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Royal Enfield का बड़ा प्लान: 2028 तक हर साल 20 लाख बाइक उत्पादन का लक्ष्य

नई दिल्ली । भारतीय बाजार में Royal Enfield की बाइक्स की डिमांड लगातार तेजी से बढ़ रही है। Classic 350, Hunter 350 और Electra जैसे मॉडल्स युवाओं से लेकर लंबी दूरी के राइडर्स तक की पहली पसंद बने हुए हैं। बढ़ती लोकप्रियता के चलते कई बार ग्राहकों को लंबा वेटिंग पीरियड भी झेलना पड़ता है, जिससे डिलीवरी में देरी होती है। इसी समस्या को देखते हुए कंपनी ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। रिपोर्ट्स के अनुसार Royal Enfield का लक्ष्य है कि 2028 तक हर साल 20 लाख बाइक का उत्पादन किया जाए। इसके लिए कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और सप्लाई चेन को तेजी से मजबूत कर रही है। कंपनी का मानना है कि उत्पादन बढ़ने से न सिर्फ ग्राहकों को समय पर डिलीवरी मिलेगी, बल्कि बाजार में उसकी पकड़ और मजबूत होगी। वर्तमान में 350cc सेगमेंट में Royal Enfield का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, और इसी सेगमेंट की बाइक्स सबसे ज्यादा डिमांड में हैं। बढ़ती डिमांड के कारण कई लोकप्रिय मॉडल्स पर महीनों का वेटिंग पीरियड देखने को मिलता है, जिससे कई ग्राहक अन्य ब्रांड्स की ओर भी रुख कर लेते हैं। ऐसे में प्रोडक्शन बढ़ाना कंपनी के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि Royal Enfield सिर्फ मौजूदा बाइक्स तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि आने वाले समय में एडवेंचर और इलेक्ट्रिक बाइक सेगमेंट पर भी जोर दे रही है। इससे नए मॉडल्स की उपलब्धता भी बेहतर होगी और ग्राहकों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कंपनी अपने इस लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहती है, तो न सिर्फ वेटिंग पीरियड खत्म होगा बल्कि Royal Enfield की बाजार हिस्सेदारी और ब्रांड वैल्यू दोनों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। कुल मिलाकर 2028 तक 20 लाख बाइक उत्पादन का लक्ष्य Royal Enfield के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है, जिससे ग्राहकों को तेज डिलीवरी और बेहतर अनुभव मिलने की उम्मीद है।

कान्स 2026 रेड कार्पेट पर ऐश्वर्या राय का फेयरीटेल अवतार, पिंक गाउन में छाईं, आराध्या का रेड लुक वायरल

नई दिल्ली। कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में इस बार भी भारतीय सिनेमा की प्रतिष्ठित अभिनेत्री Aishwarya Rai Bachchan ने अपने ग्लैमरस और रॉयल अंदाज से अंतरराष्ट्रीय रेड कार्पेट पर खास पहचान दर्ज कराई। फैशन और एलिगेंस का बेहतरीन संगम पेश करते हुए उन्होंने पेस्टल पिंक कॉर्सेट स्टाइल गाउन में ऐसा आकर्षण बिखेरा कि हर कैमरा उनकी ओर ही ठहर गया। यह खास लुक न सिर्फ उनकी पर्सनैलिटी को फेयरीटेल टच दे रहा था, बल्कि रेड कार्पेट पर उनकी मौजूदगी को और भी प्रभावशाली बना रहा था। इस प्रतिष्ठित आयोजन Cannes Film Festival 2026 के दौरान उनका यह दूसरा प्रमुख अवतार था, जिसने फैशन प्रेमियों के बीच खास चर्चा बटोरी। ऐश्वर्या राय बच्चन ने इस अवसर पर सॉफ्ट पिंक टोन वाला स्ट्रैपलेस कॉर्सेट गाउन पहना, जिसमें फ्लोइंग सिल्हूट और केप स्टाइल डिजाइन ने उनके लुक को बेहद शाही बना दिया। गाउन पर बारीकी से जड़े फ्लोरल क्रिस्टल डिटेलिंग ने पूरे आउटफिट में चमक और गहराई जोड़ दी, जिससे उनका लुक और भी प्रभावशाली दिखाई दिया। उनका मेकअप बेहद सॉफ्ट और नेचुरल रखा गया था, जिसमें हल्की चमकदार त्वचा, हल्के आई मेकअप और ग्लॉसी लिप्स शामिल थे। बालों को हल्की वेव्स में स्टाइल किया गया था, जो पूरे लुक को संतुलित और एलिगेंट बना रहा था। इस खास मौके पर उनकी बेटी Aaradhya Bachchan भी उनके साथ नजर आईं। आराध्या ने रेड कलर का आकर्षक गाउन पहना था, जिसमें मैचिंग केप ने उनके लुक को और भी स्टाइलिश बना दिया। कम उम्र में ही उनके इस आत्मविश्वासी और सलीकेदार अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा और मां-बेटी की यह जोड़ी रेड कार्पेट पर खास आकर्षण का केंद्र बन गई। दोनों की मौजूदगी ने इस ग्लैमरस शाम को और भी यादगार बना दिया, जहां फैशन और फैमिली बॉन्डिंग का खूबसूरत संगम देखने को मिला। दिन की शुरुआत में भी ऐश्वर्या राय बच्चन ने एक अलग और फ्यूचरिस्टिक ब्लू आउटफिट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी, जिसने उनके फैशन एक्सपेरिमेंट को एक नया आयाम दिया। लेकिन शाम के इस पेस्टल पिंक लुक ने उन्हें एक बिल्कुल अलग और रोमांटिक अवतार में पेश किया, जिसे दर्शकों ने बेहद पसंद किया। उनकी हर उपस्थिति में आत्मविश्वास और ग्रेस साफ झलकता रहा, जिसने एक बार फिर साबित किया कि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय सिनेमा और फैशन की मजबूत पहचान हैं। कान्स के इस संस्करण में उनका यह अवतार न केवल मीडिया और फैशन समीक्षकों के लिए चर्चा का विषय बना, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने मां-बेटी की इस जोड़ी की तारीफ करते हुए इसे इस साल के सबसे खूबसूरत रेड कार्पेट मोमेंट्स में से एक बताया। इस तरह ऐश्वर्या राय बच्चन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका स्टाइल और शालीनता समय के साथ और भी निखरती जा रही है।

रवि किशन के एक बयान में हुई जुबानी गलती सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिस पर उन्होंने हंसते हुए प्रतिक्रिया दी और खुद का मजाक उड़ाया।

नई दिल्ली: भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और सांसद Ravi Kishan एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में हैं। हाल ही में उनके एक सार्वजनिक बयान के दौरान हुई जुबानी चूक ने इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोरीं और देखते ही देखते यह मामला मीम्स का विषय बन गया। “होम फ्रॉम वर्क” और “जल्दी द लेट” जैसे शब्दों की गलत प्रस्तुति ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को मनोरंजन का नया कारण दे दिया, जिसके बाद हर तरफ मजेदार प्रतिक्रियाओं और व्यंग्यात्मक पोस्ट्स की बाढ़ आ गई। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब रवि किशन एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को लेकर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान बोलचाल में उनसे “वर्क फ्रॉम होम” की जगह “होम फ्रॉम वर्क” निकल गया, जो तुरंत ही लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसके बाद “जल्दी द लेट” जैसे शब्दों ने भी लोगों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह क्लिप तेजी से वायरल हो गई। देखते ही देखते इस पर आधारित मीम्स की एक लंबी श्रृंखला बन गई, जिसमें लोगों ने मजाकिया अंदाज में इस बयान को अलग-अलग तरीकों से प्रस्तुत किया। अब इस पूरे मामले पर रवि किशन ने खुद आगे आकर प्रतिक्रिया दी है। एक फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान उन्होंने इस वायरल ट्रेंड पर हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें खुद समझ नहीं आता कि वह अक्सर ऐसे मामलों में क्यों वायरल हो जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि बोलचाल के दौरान कभी-कभी जुबान फिसल जाती है और ऐसे में अनजाने में शब्दों का क्रम बदल जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह कोई मशीन नहीं हैं, बल्कि एक सामान्य इंसान हैं, जिससे गलती होना स्वाभाविक है। रवि किशन ने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि कभी उन्हें “वर्क फ्रॉम होम” बोलना था, लेकिन गलती से “होम फ्रॉम वर्क” निकल गया और इसी तरह “जल्दी द लेट” जैसे शब्द भी जुबान से निकल गए। उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीरता से न लेते हुए इसे मनोरंजन का हिस्सा बताया और लोगों से अपील की कि हर छोटी गलती को बड़े मुद्दे की तरह न देखा जाए। इस दौरान उन्होंने यह भी साझा किया कि कई बार उनके राजनीतिक सहयोगी भी उनसे यह सवाल करते हैं कि वह हमेशा चर्चा में कैसे आ जाते हैं, जिस पर उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि शायद यह उनकी किस्मत है या फिर उनकी बेबाक शैली का परिणाम है। उनके इस आत्म-हास्य वाले अंदाज ने एक बार फिर दर्शकों का दिल जीत लिया और सोशल मीडिया पर उनकी यह प्रतिक्रिया भी तेजी से वायरल हो गई। कुल मिलाकर यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल युग में किसी भी सार्वजनिक बयान की छोटी-सी चूक भी कितनी तेजी से वायरल हो सकती है। हालांकि रवि किशन ने जिस सहजता और हास्य के साथ इस स्थिति को स्वीकार किया, उसने इस पूरे विवाद को हल्का और मनोरंजक बना दिया।

रोमांस और कॉमेडी का तड़का लेकर आया ‘है जवानी तो इश्क होना है’ ट्रेलर -वरुण धवन की दोहरी लव स्टोरी ने मचाई सोशल मीडिया पर हलचल

नई दिल्ली: 23 मई 2026। बॉलीवुड में एक बार फिर से रोमांस और कॉमेडी का तगड़ा मिश्रण लेकर निर्देशक डेविड धवन की नई फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। फिल्म में Varun Dhawan, Mrunal Thakur और Pooja Hegde मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं, जबकि फिल्म का निर्देशन अनुभवी फिल्मकार David Dhawan ने किया है। ट्रेलर की शुरुआत एक कोर्टरूम सीन से होती है, जहां वरुण धवन और मृणाल ठाकुर तलाक की प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश होते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दर्शकों को पता चलता है कि दोनों के बीच अलग होने की वजह कोई सामान्य विवाद नहीं बल्कि एक बेहद अजीब और हास्यपूर्ण स्थिति है। मृणाल का किरदार यह आरोप लगाता है कि वरुण हर समय रोमांस और रिश्ते को लेकर ज्यादा ही जुनूनी रहते हैं, जबकि वरुण अपनी ओर से सफाई देते हुए कहते हैं कि वह केवल परिवार और बच्चे की चाह रखते हैं। कहानी में असली मोड़ तब आता है जब वरुण की मुलाकात एक क्लब में पूजा हेगड़े के किरदार से होती है। यहां से एक नया रिश्ता शुरू होता है और वरुण अपनी असल जिंदगी को छिपाते हुए एक नई प्रेम कहानी में उलझ जाते हैं। लेकिन हालात तब पूरी तरह बेकाबू हो जाते हैं जब अचानक मृणाल ठाकुर अपने प्रेग्नेंट होने की खबर देती हैं। वरुण अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाते कि पूजा हेगड़े का किरदार भी अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा कर देता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों ही मामलों में बच्चे के पिता वरुण धवन ही बताए जाते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद ट्रेलर में कन्फ्यूजन, भागदौड़ और हास्य से भरे हालात देखने को मिलते हैं, जो दर्शकों को लगातार हंसाने के साथ-साथ कहानी के अगले मोड़ को लेकर उत्सुक भी रखते हैं। फिल्म में रिश्तों की उलझन, आधुनिक प्रेम जीवन की जटिलताएं और हास्य का ओवरडोज साफ तौर पर देखने को मिलता है। ट्रेलर में पुराने बॉलीवुड म्यूजिक की झलक भी दिखाई देती है, जिसमें लोकप्रिय गाने के नए वर्जन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे दर्शकों में नॉस्टैल्जिया भी देखने को मिला है। फिल्म में चंकी पांडे, जिमी शेरगिल, मनीष पॉल और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे, जो कहानी में कॉमिक टाइमिंग को और मजबूत बनाते हैं। फिल्म का कुल स्वरूप एक पारिवारिक मनोरंजन के रूप में सामने आता है, जिसमें रिश्तों की गलतफहमियों को हास्य के अंदाज में पेश किया गया है। ट्रेलर के अंत में कहानी और भी उलझती हुई नजर आती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि फिल्म में दर्शकों को कई अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिल सकते हैं। फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों की उत्सुकता अब तेजी से बढ़ रही है, और इसे एक बड़े कॉमेडी एंटरटेनर के रूप में देखा जा रहा है।

एआई से बनी फर्जी तस्वीरों पर भड़कीं रुक्मिणी वसंत, बोलीं- ‘यह निजता का गंभीर उल्लंघन है

नई दिल्ली । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने जहां डिजिटल दुनिया को नई रफ्तार दी है, वहीं इसके दुरुपयोग के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर हाल के समय में कई फिल्मी हस्तियों की फर्जी और छेड़छाड़ की गई तस्वीरें वायरल होने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इसी कड़ी में अब अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने अपनी कथित फर्जी तस्वीरों को लेकर कड़ा विरोध जताया है। रुक्मिणी वसंत ने सोशल मीडिया पर अपने नाम और चेहरे का उपयोग कर बनाई गई एआई-जनित तस्वीरों पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने साफ कहा है कि ये तस्वीरें पूरी तरह नकली हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। अभिनेत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान के साथ इस तरह की छेड़छाड़ न केवल गलत है, बल्कि यह उसकी निजता का गंभीर उल्लंघन भी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर जारी अपने बयान में कहा कि उनकी टीम ने इंटरनेट पर कुछ ऐसी तस्वीरें देखीं, जिन्हें गलत तरीके से उनके नाम और चेहरे के साथ साझा किया जा रहा है। रुक्मिणी के अनुसार, सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के ऐसे कंटेंट का तेजी से फैलना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अनधिकृत या संदिग्ध तस्वीर पर भरोसा न करें और न ही उसे आगे साझा करें। अभिनेत्री ने कहा कि एआई तकनीक का उद्देश्य रचनात्मकता और विकास को बढ़ावा देना होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना या भ्रामक जानकारी फैलाना। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं मानसिक रूप से परेशान करने वाली होती हैं और इससे किसी की निजी और पेशेवर जिंदगी पर असर पड़ सकता है। रुक्मिणी वसंत ने स्पष्ट किया कि वह और उनकी टीम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और इसके खिलाफ आवश्यक कानूनी और साइबर अपराध से जुड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह की फर्जी तस्वीरों के निर्माण और प्रसार में शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि केवल फर्जी कंटेंट बनाना ही नहीं, बल्कि उसे बिना जांच के आगे बढ़ाना भी जिम्मेदारी की कमी को दर्शाता है। ऐसे मामलों में समाज को भी जागरूक होने की जरूरत है ताकि गलत जानकारी को फैलने से रोका जा सके। अगर रुक्मिणी वसंत के करियर की बात करें तो उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बनाई है। उनकी फिल्म ‘कांतारा’ के बाद उनकी लोकप्रियता में तेजी से इजाफा हुआ और दर्शकों के बीच उनकी अभिनय क्षमता को सराहा गया। अपनी सादगी और मजबूत परफॉर्मेंस के चलते उन्होंने एक अलग पहचान स्थापित की है। यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि डिजिटल युग में तकनीक जितनी उपयोगी है, उतनी ही संवेदनशील भी हो गई है। एआई और सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की जरूरत अब पहले से कहीं ज्यादा महसूस की जा रही है, ताकि किसी भी व्यक्ति की निजता और गरिमा सुरक्षित रह सके।

राज बब्बर जैसा स्टार बनने का सपना अधूरा रह गया, आर्य बब्बर को बॉलीवुड में नहीं मिला बड़ा मुकाम

नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में कई ऐसे स्टार किड्स आए जिन्होंने बड़े सपने लेकर फिल्मी दुनिया में कदम रखा, लेकिन हर किसी को वैसी सफलता नहीं मिल पाई जिसकी उम्मीद की जाती है। अभिनेता आर्य बब्बर भी उन्हीं कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें वह मुकाम हासिल नहीं हो सका जो उनके पिता राज बब्बर को मिला था। फिल्मी परिवार से आने के बावजूद उनका सफर संघर्षों और उतार-चढ़ाव से भरा रहा। आर्य बब्बर का जन्म मुंबई के एक प्रतिष्ठित फिल्मी परिवार में हुआ। उनके पिता राज बब्बर हिंदी सिनेमा के चर्चित और सफल अभिनेता रहे हैं, जबकि उनकी मां नादिरा बब्बर थिएटर जगत का बड़ा नाम मानी जाती हैं। घर में अभिनय और कला का माहौल होने की वजह से आर्य का झुकाव भी बचपन से फिल्मों की तरफ हो गया था। उन्होंने हमेशा अपने पिता की तरह लंबा और मजबूत करियर बनाने का सपना देखा, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में सफलता का रास्ता उनके लिए आसान नहीं रहा। आर्य बब्बर ने अपने करियर की शुरुआत साल 2002 में फिल्म ‘अब के बरस’ से की थी। इस फिल्म से उन्हें बड़ी उम्मीदें थीं और दर्शकों को भी लगा था कि वह बॉलीवुड में लंबी पारी खेलेंगे। फिल्म में उनके साथ अमृता राव नजर आई थीं, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकी। पहली फिल्म के असफल होने का असर उनके करियर पर भी पड़ा। हालांकि इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार फिल्मों में काम करते रहे। आर्य बब्बर कई फिल्मों में नजर आए जिनमें ‘गुरु’, ‘रेडी’ और ‘मटरू की बिजली का मंडोला’ जैसी फिल्में शामिल हैं। उन्होंने बड़े कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की, लेकिन फिर भी उन्हें इंडस्ट्री में वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी उन्हें तलाश थी। धीरे-धीरे बॉलीवुड में उनका करियर कमजोर पड़ने लगा और उन्हें मुख्य अभिनेता के बजाय सहायक भूमिकाओं तक सीमित होना पड़ा। बॉलीवुड में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिलने के बाद आर्य ने पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुख किया। यहां उनके अभिनय को सराहना मिली और दर्शकों ने उन्हें पसंद भी किया। उनकी फिल्म ‘यार अन्मुल्ले’ ने उन्हें पंजाबी सिनेमा में एक नई पहचान दिलाई। इससे यह साबित हुआ कि उनमें अभिनय की क्षमता थी, लेकिन शायद हिंदी फिल्मों में उन्हें सही मौके नहीं मिल पाए। फिल्मों के अलावा आर्य बब्बर ने टीवी की दुनिया में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। वह रियलिटी शो ‘बिग बॉस 8’ का हिस्सा बने, जहां उनके अलग अंदाज और बेबाक बयान काफी चर्चा में रहे। हालांकि शो में उनका सफर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन उन्होंने दर्शकों का ध्यान जरूर खींचा। इसके अलावा उन्होंने पौराणिक टीवी शो में रावण का किरदार निभाकर भी लोगों की सराहना हासिल की। आर्य बब्बर केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहे। उन्हें लेखन का भी शौक है और उन्होंने कॉमिक बुक भी लिखी। यह दिखाता है कि वह खुद को लगातार नए क्षेत्रों में आजमाने की कोशिश करते रहे। भले ही उन्हें बॉलीवुड में पिता जैसी सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने हुनर के दम पर अलग-अलग मंचों पर खुद को साबित करने की कोशिश जारी रखी।

धर्मेंद्र की याद में भावुक हुए बॉबी देओल, बोले- पापा के बिना जिंदगी में एक ऐसा खालीपन है जो कभी नहीं भर सकता

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल हाल ही में एक बातचीत के दौरान अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए बेहद भावुक नजर आए। बातचीत के दौरान उन्होंने खुलकर बताया कि पिता के जाने के बाद जिंदगी पहले जैसी नहीं रही और उनके बिना हर दिन एक गहरा खालीपन महसूस होता है। बॉबी की आंखों में अपने पिता की याद में आंसू साफ दिखाई दिए। उनका यह भावुक अंदाज देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ उनके पिता ही नहीं थे, बल्कि पूरे परिवार की ताकत और सबसे मजबूत सहारा थे। बॉबी देओल ने कहा कि उनके पिता एक ऐसे इंसान थे जिन्हें सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया प्यार करती थी। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्होंने लोगों के दिलों में अपने पिता के लिए खास सम्मान और अपनापन देखा था। आज भी जब वे कहीं जाते हैं तो लोग धर्मेंद्र को याद कर भावुक हो जाते हैं। बॉबी ने कहा कि उनके पिता की सादगी, प्यार और इंसानियत ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी। उन्होंने माना कि जिंदगी में कई रिश्ते बनते हैं, लेकिन पिता जैसी जगह कोई नहीं ले सकता। बातचीत के दौरान परिवार और रिश्तों की अहमियत पर भी चर्चा हुई। बॉबी ने कहा कि पिता के जाने के बाद परिवार के सभी सदस्य एक-दूसरे का सहारा बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी हर पल उनकी कमी महसूस होती है। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र परिवार को हमेशा एकजुट रखने वाले इंसान थे और हर सदस्य से बेहद प्यार करते थे। उनके जाने के बाद घर का माहौल बदल गया है और कई बार छोटी-छोटी बातें भी उनकी याद दिला देती हैं। बॉबी देओल ने अपने पिता की सादगी को याद करते हुए कहा कि धर्मेंद्र को जिंदगी की छोटी-छोटी चीजों में खुशी मिलती थी। उन्हें परिवार के साथ समय बिताना, साधारण खाना खाना और लोगों से प्यार से बात करना बेहद पसंद था। यही वजह थी कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उन्हें दिल से सम्मान देता था। बॉबी ने कहा कि उनके पिता ने उन्हें सिर्फ अभिनय ही नहीं बल्कि इंसानियत और रिश्तों की अहमियत भी सिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि एक पिता का जाना सिर्फ परिवार के लिए ही नहीं बल्कि उन सभी लोगों के लिए बड़ा नुकसान होता है जो उनसे जुड़े होते हैं। बॉबी ने स्वीकार किया कि समय के साथ इंसान खुद को संभालना सीख जाता है, लेकिन कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो जिंदगीभर साथ रहते हैं। उनके मुताबिक, पिता की यादें हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी और वही यादें उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देती रहेंगी। बॉबी देओल का यह भावुक बयान सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रहा है। फैंस लगातार धर्मेंद्र को याद कर रहे हैं और बॉबी के प्रति अपना समर्थन जता रहे हैं। इस बातचीत ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि परिवार का रिश्ता कितना गहरा और अनमोल होता है, खासकर एक पिता और बेटे के बीच का संबंध जिंदगीभर इंसान के दिल में जिंदा रहता है।

Cannes 2026: ब्लू क्रिस्टल गाउन में ऐश्वर्या राय बच्चन की ग्रैंड एंट्री, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें

नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में इस बार एक बार फिर भारतीय सिनेमा और ग्लैमर का जलवा देखने को मिला, जब पूर्व मिस वर्ल्ड और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेत्री Aishwarya Rai Bachchan रेड कार्पेट पर अपने शानदार लुक के साथ पहुंचीं। उनका यह अवतार न केवल फैंस के लिए आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि फैशन और फिल्म जगत में भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया। ब्लू क्रिस्टल से सजे उनके गाउन ने पूरे माहौल को एक रॉयल और ड्रीमी टच दे दिया, जिसमें हर तरफ कैमरों की चमक और दर्शकों की नजरें सिर्फ उन्हीं पर टिक गईं। इस बार ऐश्वर्या राय बच्चन ने प्रसिद्ध डिजाइनर अमित अग्रवाल द्वारा तैयार की गई खास कस्टम कॉउचर ड्रेस “Luminara” पहनी, जिसे बनाने में महीनों की मेहनत और हजारों घंटों का समय लगा बताया जा रहा है। गहरे ब्लू शेड और क्रिस्टल एम्ब्रॉयडरी से सजे इस गाउन की चमक रेड कार्पेट पर हर कदम के साथ अलग ही प्रभाव छोड़ रही थी। उनके लुक को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक अभिनेत्री नहीं, बल्कि एक ग्लोबल फैशन आइकन भी हैं। रेड कार्पेट पर उनके आत्मविश्वास भरे अंदाज ने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने कैमरों के सामने अपने सिग्नेचर पोज दिए, मुस्कुराते हुए फैंस का अभिवादन किया और फ्लाइंग किस देकर माहौल को और भी खास बना दिया। सोशल मीडिया पर उनके इस लुक की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां फैंस उनकी खूबसूरती और ग्रेस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। उनके मेकअप लुक की बात करें तो इस बार भी उन्होंने अपने क्लासिक स्टाइल को बरकरार रखा। शार्प आईलाइनर, लंबी लैशेज और सॉफ्ट लेकिन आकर्षक आई मेकअप ने उनके चेहरे को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। वहीं उनके रेडिश-ब्राउन सैटिन लिप शेड ने पूरे लुक को एक रॉयल फिनिश दिया, जो उनके ब्लू गाउन के साथ बेहतरीन कॉन्ट्रास्ट बनाता दिखाई दिया। कान्स फिल्म फेस्टिवल में Aishwarya Rai Bachchan की यह मौजूदगी केवल एक फैशन स्टेटमेंट नहीं बल्कि उनकी लंबी और सफल अंतरराष्ट्रीय यात्रा का प्रतीक भी है। वर्ष 2002 में फिल्म देवदास के प्रीमियर के साथ कान्स में डेब्यू करने के बाद से वह लगातार इस प्रतिष्ठित मंच का हिस्सा बनी हुई हैं। समय के साथ उनका यह सफर केवल एक कलाकार से आगे बढ़कर एक वैश्विक आइकन बनने तक पहुंच चुका है। आज उनकी हर रेड कार्पेट एंट्री न केवल फैशन जगत में ट्रेंड सेट करती है, बल्कि भारतीय सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी मजबूत करती है। Cannes 2026 में उनका यह ब्लू क्रिस्टल लुक भी उसी विरासत का एक और चमकदार अध्याय बनकर सामने आया है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

हनुमान भक्ति का अनोखा केंद्र: टूंडला का मंदिर, जहां चोला चढ़ाने लगे थे अंग्रेज अधिकारी

नई दिल्ली ।   वैसे तो देशभर में हनुमान जी के कई दक्षिणमुखी मंदिर मौजूद हैं, लेकिन एक मंदिर ऐसा है जिसको लेकर यह प्रमाण है कि यहां एक ब्रटिश अधिकारी चर्च छोड़कर बजरंगबली की भक्ति में लीन हो गए और उन्हें चोला चढ़ाने लगे. कहा जाता है कि 150 साल पुराना यह हनुमान मंदिर सिद्ध पीठ है. इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर के महत्व का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रेल मंत्रालय ने भी अपने आधिकारिक दस्तावेजों में भी इसका नाम दर्ज कर रखा है. आइए, अब जानते हैं एक ब्रिटिश अधिकारी किस प्रकार चर्च छोड़कर हनुमान जी को चोला चढ़ाने लगा. कहां है यह हनुमान मंदिर?यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में मौजूद टूंडला रेलवे कॉलोनी में स्थित है. कहा जाता है कि यह प्रसिद्ध हनुमान मंदिर तकरीबन 150 वर्ष पुराना है, जिसका जिक्र रेल मंत्रालय के दस्तावे परिवार का भी गहरा लगाव रहा है. क्यों चर्च छोड़ हनुमान जी को चोला चढ़ाने लगे ब्रटिश अधिकारी?इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी रोचक कथा ब्रटिश काल से जुड़ी है. अंग्रेजों के शासन काल में टूंडला रेलवे स्टेशन पर सोलोमन नामक एक ब्रटिश अधिकारी तैनात थे. स्थानीय श्रद्धालुओं और रेलकर्मचारियों की गहरी आस्था को देखते हुए उन्होंने मंदिर का जीर्णोद्धार कारवाया. स्थानीय लोग ऐसा मानते हैं कि मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान कुछ ऐसे अद्भुत चमत्कार हुए जिससे प्रभावित होकर ब्रटिश अधिकारी सोलोमन चर्च छोड़कर हनुमान जी के भक्त हो गए. हनुमान जी की भक्ति में लीन ब्रिटिश अधिकारी ने न सिर्फ सनातन धर्म को अपना लिया, बल्कि इस मंदिर में हनुमान जी को प्रतिदिन चोला चढ़ाने लगा. इतना नहीं, चोला चढ़ाने के साथ-साथ उस ब्रटिश अधिकारी ने नियमित रूप से पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी थी. देश जब आजाद हुआ तो उसके बाद सन् 1948 में यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर रेल मंत्रालय के आधिकारिक दस्तावेजों में भी शामिल हो गया. पीढ़ी-दर-पीढ़ी जारी है हनुमान जी की सेवामान्यता है कि इस मंदिर में विराजमान हनुमान जी की सेवा का काम दशकों से एक ही परिवार संभाव रहा है. वर्ष 1951 में इस मंदिर में हनुमान जी की पूजा का काम पंडित जगदेव प्रसाद त्रिवेदी को दिया गया. जगदेव प्रसाद त्रिवेदी के देहावसान के बाद पंडित रामस्वरूप त्रिवेदी ने हनुमान जी की सेवा का संकल्प लिया और फिर इस वक्त उनके पुत्र पंडित अरुण त्रिवेदी पूरे सेवाभाव के साथ इस मंदिर के प्रधान पुजारी हैं. बॉलीवुड हस्तियों का भी है इस मंदिर से गहरा लगावइस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्रसिद्धि का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मशहूर अभिनेता राज बब्बर के पिता कौशल बब्बर ने भी कई सालों तक इस मंदिर में निःस्वार्थ भाव से हनुमान जी की सेवा की थी. इतना ही नहीं, कहा जाता है कि खुद राज बब्बर भी कई बार इस मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ा चुके हैं. इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि वर्तमान में केंद्र सरकार में ऊर्जा सलाहकार व बीजेपी के प्रवक्ता नरेंद्र तनेजा ने भी लगातार 10 वर्षों तक इस हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाया. क्यों खास है यह दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर?इस दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से जुड़ी खास बात यह है कि पर चोला चढ़ाने से मनोकामना पूर्ण हो जाती है. कहा जाता है कि इस मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ाने से लिए विदेशों से भी लोग आते हैं.

गर्मी के साथ ग्रहों की मार: नौतपा में इन राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय, बढ़ सकता है खर्च और विवाद

नई दिल्ली ।  सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में गोचर करते ही नौतपा प्रारंभ हो जाते हैं. नौतपा यानी कि प्रचंड गर्मी के 9 दिन. इस साल 25 मई 2026 से 2 जून 2026 तक नौतपा हैं. ज्‍योतिष के अनुसार यह समय कुछ राशियों के लिए परेशानी भरा हो सकता है. धन से लेकर सम्‍मान तक… सूर्य 25 मई से 8 जून 2026 तक रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे. सूर्य सम्‍मान, यश, आत्‍मविश्‍वास और सेहत के कारक हैं. सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में आते ह 4 राशि वालों को कुछ क्षेत्रों में निगेटिविटी का सामना करना पड़ सकता है. जैसे- आर्थिक मामले, सेहत और मान-सम्‍मान. मिथुन राशि : बढ़ेंगे खर्च, धन हानि की आशंका नौतपा के दौरान मिथुन राशि वालों को धन के लेन-देन में सावधानी बरतने की जरूरत है. एक ओर खर्च बढ़ सकते हैं, लिहाजा बजट बनाकर चलना जरूरी है. वहीं धन का निवेश भी सोच-समझकर ही करें. वरना रिटर्न मिलने की बजाय मूल धन निकालना भी मुश्किल हो जाए. वृश्चिक राशि : गुस्‍से पर काबू रखें वृश्चिक राशि वालों को इस समय गुस्‍से पर काबू रखना बेहद जरूरी है, वरना बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं. वर्कप्‍लेस पर सहकर्मियों से विवाद होने की आशंका है. ऐसे में संभलकर बात करना ही बेहतर रहेगा. अपमान होने के भी योग हैं. इस राशि के पुरुष वर्ग के लोग जीवनसाथी पर गुस्‍सा निकालने से बचें. धनु राशि : सेहत और पैसे में न करें लापरवाही धनु राशि वाले लोग इस समय अपने स्‍वास्‍थ्‍य का विशेष रूप से ध्‍यान रखें. खान-पान सही रखें वरना पेट संबंधी बीमारियां होने की आशंका है. वहीं आर्थिक मामलों में भी जल्दबाजी न करें. धन हानि हो सकती है. कुंभ राशि : वरिष्‍ठ लोगों से न उलझें नौतपा के दौरान कुंभ राशि वालों का गुस्‍सा भी बढ़ा हुआ रहेगा. मानसिक अशांति रह सकती है. ऑफिस में किसी से विवाद हो सकता है. अधिकारियों से विवाद करने से बचें. काम समय पर पूरे न हों तो धैर्य रखें. परिवार में भी कुछ तनाव रह सकता है.