Chambalkichugli.com

mAadhaar ऐप हो सकता है बंद? नया Aadhaar App देगा ज्यादा सिक्योरिटी और प्राइवेसी फीचर्स

नई दिल्ली। UIDAI ने नए Aadhaar App को लेकर बड़ा अपडेट पेश किया है, जिसमें यूजर्स की सुरक्षा और प्राइवेसी को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने पर फोकस किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में पुराना mAadhaar ऐप धीरे-धीरे रिप्लेस किया जा सकता है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नए Aadhaar App में क्या खास है?नया ऐप पूरी तरह से डिजिटल पहचान को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं— QR कोड आधारित Aadhaar शेयरिंग, जिससे पूरा आधार नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी Selective Share फीचर, जिसमें यूजर तय कर सकता है कौन-सी जानकारी दिखानी है ऑफलाइन QR वेरिफिकेशन, बिना इंटरनेट के भी पहचान सत्यापन संभव 13 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट, जिससे ज्यादा लोगों तक पहुंच आसान होगी बायोमेट्रिक सुरक्षा होगी और मजबूतनए ऐप में बायोमेट्रिक लॉक फीचर दिया गया है, जिससे फिंगरप्रिंट, फेस और आइरिस डेटा को लॉक या अनलॉक किया जा सकता है। यह फीचर गलत इस्तेमाल से बचाने में मदद करेगा। फैमिली प्रोफाइल फीचर भी मिलेगाइस ऐप में एक नया फैमिली मैनेजमेंट सिस्टम जोड़ा गया है, जिसमें एक अकाउंट से 5 तक परिवार के सदस्यों के Aadhaar प्रोफाइल मैनेज किए जा सकते हैं। नया Aadhaar App कैसे सेट करें?यूजर्स को नया ऐप सेटअप करने के लिए कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे— Google Play Store या App Store से नया Aadhaar App डाउनलोड करें भाषा चुनें और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें Aadhaar नंबर और OTP वेरिफिकेशन पूरा करें फेस ऑथेंटिकेशन करें 6 अंकों का पासवर्ड सेट करें mAadhaar यूजर्स के लिए क्या बदलाव?फिलहाल यह साफ नहीं है कि पुराना mAadhaar ऐप का डेटा अपने आप नए ऐप में ट्रांसफर होगा या नहीं। ऐसे में यूजर्स को नया ऐप सेटअप दोबारा करना पड़ सकता है।

iPhone 16 पर बड़ा डिस्काउंट: Flipkart-Amazon से सस्ती डील, बैंक ऑफर्स के साथ ₹9000+ की बचत

नई दिल्ली। iPhone 16 को लेकर इस समय बड़ा ऑफर सामने आया है, जहां Vijay Sales पर यह डिवाइस Flipkart और Amazon से भी कम कीमत में मिल रहा है। बैंक ऑफर्स जोड़ने पर कुल मिलाकर ग्राहकों को ₹9000 से अधिक की छूट का फायदा मिल सकता है। क्या है ऑफर?iPhone 16 की शुरुआती कीमत Apple की वेबसाइट पर लगभग ₹69,900 बताई जाती है, लेकिन Vijay Sales पर यह फोन करीब ₹67,790 में उपलब्ध है। इसके अलावा अलग-अलग बैंक कार्ड्स पर अतिरिक्त छूट भी दी जा रही है। HDFC Bank EMI पर करीब ₹3500 तक की छूट BOB Credit Card EMI पर लगभग ₹3000 तक का ऑफर American Express EMI पर ₹7500 तक का अधिकतम डिस्काउंट इन सभी ऑफर्स को मिलाकर कुल बचत ₹9000 से ज्यादा तक पहुंच सकती है। iPhone 16 के फीचर्सiPhone 16 में 6.1-इंच का डिस्प्ले, Ceramic Shield प्रोटेक्शन और नया A18 चिपसेट दिया गया है, जो Apple Intelligence फीचर्स को सपोर्ट करता है। इसके अलावा इसमें 48MP Fusion कैमरा, Action Button और नया Camera Control बटन भी मिलता है। क्यों खास है यह डील?यह ऑफर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद हो सकता है जो लंबे समय से नया iPhone खरीदने का प्लान कर रहे हैं। बैंक डिस्काउंट और फ्लैट ऑफर मिलकर इसे मौजूदा समय की एक आकर्षक डील बनाते हैं।

Google I/O 2026: Android 17 से लेकर Gemini AI तक बड़े ऐलान की तैयारी, आज रात 10:30 बजे होगा लाइव इवेंट

नई दिल्ली। Google का बहुप्रतीक्षित Google I/O 2026 डेवलपर सम्मेलन आज रात 10:30 बजे (IST) शुरू होने जा रहा है। यह इवेंट अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित Shoreline Amphitheatre से लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, जिसमें कंपनी के CEO Sundar Pichai और DeepMind प्रमुख Demis Hassabis शामिल हो सकते हैं। Android 17 और AI फीचर्स पर बड़ा फोकसइस इवेंट में सबसे ज्यादा चर्चा Android 17 और नए AI फीचर्स को लेकर रहने वाली है। पिछले Android Show में दिखाए गए अपडेट्स को अब विस्तार से पेश किया जा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए Android वर्जन में Gemini AI आधारित “Gemini Intelligence” सिस्टम मिलेगा, जो ऐप्स को ऑटोमेट करने और स्मार्ट टास्क मैनेजमेंट में मदद करेगा। Hinglish समझने वाला AI और Quick Share अपडेटGoogle एक नया मल्टीलिंगुअल टूल भी पेश कर सकता है, जो हिंदी और इंग्लिश मिक्स (Hinglish) को बेहतर तरीके से समझ सकेगा। इसके अलावा Quick Share फीचर को भी अपग्रेड किया जाएगा, जिससे Android यूजर्स को AirDrop जैसी फाइल शेयरिंग सुविधा मिल सकती है। Gemini AI का नया वर्जन हो सकता है लॉन्चइवेंट का सबसे बड़ा आकर्षण अगली पीढ़ी का Gemini AI मॉडल हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें बेहतर रीजनिंग, मल्टीमीडिया समझ और लंबा कॉन्टेक्स्ट प्रोसेस करने की क्षमता शामिल हो सकती है, जिससे AI और भी स्मार्ट बन जाएगा। AI वीडियो और 3D टेक्नोलॉजी पर फोकसGoogle अपनी AI सर्विसेज जैसे Veo (video generation), Lyria (music AI) और Beam (3D video conferencing) में भी बड़े अपडेट ला सकता है। Beam तकनीक से वीडियो कॉल में यूजर का 3D अवतार रियल-टाइम में दिखाया जा सकता है। Android XR और स्मार्ट ग्लासेस की झलकइस बार AR/XR टेक्नोलॉजी पर भी बड़ा फोकस है। Google अपने नए स्मार्ट ग्लासेस और Android XR प्लेटफॉर्म की प्रगति दिखा सकता है, जो भविष्य में AI-आधारित वेयरेबल टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाएगा। Google I/O 2026 कैसे देखें?यूजर्स इस इवेंट को Google for Developers के आधिकारिक YouTube चैनल और मोबाइल ऐप के जरिए लाइव देख सकते हैं

PM मोदी के नॉर्वे दौरे से मिला 6G बूस्ट, हाई-स्पीड इंटरनेट तकनीक पर भारत-नॉर्डिक देशों की बड़ी साझेदारी

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के हालिया नॉर्वे दौरे और तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भारत को 6G तकनीक के क्षेत्र में बड़ा सहयोग मिला है। इस सम्मेलन में भारत और नॉर्डिक देशों (डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन) के बीच 8 अहम समझौतों पर सहमति बनी, जिनमें अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी 6G पर सहयोग भी शामिल है। 6G तकनीक पर भारत-नॉर्डिक साझेदारीइस शिखर सम्मेलन में दोनों पक्षों ने साफ किया कि भविष्य की डिजिटल दुनिया के लिए 6G जैसे एडवांस नेटवर्क पर मिलकर काम किया जाएगा। इसके तहत साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स (STEM) क्षेत्र में संयुक्त रिसर्च और इनोवेशन प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे। भारत के 6G विजन को मिलेगा फायदाविशेषज्ञों के अनुसार, इस साझेदारी से भारत के 6G विजन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। नॉर्डिक देशों के पास जहां एडवांस टेलीकॉम हार्डवेयर और नेटवर्क तकनीक है, वहीं भारत सॉफ्टवेयर और डिजिटल मार्केट में मजबूत स्थिति रखता है। दोनों के सहयोग से भारत वैश्विक 6G मानकों और पेटेंट क्षेत्र में मजबूत दावेदारी पेश कर सकता है। टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री पर असरइस समझौते से भारत में विदेशी कंपनियों और भारतीय स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। Nokia और Ericsson जैसी कंपनियां भारत में 6G रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर स्थापित कर सकती हैं, जिससे देश टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। भविष्य की इंटरनेट स्पीड6G तकनीक को 5G से लगभग 100 गुना तेज माना जा रहा है, जिससे हाई-स्पीड इंटरनेट, AI, स्मार्ट सिटी और डिजिटल सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत और नॉर्डिक देशों के बीच 6G तकनीक पर सहयोग को लेकर हुए समझौते से भारत के डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिला है। यह साझेदारी भारत को भविष्य की 6G तकनीक में वैश्विक स्तर पर मजबूत स्थिति दिला सकती है।

Alert: आपके फोन में आया WAR LOCKDOWN NOTICE एक क्लिक में खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

नई दिल्ली। देशभर में लॉकडाउन को लेकर सोशल मीडिया पर एक नया साइबर फ्रॉड तेजी से फैल रहा है। व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर “WAR LOCKDOWN NOTICE.pdf” और “Emergency Lockdown Order” जैसे नामों वाली फाइलें वायरल की जा रही हैं। साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसी किसी भी फाइल को डाउनलोड या ओपन करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। दरअसल, स्कैमर्स सरकारी आदेश जैसा दिखने वाला नकली PDF तैयार कर रहे हैं। इनमें सरकारी लोगो, आदेश की भाषा और फर्जी नोटिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाता है ताकि लोग इसे असली समझ लें। जैसे ही यूजर फाइल डाउनलोड करता है या उसमें दिए गए लिंक पर क्लिक करता है, फोन में मैलवेयर या फिशिंग अटैक सक्रिय हो सकता है। साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्कैम लोगों के डर और अफवाहों का फायदा उठाकर किया जा रहा है। हाल ही में वर्क फ्रॉम होम और ईंधन बचाने को लेकर हुई चर्चाओं के बाद सोशल मीडिया पर फर्जी लॉकडाउन संदेश तेजी से फैलाए जा रहे हैं। ऐसे चुराई जा रही आपकी जानकारीइन फर्जी PDF फाइलों के जरिए यूजर्स को नकली वेबसाइट्स पर भेजा जाता है, जहां उनसे बैंक डिटेल्स, ATM कार्ड नंबर, OTP और अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में लोगों के बैंक खाते खाली होने, व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने और निजी डेटा चोरी होने की शिकायतें सामने आई हैं। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि आजकल ऑनलाइन फ्रॉड पहले से कहीं ज्यादा एडवांस हो चुके हैं। अब ठग सिर्फ SMS या कॉल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठाकर उन्हें जाल में फंसा रहे हैं। PDF फाइल हमेशा सुरक्षित नहींविशेषज्ञों के अनुसार हर PDF सुरक्षित नहीं होती। कई फाइलों में हिडन लिंक, स्क्रिप्ट और खतरनाक मैलवेयर छिपे हो सकते हैं। यदि फोन का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं है, तो खतरा और बढ़ जाता है। खुद को ऐसे रखें सुरक्षितकिसी भी अनजान PDF या लिंक को बिना जांचे डाउनलोड न करें। लॉकडाउन या सरकारी आदेश से जुड़ी जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या विश्वसनीय मीडिया से ही सत्यापित करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसका स्रोत जरूर जांचें। फोन और ऐप्स को हमेशा अपडेट रखें। किसी भी स्थिति में OTP, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध मैसेज तुरंत डिलीट करें और आगे फॉरवर्ड न करें। साइबर एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे डर या अफवाह में आकर कोई भी फाइल ओपन न करें। एक छोटी सी लापरवाही आपकी निजी जानकारी और बैंक अकाउंट दोनों को खतरे में डाल सकती है।

Meta Layoffs: AI निवेश के बीच 8 हजार कर्मचारियों की छंटनी, सुबह 4 बजे ईमेल से मचा हड़कंप

नई दिल्ली। मेटा (Meta) में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी का दौर शुरू हो गया है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में भारी निवेश की रणनीति के तहत करीब 8 हजार कर्मचारियों की छंटनी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले का सबसे पहला असर सिंगापुर में देखने को मिला है, जहां कई कर्मचारियों को अचानक सुबह 4 बजे ईमेल के जरिए नौकरी खत्म होने की सूचना दी गई। जानकारी के मुताबिक, मेटा ने अलग-अलग टाइम जोन के आधार पर प्रभावित कर्मचारियों को ईमेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। सिंगापुर में यह ईमेल स्थानीय समय के अनुसार सुबह 4 बजे और भारतीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे भेजे गए। इससे पहले कंपनी के पास दुनिया भर में लगभग 78 हजार कर्मचारी थे, लेकिन अब यह संख्या घटती जा रही है। बताया जा रहा है कि मेटा का यह कदम एआई सेक्टर में बढ़ते निवेश का हिस्सा है। कंपनी अपनी रणनीति को पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की ओर शिफ्ट कर रही है। इसी वजह से कई पारंपरिक भूमिकाओं को खत्म किया जा रहा है। रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि छंटनी के साथ-साथ करीब 7 हजार कर्मचारियों को एआई आधारित नई टीमों में शिफ्ट किया जा रहा है। मेटा ने अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों में काम कर रहे कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम मोड में काम करने को कहा है, ताकि यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जा सके। माना जा रहा है कि इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट डेवेलपमेंट टीमों पर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव केवल मेटा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में एआई की वजह से बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और ओरेकल जैसी कंपनियां भी पहले ही हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही हैं। मेटा अब “एजेंटिक एआई” की दिशा में आगे बढ़ रही है, जहां ऐसे स्मार्ट एआई एजेंट विकसित किए जा रहे हैं जो यूजर्स के रोजमर्रा के कामों में मदद कर सकें। कंपनी का लक्ष्य है कि आने वाले समय में 3 अरब से अधिक यूजर्स के लिए पर्सनलाइज्ड एआई सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। फिलहाल इस छंटनी ने टेक इंडस्ट्री में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले महीनों में और भी बड़े बदलाव की आशंका जताई जा रही है।

लॉकडाउन स्कैम का नया जाल: WhatsApp पर फर्जी मैसेज से साइबर ठग फैला रहे डर, सावधान रहने की जरूरत

नई दिल्ली। WhatsApp पर एक नया साइबर स्कैम तेजी से फैल रहा है, जिसमें “लॉकडाउन” और सरकारी आदेशों के नाम पर फर्जी मैसेज भेजकर लोगों को ठगा जा रहा है। इस स्कैम का फायदा उन खबरों के नाम पर उठाया जा रहा है जिनमें पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद कुछ राज्यों में वर्क फ्रॉम होम या आंशिक प्रतिबंध जैसे कदम उठाए गए हैं। साइबर ठग अब लोगों को डराने के लिए लॉकडाउन से जुड़े PDF और APK फाइल्स भेज रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल सरकारी आदेश या आधिकारिक नोटिस जैसे लगते हैं। इन फाइलों के नाम भी ऐसे रखे जाते हैं जैसे “Emergency Lockdown Order” या “War Lockdown Notice.pdf”, ताकि लोग इन्हें असली समझकर तुरंत खोल लें। जानकारी के अनुसार, जैसे ही कोई व्यक्ति इन फाइलों पर क्लिक करता है या APK इंस्टॉल करता है, उसके फोन का डेटा हैक होने का खतरा बढ़ जाता है। कई मामलों में इन फाइलों के जरिए लोगों को फर्जी वेबसाइट पर रीडायरेक्ट किया जाता है, जहां उनसे बैंक डिटेल्स, ओटीपी और निजी जानकारी ली जाती है, जिसका बाद में ठगी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई नया तरीका नहीं है, लेकिन अब इसे सरकारी फैसलों और पीएम की अपील से जोड़कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है, जिससे ज्यादा लोग आसानी से इसका शिकार बन रहे हैं। ठग इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों के मोबाइल और बैंक अकाउंट तक पहुंच बना लेते हैं। इस तरह के स्कैम से बचने के लिए जरूरी है कि अनजान नंबर से आए किसी भी मैसेज या लिंक को बिना जांचे न खोला जाए। साथ ही फोन में Unknown Sources का विकल्प बंद रखना चाहिए ताकि कोई भी APK फाइल अपने आप इंस्टॉल न हो सके। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि किसी भी सरकारी सूचना या लॉकडाउन जैसी खबरों के लिए सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय न्यूज सोर्स पर ही भरोसा करना चाहिए, न कि सोशल मीडिया या WhatsApp पर आए अनजान मैसेज पर। फिलहाल यह स्कैम तेजी से फैल रहा है और लोगों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि एक छोटी सी गलती भी बड़ा आर्थिक नुकसान कर सकती है।

SIM Card Sale पर बड़ा फैसला: पाकिस्तान में रात 12 से सुबह 6 बजे तक बिक्री पर रोक, जानें वजह

नई दिल्ली। पाकिस्तान ने फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए नया सख्त कदम उठाया है। पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी (PTA) ने देशभर में रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक सिम कार्ड की बिक्री पर रोक लगा दी है। इस दौरान किसी भी फ्रेंचाइजी, रिटेल आउटलेट या अधिकृत सेल चैनल को सिम बेचने की अनुमति नहीं होगी। PTA के मुताबिक यह फैसला सिम कार्ड वितरण प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने और फर्जी पहचान के जरिए जारी होने वाले सिम कार्ड को रोकने के लिए लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी होने और उनका दुरुपयोग होने की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। नए नियमों के तहत सभी सेलुलर मोबाइल ऑपरेटर्स (CMOs) को सख्ती से निर्देश दिया गया है कि वे इस समय सीमा का पालन करें। यदि कोई ऑपरेटर या रिटेलर नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ टेलीकॉम कानूनों के तहत कड़ी कानूनी और रेगुलेटरी कार्रवाई की जाएगी। PTA ने नागरिकों को भी सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत आउटलेट से ही सिम कार्ड खरीदें और नए सिम को एक्टिवेट करने से पहले बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूर पूरा करें। साथ ही शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी जारी किए गए हैं। भारत की बात करें तो यहां सिम बिक्री पर इस तरह का समयबद्ध प्रतिबंध नहीं है, लेकिन फर्जी सिम और साइबर क्राइम पर रोक के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत किया गया है। भारत में ‘संचार साथी’ पोर्टल के जरिए लाखों संदिग्ध और फर्जी सिम कार्ड की पहचान कर उन्हें ब्लॉक किया जा चुका है, जिससे साइबर फ्रॉड पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है।

Google I/O 2026: बिना कोड लिखे बनाएं Android ऐप, Google का नया AI टूल बना गेमचेंजर

नई दिल्ली। Google ने अपने Google I/O 2026 इवेंट में एक ऐसा AI टूल पेश किया है, जिससे अब कोई भी व्यक्ति बिना कोडिंग के अपना Android ऐप बना सकता है। यह फीचर खास तौर पर Google AI Studio में जोड़ा गया है, जिसे ऐप डेवलपमेंट को आसान और तेज बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। अब ऐप बनाना हुआ बेहद आसानइस नए AI सिस्टम की मदद से यूजर सिर्फ आइडिया लिखकर कुछ ही मिनटों में Android ऐप तैयार कर सकते हैं। पहले जहां ऐप बनाने में हफ्तों की कोडिंग लगती थी, अब वह काम AI अपने आप कर देगा। यह टूल खास तौर पर दो तरह के यूजर्स के लिए उपयोगी है— प्रोफेशनल डेवलपर्स, जो जल्दी प्रोटोटाइप बनाना चाहते हैं नॉन-टेक्निकल यूजर्स, जो पहली बार ऐप बनाना चाहते हैं AI टूल से मिलेगा नया कॉम्पिटिशनयह नया प्लेटफॉर्म सीधे तौर पर Cursor, Replit, Lovable और Claude Code जैसे AI डेवलपमेंट टूल्स को टक्कर देगा। Play Store में भी AI का नया फीचरGoogle ने Play Store में भी नया फीचर “Ask Play” लॉन्च करने की घोषणा की है। इसके जरिए यूजर सामान्य भाषा में सवाल पूछकर अपने लिए सही ऐप ढूंढ सकेंगे। इसके साथ Gemini असिस्टेंट भी यूजर्स को उनकी जरूरत के हिसाब से ऐप्स सजेस्ट करेगा। Gemini से मिलेगा बड़ा अपग्रेडGemini अब फिल्मों, टीवी शोज और स्पोर्ट्स से जुड़े लाखों कंटेंट को समझकर सीधे सही ऐप या प्लेटफॉर्म का लिंक भी दे सकेगा।

X पर बिना ब्लू टिक यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव, अब एक दिन में सिर्फ सीमित पोस्ट कर पाएंगे यूजर्स

नई दिल्ली। नई नीति के बाद X (Twitter) पर बिना ब्लू टिक वाले यूजर्स के लिए पोस्टिंग लिमिट लागू होने से सोशल मीडिया यूजर्स के बीच हलचल बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब बिना वेरिफिकेशन अकाउंट एक दिन में केवल तय संख्या में ही पोस्ट और रिप्लाई कर सकेंगे, जिससे लगातार एक्टिव रहने वाले यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। प्लेटफॉर्म का कहना है कि यह कदम स्पैम और बॉट गतिविधियों को रोकने के लिए उठाया गया है, जबकि आलोचक इसे पेड सब्सक्रिप्शन की ओर धकेलने की रणनीति बता रहे हैं। नई व्यवस्था के बाद लिमिट पार करते ही यूजर को एरर मैसेज दिखाई देगा और आगे पोस्ट करने पर रोक लग सकती है। इस बदलाव ने ब्लू टिक को सिर्फ पहचान का नहीं बल्कि जरूरी फीचर का हिस्सा बना दिया है, जिससे X पर फ्री यूजर्स की आजादी सीमित होती नजर आ रही है। X (Twitter) पर अब बिना ब्लू टिक वाले यूज़र्स के लिए नई पोस्टिंग लिमिट लागू होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अनवेरिफाइड अकाउंट्स अब एक दिन में सीमित संख्या में ही पोस्ट और रिप्लाई कर पाएंगे, जिससे एक्टिव यूज़र्स और लाइव अपडेट देने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। प्लेटफॉर्म की तरफ से इस बदलाव को स्पैम और बॉट एक्टिविटी पर रोक लगाने का कदम बताया जा रहा है, लेकिन यूज़र्स का एक बड़ा वर्ग इसे फ्री एक्सप्रेशन पर रोक मान रहा है। नई व्यवस्था के तहत जैसे ही यूजर तय लिमिट पार करेगा, उसे पोस्ट करने से रोक दिया जाएगा और स्क्रीन पर एरर मैसेज दिखाई देगा। इससे लगातार कंटेंट शेयर करने वाले यूज़र्स को अपनी गतिविधि सीमित करनी पड़ेगी या फिर प्रीमियम सब्सक्रिप्शन की ओर जाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव X के बिजनेस मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक कदम है, जहां ब्लू टिक और प्रीमियम सर्विसेज को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूसरी तरफ, आलोचकों का कहना है कि इससे प्लेटफॉर्म की ओपन बातचीत और रियल-टाइम अपडेट की पहचान कमजोर हो सकती है।