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Venus Transit 2026: शुक्र के मिथुन राशि में गोचर से इन राशियों को होगा लाभ, खुलेंगे सुख-समृद्धि के रास्ते

नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख, सौंदर्य, प्रेम और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। जब भी यह ग्रह अपनी स्थिति बदलता है, तो इसका असर व्यक्ति के जीवन, आर्थिक स्थिति और जीवनशैली पर गहराई से पड़ता है। वर्ष 2026 में 14 मई को शुक्र देव अपनी स्वराशि वृषभ से निकलकर बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। यह गोचर कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति और जीवन में सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी का संकेत माना जा रहा है। बुध–शुक्र का शुभ संयोग बुध और शुक्र के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। मिथुन राशि में शुक्र का प्रवेश एक सकारात्मक योग बना रहा है। इस अवधि में लोगों की संवाद क्षमता, रचनात्मकता और व्यापारिक समझ में वृद्धि होगी। साथ ही विलासिता से जुड़ी वस्तुओं की मांग बढ़ने और बाजार में हलचल तेज होने की संभावना जताई जा रही है। मीडिया, फैशन और मार्केटिंग से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। इन राशियों पर होगा प्रभाव, बदलेगी किस्‍मत  मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर में नई ऊर्जा लेकर आएगा। तीसरे भाव में शुक्र के प्रभाव से साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बनेगी। जीवन में सुख-सुविधाओं में भी वृद्धि होगी। मिथुन राशि शुक्र के अपनी ही राशि के लग्न भाव में आने से मिथुन राशि वालों का व्यक्तित्व और आकर्षण बढ़ेगा। आत्मविश्वास मजबूत होगा और लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे। रिश्तों में मजबूती आने की संभावना है और समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। कन्या राशि कन्या राशि के लिए यह गोचर कर्म भाव में शुभ प्रभाव डालेगा। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। घर या वाहन खरीदने की योजना के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। शुक्र को मजबूत करने के उपाय शुक्र के शुभ प्रभाव पाने के लिए गोचर के दिन लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने की सलाह दी जाती है। शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही, चावल या सफेद वस्त्रों का दान लाभकारी माना जाता है। साथ ही घर में घी का दीपक जलाकर “ॐ शुं शुक्राय नमः” मंत्र का जाप करने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।

अक्षय तृतीया 2026 पर बन रहा अक्षय योग इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

नई दिल्ली । हर साल वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाने वाला अक्षय तृतीया इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रहा है। वर्ष 2026 में इस दिन ‘अक्षय योग’ का निर्माण हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशियों में रहेंगे, जिससे इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह स्थिति धन, करियर, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम देने वाली मानी जाती है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार इस शुभ योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। सबसे पहले मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उन्नति का संकेत दे रहा है। नौकरी में कार्यों की सराहना होगी और सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। हालांकि, थोड़ी आर्थिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन जीवनसाथी के सहयोग से स्थिति संतुलित रहेगी। इस दौरान स्वास्थ्य पर ध्यान देना जरूरी होगा। तुला राशि के जातकों के लिए यह समय राहत और खुशियों से भरा रहने वाला है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आएगी और परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है और यात्रा या घूमने का अवसर भी मिल सकता है। धनु राशि के लिए यह समय भाग्यवृद्धि का संकेत दे रहा है। कम मेहनत में अच्छे परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं। छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी, जबकि जीवनसाथी का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ाएगा। आर्थिक स्थिति में सुधार और नए कार्यों की शुरुआत के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इस अक्षय योग का असर मुख्य रूप से करियर, धन, शिक्षा और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ रिश्तों में मधुरता और मानसिक शांति भी बढ़ने की संभावना है। कुल मिलाकर यह समय कई लोगों के लिए नई संभावनाओं और सकारात्मक बदलावों की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है।

18 अप्रैल का राशिफल: प्रीति योग और अश्विनी नक्षत्र का असर, इन राशियों के रिश्तों में आएगी मिठास

नई दिल्ली । आज 18 अप्रैल, शनिवार का दिन है। इस दिन भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन अश्विनी नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बन रहा है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। कुछ राशियों के लिए दिन शुभ रहेगा, जबकि कुछ को सावधानी बरतने की जरूरत है। मेष से मीन तक जानें दिन का हाल- मेष राशिआज थोड़ा थकान महसूस हो सकती है, लेकिन प्रेम संबंधों में नजदीकियां बढ़ेंगी। काम में लाभ होगा, बस खर्चों पर नियंत्रण रखें। थोड़ा आराम करना फायदेमंद रहेगा। वृषभ राशिकरियर में सुधार दिखेगा और लव लाइफ भी संतुलित रहेगी। ऑफिस में विवाद से बचें और सेहत को नजरअंदाज न करें। शांत स्वभाव दिन को आसान बनाएगा। मिथुन राशिदिन खुशी और अच्छी खबर लेकर आ सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। काम में व्यस्तता रहेगी, लेकिन परिणाम आपके पक्ष में रहेगा।कर्क राशिथोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है। सेहत का ध्यान रखें और रिश्तों में सोच-समझकर बात करें। धैर्य से हालात बेहतर होंगे।सिंह राशिआज जोखिम लेने से बचें। परिवार और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। काम धीरे-धीरे सही दिशा में बढ़ेगा। कन्या राशिगले या नाक से जुड़ी परेशानी हो सकती है। काम में उतार-चढ़ाव रहेगा, लेकिन परिवार का साथ मिलेगा। खानपान पर ध्यान दें। तुला राशिदिन सामान्य रहेगा, लेकिन पेट संबंधी दिक्कत हो सकती है। काम का दबाव रहेगा और रिश्तों में हल्की खटास आ सकती है। ओवरथिंकिंग से बचें। वृश्चिक राशिआर्थिक मामलों में सतर्क रहें। अनावश्यक खर्च या नुकसान हो सकता है। विवादों से दूरी बनाए रखें। धनु राशिविरोधियों पर बढ़त मिलेगी और काम में अवसर मिलेंगे। मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है, इसलिए सकारात्मक सोच बनाए रखें। मकर राशिमन परेशान रह सकता है और रिश्तों में बहस की स्थिति बन सकती है। बड़े फैसले टालना बेहतर रहेगा। शांति से सोचने पर समाधान मिलेगा। कुंभ राशिघर में तनाव हो सकता है और मां की सेहत को लेकर चिंता रहेगी। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलें। मीन राशिमन में घबराहट रह सकती है और रिश्तों में तनाव आ सकता है। सेहत का ध्यान रखें और खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करें।

अक्षय तृतीया पर बन रहा दुर्लभ योग सोना खरीदने का सबसे शुभ समय और पूजा तरीका

नई दिल्ली । अक्षय तृतीया का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। इस दिन को “अबूझ मुहूर्त” भी कहा जाता है, यानी किसी भी शुभ कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, जप, तप और पूजा का फल अक्षय होता है, यानी उसका कभी क्षय नहीं होता। इस वर्ष अक्षय तृतीया 2026 का पर्व विशेष ज्योतिषीय संयोगों के कारण और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया पर रवि योग, त्रिपुष्कर योग, सौभाग्य योग और आयुष्मान योग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही शुक्र ग्रह के अपनी स्वराशि में होने से मालव्य महापुरुष राजयोग और गजकेसरी योग का निर्माण भी हो रहा है, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है। पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:48 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल को सुबह 7:27 बजे समाप्त होगी। इस अवधि को अत्यंत शुभ माना गया है और इस दौरान किए गए कार्यों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था और इसका संबंध सतयुग एवं त्रेतायुग की शुरुआत से भी जोड़ा जाता है। महाभारत काल में श्रीकृष्ण द्वारा पांडवों को दिया गया अक्षय पात्र भी इसी दिन की महिमा से जुड़ा माना जाता है। पूजा विधि के अनुसार घर में चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। सबसे पहले कलश स्थापना कर उनका आह्वान करें। गंगाजल से स्नान कराकर चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें। पीले वस्त्र, फल, मिठाई और विशेष रूप से खीर या सत्तू का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके बाद मंत्र जप और आरती करें। सोना खरीदने के लिए इस दिन कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। 19 अप्रैल को सुबह 10:49 से 20 अप्रैल की सुबह 05:51 तक सोना खरीदना शुभ माना गया है। इसके अलावा 20 अप्रैल को दोपहर 02:26 से 03:52 तक अमृत मुहूर्त और 02:30 से 03:22 तक विजय मुहूर्त भी बेहद शुभ माना गया है। इस समय किया गया निवेश और खरीदारी विशेष फलदायी मानी जाती है।

17 अप्रैल का राशिफल: जानें कैसा रहेगा आज आपका दिन, किसे मिलेगा लाभ-किसे रहना होगा सावधान

नई दिल्ली । आज 17 अप्रैल है और दिन शुक्रवार है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन का ग्रह स्वामी शुक्र है, जिसे धन, वाहन, वैवाहिक सुख और स्त्री तत्व से जुड़ा माना जाता है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर राशिफल का आकलन किया जाता है। इसी क्रम में 17 अप्रैल 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए शुभ तो कुछ के लिए सामान्य या सावधानी भरा रह सकता है। आइए जानें मेष से मीन तक सभी राशियों का हाल- मेष राशि मेष राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। आपका मिलनसार स्वभाव लोगों को प्रभावित करेगा और अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। घर से जुड़े कार्यों में रुचि बढ़ेगी, हालांकि परिवार में हल्की नोकझोंक संभव है। सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। व्यक्तित्व प्रभावशाली रहेगा, लेकिन कार्यस्थल पर सावधानी जरूरी है। पुराने उधार चुकाने और घरेलू काम पूरे करने के लिए दिन अनुकूल है। आर्थिक रूप से अच्छी खबर मिल सकती है और स्वास्थ्य के लिए नई शुरुआत लाभकारी होगी। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए दिन मिला-जुला रहेगा। काम का दबाव थकान दे सकता है, लेकिन आय में वृद्धि के संकेत हैं। संतान से जुड़ी शुभ सूचना मिल सकती है। पुराने मित्रों से मुलाकात खुशी देगी, हालांकि अपेक्षाओं पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन अच्छा रहेगा। कर्क राशि कर्क राशि के लिए दिन सामान्य से बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और ध्यान-योग से लाभ मिलेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी बढ़ेगी और परिवार में सुखद माहौल रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए दिन संतुलित और आरामदायक रहेगा। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा और भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। किसी सामाजिक आयोजन में शामिल हो सकते हैं। नए कार्य की शुरुआत के लिए दिन अनुकूल है। कन्या राशि कन्या राशि वालों को आज सावधानी रखनी होगी। व्यवहार में संयम जरूरी है, नहीं तो रिश्तों में तनाव आ सकता है। आर्थिक लेन-देन में सतर्क रहें। स्वास्थ्य और विवादों से दूरी बनाए रखना लाभकारी रहेगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए दिन लाभदायक रहेगा। निवेश से फायदा मिल सकता है और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। नए आइडिया सफल होंगे और प्रॉपर्टी से जुड़े कार्य आगे बढ़ सकते हैं। दोस्तों का सहयोग मिलेगा।वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के लिए दिन अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बितेगा और नई योजनाएं बन सकती हैं।धनु राशि धनु राशि वालों के लिए दिन प्रगति देने वाला रहेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, लेकिन सेहत का ध्यान रखें। मकर राशि मकर राशि वालों के लिए दिन मेहनत का फल देने वाला रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में लाभ के संकेत हैं। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी होगा, जबकि प्रेम जीवन सुखद रहेगा। कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। दोस्तों के साथ समय बिताकर मन प्रसन्न रहेगा। करियर में मित्रों का सहयोग मिलेगा, हालांकि परिवार में हल्की चिंता रह सकती है। मीन राशि मीन राशि वालों को आज सावधानी रखनी होगी। कार्यस्थल पर सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों से बचें। खर्च बढ़ सकते हैं, लेकिन परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताकर मानसिक सुकून मिलेगा। प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव संभव है।

धार्मिक आस्था का पावन पर्व अक्षय तृतीया पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब और विशेष परंपराएं

नई दिल्ली । सनातन धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत पवित्र और शुभ तिथि माना जाता है जिसे अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाले पुण्य का प्रतीक कहा गया है। यह तिथि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है और मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पुण्य और शुभ कार्यों का फल अक्षय रूप से प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस दिन पूरे 24 घंटे को शुभ मुहूर्त माना जाता है और किसी विशेष समय की आवश्यकता नहीं पड़ती। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन नए कार्यों की शुरुआत, विवाह, निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को अत्यंत शुभ माना जाता है। इसी दिन से कई महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं और परंपराओं की शुरुआत भी होती है, जिनमें चार धाम यात्रा का शुभारंभ प्रमुख है। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट इसी दिन श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं, जबकि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम भी इसी शुभ अवसर पर भक्तों के लिए दर्शन हेतु खुलते हैं। पुरी में भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध रथ यात्रा की तैयारियों की शुरुआत भी अक्षय तृतीया से ही मानी जाती है। इसी दिन भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन विशाल रथों का निर्माण कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ होता है। मंदिर के पुजारी भगवान को माला अर्पित कर रथ निर्माण की परंपरा का शुभारंभ करते हैं, जो आगे चलकर विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा का स्वरूप लेती है। वृंदावन में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व देखने को मिलता है। यहां बांके बिहारी मंदिर में भगवान के चरण कमलों के दर्शन वर्ष में केवल इसी दिन भक्तों को होते हैं। इसके अलावा मंदिरों में फूलों और चंदन से विशेष श्रृंगार किया जाता है, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास का माहौल बन जाता है। दक्षिण भारत में भी इस पर्व की अनूठी परंपराएं देखने को मिलती हैं। आंध्र प्रदेश के सिंहाचलम मंदिर में इस दिन भगवान वराह नरसिंह पर लगी चंदन की परत हटाकर उनके वास्तविक स्वरूप के दर्शन भक्तों को कराए जाते हैं। वहीं तमिलनाडु के कई विष्णु मंदिरों में गरुड़ वाहन पर भव्य शोभा यात्राएं निकाली जाती हैं। ओडिशा के रेमुना मंदिर में भगवान क्षीरचोरा गोपीनाथ को चंदन का लेप लगाकर गर्मी से राहत देने की परंपरा निभाई जाती है। यह आयोजन भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया का संबंध कई पौराणिक घटनाओं से भी जोड़ा जाता है। कहा जाता है कि इसी दिन त्रेता युग का आरंभ हुआ था, गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, महाभारत की रचना शुरू हुई थी और भगवान परशुराम का अवतार भी इसी दिन माना जाता है। साथ ही माता अन्नपूर्णा का प्राकट्य और कुबेर को धन के देवता का स्थान भी इसी तिथि से जुड़ा हुआ बताया जाता है। इस दिन सोना, हल्दी, पीली सरसों, रूई और कौड़ी जैसी वस्तुओं की खरीद को शुभ माना जाता है। श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा, दान और सत्कर्म कर जीवन में सुख, समृद्धि और अक्षय पुण्य की कामना करते हैं। अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं बल्कि आस्था, परंपरा और शुभता का अद्भुत संगम माना जाता है जो भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाता है।

अमावस्या के दिन लाल वस्तुओं, गुड़ और अनाज का दान करने से ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव समाप्त होकर मान-सम्मान में वृद्धि होती है।

नई दिल्ली :आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से वर्ष 2026 की चैत्र अमावस्या अत्यंत महत्वपूर्ण होने जा रही है। इस विशिष्ट तिथि पर ग्रहों के राजा सूर्य और मन के कारक चंद्रमा एक साथ मेष राशि में विराजमान होकर एक दुर्लभ युति का निर्माण कर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्रमा के इस मिलन को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है, विशेषकर जब यह मेष जैसी ऊर्जावान राशि में घटित हो रहा हो। इस खगोलीय घटना के प्रभाव से न केवल चराचर जगत में ऊर्जा का संचार होगा, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में पितृ दोष से मुक्ति और संचित पापों के शमन के लिए भी यह समय सर्वोत्तम माना जा रहा है। ग्रहों का महामिलन और आध्यात्मिक महत्वशास्त्रों के अनुसार अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित होती है और मेष राशि में इस युति के होने से दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान के पश्चात अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करने की प्राचीन परंपरा रही है। मेष राशि अग्नि तत्व की राशि है और इसके स्वामी मंगल हैं, इसलिए इस दौरान लाल रंग की वस्तुओं, जैसे मसूर की दाल, तांबा या लाल वस्त्रों का दान विशेष रूप से फलदायी बताया गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन निष्काम भाव से जरूरतमंदों की सहायता करता है, उसके जीवन से मानसिक अशांति और कार्यक्षेत्र में आ रही बाधाएं स्वतः ही समाप्त होने लगती हैं। दान की महिमा और सुख-समृद्धि के उपायइस विशिष्ट योग के दौरान गुड़ और गेहूं का दान करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, जिससे समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। वहीं चंद्रमा की शांति के लिए दूध, चावल या चांदी का दान करना उत्तम रहता है, जो मानसिक स्थिरता और पारिवारिक सुख-शांति में वृद्धि करता है। विद्वानों का मत है कि अमावस्या पर किया गया तर्पण और दान न केवल पूर्वजों को तृप्त करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सौभाग्य के द्वार खोलता है। विशेष रूप से इस वर्ष मेष राशि की युति आत्म-साक्षात्कार और नई शुरुआत के लिए एक सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर रही है। नकारात्मकता का नाश और पुण्य की प्राप्तिधार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे दीप प्रज्वलित करना और विशेष उपासना करना कष्टों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। चूंकि मेष राशि चक्र की प्रथम राशि है, इसलिए इस युति के दौरान किया गया संकल्प और दान पूरे वर्ष के लिए एक मजबूत आधार तैयार करता है। इस समय काल में सात्विकता बनाए रखना और वाणी पर संयम रखना अनिवार्य बताया गया है। दान की प्रक्रिया में स्वच्छता और श्रद्धा का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि बिना भाव के किया गया दान पूर्ण फल प्रदान नहीं करता है। जीव सेवा से संवरेगा भविष्यअमावस्या के इस पावन अवसर पर चींटियों को आटा डालना और पक्षियों को दाना खिलाना भी विशेष पुण्यकारी माना गया है। प्रकृति और जीव-जंतुओं की सेवा का यह मार्ग व्यक्ति को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक ले जाता है। कुल मिलाकर यह समय आत्म-शुद्धि और परोपकार के माध्यम से अपने भाग्य को संवारने का एक अनमोल अवसर है। जो लोग लंबे समय से आर्थिक तंगी या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए मेष राशि की यह सूर्य-चंद्र युति और अमावस्या का विधान एक नई आशा की किरण लेकर आया है।

48 घंटे का चतुर्ग्रही योग आज से शुरू, इन राशि वालों को होगी तरक्की, मिलेगा धन लाभ

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब एक ही राशि में चार ग्रह एक साथ स्थित होते हैं, तो चतुर्ग्रही योग बनता है, जिसे बेहद प्रभावशाली माना जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक 16 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच ऐसा ही खास संयोग बन रहा है, जो करीब 48 घंटे तक सक्रिय रहेगा। इसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान मेष, मिथुन, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है। धन, करियर और भाग्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव संभव हैं। साथ ही इस अवधि में मां लक्ष्मी और कुबेर देव की कृपा भी इन राशियों पर बनी रह सकती है। चतुर्ग्रही योग का असरचतुर्ग्रही राजयोग का प्रभाव पूरी तरह ग्रहों की स्थिति और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है। यह योग कभी अत्यंत शुभ तो कभी सामान्य फल भी दे सकता है, लेकिन इस बार यह कई लोगों के लिए उन्नति के नए अवसर लेकर आ सकता है। मेष राशिमेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी हो सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पहले की तुलना में वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है और व्यापार में नए मौके सामने आ सकते हैं। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि निवेश के लिहाज से फायदेमंद रह सकती है। धन में बढ़ोतरी के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात आगे बढ़ने में सहायक हो सकती है। सिंह राशिसिंह राशि के लोगों के लिए यह योग प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन लाभ के कई अवसर मिल सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता और पैतृक संपत्ति से लाभ के संकेत हैं। धनु राशिधनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी और पदोन्नति के योग बन सकते हैं। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो उसमें राहत मिलने की संभावना है। साथ ही पुराने कर्ज से मुक्ति और आय में वृद्धि के संकेत हैं।

आज का राशिफल 16 अप्रैल 2026: मिथुन और मीन राशि को मिलेगा आर्थिक लाभ

नई दिल्ली। 16 अप्रैल 2026 को ग्रहों की विशेष चाल और चंद्रमा का मेष राशि में गोचर मिलकर कई राशियों के लिए नए अवसर और आर्थिक उतार-चढ़ाव के संकेत दे रहे हैं। इस दिन सूर्य और शुक्र की युति जहां कुछ राशियों के लिए लाभदायक साबित होगी, वहीं कुछ को खर्च और सावधानी की जरूरत भी रहेगी।  ग्रहों की स्थिति का प्रभावआज चंद्रमा मेष राशि में सूर्य के साथ युति बना रहा है, जिससे आत्मविश्वास और नई शुरुआत के अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं एकादश और दशम भाव की सक्रियता आर्थिक लाभ के योग बना रही है। दूसरी ओर, अष्टम और द्वादश भाव के प्रभाव से अनचाहे खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए वित्तीय मामलों में सतर्कता जरूरी है। मेष राशि आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ने की संभावना है। निवेश से बचें और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। करियर: काम की गति धीमी रह सकती है, कोई बड़ा निर्णय फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। वृषभ राशि आर्थिक स्थिति: आय बढ़ सकती है लेकिन खर्च भी साथ बढ़ेंगे। संतुलन जरूरी है। करियर: कार्यस्थल पर दबाव रहेगा, लेकिन नए अवसर भी मिल सकते हैं। मिथुन राशि (लाभकारी संकेत) आर्थिक स्थिति: आर्थिक लाभ के मजबूत योग बन रहे हैं। संपर्कों से फायदा मिलेगा। करियर: जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, मेहनत से पहचान मिलेगी। कर्क राशि आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी जरूरी। करियर: पद और जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। सिंह राशि आर्थिक स्थिति: अनिश्चितता रहेगी, निवेश से बचें। करियर: अचानक बदलाव संभव हैं, धैर्य रखें।  कन्या राशि आर्थिक स्थिति: स्थिति स्थिर रहेगी लेकिन अचानक खर्च संभव है। करियर: काम में सराहना मिलेगी।  तुला राशि आर्थिक स्थिति: सामान्य स्थिति, खर्च पर नियंत्रण रखें। करियर: जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। वृश्चिक राशि आर्थिक स्थिति: जोखिम से बचें, खर्च बढ़ सकते हैं। करियर: काम का दबाव अधिक रहेगा। धनु राशि आर्थिक स्थिति: घर संबंधी खर्च बढ़ सकते हैं। करियर: ध्यान भटक सकता है, सतर्क रहें। मकर राशि आर्थिक स्थिति: आय-व्यय में उतार-चढ़ाव रहेगा। करियर: मेहनत से ही सफलता मिलेगी। कुंभ राशि आर्थिक स्थिति: खर्च पर नियंत्रण जरूरी है। करियर: बातचीत और कम्युनिकेशन से लाभ मिलेगा। मीन राशि (सबसे शुभ संकेत) आर्थिक स्थिति: आय बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं, आर्थिक उन्नति के योग। करियर: थोड़ी उलझन के बावजूद स्थिर प्रगति के संकेत।

श्रीशैलम का रहस्यमयी मंदिर: जहां ज्योतिर्लिंग बदलता है रंग और दिव्य सर्प करता है सुरक्षा

नई दिल्ली । भारत के प्राचीन मंदिरों में कई ऐसे स्थान हैं जो रहस्यों और आस्था से भरे हुए हैं। ऐसा ही एक अद्भुत मंदिर आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित है, जिसे श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर कहा जाता है। यह पवित्र धाम नल्लमाला की पहाड़ियों और कृष्णा नदी के किनारे बसा हुआ है। यह स्थान ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। यहां भगवान शिव को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग और माता शक्ति को भ्रामरांबा शक्ति पीठ के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि यहां पुरुष और स्त्री ऊर्जा का दिव्य संगम देखने को मिलता है, जो इस स्थान को और भी विशेष बनाता है। ज्योतिर्लिंग का बदलता रंग श्रीशैलम के इस पवित्र ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा जाता है कि यह दिन के अलग-अलग समय पर अपना रंग बदलता है। सुबह यह हल्का सफेद दिखाई देता है, दोपहर में पीला और शाम को इसमें लालिमा झलकती है। लोककथाओं के अनुसार, महाभारत काल में पांडवों ने अपने वनवास के दौरान यहां पांच गुप्त शिवलिंगों की स्थापना की थी।मल्लिकार्जुन नाम की पौराणिक कथा मल्लिकार्जुन नाम के पीछे एक रोचक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि देवी पार्वती ने शिवलिंग पर मल्लिका चमेली के फूल अर्पित किए थे, जिससे वह शिवलिंग सुरक्षित रहा और भगवान शिव प्रकट हुए। तभी से भगवान को मल्लिकार्जुन नाम से जाना जाता है और उन्हें चमेली के फूल चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई।दिव्य सर्प करता है मंदिर की रक्षा लोक मान्यताओं के अनुसार 16वीं सदी से एक दिव्य नाग अंपला इस मंदिर की रक्षा करता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यह सर्प अदृश्य रूप में मंदिर की परिक्रमा करता है और भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इसे नाग देवता का स्वरूप माना जाता है। दक्षिण कैलाश के रूप में प्रसिद्ध धाम प्राचीन ग्रंथों में इस पवित्र स्थल को दक्षिण कैलाश के नाम से वर्णित किया गया है। एक मान्यता यह भी है कि माता पार्वती ने यहां भौंरे का रूप धारण कर तपस्या की थी, जिसके कारण उन्हें भ्रामरांबा नाम से पूजा जाता है। साथ ही एक लोककथा यह भी प्रचलित है कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर भगवान गणेश एक अदृश्य लेखा-जोखा रखते हैं, जिसमें हर भक्त के कर्म दर्ज होते हैं। मान्यता है कि यहां साधना करने से व्यक्ति की चंद्र-शक्ति और सूर्य-ऊर्जा में संतुलन आता है और जीवन में आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है।