एक AC से ठंडे होंगे 5 कमरे! Mini Split AC सिस्टम ने बदल दिया होम कूलिंग का खेल

नई दिल्ली। घर के हर कमरे में अलग-अलग AC लगवाने का झंझट अब पुराना होता जा रहा है। अब बाजार में ऐसा स्मार्ट कूलिंग सिस्टम मौजूद है, जो सिर्फ एक आउटडोर यूनिट से घर के कई कमरों को ठंडा कर सकता है। इसे Mini Split AC System कहा जाता है। नाम भले “मिनी” हो, लेकिन इसकी क्षमता और फायदे किसी हाई-एंड कूलिंग सिस्टम से कम नहीं हैं। Mini Split AC असल में मल्टी-जोन कूलिंग टेक्नोलॉजी पर काम करता है। यानी एक ही आउटडोर यूनिट से 2, 3, 4 या उससे ज्यादा इंडोर यूनिट्स को जोड़ा जा सकता है। हर कमरे का तापमान अलग-अलग कंट्रोल किया जा सकता है। अगर एक कमरे में ज्यादा ठंडक चाहिए और दूसरे में कम, तो दोनों सेटिंग अलग रखी जा सकती हैं। यही वजह है कि इसे बड़े घरों, ऑफिस और लग्जरी अपार्टमेंट्स के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है। यह सिस्टम सामान्य Split AC की तरह ही काम करता है। इसमें भी कॉपर पाइप के जरिए आउटडोर और इंडोर यूनिट कनेक्ट रहती हैं, लेकिन फर्क यह है कि साधारण Split AC में एक आउटडोर यूनिट सिर्फ एक कमरे को ठंडा करती है, जबकि Mini Split AC कई कमरों को एक साथ कूल कर सकता है। Mini Split AC का सबसे बड़ा फायदा बिजली की बचत है। अलग-अलग कमरों में कई AC लगाने की बजाय एक ही सिस्टम पूरे घर को संभालता है, जिससे पावर कंजम्प्शन कम होता है। इसके अलावा घर की बालकनी, छत या बाहरी दीवार पर कई आउटडोर यूनिट लगाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे सेटअप भी साफ और आकर्षक दिखता है। यह सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, जिन्हें बड़े घर में स्मार्ट और कम बिजली खर्च वाला कूलिंग सिस्टम चाहिए। हालांकि इसकी शुरुआती कीमत सामान्य Split AC से ज्यादा होती है, लेकिन लंबे समय में बिजली और मेंटेनेंस का खर्च कम होने की वजह से यह फायदे का सौदा साबित हो सकता है।
Google Pay और PhonePe को टक्कर? BSNL Pay से Selfcare ऐप में मिलेंगी UPI जैसी सुविधाएं

नई दिल्ली। सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL ने अपने ग्राहकों के लिए नया डिजिटल पेमेंट फीचर “BSNL Pay” लॉन्च किया है। यह कोई अलग ऐप नहीं होगा, बल्कि BSNL की मौजूदा Selfcare App के भीतर ही उपलब्ध रहेगा। इस कदम का उद्देश्य रिचार्ज और पेमेंट प्रक्रिया को आसान बनाना और थर्ड पार्टी ऐप्स पर निर्भरता कम करना है। अब तक BSNL यूजर्स को मोबाइल रिचार्ज या बिल पेमेंट के लिए Selfcare App से दूसरे UPI या पेमेंट ऐप्स पर रिडायरेक्ट होना पड़ता था। लेकिन नए अपडेट के बाद यूजर्स सीधे ऐप के अंदर ही रिचार्ज और पेमेंट पूरा कर सकेंगे। BSNL Pay को UPI और BHIM इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसे NPCI और बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से विकसित किया गया है। इससे यूजर्स को सुरक्षित और तेज डिजिटल पेमेंट का अनुभव मिलेगा। इस फीचर में सिर्फ रिचार्ज ही नहीं बल्कि कई UPI आधारित सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। इसमें UPI Lite का विकल्प भी दिया गया है, जिससे छोटे ट्रांजेक्शन बिना UPI पिन डाले पूरे किए जा सकते हैं। इसके अलावा AutoPay फीचर भी मिलेगा, जिससे यूजर्स अपने नंबर का ऑटोमैटिक रिचार्ज सेट कर सकेंगे। BSNL Pay का इस्तेमाल करने के लिए यूजर के पास BSNL मोबाइल नंबर होना जरूरी है, क्योंकि यह फीचर केवल BSNL Selfcare App के भीतर ही लॉगिन के बाद उपलब्ध होगा। इसका मुख्य उद्देश्य BSNL यूजर्स के लिए एक “ऑल-इन-वन” प्लेटफॉर्म तैयार करना है, जहां अकाउंट मैनेजमेंट, प्लान देखने, कस्टमर सपोर्ट और पेमेंट—सब कुछ एक ही जगह पर किया जा सके। फिलहाल यह फीचर BSNL ग्राहकों के लिए डिजिटल सुविधा को और आसान बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, जिससे कंपनी अपने यूजर बेस को बेहतर और एकीकृत अनुभव देने की कोशिश कर रही है।
5G Router: बिना तारों के हाई-स्पीड इंटरनेट का नया जमाना, कैसे बदल देगा आपका Wi-Fi सेटअप?

नई दिल्ली। इंटरनेट कनेक्टिविटी की दुनिया में एक नया विकल्प तेजी से चर्चा में है, जिसे 5G राउटर कहा जा रहा है। यह तकनीक पारंपरिक Wi-Fi सिस्टम से अलग है, क्योंकि इसमें इंटरनेट चलाने के लिए फाइबर या LAN केबल जैसे तारों की जरूरत नहीं होती। 5G राउटर एक पोर्टेबल डिवाइस होता है, जिसमें 5G मॉडेम और वायरलेस राउटर दोनों टेक्नोलॉजी मौजूद रहती हैं। यह सीधे मोबाइल टावर से 5G सिग्नल पकड़ता है और उसे Wi-Fi सिग्नल में बदलकर आसपास के डिवाइस को इंटरनेट देता है। यानी यह ठीक उसी तरह काम करता है जैसे आपका स्मार्टफोन मोबाइल डेटा पकड़ता है। पारंपरिक Wi-Fi राउटर में इंटरनेट पहले फाइबर या DSL केबल से घर तक आता है और फिर वायरलेस सिग्नल के रूप में फैलता है। वहीं 5G राउटर इस केबलिंग सिस्टम को पूरी तरह हटाकर सीधे नेटवर्क टावर से जुड़ जाता है। इसी वजह से इसे “वायर-फ्री इंटरनेट सॉल्यूशन” भी कहा जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर किसी इलाके में मजबूत और स्थिर 5G नेटवर्क उपलब्ध है, तो यह राउटर तेज स्पीड, कम लेटेंसी और बेहतर स्ट्रीमिंग अनुभव दे सकता है। खासकर 4K वीडियो देखने, ऑनलाइन गेमिंग और बड़े फाइल ट्रांसफर जैसे कामों में यह उपयोगी माना जा रहा है। इस डिवाइस का एक बड़ा फायदा इसकी पोर्टेबिलिटी भी है। कई 5G राउटर इन-बिल्ट बैटरी के साथ आते हैं, जिससे इन्हें घर के अलावा यात्रा के दौरान भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा यह नेटवर्क कमजोर होने पर 4G पर स्विच करने की क्षमता भी रखते हैं, जिससे कनेक्शन लगातार बना रहता है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि 5G राउटर हर जगह बेहतर विकल्प नहीं है। यदि किसी क्षेत्र में 5G नेटवर्क अस्थिर है या बार-बार 4G और 5G के बीच स्विच होता है, तो प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। ऐसे मामलों में पारंपरिक फाइबर-आधारित ब्रॉडबैंड अधिक स्थिर विकल्प साबित होता है। कुल मिलाकर, 5G राउटर उन यूजर्स के लिए एक अच्छा विकल्प माना जा रहा है जिन्हें मोबाइल जैसी फ्रीडम के साथ हाई-स्पीड इंटरनेट चाहिए, लेकिन स्थिर घरेलू कनेक्शन के लिए यह अभी भी पूरी तरह Wi-Fi फाइबर का विकल्प नहीं बन पाया है।
65 इंजेक्शन, 7 IVF असफलताएं और लंबा इंतजार: 45 की उम्र में मां बनने जा रहीं एक्ट्रेस संभावना सेठ की प्रेरक कहानी

नई दिल्ली । मनोरंजन जगत की चर्चित अभिनेत्री और मॉडल संभावना सेठ इन दिनों अपनी निजी जिंदगी की एक बड़ी खुशखबरी को लेकर सुर्खियों में हैं। लंबे संघर्ष और भावनात्मक उतार-चढ़ाव के बाद अब वह मां बनने की राह पर हैं। हाल ही में उन्होंने अपने बेबी शावर की खूबसूरत तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिनमें उनकी खुशी और भावनाएं साफ झलक रही हैं। 45 वर्ष की उम्र में यह उनके जीवन का एक बेहद महत्वपूर्ण और भावुक मोड़ माना जा रहा है। संभावना सेठ पिछले कई वर्षों से मातृत्व की कोशिशों में लगी हुई थीं। करीब दस साल तक चले इस सफर में उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और अपने सपने को पूरा करने की कोशिश जारी रखी। इस दौरान उन्होंने कई बार IVF प्रक्रिया से गुजरना पड़ा, जिसमें कई प्रयास सफल नहीं हो सके। बताया जाता है कि इस पूरे उपचार और प्रयासों के दौरान उन्हें भारी शारीरिक और मानसिक तनाव से गुजरना पड़ा, जिसमें कई इंजेक्शन और चिकित्सकीय प्रक्रियाएं शामिल थीं। इन कठिन परिस्थितियों ने उनके जीवन को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया था। लगातार असफलताओं और एक गर्भपात के बाद संभावना और उनके पति ने अंततः सरोगेसी का सहारा लेने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का एक नया मोड़ साबित हुआ, जिसने उनकी वर्षों की उम्मीदों को फिर से जीवित कर दिया। सरोगेसी के माध्यम से अब वह अपने जीवन में मातृत्व का अनुभव करने के बेहद करीब पहुंच चुकी हैं। इस पूरी यात्रा में उनके पति ने हमेशा उनका साथ दिया और किसी भी प्रकार का दबाव न बनाते हुए उन्हें भावनात्मक सहयोग प्रदान किया। हाल ही में उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा करते हुए कहा था कि यह उनके जीवन की सबसे खूबसूरत कहानी है, जो अब प्यार, उम्मीद और नए सफर के साथ आगे बढ़ रही है। बेबी शावर की तस्वीरों में उनकी मुस्कान और उत्साह इस बात को दर्शाता है कि लंबे इंतजार के बाद अब उनके जीवन में खुशी का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। संभावना सेठ मनोरंजन जगत में अपने अभिनय और रियलिटी शो में मजबूत उपस्थिति के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स और फिल्मों में काम किया है और अपने अलग अंदाज के लिए दर्शकों के बीच पहचान बनाई है। करियर के साथ-साथ उनका यह व्यक्तिगत संघर्ष भी उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाता है, जो कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद बनाए रखने का संदेश देता है। अब जब वह अपने जीवन के इस नए पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं, तो उनके चाहने वाले भी इस खुशी में शामिल हो रहे हैं। लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा के बाद मिली यह सफलता उनके लिए किसी नए जीवन की शुरुआत से कम नहीं है।
5G Router: बिना तारों के इंटरनेट की नई क्रांति, जानिए कैसे मोबाइल टावर से सीधे मिलती है हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

नई दिल्ली(New Delhi)। इंटरनेट की दुनिया में तेजी से बदलाव हो रहा है और अब पारंपरिक वाई-फाई राउटर की जगह 5G राउटर जैसी नई तकनीक सामने आ गई है। यह डिवाइस बिना किसी तार के सीधे मोबाइल टावर से 5G सिग्नल लेकर उसे Wi-Fi नेटवर्क में बदल देता है, जिससे यूजर्स को हाई स्पीड इंटरनेट मिल सकता है। खास बात यह है कि इसमें फाइबर केबल या DSL लाइन की जरूरत नहीं होती, जिससे सेटअप भी साफ-सुथरा और आसान हो जाता है। 5G राउटर असल में एक ऐसा डिवाइस होता है जिसमें 5G मॉडेम और वाई-फाई राउटर दोनों एक साथ मौजूद रहते हैं। यह मोबाइल की तरह सीधे 5G नेटवर्क से जुड़कर इंटरनेट प्राप्त करता है और उसे आसपास के उपकरणों तक वाई-फाई के रूप में पहुंचाता है। अगर 5G नेटवर्क उपलब्ध नहीं होता, तो यह अपने आप 4G नेटवर्क पर स्विच कर जाता है, जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बनी रहती है। इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा इसकी स्पीड और पोर्टेबिलिटी है। अगर आपके इलाके में मजबूत 5G नेटवर्क उपलब्ध है, तो यह पारंपरिक ब्रॉडबैंड कनेक्शन की तुलना में बेहतर परफॉर्मेंस दे सकता है। खासकर उन लोगों के लिए यह उपयोगी है जो ऑनलाइन गेमिंग, 4K वीडियो स्ट्रीमिंग या बड़े फाइल डाउनलोड जैसे हाई डेटा काम करते हैं। इसके अलावा 5G राउटर का एक और बड़ा फायदा यह है कि यह पोर्टेबल होता है। इसमें इन-बिल्ट बैटरी होती है, जिससे इसे कहीं भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है। यात्रा के दौरान या अलग-अलग स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, इसके इस्तेमाल से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। अगर आपके क्षेत्र में 5G नेटवर्क स्थिर नहीं है या बार-बार 4G और 5G के बीच स्विच करता है, तो पारंपरिक फाइबर इंटरनेट ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, अगर आपको स्थिर घरेलू या ऑफिस कनेक्शन चाहिए तो ब्रॉडबैंड अब भी भरोसेमंद माना जाता है। कुल मिलाकर, 5G राउटर इंटरनेट तकनीक में एक नया कदम है जो बिना तारों के तेज और लचीला कनेक्शन उपलब्ध कराता है, लेकिन इसका सही फायदा तभी मिलेगा जब क्षेत्र में मजबूत 5G नेटवर्क मौजूद हो।
फिल्मी दुनिया में हलचल: ‘डॉन 3’ छोड़ने पर रणवीर सिंह पर शिकायत, फरहान अख्तर ने उठाया बड़ा कदम

नई दिल्ली । बॉलीवुड में बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। फिल्म से रणवीर सिंह के बाहर होने के बाद निर्माता और अभिनेता के बीच तनाव बढ़ गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि मामला फिल्मी संगठनों तक पहुंच गया है और इस पर औपचारिक शिकायत दर्ज होने की खबरें सामने आई हैं। चर्चा यह भी है कि प्रोजेक्ट के दौरान हुए कथित नुकसान को लेकर करोड़ों रुपये के मुआवजे की मांग पर विचार किया जा रहा है, जिससे फिल्म इंडस्ट्री में हलचल बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार रणवीर सिंह को इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए पहले ही साइन किया गया था और फिल्म का प्रारंभिक प्रचार भी शुरू हो चुका था। लेकिन बाद में उन्होंने प्रोजेक्ट से हटने का फैसला लिया, जिससे पूरी योजना पर असर पड़ा। बताया जा रहा है कि उनकी अन्य फिल्मों की प्रतिबद्धताओं के चलते यह निर्णय लिया गया, जिसके बाद निर्माण पक्ष को आर्थिक और समय संबंधी नुकसान का सामना करना पड़ा। इसी कारण अब यह विवाद कानूनी और औपचारिक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। फिल्मी गलियारों में यह भी चर्चा है कि इस पूरे मामले को लेकर आगे की स्थिति का फैसला एक आगामी बैठक में सामने आ सकता है। उद्योग से जुड़े लोग मानते हैं कि बड़े बजट की फिल्मों में इस तरह के बदलाव का सीधा असर उत्पादन लागत और रिलीज शेड्यूल पर पड़ता है, जिससे विवाद स्वाभाविक रूप से बढ़ जाते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या दोनों पक्षों के बीच कोई समाधान निकल पाता है या नहीं। इसी बीच बॉलीवुड से जुड़ी एक और पुरानी लेकिन चर्चित टिप्पणी फिर से सुर्खियों में आ गई है, जिसमें एक प्रसिद्ध अभिनेता ने वर्ष 1993 में रिलीज हुई एक लोकप्रिय कॉमेडी फिल्म को अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण से अत्यधिक बोल्ड और कुछ दृश्यों के कारण असहज बताया था। यह फिल्म अपने समय में बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल करने में कामयाब रही थी और दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही थी। हालांकि उस अभिनेता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी व्यक्तिगत पसंद उस फिल्म से मेल नहीं खाती, लेकिन दर्शकों की स्वीकार्यता ने इसे बड़ी हिट बना दिया। फिल्मी दुनिया में अक्सर ऐसा देखा जाता है कि किसी फिल्म की सफलता और कलाकारों की व्यक्तिगत राय अलग-अलग हो सकती है। यही कारण है कि सिनेमा के प्रति दर्शकों का नजरिया हमेशा विविध और बहुआयामी रहता है।
आमिर खान का बड़ा बयान: गोविंदा-डेविड धवन की ब्लॉकबस्टर फिल्म को बताया था ‘वल्गर’, 25 करोड़ के कलेक्शन से बनी थी सुपरहिट

नई दिल्ली । बॉलीवुड में कई बार ऐसी फिल्में सामने आई हैं जिन्हें दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया, लेकिन आलोचकों और कलाकारों की राय उनसे बिल्कुल अलग रही। ऐसी ही एक चर्चा में आई थी 1993 में रिलीज हुई गोविंदा और चंकी पांडे स्टारर सुपरहिट फिल्म ‘आंखें’, जिसे लेकर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने एक बार बेहद स्पष्ट और सख्त राय दी थी। आमिर खान ने एक पुराने इंटरव्यू में इस फिल्म पर बात करते हुए कहा था कि उन्हें यह फिल्म व्यक्तिगत रूप से पसंद नहीं आई। उन्होंने फिल्म के कुछ दृश्यों को लेकर टिप्पणी करते हुए इसे “वल्गर” और “अश्लीलता के करीब” बताया था। आमिर का कहना था कि फिल्म के कुछ कॉमेडी सीन उनकी समझ और पसंद से मेल नहीं खाते थे, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दर्शकों की पसंद अलग हो सकती है और किसी फिल्म की सफलता का पैमाना केवल व्यक्तिगत राय नहीं होता। ‘आंखें’ एक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म थी, जिसका निर्देशन डेविड धवन ने किया था और कहानी अनीस बज्मी ने लिखी थी। गोविंदा इस फिल्म में डबल रोल में नजर आए थे, जिसने दर्शकों को खूब हंसाया और मनोरंजन का नया अंदाज दिया। फिल्म में चंकी पांडे, राज बब्बर, कादर खान और शक्ति कपूर जैसे कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। अपनी रिलीज के साथ ही यह फिल्म उस समय की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई थी। कम बजट में बनी इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी कॉमिक टाइमिंग और मनोरंजन से भरपूर कहानी थी। लगभग ढाई करोड़ रुपये के बजट में तैयार हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 25 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया था, जो उस दौर में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। इस सफलता ने गोविंदा को कॉमेडी फिल्मों के सुपरस्टार के रूप में और मजबूत पहचान दिलाई। आमिर खान के बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में चर्चा जरूर पैदा की, क्योंकि जहां एक तरफ यह फिल्म जनता के बीच बेहद लोकप्रिय रही, वहीं दूसरी तरफ एक स्थापित अभिनेता द्वारा इसे लेकर इतनी सख्त राय सामने आई। हालांकि आमिर ने यह भी स्पष्ट किया था कि उनका उद्देश्य किसी फिल्म को छोटा दिखाना नहीं था, बल्कि वह सिर्फ अपनी व्यक्तिगत प्रतिक्रिया साझा कर रहे थे। बाद के वर्षों में भी ‘आंखें’ को हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों में गिना जाता है, जिन्होंने कम लागत में बड़ी कमाई कर इंडस्ट्री को चौंका दिया। इस फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बाद में अन्य भाषाओं में भी रीमेक किया गया। आज भी जब 90 के दशक की कॉमेडी फिल्मों की चर्चा होती है, तो ‘आंखें’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आमिर खान की टिप्पणी और फिल्म की ऐतिहासिक सफलता मिलकर इसे बॉलीवुड इतिहास की उन फिल्मों में शामिल कर देती है, जो अपनी लोकप्रियता और विवाद दोनों के कारण याद की जाती हैं।
ऐश्वर्या राय का स्टाइलिश कमबैक, कान्स के क्लोजिंग डे पर व्हाइट पैंटसूट ने खींची पूरी लाइमलाइट

नई दिल्ली । फ्रांस में आयोजित कान फिल्म फेस्टिवल 2026 के समापन दिवस पर भारतीय अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने एक बार फिर अपने आकर्षक और स्टाइलिश अंदाज से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रेड कारपेट पर उनकी मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बना दिया, जहां उन्होंने ऑल-व्हाइट पैंटसूट में ऐसा ग्लैमरस अवतार पेश किया कि फैंस उन्हें एक बार फिर “कान्स की क्वीन” कहने लगे। उनकी यह एंट्री न केवल फैशन जगत में चर्चा का विषय बनी, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उनका लुक तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने उनकी तारीफों के पुल बांध दिए। इस खास मौके के लिए ऐश्वर्या राय ने इंटरनेशनल डिजाइनर द्वारा तैयार किया गया एक शानदार व्हाइट सीक्विन पैंटसूट चुना, जिसमें क्लासिक एलिगेंस और मॉडर्न स्टाइल का बेहतरीन मेल देखने को मिला। उनके ब्लेजर में स्ट्रॉन्ग शोल्डर डिजाइन और सूक्ष्म लेस डिटेलिंग ने उनके लुक को और भी प्रभावशाली बना दिया। इसके साथ उन्होंने मैचिंग बस्टियर और फ्लेयर्ड ट्राउजर पहना, जिस पर सिल्वर टोन की हल्की चमक ने उनके पूरे व्यक्तित्व को और अधिक आकर्षक बना दिया। यह पूरा आउटफिट उन्हें एक पावरफुल और कॉन्फिडेंट फैशन स्टेटमेंट के रूप में पेश कर रहा था। उनके लुक का सबसे खास आकर्षण उनका फेदर और लेस से सजा हुआ स्टाइलिश स्कार्फ रहा, जिसने उनके पूरे आउटफिट में एक ड्रामेटिक और रॉयल टच जोड़ दिया। इसके साथ उन्होंने डायमंड ज्वेलरी और व्हाइट हील्स को चुना, जिसने उनके लुक को पूरी तरह से कंप्लीट किया। उनका मेकअप भी बेहद सॉफ्ट और एलिगेंट रखा गया, जिसमें ग्लॉसी फिनिश, विंग्ड आईलाइनर और नैचुरल टोन ने उनके चेहरे की खूबसूरती को और निखार दिया। सॉफ्ट वेवी हेयरस्टाइल ने उनके समग्र लुक में एक क्लासिक हॉलीवुड टच जोड़ दिया। रेड कारपेट पर उनकी एंट्री के साथ ही कैमरों की फ्लैश लाइट्स लगातार उन पर केंद्रित हो गईं और वहां मौजूद दर्शकों ने भी उनके अंदाज की जमकर सराहना की। फैंस ने उन्हें ग्लोबल फैशन आइकन बताते हुए कहा कि वे हर बार अपनी मौजूदगी से फेस्टिवल का आकर्षण बढ़ा देती हैं। सोशल मीडिया पर उनके इस लुक की तस्वीरें और वीडियो तेजी से फैल गए और कुछ ही समय में यह ट्रेंड करने लगा। कान फिल्म फेस्टिवल में इस बार कई देशों की फिल्मों का प्रदर्शन हुआ, लेकिन भारतीय सिनेमा की भागीदारी के बावजूद अवॉर्ड्स के मामले में सफलता नहीं मिल सकी। हालांकि, इसके बावजूद रेड कारपेट पर भारतीय प्रतिनिधित्व और ऐश्वर्या राय का प्रभावशाली अंदाज चर्चा का मुख्य केंद्र बना रहा। उनकी उपस्थिति ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फैशन और ग्लैमर आइकन में से एक हैं। फेस्टिवल के समापन पर ऐश्वर्या राय की यह शानदार उपस्थिति इस बात का प्रतीक रही कि फैशन और सिनेमा की दुनिया में उनका प्रभाव अब भी उतना ही मजबूत है जितना पहले था। उनकी यह एंट्री न केवल एक फैशन मोमेंट थी, बल्कि एक ग्लोबल स्टाइल स्टेटमेंट भी बन गई, जिसने कान्स 2026 के अंतिम दिन को यादगार बना दिया।
रविवार व्रत शुरू करने से पहले जानें जरूरी नियम और सावधानियां

नई दिल्ली। रविवार का व्रत, जिसे रवि व्रत भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना गया है। यह व्रत सूर्य देव को समर्पित होता है और माना जाता है कि इसे विधिपूर्वक करने से व्यक्ति के जीवन में तेज, सम्मान, आत्मविश्वास और सफलता का संचार होता है। खासकर वे लोग जो अपने करियर या जीवन में नई शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। व्रत की सही शुरुआत कैसे करेंरविवार के दिन व्रत रखने की शुरुआत सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से होती है। इसके बाद घर के मंदिर या खुले स्थान पर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल फूल, रोली और अक्षत मिलाकर सूर्य देव को जल अर्पित करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। अर्घ्य देते समय “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ फल देने वाला माना गया है। इससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है और मानसिक शांति मिलती है। व्रत के दौरान क्या करें और क्या न करेंइस व्रत में सात्विक भोजन का विशेष महत्व होता है। कई श्रद्धालु पूरे दिन उपवास रखते हैं और केवल फलाहार ग्रहण करते हैं। शाम के समय सूर्य देव की आरती करना और उनकी कृपा के लिए प्रार्थना करना आवश्यक माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना शुभ होता है, क्योंकि यह सूर्य देव का प्रिय रंग माना जाता है। व्रत के दौरान क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए। व्रत के महत्वपूर्ण नियम और सावधानियांरवि व्रत का पूरा लाभ पाने के लिए कुछ नियमों का पालन जरूरी है। व्रत में अनुशासन और शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है। बिना श्रद्धा या गलत विधि से किया गया व्रत अपेक्षित फल नहीं देता। इसके अलावा व्रत रखने वाले व्यक्ति को मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखनी चाहिए। किसी का अपमान करना या विवाद में पड़ना व्रत के प्रभाव को कम कर सकता है। रवि व्रत का महत्वमान्यता है कि रविवार का व्रत व्यक्ति के जीवन से नकारात्मकता दूर कर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। इससे आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और मान-सम्मान में सुधार होता है। साथ ही यह व्रत पिता से जुड़े संबंधों को मजबूत करने वाला भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो लोग श्रद्धा और नियम के साथ यह व्रत करते हैं, उन्हें सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
आकाश और तारों से जुड़े शकुन-अपशकुन: जानें क्या कहते हैं प्राचीन संकेत

नई दिल्ली(New Delhi)। आकाश और तारों से जुड़े संकेतों को भारतीय परंपराओं और सामुद्रिक शास्त्र में खास महत्व दिया गया है। माना जाता है कि प्रकृति में होने वाले बदलाव केवल मौसम ही नहीं बताते, बल्कि आने वाले समय की शुभ-अशुभ घटनाओं की ओर भी इशारा करते हैं। हालांकि आधुनिक विज्ञान इन बातों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं मानता, लेकिन लोकमान्यताओं में ये संकेत आज भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। आकाश से जुड़े संकेत क्या कहते हैं?सामुद्रिक शास्त्र में आकाश के रंग और उसकी स्थिति को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इसके अनुसार,अगर आकाश अचानक लाल दिखाई दे, तो इसे अपशकुन माना जाता है। यह युद्ध, विवाद या अशांति का संकेत हो सकता है। साथ ही घर-परिवार और पड़ोस में तनाव की संभावना भी जताई जाती है।अगर आकाश नीला और साफ नजर आए, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है और यह अच्छी वर्षा व अनुकूल परिस्थितियों की ओर इशारा करता है। यदि आकाश सफेद या धुंधला दिखाई दे, तो इसे अपशकुन माना जाता है, जो बीमारियों या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की चेतावनी हो सकता है। तारों से जुड़े शकुन-अपशकुनतारों को लेकर भी कई मान्यताएं प्रचलित हैं कुछ परंपराओं में उंगली से तारों की ओर इशारा करना अशुभ माना गया है। टूटते तारे को देखना किसी महत्वपूर्ण घटना या परिवर्तन का संकेत माना जाता है। वहीं, टूटते तारे को देखकर मनोकामना करना शुभ माना जाता है और इसे इच्छापूर्ति से जोड़ा जाता है। धूमकेतु से जुड़े संकेतधूमकेतु (Comet) के दिखाई देने को भी शास्त्रों में विशेष माना गया है। इसके उदय को अपशकुन माना जाता है, जो बड़े प्रशासनिक बदलाव या अस्थिरता की ओर संकेत कर सकता है।आकाश और तारों से जुड़े ये संकेत प्राचीन परंपराओं और मान्यताओं का हिस्सा हैं। आधुनिक विज्ञान इन्हें प्रतीकात्मक मानता है, लेकिन भारतीय संस्कृति में इन्हें आज भी भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है।