Daily Horoscope Libra: आज तुला राशि वालों को मिलेगा कार्यस्थल पर सहयोग, लेकिन वाणी पर रखें नियंत्रण

नई दिल्ली। 24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) का दिन तुला राशि के जातकों के लिए कई मामलों में राहत और सुधार लेकर आ सकता है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति संकेत दे रही है कि लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। सुबह से ही मन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी, जिससे दिन की शुरुआत बेहतर तरीके से होगी। स्वास्थ्य में सुधार, लेकिन लापरवाही से बचेंइस दिन तुला राशि वालों के स्वास्थ्य में सुधार के योग बन रहे हैं। जो लोग लंबे समय से किसी छोटी-बड़ी बीमारी या थकान से परेशान थे, उन्हें राहत महसूस हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खानपान और दिनचर्या में लापरवाही न करें। मौसम के बदलाव का असर शरीर पर पड़ सकता है, इसलिए संतुलित आहार और पर्याप्त आराम जरूरी रहेगा। परिवार में मिलेगा सहयोग और अपनापनपरिवार के मामलों में यह दिन काफी अच्छा रहने वाला है। घर के सदस्यों के बीच आपसी सहयोग और समझ बढ़ेगी। किसी पुराने मतभेद का समाधान भी निकल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की ओर से सहयोग मिलने से मानसिक तनाव कम होगा और घर का माहौल शांत और सकारात्मक रहेगा। प्रेम जीवन में मिल सकता है सुखद सरप्राइजतुला राशि के जातकों के लिए प्रेम जीवन में भी सकारात्मक संकेत हैं। पार्टनर की ओर से कोई रोमांटिक सरप्राइज या खुशखबरी मिल सकती है, जिससे रिश्तों में नजदीकियां बढ़ेंगी। अविवाहित लोगों के लिए भी किसी खास व्यक्ति से मुलाकात के योग बन रहे हैं, जो भविष्य में रिश्ते का रूप ले सकती है। करियर में वरिष्ठों का समर्थन, लेकिन वाणी पर संयम जरूरीकार्यस्थल पर दिन सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे रुके हुए कार्यों में गति आ सकती है। हालांकि, इस दौरान वाणी पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी होगा। अधिक बोलने या किसी विवाद में पड़ने से स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए सोच-समझकर प्रतिक्रिया देना बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार, लेकिन सतर्कता जरूरीआर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं और कोई रुका हुआ धन प्राप्त हो सकता है। लेकिन पुरानी संपत्ति या निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि नुकसान की संभावना बनी हुई है। किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय से पहले सलाह लेना उचित रहेगा।
संतोषी माता व्रत कथा: शुक्रवार को करें संतोषी माता व्रत, जानें पूरी कथा

नई दिल्ली । शुक्रवार का दिन देवी संतोषी माता को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और नियमपूर्वक शुक्रवार का व्रत करते हैं तथा व्रत कथा का श्रवण या पठन करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस व्रत में विशेष रूप से गुड़ और चने का भोग लगाया जाता है और मन, वचन व कर्म से शुद्धता का पालन किया जाता है। सात बेटों वाली मां और सबसे छोटे बेटे की कहानी की शुरुआतपौराणिक कथा के अनुसार एक गांव में एक वृद्ध महिला रहती थी, जिसके सात पुत्र थे। छह पुत्र मेहनती और कमाने वाले थे, जबकि सबसे छोटा पुत्र बेरोजगार और निकम्मा था। मां हमेशा छह बेटों का जूठा भोजन सातवें पुत्र को दे देती थी। यह देखकर पत्नी ने पति को सच्चाई दिखाने की सलाह दी।एक दिन त्योहार पर घर में विशेष भोजन बना। छोटे बेटे ने छुपकर देखा कि मां सभी बेटों को प्रेम से भोजन करा रही है, लेकिन अंत में जूठा बचाकर उसी को देती है। यह देखकर वह दुखी होकर परदेश चला जाता है। परदेश में संघर्ष और सफलतापरदेश में वह एक साहूकार के यहां नौकरी करने लगता है। अपनी मेहनत, ईमानदारी और समझदारी से वह कुछ ही समय में व्यापारी का भरोसेमंद बन जाता है और धीरे-धीरे एक बड़ा सेठ बन जाता है। भाग्य उसके साथ बदलने लगता है। पत्नी का संघर्ष और संतोषी माता का व्रतदूसरी ओर उसकी पत्नी घर में अत्याचार सहती रहती है। एक दिन जंगल में उसे कुछ महिलाएं संतोषी माता का व्रत करती दिखती हैं। वे उसे व्रत की विधि बताती हैं कि श्रद्धा से गुड़-चना लेकर शुक्रवार का व्रत करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।पत्नी श्रद्धा से व्रत शुरू करती है और संतोषी माता से अपने पति की वापसी की प्रार्थना करती है। माता की कृपा से बदल गया भाग्यसंतोषी माता उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसके पति को स्वप्न में मार्गदर्शन देती हैं। धीरे-धीरे उसका व्यापार बढ़ता है और वह अपने गांव लौट आता है। दोनों पति-पत्नी का पुनर्मिलन होता है और घर में सुख-समृद्धि आ जाती है। व्रत भंग और माता का कोपकथा में आगे बताया गया है कि पत्नी जब व्रत का उद्यापन करती है तो कुछ बच्चों की शरारत के कारण खटाई खिलाई जाती है, जिससे व्रत भंग हो जाता है और कष्ट वापस आ जाते हैं। बाद में वह फिर से माता से क्षमा मांगती है और विधिपूर्वक व्रत पूरा करती है। अंत में सुख-समृद्धि की प्राप्तिसंतोषी माता उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे एक सुंदर पुत्र का आशीर्वाद देती हैं। घर में सुख, शांति और समृद्धि लौट आती है।
aaj Ka Rashifal 24 April 2026: मेष से मीन तक जानें आज का पूरा भविष्यफल

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल हर राशि के जीवन पर असर डालती है। 24 अप्रैल 2026 का दिन कुछ लोगों के लिए सफलता और लाभ लेकर आएगा, तो कुछ को सतर्क रहने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मेष से मीन तक का विस्तृत राशिफल। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए यह दिन निर्णय क्षमता को मजबूत करने वाला रहेगा। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन सफलता के लिए विनम्रता और ईमानदारी जरूरी होगी। पार्टनर के साथ समय बिताना संबंधों को बेहतर बनाएगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें। वृषभ राशिवृषभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। रिश्तों में स्थिरता आएगी और खुशियां बढ़ेंगी। किसी बाहरी हस्तक्षेप से बचें और अपने फैसले खुद लें। मिथुन राशिआर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। नए प्रोजेक्ट पर काम करने का अच्छा समय है। प्रेम संबंधों में संवाद बेहतर होगा। कर्क राशिपरिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। आय के नए स्रोतों पर विचार कर सकते हैं। प्रेम जीवन मजबूत रहेगा। सिंह राशिजीवन में बड़े बदलाव के संकेत हैं। वित्तीय योजनाओं में सोच-समझकर कदम उठाएं। आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कन्या राशिकरियर और आय में उतार-चढ़ाव संभव है। वैवाहिक जीवन में गलतफहमियां हो सकती हैं। यह दिन आत्मविश्लेषण के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। तुला राशिपरिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा। करियर पर ध्यान देने की जरूरत है, वरना अवसर हाथ से निकल सकते हैं। वृश्चिक राशिकाम में असंतुलन की स्थिति बन सकती है, लेकिन नए प्रोजेक्ट की संभावना भी है। धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा। धनु राशिफिलहाल बड़ी जिम्मेदारी लेने से बचें। पार्टनर के साथ समय बिताना फायदेमंद रहेगा। मकर राशिसंबंधों में विश्वास और समझ बढ़ाने की जरूरत है। विवाह संबंधी निर्णय अभी टालना बेहतर रहेगा। कुंभ राशिआध्यात्मिकता की ओर रुझान बढ़ेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और प्रेम संबंध मधुर रहेंगे। मीन राशिप्रतिष्ठा को लेकर सतर्क रहें। करियर और आर्थिक स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है।
बद्रीनाथ धाम के अद्भुत रहस्य, 6 महीने बंद रहने के बाद भी जलती मिलती है अखंड ज्योति..

देहरादून । बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 की सुबह 6 बजे खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही अगले छह महीनों तक श्रद्धालु भगवान बद्रीनाथ के दर्शन कर सकेंगे और इस पवित्र स्थल के दिव्य वातावरण में आध्यात्मिक शांति का अनुभव करेंगे। इसी मौके पर बद्रीनाथ धाम से जुड़े कुछ ऐसे रहस्य और मान्यताएं चर्चा में हैं, जिनका वैज्ञानिक प्रमाण भले ही न हो, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था में इनका विशेष स्थान है। 6 महीने बंद रहने के बाद भी जलती रहती है अखंड ज्योतिमान्यता के अनुसार, शीतकाल में मंदिर के कपाट बंद करने से पहले यहां एक बड़ा घी का दीपक जलाया जाता है, जिसे अखंड ज्योति कहा जाता है। आश्चर्य की बात यह है कि छह महीने बाद जब मंदिर के कपाट फिर खोले जाते हैं, तो यह दीपक जलता हुआ मिलता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दौरान देवतागण स्वयं इस ज्योति की रक्षा करते हैं। मंदिर खुलने पर सबसे पहले इसी दिव्य ज्योति के दर्शन कराए जाते हैं, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। कुत्ते नहीं भौंकते और माहौल रहता है शांतस्थानीय मान्यताओं के अनुसार बद्रीनाथ धाम में कुत्तों का भौंकना नहीं सुना जाता। इसे मंदिर के आध्यात्मिक और शांत वातावरण से जोड़ा जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह स्थान इतना पवित्र और दिव्य है कि यहां हर जीव शांत व्यवहार करता है। सांप-बिच्छुओं को लेकर अनोखी मान्यताधार्मिक कथाओं और लोक मान्यताओं में कहा जाता है कि बद्रीनाथ क्षेत्र में पाए जाने वाले सांप और बिच्छू विषहीन होते हैं। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने यहां नर-नारायण स्वरूप में तप किया था, जिससे यह भूमि अत्यंत पवित्र और शांत मानी जाती है। इसी कारण यहां के जीव-जंतु किसी को हानि नहीं पहुंचाते। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसका कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन यह क्षेत्र की आध्यात्मिक छवि को और गहरा बनाता है। आस्था और आध्यात्म का संगमबद्रीनाथ धाम से जुड़ी ये मान्यताएं भले ही लोक आस्था और परंपराओं पर आधारित हों, लेकिन यह स्थान सदियों से श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इस दिव्य धाम की अलौकिक अनुभूति को महसूस करते हैं।
गुरुवार पूजा विधि: सही तरीके से करें आराधना, विष्णु की कृपा से पूरी अपेक्षित मनोकामनाएं

नई दिल्ली। गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है, कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं। गुरुवार पूजा की सही विधिगुरुवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। स्नान के पानी में हल्दी मिलाना शुभ माना जाता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।इसके बाद पूजा का संकल्प लें और पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें। एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।भगवान विष्णु को जल अर्पित करें और हल्दी या केसर से तिलक लगाएं। घी का दीपक जलाकर पीले फूल और पीले अक्षत (हल्दी से रंगे चावल) अर्पित करें। भोग और पूजा सामग्रीभगवान विष्णु को चने की दाल, गुड़, केला और पीली मिठाई का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह भोग समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। गुरुवार व्रत कथा और मंत्र जापपूजा के दौरान गुरुवार व्रत कथा का पाठ अवश्य करें। इसके बाद भगवान विष्णु की आरती करें और मंत्रों का जाप करें। प्रमुख मंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॐ विष्णवे नमः ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात् ॐ बृं बृहस्पतये नमः इन मंत्रों के जाप से मानसिक शांति और ग्रह दोषों में कमी आती है। गुरुवार को क्या करें और क्या नहींगुरुवार के दिन कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है: करें–केले के पेड़ की पूजा करेंपीले वस्त्र, हल्दी और चने की दाल का दान करेंव्रत रखें और सकारात्मक विचार रखें न करेंबाल और नाखून न काटेंकपड़े न धोएंघर में पोछा लगाने से बचेंव्रत के दौरान नमक का सेवन न करें गुरुवार के दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में स्थिरता, सुख-समृद्धि और शुभ फल प्राप्त होते हैं। यह व्रत विशेष रूप से विवाह में बाधा, आर्थिक समस्या और ग्रह दोष दूर करने में सहायक माना जाता है।
Sai Baba Puja: गुरुवार को क्यों माना जाता है सबसे शुभ दिन, जानिए Sai Baba of Shirdi की पूजा विधि

नई दिल्ली। शिरडी के साईं बाबा भारत के सबसे पूजनीय संतों में से एक माने जाते हैं, जिन्होंने जीवनभर “सबका मालिक एक” का संदेश देकर प्रेम, करुणा और एकता का प्रचार किया। उनकी शिक्षाएं आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं के जीवन का आधार हैं। साईं बाबा की पूजा के लिए गुरुवार का दिन विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन आध्यात्मिक गुरु बृहस्पति देव से जुड़ा है, जिन्हें ज्ञान, धर्म और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार को साईं बाबा की पूजा क्यों होती है विशेषगुरुवार का संबंध देवताओं के गुरु बृहस्पति से माना जाता है, जो ज्ञान, विवेक और आध्यात्मिक शक्ति के कारक ग्रह हैं। साईं बाबा को भी एक आध्यात्मिक गुरु के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने समाज को सत्य, सेवा और प्रेम का मार्ग दिखाया। इसलिए गुरुवार को साईं बाबा की पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। शिरडी में गुरुवार का विशेष महत्वमहाराष्ट्र के शिरडी में हर गुरुवार को साईं बाबा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन भव्य पालकी यात्रा भी निकाली जाती है, जो द्वारकामाई से साईं समाधि मंदिर तक जाती है। इस शोभायात्रा में हजारों भक्त शामिल होते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और फूलों से सजी पालकी में बाबा की मूर्ति का स्वागत करते हैं। यह आयोजन साईं भक्ति और श्रद्धा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। घर पर कैसे करें साईं बाबा की पूजागुरुवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ या हल्के पीले रंग के वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को साफ कर साईं बाबा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।इसके बाद दीपक जलाएं और बाबा को फूल अर्पित करें। पीले या सफेद फूल सबसे शुभ माने जाते हैं। भोग के रूप में सात्विक भोजन जैसे खिचड़ी, खीर, हलवा, फल या बेसन के लड्डू अर्पित किए जा सकते हैं।पूजा के दौरान श्रद्धा के साथ “ॐ साईं राम” मंत्र का जाप करें और साईं चालीसा का पाठ करें। इससे मन शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साईं बाबा की शिक्षाएं और उनका महत्वसाईं बाबा ने हमेशा सभी धर्मों को समान माना और लोगों को जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानवता की सेवा करने का संदेश दिया। उनका प्रसिद्ध संदेश “सबका मालिक एक” आज भी एकता और भाईचारे का प्रतीक है। यही कारण है कि देश-दुनिया में उनके लाखों मंदिर स्थापित हैं और भक्तों की आस्था दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। गुरुवार के दिन साईं बाबा की पूजा करने से आध्यात्मिक शांति, सकारात्मक सोच और जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। यह दिन गुरु तत्व से जुड़ा होने के कारण विशेष फलदायी माना जाता है, जिससे भक्तों की आस्था और विश्वास और भी मजबूत होता है।
23 अप्रैल राशिफल: किस राशि के लिए रहेगा शुभ दिन और किसे रहना होगा सावधान, पढ़ें डेली भविष्यफल

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल का सीधा प्रभाव 12 राशियों पर पड़ता है। 23 अप्रैल 2026, गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विष्णु पूजा करने से सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बनते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर कुछ राशियों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ रहेगा, जबकि कुछ को सतर्क रहने की जरूरत होगी। मेष राशि (Aries)आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक मामलों में सुधार होगा। हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। वृषभ राशि (Taurus)नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं जो भविष्य में लाभ देंगी। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। रिश्तों में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन जल्दबाजी से निर्णय न लें। मिथुन राशि (Gemini)आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। किसी भी निवेश से पहले सोच-विचार करें। प्रेम संबंधों में पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। कार्यस्थल पर मेहनत का पूरा फल मिलेगा। कर्क राशि (Cancer)आज का दिन शुभ संकेत लेकर आया है। वरिष्ठों से प्रशंसा मिलेगी और धन लाभ के योग बन रहे हैं। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बीतेगा। सिंह राशि (Leo)आर्थिक स्थिति मजबूत होगी लेकिन स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। कन्या राशि (Virgo)नए प्रोजेक्ट शुरू करने का सही समय है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखें। तुला राशि (Libra)सामाजिक और पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वित्तीय मामलों में सोच-समझकर निर्णय लें। वृश्चिक राशि (Scorpio)रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। विवाह के योग बन सकते हैं। मानसिक शांति बनी रहेगी। धनु राशि (Sagittarius)खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। स्वास्थ्य में हल्की समस्या हो सकती है। करियर में चुनौतियों के बावजूद सफलता मिलेगी। मकर राशि (Capricorn)स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कुंभ राशि (Aquarius)आर्थिक फैसलों में सतर्क रहें। कार्यस्थल पर मेहनत रंग लाएगी। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। मीन राशि (Pisces)व्यक्तिगत विकास के लिए अच्छा दिन है। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी लेकिन वरिष्ठों से बहस से बचें। 23 अप्रैल 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर में उन्नति लेकर आएगा, जबकि कुछ को स्वास्थ्य और खर्चों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। विष्णु पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होने की संभावना बढ़ती है।
आज का राशिफल 22 अप्रैल 2026, रवि योग और स्कंद षष्ठी का विशेष संयोग, कई राशियों को लाभ के संकेत

नई दिल्ली। 22 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है क्योंकि आज रवि योग और स्कंद षष्ठी का संयोग बन रहा है। इस योग के प्रभाव से कई राशियों के लिए प्रगति और अवसरों के संकेत मिल रहे हैं, वहीं कुछ राशियों को अपने निर्णयों और व्यवहार में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। चंद्रमा का मिथुन राशि में गोचर आज विचारों, संवाद और निर्णय क्षमता को प्रभावित करेगा, जिससे कई लोगों के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं। मेष, वृषभ, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन विशेष रूप से अनुकूल रहने की संभावना है। इन राशियों के लोगों को करियर में प्रगति, आर्थिक लाभ और रुके हुए कार्यों में सफलता मिल सकती है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नए अवसरों का लाभ उठाने का मौका मिलेगा। पारिवारिक और सामाजिक स्तर पर भी सहयोग और सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है। वहीं कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु और मकर राशि के लोगों को आज सतर्क रहने की जरूरत है। इन राशियों के जातकों को अनावश्यक खर्च, निर्णयों में भ्रम और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले सोच-विचार करना आवश्यक होगा। कार्यक्षेत्र में भी संयम और धैर्य बनाए रखना फायदेमंद रहेगा। कर्क, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला प्रभाव लेकर आ सकता है। इन राशियों के जातकों को मेहनत के अनुरूप परिणाम मिल सकते हैं, लेकिन इसके लिए धैर्य और संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। पारिवारिक मामलों में सहयोग मिलेगा, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। आज का दिन करियर के लिहाज से कई लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जहां कुछ लोगों को नई जिम्मेदारियां और अवसर मिल सकते हैं, वहीं कुछ को कार्यक्षेत्र में अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत पड़ेगी। आर्थिक मामलों में भी संतुलन बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि जहां लाभ के योग बन रहे हैं, वहीं अनावश्यक खर्च बढ़ने की भी संभावना है। प्रेम संबंधों के संदर्भ में आज का दिन भावनात्मक रूप से सक्रिय रहेगा। कुछ राशियों के लिए संबंधों में मजबूती आएगी, जबकि कुछ को संवाद में स्पष्टता बनाए रखने की जरूरत होगी ताकि गलतफहमियों से बचा जा सके। पारिवारिक जीवन में सहयोग और समझदारी बनाए रखना दिन को बेहतर बना सकता है। स्वास्थ्य के मामले में सामान्य सावधानी बरतने की आवश्यकता है। बदलते मौसम और कार्यभार के कारण थकान, सिरदर्द या हल्की शारीरिक समस्याएं सामने आ सकती हैं। नियमित दिनचर्या और संतुलित आहार अपनाना लाभकारी रहेगा।
बुधवार मंत्र: भगवान गणेश के इन मंत्रों के जाप से आएगी बरकत, बनकर रहेंगे काम

नई दिल्ली। गणेश भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए बुधवार का दिन बहुत ही खास माना गया है। आज के दिन जातक गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय करते हैं उनका व्रत रखते हैं उनके मंत्रों का उच्चारण करते हैं। ताकि उनकी कृपा उनके घर परिवार पर बनी रहे। कहां जाता है कि बुधवार के दिन अगर आप अपने घर पर ही परिवार के साथ गणेश भगवान की आरती करते हैं उनको प्रसाद चढ़ाते हैं। तो आपके घर में सकारात्मक बनी रहती है और हर समस्या धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। पूजा विधिभगवान की पूजा करने के लिए आप सुबह प्रातः काल उठे और स्नान करके भगवान की मंदिर के पास एक चौकी रखें। उसे पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान की मूर्ति की स्थापना करें। अगर आपके घर के मंदिर में भगवान पहले से ही है तो आप वहीं पर उनकी पूजा कर सकते हैं। पूजा करने के लिए आप अच्छा हल्दी दुर्वा का उपयोग करें और भगवान को भोग में बेसन अथवा मोदक के लड्डू चढ़ाएं। इन मंत्रों का करें जापॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा’ ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश। ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति. करो दूर क्लेश ।। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गण्पत्ये वर वरदे नमः ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डा धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात” गणपूज्यो वक्रतुण्ड एकदंष्ट्री त्रियम्बकः । नीलग्रीवो लम्बोदरो विकटो विघ्रराजक :।। धूम्रवर्णों भालचन्द्रो दशमस्तु विनायकः। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन आपको उनके अच्छे से पूजा अर्चना करनी चाहिए। साथ ही उन्हें मोदक का लड्डू आवश्यक चढ़ाना चाहिए। इसके अलावा आप उन्हें दूर्वा और सुपाड़ी भी चढ़ाएं। इससे प्रश्न होकर भगवान आपके परिवार में सुख समृद्धि बनाए रखते हैं और आपको भी मनचाहा वरदान देते हैं। इसके अलावा आपकी ऊपर आ रही सारी विघ्न को भी हर लेते हैं।
गंगा सप्तमी पर बनेगा गजकेसरी राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, जानें क्या करें और क्या न करें

नई दिल्ली । गंगा सप्तमी का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस दिन मां गंगा की पूजा और गंगा स्नान से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इसी दिन राजा भागीरथ के तप से प्रसन्न होकर मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से होते हुए पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस वर्ष गंगा सप्तमी 23 अप्रैल 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्वधार्मिक ग्रंथों के अनुसार वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर आगमन हुआ था, इसलिए इस तिथि को गंगा सप्तमी कहा जाता है। इस दिन गंगा स्नान और पूजा का विशेष महत्व माना गया है, जिससे पापों का नाश और आत्मिक शुद्धि होती है। गंगा सप्तमी पर बनेगा गजकेसरी राजयोगइस वर्ष गंगा सप्तमी के दिन एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। चंद्रमा अपनी ही राशि कर्क में गोचर करते हुए गजकेसरी राजयोग का निर्माण करेंगे। यह योग आर्थिक उन्नति, मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। इन 4 राशियों को मिलेगा विशेष लाभइस राजयोग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है-मेष राशि: भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी, करियर में सफलता मिलेगी और धन लाभ के योग बनेंगे।कर्क राशि: चंद्रमा अपनी ही राशि में रहकर इस योग को और मजबूत करेंगे। इससे आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी।कन्या राशि: धन लाभ के अवसर बन सकते हैं और कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना रहेगी।वृश्चिक राशि: निर्णय क्षमता मजबूत होगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा और जीवन में सकारात्मकता आएगी। गंगा सप्तमी पर किन बातों का रखें ध्यान– गंगा स्नान के दौरान नदी या घाट पर गंदगी न फैलाएं, इससे पूजा का पुण्य कम हो सकता है।– इस दिन मन और शरीर दोनों की शुद्धि पर ध्यान दें। क्रोध, अपशब्द और नकारात्मक विचारों से दूर रहें।– गंगा स्नान को केवल औपचारिकता न बनाएं, बल्कि श्रद्धा और सच्चे भाव से पूजा करें।– गंगा जल का उपयोग सम्मानपूर्वक और सही स्थान पर ही करें।– दान-पुण्य अवश्य करें, क्योंकि इसके बिना गंगा स्नान का पूर्ण फल प्राप्त नहीं माना जाता। गंगा सप्तमी का यह दिन आध्यात्मिक शुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर माना जाता है, खासकर जब इस दिन गजकेसरी राजयोग जैसा शुभ संयोग भी बन रहा हो।