चैत्र नवरात्रि 2026: कलश स्थापना के साथ घर लाएं ये 5 शुभ चीजें, मां दुर्गा की कृपा से दूर होगी आर्थिक तंगी

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चैत्र महीने का विशेष महत्व माना जाता है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार आते हैं जिनमें चैत्र नवरात्रि का स्थान सबसे खास है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च से होने जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्तगण मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा अर्चना करते हैं और उपवास रखकर देवी की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा भूमिलोक पर आती हैं और नौ दिनों तक भक्तों के बीच निवास करती हैं। यही कारण है कि इस अवधि में देवी को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा पाठ भजन कीर्तन और मंदिरों में भव्य सजावट की जाती है। ज्योतिष और धर्मशास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ कुछ शुभ वस्तुएं घर लाना बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इन पवित्र चीजों को घर में लाने और पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है सोई हुई किस्मत जागती है और घर में सुख समृद्धि का वास होता है। सबसे पहले केला का पेड़ लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि आपके घर में पहले से केला का पेड़ नहीं है तो नवरात्रि के पहले दिन इसे लगाना अच्छा माना जाता है। हिंदू धर्म में केला का पेड़ पूजनीय माना जाता है और इसकी पूजा करने से घर में समृद्धि सुख और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके साथ ही लाल गुड़हल का फूल भी विशेष महत्व रखता है। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा को लाल गुड़हल का फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यह फूल देवी मां को अत्यंत प्रिय है और इसे चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवरात्रि के अवसर पर हरसिंगार का पौधा घर में लगाना भी शुभ माना जाता है। यह पौधा सुख शांति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसे घर में लगाने से परिवार में समृद्धि और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। इसी प्रकार शंखपुष्पी का फूल भी देवी मां को अर्पित करने के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के पहले दिन देवी को शंखपुष्पी का फूल चढ़ाने से भक्तों की हर कामना पूर्ण होती है और जीवन में सफलता के मार्ग खुलते हैं। इसके अलावा तुलसी का पौधा भी बेहद पवित्र माना जाता है। अगर घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो नवरात्रि के शुभ अवसर पर इसे लगाना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। तुलसी की प्रतिदिन पूजा और जल अर्पित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और देवी देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। इस प्रकार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन इन पवित्र चीजों को घर में लाकर विधि विधान से पूजा करने से जीवन में सुख समृद्धि शांति और खुशहाली का वास होता है तथा मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
12 मार्च 2026 के लिए राशिफल अपडेट: प्यार, पैसा और स्वास्थ्य की पूरी जानकारी

नई दिल्ली।आज का दिन सभी राशियों के लिए संतुलन और अवसर का संकेत देता है। आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मक सोच से कार्य, परिवार और स्वास्थ्य में सुधार संभव है। आर्थिक मामलों में सतर्कता और निवेश में सोच-समझकर कदम उठाना लाभकारी रहेगा। मेष (Aries) – आत्मविश्वास और सफलता का दिनआज मेष राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। कामकाज में मन लगेगा और नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने की संभावना है। किसी नई योजना की शुरुआत करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि, आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है, अनावश्यक खर्च से बचें। छोटे निवेश और व्यावसायिक लेन-देन सोच-समझकर करें। वृषभ (Taurus) -रिश्तों में मधुरता और स्वास्थ्य पर ध्यानवृषभ राशि के लिए आज का दिन सुखद रहेगा। सकारात्मक सोच के कारण रिश्तों में मधुरता आएगी। लंबित कार्य पूरे होंगे और घर-परिवार का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। हल्का व्यायाम और संतुलित आहार आपके शरीर और मन को स्वस्थ बनाए रखेंगे। मिथुन (Gemini) -परिवार और व्यापार में संतुलनआज मिथुन राशि के जातकों के लिए परिवार के साथ समय बिताना लाभकारी रहेगा। व्यापारिक मामलों में नई योजनाओं पर ध्यान दें। अचानक खर्च की संभावना बनी हुई है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। परिवार और व्यापार दोनों में संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें। कर्क (Cancer) -शिक्षा और कार्यक्षेत्र में सफलताकर्क राशि के लोगों के लिए शिक्षा और कार्यक्षेत्र में सफलता के योग हैं। ध्यान और योग के माध्यम से मानसिक तनाव कम होगा। निवेश और आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लें। नई योजनाओं और अवसरों में लाभ मिलेगा। सिंह (Leo) -सहयोग और संयम आवश्यकसिंह राशि के जातकों को आज साथियों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। कार्यस्थल पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य बनाए रखें और निर्णय सोच-समझकर लें। कन्या (Virgo) -मेहनत रंग लाएगी और यात्रा लाभकारीकन्या राशि के लोगों की मेहनत आज रंग लाएगी। स्वास्थ्य ठीक रहेगा और ऊर्जा बनी रहेगी। यात्रा के योग हैं, यात्रा में लाभ मिलने की संभावना है। नए कार्य या व्यवसायिक अवसर लाभकारी साबित हो सकते हैं। तुला (Libra) -पारिवारिक सहयोग और वित्तीय लाभतुला राशि के जातकों के लिए पारिवारिक सहयोग मिलेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात सुखद अनुभव देगी। वित्तीय मामलों में लाभ के अवसर बन सकते हैं। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताना मानसिक संतोष देगा। वृश्चिक (Scorpio) -संयम और स्वास्थ्य पर ध्यानवृश्चिक राशि के लोगों को आज मानसिक शांति के लिए समय निकालना चाहिए। कार्यस्थल पर विरोधी बाधा डाल सकते हैं, इसलिए संयम बनाए रखें। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और मानसिक तनाव कम करने के उपाय अपनाएं। धनु (Sagittarius) -आर्थिक सुधार और सामाजिक गतिविधियांधनु राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार होगा। सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेने से मानसिक संतोष मिलेगा। पुराने संपर्क और दोस्ती मजबूत होंगी। मकर (Capricorn) -मेहनत का परिणाम और विवाद से बचेंमकर राशि के लोगों के लिए आज मेहनत का प्रतिफल मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। परिवार में किसी विवाद से बचें और महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें। कुम्भ (Aquarius) -सोच-समझकर निर्णय लेंकुम्भ राशि के जातकों के लिए आज निवेश और पैसों के मामलों में सतर्क रहने की आवश्यकता है। मित्रों और परिवार के साथ समय बिताने से खुशी और मानसिक संतोष मिलेगा। मीन (Pisces) -रचनात्मक कार्य और सहयोगमीन राशि के लिए रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य पर ध्यान दें और हल्का व्यायाम करें। नए अवसरों और संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है।
चैत्र नवरात्रि 2026: जानिए 9 दिनों में किस दिन कौन सा रंग पहनना है शुभ, पूरी लिस्ट यहां देखें

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व बेहद श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं पूजा अर्चना करते हैं और मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न धार्मिक नियमों का पालन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि के नौ दिनों में हर दिन एक विशेष रंग पहनने की परंपरा भी है। माना जाता है कि उस दिन से जुड़े शुभ रंग को पहनने से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवरात्रि का पहला दिन सफेद नवरात्रि के पहले दिन का रंग सफेद माना जाता है। यह पवित्रता शांति और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन देवी शैलपुत्री की पूजा की जाती है जो पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं। दूसरा दिन लाल नवरात्रि के दूसरे दिन लाल रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग प्रेम शक्ति और उत्साह का प्रतीक है। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है जो तपस्या और भक्ति की देवी मानी जाती हैं।तीसरा दिन रॉयल ब्लू तीसरे दिन का रंग रॉयल ब्लू होता है। यह दिव्य ऊर्जा स्थिरता और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है जिनका स्वरूप साहस और वीरता का प्रतीक है। चौथा दिन पीला नवरात्रि के चौथे दिन पीला रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह उत्साह उल्लास और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन देवी कुष्मांडा की पूजा की जाती है जिन्हें ब्रह्मांड की सृष्टि करने वाली देवी माना जाता है। पाँचवाँ दिन हरा पाँचवें दिन का रंग हरा होता है जो उर्वरता विकास और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन देवी स्कंदमाता की पूजा की जाती है जो भगवान कार्तिकेय की माता हैं। छठवाँ दिन ग्रे छठे दिन स्लेटी यानी ग्रे रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह संतुलन शक्ति और धैर्य का प्रतीक है। इस दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है जिन्हें शक्ति और साहस की देवी माना जाता है। सातवाँ दिन नारंगी सातवें दिन का रंग नारंगी है जो ऊर्जा उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दिन देवी कालरात्रि की पूजा की जाती है जो दुर्गा का उग्र रूप मानी जाती हैं और बुराई का नाश करती हैं। आठवाँ दिन पीकॉक ग्रीन आठवें दिन का रंग पीकॉक ग्रीन यानी मोर हरा होता है। यह सुंदरता शालीनता और सकारात्मकता का प्रतीक है। इस दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है जिन्हें पवित्रता और शांति की देवी माना जाता है। नौवाँ दिन गुलाबी नवरात्रि के अंतिम दिन गुलाबी रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह प्रेम करुणा और सद्भाव का प्रतीक है। इस दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है जो भक्तों को ज्ञान सिद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं। इस प्रकार नवरात्रि के नौ दिनों में निर्धारित रंग पहनकर मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति सकारात्मक ऊर्जा और देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Vastu Tips: घर में नहीं रूक रहा धन, हरी इलायची से करें खास उपाय

नई दिल्ली। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि आए और चारों तरफ से तरक्की हो। लेकिन कई बार कुछ प्रयास करने के बाद भी हाथ असफलता ही लगती है। घर में सकारात्मक को बरकरार रखने के लिए आपको कई सारे उपाय करने चाहिए। वास्तु शास्त्र में नीचे इनके बारे में बताया गया है साथ ही इलायची से जुड़े कुछ खास उपाय बताए गए हैं जिनको करके आप अपना भाग्य परिवर्तन कर सकते हैं। वास्तु के खास उपायबहुत कोशिश करने के बाद भी आपके हाथ असफलता लग रही है। आपका कोई भी काम सफल नहीं हो रहा है। तब आपको इन बातों पर विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। कड़ी मेहनत और तपस्या के बाद भी लोग सफलता और धन प्राप्त करने में असफल रहते हैं। ऐसे में हरी इलायची का ये उपाय बहुत कारगार है. पैसे को जेब में रोकने के लिए 5 हरी इलायची को अपने पर्स में रख लें. ऐसा करने से व्यक्ति की आय में बढ़ोतरी होती है और पैसी भी ज्यादा खर्च नहीं होता। कई बार सालों मेहनत करने के बाद व्यक्ति को इच्छानुसार प्रगति नहीं मिल पाती।इसके लिए अगर आप नौकरी में प्रमोशन चाहते हैं तो एक हरा कपड़ा लें और इसमें 4-5 इलायची लेकर बांध लें। और इस पोटली को सोते समय तकीए के नीचे रख लें।अगले दिन उठने के बाद ये पोटली किसी दूसरे व्यक्ति को दे दें। अगर आपका बिजनेस में लाभ नहीं हो रहा है। आपको नौकरी नहीं मिल पा रही है। तब घर से बाहर जाते समय आप अपनी जेब में दो इलायची जरूर रखें साथ ही अपने पर्स में भी दो हरी इलायची डालें। ऐसा करने से आपकी बरकत तेजी से होती है और तरक्की आपके घर आते है। इन सभी उपायों को करके आप अपने घर में सुख समृद्धि ला सकते हैं।
Budhwar Mantra: बुधवार के दिन इन मंत्रों का करें जाप, गणेश भगवान की होगी अपार कृपा

नई दिल्ली। बुधवार का दिन गणेश भगवान की पूजा अर्चना के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। आज के दिन आप अगर उनकी पूजा अर्चना करेंगे उनका व्रत रहेंगे। तब आपके घर में सुख समृद्धि आएगी गणेश भगवान की कृपा आप पर बनी रहेगी। आपके सारे बिगड़े काम बनने लगेंगे नकारात्मक तभी आपके घर से को तो दूर हो जाएगी। गणेश भगवान का दूसरा नाम विघ्नहर्ता भी कहा जाता है वह आपके सारे विघ्न हर लेंगे। गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए आप उनके कुछ चमत्कारी मंत्रों का भी जाप करें। पूजा विधिभगवान की पूजा करने के लिए आप सुबह प्रातः काल उठे और स्नान करके भगवान की मंदिर के पास एक चौकी रखें। उसे पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान की मूर्ति की स्थापना करें। अगर आपके घर के मंदिर में भगवान पहले से ही है तो आप वहीं पर उनकी पूजा कर सकते हैं। पूजा करने के लिए आप अच्छा हल्दी दुर्वा का उपयोग करें और भगवान को भोग में बेसन अथवा मोदक के लड्डू चढ़ाएं।इन मंत्रों का करें जापॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा’ ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश। ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डा धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात” गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बकः । नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।। धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायकः। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन आपको उनके अच्छे से पूजा अर्चना करनी चाहिए। साथ ही उन्हें मोदक का लड्डू आवश्यक चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा आप उन्हें दूर्वा और सुपाड़ी भी चढ़ाएं। इससे प्रश्न होकर भगवान आपके परिवार में सुख समृद्धि बनाए रखते हैं और आपको भी मनचाहा वरदान देते हैं। इसके अलावा आपकी ऊपर आ रही सारी विघ्न को भी हर लेते हैं। इस लेख में प्रस्तुत किया गया अंश किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की पूरी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता। यह जानकारियां विभिन्न स्रोतों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/प्रामाणिकताओं/धार्मिक प्रतिष्ठानों/धर्मग्रंथों से संग्रहित की गई हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सिर्फ सूचना प्रस्तुत करना है,और उपयोगकर्ता को इसे सूचना के रूप में ही समझना चाहिए। इसके अतिरिक्त, इसका कोई भी उपयोग करने की जिम्मेदारी सिर्फ उपयोगक की
बुधवार का राशिफल

युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – ग्रीष्मचैत्र कृष्ण पक्ष अष्टमी, बुधवार, 11 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।मेष राशि :- खान-पान में सावधानी रखें। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। अपने हित के काम सुबह-सवेरे ही निपटा लें। आगे से रुपये पैसों की सुविधा नहीं मिल पाएगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बनें। शुभांक-3-6-9वृष राशि :- प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे। आमोद-प्रमोद का दिन होगा और व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। ज्ञान-विज्ञान की वृद्घि होगी और सज्जनों का साथ रहेगा। शुभांक-3-5-7मिथुन राशि :- कुछ कार्य भी सिद्घ होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचे तो अच्छा है। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। दिमाग में निर्मूल तर्क-कुतर्क पैदा होंगे। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। संतान की उन्नति के योग हैं। शुभांक-4-6-7कर्क राशि :- आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढऩे के अवसर लाभकारी सिद्घ हो रहे है। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। शुभांक-2-5-6सिंह राशि :- शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधानी रखें तो ज्यादा उत्तम है। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्घि होगी। शुभांक-2-5-7कन्या राशि :- सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य के लिए भाग-दौड़ रहेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। आपसी प्रेम-भाव में बढ़ोतरी होगी। शुभांक-3-6-7तुला राशि :- शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। कामकाज की अधिकता रहेगी। लाभ भी होगा और पुराने मित्रों से समागम होगा। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। शुभांक-5-7-9वृश्चिक राशि :- समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश सफल होगी। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। शुभांक-3-6-7धनु राशि :- नवीन जिम्मेदारी बढ़ने के आसार रहेंगे। सुविधाओं में शनै:-शनै: बाधा आएगी। अपने काम को प्राथमिकता से करें। कारोबारी काम में बाधा उभरने से मानसिक अशांति बनी रहेगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। शुभांक-3-5-6मकर राशि :- सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। यात्रा शुभ रहेगी। अपने काम पर पैनी नजर रखिए। विरोधी नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा। स्वास्थ्य लाभ में समय और धन व्यय होगा। परिवार में अशांति रहेगी। शुभांक-1-4-5कुंभ राशि :- समय पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास सफल होंगे। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। शुभांक-2-5-7मीन राशि :- यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। यश-प्रतिष्ठा में वृद्घि व शिक्षा में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। व्यापार में वृद्घि होगी। शुभांक-2-4-6
aaj Ka Panchang 11 March 2026: अष्टमी तिथि, वृश्चिक राशि में चंद्रमा; जानें राहुकाल, नक्षत्र और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। 11 मार्च 2026 वैदिक पंचांग के अनुसार आज का दिन कई ज्योतिषीय योगों के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बुधवार है और पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि चल रही है, जो 12 मार्च को सुबह 04:19 बजे तक रहेगी। धार्मिक कार्यों और दैनिक शुभ-अशुभ समय जानने के लिए पंचांग का विशेष महत्व होता है। यदि आप आज किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो राहुकाल का समय जरूर ध्यान रखें। पंचांग के मुताबिक आज सूर्योदय सुबह 06:36 बजे और सूर्यास्त शाम 06:27 बजे होगा। वहीं चंद्रमा आज वृश्चिक राशि में संचार करेंगे, जिसका प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिल सकता है। आज ज्येष्ठा नक्षत्र रात 10:00 बजे तक रहेगा, जबकि वज्र योग सुबह 09:12 बजे तक प्रभावी रहेगा। राहुकाल का समयआज बुधवार को राहुकाल दोपहर 12:31 बजे से 02:00 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। पंचांग के मुख्य तथ्यतिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी (12 मार्च सुबह 04:19 बजे तक) नक्षत्र: ज्येष्ठा (रात 10:00 बजे तक) योग: वज्र योग (सुबह 09:12 बजे तक) वार: बुधवार चंद्रमा: वृश्चिक राशि में सूर्योदय: 06:36 प्रातः सूर्यास्त: 06:27 सायं राहुकाल: 12:31 अपराह्न से 02:00 अपराह्न वाहन खरीदने का अगला शुभ मुहूर्तयदि आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो 15 मार्च 2026 को वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त बन रहा है। इस दिन वाहन खरीदना शुभ माना गया है। घर खरीदने का अगला शुभ दिनज्योतिषीय गणना के अनुसार 13 मार्च 2026 घर खरीदने के लिए अगली शुभ तिथि मानी जा रही है। इस दिन संपत्ति से जुड़े कार्य करना लाभकारी माना जाता है। विवाह का अगला शुभ मुहूर्तअगर आप शादी के लिए शुभ मुहूर्त देख रहे हैं तो 15 अप्रैल 2026 विवाह के लिए अगला अनुकूल समय बताया गया है। निष्कर्ष:आज का दिन सामान्य कार्यों के लिए अनुकूल है, लेकिन राहुकाल के समय किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। वहीं आने वाले दिनों में वाहन खरीद, घर खरीद और विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं।
Aaj Ka Ank Jyotish 11 March 2026: मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन? पढ़ें आज का अंक राशिफल

नई दिल्ली। 11 मार्च 2026। अंक ज्योतिष के अनुसार किसी भी व्यक्ति की जन्मतिथि से उसका मूलांक (Root Number) निकाला जाता है। यह मूलांक 1 से 9 के बीच होता है और इससे व्यक्ति के स्वभाव, करियर, आर्थिक स्थिति, स्वास्थ्य और रिश्तों के बारे में कई संकेत मिलते हैं। आज 11 मार्च 2026 का दिन अलग-अलग मूलांक वाले लोगों के लिए अलग ऊर्जा और अवसर लेकर आया है। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का जन्म किसी भी महीने की 11 तारीख को हुआ है, तो 1+1=2 होने के कारण उसका मूलांक 2 होगा।अगर आपको अपना मूलांक पता है, तो आइए जानते हैं कि आज का दिन आपके लिए क्या संदेश लेकर आया है। मूलांक 1आज का दिन मूलांक 1 वालों के लिए सकारात्मक रहने वाला है। कामकाज के क्षेत्र में आपकी प्रभावशाली छवि देखने को मिलेगी और लोग आपकी बातों को महत्व देंगे। नई ऊर्जा के साथ आप कई कार्यों को तेजी से पूरा कर सकते हैं। हालांकि कोई बड़ा निर्णय लेने से पहले पूरी योजना जरूर बनाएं, क्योंकि जल्दबाजी छोटी गलतियों का कारण बन सकती है।टीमवर्क से बेहतर परिणाम मिलेंगे। मानसिक थकान से बचने के लिए बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें और खानपान का विशेष ध्यान रखें। मूलांक 2आज आपकी अंतरात्मा की आवाज काफी मजबूत रहेगी और आप कार्यस्थल की परिस्थितियों को गहराई से समझ पाएंगे। रिसर्च, काउंसलिंग या गंभीर चर्चा से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है।भावनात्मक रूप से थोड़ा उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए खुद को सकारात्मक माहौल में रखें। परिवार और करीबी लोगों के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करें, लेकिन जरूरत से ज्यादा संवेदनशील होने से बचें। मूलांक 3मूलांक 3 के लिए आज आत्मविश्वास से भरा दिन रहेगा। किसी नए प्रोजेक्ट या रचनात्मक काम की शुरुआत करने के लिए समय अनुकूल है। आपकी सकारात्मक सोच दूसरों को भी प्रभावित करेगी।हालांकि उत्साह में आकर जरूरत से ज्यादा वादे करने से बचें। खानपान और पानी पीने की आदतों का ध्यान रखें। प्रेम संबंधों में बातचीत सहज रहेगी, लेकिन गंभीर विषयों पर मजाक करने से बचें। मूलांक 4आज का दिन जीवन और काम को व्यवस्थित करने का संकेत दे रहा है। यह समय मजबूत नींव तैयार करने और लंबे लक्ष्यों पर काम शुरू करने के लिए अच्छा है।जरूरी कामों को प्राथमिकता देकर एक-एक करके पूरा करें। नियमितता और अनुशासन आपको भविष्य में बड़ी सफलता दिला सकते हैं।मानसिक तनाव से बचने के लिए गहरी सांस लेने वाले व्यायाम करें और पार्टनर के साथ संवाद बनाए रखें। मूलांक 5आज मूलांक 5 वालों के लिए अंतर्ज्ञान काफी मददगार साबित होगा। कई बार दिल की आवाज दिमाग से ज्यादा सही रास्ता दिखाती है। अचानक मिलने वाले अवसरों को पहचानने में आपकी समझ काम आएगी।आज जीवन में मिलने वाले छोटे-छोटे संकेतों पर ध्यान दें। ये आपको सही दिशा की ओर ले जा सकते हैं।स्वास्थ्य के लिए ताजे फल, हरी सब्जियां और पर्याप्त पानी का सेवन करें। मूलांक 6आज आपका अलग और रचनात्मक काम करने का तरीका पुरानी समस्याओं का समाधान निकाल सकता है। टीम के साथ मिलकर काम करना फायदेमंद रहेगा।प्रेजेंटेशन या क्लाइंट मीटिंग्स में सफलता मिल सकती है। भावनात्मक संतुलन बनाए रखें और मन को शांत रखने के लिए हल्का संगीत सुनें।रिश्तों में रोमांस बढ़ेगा। अपने प्रियजनों की सराहना करें और छोटे-छोटे सरप्राइज रिश्तों को मजबूत बना सकते हैं। मूलांक 7आज की ऊर्जा मूलांक 7 वालों के पक्ष में रहेगी। आपकी गहरी सोच और योजनाएं आपको सफलता की ओर ले जा सकती हैं।हालांकि अपने विचारों को केवल मन में रखने के बजाय उन्हें दूसरों के सामने भी रखें। ताजी हवा में समय बिताने से मन शांत रहेगा।आज आप ज्ञानवर्धक चर्चाओं में रुचि ले सकते हैं और पार्टनर के साथ खुलकर संवाद करना बेहतर रहेगा। मूलांक 8आज का दिन भविष्य की योजना और आर्थिक मामलों पर ध्यान देने के लिए अच्छा है। आपकी व्यवहारिक सोच आपको सही फैसले लेने में मदद करेगी।हालांकि काम का तनाव खुद पर हावी न होने दें और जीवन में संतुलन बनाए रखें।रिश्तों में थोड़ी भावनात्मक बातचीत जरूरी है। अपनों के साथ अपनी सच्ची भावनाएं साझा करें। मूलांक 9आज आपका काम करने का अलग अंदाज दूसरों को प्रेरित कर सकता है। नेतृत्व क्षमता मजबूत रहेगी, लेकिन कोई बड़ा कदम उठाने से पहले तैयारी की जांच जरूर करें।ऊर्जा में थोड़ा उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए संतुलित आहार और पर्याप्त पानी जरूरी है।पुरानी भावनाएं या विवाद सामने आ सकते हैं, इसलिए कड़वाहट रखने के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालें। अंक ज्योतिष के अनुसार आज का दिन कई मूलांक वालों के लिए नई संभावनाएं और आत्मचिंतन का अवसर लेकर आया है। सही योजना, सकारात्मक सोच और संतुलित जीवनशैली अपनाकर आप दिन को और बेहतर बना सकते हैं।
आखिर क्यों महादेव ने काटा ब्रह्मा जी का पांचवां सिर? सृष्टि के रचयिता की एक भूल और पौराणिक कथा का रहस्य

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में त्रिदेवों ब्रह्मा, विष्णु और शिव का विशेष महत्व माना जाता है। इनमें ब्रह्मा जी को सृष्टि का रचयिता कहा जाता है। आम तौर पर हम उन्हें चार मुखों वाले चतुर्मुख रूप में देखते हैं, लेकिन पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शुरुआत में ब्रह्मा जी के पांच मुख हुआ करते थे। एक पौराणिक कथा के अनुसार उनकी एक भूल के कारण भगवान शिव ने उनका पांचवां सिर कटवा दिया, जिसके बाद वे चतुर्मुख रूप में ही पूजे जाने लगे। इस कथा का उल्लेख Shiva Purana में मिलता है। इसके अनुसार सृष्टि की रचना करते समय ब्रह्मा जी ने Satarupa नाम की एक अत्यंत सुंदर स्त्री की रचना की। सतरूपा अत्यंत तेजस्वी और मनमोहक रूप वाली थीं। कथा के अनुसार उनके सौंदर्य को देखकर स्वयं ब्रह्मा जी भी आकर्षित हो गए। बताया जाता है कि जब सतरूपा को यह आभास हुआ कि ब्रह्मा जी की दृष्टि उन पर है, तो उन्होंने उनसे बचने के लिए अलग-अलग दिशाओं में जाना शुरू कर दिया। सतरूपा जब जिस दिशा में जातीं, ब्रह्मा जी उन्हें देखने के लिए उसी दिशा में अपना एक मुख प्रकट कर लेते। इस तरह उन्होंने चारों दिशाओं में देखने के लिए चार मुख बना लिए। लेकिन जब सतरूपा आकाश की ओर बढ़ीं, तब ब्रह्मा जी ने ऊपर की ओर देखने के लिए अपना पांचवां मुख भी प्रकट कर लिया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह आचरण मर्यादा के विरुद्ध माना गया, क्योंकि सतरूपा उनकी ही रचना थीं और उन्हें मानस पुत्री के समान माना जाता था। यह सब देखकर Shiva अत्यंत क्रोधित हो गए। धर्म और मर्यादा की रक्षा के लिए उन्होंने अपने उग्र स्वरूप Kala Bhairava को प्रकट किया और ब्रह्मा जी को दंड देने का आदेश दिया। महादेव के आदेश पर काल भैरव ने तुरंत ब्रह्मा जी के उस पांचवें सिर को काट दिया, जो ऊपर की ओर था। इसी घटना के बाद से ब्रह्मा जी के केवल चार मुख ही रह गए और वे चतुर्मुख रूप में ही जाने जाने लगे। बाद में ब्रह्मा जी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने भगवान शिव से क्षमा मांगी। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस घटना का एक और प्रभाव यह भी माना जाता है कि ब्रह्मा जी की पूजा अन्य देवताओं की तुलना में बहुत कम होती है। कहा जाता है कि बाद में Saraswati के श्राप के कारण भी उनकी व्यापक पूजा नहीं हो पाई। हालांकि भारत में एक ऐसा स्थान है जहां ब्रह्मा जी का प्रमुख और प्राचीन मंदिर स्थित है। यह मंदिर ब्रह्मा मंदिर में है, जो पुष्कर, राजस्थान में स्थित है। यह मंदिर ब्रह्मा जी के सबसे प्रसिद्ध और महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक माना जाता है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस तरह यह पौराणिक कथा केवल एक धार्मिक प्रसंग ही नहीं, बल्कि मर्यादा, संयम और धर्म के महत्व का संदेश भी देती है।
शीतला अष्टमी 2026 कल: भूलकर भी न करें ये गलतियां, मां शीतला की कृपा से मिलती है रोगों से रक्षा

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में चैत्र माह की शीतला अष्टमी का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व माना जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से मां शीतला की पूजा के लिए समर्पित होता है जिन्हें रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। साल 2026 में शीतला अष्टमी का पर्व 11 मार्च बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु मां शीतला की पूजा अर्चना कर परिवार के स्वास्थ्य सुख और रोगों से मुक्ति की कामना करते हैं। मान्यता है कि मौसम बदलने के समय कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है ऐसे में मां शीतला की पूजा करने से परिवार को रोगों से सुरक्षा और आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है। शीतला अष्टमी से एक दिन पहले शीतला सप्तमी मनाई जाती है। इस दिन घरों में अलग अलग प्रकार के पकवान बनाए जाते हैं। परंपरा के अनुसार दाल भात पूरी दही लस्सी और हरी सब्जियां जैसे कई व्यंजन तैयार किए जाते हैं। खास बात यह है कि इन सभी पकवानों को अगले दिन यानी शीतला अष्टमी के दिन ठंडा और बासी रूप में खाया जाता है। इस दिन घर में चूल्हा या गैस नहीं जलाया जाता। धार्मिक मान्यता के अनुसार ठंडा और बासी भोजन मां शीतला को प्रिय होता है और इससे शरीर को ठंडक भी मिलती है। इसलिए अष्टमी के दिन सबसे पहले इन व्यंजनों का भोग मां शीतला को लगाया जाता है और उसके बाद परिवार के लोग प्रसाद के रूप में इसे ग्रहण करते हैं। शीतला अष्टमी के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना भी जरूरी माना गया है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और उसके बाद मां शीतला के मंदिर जाकर दर्शन करने चाहिए। पूजा के दौरान मां शीतला को हल्दी दही और बाजरे का भोग लगाया जाता है। कई स्थानों पर नीम के पत्तों का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नीम स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है और यह कई रोगों से बचाने में सहायक होता है। इसलिए पूजा के दौरान नीम की पत्तियां चढ़ाने की भी परंपरा है। धार्मिक दृष्टि से यह पर्व केवल पूजा अर्चना तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमें स्वास्थ्य और स्वच्छता का संदेश भी देता है। मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन आखिरी बार बासी भोजन किया जाता है और इसके बाद लंबे समय तक बासी भोजन करने से बचना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिक समय तक बासी भोजन करने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यह पर्व हमें मौसम बदलने के समय साफ सफाई संतुलित भोजन और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सीख भी देता है। इसके अलावा शीतला अष्टमी के दिन घर में पूजा करने के साथ साथ शीतला माता के मंदिर जाकर दर्शन करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। कई जगहों पर इस दिन भगवान शिव की पूजा करने का भी विधान बताया गया है। मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई पूजा से मां शीतला प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को रोगों से रक्षा का आशीर्वाद देती हैं। यही कारण है कि देश के कई हिस्सों में यह पर्व बड़ी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।