ग्रहण और होली का अद्वितीय संगम: चंद्र ग्रहण के दिन पानी से होली खेलने पर प्रतिबंध

नई दिल्ली। इस वर्ष, फाल्गुन पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण एक ही दिन पड़ रहे हैं। 3 मार्च को एक ग्रस्त उदित चंद्र ग्रहण रहेगा, जो दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:47 बजे तक होगा। इस ग्रहण का प्रभाव विशेष रूप से 6:47 बजे तक रहेगा, जब धुलेंडी (होली) का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल प्रातः 6:47 बजे से शुरू होगा, जो ग्रहण के समाप्त होने तक असर दिखाएगा। पानी से होली खेलने की मनाहीचंद्रमा को जल का कारक माना जाता है, इसलिए इस वर्ष ग्रहण के दौरान पानी से होली खेलना वर्जित है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जल का उपयोग करने से मानसिक अशांति और नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। अत: इस बार गुलाल से ही होली खेलना शुभ रहेगा, जबकि पानी से होली खेलना टालना चाहिए। गैर निकाले जा सकेंगे, लेकिन…ग्रहण के दिन गैर (पारंपरिक लोकनृत्य) निकालने की परंपरा भी जारी रहेगी, लेकिन यह सिर्फ सूखा और गुलाल का ही इस्तेमाल करके किया जाएगा। उज्जैन और राज्य के अन्य हिस्सों में यह परंपरा बनाये रखने की मान्यता है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डिब्बेवाला के अनुसार, परंपरागत गैर निकाले जाने से कोई दोष नहीं लगता, बशर्ते यह एक प्रहर (लगभग तीन घंटे) के भीतर किया जाए। भद्राकाल में होगा होलिका दहन2 मार्च की रात को होलिका दहन होगा, लेकिन इस बार भद्राकाल (शाम 5:55 से रात 4:28 तक) के प्रभाव में यह किया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि प्रदोष काल में होलिका पूजन सबसे श्रेष्ठ होगा, साथ ही इस समय दान-पुण्य भी किए जा सकते हैं, जो इस दिन की महिमा को बढ़ाते हैं। ग्रहण और सूतक काल का समयसूतक काल: ग्रहण से 12 घंटे पहले शुरू होता है, यानी सुबह 6:47 बजे से। ग्रहण का समय: 3:19 बजे से 6:47 बजे तक। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है और मंदिरों के पट बंद रखे जाते हैं। राशियों पर ग्रहण का प्रभावग्रहण का राशियों पर भी खास असर होगा: मेष: अनुकूल रहेगा, मित्रों से सहायता मिलेगी। वृषभ: प्रयास बढ़ाने होंगे, विशेष ध्यान दें। मिथुन: वाणी और क्रोध पर संयम जरूरी। कर्क: जलीय राशि होने के कारण लाभ की संभावना। सिंह: कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर से पहले सावधानी बरतें। कन्या: नई नौकरी और व्यापार में अवसर मिल सकते हैं। तुला: विशेष व्यक्ति से सहयोग मिलेगा। वृश्चिक: भूमि भवन से जुड़ा कोई काम हो सकता है। धनु: नए कार्यों की शुरुआत संभव। मकर और कुम्भ: न्यायिक दृष्टि से अनुकूल समय। मीन: धार्मिक कार्यों में सफलता मिलेगी। सूतक काल में क्या करें और क्या न करें?भोजन: 6:30 बजे से 9:30 बजे तक बुजुर्ग और मरीज भोजन कर सकते हैं। पूजा-अर्चना: ग्रहण के दौरान संयम रखकर भजन-पूजन करें। विशेष रूप से ग्रहण के समय और सूतक काल में ध्यान रखें कि कोई भी शुभ कार्य न करें। इस वर्ष के ग्रहण और होली का समय परंपरा और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बहुत ही विशेष है। जल से होली न खेलने का कारण यह भी है कि इस दिन चंद्रमा को जल का कारक माना जाता है, और इससे कुछ नकारात्मक असर हो सकता है। इस बार सिर्फ गुलाल से होली खेलना ही शुभ रहेगा।
22 फरवरी का राशिफल : जानिए कैसे रहेगा आपका दिन, इन राशि के जातकों को रहना होगा सतर्क

नई दिल्ली । रविवार, 22 फरवरी 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए नई संभावनाएं और अवसर लेकर आएगा, तो कुछ राशियों को सतर्क रहने की जरूरत होगी। जानिए करियर, व्यापार, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में आपका दिन कैसा रहेगा। मेष राशि आज आपके दिन की शुरुआत सकारात्मक होगी। बच्चों के लिए दिन अच्छा रहेगा। किसी नज़दीकी रिश्तेदार से लंबी बातचीत हो सकती है। भविष्य के लिए नई योजनाओं पर काम करने के मौके मिलेंगे। घर पर धार्मिक आयोजन करने का मन बन सकता है। इंटरव्यू देने वालों के लिए सफलता के योग हैं। जीवनसाथी की छोटी गलतियों को माफ करने से संबंध बेहतर होंगे।भाग्यशाली अंक: 9 | भाग्यशाली रंग: लालउपाय: हनुमान चालीसा पढ़ें और बंदरों को गुड़-चना खिलाएं। वृषभ राशि दिन की शुरुआत अनुकूल रहेगी। बिजनेस ट्रिप पर जाने से पहले घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लें, काम सफल होगा। जीवनसाथी को तरक्की का अवसर मिलेगा। बिजनेस में फायदा संभव है। जूनियर्स आपसे नई चीजें सीखने की कोशिश करेंगे। तली-भुनी चीजों से परहेज करें। भाग्यशाली अंक: 6 | भाग्यशाली रंग: सफेदउपाय: छोटी कन्याओं को मिश्री या सफेद मिठाई खिलाएं। मिथुन राशि आज का दिन नई ऊर्जा और उमंग लेकर आएगा। आगे बढ़ने के लिए नई योजनाएं बनाएं। अपना और जीवनसाथी का स्वास्थ्य ध्यान में रखें। कुछ विरोधी काम में बाधा डाल सकते हैं, लेकिन आपका पॉजिटिव दृष्टिकोण मदद करेगा। महिलाओं को बिजनेस में परिवार का समर्थन मिलेगा। भाग्यशाली अंक: 5 | भाग्यशाली रंग: हराउपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। कर्क राशि खुशियों भरा दिन रहेगा। बिजनेस में लाभ मिलेगा। नया बिजनेस शुरू करने से पहले मार्केट एनालिसिस करें। छात्रों के लिए दिन ठीक-ठाक रहेगा। शत्रुओं से सतर्क रहें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। हाउसवाइव्स के लिए पार्ट-टाइम जॉब के योग बन रहे हैं। भाग्यशाली अंक: 2 | भाग्यशाली रंग: दूधिया सफेद/चांदीउपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें। सिंह राशि दिन की शुरुआत खुशियों से होगी। शाम को किसी बर्थडे पार्टी में शामिल हो सकते हैं। स्टूडेंट्स के लिए दिन अच्छा रहेगा। क्रिएटिव फील्ड मजबूत रहेगी। बिल्डर्स को नए कॉन्ट्रैक्ट से मुनाफा होगा। घर को सजाने का मौका मिलेगा और सुख-समृद्धि बनी रहेगी। भाग्यशाली अंक: 1 | भाग्यशाली रंग: नारंगी/सुनहराउपाय: उगते सूर्य को तांबे के लोटे से जल अर्पित करें। कन्या राशि दिन अनुकूल रहेगा। काम में सहयोग मिलेगा। करियर में अचानक बदलाव और धन लाभ के योग हैं। वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा। माता का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। करीबी रिश्तेदार शादी के मामलों पर बात कर सकते हैं। भाग्यशाली अंक: 5 | भाग्यशाली रंग: गहरा हराउपाय: पक्षियों को दाना और गाय को हरा चारा खिलाएं।तुला राशि दिन सामान्य रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। माता-पिता का सहयोग मिलेगा। बच्चों की सफलता में खुशी मिलेगी। सोशल नेटवर्क मजबूत रहेगा। समय निकालकर ईश्वर की पूजा करें। महिलाएं घर के काम में व्यस्त रहेंगी। भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: पीलाउपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।वृश्चिक राशि जीवन में नया बदलाव आएगा। दोस्तों के घर डिनर का मौका मिलेगा। व्यापारी वर्ग को लाभ मिलेगा। स्टूडेंट्स के लिए दिन बेहतर रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम समय पर पूरा होगा और तनाव कम रहेगा। भाग्यशाली अंक: 7 | भाग्यशाली रंग: गुलाबीउपाय: जरूरतमंदों को सफेद वस्त्र या भोजन का दान करें। धनु राशि दिन शानदार रहेगा। भागदौड़ वाले काम होंगे। नई तकनीकों का सहारा मिलेगा। सेल्समैन को क्लाइंट से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ बाहर घूमने का समय मिलेगा। बच्चों के लिए डांस क्लास और शिक्षा क्षेत्र में व्यस्तता होगी। भाग्यशाली अंक: 8 | भाग्यशाली रंग: महरूनउपाय: पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। मकर राशि उत्साह भरा दिन। विवाहित लोग धार्मिक स्थल जा सकते हैं। बिजनेस में धन लाभ होगा। मूर्ति व्यापारियों को प्रोजेक्ट मिलेगा। राइटर्स नई कहानी लिख सकते हैं। पारिवारिक माहौल खुशनुमा रहेगा। भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: पीलाउपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। कुंभ राशि दिन मिला-जुला रहेगा। मंदिर दर्शन और दोस्तों के साथ शॉपिंग का समय मिलेगा। इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए दिन अनुकूल है। प्रतियोगिता की तैयारी में शिक्षकों का पूरा सहयोग मिलेगा। तनाव कम करने के लिए शांत जगह पर जाएं। भाग्यशाली अंक: 8 | भाग्यशाली रंग: काला/आसमानीउपाय: गरीब व्यक्ति को भोजन कराएं और हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। मीन राशि लाभदायक दिन। काम समय पर पूरा होगा। जीवनसाथी के साथ लंच या आउटिंग का अवसर मिलेगा। राजनीति में मान-सम्मान बढ़ेगा। नौकरी की तलाश वाले लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आत्मनिर्भर निर्णय लाभकारी होंगे। भाग्यशाली अंक: 3 | भाग्यशाली रंग: सुनहरा/पीलाउपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें और चने की दाल का दान करें। Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य मान्यताओं और स्रोतों पर आधारित है। हम किसी भी तथ्य, मान्यता या सलाह की पुष्टि नहीं करते हैं।
चंद्र ग्रहण 2026 से बचकर रहें 3 राशि के लोग, फंस सकते हैं किसी बड़ी मुसीबत में

नई दिल्ली । भारत में चंद्र ग्रहण कब लगेगा 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण होने जा रहा है। ये चंद्र ग्रहण बहुत ही खास रहेगा क्योंकि ये भारत में भी दिखाई देगा। ये चंद्र ग्रहण दोपहर 3 बजकर 23 मिनिट से शुरू होगा जो शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक रहेगा। इस चंद्र ग्रहण का असर सभी राशि के लोगों पर होगा, मगर 3 राशि वाले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे। इन 3 राशि वालों को इस समय अधिक सावधानी बरतनी होगी नहीं तो यो किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। आगे जानिए कौन-सी हैं ये 3 राशियां… कर्क राशि वालों की बढ़ेगी परेशान 3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण कर्क राशि वालों की परेशानियां बढ़ा सकता है। नौकरी-बिजनेस से जुड़ी कोई बुरी खबर इन्हें सुनने को मिलेगी। ना चाहते हुए भी कुछ काम करने पड़ सकते हैं। इस समय इन्हें किसी भी तरह की यात्रा पर जाने से बचना चाहिए नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। मानसिक तनाव के कारण कोई गलत फैसला भी ये लोग ले सकते हैं। पैसों की तंगी बनी रहेगी। परिवार में किसी बात को लेकर बड़ा विवाद हो सकता है। सिंह राशि वाले सावधान 3 मार्च को होने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि में ही होगा, इसलिए इन्हें सबसे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। ये लोग दूसरों की बातों में आकर कोई गलत निर्णय ले सकते हैं या फिर इनका किसी से विवाद भी संभव है। इस समय इन्हें अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना होगा वरना कुछ गलत हो सकता है। संतान से जुड़ी कोई बात इन्हें मानसिक स्तर पर तोड़ सकती है। नौकरी-बिजनेस की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं कही जा सकती। मीन राशि वालों को मिलेगी बुरी खबर इस राशि के लोगों के लिए भी चंद्र ग्रहण बहुत खराब फल देने वाला रहेगा। ये किसी बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं और कोई बुरी खबर इनकी टेंशन बढ़ा सकती है। अगर कोई लोन लिया है तो उसे चुकाने में परेशानी आएगी। कर्ज लेने वाले आपको अपमानित कर सकते हैं। सेहत का भी खास ध्यान रखें, पुराने रोग फिर से उभर सकते हैं। सुसराल पक्ष में किसी से विवाद की स्थिति बनेगी।
सितारों की चाल: इस हफ्ते शुक्र और गुरु बनाएंगे बिगड़े काम, जानें आपकी लव लाइफ के लिए क्या कहते हैं सितारे!

नई दिल्ली। मेषAries :इस सप्ताह आपके प्रेम जीवन में गजब का उत्साह रहेगा। अगर आप सिंगल हैं, तो किसी खास से बात शुरू हो सकती है, लेकिन भावनाओं में बहकर जल्दबाजी न करें। सप्ताह के मध्य में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें, वरना छोटी सी गलतफहमी विवाद बन सकती है। वीकेंड डिनर या छोटी यात्रा के लिए बेहतरीन है। वृषTaurusआपके लिए यह सप्ताह स्थिरता और मधुरता लेकर आया है। रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा और विवाह योग्य जातकों की बात आगे बढ़ सकती है। जिद से बचें, विशेषकर वैवाहिक जीवन में। सप्ताह के अंत में पार्टनर की ओर से कोई सुखद सरप्राइज मिल सकता है। मिथुनGeminiसंवादCommunication ही इस हफ्ते आपके रिश्ते की जान है। पार्टनर से खुलकर बात करें ताकि पुराने भ्रम दूर हों। सोशल मीडिया के जरिए सिंगल लोगों को नया साथी मिल सकता है। जल्दबाजी में वादे न करें, पारदर्शिता बनाए रखें। कर्कCancerभावनात्मक गहराई वाला सप्ताह है। पार्टनर की जरूरतों को समझने से रिश्ता और गहरा होगा। सिंगल लोगों को परिवार की ओर से कोई अच्छा रिश्ता मिल सकता है। पुरानी कड़वी यादों को वर्तमान पर हावी न होने दें। सप्ताहांत साथ बिताने के लिए शुभ है। सिंहLeoआपका आकर्षण इस हफ्ते चरम पर रहेगा। आप अपने व्यक्तित्व से पार्टनर का दिल जीत लेंगे। हालांकि, अपने ‘ईगो’ या प्रभुत्व जमाने की कोशिश से बचें, वरना टकराव हो सकता है। साथी की सराहना करना आपके रिश्ते में गर्माहट लाएगा। कन्याVirgoरिश्तों में व्यवहारिकता की परीक्षा होगी। छोटी-मोटी नोकझोंक संभव है, लेकिन समझदारी से मामला सुलझ जाएगा। कार्यस्थल पर कोई आपको आकर्षित कर सकता है। ज्यादा विश्लेषणOver-analysis करने से बचें और भावनाओं को संतुलित रखें। तुलाLibraप्रेम में संतुलन बनाए रखना इस हफ्ते की प्राथमिकता होनी चाहिए। अगर मन में कोई शिकायत है, तो शांति से चर्चा करें। सप्ताहांत काफी रोमांटिक रहने वाला है। अपेक्षाएं कम रखें तो ज्यादा सुखी रहेंगे। आपसी सहयोग से नई ऊर्जा आएगी। वृश्चिकScorpioभावनाओं की तीव्रता अधिक रहेगी। पार्टनर के साथ दिल की बात साझा करने का यह सही समय है। सिंगल लोगों को अचानक किसी के प्रति आकर्षण महसूस हो सकता है। शक करने की आदत से बचें, ईमानदारी और पारदर्शिता ही रिश्ते को बचाएगी। धनुSagittariusआप अपनी आजादी और प्रेम के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश करेंगे। यात्रा के दौरान किसी दिलचस्प व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। समय की कमी पार्टनर की शिकायत का कारण बन सकती है। स्पष्ट संवाद और सकारात्मक सोच से रिश्ते में ताजगी रहेगी। मकरCapricornयह सप्ताह गंभीर फैसलों का है। पार्टनर के साथ भविष्य या शादी की योजना बना सकते हैं। काम का बोझ प्रेम जीवन पर भारी पड़ सकता है, इसलिए साथी को महत्व देना न भूलें। सप्ताहांत में रिश्तों में स्थिरता आएगी। कुंभAquariusरिश्ते में कुछ नया और रचनात्मक करने की सोचेंगे। किसी पुराने दोस्त के प्रति प्रेम की भावना जाग सकती है। मध्य सप्ताह में थोड़ी भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है, जिसे खुले संवाद से दूर किया जा सकता है। विश्वास बनाए रखें। मीनPiscesमीन राशि वालों के लिए यह सप्ताह सबसे ज्यादा रोमांटिक रहने वाला है। पुरानी दोस्ती प्यार में बदल सकती है। कल्पनाओं की दुनिया से बाहर निकलें और हकीकत में भावनाएं व्यक्त करें। सप्ताहांत में कोई बड़ा प्रस्ताव या सरप्राइज आपकी खुशी बढ़ा सकता है।
Aamlaki Ekadashi 2026: नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास है आमलकी एकादशी? जानें महत्व और लाभ

नई दिल्ली । आमलकी एकादशी हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी जिसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं का अपना एक अलग ही आकर्षण है. यह दिन न केवल भगवान विष्णु को समर्पित है, बल्कि नवविवाहित महिलाओं के लिए यह सौभाग्य और खुशहाल वैवाहिक जीवन का द्वार खोलने वाला माना जाता है. आमलकी एकादशी शुभ मुहूर्त 2026 पंचांग के अनुसार, इस वर्ष आमलकी एकादशी की तिथि और समय कुछ इस प्रकार है.नवविवाहित महिलाओं के लिए क्यों है खास? मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे. इसलिए इसे रंगभरी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. नवविवाहित महिलाओं के लिए यह काफी व्रत खास माना जाता है.जो महिलाएं शादी के बाद शुरुआती सालों में यह व्रत करती हैं, उन्हें माता पार्वती और भगवान विष्णु का आशीर्वाद मिलता है, जिससे वैवाहिक जीवन में प्रेम बना रहता है. आमलकी एकादशी का व्रत रखने से घर में सुख-शांति आती है और संतान प्राप्ति की राह आसान होती है. स्वास्थ्य का वरदान: आमलकी का अर्थ है आंवला. आयुर्वेद और धर्म दोनों में आंवले को अमृत माना गया है. इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से महिलाओं को आरोग्य और शारीरिक शक्ति मिलती है. इस दिन क्या करें? आमलकी एकादशी पर कुछ विशेष कार्यों को करने से व्रत का फल दोगुना हो जाता है. आंवले के पेड़ की पूजा: इस दिन आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की पूजा करें. पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें और परिक्रमा करें.आंवले का दान और सेवन: इस दिन आंवले का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही, प्रसाद के रूप में आंवले का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए भी उत्तम है. रंग और गुलाल: चूंकि इसे रंगभरी एकादशी भी कहते हैं, इसलिए भगवान विष्णु और शिव-पार्वती को गुलाल अर्पित करें.पौराणिक महत्व: शास्त्रों के अनुसार, आंवले का वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है क्योंकि इसकी उत्पत्ति विष्णु जी के आंसुओं से हुई थी. इसलिए इस दिन आंवले की पूजा सीधे श्रीहरि की पूजा मानी जाती है. आमलकी एकादशी के लाभ पापों से मुक्ति: अनजाने में हुई गलतियों और पापों के प्रभाव को कम करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ व्रत है.मोक्ष की प्राप्ति: एकादशी का व्रत करने वाले साधक को आखिर में वैकुंठ धाम की प्राप्ति होती हैआर्थिक उन्नति: शुक्रवार के दिन एकादशी पड़ने से लक्ष्मी-नारायण योग बनता है, जो धन और ऐश्वर्य में वृद्धि करता है.
MP CELEBRATION NEWS: 52वाँ अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह आज से, 7 दिन शास्त्रीय शैलियों के नृत्य एवं संवाद का होगा समागम

MP CELEBRATION NEWS: खजुराहो। विश्वविख्यात मंदिर की पृष्ठभूमि में आयोजित होने वाला 52वां अंतर्राष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह इस वर्ष भी भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध शैलियों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। इस 7 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव में देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। समारोह में भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मणिपुरी और मोहिनीअट्टम जैसी प्रमुख शास्त्रीय शैलियों की प्रस्तुति दी जाएगी। प्राचीन मंदिरों की भव्यता और प्रकाश सज्जा के बीच कलाकारों की अभिव्यक्ति भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत करेगी। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और कलारसिक शामिल होंगे। यह समारोह न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की वैश्विक पहचान को भी सशक्त करता है। संस्कृति विभाग की उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी द्वारा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, नागपुर एवं जिला प्रशासन – छतरपुर के सहयोग से ‘52वाँ खजुराहो नृत्य समारोह’ 20 से 26 फरवरी, 2026 तक मंदिर परिसर, खजुराहो में आयोजित किया जा रहा है। इस 7 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आयोजन में देश के सुप्रतिष्ठित एवं उदीयमान नर्तक – नृत्यांगनाएं अपनी साधनारत प्रस्तुतियों से भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविध परम्पराओं को मंच पर साकार करेंगी। साथ ही इस समारोह को सांस्कृतिक समागम बनाने की दृष्टि से विविध कला विधाओं से सम्बंधित गतिविधियों को आयोजित किया जा रहा है, ताकि यह समारोह भव्य और स्मरणीय बन सके। ‘नटराज’ थीम : नृत्य, लय और सृजन का प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन अनुसार इस वर्ष खजुराहो नृत्य समारोह को शास्त्रीय नृत्य की प्रेरणा और आधार ‘नटराज’ की थीम पर केंद्रित किया गया है। यह थीम भारतीय दर्शन, सृजन और लयबद्ध जीवन दृष्टि का प्रतीक है, जो समारोह को एक गहन आध्यात्मिक आयाम प्रदान करेगा। पद्म पुरस्कार प्राप्त, संगीत नाटक अकादमी सम्मानित एवं राष्ट्रीय – राज्य स्तरीय अलंकरणों से विभूषित कलाकारों के साथ उदीयमान प्रतिभाओं को समान मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे नृत्य की गुरु – शिष्य परम्परा और निरंतर एवं सुदृढ़ हो सके। समारोह में कथक की 6, भरतनाट्यम की 4, ओडिसी की 5, मणिपुरी की 2, कथकली की 1, कुचिपुड़ी की 2, मोहिनीअट्टम की 1, सत्रिया की 1 एवं छाऊ नृत्य की 1 प्रस्तुतियाँ होगी। 52वें खजुराहो नृत्य समारोह में प्रथम बार सांस्कृतिक रैली में विभिन्न विधाओं एवं परंपराओं के नृत्य कलाकार खजुराहो के विभिन्न मार्गों से होते हुए मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे। महोत्सव में देश के 10 से 16 वर्ष आयु वर्ग के युवा शास्त्रीय नृत्य कलाकारों को सहभागिता के लिए एक राष्ट्रीय मंच “राष्ट्रीय बाल नृत्य महोत्सव – 2026” प्रदान किया जा रहा है। प्रस्तुति देने के लिए वरिष्ठ कला गुरुओं द्वारा 31 नृत्य कलाकारों का चयन किया गया है। पर्यटकों और संस्कृति प्रेमियों के लिए खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान आनुषंगिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। इसमें खजुराहो कार्निवाल, ‘नटराज’ प्रदर्शनी में 50 नृत्यरूपों का प्रदर्शन, लयशाला : नृत्य शैलियों के श्रेष्ठ गुरुओं एवं शिष्यों का संगम, कलावार्ता : कलाविदों एवं कलाकारों के मध्य संवाद, आर्ट – मार्ट : चित्रकला प्रदर्शनी, सृजन : पारम्परिक शिल्प निर्माण तकनीक का प्रदर्शन, हुनर : पारम्परिक शिल्पों का प्रदर्शन सह विक्रय और स्वाद : देशज व्यंजन प्रमुख आकर्ष होंगे। खजुराहो पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक एवं लोकप्रिय स्थल है। खजुराहो नृत्य समारोह के दौरान मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से विशेष गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। विगत वर्षों में भी पर्यटन गतिविधियों ने पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया है। इस वर्ष विशेष रूप से घुमन्तू समुदायों के साथ गाँवों की सैर, एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम (कैम्पिंग गतिविधि), नेचर वॉक, खजुराहो विलेज टूर, ई – बाइक टूर, वॉटर स्पोर्ट्स, हॉट एयर बैलून एवं फेम टूर जैसी रोमांचकारी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। 20 से 26 फरवरी तक की नृत्य प्रस्तुतियां सायं 6:30 बजे से 20 फरवरी, 2026 पद्मश्री ममता शंकर, कोलकत्ता – कथक अनुराधा वेंकटरमन, चेन्नई – भरतनाट्यम शुभदा वराडकर, मुम्बई – ओडिसी 21 फरवरी, 2026 विश्वदीप, दिल्ली – कथक अक्मादल काईनारोवा, कजाकिस्तान – भरतनाट्यम प्रभात मेहतो, झारखंड – छाऊ 22 फरवरी, 2026 एसएनए अवार्डी थोकचोम इवेमुबि देवी, मणिपुर – मणिपुरी पद्मश्री दुर्गाचरण रनवीर, ओडिसा – ओडिसी सत्रिया केन्द्र समूह, असम – सत्रिया 23 फरवरी, 2026 नव्या नायर, चेन्नई – भरतनाट्यम एसएनए अवार्डी कोट्टक्कल नंदकुमार नायर, केरल – कथकली पद्मश्री पद्मजा रेड्डी, हैदराबाद – कुचिपुड़ी 24 फरवरी, 2026 शिंजनी कुलकर्णी, दिल्ली – कथक पद्मश्री इलियाना सिटर, भुवनेश्वर – ओडिसी पद्मश्री कलामंडलम क्षमावेती, केरल – मोहिनीअट्टम 25 फरवरी, 2026 एसएनए अवार्डी शाश्वती सेन, दिल्ली – कथक मोहंती, भुवनेश्वर – ओडिसी एसएनए अवार्डी नयनसखी देवी, मणिपुर – मणिपुरी खुशबू पांचाल, उज्जैन – कथक समूह 26 फरवरी, 2026 सुनयना हजारीलाल, मुम्बई – कथक पद्मश्री प्रतिभा प्रहलाद, बैंगलुरु – भरतनाट्यम एसएनए अवार्डी सुश्री भावना रेड्डी, दिल्ली – कुचीपुड़ी प्रभुतोष पाण्डा, भुवनेश्वर – ओडिसी।
Swami Avimukteshwaranan: MP: मुस्लिम MLA ने गाय को लेकर उठाई मांग पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद खुश… बोले-ये हिंदू विधायकों पर कलंक जैसा

Swami Avimukteshwaranan: भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल के एक मुस्लिम विधायक (Muslim MLA) ने गौमाता को लेकर ऐसी कुछ मांग कर दी है कि जिससे ज्योतिर्मठ पीठ (Jyotirmath Peeth) के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda Saraswati) बहुत खुश हो गए हैं और उन्होंने विधायक की जमकर तारीफ करते हुए हिंदू विधायकों को उनसे सीख लेने के लिए कहा है। दरअसल भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने हाल ही में मध्य प्रदेश विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है, साथ ही गाय की मृत्यु पर उसकी अंतिम संस्कार करने और उसके मांस व चमड़े के व्यापार पर रोक लगाने की मांग भी की है। विधायक की इस मांग के बारे में जानने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रतिक्रिया देते हुए ना केवल मुस्लिम MLA की तारीफ की बल्कि यहां तक कह दिया कि अगर उनका यह प्रस्ताव असफल रहता है तो यह हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा। इस मामले को लेकर जारी एक वीडियो में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘उस वक्त बड़ा आश्चर्य होता है, जब हम जिससे आशा करते हैं वह हमारी आशा को पूरा नहीं करता है, और जिससे हमारी आशा ही ना हो, वह आगे बढ़कर के हमारे हृदय के पास खड़ा हो जाता है। ऐसा ही एक दृश्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से निकलकर आया है। जहां पर भोपाल उत्तर सीट से विधायक आतिफ अकील ने विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प पेश करते हुए गौमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग की है। साथ ही उन्होंने गौमाता के मांस और चमड़े के व्यापार पर भी पूरी तरह से रोक लगाने और गोकशी करने वाले लोगों के ऊपर सख्ती बरतने के लिए कहा है।’ शंकराचार्य ने बताया कि अकील ने गौमाता की मृत्यु होने पर पूरे सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था करने की मांग भी की है।’ ‘हिंदू अपना धर्म पालन करने में चूक रहे’ आगे राज्य के हिंदू विधायकों को निशाने पर लेते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ‘यह मांग स्वयं को हिंदू कहने वाले विधायकों के द्वारा की जानी चाहिए थी, यह संकल्प उनके द्वारा प्रस्तुत किया जाना चाहिए था, लेकिन हिंदू ना केवल अपना धर्म पालन करने में चूक रहे हैं, बल्कि अपने आप को हिंदू कहलवाने में भी चूक रहे हैं।’ ‘हिंदू विधायकों के पास अब भी एक मौका’ आगे अकील की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज MP विधानसभा में जितने भी हिंदू विधायक हैं, आतिफ अकील कहीं ना कहीं उनसे बढ़त ले चुके हैं। लेकिन कोई बात नहीं, अभी भी मौका है, इनके द्वारा जो संकल्प प्रस्तुत किया गया है, उस संकल्प को पारित करके सभी विधायक, इस अच्छे कार्य में अपने आप को सहभागी बना सकते हैं और सभी अभिनंदनीय हो सकते हैं।’ ‘तो हिंदू विधायकों पर होगा बहुत बड़ा कलंक’ आगे उन्होंने मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों को कहीं ना कहीं चुनौती देते हुए कहा कि ‘अगर यह प्रस्ताव असफल रहता है तो मध्य प्रदेश के हिंदू विधायकों के ऊपर बहुत बड़ा कलंक होगा, यही हम कहना चाहते हैं। साथ ही हम भोपाल उत्तर विधानसभा सीट के कांग्रेस विधायक आतिफ अकील का खूब-खूब अभिनंदन करना चाहेंगे, साथ ही उनके परिवार को और उनके इष्ट मित्रों का भी अभिनंदन करना चाहेंगे जिन्होंने उनको यह बल दिया कि वह विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव ला सकें।’ ‘संसद में भी यही हाल, मुस्लिम सांसद कर रहे मांग’ आगे उन्होंने कहा कि संसद में भी हम देख रहे हैं कि मुस्लिम सांसद तो कह रहे हैं कि गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करो, लेकिन तथाकथित जो अपने आप को हिंदू कहने वाली पार्टी है, या जो अपने आप को हिंदू कहने वाले सांसद हैं, दूसरी पार्टियों के, वो लोग कहीं ना कहीं इस मामले में चूक रहे हैं। इसलिए इस मामले में हमारा सबसे यही कहना है कि, आपकी जो भी आस्था है, या आपकी आस्था अगर मर भी गई है तो भी आप जिनके प्रतिनिधि हैं उस जनता की तरफ से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की और इस तरह का प्रस्ताव लाने की आवश्यकता है। हिंदुओं से की गौमाता के पक्ष में खड़े होने की अपील अपनी बात खत्म करते हुए अंत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, ‘हर हिंदू से हम कहना चाहेंगे, गौमाता के पक्ष में खड़े होकर के अपने आपको असली हिंदू घोषित करिए, नहीं तो जनता की नजर में आप नकली हिंदू होंगे, नकली हिंदू का कोई मतलब नहीं। इसलिए गौमाता के पक्ष में खड़े होइये।’ आतिफ अकील बोले- भाजपा की कथनी और करनी में फर्क बता दें कि भोपाल उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने मंगलवार 17 फरवरी को विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प प्रस्तुत करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी। इस बारे में बताते हुए आतिफ अकील ने कहा था, ‘मैंने गाय को लेकर विधानसभा में अशासकीय संकल्प लगाया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। क्योंकि हिंदू धर्म अगर गाय को माता मानता है तो बिल्कुल उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए। वहीं गाय की मौत होने पर उसका अंतिम संस्कार भी होना चाहिए और गाय के चमड़े का व्यापार भी बंद होना चाहिए।’ आगे उन्होंने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2017 में मेरे पिता ने भी यही मांग की थी, और उस वक्त भी भाजपा की सरकार थी, लेकिन बहुमत होने के बाद भी यह संकल्प पारित नहीं हो पाया था।
TODAY’S RASHIFAL: शुक्रवार का राशिफल, जाने क्या कहते हैे आपके स्टार्स

TODAY’S RASHIFAL: युगाब्ध-5126, विक्रम संवत 2082, राष्ट्रीय शक संवत-1947, सूर्योदय 06.44, सूर्यास्त 06.04, ऋतु – शीतफाल्गुन शुक्ल पक्ष तृतीया, शुक्रवार, 20 फरवरी 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, मेष राशि :- मित्तव्ययता रखें क्योंकि रुपये-पैसों की सुविधा आगे मिले न मिले। व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बना रहेगा। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। शुभांक-4-5-7वृष राशि :- निकटस्थ व्यक्ति का सहयोग काम को गति दिला देगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। कामकाज में आ रही बाधा को दूर कर लेंगे। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बन जाएगी। आर्थिक हित के काम को साधने में मदद मिल जाएगी। शुभांक-3-5-7मिथुन राशि :- कार्यारम्भ से पहले उचित मूल्याकंन कर लें। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का बना रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। मेहमानों का आगमन होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। शुभांक-5-7-9कर्क राशि :- ज्ञानीजनों का सानिध्य प्राप्त होगा। आध्यात्मिक वातावरण बनेगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा। यार-दोस्तों के साथ सांझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। यात्रा का योग बन रहा है। शुभांक-2-6-7सिंह राशि :- विवादों व मुकदमे बाजी से राहत मिलेगी। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8कन्या राशि :- भावनाओं में न बहें, सावधान रहें। रुका हुआ धन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। अपने आपको अधिक सक्रिय पायेगें। अवरुद्घ कार्य सम्पन्न होंग। समाज में मान-सम्मान ब$ढेगा। आय-व्यय की स्थिति समान्य रहेगी। शुभांक-3-5-7तुला राशि :- शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। व्यापार में प्रगति होगी। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग है। शुभांक-2-4-6वृश्चिक राशि :- कार्यसिद्घि होने में देर नहीं लगेगी। आर्थिक लाभ उत्तम रहेगा। शैक्षणिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार में किसी मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। हरि करे सो खरी अत: हानि का कोई भय नहीं, यथावत कार्य जारी रखें। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। मातृ पक्ष से विशेष लाभ। शुभांक-2-4-7धनु राशि :- मुंह मांगी मुराद मिलेगी यानि इच्छित फल की प्राप्ति होगी। मध्याह्न पूर्व समय आपके पक्ष का रहेगा। कारोबारी काम में प्रगति बनती रहेगी। लेन-देन में आ रही बाधा दूर करने के प्रयास सफल होंगे। धार्मिक कार्य में समय और धन व्यय होगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। शुभांक-3-5-8मकर राशि :- स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। समय नकारात्मक परिणाम देने वाला बन रहा है। बचते-बचते कलह विवाद का डर बना रहेगा। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। शुभांक-3-6-9कुम्भ राशि :- अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। नवीन जिम्मेदारी बढ़ने के आसार रहेंगे। अपने काम को प्राथमिकता से करें। किसी से निकटता प्रेम-प्रसंग में बदलेगी। सलाह उपयोगी सिद्घ होगी। शुभांक-3-5-7मीन राशि :- नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। संतान पक्ष से थोड़ी चिंता रहेगी। शिक्षा में आशानुकूल कार्य होने में संदेह है। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। शुभांक-5-8-9
Amalaki Ekadashi 2026: नोट करें आमलकी एकादशी की पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त, भगवान विष्णु के भोग में रखें ये चीजें

नई दिल्ली । सनातन धर्म में कई व्रत ऐसे हैं जिनसे पुरानी मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। एकादशी इन्हीं में से एक है। बता दें कि हर महीने 2 एकादशी पड़ती हैं। एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। बता दें कि इस महीने अब आमलकी एकादशी पड़ने वाली है। हिंदू पंचांग के अनुसार आमलकी एकादशी 27 फरवरी को पड़ने वाली है। एकादशी व्रत को लेकर मान्यता है कि अगर सच्चे मन से इस दिन पूजा-अर्चना की जाए और व्रत रखा जाए भगवान विष्णु की कृपा से सारे रूके काम बन पड़ते हैं। भगवान की कृपा से करियर और शादी से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं। नीचे विस्तार से जानें कि इस बार अमालकी एकादशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें पूजा की आसान सी विधि के बारे में…आमलकी एकादशी का महत्व बता दें कि आमलकी एकादशी हर साल फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि वाले दिन मनाई जाती है। लोग इसे रंगभरी एकादशी के नाम से भी जानते हैं। इस खास दिन पर आंवले के पेड़ की पूजा करना शुभ माना जाता है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि आंवले की पूजा भगवान विष्णु के द्वारा ही हुई थी। ऐसे में इस दिन आंवले की पूजा का विशेष महत्व होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार विवाह के बाद पहली बार शिव और पार्वती मां इसी तिथि पर काशी आए थे। ऐसे में काशी में इस दिन लोग रंग खेलते हैं और शिव-पार्वती की धूमधाम के साथ पूजा करते हैं। आमलकी एकादशी व्रत की मान्यता इतनी ज्यादा है कि लोग मानते हैं कि इससे सारे पाप मिट जाते हैं। आमलकी एकादशी पूजा शुभ मुहूर्त आमलकी एकादशी शुक्रवार के दिन पड़ रहा है और इस वजह से इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की भी पूजाै होगी। बता दें कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार एकादशी की तिथि 26 फरवरी की रात 12 बजकर 6 मिनट पर हो रही है। इस तिथि की समाप्ति अगले दिन यानी 27 फरवरी को 9 बजकर 48 मिनट पर होगी। ऐसे में आमलकी एकादशी 27 फरवरी को ही मनाई जाएगी। बात करें पूजा के शुभ मुहुर्त की तो आमलकी एकादशी वाले दिन सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 9 मिनट के बीच पूजा की जा सकती है। व्रत तभी पूरा होता है जब सही तरीके और सही समय पर इसका पारण किया जाए। आमलकी एकादशी का पारण 28 फरवरी को होगा। इसकी पूजा सुबह 7 बजकर 41 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट के बीच किया जा सकता है।ऐसे करें आमलकी एकादशी की पूजा पूजा वाले दिन सुबह उठकर स्नान करके पीले रंग के कपड़े पहन लें। भगवान विष्णु का प्रिय रंग पीला है। इसी के साथ व्रत का संकप्ल लें। पूजा घर में भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के आगे दीया और धूपबत्ती जलाएं। इसके बाद पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल, अक्षत और तुलसी अर्पित करें। भोग लगाते वक्त उसमें तुलसी का पत्ता डाल दें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्र जाप के साथ-साथ आमलकी एकादशी व्रत का पाठ कर लें। आरती के साथ ही पूजा संपन्न करें।
Solar Eclipse: ग्रहण के बाद अग्नि पंचक का प्रकोप, अगले चार दिन मेष, सिंह और वृश्चिक राशि वालों के लिए भारी

Solar Eclipse नई दिल्ली । सूर्य ग्रहण भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इसका प्रभाव अभी थमा नहीं है। वजह है अग्नि पंचक, जो ग्रहण के साथ ही शुरू हुआ और अब अगले चार दिनों तक असर दिखाएगा। पंचक के पांच दिन सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए वर्जित माने जाते हैं, लेकिन जब यह अग्नि पंचक हो तो इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। मान्यता है कि अग्नि पंचक के दौरान आगजनी, दुर्घटनाएं, तनाव, राजनीतिक उथल-पुथल और अचानक होने वाली घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह समय लापरवाही नहीं बल्कि अतिरिक्त सावधानी की मांग करता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 17 फरवरी को लगा सूर्य ग्रहण अग्नि पंचक में ही हुआ, जिससे इसकी नकारात्मकता और प्रबल मानी जा रही है। कहा जाता है कि ग्रहण के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जब यह अग्नि तत्व से जुड़े पंचक में हो तो दुर्घटनाओं और विवादों की आशंका अधिक हो जाती है। यही कारण है कि विशेषज्ञ इस अवधि में धैर्य और संयम बरतने की सलाह दे रहे हैं। अग्नि पंचक के दौरान ज्वलनशील वस्तुओं की खरीदारी से बचने को कहा गया है। गैस सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल, लकड़ी या अन्य ईंधन जैसी चीजें खरीदना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसी वस्तुएं इस समय जोखिम को बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा यात्रा भी टालने की सलाह दी गई है, विशेष रूप से दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने को कहा गया है। इस दौरान किए गए शुभ कार्य अपेक्षित परिणाम नहीं देते और कभी-कभी विपरीत फल भी मिल सकता है। इस बार सूर्य ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगा। उस समय कुंभ राशि में सूर्य, बुध, मंगल और राहु का चतुर्ग्रही योग बना हुआ था, जिसका प्रभाव अभी भी जारी है। यह योग तनाव और अस्थिरता को बढ़ाने वाला माना जाता है। ऐसे में तीन राशियों के लिए यह समय विशेष सावधानी का है। मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं, जो अग्नि तत्व के ग्रह माने जाते हैं। इस कारण इन राशि के जातकों में गुस्सा और आवेग बढ़ सकता है। छोटी बात पर बड़ा विवाद हो सकता है, जिससे निजी और पेशेवर जीवन प्रभावित हो सकता है। इन्हें सलाह दी जाती है कि वाणी पर संयम रखें और किसी भी तरह के टकराव से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा से भी बचें। वहीं सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं और वर्तमान में सूर्य राहु के प्रभाव में माने जा रहे हैं। ऐसे में सिंह राशि के लोगों को कार्यस्थल पर विशेष सावधानी रखनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों से विवाद की स्थिति बन सकती है। निवेश संबंधी निर्णय फिलहाल टालना बेहतर होगा। साथ ही स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहें, क्योंकि मानसिक तनाव शारीरिक परेशानी में बदल सकता है। कुल मिलाकर, ग्रहण के बाद के ये चार दिन धैर्य, सावधानी और आत्मनियंत्रण के हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं में विश्वास रखने वाले लोगों के लिए यह समय सतर्क रहकर संभावित जोखिमों को टालने का है, ताकि आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य बनी रहे।