मई में धार्मिक पर्वों की भरमार, बुद्ध पूर्णिमा से गंगा दशहरा तक जाने पूरी व्रत-त्योहार सूची

नई दिल्ली । साल 2026 का मई महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है। इस महीने कई प्रमुख व्रत और त्योहार मनाए जाएंगे। खास बात यह है कि लगभग तीन साल में एक बार आने वाला अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) भी मई से शुरू हो रहा है। महीने की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा से होगी, जबकि आगे शनि जयंती, वट सावित्री व्रत और गंगा दशहरा जैसे महत्वपूर्ण पर्व पड़ेंगे। इसके साथ ही ग्रहों के गोचर के कारण यह महीना ज्योतिषीय रूप से भी विशेष माना जा रहा है। मई 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार1 मई 2026, शुक्रवार – कूर्म जयंती, बुद्ध पूर्णिमा, चण्डिका जयंती, चित्रा पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा2 मई 2026, शनिवार – नारद जयंती, ज्येष्ठ माह का आरंभ5 मई 2026, मंगलवार – एकदंत संकष्टी9 मई 2026, शनिवार – कालाष्टमी, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी12 मई 2026, मंगलवार – तेलुगु हनुमान जयंती13 मई 2026, बुधवार – कृष्ण परशुराम द्वादशी, अपरा एकादशी14 मई 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत15 मई 2026, शुक्रवार – वृषभ संक्रांति, मासिक शिवरात्रि मध्य माह में बड़े पर्वों की श्रृंखला16 मई 2026, शनिवार – वट सावित्री व्रत, शनि जयंती, मासिक कार्तिगाई, दर्श अमावस्या, ज्येष्ठ अमावस्या17 मई 2026, रविवार – अधिक चंद्र दर्शन18 मई 2026, सोमवार – रोहिणी व्रत20 मई 2026, बुधवार – वरदा चतुर्थी21 मई 2026, गुरुवार – अधिक स्कंद षष्ठी23 मई 2026, शनिवार – अधिक मासिक दुर्गाष्टमी महीने के अंत में प्रमुख तिथियां25 मई 2026, सोमवार – गंगा दशहरा27 मई 2026, बुधवार – अधिक रामलक्ष्मण द्वादशी, पद्मिनी एकादशी28 मई 2026, गुरुवार – गुरु प्रदोष व्रत30 मई 2026, शनिवार – अधिक पूर्णिमा व्रत31 मई 2026, रविवार – ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा मई 2026 के प्रमुख ग्रह गोचर6 मई – यम ग्रह वक्री होंगे7 मई – बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर8 मई – शुक्र का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर11 मई – मंगल का मेष राशि में गोचर, सूर्य का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर13 मई – बुध का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर14 मई – शुक्र का मिथुन राशि में गोचर15 मई – बुध वृषभ राशि में गोचर, सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश (वृषभ संक्रांति), शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर19 मई – बुध का रोहिणी नक्षत्र में गोचर25 मई – बुध का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर29 मई – मंगल का भरणी नक्षत्र में गोचर, बुध का मिथुन राशि में गोचर31 मई – शुक्र का पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर अधिकमास का समयपंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिकमास 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा। यह ज्येष्ठ मास में पड़ रहा है, जिसके कारण इस बार जेठ का महीना 60 दिनों का रहेगा।
Aaj Ka Rashifal 22 April: मेष से मीन तक सभी राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें पूरा भविष्यफल

नई दिल्ली। 22 अप्रैल का दिन सभी 12 राशियों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। कहीं सेहत और खर्चों को लेकर सावधानी की जरूरत है तो कहीं नौकरी और लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। आइए जानते हैं सभी राशियों का दैनिक राशिफल- मेष राशिमेष राशि वालों को आज सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, जिससे बजट बिगड़ सकता है। व्यापारियों को लाभ मिलेगा, लेकिन कार्यभार अधिक रहेगा और सफलता के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी। वृषभ राशिवृषभ राशि के जातकों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में लाभ की संभावना बनेगी। मिथुन राशिआज मेहनत का पूरा फल मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। हालांकि दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचना बेहतर रहेगा। वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहेंगी। कर्क राशिदिन की शुरुआत में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है और परिवार में मतभेद की स्थिति बन सकती है। सिंह राशिकुछ लोगों को प्रमोशन मिल सकता है, लेकिन गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है। खर्च बढ़ने की भी संभावना है। कन्या राशिआज आत्म-देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। काम में सफलता के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ेगी और दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। तुला राशिगुस्से और वाणी पर नियंत्रण रखें। दिन के अंत में लाभ मिलने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। वृश्चिक राशिशारीरिक और मानसिक तनाव संभव है, लेकिन किस्मत साथ दे सकती है। रुके हुए काम पूरे होंगे और सफलता मिल सकती है। धनु राशिदिन मिश्रित परिणाम देने वाला रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है और शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना होगा। मकर राशिनौकरीपेशा लोगों को गॉसिप से बचना चाहिए। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और प्रतियोगी छात्रों के लिए शाम का समय शुभ है। कुंभ राशिकिसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात संभव है। प्रेम जीवन अच्छा रहेगा, लेकिन किसी भी काम में लापरवाही से बचें। मीन राशिआज बड़े खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे आर्थिक बजट प्रभावित हो सकता है। सोच-समझकर धन और समय का प्रबंधन करें।
21 April 2026 Prediction : मूलांक 1 से 9 तक का 21 अप्रैल 2026 अंक राशिफल, जानें मंगलवार का पूरा भविष्यफल

21 April 2026 Prediction :नई दिल्ली। 21 अप्रैल 2026 का दिन मंगलवार है और अंक ज्योतिष के अनुसार इस दिन का मूलांक 8 बनता है, जिसका संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। शनि का प्रभाव जीवन में कर्म, अनुशासन और परिणामों को प्रमुख रूप से प्रभावित करता है। इसी आधार पर मूलांक 1 से 9 तक के लोगों के लिए यह दिन अलग-अलग तरह के संकेत लेकर आया है, जो उनके कार्य, संबंध और जीवन की दिशा पर असर डाल सकते हैं। मूलांक 1 के जातकों के लिए यह दिन नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने वाला रहेगा। आप अपने निर्णयों में आत्मविश्वास महसूस करेंगे और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि जल्दबाजी से बचना आवश्यक होगा क्योंकि धैर्य ही सफलता का मार्ग खोलेगा। मूलांक 2 के लोगों के लिए यह दिन भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा और छोटी बातों को अनदेखा करना बेहतर रहेगा। मूलांक 3 के लिए यह दिन काफी अनुकूल संकेत दे रहा है। आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि होगी और आपके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह समय शुभ माना जा सकता है। मूलांक 4 के जातकों के लिए दिन कुछ चुनौतियों से भरा हो सकता है। कार्यों में रुकावट या देरी संभव है, लेकिन धैर्य और निरंतर प्रयास से स्थिति को संभाला जा सकता है। मूलांक 5 के लिए यह दिन नए अवसरों और संपर्कों का संकेत दे रहा है। यात्रा या संवाद के माध्यम से लाभ मिल सकता है और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना भी बन सकती है। मूलांक 6 के जातकों के लिए दिन प्रेम और सामंजस्य से जुड़ा रहेगा। पारिवारिक जीवन में संतुलन बना रहेगा और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। मूलांक 7 के लिए यह दिन आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यों की गति थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन यह समय योजना और सोच-विचार के लिए उपयोगी रहेगा। मूलांक 8 के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसका संबंध शनि ग्रह से है। मेहनत और कर्म का फल मिलने की संभावना बढ़ेगी, लेकिन जिम्मेदारियां भी अधिक हो सकती हैं। मूलांक 9 के लिए दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। कार्यों में तेजी आएगी और आप अपने लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम रहेंगे, लेकिन क्रोध और जल्दबाजी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।
Hindu Calendar : 22 अप्रैल का पंचांग स्कंद षष्ठी पर रवि योग और विजय मुहूर्त का विशेष संयोग जानिए शुभ और अशुभ समय

Hindu Calendar : नई दिल्ली: धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 22 अप्रैल का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन स्कंद षष्ठी का पावन पर्व मनाया जा रहा है यह पर्व भगवान कार्तिकेय को समर्पित होता है जिन्हें भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र के रूप में पूजा जाता है इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं और सुख समृद्धि की कामना करते हैं पंचांग के अनुसार यह दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ रहा है जो रात 10 बजकर 49 मिनट तक प्रभावी रहेगी इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी सूर्योदय सुबह 5 बजकर 49 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 51 मिनट पर निर्धारित है वहीं आर्द्रा नक्षत्र रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा जिसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र का आरंभ होगा इस दिन का सबसे खास पहलू रवि योग का निर्माण है जो सुबह 5 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगा ज्योतिष के अनुसार यह योग शुभ कार्यों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जाता है हालांकि इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं बन रहा है लेकिन विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 22 मिनट तक रहेगा जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य की सफलता के लिए उपयुक्त माना जाता है इसके अलावा अमृत काल दोपहर 12 बजकर 57 मिनट से 2 बजकर 26 मिनट तक रहेगा जो अत्यंत शुभ समय माना जाता है दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी जो सुबह 4 बजकर 21 मिनट से 5 बजकर 5 मिनट तक रहेगा यह समय पूजा और ध्यान के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है वहीं शाम को गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगा जो धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल माना जाता है अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा इस दौरान किसी भी नए या महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है इसके अलावा यमगंड काल सुबह 7 बजकर 27 मिनट से 9 बजकर 4 मिनट तक रहेगा और गुलिक काल सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा दुर्मुहूर्त का समय दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा जिसे अशुभ माना जाता है इसके साथ ही वर्ज्य काल सुबह 7 बजकर 45 मिनट से 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा इस दौरान भी शुभ कार्यों से परहेज करना उचित माना जाता है ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सही मुहूर्त का चयन जीवन में सकारात्मक परिणाम लाने में सहायक होता है 22 अप्रैल का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है जहां एक ओर स्कंद षष्ठी का व्रत और पूजा का विशेष महत्व है वहीं दूसरी ओर शुभ योगों का संयोग इसे और भी खास बनाता है ऐसे में श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे दिन के शुभ और अशुभ समय का ध्यान रखते हुए अपने कार्यों की योजना बनाएं ताकि उन्हें बेहतर फल प्राप्त हो सके
ब्रह्मा जी के आंसुओं से बना दिव्य फूल: ब्रह्म ऊर्जा और धन का स्रोत, जानें सही दिशा और नियम

नई दिल्ली। कल्पना कीजिए एक ऐसे फूल की, जो साल में सिर्फ एक बार खिले, वह भी आधी रात को… और सुबह होते ही मुरझा जाए। यही अद्भुत विशेषता ब्रह्म कमल को सामान्य फूलों से अलग बनाती है। हिमालय की ऊंचाइयों में पाया जाने वाला यह दुर्लभ पुष्प न केवल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता भी बहुत गहरी है। मान्यता है कि यह फूल घर में हो तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण पवित्र बना रहता है। आस्था और पौराणिक महत्व से जुड़ा फूलधार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान ब्रह्मा का संबंध कमल से है और इसी कारण ब्रह्म कमल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह फूल भगवान शिव, भगवान विष्णु और नंदा देवी को भी प्रिय बताया गया है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में इसे प्रसाद के रूप में अर्पित किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि ब्रह्म कमल के दर्शन मात्र से व्यक्ति की एक मनोकामना अवश्य पूरी होती है। यही वजह है कि इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। घर में ब्रह्म कमल लगाने के चमत्कारी लाभब्रह्म कमल को घर में लगाना आसान नहीं होता, लेकिन जहां यह स्थापित हो जाता है, वहां कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। घर का वातावरण शुद्ध और शांत रहता हैनकारात्मक ऊर्जा दूर होती हैमानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती हैपरिवार में सामंजस्य और आध्यात्मिक उन्नति होती हैधन और समृद्धि के योग मजबूत होते हैंधार्मिक मान्यता के अनुसार यह फूल चंद्र ऊर्जा से जुड़ा होता है, जिससे घर के लोगों का मन शांत और संतुलित रहता है। वास्तु और ज्योतिष के अनुसार महत्ववास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म कमल को सही दिशा में रखने से घर में सुख-समृद्धि आती है। ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना गया है। यहां रखने से घर की नकारात्मकता खत्म होती है और धन के रास्ते खुलते हैं।ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह फूल बेहद खास है। माना जाता है कि इसके घर में होने से ग्रह दोष, खासकर चंद्र और शनि से जुड़े दोष कम होते हैं और जीवन में उन्नति के मार्ग प्रशस्त होते हैं। ब्रह्म कमल लगाने की सही दिशा और नियमब्रह्म कमल की ऊर्जा का पूरा लाभ लेने के लिए इसे सही स्थान पर लगाना जरूरी है— घर का केंद्र (ब्रह्म स्थान) सबसे उत्तम माना गया है उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना शुभ होता है पूजा घर या ध्यान स्थल के पास रखना लाभकारी हैपूर्व दिशा में लगाने से नए अवसर और सफलता मिलती है वहीं, इसे दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बाधाएं और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। देखभाल से जुड़े जरूरी नियमब्रह्म कमल ठंडे और छायादार वातावरण में ही पनपता हैतेज धूप से इसे बचाना चाहिएपौधे को साफ-सुथरी जगह पर रखेंनियमित रूप से हल्का पानी देना जरूरी है
21 अप्रैल का राशिफल: ग्रह-नक्षत्रों की चाल बदलेगी कई राशियों का भाग्य..

नई दिल्ली। 21 अप्रैल का दिन मंगलवार है और हिंदू धर्म में मंगलवार का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि यह दिन भगवान हनुमान को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से भय, रोग और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर इस दिन कुछ राशियों के लिए समय बेहद अनुकूल रहेगा, जबकि कुछ को सतर्कता और धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं सभी राशियों का दिन कैसा रहने वाला है। मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन व्यस्तता से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन आप उन्हें संभालने में सक्षम रहेंगे। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी और सेहत को लेकर सावधानी बरतना जरूरी रहेगा। वृषभ राशि के लोगों के लिए यह दिन संयम और धैर्य रखने का है। परिस्थितियां धीरे-धीरे आपके पक्ष में होंगी, इसलिए किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचना बेहतर रहेगा और रिश्तों में संवाद बनाए रखना आवश्यक होगा। मिथुन राशि के लिए दिन सकारात्मक संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं और सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। हालांकि खर्चों में वृद्धि संभव है, इसलिए बजट पर ध्यान देना जरूरी रहेगा। दिन के अंत में कोई शुभ समाचार मिलने की संभावना है। कर्क राशि के जातकों को परिवार से जुड़े मामलों पर ध्यान देना होगा। भावनाओं के बजाय व्यवहारिक सोच अपनाना लाभकारी रहेगा। कार्य में एकाग्रता बनाए रखने से सफलता मिलेगी और मानसिक तनाव से बचने के लिए अनावश्यक सोच से दूरी बनाए रखें। सिंह राशि के लिए यह दिन आत्मविश्वास से भरा रहेगा। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। हालांकि गुस्से पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। दिन के अंत में आराम और स्वास्थ्य पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा। कन्या राशि के लिए काम का दबाव थोड़ा अधिक रह सकता है, लेकिन आप स्थिति को संभाल लेंगे। पुराने रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और आर्थिक स्थिति संतुलित बनी रहेगी। दिनचर्या में सुधार लाने से लाभ मिलेगा। तुला राशि के लिए यह दिन सामान्य रहेगा। रोजमर्रा के कार्य आसानी से पूरे होंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है और अनावश्यक विचारों से दूरी बनाए रखना बेहतर रहेगा। संतुलित जीवनशैली अपनाना लाभकारी रहेगा। वृश्चिक राशि के लिए धैर्य रखना जरूरी होगा। कार्य धीमी गति से आगे बढ़ सकते हैं लेकिन परिवार का सहयोग मिलेगा। कोई भी निर्णय सोच-समझकर लें और मानसिक तनाव से बचने के लिए खुद को समय दें। धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन प्रगति का संकेत दे रहा है। कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है और परिवार का सहयोग भी मिलेगा। नए लोगों से संपर्क लाभकारी हो सकता है। स्वास्थ्य और खानपान पर ध्यान देना जरूरी रहेगा। मकर राशि के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है, लेकिन धीरे-धीरे सुधार दिखाई देगा। विवादों से दूर रहना बेहतर होगा और आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी रहेगी। शाम तक स्थिति में सुधार संभव है। कुंभ राशि के लिए यह दिन सीखने और आगे बढ़ने का अवसर लेकर आ सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा और किसी नई योजना पर विचार हो सकता है। खर्चों को नियंत्रित रखना आवश्यक रहेगा। मीन राशि के लिए यह दिन रचनात्मक कार्यों के लिए शुभ रहेगा। नए विचार लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं और दोस्तों के साथ समय अच्छा बीतेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खानपान में सावधानी जरूरी होगी। KeywordsRashifal 21 April, Horoscope Today, Tuesday Astrology, Hanuman Puja, Daily Horoscope 21 अप्रैल का दिन ग्रह-नक्षत्रों के अनुसार मिश्रित प्रभाव लेकर आया है, जहां कुछ राशियों के लिए अवसर हैं तो कुछ के लिए सतर्कता आवश्यक है। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
somvar vrat : भोलेनाथ को प्रसन्न करने का सरल उपाय, सोमवार व्रत के फायदे और जरूरी नियम जान लें

somvar vrat : नई दिल्ली । हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दिन रखा गया व्रत विशेष फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और विधि विधान से सोमवार का व्रत करता है उस पर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख समृद्धि के द्वार खुलते हैं। यह व्रत केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का भी स्रोत माना जाता है। सोमवार व्रत रखने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चाहे नौकरी में सफलता की इच्छा हो या व्यापार में वृद्धि की कामना इस व्रत को करने से साधक को सकारात्मक परिणाम मिलने लगते हैं। इसके अलावा अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति और शीघ्र विवाह के लिए भी यह व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा विशेष विधि से करनी चाहिए। इस दिन सुबह स्नान के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए और चंदन अक्षत दूध गंगाजल तथा तिल मिलाकर अभिषेक करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति प्राप्त होती है। कहा जाता है कि सूर्योदय के समय शिवलिंग पर गन्ने के रस से अभिषेक करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस दिन गरीबों को भोजन कराना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी बेहद शुभ माना गया है। शिव मंदिर में रुद्राक्ष दान करना भी भगवान शिव को प्रसन्न करने का एक प्रभावी उपाय माना जाता है। Bijroni Shanti Dham Fire : शिवपुरी में आग लगने से झुलसे 80 से ज़्यादा पेड़, स्मृति में लगाए थे पौधे जहां एक ओर सोमवार व्रत के कुछ विशेष नियम हैं वहीं कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है। इस दिन तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए और किसी भी प्रकार का झगड़ा या विवाद नहीं करना चाहिए। शांति और संयम का पालन करना इस व्रत की सफलता के लिए आवश्यक माना जाता है। मान्यता यह भी है कि सोमवार के दिन शक्कर का उपयोग नहीं करना चाहिए और सफेद वस्त्र या दूध का दान करने से बचना चाहिए। इसके अलावा इस दिन पूर्व उत्तर या आग्नेय दिशा में यात्रा करना भी शुभ नहीं माना जाता। भगवान शिव को पीले रंग की मिठाई का भोग नहीं लगाना चाहिए और किसी का अपमान करने से भी बचना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सोमवार व्रत करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है जिससे मानसिक तनाव और चिंता में कमी आती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो मानसिक परेशानियों या अस्थिरता से जूझ रहे हैं। सावन महीने में सोमवार व्रत का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इस दौरान किया गया व्रत और पूजा कई गुना अधिक फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि इस समय भगवान शिव अपने भक्तों की हर मनोकामना शीघ्र पूरी करते हैं। इस प्रकार सोमवार व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि जीवन में संतुलन शांति और सफलता प्राप्त करने का एक सरल और प्रभावी माध्यम भी है। यदि इसे सही नियमों के साथ किया जाए तो इसके परिणाम अत्यंत सकारात्मक और लाभकारी हो सकते हैं।
Hindu Tradition : पूजा घर में शंख रखने के सही नियम, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

Hindu Tradition : Hindu Tradition : नई दिल्ली । हिंदू धर्म में शंख को अत्यंत पवित्र और शुभ प्रतीक माना गया है। पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों में शंख का उपयोग सदियों से किया जाता रहा है। इसे केवल एक धार्मिक वस्तु ही नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत भी माना जाता है, जिसकी ध्वनि वातावरण को शुद्ध करने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सक्षम बताई जाती है। हालांकि शंख को घर के मंदिर में रखना जितना शुभ माना गया है, उतना ही जरूरी है इसके नियमों का पालन करना। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शंख रखने की सही दिशा और विधि का विशेष महत्व है। यदि इन नियमों की अनदेखी की जाए तो इसके विपरीत प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। शंख को घर के मंदिर में हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखना सबसे शुभ माना जाता है। इस दिशा को सबसे पवित्र माना गया है क्योंकि यहां देवी-देवताओं का वास होता है और भगवान विष्णु की कृपा भी इसी दिशा से जुड़ी मानी जाती है। इस स्थान पर शंख रखने से घर में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। वहीं वास्तु शास्त्र के अनुसार शंख को कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि इस दिशा में शंख रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है, जिससे परिवार की प्रगति और समृद्धि पर असर पड़ सकता है। इसलिए शंख की सही दिशा का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा शंख की स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अक्सर लोग शंख को मंदिर में रखकर उसकी सफाई पर ध्यान नहीं देते, जबकि शास्त्रों में इसे अत्यंत आवश्यक बताया गया है। शंख को नियमित रूप से साफ करना चाहिए और सप्ताह में कम से कम एक बार गंगाजल से इसे शुद्ध करना शुभ माना जाता है। यदि गंगाजल उपलब्ध न हो तो साफ पानी का उपयोग भी किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शंख की ध्वनि से वातावरण की नकारात्मकता समाप्त होती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। जब भी शंख बजाया जाता है तो उसकी तरंगें घर के वातावरण को शुद्ध करती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ाती हैं। नियमित रूप से शंख का उपयोग करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख, समृद्धि तथा खुशहाली आती है। यही कारण है कि शंख को केवल पूजा सामग्री नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत माना गया है, जिसका सही उपयोग जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
Ganesh Chaturthi : वैशाख विनायक चतुर्थी 2026: आज गणेश पूजा का शुभ संयोग, बनेंगे सुख-समृद्धि के योग

Ganesh Chaturthi : Ganesh Chaturthi : Ganesh Chaturthi : नई दिल्ली। आज 20 अप्रैल 2026 को वैशाख माह की विनायक चतुर्थी का पावन व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हर माह शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी तिथि पर भक्त गणपति बप्पा की पूजा कर जीवन के कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। वैशाख मास की यह विनायक चतुर्थी विशेष रूप से फलदायी मानी गई है क्योंकि इस दिन शोभन योग का भी शुभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शोभन योग में की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस योग में भगवान गणेश की विधिवत आराधना करने से जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और स्थिरता के योग बनते हैं। साथ ही यह माना जाता है कि इस दिन की गई पूजा से सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं और रुके हुए कार्य भी पूरे होने लगते हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार विनायक चतुर्थी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है जिन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से सभी प्रकार की बाधाएं समाप्त हो जाती हैं और बुद्धि, विवेक, मान-सम्मान तथा समृद्धि में वृद्धि होती है। digital payments India : UPI और दक्षिण कोरियाई पेमेंट सिस्टम के बीच ऐतिहासिक करार, लेन-देन होगा अब और भी आसान! ऐसा भी माना जाता है कि जो लोग लगातार असफलताओं का सामना कर रहे होते हैं उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। गणपति की कृपा से जीवन में नई दिशा और सफलता के मार्ग खुलते हैं। घर-परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनता है और मांगलिक कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। विनायक चतुर्थी की पूजा विधि भी अत्यंत सरल मानी गई है। इस दिन प्रातः स्नान कर घर के मंदिर को स्वच्छ कर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। लाल वस्त्र बिछाकर गणपति को विराजमान किया जाता है और गंगाजल से संकल्प लेकर पूजा प्रारंभ की जाती है। इसके बाद भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, लड्डू और पुष्प अर्पित किए जाते हैं। धूप-दीप जलाकर विधिवत आराधना की जाती है और गणेश मंत्रों का जाप तथा गणेश चालीसा का पाठ किया जाता है। शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाता है जिसे पारण कहा जाता है। इस पूरी विधि से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल लेकर आती है। कुल मिलाकर विनायक चतुर्थी का यह पावन अवसर भक्तों के लिए भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ समय माना जाता है।
Vastu Tips : तुलसी पूजन से बदल सकती है किस्मत, जानें धन-समृद्धि पाने के खास धार्मिक उपाय

Vastu Tips : नई दिल्ली। सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और दिव्य माना गया है। इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा जाता है और मान्यता है कि जिस घर में तुलसी का नियमित रूप से पूजन किया जाता है वहां सुख शांति और समृद्धि का वास होता है। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार तुलसी का संबंध केवल आस्था से ही नहीं बल्कि व्यक्ति की किस्मत और जीवन की सकारात्मक ऊर्जा से भी जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है। विशेष रूप से तुलसी में कच्चा दूध अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है। यह उपाय व्यक्ति के जीवन में आर्थिक स्थिरता और समृद्धि लाने में सहायक माना जाता है। हालांकि इसके लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। Bijroni Shanti Dham Fire : शिवपुरी में आग लगने से झुलसे 80 से ज़्यादा पेड़, स्मृति में लगाए थे पौधे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुलसी में दूध चढ़ाने के लिए गुरुवार का दिन सबसे शुभ माना गया है। इस दिन सुबह स्नान के बाद एक पात्र में जल लेकर उसमें कुछ बूंदें कच्चा दूध मिलाकर तुलसी की जड़ में अर्पित किया जाता है। इस दौरान श्रद्धा के साथ मंत्र का जाप करना भी आवश्यक बताया गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक परेशानियों में कमी आती है। विशेष रूप से जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर होता है उनके लिए यह उपाय अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसके अलावा यदि घर में तनाव या अशांति का वातावरण रहता है तो गुरुवार के दिन तुलसी पर दूध अर्पित करने से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। Bank Heist news : सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार हालांकि कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार एकादशी और ग्रहण के दिन तुलसी पर जल या दूध अर्पित नहीं करना चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि सीधे दूध तुलसी पर नहीं डाला जाए बल्कि उसे जल में मिलाकर ही अर्पित किया जाए अन्यथा पौधे को नुकसान पहुंच सकता है। तुलसी केवल एक पौधा नहीं बल्कि आस्था ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती है। नियमित पूजा और सही विधि से किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति और आर्थिक उन्नति का मार्ग खोलते हैं। यही कारण है कि भारतीय परंपरा में तुलसी को घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना गया है।