अक्षय तृतीया पर इन वस्तुओं से रहें दूर सोना चांदी के साथ ये गलत खरीदारी ला सकती है पनौती

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ और समृद्धि देने वाला पर्व माना जाता है इस दिन सोना चांदी जमीन और वाहन जैसी कीमती वस्तुओं की खरीदारी को विशेष रूप से शुभ समझा जाता है मान्यता है कि इस दिन शुरू किए गए कार्य का फल लंबे समय तक और अक्षय रूप में मिलता है यानी उसका शुभ प्रभाव कभी समाप्त नहीं होता वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जाएगी यह शुभ तिथि 19 अप्रैल सुबह 10 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर 20 अप्रैल सुबह 7 बजकर 28 मिनट तक रहेगी इस दौरान कई महत्वपूर्ण शुभ योग भी बन रहे हैं जिनमें सर्वार्थ सिद्धि योग अमृत सिद्धि योग और गज केसरी योग शामिल हैं साथ ही रोहिणी नक्षत्र का संयोग इस दिन को और अधिक फलदायी बना रहा है हालांकि इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है लेकिन ज्योतिष और लोक मान्यताओं के अनुसार कुछ वस्तुओं की खरीदारी से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें नकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है माना जाता है कि गलत चीजें खरीदने से घर में अशांति आर्थिक बाधाएं या मानसिक तनाव बढ़ सकता है विशेषज्ञों के अनुसार इस दिन लोहे और स्टील से बनी वस्तुएं जैसे बर्तन या मशीनरी घर लाना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है इसी तरह प्लास्टिक की वस्तुएं भी अशुभ मानी जाती हैं जो घर की समृद्धि पर असर डाल सकती हैं इसके अलावा काले रंग की वस्तुओं को भी इस दिन न खरीदने की सलाह दी जाती है क्योंकि काला रंग शनि और नकारात्मक ऊर्जा से संबंधित माना जाता है धारदार या नुकीली चीजें जैसे चाकू कैंची या सुई आदि भी इस दिन घर लाना शुभ नहीं माना जाता क्योंकि यह तनाव और विवाद का कारण बन सकता है कांच से बनी वस्तुओं को भी राहु ग्रह से जोड़कर देखा जाता है इसलिए इन्हें भी इस दिन खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है साथ ही इस दिन किसी को उधार देना या लेना भी अशुभ माना जाता है क्योंकि इससे आर्थिक अस्थिरता बढ़ सकती है ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन पैसों से जुड़े निर्णय भी सोच समझकर लेने चाहिए और अनावश्यक खर्च या उधारी से बचना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि बनी रहे कुल मिलाकर अक्षय तृतीया का दिन जितना शुभ माना जाता है उतना ही जरूरी है कि इस दिन सही और गलत खरीदारी के बारे में जागरूक रहा जाए ताकि इस पर्व का पूरा लाभ प्राप्त किया जा सके
Parshuram Jayanti: आज भगवान परशुराम जयंती, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व

नई दिल्ली । शस्त्र और शास्त्र के महान ज्ञाता भगवान परशुराम की जयंती 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन अक्षय तृतीया का भी विशेष संयोग बन रहा है। भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाने वाले परशुराम जी की पूजा शक्ति धर्म और न्याय की स्थापना के लिए की जाती है। जानें शुभ मुहूर्त का समय वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से होगी जो 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे तक रहेगी। पूजा के लिए शुभ समय सुबह 7:29 से दोपहर 12:20 तक रहेगा जबकि सुबह 6:49 से 10:57 बजे तक का समय भी पूजन के लिए अनुकूल माना गया है। पूजा करने की विधि सुबह स्नान कर स्वच्छ या पीले वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर में भगवान परशुराम की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाकर पूजा शुरू करें और अक्षत फूल विशेषकर पीले या सफेद पुष्प अर्पित करें। इसके बाद फल मिठाई या गुड़-चना का भोग लगाएं और “ॐ जमदग्नये विद्महे महावीराय धीमहि तन्नो परशुराम प्रचोदयात्” मंत्र का 11 या 21 बार जप करें। अंत में आरती कर प्रसाद वितरण करें। परशुराम जी की पौराणिक कथा मान्यता के अनुसार परशुराम जी के पिता ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका थीं। कठोर तपस्या के बाद उन्हें यह दिव्य पुत्र प्राप्त हुआ। जन्म के समय उनका नाम ‘राम’ रखा गया था। भगवान शिव की कृपा से उन्हें परशु (फरसा) प्राप्त हुआ और तभी से वे परशुराम कहलाए। उन्हें चिरंजीवी होने का वरदान भी प्राप्त है। परशुराम जी एक ऐसे ब्राह्मण योद्धा थे जिन्होंने शास्त्र और शस्त्र दोनों में महारत हासिल की। उनका जीवन यह संदेश देता है कि शक्ति का उपयोग हमेशा धर्म और न्याय के लिए होना चाहिए। रामायण और महाभारत में भूमिका पौराणिक ग्रंथों के अनुसार परशुराम जी ने भगवान राम और भगवान कृष्ण दोनों के युग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रामायण काल में उनका सामना भगवान राम से हुआ जबकि महाभारत काल में वे भीष्म द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं के गुरु रहे। मान्यता है कि परशुराम जी ने अधर्म और अत्याचार को समाप्त करने के लिए 21 बार क्षत्रियों का संहार किया। उनका जीवन धर्म की रक्षा और न्याय की स्थापना का प्रतीक माना जाता है।
शादी से लेकर गृह प्रवेश ,तक बिना मुहूर्त के, भी होते हैं शुभ कार्य जानिए अबूझ मुहूर्त के दिन

नई दिल्ली । हिंदू परंपराओं में शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है लेकिन कुछ ऐसे विशेष समय भी होते हैं जब किसी पंचांग या ज्योतिषीय गणना की आवश्यकता नहीं होती और इन समयों को अबूझ मुहूर्त कहा जाता है आम धारणा यह है कि यह योग केवल अक्षय तृतीया तक ही सीमित होता है लेकिन वास्तविकता यह है कि साल में कई ऐसे अवसर आते हैं जब बिना मुहूर्त देखे भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साल में लगभग साढ़े तीन दिन ऐसे माने जाते हैं जिन्हें स्वयंसिद्ध या अबूझ मुहूर्त कहा जाता है इन दिनों में ग्रह नक्षत्रों की स्थिति इतनी अनुकूल होती है कि किसी भी शुभ कार्य की सफलता के लिए अलग से मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती इन विशेष अवसरों में चैत्र नवरात्रि का पहला दिन, अक्षय तृतीया, विजयादशमी और एक आधा अतिरिक्त शुभ योग शामिल होता है इन दिनों को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से इन्हें अत्यधिक महत्व प्राप्त है इन अबूझ मुहूर्तों में विवाह जैसे बड़े मांगलिक कार्य विशेष रूप से किए जाते हैं क्योंकि माना जाता है कि इस समय किया गया विवाह स्थायी और सुखद होता है खासकर उन जोड़ों के लिए जिनकी कुंडली का मिलान कठिन होता है उनके लिए यह दिन वरदान के समान माने जाते हैं इसके अलावा गृह प्रवेश, नए मकान की नींव रखना, सोना चांदी, वाहन या जमीन की खरीदारी जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी इन दिनों में शुभ माने जाते हैं व्यवसाय शुरू करना भी इस समय अत्यंत लाभकारी माना जाता है क्योंकि यह समय सफलता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है बच्चों से जुड़े संस्कार जैसे अन्नप्राशन, कर्णवेध, नामकरण, विद्यारंभ और मुंडन संस्कार भी इन शुभ दिनों में संपन्न किए जाते हैं धार्मिक मान्यता है कि इस समय किए गए सभी कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और उन्हें अक्षय पुण्य प्राप्त होता है ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अबूझ मुहूर्त का अर्थ है ऐसा समय जो स्वयं में पूर्ण रूप से शुभ हो और जिसमें किसी विशेष गणना की आवश्यकता न हो इन दिनों को इतना शुभ माना जाता है कि कोई भी कार्य बिना बाधा के सफल होने की संभावना अधिक रहती है कुल मिलाकर यह मान्यता भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है जहां समय को केवल कैलेंडर नहीं बल्कि शुभ और अशुभ ऊर्जा के आधार पर भी देखा जाता है
19 अप्रैल का राशिफल: जानें सभी 12 राशियों का हाल, किसे मिलेगा फायदा और किसे बरतनी होगी सावधानी

नई दिल्ली । आज 19 अप्रैल, रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित होता है। इस दिन सुबह सूर्य को अर्घ्य देने से सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल बढ़ता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल का असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन तक सभी राशियों का आज का राशिफल—मेष राशि आज का दिन व्यस्तता भरा रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पैसों के मामलों में जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से राहत मिलेगी और थकान भी महसूस हो सकती है। वृषभ राशि धैर्य बनाए रखना जरूरी है। कुछ काम उम्मीद के अनुसार पूरे नहीं होंगे। आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें। रिश्तों में संवाद से समस्याएं सुलझ सकती हैं। ओवरथिंकिंग से बचें। मिथुन राशि दिन सकारात्मक रहेगा। रुके हुए काम आगे बढ़ेंगे और दोस्तों का सहयोग मिलेगा। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए बजट संभालकर चलें। नई योजनाओं के लिए समय अनुकूल है। कर्क राशि भावनात्मक उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन काम पर ध्यान देंगे तो स्थिति संभल जाएगी। परिवार की जिम्मेदारियां निभानी होंगी। पुराने दोस्त से बातचीत मन को खुश करेगी।सिंह राशि आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। गुस्से पर नियंत्रण रखें। शाम का समय आराम के लिए बेहतर रहेगा। कन्या राशि मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलने लगेगा। काम का दबाव रह सकता है, लेकिन आप संभाल लेंगे। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी। खानपान पर ध्यान दें। तुला राशि दिन सामान्य रहेगा। रोजमर्रा के काम पूरे होंगे। सेहत का ध्यान रखें और अनावश्यक सोच से बचें। घर का माहौल शांत रखने की कोशिश करें। वृश्चिक राशि आज अपने दिल की सुनें। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। तनाव से दूर रहें और ठंडे दिमाग से निर्णय लें। धनु राशि महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। नए लोगों से मुलाकात लाभदायक रहेगी। सकारात्मक सोच बनाए रखें। मकर राशि दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। धैर्य रखें और विवाद से बचें। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। शाम तक हालात बेहतर होंगे। कुंभ राशि नई जानकारी या अवसर मिल सकता है। काम में फोकस बनाए रखें। परिवार के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत होंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखें। मीन राशि क्रिएटिव कामों के लिए दिन अच्छा है। नई सोच आपके काम आएगी। दोस्तों से बातचीत से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन बाहर के खाने से बचें।
Venus Transit 2026: शुक्र के मिथुन राशि में गोचर से इन राशियों को होगा लाभ, खुलेंगे सुख-समृद्धि के रास्ते

नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य, प्रेम और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। जब भी यह ग्रह अपनी स्थिति बदलता है, तो इसका असर व्यक्ति के जीवन, आर्थिक स्थिति और जीवनशैली पर गहराई से पड़ता है। वर्ष 2026 में 14 मई को शुक्र देव अपनी स्वराशि वृषभ से निकलकर बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। यह गोचर कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और जीवन में सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी का संकेत माना जा रहा है। बुध–शुक्र का शुभ संयोग बुध और शुक्र के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। मिथुन राशि में शुक्र का प्रवेश एक सकारात्मक योग बना रहा है। इस अवधि में लोगों की संवाद क्षमता, रचनात्मकता और व्यापारिक समझ में वृद्धि होगी। साथ ही विलासिता से जुड़ी वस्तुओं की मांग बढ़ने और बाजार में हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है। मीडिया, फैशन और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। इन राशियों पर होगा प्रभाव, बदलेगी किस्मत मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर में नई ऊर्जा लेकर आएगा। तीसरे भाव में शुक्र के प्रभाव से साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बनेगी। जीवन में सुख-सुविधाओं में भी वृद्धि होगी। मिथुन राशि शुक्र के अपनी ही राशि के लग्न भाव में आने से मिथुन राशि वालों का व्यक्तित्व और आकर्षण बढ़ेगा। आत्मविश्वास मजबूत होगा और लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। रिश्तों में मजबूती आने की संभावना है और समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। कन्या राशि कन्या राशि के लिए यह गोचर कर्म भाव में शुभ प्रभाव डालेगा। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। घर या वाहन खरीदने की योजना के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। शुक्र को मजबूत करने के उपाय शुक्र के शुभ प्रभाव पाने के लिए गोचर के दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने की सलाह दी जाती है। शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चावल या सफेद वस्त्रों का दान लाभकारी माना जाता है। साथ ही घर में घी का दीपक जलाकर “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
अक्षय तृतीया 2026 पर बन रहा अक्षय योग इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

नई दिल्ली । हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला अक्षय तृतीया इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रहा है। वर्ष 2026 में इस दिन ‘अक्षय योग’ का निर्माण हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशियों में रहेंगे, जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह स्थिति धन, करियर, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम देने वाली मानी जाती है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस शुभ योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। सबसे पहले मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उन्नति का संकेत दे रहा है। नौकरी में कार्यों की सराहना होगी और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। हालांकि, थोड़ी आर्थिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन जीवनसाथी के सहयोग से स्थिति संतुलित रहेगी। इस दौरान स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी होगा। तुला राशि के जातकों के लिए यह समय राहत और खुशियों से भरा रहने वाला है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आएगी और परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है और यात्रा या घूमने का अवसर भी मिल सकता है। धनु राशि के लिए यह समय भाग्यवृद्धि का संकेत दे रहा है। कम मेहनत में अच्छे परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं। छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी, जबकि जीवनसाथी का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ाएगा। आर्थिक स्थिति में सुधार और नए कार्यों की शुरुआत के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इस अक्षय योग का असर मुख्य रूप से करियर, धन, शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ रिश्तों में मधुरता और मानसिक शांति भी बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर यह समय कई लोगों के लिए नई संभावनाओं और सकारात्मक बदलावों की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।
18 अप्रैल का राशिफल: प्रीति योग और अश्विनी नक्षत्र का असर, इन राशियों के रिश्तों में आएगी मिठास

नई दिल्ली । आज 18 अप्रैल, शनिवार का दिन है। इस दिन भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन अश्विनी नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बन रहा है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए दिन शुभ रहेगा, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत है। मेष से मीन तक जानें दिन का हाल- मेष राशिआज थोड़ा थकान महसूस हो सकती है, लेकिन प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी। काम में लाभ होगा, बस खर्चों पर नियंत्रण रखें। थोड़ा आराम करना फायदेमंद रहेगा। वृषभ राशिकरियर में सुधार दिखेगा और लव लाइफ भी संतुलित रहेगी। ऑफिस में विवाद से बचें और सेहत को नजरअंदाज न करें। शांत स्वभाव दिन को आसान बनाएगा। मिथुन राशिदिन खुशी और अच्छी खबर लेकर आ सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। काम में व्यस्तता रहेगी, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहेगा।कर्क राशिथोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। सेहत का ध्यान रखें और रिश्तों में सोच-समझकर बात करें। धैर्य से हालात बेहतर होंगे।सिंह राशिआज जोखिम लेने से बचें। परिवार और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। काम धीरे-धीरे सही दिशा में बढ़ेगा। कन्या राशिगले या नाक से जुड़ी परेशानी हो सकती है। काम में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन परिवार का साथ मिलेगा। खानपान पर ध्यान दें। तुला राशिदिन सामान्य रहेगा, लेकिन पेट संबंधी दिक्कत हो सकती है। काम का दबाव रहेगा और रिश्तों में हल्की खटास आ सकती है। ओवरथिंकिंग से बचें। वृश्चिक राशिआर्थिक मामलों में सतर्क रहें। अनावश्यक खर्च या नुकसान हो सकता है। विवादों से दूरी बनाए रखें। धनु राशिविरोधियों पर बढ़त मिलेगी और काम में अवसर मिलेंगे। मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है, इसलिए सकारात्मक सोच बनाए रखें। मकर राशिमन परेशान रह सकता है और रिश्तों में बहस की स्थिति बन सकती है। बड़े फैसले टालना बेहतर रहेगा। शांति से सोचने पर समाधान मिलेगा। कुंभ राशिघर में तनाव हो सकता है और मां की सेहत को लेकर चिंता रहेगी। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। मीन राशिमन में घबराहट रह सकती है और रिश्तों में तनाव आ सकता है। सेहत का ध्यान रखें और खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करें।
अक्षय तृतीया पर बन रहा दुर्लभ योग सोना खरीदने का सबसे शुभ समय और पूजा तरीका

नई दिल्ली । अक्षय तृतीया का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन को “अबूझ मुहूर्त” भी कहा जाता है, यानी किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और पूजा का फल अक्षय होता है, यानी उसका कभी क्षय नहीं होता। इस वर्ष अक्षय तृतीया 2026 का पर्व विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया पर रवि योग, त्रिपुष्कर योग, सौभाग्य योग और आयुष्मान योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही शुक्र ग्रह के अपनी स्वराशि में होने से मालव्य महापुरुष राजयोग और गजकेसरी योग का निर्माण भी हो रहा है, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है। पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:48 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे समाप्त होगी। इस अवधि को अत्यंत शुभ माना गया है और इस दौरान किए गए कार्यों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और इसका संबंध सतयुग एवं त्रेतायुग की शुरुआत से भी जोड़ा जाता है। महाभारत काल में श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों को दिया गया अक्षय पात्र भी इसी दिन की महिमा से जुड़ा माना जाता है। पूजा विधि के अनुसार घर में चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। सबसे पहले कलश स्थापना कर उनका आह्वान करें। गंगाजल से स्नान कराकर चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें। पीले वस्त्र, फल, मिठाई और विशेष रूप से खीर या सत्तू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके बाद मंत्र जप और आरती करें। सोना खरीदने के लिए इस दिन कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। 19 अप्रैल को सुबह 10:49 से 20 अप्रैल की सुबह 05:51 तक सोना खरीदना शुभ माना गया है। इसके अलावा 20 अप्रैल को दोपहर 02:26 से 03:52 तक अमृत मुहूर्त और 02:30 से 03:22 तक विजय मुहूर्त भी बेहद शुभ माना गया है। इस समय किया गया निवेश और खरीदारी विशेष फलदायी मानी जाती है।
17 अप्रैल का राशिफल: जानें कैसा रहेगा आज आपका दिन, किसे मिलेगा लाभ-किसे रहना होगा सावधान

नई दिल्ली । आज 17 अप्रैल है और दिन शुक्रवार है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन का ग्रह स्वामी शुक्र है, जिसे धन, वाहन, वैवाहिक सुख और स्त्री तत्व से जुड़ा माना जाता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर राशिफल का आकलन किया जाता है। इसी क्रम में 17 अप्रैल 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए शुभ तो कुछ के लिए सामान्य या सावधानी भरा रह सकता है। आइए जानें मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल- मेष राशि मेष राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। आपका मिलनसार स्वभाव लोगों को प्रभावित करेगा और अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। घर से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ेगी, हालांकि परिवार में हल्की नोकझोंक संभव है। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। व्यक्तित्व प्रभावशाली रहेगा, लेकिन कार्यस्थल पर सावधानी जरूरी है। पुराने उधार चुकाने और घरेलू काम पूरे करने के लिए दिन अनुकूल है। आर्थिक रूप से अच्छी खबर मिल सकती है और स्वास्थ्य के लिए नई शुरुआत लाभकारी होगी। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला रहेगा। काम का दबाव थकान दे सकता है, लेकिन आय में वृद्धि के संकेत हैं। संतान से जुड़ी शुभ सूचना मिल सकती है। पुराने मित्रों से मुलाकात खुशी देगी, हालांकि अपेक्षाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन अच्छा रहेगा। कर्क राशि कर्क राशि के लिए दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ध्यान-योग से लाभ मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ेगी और परिवार में सुखद माहौल रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए दिन संतुलित और आरामदायक रहेगा। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा और भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। किसी सामाजिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं। नए कार्य की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। कन्या राशि कन्या राशि वालों को आज सावधानी रखनी होगी। व्यवहार में संयम जरूरी है, नहीं तो रिश्तों में तनाव आ सकता है। आर्थिक लेन-देन में सतर्क रहें। स्वास्थ्य और विवादों से दूरी बनाए रखना लाभकारी रहेगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। निवेश से फायदा मिल सकता है और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। नए आइडिया सफल होंगे और प्रॉपर्टी से जुड़े कार्य आगे बढ़ सकते हैं। दोस्तों का सहयोग मिलेगा।वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के लिए दिन अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बितेगा और नई योजनाएं बन सकती हैं।धनु राशि धनु राशि वालों के लिए दिन प्रगति देने वाला रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, लेकिन सेहत का ध्यान रखें। मकर राशि मकर राशि वालों के लिए दिन मेहनत का फल देने वाला रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में लाभ के संकेत हैं। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी होगा, जबकि प्रेम जीवन सुखद रहेगा। कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। दोस्तों के साथ समय बिताकर मन प्रसन्न रहेगा। करियर में मित्रों का सहयोग मिलेगा, हालांकि परिवार में हल्की चिंता रह सकती है। मीन राशि मीन राशि वालों को आज सावधानी रखनी होगी। कार्यस्थल पर सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों से बचें। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताकर मानसिक सुकून मिलेगा। प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव संभव है।
धार्मिक आस्था का पावन पर्व अक्षय तृतीया पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब और विशेष परंपराएं

नई दिल्ली । सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत पवित्र और शुभ तिथि माना जाता है जिसे अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाले पुण्य का प्रतीक कहा गया है। यह तिथि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है और मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पुण्य और शुभ कार्यों का फल अक्षय रूप से प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस दिन पूरे 24 घंटे को शुभ मुहूर्त माना जाता है और किसी विशेष समय की आवश्यकता नहीं पड़ती। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन नए कार्यों की शुरुआत, विवाह, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी दिन से कई महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं और परंपराओं की शुरुआत भी होती है, जिनमें चार धाम यात्रा का शुभारंभ प्रमुख है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट इसी दिन श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम भी इसी शुभ अवसर पर भक्तों के लिए दर्शन हेतु खुलते हैं। पुरी में भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा की तैयारियों की शुरुआत भी अक्षय तृतीया से ही मानी जाती है। इसी दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन विशाल रथों का निर्माण कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ होता है। मंदिर के पुजारी भगवान को माला अर्पित कर रथ निर्माण की परंपरा का शुभारंभ करते हैं, जो आगे चलकर विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का स्वरूप लेती है। वृंदावन में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व देखने को मिलता है। यहां बांके बिहारी मंदिर में भगवान के चरण कमलों के दर्शन वर्ष में केवल इसी दिन भक्तों को होते हैं। इसके अलावा मंदिरों में फूलों और चंदन से विशेष श्रृंगार किया जाता है, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास का माहौल बन जाता है। दक्षिण भारत में भी इस पर्व की अनूठी परंपराएं देखने को मिलती हैं। आंध्र प्रदेश के सिंहाचलम मंदिर में इस दिन भगवान वराह नरसिंह पर लगी चंदन की परत हटाकर उनके वास्तविक स्वरूप के दर्शन भक्तों को कराए जाते हैं। वहीं तमिलनाडु के कई विष्णु मंदिरों में गरुड़ वाहन पर भव्य शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं। ओडिशा के रेमुना मंदिर में भगवान क्षीरचोरा गोपीनाथ को चंदन का लेप लगाकर गर्मी से राहत देने की परंपरा निभाई जाती है। यह आयोजन भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया का संबंध कई पौराणिक घटनाओं से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन त्रेता युग का आरंभ हुआ था, गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, महाभारत की रचना शुरू हुई थी और भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन माना जाता है। साथ ही माता अन्नपूर्णा का प्राकट्य और कुबेर को धन के देवता का स्थान भी इसी तिथि से जुड़ा हुआ बताया जाता है। इस दिन सोना, हल्दी, पीली सरसों, रूई और कौड़ी जैसी वस्तुओं की खरीद को शुभ माना जाता है। श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, दान और सत्कर्म कर जीवन में सुख, समृद्धि और अक्षय पुण्य की कामना करते हैं। अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और शुभता का अद्भुत संगम माना जाता है जो भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।