आज का राशिफल 7 अप्रैल 2026: मेष से लेकर मीन राशि तक, जानें दिन का हाल

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर 7 अप्रैल 2026, मंगलवार के लिए राशिफल इस प्रकार है। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन की पूजा करने से भय, रोग और मानसिक कष्ट दूर होते हैं। मेष (Aries)आज मेष राशि वालों को अच्छी खबर और सफलता मिलने की संभावना है। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और किसी विशेष व्यक्ति से महत्वपूर्ण मुलाकात हो सकती है। शादीशुदा जातकों की लव लाइफ भी अच्छी रहेगी। वृषभ (Taurus)आज का दिन वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक चुनौती भरा हो सकता है। बड़े खर्चों के कारण बजट प्रभावित हो सकता है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। मिथुन (Gemini)मिथुन राशि वालों को ऑफिस में प्रमोशन या नया अवसर मिल सकता है। लेकिन दिन के मध्य में गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें। खर्चों में सावधानी बरतें। कर्क (Cancer)कर्क राशि का समय मिला-जुला रहेगा। दिन की शुरुआत में मेहनत का पूरा फल मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा जीवन में खुशियां रहेंगी। सिंह (Leo)सिंह राशि वालों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। नौकरीपेशा जातकों को नए अवसर मिल सकते हैं। कन्या (Virgo)कन्या राशि वालों का दिन शुभ समाचार लेकर आएगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और कमाई के साधनों में वृद्धि होगी। व्यापारियों को लाभ की संभावना है। तुला (Libra)तुला राशि के लिए दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं और मतभेद देखने को मिल सकते हैं। छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। परिवार में तालमेल बनाए रखें। वृश्चिक (Scorpio)वृश्चिक राशि वालों का दिन मिला-जुला रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को काम का दबाव महसूस होगा। सफलता पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। धनु (Sagittarius)धनु राशि वालों का आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। संतान या परिवार से जुड़ी किसी बात से तनाव हो सकता है। दिन के मध्य में किसी विशेष काम में सफलता मिलने की संभावना है। मकर (Capricorn)मकर राशि वालों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। किसी काम में सफलता पाने के लिए मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ (Aquarius)कुंभ राशि के लिए परिश्रम का फल मिलेगा। दिन के बीच में नौकरीपेशा जातकों को नए अवसर मिलेंगे। खर्चों में सावधानी बरतें और नकारात्मक विचारों से बचें। मीन (Pisces)मीन राशि वालों को सेहत का ध्यान रखना आवश्यक है। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है और आर्थिक बजट प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों को लाभ की संभावना है।
वैशाख माह का रहस्य: इन देवताओं की आराधना से खुलेंगे सफलता के द्वार

नई दिल्ली । सनातन धर्म में वैशाख माह को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है इस महीने में किए गए व्रत दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है मान्यता है कि इस दौरान सच्चे मन और निस्वार्थ भावना से की गई आराधना व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है और किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस माह में सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है इन्हें जगत के पालनहार माना जाता है वैशाख में एकादशी अक्षय तृतीया और पूर्णिमा जैसे विशेष दिनों पर विष्णु पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख समृद्धि आती है। इसके साथ ही हनुमान जी की पूजा भी इस माह में अत्यंत शुभ मानी जाती है मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और व्यक्ति को साहस शक्ति और सफलता प्राप्त होती है मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। वैशाख माह में भगवान शिव की पूजा भी विशेष महत्व रखती है शिवलिंग पर जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं जो लोग मानसिक तनाव या जीवन की परेशानियों से जूझ रहे हैं उनके लिए यह पूजा अत्यंत लाभकारी मानी गई है। इसके अलावा सूर्य देव की उपासना भी इस पवित्र महीने में विशेष फलदायी होती है सुबह स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है साथ ही आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि होती है। इस प्रकार वैशाख माह केवल पूजा का समय नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर भी है यदि श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से इन देवताओं की आराधना की जाए तो जीवन में सुख समृद्धि और सफलता के नए द्वार खुल सकते हैं।
मकर राशि आज का राशिफल: सहयोग मिलेगा, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों से बचें

नई दिल्ली। आज का दिन आपके वित्तीय मामलों के लिए अनुकूल है। कारोबार बढ़ाने के लिए कुछ विशेष लोगों से मदद मिल सकती है। साथ ही, अगर आपने पहले किसी को उधार पैसे दिए थे, तो उन्हें वापस मिलने की संभावना है। परिवार और मित्र:व्यक्तिगत संबंधों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। किसी की आलोचना या राजनीति में शामिल होने से बचें, क्योंकि इससे आपके पारिवारिक और मित्र संबंध प्रभावित हो सकते हैं। समझदारी से काम लें। रिश्ते और प्यार:प्रेम संबंधों में आज का दिन काफी शुभ है। यदि आप अपने साथी के साथ विवाह करने का मन बना रहे हैं, तो इसके लिए अनुकूल समय है। प्यार और समझदारी से रिश्ते मजबूत होंगे। स्वास्थ्य:योग और ध्यान से आप अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। छोटे-छोटे व्यायाम और ध्यान से शारीरिक समस्याओं में राहत मिलेगी। शिक्षा और नौकरी:नौकरीपेशा लोगों को आज कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों से मदद न मिलने के कारण परेशान हो सकते हैं। धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को संभालें। बिज़नेस / स्टॉक / प्रॉपर्टी:आज अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन कारोबार में उधारी लेने और लोगों को ज्यादा पैसा उधार देने से बचें। सतर्कता से निवेश और लेन-देन करें। ज्योतिष उपाय:आज के दिन को शुभ बनाने के लिए भगवान श्री गणेश जी को दूर्वा पर हल्दी अर्पित करें। यह उपाय आपके कार्यों में सफलता और धन की वृद्धि सुनिश्चित करेगा। शुभ रंग: गुलाबी – यह रंग आपके व्यक्तित्व और किस्मत में निखार लाएगा।शुभ अंक: 9 – इस अंक के साथ दिन आपके लिए भाग्यशाली रहेगा।
शिव भक्तों के लिए खास दिन: 15 अप्रैल को रखें मासिक शिवरात्रि व्रत

नई दिल्ली । वैशाख माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व होता है यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से व्रत और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख समृद्धि आती है । सनातन परंपरा के अनुसार मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है वर्ष 2026 में वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि 15 अप्रैल को रखी जाएगी पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा और इसका समापन 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 11 मिनट पर होगा इसलिए व्रत और पूजा 15 अप्रैल को ही की जाएगी। इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण पूजा समय निशिता काल माना जाता है जो रात्रि 12 बजकर 15 मिनट से 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा इसी समय भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक और अमृत काल सुबह 7 बजकर 37 मिनट से रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। मासिक शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व भी बहुत गहरा है यह व्रत आत्मशुद्धि मानसिक शांति और जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए रखा जाता है विशेष रूप से विवाह में आ रही बाधाओं और कष्टों को दूर करने के लिए इसे अत्यंत प्रभावी माना गया है। पूजा विधि के अनुसार श्रद्धालुओं को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए इसके बाद शिवलिंग का जल और पंचामृत से अभिषेक किया जाता है भगवान शिव को बेलपत्र धतूरा भांग शमी पत्र सफेद चंदन और फूल अर्पित किए जाते हैं वहीं माता पार्वती को सुहाग सामग्री और लाल वस्त्र चढ़ाए जाते हैं। इस दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप और शिव गायत्री मंत्र का उच्चारण अत्यंत शुभ माना जाता है साथ ही शिवरात्रि व्रत कथा का श्रवण या पाठ भी किया जाता है रात्रि के निशिता काल में विशेष पूजा करने के बाद अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है। इस प्रकार वैशाख मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है जो भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
सोमवार के शुभ अवसर पर शिव पूजा कैसे करें, जलाभिषेक से लेकर आरती तक पूरी जानकारी

नई दिल्ली। सनातन धर्म में भगवान शिव को ‘आशुतोष’ कहा गया है, अर्थात् जो थोड़े से प्रयास और निष्कलंक भक्ति से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। उनके प्रसन्न होने पर जीवन के क्लेश, रोग, शोक, दुर्भाग्य और बाधाएं दूर हो जाती हैं। विशेष रूप से सोमवार का दिन शिव पूजन के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। शिवपुराण, लिंगपुराण और स्कंदपुराण में वर्णित उपायों से सोमवार को भोलेनाथ को प्रसन्न किया जा सकता है। सोमवार शिव पूजा का महत्वसोमवार का दिन चंद्रमा और भगवान शिव दोनों से जुड़ा हुआ है। इस दिन शिव की पूजा करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य, धन-समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है। शिवपुराण के अनुसार, सोमवार को किया गया भजन, जप और व्रत जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करता है। सच्चे भाव से शिव की आराधना करने वाले भक्तों के समस्त कष्ट हर लिए जाते हैं, और भगवान आशुतोष स्वरूप शीघ्र प्रसन्न होकर वरदान देते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शिव ध्यानब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। ध्यान करते समय भगवान शिव के त्रिनेत्र, जटाजूट में गंगा, माथे पर चंद्रमा और नीलकंठ स्वरूप का स्मरण करें।मौन साधना करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें। इस विधि से पूर्व जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और मन की एकाग्रता बढ़ती है। शिवलिंग पर पंचामृत और गंगाजल अभिषेकसोमवार को शिवलिंग का अभिषेक अत्यंत महत्वपूर्ण है। सबसे पहले दूध, दही, घी, शहद और शुद्ध जल से बना पंचामृत अर्पित करें। इसके बाद गंगाजल से अभिषेक करें। अभिषेक के समय ॐ नमः शिवाय, ॐ रुद्राय नमः और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।इस विधि से मन की शुद्धि होती है, रोग दूर होते हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। प्रिय वस्तुएं अर्पित करेंभगवान शिव को बिल्वपत्र, धतूरा, आक के फूल और भस्म अत्यंत प्रिय हैं। बिल्वपत्र (तीन दल वाला) अर्पित करें, क्योंकि यह ब्रह्मा, विष्णु और शिव का प्रतीक है।धतूरा और आक के फूल चढ़ाने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं।भस्म लगाना भी शुभ माना जाता है।अर्पण करते समय भावपूर्वक ‘ॐ नमः शिवाय’ का उच्चारण करें।सोमवार व्रत, शिव कथा और महामृत्युंजय मंत्र सोमवार का व्रत रखने से धन, आरोग्य और शांति प्राप्त होती है। व्रत में फलाहार करें और शाम को शिव कथा का श्रवण करें।महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फलदायी है: ॐ त्र्यंबकं यजामहे सुगंधिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ इस मंत्र का 108 बार जाप रुद्राक्ष माला से करें। इससे अकाल मृत्यु, रोग और भय का नाश होता है। समर्पण ही सर्वोच्च उपायशिवपुराण में कहा गया है कि यदि भक्त के पास पूजन सामग्री न हो तो केवल सच्चे भाव और समर्पण से भी भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। निष्काम भाव से शिव का स्मरण करने वाले भक्त के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और उन्हें शांति, स्वास्थ्य और सौभाग्य प्राप्त होता है। सोमवार को ये सरल विधियां अपनाकर भगवान शिव की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। नियमित शिव भक्ति से भक्त को आशुतोष महादेव की असीम कृपा प्राप्त होती है और जीवन सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो जाता है।
मंगलवार, 7 अप्रैल : अभिजित व विजय मुहूर्त सहित पंचांग विवरण

नई दिल्ली । सनातन धर्म में पंचांग के पांच अंग – तिथि नक्षत्र योग करण और वार – का विशेष महत्व है। इन्हीं के आधार पर दिन की शुरुआत और शुभ-अशुभ समय तय किया जाता है। 7 अप्रैल मंगलवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है जो दोपहर 4 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी। सूर्य और चंद्रमा की गणना के अनुसार पूरे दिन पंचमी तिथि का ही प्रभाव रहेगा। दृक पंचांग के अनुसार मंगलवार को ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा। योग व्यतीपात दोपहर 4 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 42 मिनट पर। चंद्रमा रात 11 बजकर 50 मिनट पर उदित होगा और अगले दिन सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर अस्त होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचांग में दिए गए शुभ-अशुभ समय को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कार्य जैसे पूजा नया काम शुरू करना या यात्रा योजना बनाना चाहिए। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य फलदायी माने जाते हैं जबकि अशुभ समय में किए गए कार्य निष्फल हो सकते हैं। 7 अप्रैल के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं – ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 34 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट तक और अमृत काल शाम 8 बजकर 1 मिनट से 9 बजकर 49 मिनट तक प्रभावी रहेगा। अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट तक यमगण्ड सुबह 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 49 मिनट तक गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 36 मिनट से 9 बजकर 27 मिनट तक और वर्ज्य समय सुबह 9 बजकर 14 मिनट से 11 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। पूरे दिन गण्ड मूल का प्रभाव रहेगा और बाण रज सुबह 6 बजकर 32 मिनट तक सक्रिय रहेगा। इस प्रकार 7 अप्रैल का दिन पंचांग के अनुसार कई महत्वपूर्ण मुहूर्त प्रदान करता है जिनका उपयोग पूजा यात्रा और नए कार्यों में किया जा सकता है। साथ ही अशुभ समय से बचकर कार्य करने से समस्याओं और असफलताओं से बचा जा सकता है। यह दिन विशेष रूप से अभिजित और विजय मुहूर्त के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
11 अप्रैल से गुरु की राशि में बनेगा मंगल-बुध-शनि का त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली। अप्रैल की शुरुआत मीन राशि में मंगल, शनि और सूर्य के त्रिग्रही योग के साथ हुई, और यह योग 14 अप्रैल 2026 तक सक्रिय रहेगा, जब सूर्य मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। 10 और 11 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि 01:20 बजे बुध मीन राशि में गोचर करेंगे, जिससे मीन राशि में बुध, मंगल, शनि और सूर्य मिलकर चतुर्ग्रही योग बनाएंगे। 21 दिन तक त्रिग्रही योग का असर सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के बाद भी मीन राशि में मंगल, बुध और शनि रहेंगे और यह त्रिग्रही योग 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। 30 अप्रैल को बुध के मेष राशि में गोचर करने के बाद यह योग समाप्त होगा। इस अवधि में 4 राशियों को धन लाभ, करियर तरक्की और निवेश में फायदा मिलेगा, जबकि मेष, सिंह और कुंभ राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। वृषभ राशि – नए धन स्रोत मिलेंगे 11 अप्रैल से वृषभ राशि वालों के लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। नए स्रोतों से आमदनी बढ़ेगी। बिजनेस करने वालों के लिए बड़ी डील फाइनल होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या बोनस मिलने के योग हैं। मिथुन राशि – करियर में उछाल मिथुन राशि के स्वामी बुध के त्रिग्रही योग में शामिल होने से करियर में बड़ा उछाल आएगा। नौकरी में पदोन्नति और सैलरी बढ़ोतरी के मौके मिल सकते हैं। कारोबारियों के लिए समय बहुत फायदेमंद रहेगा और पैसों की आवक बढ़ेगी। वृश्चिक राशि – निवेश से लाभ त्रिग्रही योग वृश्चिक राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा। साहसिक निवेश और फैसलों से बड़ा रिटर्न मिलने के योग हैं। कुछ जातक अचानक मालामाल हो सकते हैं, लेकिन फैसले सोच-समझकर लें। धनु राशि – विदेश यात्रा और संपत्ति लाभ धनु राशि के स्वामी गुरु हैं और यह योग धनु राशि वालों को पैतृक संपत्ति या फंसे हुए पैसे की वापसी का अवसर देगा। कुछ जातकों के लिए विदेश यात्रा के भी योग बन रहे हैं।
ईश्वर के करीब होने के संकेत! अगर दिखें ये बातें तो समझें किस्मत बदलने वाली है

नई दिल्ली। भगवान की कृपा पाने के लिए लोग पूजा-पाठ, भजन और प्रार्थनाएं करते हैं। लेकिन जब सच में ईश्वर की विशेष कृपा होती है, तो उसका असर सिर्फ बाहरी जीवन में नहीं बल्कि व्यक्ति के अंदर गहराई तक दिखाई देता है। मन शांत होता है, सोच बदल जाती है और जीवन को देखने का नजरिया भी अलग हो जाता है। धीरे-धीरे व्यक्ति संसार से ऊपर उठकर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने लगता है। दया और प्रेम से भर जाता है मनजब भगवान की कृपा होती है, तो व्यक्ति के भीतर हर किसी के लिए प्रेम और करुणा की भावना जाग जाती है। वह अपने-पराए में फर्क नहीं करता और जिसने उसे दुख दिया हो, उसे भी आसानी से माफ कर देता है। उसके लिए हर घटना भगवान की इच्छा बन जाती है, जिसे वह सहजता से स्वीकार कर लेता है। सुख-दुख से परे हो जाता है व्यक्तिऐसा इंसान न ज्यादा खुशी में बहकता है और न ही दुख में टूटता है। वह हर परिस्थिति में संतुलित और शांत रहता है। उसका मन केवल भगवान के स्मरण में लगा रहता है और वह उसी में संतुष्टि महसूस करता है। हर किसी में अच्छाई देखनाभगवान की कृपा पाने वाला व्यक्ति दूसरों की बुराइयों को नजरअंदाज कर देता है। उसे हर इंसान में कुछ न कुछ अच्छा जरूर दिखता है। वह दोष ढूंढने के बजाय अच्छाई को अपनाने की कोशिश करता है। दुनिया से थोड़ा अलग हो जानाजब ईश्वर के प्रति लगाव बढ़ता है, तो सांसारिक चीजें धीरे-धीरे कम आकर्षित करने लगती हैं। व्यक्ति अकेले रहकर भजन, ध्यान और साधना में अधिक आनंद महसूस करता है। उसे भीड़-भाड़ से ज्यादा शांति में सुकून मिलता है। दूसरों के कल्याण की भावनाभगवान का सच्चा भक्त केवल अपने बारे में नहीं सोचता, बल्कि दूसरों के भले की कामना करता है। वह निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद करता है और बदले में कुछ भी पाने की इच्छा नहीं रखता। भगवत चर्चा में ही आनंदऐसे व्यक्ति को भगवान से जुड़ी बातें करना, सुनना और समझना ही अच्छा लगता है। उसे दुनिया की अन्य बातों में ज्यादा रुचि नहीं रहती, क्योंकि उसका मन पूरी तरह आध्यात्मिकता में रम जाता है। जब भगवान की कृपा होती है, तो इंसान का पूरा व्यक्तित्व बदल जाता है। उसका मन शांत, विचार सकारात्मक और जीवन संतुलित हो जाता है। वह बाहरी सुखों के बजाय आंतरिक शांति और ईश्वर के साथ संबंध में ही सच्चा आनंद खोजने लगता है।
अप्रैल 2026 में विवाह और मांगलिक कार्य के शुभ मुहूर्त: जानें कौन से दिन करें शादी और गृह प्रवेश

नई दिल्ली। अप्रैल 2026 में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की तैयारी कर रहे लोगों के लिए शुभ समाचार है। सनातन धर्म में खरमास को विशेष रूप से शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। खरमास साल में दो बार आता है और जब सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब यह अवधि शुरू होती है। यह पूरे एक महीने तक चलता है और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, सगाई, मुंडन और नए व्यापार या संपत्ति की खरीद जैसी मांगलिक गतिविधियों से बचने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रह को पिता पक्ष का प्रतिनिधि और ग्रहों का राजा माना गया है। जब सूर्य मीन या धनु राशि में होते हैं, तो उनका तेज कम हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य का तेज मांगलिक कार्यों के लिए शुभ फल देने के लिए आवश्यक है। इसलिए खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से उसका परिणाम अनिश्चित या अशुभ माना जाता है। इस बार अप्रैल 2026 में खरमास 14 अप्रैल को समाप्त हो जाएगा। इस दिन सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का राशि परिवर्तन होते ही खरमास का प्रभाव समाप्त हो जाएगा और 15 अप्रैल से विवाह, मुंडन, नामकरण, गृह प्रवेश और नए कार्य जैसे मांगलिक कार्य फिर से शुभ और फलदायक हो जाएंगे। विवाह के लिए अप्रैल में कुल 8 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। ये तिथियां हैं: 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल 2026। वहीं गृह प्रवेश के लिए अप्रैल में केवल एक मुहूर्त उपलब्ध है, जो 21 अप्रैल 2026 को पड़ रहा है। इस दिन गृह प्रवेश करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस प्रकार, अप्रैल के दूसरे भाग से मांगलिक कार्यों की योजना बनाने वालों के लिए समय अत्यंत अनुकूल है। विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्यक्रमों की तैयारी करने वाले परिवारों को इस अवधि का लाभ उठाना चाहिए। इस समय सूर्य का तेज पूर्ण रूप से प्रभावी होने के कारण सभी शुभ कार्य सफलता और मंगल की प्राप्ति के साथ संपन्न होंगे। अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्तों का पालन कर योजना बनाना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह आपके कार्यक्रम को सफल और सौभाग्यपूर्ण बनाने में भी मदद करेगा।
Ravivar Mantra: सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए अपनाएं ये आसान पूजा विधि

नई दिल्ली। सूर्य भगवान की पूजा अर्चना करने से आपके जीवन में चल रही सभी परे दिन सूर्य भगवान की पूजा अर्चना करके उनकी कृपा प्राप्त कर लें। ज्योतिष शास्त्र में भी बताया गया है कि जो जातक सूर्य देव की पूजा अर्चना करेंगे उनका व्रत रहेंगे उनके घर परिवार में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहेगी। सूर्य भगवान की कृपा से रुका हुआ काम भी बनने लगता है आपकी कई परेशानियां खत्म हो जाती है। आज के दिन आपको उनके कुछ चमत्कारी मंत्रों का भी जाप करना चाहिए। पूजा विधिआपको सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद तांबे के लोटे में सिंदूर अक्षत और लाल फूल डालकर आप सूर्य भगवान को जल अर्पित करें। इसके बाद पूजा के चौकी में लाल रंग का कपड़ा रखकर सूर्य देव की तस्वीर स्थापित करें। भगवान को रोली, अक्षत, सुपारी, फूल आदि चढ़ाएं। फल व मिष्ठान का भोग लगाएं और फिर धूप दिखाएं।अब रविवार की व्रत कथा पढ़े या सुने। अंत में सूर्य देव की आरती जरूर करें। इन मंत्रों का करें जापॐ ह्रां भानवे नम: ॐ हृों खगाय नम: ॐ हृां मित्राय नम: ॐ हृीं रवये नम: ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः। ॐ ह्रां हिरण्यगर्भाय नमः ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।। ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:। ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ। ऊं घृणिं सूर्य्य: आदित्य:। इस प्रकार करें सूर्य भगवान को प्रसन्नसूर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिए आज के दिन आपको लाल कपड़ा पहनना चाहिए ऐसा माना जाता है कि सूर्य भगवान को लाल कपड़ा अधिक प्रिय है। इससे उनकी कृपा आपके ऊपर बनी रहती है। वहीं अगर आपका कोई भी काम नहीं बन रहा है तो आप सूर्य देव को अर्घ्य देते समय गुलहड़ का एक फूल लेकर सूर्य भगवान का मंत्र उच्चारण करके जल में डालकर अर्घ्य दें। इससे भगवान की कृपा पर बनी रहती है। इसके अलावा आज के दिन जरूरतमंदों को दान भी देना चाहिए।