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Fridge Vastu Tips: फ्रिज के ऊपर भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना घर में बढ़ सकता है वास्तु दोष

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु के स्थान दिशा और उसके उपयोग को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि यदि घर में चीजें सही स्थान और संतुलन के साथ रखी जाएं तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। खासतौर पर रसोईघर को घर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है क्योंकि यह स्वास्थ्य और समृद्धि से जुड़ा होता है। रसोई में रखे फ्रिज का भी वास्तु के अनुसार विशेष महत्व बताया गया है। कई लोग जगह की कमी या सुविधा के कारण फ्रिज के ऊपर विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रख देते हैं लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें फ्रिज के ऊपर रखना अशुभ माना जाता है। सबसे पहले बात करें भारी सामान की। अक्सर देखा जाता है कि लोग फ्रिज के ऊपर बड़े बर्तन डिब्बे या अन्य भारी सामान रख देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना ठीक नहीं माना जाता। फ्रिज पहले से ही एक भारी और स्थिर ऊर्जा वाला उपकरण होता है ऐसे में उसके ऊपर अतिरिक्त वजन रखने से घर की ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव या असहजता का माहौल बन सकता है। इसलिए बेहतर माना जाता है कि फ्रिज के ऊपर ज्यादा भारी सामान न रखा जाए और उस स्थान को हल्का रखा जाए। दूसरी महत्वपूर्ण चीज है दवाइयां। कई घरों में दवाइयों का डिब्बा ऐसी जगह रखा जाता है जहां वह आसानी से मिल सके। इसी कारण लोग उसे फ्रिज के ऊपर रख देते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं माना जाता। फ्रिज ठंडक और स्थिर ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है जबकि दवाइयां बीमारी और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती हैं। ऐसे में दोनों को एक साथ रखने से घर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की संभावना मानी जाती है। इसके अलावा फ्रिज के ऊपर इलेक्ट्रॉनिक सामान रखना भी सही नहीं माना जाता। कई लोग चार्जर एक्सटेंशन बोर्ड एडेप्टर या छोटी इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स फ्रिज के ऊपर रख देते हैं। लेकिन फ्रिज स्वयं एक शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा उत्पन्न करता है। ऐसे में उसके ऊपर अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने से ऊर्जा का असंतुलन बढ़ सकता है। वास्तु के अनुसार इससे घर में चिड़चिड़ापन तनाव और आपसी मतभेद बढ़ने की संभावना रहती है। धार्मिक वस्तुओं को भी फ्रिज के ऊपर रखना वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना गया है। कई लोग भगवान की तस्वीर पूजा से जुड़ी सामग्री या धार्मिक पुस्तकें फ्रिज के ऊपर रख देते हैं लेकिन ऐसा करना धार्मिक दृष्टि से भी सही नहीं माना जाता। फ्रिज एक सामान्य घरेलू उपकरण है इसलिए इसके ऊपर धार्मिक वस्तुएं रखने से उनका सम्मान कम माना जाता है। पूजा से संबंधित वस्तुओं को हमेशा घर के मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर ही रखना चाहिए। इसी तरह कुछ लोग सजावट के लिए फ्रिज के ऊपर छोटा पौधा या पानी से भरा बर्तन भी रख देते हैं। वास्तु के अनुसार यह भी उचित नहीं माना जाता। फ्रिज बिजली से चलने वाला उपकरण है और उसके ऊपर पानी या पौधा रखने से ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए बेहतर माना जाता है कि फ्रिज के ऊपर का स्थान साफ हल्का और लगभग खाली रखा जाए ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

रहस्यमयी बुढ़िया माई मंदिर: अनहोनी से पहले मिलती है चेतावनी, कुसम्ही जंगल में आस्था का अद्भुत केंद्र

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान देशभर के शक्तिपीठों और सिद्धपीठ मंदिरों में मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना व्रत हवन और कन्या पूजन के आयोजन किए जाते हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित कुसम्ही जंगल का बुढ़िया माई मंदिर भी इन दिनों विशेष चर्चा में रहता है। घने जंगल के बीच स्थित यह मंदिर अपनी रहस्यमयी मान्यताओं और चमत्कारी कथाओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर भक्तों को होने वाली अनहोनी से पहले चेतावनी देता है इसलिए इसे काल से जुड़ा मंदिर भी माना जाता है। बुढ़िया माई मंदिर गोरखपुर शहर से लगभग 12 से 15 किलोमीटर की दूरी पर कुसम्ही जंगल के भीतर स्थित है। जंगल के बीच होने के बावजूद नवरात्रि के समय यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर दराज से भक्त यहां मां के दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं और संकटों से रक्षा करती हैं। कई श्रद्धालु यह भी मानते हैं कि मां की कृपा से अकाल मृत्यु जैसे बड़े संकट भी टल सकते हैं इसलिए इस मंदिर को सिद्धपीठ के रूप में पूजा जाता है। मंदिर से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा भी इसकी रहस्यमयी पहचान को और मजबूत करती है। बताया जाता है कि बहुत समय पहले इस स्थान पर एक बड़ा नाला हुआ करता था जिस पर लकड़ी का एक पुल बनाया गया था। एक दिन एक बारात इसी रास्ते से गुजर रही थी। जब बारात पुल के पास पहुंची तो वहां खड़ी एक बुजुर्ग महिला ने बारातियों को पुल पर जाने से मना करते हुए चेतावनी दी। हालांकि बारातियों ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और पुल पार करने लगे। जैसे ही बारात पुल के बीच पहुंची वह अचानक टूट गया और अधिकांश बाराती नाले में गिर गए। इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों को एहसास हुआ कि वह बुजुर्ग महिला साधारण इंसान नहीं बल्कि देवी का रूप थीं जिन्होंने पहले ही खतरे की चेतावनी दी थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उस स्थान को पवित्र मानते हुए वहां पूजा अर्चना शुरू कर दी। धीरे धीरे यह स्थान बुढ़िया माई मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया और समय के साथ यहां श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी होती चली गई। आज भी कई लोग मानते हैं कि मां अपने भक्तों को संकट आने से पहले संकेत देती हैं और उन्हें बड़े हादसों से बचाती हैं। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा भंडारा और धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन किया जाता है। जंगल के बीच स्थित यह मंदिर भले ही रहस्यमयी कथाओं से जुड़ा हो लेकिन भक्तों के लिए यह आस्था विश्वास और शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

खरमास 2026: 15 मार्च से 14 अप्रैल तक मांगलिक कार्यों पर विराम, जानिए धार्मिक मान्यता, महत्व और क्या करना माना जाता है शुभ

नई दिल्ली । हिंदू धर्म और ज्योतिष में समय और ग्रहों की स्थिति को विशेष महत्व दिया गया है। इन्हीं ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर वर्ष में दो बार आने वाले खरमास को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में खरमास की शुरुआत 15 मार्च से होने जा रही है और यह अवधि 14 अप्रैल तक रहेगी। इस दौरान विवाह गृह प्रवेश मुंडन कर्ण छेदन जैसे कई मांगलिक कार्यों पर परंपरागत रूप से विराम लग जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय किए गए शुभ कार्य अपेक्षित फल नहीं देते इसलिए लोगों को इन्हें टालने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 14 मार्च की रात 1 बजकर 8 मिनट के बाद सूर्य देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। जब सूर्य देव बृहस्पति की राशि यानी धनु या मीन में प्रवेश करते हैं तो उनकी स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है। इसी कारण इस अवधि को खरमास कहा जाता है और इस दौरान मांगलिक कार्यों को शुभ नहीं माना जाता। इस बार मीन संक्रांति के साथ शुरू होने वाला खरमास 14 अप्रैल को समाप्त होगा जब सूर्य देव सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों पर लगा विराम भी समाप्त हो जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में विवाह गृह प्रवेश नए घर के निर्माण की शुरुआत मुंडन संस्कार और कर्ण छेदन जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। मान्यता है कि इस समय शुरू किए गए दीर्घकालिक कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं या अपेक्षित सुख समृद्धि नहीं मिलती। यही कारण है कि लोग इस अवधि में नया व्यवसाय शुरू करने या बड़े निवेश करने से भी बचते हैं। हालांकि यह समय पूरी तरह निष्क्रिय रहने का नहीं माना जाता बल्कि इसे आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ बताया गया है। खरमास के दौरान दान पुण्य जप तप पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस अवधि में किए गए दान का फल कई गुना अधिक मिलता है। ब्राह्मणों गुरुजनों गायों और साधु संतों की सेवा करना भी पुण्यदायी माना गया है। इसके अलावा तीर्थ यात्रा करना धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करना और भगवान के नाम का स्मरण करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। खरमास से जुड़ी एक प्रचलित कथा भी बताई जाती है। कथा के अनुसार सूर्य देव अपने सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर पूरे ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं। लगातार चलते रहने से उनके घोड़े थक जाते हैं और प्यास से व्याकुल हो जाते हैं। ऐसे में सूर्य देव उन्हें विश्राम देने के लिए रथ को एक तालाब के पास रोकते हैं और घोड़ों को पानी पिलाते हैं। इस दौरान रथ को चलाने के लिए वे दो ‘खर’ यानी गधों को रथ में जोड़ देते हैं। गधों की गति धीमी होने के कारण रथ की चाल भी धीमी हो जाती है लेकिन इस बीच सूर्य के घोड़े आराम कर लेते हैं। इसी कारण इस अवधि को खरमास कहा जाता है और मान्यता है कि इस समय सूर्य के घोड़े विश्राम करते हैं। इस प्रकार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खरमास का समय भले ही मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त न माना जाता हो लेकिन इसे आध्यात्मिक साधना दान पुण्य और भगवान की भक्ति के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी समय माना गया है।

खरमास 2026: 15 मार्च से शुरू, इन मंत्रों से पाएं विष्णु और सूर्य देव की विशेष कृपा

नई दिल्ली। 2026 का खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक चलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह समय आध्यात्मिक उन्नति, जप-तप और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। खरमास की शुरुआत15 मार्च को सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस समय से धार्मिक अनुष्ठान और मंत्र जप करने का विशेष महत्व होता है। खरमास के दौरान लाभ:विष्णु और सूर्य देव के मंत्रों का नियमित जप आरोग्य, धन, यश और मानसिक शांति दिलाता है। नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। दान-पुण्य और धार्मिक पाठ का प्रभाव कई गुना माना गया है। भगवान विष्णु के प्रमुख मंत्र: ॐ नमोः नारायणाय॥ ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥ विष्णु गायत्री: ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥ शान्ताकार मंत्र: शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥सूर्य देव के मंत्र: ॐ सूर्यनारायणायः नमः। ऊँ घृणि सूर्याय नमः सूर्य देव के 12 दिव्य मंत्र (Surya Dwadash Mantra): ॐ मित्राय नमःॐ रवये नमःॐ सूर्याय नमःॐ भानवे नमःॐ खगाय नमःॐ पूष्णे नमःॐ हिरण्यगर्भाय नमःॐ मरीचये नमःॐ आदित्याय नमःॐ सवित्रे नमःॐ अर्काय नमःॐ भास्कराय नमःखरमास में अवश्य करें ये कार्य: विष्णु सहस्रनाम का पाठ – बाधाओं से मुक्ति और सुख-शांति। श्रीमद्भागवत गीता का पाठ – मानसिक और आध्यात्मिक विकास। सत्यनारायण कथा का पाठ – श्रीहरि की विशेष कृपा और पारिवारिक समृद्धि। विशेष टिप: खरमास के दौरान नियमित जप, दान और धार्मिक अनुष्ठान से जीवन में न केवल आध्यात्मिक उन्नति होती है बल्कि नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होती है।

MORENA EYE CAMP: मुरैना में पुलिस परेड ग्राउंड पर 3 दिवसीय नेत्र शिविर का आयोजन, 14-16 मार्च तक चलेंगे ऑपरेशन

MORENA EYE CAMP

HIGHLIGHTS: मुरैना में तीन दिवसीय नेत्र शिविर की शुरुआत पुलिस परेड ग्राउंड पर हुआ भव्य उद्घाटन हजारों मरीजों की जांच और ऑपरेशन का लक्ष्य जिले के कई क्षेत्रों में लगाए गए कैंप 14 से 16 मार्च तक चलेगा शिविर MORENA EYE CAMP: ग्वालियर। मुरैना जिले में शनिवार 14 मार्च को तीन दिवसीय विशाल नेत्र शिविर का शुभारंभ किया जा रहा है। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और इफको के चेयरमैन दिलीप सिंह ने किया। बता दें कि शिविर में बड़ी संख्या में नेत्र रोगियों की जांच और उपचार की व्यवस्था की गई है। बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, ‘रन आउट’ विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ इफको के सहयोग से हर साल होता है आयोजन प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी इफको के सहयोग से इस नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 14, 15 और 16 मार्च तक आयोजित किया जायेगा। बताया जा रहा है कि पहले चरण में जिले के विभिन्न इलाकों से आए मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी। इसके बाद जिन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत होगी, उन्हें चिन्हित कर आगे का उपचार किया जाएगा। असरानी को समर्पित है भूत बंगला, राजपाल यादव ने कहा प्रियदर्शन कॉमेडी के जादूगर हजारों ऑपरेशन करने का लक्ष्य विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से हर साल बड़ी संख्या में नेत्र रोगियों को लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि इस बार भी हजारों मरीजों के ऑपरेशन करने और उपचार कर उन्हें ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है। रन-आउट विवाद के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान, बोले– अभी तक मेहदी से सुलह नहीं हुई जिले के कई क्षेत्रों में लगाए गए कैंप सूचना की मने तो शिविर के तहत सबलगढ़, कैलारस, पहाड़गढ़, जौरा, अंबाह, मुरैना, पोरसा और दिमनी सहित कई क्षेत्रों में अलग-अलग कैंप लगाए गए हैं। साथ ही यहां नेत्र रोगियों की जांच के आलावा भी जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन किए जाएंगे।  

सूर्य का मीन राशि में होने जा रहा गोचर, बन रहे 2 राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ

नई दिल्ली। ग्रहों के राजा सूर्य 15 मार्च 2026 को मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। इस दौरान शनि और शुक्र ग्रह पहले से ही मीन राशि में स्थित हैं, जिससे दो खास राजयोग बनेंगेत्रिग्रही योग और शुक्रादित्य राजयोग। इन योगों का चार राशियों पर विशेष असर होने की संभावना है और यह समय उनके लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। गोचर और योग का असरसूर्य, शनि और शुक्र की युति से मीन राशि में त्रिग्रही योग बन रहा है। वहीं सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य राजयोग का निर्माण होगा। शुक्र मीन राशि में 26 मार्च तक रहेंगे और इसके बाद मेष राशि में गोचर करेंगे, जबकि सूर्य और शनि की युति 14 अप्रैल तक प्रभाव में रहेगी। 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभमेष राशि:मेष राशि वाले जातकों के लिए यह समय पुराने रुके हुए काम पूरे होने, फंसा पैसा मिलने और नए अवसर पाने का संकेत देता है। शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण पूरा होने के बाद अब 2 राजयोग के बनने से लाभ मिलेगा। वृषभ राशि:वृषभ राशि के जातकों को करियर और आय में वृद्धि का मौका मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग, काम की तारीफ और नए स्रोतों से धन लाभ संभव है। पदोन्नति और मान-सम्मान मिलने की संभावना भी बढ़ जाएगी। मिथुन राशि:मिथुन राशि के कारोबारियों और पेशेवरों के लिए यह समय लाभकारी रहेगा। डील फाइनल होने, कामकाज में यात्रा और धन लाभ के योग बन रहे हैं। साथ ही भविष्य के लिए बचत करने में सफलता मिलेगी। तुला राशि:तुला राशि के जातकों को सूर्य और शुक्र की युति से बड़ा लाभ मिलने वाला है। व्यापार का विस्तार, नौकरी में प्रमोशन और सैलरी वृद्धि की संभावना है। इससे आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। (Disclaimer: यह खबर केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते है।)

DATIYA RATANGARH MELA: कलेक्टर-एसपी ने की व्यवस्थाओं की जांच, श्रद्धालुओं के लिए पूरी तैयारी

RATNGARH MELA PREPARATION

HIGHLIGHT: कलेक्टर और एसपी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया पार्किंग, जल-सुविधा और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था गोताखोरों और बंदर टीम के लिए निर्देश स्वास्थ्य और सुरक्षा सुविधाओं पर विशेष जोर मेला क्षेत्र के मार्गों की मरम्मत जल्द पूरी करने के निर्देश DATIYA RATANGARH MELA: दतिया। चैत्र नवरात्रि में लगने वाले प्रसिद्ध रतनगढ़ माता मेले की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। गुरुवार को कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े और एसपी सूरज वर्मा ने अधिकारियों के साथ रतनगढ़ पहुंचकर मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। बता दें कि उन्होंने सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। BSF SOLDIRE DEATH: वीर सपूत को भावभीनी विदाई: BSF जवान सुरेश कुमार यादव का सीतापुर में अंतिम संस्कार, कैंसर से हुआ निधन कलेक्टर ने रतनगढ़ माता मंदिर में किए दर्शन निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रतनगढ़ माता मंदिर में दर्शन कर मेले के शांतिपूर्ण आयोजन की कामना की। इसके बाद उन्होंने मेला परिसर का दौरा कर नक्शे के आधार पर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की। दिल्ली से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों पर बढ़ेगा टैक्स, ट्रकों को अब देने होंगे 2600 की जगह 4000 रुपये श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर फोकस बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई और चिकित्सीय सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाए। सिंध नदी क्षेत्र में गोताखोरों की टीम और महाजाल की व्यवस्था, साथ ही बंदरों के लिए विशेष टीम तैनात करने के निर्देश भी दिए गए। बजने वाली है कुलदीप यादव और वंशिका की शादी की शहनाई, रोहित-विराट में शामिल होकर बांध सकते हैं समां सीसीटीवी से होगी निगरानी सूचना के मुताबिक कलेक्टर ने मेला क्षेत्र में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग, जूता-चप्पल स्टैंड की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और रतनगढ़ पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत पर भी ध्यान दिया। कलेक्टर व एसपी ने अधिकारियों से कहा कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, इसलिए सभी व्यवस्थाओं को समय पर मजबूत और व्यवस्थित किया जाए।

13 March 2026: तुला राशि- सेहत को लेकर सतर्क रहना होगा,एक्स्ट्रा इनकम के भी योग बनेंगे

  13 March 2026: नई दिल्ली। तुला राशि :- रा , री , रु , रे , रो , ता , ती , तू , ते धन लाभ: आर्थिक मामलो में आपके लिए संतोषजनक समय रहेगा। एक्स्ट्रा इनकम के भी योग बनेंगे। परिवार और मित्र: घरेलू जीवन के लिए यह अवधि बहुत ही उत्तम रहने की संभावना है।पारिवारिक लोगों में आपको सद्भावना व प्रेम देखने को मिलेगा। परिवार के साथ आप घूमने-फिरने की योजना बना सकते हैं। रिश्ते और प्यार: काम की अधिकता होने की वजह से प्रेमी के साथ प्रत्यक्ष मुलाक़ात होना मुश्किल लग रहा है। स्वास्थ्य: सेहत को लेकर आपको थोड़ा सतर्क रहना होगा। शारीरिक थकान से बचने के लिए काम के साथ-साथ आराम करना भी आपके लिए ज़रुरी होगा। करियर और शिक्षा: नौकरीपेशा वालों का रुका हुआ प्रमोशन उन्हें मिल सकता है। FD Scheme: एफडी कराने की सोच रहे हैं तो पत्नी के नाम से कराएं, हो जाएंगे मालामाल बिज़नेस/स्टॉक/प्रॉपर्टी: व्यापार करने वालों को कोई बड़ी सफलता मिलने के आसार रहेंगे। आर्थिक मामलों के लिए यह समय प्रगतिकारक रहेगा। बिज़नेस करने वालों के लिए यह अवधि विशेष धनदायी हो सकती है। आज के दिन को शुभ बनाने के लिए ज्योतिष उपाय। ॐ शुं शुक्राय नम: मंत्र का जाप करें । आज अगर सफलता चाहते हैं तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें, लाभ होने की संभावना है। आज का शुभ अंक 6 है

13 मार्च 2026 का अंक ज्योतिष: मूलांक 4 के अटके काम पूरे होंगे, मूलांक 6 को आर्थिक लाभ..

नई दिल्ली। आज 13 मार्च 2026 अंक ज्योतिष के अनुसार मुख्य रूप से मूलांक 4 की ऊर्जा से प्रभावित है। यह अंक अनुशासन, मेहनत और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ब्रह्मांडीय अंक 8 आज करियर और आर्थिक उन्नति के अवसर दे रहा है। यह दिन भावनाओं में बहने की बजाय ठोस योजना और जिम्मेदारी निभाने का है। जो लोग महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहे हैं उनकी मेहनत आज भविष्य में मजबूत परिणाम दे सकती है। मूलांक 1 के लिए आज का दिन योजना बनाने और नई जिम्मेदारियां संभालने का है। पैसों से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें। आज की सीख है कि अनुशासन और जिम्मेदारी ही नेतृत्व को मजबूत बनाती है। मूलांक 2 वाले लोगों के लिए दिन चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सहयोग करने की क्षमता सफलता दिलाएगी। छोटी बातों पर अधिक सोचने से बचें। आज की सीख है कि संतुलित मन कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय दिलाता है। मूलांक 3 वाले लोग अपने विचारों को अनुशासन के साथ लागू करें। काम और निजी जीवन में संतुलन बनाना जरूरी है। मनोरंजन में समय ज्यादा खर्च करने से बचें। रचनात्मकता तब सफल होती है जब उसमें अनुशासन जुड़ा हो। मूलांक 4 वाले लोगों के लिए आज विशेष दिन है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और योजना बनाने की क्षमता मजबूत रहेगी। व्यवहार में अत्यधिक कठोरता से बचें। निरंतर प्रयास ही स्थायी सफलता का आधार है। मूलांक 5 वाले लोगों को माहौल सीमित लग सकता है लेकिन जरूरी कार्यों को पूरा करने के लिए समय अनुकूल है। जोखिम भरे निवेश से बचें। अनुशासन भविष्य की आजादी को मजबूत करता है। मूलांक 6 वालों के लिए आज आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। व्यावहारिक सोच नई जिम्मेदारी और अवसर दिला सकती है। सारी जिम्मेदारियां अकेले उठाने से बचें। अपनों का साथ जीवन में स्थिरता लाता है। मूलांक 7 के लिए दिन शांत होकर योजना बनाने का है। करियर से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें और परिवार के साथ संवाद बनाए रखें। जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करने से बचें। ज्ञान तभी उपयोगी है जब इसे व्यवहार में उतारा जाए। मूलांक 8 वाले लोगों के लिए आज प्रभावशाली दिन है। बिजनेस और वित्तीय योजनाएं सफल हो सकती हैं। केवल धन पर ध्यान केंद्रित करने से बचें। सफलता में करुणा और संतुलन भी जरूरी है। मूलांक 9 के लिए आपकी मेहनत और सकारात्मक सोच दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ संबंध मजबूत होंगे। पुरानी बातों में उलझने से बचें। अच्छे उद्देश्य से किया गया काम ही सच्ची संतुष्टि देता है। आज का दिन सभी मूलांकों के लिए अनुशासन मेहनत और संतुलित निर्णयों से सफलता और समृद्धि लाने वाला है।

शुक्रवार का विशेष दिन: लक्ष्मी और संतोषी माता की विधिपूर्वक आराधना से घर में आए सकारात्मक ऊर्जा

नई दिल्ली। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और संतोषी माता की आराधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि धन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और देवी लक्ष्मी का आगमन होता है। पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को खीर या सफेद मिठाई का भोग लगाना अत्यंत फलदायी होता है। कमल के फूल या मोगरा का इत्र अर्पित करने से देवी की कृपा और धन-धान्य की वृद्धि होती है। कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना भी इस दिन विशेष रूप से लाभकारी है। श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है। घर में स्थापित श्री यंत्र की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। दूध और गंगाजल से इसकी आराधना करने से धन, वैभव और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खुलता है। शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाना विशेष रूप से सौभाग्य और समृद्धि बढ़ाने वाला उपाय है। संतोषी माता की पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। माता को गुड़ और चने का भोग अर्पित करने की परंपरा इस दिन विशेष रूप से प्रचलित है। उनकी चालीसा का पाठ करने से परिवार में सौहार्द और मानसिक शांति बनी रहती है। दान का महत्व भी इस दिन बढ़ जाता है। सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चीनी या सफेद कपड़े का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। दान से न केवल जीवन में सकारात्मकता आती है बल्कि आर्थिक समृद्धि के मार्ग भी खुलते हैं। इस प्रकार शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा, कनकधारा स्तोत्र का पाठ, दीपदान और दान के उपाय से घर में सुख-शांति धन-संपत्ति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। यह दिन अपने धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण जीवन में समृद्धि और खुशहाली लाने वाला माना गया है।