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1 जून से नया नियम, नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना मुश्किल

नई दिल्ली। मलेशिया सरकार ने ऑनलाइन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। 1 जून 2026 से देश में ऐसे नए नियम लागू होंगे, जिनके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाना मुश्किल हो जाएगा। सरकार का कहना है कि यह कदम बच्चों को इंटरनेट पर मौजूद खतरनाक और हानिकारक कंटेंट से बचाने के लिए उठाया गया है। नए नियमों के लागू होने के बाद सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी भी काफी बढ़ जाएगी। Meta, TikTok, YouTube और X जैसे प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि नाबालिग यूजर्स आसानी से अकाउंट न बना सकें। इसके साथ ही कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम को मजबूत करना होगा और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करनी होगी। सरकार के नियमों के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अब विज्ञापन देने वालों की पहचान की जांच भी करनी होगी। अगर किसी फोटो, वीडियो या कंटेंट में बदलाव या एआई जनरेटेड एडिटिंग की गई है, तो उसे स्पष्ट रूप से लेबल करना अनिवार्य होगा। हालांकि सरकार ने कंपनियों को इन नियमों को लागू करने के लिए कुछ समय देने की बात कही है, लेकिन इसकी सटीक समयसीमा अभी तय नहीं है। इसी बीच मलेशिया सरकार एज वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने की तैयारी भी कर रही है, जिसके तहत यूजर्स की उम्र की पुष्टि जरूरी हो सकती है। यह सिस्टम पहचान पत्र या अन्य डिजिटल वेरिफिकेशन तरीकों पर आधारित हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों ने इस पर प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई है। पिछले कुछ वर्षों में मलेशिया में ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर बुलिंग और बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट के मामले तेजी से बढ़े हैं। सरकार विशेष रूप से ऑनलाइन जुआ, स्कैम, साइबर अपराध और भड़काऊ कंटेंट को लेकर चिंतित है। इसी वजह से बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। मलेशिया अकेला देश नहीं है जो इस दिशा में कदम उठा रहा है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू किए हैं। वहीं फ्रांस, यूके और अमेरिका के कई हिस्सों में भी इसी तरह की नीतियों पर काम चल रहा है। इन नए नियमों का सीधा असर वैश्विक टेक कंपनियों पर पड़ेगा। अब उन्हें अपने प्लेटफॉर्म्स पर उम्र सत्यापन और कंटेंट मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत करना होगा। दक्षिण-पूर्व एशिया का बड़ा यूजर बेस होने के कारण यह बदलाव टेक कंपनियों के लिए रणनीतिक रूप से भी बेहद अहम माना जा रहा है। कुल मिलाकर यह फैसला बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर कई तकनीकी और प्राइवेसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।

रविवार को करें खास उपाय, जीवन में आएंगे शुभ परिणाम और सफलता

नई दिल्ली। रविवार के दिन सूर्यदेव की पूजा और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन की परेशानियां दूर हो सकती हैं। करियर, स्वास्थ्य, दांपत्य जीवन और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं। रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने के साथ-साथ परेशानियों को दूर करने में सहायक होते हैं। माना जाता है कि सूर्यदेव की आराधना करने से व्यक्ति को आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। रविवार के दिन स्नान के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित करना और “आदित्य हृदय स्तोत्र” का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति और आत्मबल बढ़ता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति करियर में बाधाओं का सामना कर रहा है, तो शिवलिंग पर गंगाजल और पुष्प मिश्रित जल अर्पित करना लाभकारी माना जाता है। इससे कार्यक्षेत्र में सफलता के अवसर बढ़ते हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं। आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए आटे में शक्कर और केले मिलाकर प्रसाद बनाकर भगवान को अर्पित करना तथा उसे बच्चों में बांटना शुभ माना गया है। इससे घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बनता है। इसी प्रकार मनोकामना पूर्ति के लिए शिव मंदिर में नारियल अर्पित करने का भी उल्लेख किया गया है। मान्यता है कि इससे लंबे समय से अटकी इच्छाएं पूरी होने लगती हैं। रिश्तों में सुधार और पारिवारिक सामंजस्य बनाए रखने के लिए भी रविवार को विशेष उपाय बताए गए हैं। भगवान शिव की उपासना और बच्चों में प्रसाद बांटने से रिश्तों में मधुरता आती है। स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवलिंग पर सफेद चंदन और पुष्प अर्पित करना शुभ माना गया है। वहीं, दांपत्य जीवन में प्रेम और विश्वास बनाए रखने के लिए कपूर और रोली से जुड़े उपाय किए जाते हैं। इसके अलावा रविवार को दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। ब्राह्मण को चावल या गुड़ का दान करने से जीवन में उन्नति और सौभाग्य के द्वार खुलते हैं। कुल मिलाकर रविवार को सूर्यदेव की आराधना और सरल उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव, मानसिक शांति और सफलता प्राप्त होने की मान्यता है।

भीषण गर्मी में घूमने के लिए परफेक्ट शहर, फैमिली ट्रिप की पूरी गाइड

नई दिल्ली । उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे लोग अब राहत पाने के लिए ठंडी जगहों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में परिवार के साथ कुछ दिनों की ट्रिप प्लान करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। गर्मियों की छुट्टियों में सबसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन में मसूरी सबसे आगे है। नई दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनने के बाद यहां पहुंचना और आसान हो गया है। सिर्फ 3.5 से 4 घंटे में यहां पहुंचा जा सकता है। मसूरी का सुहावना मौसम, केंपटी फॉल्स और मॉल रोड पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं। जो लोग भीड़ से दूर शांत जगह की तलाश में हैं, उनके लिए चकराता एक बेहतरीन विकल्प है। देवदार और ओक के घने जंगलों से घिरा यह हिल स्टेशन प्राकृतिक सुंदरता और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है। यहां स्थित टाइगर फॉल्स पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र है। गर्मी में एडवेंचर और सुकून दोनों का मजा लेना हो तो ऋषिकेश शानदार जगह है। गंगा नदी के किनारे बसा यह शहर रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और गंगा आरती के लिए प्रसिद्ध है। कम बजट में घूमने वालों के लिए यह जगह सबसे उपयुक्त मानी जाती है। अगर आप गर्मियों में भी बर्फ का अनुभव लेना चाहते हैं तो लद्दाख का खारदुंगला एक अनोखा विकल्प है। दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सड़कों में शामिल यह स्थान गर्मियों में भी बर्फ से ढका रहता है, हालांकि यहां जाने से पहले परमिट और स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। हिमाचल की स्पीति घाटी कोल्ड डेजर्ट के रूप में मशहूर है। यहां का शांत वातावरण, बर्फीले पहाड़ और चंद्रताल झील पर्यटकों को एक अलग अनुभव देते हैं। मई-जून में भी यहां ठंडक बनी रहती है। वहीं गुलमर्ग (कश्मीर) गर्मियों में भी ठंडा और बेहद खूबसूरत बना रहता है। यहां की बर्फ से ढकी चोटियां और वादियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। बजट ट्रैवल की बात करें तो दिल्ली से लगभग 2500 से 5000 रुपये में भी कई जगहों की यात्रा प्लान की जा सकती है। कसोल, नैनीताल, चैल और अन्य हिल स्टेशन कम खर्च में बेहतरीन अनुभव देते हैं। कुल मिलाकर, ये सभी डेस्टिनेशन गर्मियों में न सिर्फ राहत देते हैं बल्कि परिवार के साथ यादगार छुट्टियां बिताने का शानदार मौका भी प्रदान करते हैं।

नौतपा 2026: इन दानों से सूर्य देव की कृपा और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करें

नई दिल्ली । हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में नौतपा को अत्यंत महत्वपूर्ण काल माना गया है। इस अवधि में सूर्य देव अपनी चरम ऊर्जा पर होते हैं और धरती पर भीषण गर्मी महसूस की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय किए गए दान-पुण्य से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को जीवन में शुभ फल प्राप्त होते हैं। साथ ही, पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है जिससे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। साल 2026 में नौतपा 25 मई से 2 जून तक रहेगा। इस दौरान किए गए छोटे-छोटे दान भी बड़ा पुण्य प्रदान करते हैं और कुंडली में सूर्य की स्थिति को मजबूत करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में गेहूं और चावल का दान सबसे उत्तम माना गया है। इससे घर में अन्न की कमी नहीं होती और पितृ भी प्रसन्न होते हैं। गरीबों या जरूरतमंदों को अन्न दान करना अत्यंत शुभ फल देता है। गर्मी के इस मौसम में खरबूजे का दान भी विशेष महत्व रखता है। इसमें जल की मात्रा अधिक होती है, जिससे प्यासे लोगों को राहत मिलती है और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। इसी तरह जल दान यानी प्यासे लोगों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। इससे जीवन की परेशानियां कम होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। नौतपा में शरबत का दान भी अत्यंत शुभ माना जाता है। राहगीरों और जरूरतमंदों को ठंडा शरबत पिलाने से सूर्य और चंद्र दोनों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे यश और सम्मान बढ़ता है। इसके अलावा पंखा दान भी बहुत फलदायी माना गया है। मंदिर, अस्पताल या जरूरतमंदों को पंखा देने से जीवन में सुख-शांति आती है और दरिद्रता दूर होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा में सूर्य देव की उपासना का भी विशेष महत्व है। इस दौरान सुबह सूर्य को जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और जरूरतमंदों की सहायता करना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है। कुल मिलाकर, नौतपा का यह समय केवल भीषण गर्मी का नहीं बल्कि दान-पुण्य के जरिए जीवन में शुभता और समृद्धि लाने का भी विशेष अवसर माना जाता है।

सबसे सस्ता Pixel फोन Pixel 10a, फीचर्स और सेल डिटेल्स हुई सामने

नई दिल्ली। Google Pixel 10a भारत में 49,999 रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हुआ है। इसमें AI आधारित कैमरा फीचर्स, बड़ा बैटरी बैकअप और प्रीमियम डिस्प्ले दिया गया है। इसकी बिक्री 6 मार्च 2026 से शुरू होगी। टेक दिग्गज गूगल ने अपना नया और सबसे किफायती स्मार्टफोन Google Pixel 10a भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस फोन को प्रीमियम फीचर्स के साथ बजट फ्लैगशिप सेगमेंट में उतारा है, जिसमें AI आधारित कैमरा टूल्स और लंबी सॉफ्टवेयर सपोर्ट लाइफ प्रमुख आकर्षण हैं। भारत में इस स्मार्टफोन की शुरुआती कीमत 49,999 रुपये रखी गई है। लॉन्च के साथ ही इसके लिए प्री-ऑर्डर शुरू हो चुके हैं, जबकि इसकी ऑफिशियल बिक्री 6 मार्च 2026 से शुरू होगी। Pixel 10a में 6.3 इंच का Actua डिस्प्ले दिया गया है, जो 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करता है। इससे धूप में भी स्क्रीन की विजिबिलिटी शानदार रहती है। फोन में Google का Tensor G4 प्रोसेसर दिया गया है, जो AI और मल्टीटास्किंग परफॉर्मेंस को बेहतर बनाता है। डिजाइन और ड्यूरेबिलिटी की बात करें तो यह स्मार्टफोन IP68 रेटिंग के साथ आता है, यानी यह पानी और धूल से सुरक्षित रहेगा। इसके अलावा इसमें Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन भी दिया गया है, जिससे स्क्रीन और ज्यादा मजबूत बनती है। कैमरा सेक्शन में Google ने Pixel 10a को खास बनाया है। इसमें 48MP का प्राइमरी कैमरा और 13MP का अल्ट्रा-वाइड सेंसर दिया गया है। साथ ही इसमें “Camera Coach” और “Auto Best Take” जैसे AI फीचर्स मिलते हैं, जो फोटो क्वालिटी को और बेहतर बनाते हैं। बैटरी की बात करें तो इसमें 5100mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जो 30W फास्ट चार्जिंग और 10W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है। कंपनी का दावा है कि यह A-सीरीज में अब तक की सबसे बड़ी बैटरी है। सबसे बड़ी बात यह है कि Google इस फोन को 7 साल तक OS और सिक्योरिटी अपडेट्स देगा, जो इसे लॉन्ग टर्म यूज़ के लिए मजबूत विकल्प बनाता है। मार्केट में यह फोन सीधे तौर पर अपकमिंग iPhone 17e को टक्कर देगा, जिसे लेकर पहले से ही काफी चर्चा है। कुल मिलाकर, Pixel 10a उन यूजर्स के लिए खास साबित हो सकता है जो AI फीचर्स, कैमरा क्वालिटी और लंबे सॉफ्टवेयर सपोर्ट के साथ एक प्रीमियम अनुभव चाहते हैं।

रविवार व्रत का महत्व और पूजा विधि, किन लोगों के लिए है लाभकारी

नई दिल्ली । रविवार का दिन ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव को समर्पित माना गया है। इस दिन किए जाने वाले व्रत और पूजा का विशेष महत्व होता है, क्योंकि सूर्य आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, स्वास्थ्य, पिता का सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा के कारक ग्रह हैं। जब कुंडली में सूर्य मजबूत होता है तो व्यक्ति जीवन में सफलता और सम्मान प्राप्त करता है, वहीं कमजोर सूर्य जीवन में बाधाएं बढ़ा सकता है।  एक विशेष रविवार को रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, शुक्ल योग और ब्रह्म योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाता है। मान्यता है कि ऐसे शुभ योग में सूर्य उपासना करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। रविवार व्रत का महत्वधार्मिक ग्रंथों, विशेषकर स्कंद पुराण और नारद पुराण में रविवार व्रत का उल्लेख मिलता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो या जिनके जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और सफलता की कमी हो। मान्यता है कि लगातार 12 रविवार तक व्रत रखने और विधिपूर्वक सूर्य उपासना करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। व्रत का समापन उद्यापन के साथ किया जाता है। सूर्य देव की पूजा विधरविवार के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और पूजा स्थल को स्वच्छ रखना चाहिए। इसके बाद एक चौकी पर लाल या साफ कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखी जाती है। तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें रोली, अक्षत और लाल फूल मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ “ॐ सूर्याय नमः” या “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करने और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है।  इस दिन गुड़ और गेहूं का दान करना भी अत्यंत शुभ माना गया है, जबकि नमक का सेवन टालने की सलाह दी जाती है। किन लोगों को करना चाहिए रविवार व्रतरविवार व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना गया है-जिनका आत्मविश्वास कमजोर होजिनका अपने पिता से मतभेद रहता होजिन्हें करियर या सरकारी कार्यों में बाधा आती होजो आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे होंजिन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां होंजिनके जीवन में मान-सम्मान की कमी हो रविवार व्रत और सूर्य उपासना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। शुभ योग में की गई सूर्य आराधना जीवन में नई दिशा, सफलता और सम्मान दिलाने में सहायक मानी गई है।

स्किन केयर टिप्स: बादाम से दूर करें त्वचा की समस्याएं और पाएं नेचुरल ग्लो

नई दिल्ली । त्वचा की देखभाल के लिए प्राकृतिक उपाय हमेशा से सबसे सुरक्षित और प्रभावी माने जाते हैं। इन्हीं में से एक है बादाम, जो न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। बादाम में मौजूद विटामिन E, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं। रोजाना बादाम का सेवन करने से त्वचा में नमी बनी रहती है और ड्राइनेस की समस्या कम होती है। इसके अलावा यह त्वचा को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है, जिससे चेहरा अधिक साफ और चमकदार दिखाई देता है। रातभर भिगोए हुए बादाम का सेवन करना विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है। इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिलते हैं, जो त्वचा की मरम्मत और नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं। यह प्रक्रिया त्वचा को समय से पहले बूढ़ा होने से भी बचाती है। केवल खाने में ही नहीं, बल्कि बादाम का तेल भी स्किन केयर में बेहद उपयोगी होता है। हल्के हाथों से बादाम तेल से चेहरे की मालिश करने से त्वचा की गहराई से सफाई होती है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे त्वचा पर प्राकृतिक चमक आती है। बादाम में मौजूद विटामिन E त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में भी सहायक माना जाता है। यह दाग-धब्बों और झुर्रियों को कम करने में मदद करता है, जिससे स्किन अधिक जवान और हेल्दी दिखती है। नियमित रूप से बादाम का सेवन और इसका सही तरीके से उपयोग करने से त्वचा मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनी रहती है। यह एक सरल, प्राकृतिक और प्रभावी स्किन केयर उपाय है जिसे आसानी से दैनिक जीवन में शामिल किया जा सकता है।

ज्योतिष उपाय: गुड़ और गेहूं के दान से चमक सकती है किस्मत

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में रविवार का दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित माना गया है। सूर्य को आत्मबल, नेतृत्व क्षमता, स्वास्थ्य और सफलता का कारक ग्रह माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सूर्यदेव की उपासना और विशेष दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुड़ और गेहूं सूर्य से जुड़ी अत्यंत शुभ वस्तुएं मानी जाती हैं। इनका दान करने से सूर्य मजबूत होता है और व्यक्ति के जीवन में सौभाग्य, सफलता और मानसिक शक्ति बढ़ती है। माना जाता है कि ये वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खोलती हैं। रविवार के दिन मनोकामना पूर्ति के लिए एक सरल उपाय बताया गया है। लाल कपड़े में थोड़ा गेहूं और गुड़ बांधकर किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से रुके हुए कार्यों में गति आती है और नौकरी, व्यापार तथा करियर में आने वाली बाधाएं कम होती हैं। सूर्य उपासना की विधि के अनुसार, रविवार की सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें गुड़, लाल फूल और लाल चंदन मिलाकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए। इसके बाद गेहूं के आटे से बनी रोटी या लड्डू का भोग सूर्यदेव को अर्पित करना शुभ माना गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, घर से किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए निकलते समय गुड़ का सेवन करके पानी पीना भी शुभ फल देता है और सफलता की संभावना बढ़ती है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति के लिए भी एक विशेष उपाय बताया गया है। लगातार तीन रविवार तक सवा किलो गुड़ को पवित्र नदी में प्रवाहित करने से पारिवारिक तनाव, मनमुटाव और मानसिक अशांति दूर होने की मान्यता है। कुल मिलाकर, रविवार के दिन सूर्य देव की उपासना और गुड़-गेहूं जैसे सरल उपाय न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता के लिए भी अत्यंत फलदायी माने जाते हैं।

Aaj Ka Rashifal 24 May 2026: गजलक्ष्मी और बुधादित्य योग से इन राशियों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। 24 मई 2026, रविवार का दिन ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चंद्रमा पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र से सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे कई राशियों के जीवन में बदलाव और नए अवसरों के संकेत मिल रहे हैं। सूर्य और बुध की युति वृषभ राशि में बुधादित्य योग का निर्माण कर रही है, जो बुद्धि, निर्णय क्षमता और आर्थिक मामलों में मजबूती प्रदान करता है। वहीं मिथुन राशि में शुक्र और गुरु की युति से गजलक्ष्मी योग बन रहा है, जो धन, समृद्धि और सौभाग्य को बढ़ाने वाला माना जाता है। मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन आत्मविश्वास और उत्साह बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रगति और यात्रा के योग बन रहे हैं। वृषभ राशि वालों को आर्थिक लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा मिल सकती है। व्यापार और नौकरी दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। मिथुन राशि के जातकों के लिए पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और आर्थिक संतुलन बना रहेगा। कर्क राशि वालों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। सिंह राशि के लिए यह दिन राजनीतिक और सामाजिक संपर्कों से लाभ दिलाने वाला रहेगा। कन्या राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण कार्य पूरे होने और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के योग बन रहे हैं। तुला राशि वालों को परिवार के साथ आनंदमय समय और धार्मिक यात्राओं का लाभ मिल सकता है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए पारिवारिक सम्मान और व्यापार में लाभ के संकेत हैं। धनु राशि के लिए यह दिन सुख-सुविधाओं और सामाजिक कार्यक्रमों में भागीदारी का अवसर लेकर आएगा। मकर राशि वालों को कार्यों में दबाव महसूस हो सकता है, इसलिए धैर्य रखना जरूरी होगा। कुंभ राशि के जातकों के लिए यह दिन भाग्यवृद्धि और रुके हुए कार्य पूरे होने का संकेत दे रहा है। मीन राशि वालों के लिए पारिवारिक सहयोग और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी, हालांकि स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है। कुल मिलाकर 24 मई का दिन कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ रहा है। विशेष रूप से मिथुन, सिंह, तुला और कुंभ राशि के जातकों को गजलक्ष्मी और बुधादित्य योग का भरपूर लाभ मिलने की संभावना है।

गुड़ और चीनी में कौन ज्यादा हेल्दी? जानिए शरीर पर दोनों का असर और एक्सपर्ट राय

नई दिल्ली। मीठा खाने की चाहत हर किसी में होती है, लेकिन जब बात सेहत की आती है तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि चीनी और गुड़ में से कौन ज्यादा बेहतर विकल्प है। दोनों ही खाने में मिठास जोड़ते हैं, लेकिन शरीर पर इनका असर अलग-अलग होता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि रोजमर्रा की जिंदगी में किसका सेवन ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। चीनी को आमतौर पर रिफाइंड प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, जिसमें इसके प्राकृतिक पोषक तत्व लगभग खत्म हो जाते हैं और केवल शुद्ध कैलोरी बचती है। यही कारण है कि इसे खाली कैलोरी का स्रोत भी कहा जाता है। दूसरी ओर गुड़ कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें कुछ प्राकृतिक खनिज जैसे आयरन, पोटैशियम और कैल्शियम मौजूद रहते हैं, जो शरीर के लिए कुछ हद तक लाभकारी माने जाते हैं। गुड़ को पारंपरिक रूप से एक प्राकृतिक मिठास के रूप में देखा जाता है। कई लोग इसे सर्दी-जुकाम में राहत पाने, पाचन सुधारने और शरीर को ऊर्जा देने के लिए उपयोग करते हैं। भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ खाने की परंपरा भी इसलिए रही है क्योंकि यह डाइजेशन को बेहतर करने में मदद करता है। इसके अलावा महिलाओं में आयरन की कमी को पूरा करने में भी इसे उपयोगी माना जाता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि गुड़ पूरी तरह से बिना नुकसान वाला विकल्प है। किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। गुड़ में भी प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है, जो अधिक मात्रा में लेने पर कैलोरी बढ़ा सकती है और वजन बढ़ने का कारण बन सकती है। इसलिए संतुलन बेहद जरूरी है। वहीं दूसरी ओर सफेद चीनी का अधिक सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है। यह शरीर में ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाती है, जिससे तुरंत ऊर्जा तो मिलती है लेकिन वह जल्दी खत्म भी हो जाती है। लंबे समय तक अधिक चीनी का सेवन मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग और दांतों की समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा यह त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी तेज कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर मीठे का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तो गुड़ चीनी की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है। रोजाना लगभग 10 से 15 ग्राम गुड़ को सुरक्षित मात्रा माना जाता है, लेकिन यह व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करता है। सुबह गुनगुने पानी के साथ थोड़ा गुड़ लेना या चाय में चीनी की जगह सीमित मात्रा में गुड़ का उपयोग करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि गुड़ और चीनी दोनों में प्राकृतिक शुगर होती है जो ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में किसी भी मीठे पदार्थ का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।