के देवता शनि और सुख-वैभव के प्रदाता शुक्र एक-दूसरे से ठीक एक सौ बीस डिग्री के कोण पर विराजमान होकर इस अद्भुत योग को पूर्ण करेंगे, जिसका सीधा सकारात्मक प्रभाव मानव जीवन के आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा। मध्य प्रदेश। ज्योतिष विज्ञान में शनि और शुक्र को नैसर्गिक रूप से परम मित्र माना गया है, इसलिए इन दोनों के बीच बनने वाला पांचवें और नौवें भाव का यह त्रिकोणीय संबंध बेहद फलदायी माना जाता है। इस बार निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त आराधना के साथ इस राजयोग का मिलना एक महान आध्यात्मिक संयोग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस विशेष दिन पर व्रत रखने, जप करने और जरूरतमंदों को शीतल जल व अन्न का दान करने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव पूरी तरह शांत होते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि इस राजयोग के प्रभाव से देश के आर्थिक परिदृश्य और विशेषकर चार भाग्यशाली राशियों के जीवन में अप्रत्याशित और सकारात्मक बदलाव आने तय हैं। इस महासंयोग से मुख्य रूप से लाभान्वित होने वाली राशियों में वृषभ राशि के जातकों का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और आजीविका के क्षेत्र में एक बड़ी लंबी छलांग लगाने का साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर लंबे समय से लंबित पड़ी योजनाएं अचानक गति पकड़ेंगी और व्यावसायिक क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को कोई बहुत बड़ी व्यापारिक डील हासिल हो सकती है। इसके अलावा पैतृक संपत्ति के मामलों में भी इन्हें बड़ी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं, जिससे समाज और कार्यक्षेत्र में इनकी प्रतिष्ठा और प्रशासनिक धाक में भारी वृद्धि दर्ज की जाएगी। ग्रहों का यह विशेष परिवर्तन मिथुन राशि के जातकों के लिए भी वरदान से कम नहीं सिद्ध होने वाला है। इस राशि के लोगों के लिए आय के एक से अधिक नए स्रोत विकसित होंगे, जिससे आर्थिक स्थिति को बहुत अधिक मजबूती मिलेगी। व्यापार और आजीविका के सिलसिले में की जाने वाली सुदूर यात्राएं इस अवधि में अत्यधिक आर्थिक लाभ प्रदान करेंगी। पारिवारिक जीवन के दृष्टिकोण से भी यह समय अनुकूल रहेगा, जहां पुराने समय से चले आ रहे आपसी मतभेद और तनाव पूरी तरह समाप्त होंगे और जीवनसाथी के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। इसके साथ ही कन्या राशि के जातकों को इस राजयोग के प्रभाव से आकस्मिक और अप्रत्याशित धन लाभ होने की प्रबल संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। शेयर बाजार, लॉटरी या अतीत में किए गए किसी पुराने निवेश से इस समय भारी मुनाफा हाथ लग सकता है। नौकरीपेशा वर्ग से जुड़े लोगों को उच्च अधिकारियों के पूर्ण सहयोग के साथ बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के स्पष्ट संकेत हैं। विशेष रूप से जो लोग रचनात्मक कार्यों, लेखन, कला, मीडिया या डिजिटल मीडिया के क्षेत्र से जुड़े हैं, उनकी कल्पनाशीलता और कार्यक्षमता इस दौरान अपने सर्वोच्च स्तर पर होगी। इस राजयोग की चौथी सबसे महत्वपूर्ण लाभार्थी राशि कुंभ है, जिसके स्वयं स्वामी ग्रह शनि देव हैं। शनि की विशेष कृपा के चलते कुंभ राशि के जातकों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। यदि इस राशि के जातक लंबे समय से किसी नए व्यापार, स्टार्टअप या स्वतंत्र कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे थे, तो उनके लिए यह समय सबसे अधिक अनुकूल और सफलता की गारंटी देने वाला सिद्ध होगा। इसके प्रभाव से पिछले कई महीनों से चला आ रहा मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी विकार भी पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे।

जाह्नवी कपूर के किरदार विवाद पर बढ़ी बहस: डायरेक्टर की माफी से असहमत दिखे गीतकार, बोले- ऐसे चला तो कमर्शियल सिनेमा मुश्किल होगा

नई दिल्ली । तेलुगु सिनेमा की चर्चित फिल्म Peddi इन दिनों बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ विवादों की वजह से भी सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म में Janhvi Kapoor द्वारा निभाए गए अच्चियम्मा के किरदार को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। कुछ दर्शकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने आरोप लगाया था कि फिल्म में अभिनेत्री के किरदार को जरूरत से ज्यादा ग्लैमरस या ओवर-सेक्सुअलाइज्ड तरीके से प्रस्तुत किया गया है। विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के निर्देशक Buchi Babu Sana ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। हालांकि अब फिल्म के गीतकार Anantha Sriram ने निर्देशक की माफी पर असहमति जताते हुए रचनात्मक स्वतंत्रता का समर्थन किया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी किरदार का व्यवहार और प्रस्तुति निर्देशक की कल्पना का हिस्सा होती है और उसे उसी दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। अनंत श्रीराम ने कहा कि किसी फिल्मी पात्र को जिस तरह लिखा और प्रस्तुत किया जाता है, वह पूरी तरह रचनात्मक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। उनके अनुसार, यदि हर रचनात्मक निर्णय पर सोशल मीडिया के दबाव में सवाल उठाए जाएंगे और फिल्मकारों को लगातार सफाई देनी पड़ेगी, तो इससे सिनेमा की स्वतंत्र अभिव्यक्ति प्रभावित हो सकती है। गीतकार ने यह भी कहा कि आज सोशल मीडिया पर अपनी राय रखने वाले लोग कई बार किसी विषय को अलग नजरिए से देखते हैं और उसी आधार पर आलोचना करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को अपनी कल्पना के अनुसार पात्र गढ़ने की स्वतंत्रता नहीं मिलेगी तो रचनात्मकता सीमित हो जाएगी। अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि फिल्मों के कुछ संवाद या दृश्य अलग-अलग संदर्भों में अलग तरीके से देखे जाते हैं। उनके अनुसार, कभी-कभी एक ही बात को आधुनिक या परिष्कृत भाषा में कहा जाए तो उसे स्वीकार कर लिया जाता है, जबकि वही बात किसी ग्रामीण या पारंपरिक पात्र के माध्यम से दिखाई जाए तो उसे आलोचना का सामना करना पड़ता है। अनंत श्रीराम का मानना है कि निर्देशक द्वारा माफी मांगना उनकी व्यक्तिगत संवेदनशीलता और दर्शकों की भावनाओं के प्रति सम्मान का प्रतीक हो सकता है, लेकिन लगातार इस तरह की परिस्थितियां बनने से व्यावसायिक फिल्मों के निर्माण पर असर पड़ सकता है। वहीं, इससे पहले निर्देशक बुची बाबू सना ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा था कि उनकी टीम का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने लिखा था कि दर्शकों की प्रतिक्रियाओं का सम्मान किया जाता है और यदि किसी को फिल्म के किसी हिस्से से ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं। फिल्म की बात करें तो इसमें Ram Charan, Janhvi Kapoor, Shiva Rajkumar, Divyenndu और Boman Irani प्रमुख भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म को दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और यह बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन कर रही है।

MORENA TRAIN ACCIDENT: मुरैना ट्रैन हादसे में 4 की मौत, ट्रैन में आग लगने की अफवाह के डर से बहार कूदे!

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HIGHLIGHTS: मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह से मचा हड़कंप ट्रेन से उतरने पर दूसरी ट्रेन की चपेट में आए यात्री हादसे में महिला समेत 4 लोगों की दर्दनाक मौत 500 मीटर तक बिखरे शवों के हिस्से, पोटली में समेटे गए रेलवे ने जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी गठित की MORENA TRAIN ACCIDENT: मुरैना। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में फैली एक अफवाह ने चार लोगों जिंदगियां छीन ली। बता दें कि ट्रेन में मोबाइल फटने और आग लगने की बात सुनकर घबराए यात्री चलती ट्रेन से नीचे उतर गए। इसी दौरान दूसरी ट्रैक पर आ रही ट्रेन की चपेट में आने से चारों यात्रियों की मौत हो गई। GWALIOR WOMEN ASSAULTED: गर्भवती महिला से मारपीट के बाद हुआ गर्भपात, ग्वालियर में पति ने कट्टा अड़ाकर धमकाया पोटलियों में समेटना पड़ा शरीर हादसा इतना भयावह था कि मृतकों के शरीर के हिस्से करीब 500 मीटर तक बिखर गए। पोस्टमॉर्टम के लिए शवों के अंगों को पोटलियों में समेटना पड़ा। हादसे के बाद परिजनों का कहना है कि उनके अपनों की जान किसी दुर्घटना ने नहीं, बल्कि एक अफवाह ने ले ली। जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम करीब 4:15 बजे खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच चेन पुलिंग के कारण रुक गई थी। ट्रेन में किसी यात्री ने मोबाइल फटने और आग लगने की अफवाह फैला दी। इससे घबराकर कई यात्री ट्रेन से नीचे उतर गए। तभी दूसरी लाइन पर आ रही ट्रेन की चपेट में चार लोग आ गए। हादसे में राजस्थान के बीकानेर निवासी बिरमा देवी (60), आगरा की शकुंतला सिंह (60), आफरीन (35) और उनके चार वर्षीय बेटे असद की मौत हो गई। पेट्रोल-डीजल और LPG होंगे सस्ते…. ! ट्रंप का दावा- US-ईरान के बीच हुई डील, होर्मुज खोलने पर बनी सहमति टीम घटनास्थल का निरीक्षण करेगी झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित की गई है। टीम घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और अधिकारियों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

Aaj Ka Rashifal 15 June 2026: तुला राशि वालों को होगा आर्थिक लाभ, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

नई दिल्ली । 15 जून 2026, सोमवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। कुछ जातकों को करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी तो कुछ को आर्थिक मामलों में लाभ होने की संभावना है। वहीं कुछ राशियों को धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल। मेष राशिमेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साहवर्धक रहेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और भाई-बंधुओं का सहयोग प्राप्त होगा। कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ेगी तथा नए संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।शुभ रंग: लालशुभ अंक: 2, 3, 6, 9 वृष राशपारिवारिक सुख और सम्मान में वृद्धि होगी। परिवार के सदस्यों का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ाएगा। धन संचय और बचत के प्रयास सफल रहेंगे। घर में मेहमानों का आगमन प्रसन्नता का कारण बन सकता है।शुभ रंग: सिल्वरशुभ अंक: 1, 5, 7, 8 मिथुन राशिरचनात्मक और सृजनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। कला, लेखन, शिक्षा और नवाचार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। प्रतिष्ठा और सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं।शुभ रंग: आसमानीशुभ अंक: 2, 4, 5, 6 कर्क राशिलेन-देन और निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की जरूरत है। कुछ कार्यों में अपेक्षित देरी हो सकती है। धैर्य और समझदारी से लिए गए निर्णय भविष्य में लाभ देंगे।शुभ रंग: हल्का गुलाबीशुभ अंक: 2, 4, 6 सिंह राशिकरियर और व्यवसाय में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात होगी और महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। आत्मविश्वास मजबूत रहेगा।शुभ रंग: गहरा गुलाबीशुभ अंक: 1, 4, 7 कन्या राशिव्यापार और प्रशासनिक मामलों में प्रगति के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और महत्वपूर्ण लोगों का सहयोग मिलेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी समय अनुकूल है।शुभ रंग: समुद्रीशुभ अंक: 2, 4, 5, 6 तुला राशितुला राशि वालों के लिए दिन अत्यंत शुभ रहने वाला है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा, यात्रा और करियर से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। आर्थिक लाभ के मजबूत संकेत हैं।शुभ रंग: क्रीमशुभ अंक: 2, 4, 6 वृश्चिक राशि दिन सामान्य रह सकता है। कुछ महत्वपूर्ण मामलों में देरी हो सकती है। पारिवारिक विषयों पर विशेष ध्यान देना होगा। जल्दबाजी में कोई निर्णय लेने से बचें। शुभ रंग: चेरी रेडशुभ अंक: 3, 6, 9 धनु राशिसाझेदारी और सहयोग से जुड़े कार्यों में लाभ मिलेगा। व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी। महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।शुभ रंग: स्वर्णिमशुभ अंक: 3, 6, 9 मकर राशिनियमितता और अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता है। कार्यक्षेत्र में सामान्य प्रगति होगी। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा, लेकिन अतिरिक्त जिम्मेदारियां लेने से बचना बेहतर रहेगा।शुभ रंग: गहरा भूराशुभ अंक: 2, 4, 6, 8 कुंभ राशिशिक्षा, प्रशिक्षण और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। मित्रों और परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत होगा। नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं।शुभ रंग: मूनलाइटशुभ अंक: 2, 4, 6, 8 मीन राशिआर्थिक मामलों में शुभ संकेत मिल रहे हैं। सरकारी और पेशेवर कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा और महत्वपूर्ण कार्यों में प्रगति होगी।शुभ रंग: भगवाशुभ अंक: 2, 3, 6, 9 आज का विशेष उपायसोमवार के दिन भगवान Shiva की पूजा-अर्चना करें और “ॐ सों सोमाय नमः” मंत्र का जाप करें। इससे मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और कार्यों में सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।

हर मौसम में खिलेंगे रंग-बिरंगे गुलाब, जानिए पौधा लगाने से लेकर देखभाल तक के जरूरी मंत्र

नई दिल्ली । घर के बगीचे में खिले रंग-बिरंगे गुलाब न केवल वातावरण को आकर्षक बनाते हैं, बल्कि प्रकृति के प्रति लगाव को भी बढ़ाते हैं। अपनी मनमोहक खुशबू और सुंदरता के कारण गुलाब को फूलों का राजा कहा जाता है। हालांकि कई लोगों की शिकायत रहती है कि गुलाब के पौधों में अपेक्षित संख्या में फूल नहीं आते या पौधे कुछ समय बाद कमजोर पड़ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके से पौधारोपण और नियमित देखभाल अपनाई जाए तो गुलाब का पौधा लंबे समय तक स्वस्थ रहकर भरपूर फूल दे सकता है। गुलाब की अच्छी वृद्धि के लिए सबसे पहले उपयुक्त स्थान का चयन करना आवश्यक है। यह पौधा भरपूर धूप पसंद करता है और प्रतिदिन कम से कम पांच से छह घंटे सीधी सूर्य किरणों की आवश्यकता होती है। पर्याप्त धूप मिलने से पौधा मजबूत बनता है और फूलों की संख्या भी बढ़ती है। छायादार स्थान पर लगाए गए पौधों में अक्सर फूल कम आते हैं और उनकी वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है। मिट्टी की गुणवत्ता भी गुलाब की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बागवानी विशेषज्ञ दोमट और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी को गुलाब के लिए सबसे उपयुक्त मानते हैं। पौधा लगाने से पहले मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर खाद या जैविक कंपोस्ट मिलाने से जड़ों को आवश्यक पोषण मिलता है। इससे पौधे की विकास गति बेहतर होती है और नई शाखाएं तेजी से निकलती हैं। सिंचाई के मामले में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। अत्यधिक पानी पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि पानी की कमी भी वृद्धि को प्रभावित करती है। गर्म मौसम में नियमित और हल्की सिंचाई पौधे को स्वस्थ बनाए रखती है। वहीं ठंड के मौसम में पानी की मात्रा कम रखनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि गमले या क्यारी में पानी जमा न हो, क्योंकि इससे जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ जाता है। पौधे को नियमित पोषण देना भी आवश्यक है। हर पंद्रह से बीस दिनों के अंतराल पर जैविक खाद या वर्मी कंपोस्ट डालने से पौधे को पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं। इससे नई कलियां बनने की प्रक्रिया तेज होती है और फूलों की गुणवत्ता बेहतर होती है। नीम खली जैसी प्राकृतिक खाद पौधे को पोषण देने के साथ कई प्रकार के कीटों से भी बचाने में मदद करती है। गुलाब के पौधों में समय-समय पर छंटाई करना भी जरूरी माना जाता है। सूखी, कमजोर या पुरानी टहनियों को हटाने से पौधे की ऊर्जा नई शाखाओं और कलियों के विकास में लगती है। नियमित प्रूनिंग से पौधा अधिक घना दिखाई देता है और फूलों का उत्पादन भी बढ़ता है। बागवानी विशेषज्ञ इसे गुलाब की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। कीट और रोगों से सुरक्षा भी गुलाब की अच्छी ग्रोथ के लिए आवश्यक है। कई बार पौधों पर छोटे कीट हमला कर देते हैं, जिससे पत्तियां और कलियां प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे में नीम तेल का छिड़काव या हल्के साबुन वाले घोल का प्रयोग प्राकृतिक और प्रभावी उपाय माना जाता है। इससे पौधा सुरक्षित रहता है और रासायनिक दवाओं की आवश्यकता भी कम पड़ती है। यदि बगीचे को और अधिक आकर्षक बनाना हो तो विभिन्न रंगों के गुलाबों का संयोजन लगाया जा सकता है। लाल, गुलाबी, पीले और सफेद गुलाब एक साथ खिलने पर बगीचे को जीवंत और बेहद सुंदर स्वरूप प्रदान करते हैं। सही देखभाल और थोड़ी सी मेहनत से घर की बगिया पूरे वर्ष रंगों और खुशबू से महक सकती है।

वजन घटाने से लेकर दिल को मजबूत बनाने तक, ओट्स बना रहा हेल्दी लाइफस्टाइल का सबसे भरोसेमंद सुपरफूड

नई दिल्ली । आधुनिक जीवनशैली में स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरूकता के बीच लोग ऐसे खाद्य पदार्थों की तलाश कर रहे हैं जो पौष्टिक होने के साथ-साथ आसानी से तैयार भी हो जाएं। इसी कारण ओट्स आज हेल्दी ब्रेकफास्ट की सूची में सबसे लोकप्रिय विकल्पों में शामिल हो चुका है। पोषण विशेषज्ञ भी इसे संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर ओट्स शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ओट्स का नियमित सेवन वजन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है। यही कारण है कि वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए इसे आदर्श खाद्य पदार्थ माना जाता है। ओवरईटिंग की आदत पर नियंत्रण रखने में भी ओट्स मददगार साबित हो सकता है। दिल की सेहत के लिए भी ओट्स को बेहद लाभकारी माना जाता है। इसमें पाया जाने वाला बीटा-ग्लूकन नामक विशेष फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करता है। नियमित रूप से ओट्स का सेवन करने से हृदय संबंधी जोखिम कम हो सकते हैं और रक्त वाहिकाओं की कार्यक्षमता बेहतर बनी रह सकती है। इसी वजह से इसे हार्ट-फ्रेंडली फूड की श्रेणी में रखा जाता है। पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में भी ओट्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। पर्याप्त मात्रा में फाइबर होने के कारण यह आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है। इससे भोजन का पाचन सुचारु रूप से होता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। स्वस्थ पाचन तंत्र शरीर की समग्र कार्यक्षमता को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। ओट्स को ऊर्जा का अच्छा स्रोत भी माना जाता है। इसमें मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट धीरे-धीरे पचते हैं, जिससे शरीर को लंबे समय तक लगातार ऊर्जा मिलती रहती है। सुबह के नाश्ते में ओट्स शामिल करने से दिनभर सक्रियता बनी रह सकती है और थकान अपेक्षाकृत कम महसूस होती है। यही वजह है कि खिलाड़ी और फिटनेस के प्रति जागरूक लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं। ब्लड शुगर नियंत्रण के लिहाज से भी ओट्स उपयोगी माना जाता है। इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे रक्त में शर्करा का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। यही कारण है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी इसे संतुलित मात्रा में लाभकारी विकल्प माना जाता है। हालांकि किसी भी विशेष स्वास्थ्य स्थिति में चिकित्सकीय सलाह आवश्यक होती है। त्वचा की सेहत के लिए भी ओट्स फायदे पहुंचा सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने में सहायता मिल सकती है और ड्रायनेस या हल्की जलन जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली के साथ ओट्स का नियमित सेवन समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान दे सकता है। हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ को चमत्कारी समाधान मानने के बजाय संतुलित और विविध आहार को प्राथमिकता देना हमेशा बेहतर विकल्प माना जाता है।