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AI और नौकरियों पर बड़ी बहस: Glean CEO अरविंद जैन बोले-“AI इंसानों की जगह नहीं लेगा”

नई दिल्ली। दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नौकरी संकट की चर्चा तेज है। कई बड़ी टेक कंपनियां छंटनी कर रही हैं और इसकी बड़ी वजह AI ऑटोमेशन को माना जा रहा है। इसी बीच Arvind Jain ने AI को लेकर अलग राय रखते हुए कहा है कि “AI कभी इंसानों की जगह नहीं लेगा।भारतीय मूल के टेक उद्यमी और Glean के CEO अरविंद जैन ने यह बयान Fortune Workplace Innovation Summit के दौरान दिया। अरविंद जैन ने क्या कहा,जैन के मुताबिक,AI इंसानों को replace नहीं बल्कि empower करता है यह कर्मचारियों को ज्यादा सक्षम और उत्पादक बनाता है फिलहाल AI की वजह से किसी पद के पूरी तरह खत्म होने की स्थिति नहीं दिख रही उन्होंने कहा कि AI बेहतर क्वालिटी का काम करने में मदद करता है और इंसानों की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी। दूसरी तरफ छंटनी का दौरहालांकि टेक इंडस्ट्री की वास्तविक तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार: Meta ने AI फोकस के बीच हजारों कर्मचारियों की छंटनी शुरू की कई कंपनियां ऑटोमेशन और AI आधारित सिस्टम अपना रही हैं 2026 में अब तक बड़ी संख्या में टेक कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं टेक दिग्गजों की अलग-अलग रायAI को लेकर इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटी दिख रही है। AI से नौकरी खतरे की चेतावनी देने वाले:Anthropic के CEO डारियो अमोदेई Amazon के अधिकारी Microsoft के नेतृत्व समूह Jamie Dimon इनका मानना है कि AI कई white-collar jobs को प्रभावित कर सकता है। जबकि अरविंद जैन का दृष्टिकोण:AI को “काम का सहयोगी” मानता है इंसानों की जरूरत खत्म होने की बात से असहमत हैविशेषज्ञों के अनुसार असली बहस अब यह नहीं है कि “AI आएगा या नहीं”, बल्कि यह है कि: कौन-सी नौकरियां बदलेंगीकौन-से कौशल सबसे ज्यादा जरूरी होंगे इंसान और AI साथ कैसे काम करेंगे

Cooler Buying Tips: नया कूलर खरीदते समय इन 5 बातों का रखें ध्यान, वरना हो सकता है नुकसान

नई दिल्ली। गर्मी के मौसम में कूलर खरीदना आसान काम नहीं है, क्योंकि सही विकल्प न चुना जाए तो न कूलिंग अच्छी मिलती है और न ही पैसे की सही वैल्यू। इसलिए खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। 1. कमरे के साइज के हिसाब से कूलर चुनेंकूलर लेते समय सबसे पहले अपने कमरे का आकार देखें। छोटे कमरे के लिए पर्सनल कूलर सही रहता है, जबकि बड़े कमरे या हॉल के लिए डेजर्ट कूलर बेहतर विकल्प होता है। गलत साइज का कूलर लेने से ठंडक कम मिलती है। 2. एयर थ्रो और फैन स्पीड जरूरी हैकूलर की कूलिंग काफी हद तक उसके एयर थ्रो पर निर्भर करती है। ज्यादा एयर थ्रो वाला कूलर पूरे कमरे में हवा पहुंचाता है। साथ ही मल्टी-स्पीड फैन होने से आप जरूरत के अनुसार कूलिंग कंट्रोल कर सकते हैं। 3. बड़ी पानी की टंकी लेंअगर आप बार-बार पानी भरने की परेशानी से बचना चाहते हैं तो बड़े टैंक वाला कूलर चुनें। इससे कूलर लंबे समय तक लगातार चल सकता है और बेहतर कूलिंग देता है। 4. बिजली की खपत जरूर देखेंकम बिजली खर्च करने वाला कूलर हमेशा बेहतर होता है। इन्वर्टर सपोर्ट वाले और एनर्जी-एफिशिएंट मॉडल लंबे समय में बिजली बिल कम करने में मदद करते हैं। 5. कूलिंग पैड और फीचर्स चेक करेंकूलिंग पैड की क्वालिटी बहुत महत्वपूर्ण होती है। हनीकॉम्ब पैड वाले कूलर ज्यादा प्रभावी और टिकाऊ माने जाते हैं। इसके अलावा रिमोट कंट्रोल, आइस चैंबर और ऑटो वॉटर फिल जैसे फीचर्स भी सुविधा बढ़ाते हैं।

Google का जादुई चश्मा: ‘Hey Google’ बोलते ही एक्टिव होगा Gemini AI, बिना स्क्रीन के करेगा स्मार्ट काम

नई दिल्ली। गूगल ने अपना गूगल I/O 2026 इवेंट में नए स्मार्ट ग्लासेज की झलक पेश की है, जो Android XR प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं। इन ग्लासेज को खास तौर पर AI आधारित अनुभव के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें Gemini असिस्टेंट मुख्य भूमिका निभाएगा। ‘Hey Google’ बोलते ही शुरू होगा जादूइन स्मार्ट ग्लासेज को आवाज या टच से एक्टिव किया जा सकता है। जैसे ही यूजर “Hey Google” कहता है या चश्मे की डंडी पर टैप करता है, Gemini AI तुरंत एक्टिव हो जाता है और सभी कमांड को प्रोसेस करता है। बिना स्क्रीन का नया अनुभवइस डिवाइस की सबसे खास बात यह है कि इसमें कोई डिस्प्ले नहीं दिया गया है। इसके बजाय इसमें कैमरे और स्पीकर मौजूद हैं, जो यूजर को सीधे ऑडियो और AI फीडबैक के जरिए जानकारी देते हैं। स्पीकर चश्मे की डंडी में छिपे होते हैं ताकि अनुभव नैचुरल बना रहे। फोटो और AI एडिटिंग फीचर्सइन ग्लासेज से फोटो क्लिक करना आसान होगा सिर्फ एक टैप या वॉयस कमांड से फोटो ली जा सकेगी। डेमो में दिखाया गया कि AI तुरंत तस्वीरों को एडिट भी कर सकता है, जैसे ग्रुप फोटो में मजेदार बदलाव करना या बैकग्राउंड एडिट करना। स्मार्ट लाइफ का नया कदमगूगल के अनुसार, यह तकनीक सिर्फ फोटो या कमांड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि AI की मदद से खाना ऑर्डर करना, जानकारी ढूंढना और रोजमर्रा के काम भी आसान हो जाएंगे। यह डिवाइस Android और iOS दोनों के साथ काम कर सकेगा।

EPFO Balance: सिर्फ ‘Hello’ भेजकर मिलेगा PF बैलेंस, WhatsApp पर आएगी नई सुविधा

नई दिल्ली। Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) जल्द ही अपने सदस्यों के लिए एक नई डिजिटल सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए सिर्फ एक “Hello” मैसेज भेजकर PF बैलेंस, क्लेम स्टेटस और पिछले ट्रांजैक्शन की जानकारी WhatsApp पर मिल सकेगी। WhatsApp से आसान होगी PF की जानकारीनई सुविधा शुरू होने के बाद यूजर्स को किसी वेबसाइट या लॉगिन पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं होगी। बस EPFO के रजिस्टर्ड WhatsApp नंबर पर “Hello” भेजते ही सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से जानकारी उपलब्ध करा देगा। इस सेवा में यूजर अपने PF बैलेंस के साथ-साथ पिछले 5 ट्रांजैक्शन और क्लेम की स्थिति भी आसानी से देख सकेंगे। कैसे काम करेगी यह सुविधा?यह सिस्टम यूजर के UAN (Universal Account Number) से लिंक मोबाइल नंबर को वेरिफाई करेगा। जैसे ही मैसेज कन्फर्म होता है, एक चैटबॉट मेनू ओपन हो जाएगा, जहां से यूजर अपनी जरूरत की जानकारी चुन सकेंगे। पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इसमें मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट भी दिया जाएगा, जिससे लोग अपनी स्थानीय भाषा में भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। AI चैटबॉट से होगा सिस्टम ऑटोमैटिकरिपोर्ट्स के अनुसार, इस नई WhatsApp सर्विस के पीछे एक AI चैटबॉट काम करेगा, जो रीयल-टाइम में EPFO डेटाबेस से डेटा लेकर तुरंत यूजर को जानकारी देगा। इससे PF से जुड़ी सेवाएं ज्यादा तेज और आसान हो जाएंगी।

WhatsApp Broadcast: कैसे बनाएं ब्रॉडकास्ट लिस्ट और क्या है मंथली लिमिट, जानें पूरा तरीका

नई दिल्ली। WhatsApp आज के समय में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है और इसमें कई ऐसे फीचर्स मौजूद हैं जो यूजर्स के काम को आसान बनाते हैं। इन्हीं में से एक खास फीचर है ब्रॉडकास्ट लिस्ट, जिसकी मदद से आप एक साथ कई लोगों को मैसेज भेज सकते हैं, बिना हर बार अलग-अलग कॉन्टैक्ट सेलेक्ट किए। ब्रॉडकास्ट लिस्ट फीचर ग्रुप और चैनल से काफी अलग होता है क्योंकि इसमें भेजे गए मैसेज हर व्यक्ति को व्यक्तिगत (इंडिविजुअल) चैट की तरह दिखाई देते हैं। अगर कोई व्यक्ति जवाब देता है तो वह भी सिर्फ आपको ही दिखता है, बाकी लोगों को इसकी जानकारी नहीं मिलती। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एक साथ कई लोगों को अपडेट या जानकारी भेजना चाहते हैं। ब्रॉडकास्ट लिस्ट बनाने के लिए सबसे पहले WhatsApp खोलना होता है और प्रोफाइल आइकन या सेटिंग्स में जाना होता है। यहां “Broadcast Messages” या “New Broadcast” का विकल्प मिलता है। इस पर क्लिक करके आप अपनी नई लिस्ट बना सकते हैं। एक ब्रॉडकास्ट लिस्ट में अधिकतम 256 कॉन्टैक्ट जोड़े जा सकते हैं। हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि जिन लोगों को आप इस लिस्ट में जोड़ते हैं, उनका नंबर आपके फोन में सेव होना चाहिए और आपका नंबर भी उनके कॉन्टैक्ट में सेव होना जरूरी है, तभी आपका मैसेज उन्हें पहुंचेगा। इस फीचर की सबसे खास बात यह है कि आप एक से ज्यादा ब्रॉडकास्ट लिस्ट बना सकते हैं, जिससे अलग-अलग लोगों के ग्रुप को अलग-अलग मैसेज भेजना आसान हो जाता है। लेकिन WhatsApp ने इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ सीमाएं भी तय की हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूजर महीने में सीमित संख्या में ही ब्रॉडकास्ट मैसेज भेज सकते हैं और जैसे ही लिमिट के करीब पहुंचते हैं, WhatsApp की तरफ से नोटिफिकेशन भी भेज दिया जाता है। हालांकि यह लिमिट सभी यूजर्स के लिए एक जैसी नहीं है और इसे धीरे-धीरे अलग-अलग देशों में रोलआउट किया जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एक यूजर महीने में लगभग 250 ब्रॉडकास्ट मैसेज भेज सकता है, लेकिन WhatsApp की आधिकारिक गाइडलाइंस के अनुसार यह फीचर फिलहाल पूरी तरह हर जगह एक्टिव नहीं है। WhatsApp Business यूजर्स के लिए इस फीचर में थोड़े अलग नियम हैं, जहां 256 कॉन्टैक्ट तक ब्रॉडकास्ट लिस्ट बनाई जा सकती है और API के जरिए बड़े स्तर पर मैसेजिंग की सुविधा भी मिलती है। इसमें यूजर्स को अलग-अलग प्लान के हिसाब से 24 घंटे में अनलिमिटेड मैसेज भेजने का विकल्प भी मिलता है। कुल मिलाकर, WhatsApp ब्रॉडकास्ट फीचर उन लोगों के लिए काफी उपयोगी है जो बिना ग्रुप बनाए एक साथ कई लोगों तक जानकारी पहुंचाना चाहते हैं, लेकिन इसकी लिमिट और नियमों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि किसी भी तरह की समस्या से बचा जा सके।

Motorola Razr Fold की सेल शुरू: 8.1-इंच डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 और प्रीमियम फीचर्स के साथ फोल्डेबल फोन लॉन्च

नई दिल्ली। Motorola Razr Fold की बिक्री 20 मई से शुरू हो गई है। यह कंपनी का नया बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन है, जिसे पहले MWC 2026 में पेश किया गया था और अब यह मार्केट में उपलब्ध है। दमदार डिस्प्ले और डिजाइनइस फोल्डेबल फोन में 8.1-इंच की बड़ी इनर स्क्रीन और 6.6-इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। दोनों ही स्क्रीन हाई ब्राइटनेस और स्मूद रिफ्रेश रेट के साथ आती हैं, जिससे फोल्डेबल एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाता है। परफॉर्मेंस और हार्डवेयरMotorola Razr Fold में फ्लैगशिप Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है, साथ ही इसमें 16GB तक RAM का सपोर्ट मिलता है। कंपनी ने इसमें लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट (7 साल तक) देने का भी दावा किया है। कैमरा और बैटरीफोन में 50MP के ट्रिपल कैमरा सेटअप के साथ प्रीमियम फोटोग्राफी अनुभव मिलता है। इसके अलावा इसमें 6000mAh की बड़ी बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है, जो इसे फोल्डेबल कैटेगरी में और भी खास बनाता है। कीमत और ऑफर्सइस फोन की शुरुआती कीमत ₹1,49,999 रखी गई है, जबकि टॉप वेरिएंट ₹1,59,999 तक जाता है। लॉन्च ऑफर में ₹10,000 का फ्लैट डिस्काउंट और ₹10,000 का एक्सचेंज बोनस भी दिया जा रहा है, जिससे प्रभावी कीमत और कम हो जाती है।

Meta Layoffs: वर्क फ्रॉम होम के बाद अचानक छंटनी, 8 हजार कर्मचारियों की नौकरी गई; AI बना बड़ा कारण

नई दिल्ली। Meta Platforms में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने करीब 8 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें सबसे पहले कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) का निर्देश दिया गया और उसके बाद अचानक ईमेल के जरिए छंटनी की जानकारी दी गई। कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई मेटा के बड़े “वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग” प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित छोटे और अधिक प्रभावी ढांचे में बदलना है। पहले WFH, फिर तड़के सुबह ईमेल से नौकरी खत्मरिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने कई देशों के कर्मचारियों को अचानक घर से काम करने का निर्देश दिया। इसके बाद अलग-अलग टाइम जोन में तड़के सुबह ईमेल भेजकर छंटनी की जानकारी दी गई। शुरुआती ईमेल सिंगापुर में लगभग सुबह 4 बजे भेजे जाने की बात सामने आई है। AI बना छंटनी का सबसे बड़ा कारणमेटा अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है और AI-आधारित टीमों पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी का फोकस अब छोटी लेकिन हाई-परफॉर्मिंग टीमों पर है। इसी कारण हजारों कर्मचारियों की भूमिका बदली जा रही है और कई पद खत्म किए जा रहे हैं। कंपनी के अनुसार, हजारों कर्मचारियों को नई AI टीमों में शिफ्ट किया जाएगा, जबकि कई खाली पदों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कंपनी के अंदर बढ़ा तनाव और असंतोषछंटनी की खबरें पहले ही लीक होने के कारण कर्मचारियों के बीच डर और अस्थिरता का माहौल बना हुआ था। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ कर्मचारियों ने ऑफिस से जरूरी चीजें तक घर ले जाना शुरू कर दिया था। इसके अलावा, कंपनी की कथित निगरानी नीतियों को लेकर भी विवाद सामने आए, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया। पूरी टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौरयह सिर्फ मेटा की कहानी नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में बड़े बदलाव का हिस्सा है। हाल के महीनों में कई बड़ी कंपनियां भी बड़े पैमाने पर छंटनी कर चुकी हैं, क्योंकि AI और ऑटोमेशन तेजी से पारंपरिक नौकरियों की जगह ले रहे हैं। एक्सपर्ट्स की रायविशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ अस्थायी मंदी नहीं, बल्कि टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है। भविष्य में वही लोग सुरक्षित रहेंगे जो AI सिस्टम को इस्तेमाल करने के साथ-साथ उसे डिजाइन और मैनेज करना जानते हैं।

सावधान: क्या आपके पास भी आया ‘Microsoft Recovery Code’ वाला मेल? एक क्लिक में हैक हो सकता है अकाउंट

नई दिल्ली। इन दिनों इंटरनेट पर एक नया साइबर स्कैम तेजी से फैल रहा है। “Microsoft Recovery Code” नाम से आने वाले ईमेल लोगों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। फेसबुक, रेडिट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने ऐसे संदिग्ध मेल के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि आपके माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट के लिए “Single Use Recovery Code” तैयार है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कोई सामान्य मेल नहीं, बल्कि एक खतरनाक फिशिंग स्कैम है। इसका मकसद यूजर्स को डराकर उनके ईमेल अकाउंट, पासवर्ड और निजी जानकारी तक पहुंच बनाना है। माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट नहीं है, फिर भी खतरा क्यों?कई लोग सोचते हैं कि जब वे Gmail या किसी दूसरे ईमेल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं। लेकिन असली खतरा यहीं छिपा है। दरअसल, दुनिया की हजारों कंपनियां और बिजनेस अपने ऑफिस ईमेल के लिए Microsoft Outlook और माइक्रोसॉफ्ट सर्वर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भले ही आपका ईमेल एड्रेस कंपनी के नाम पर हो, लेकिन बैकएंड माइक्रोसॉफ्ट का हो सकता है। यानी आप भी साइबर ठगों के निशाने पर हो सकते हैं। कैसे काम करता है यह स्कैम?साइबर अपराधी फर्जी रिकवरी कोड वाले ईमेल भेजते हैं। इनमें ऐसे लिंक या अटैचमेंट होते हैं, जिन पर क्लिक करते ही यूजर नकली लॉगिन पेज पर पहुंच जाता है। यहां पासवर्ड डालते ही सारी जानकारी सीधे हैकर्स तक पहुंच जाती है। कई मामलों में ये लिंक डिवाइस में मैलवेयर भी इंस्टॉल कर सकते हैं, जिससे बैंकिंग डिटेल्स, निजी डेटा और ऑफिस की संवेदनशील जानकारी तक चोरी हो सकती है। अगर ऐसा मेल आए तो क्या करें?मेल का जवाब बिल्कुल न दें। किसी भी लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें। मेल को तुरंत डिलीट कर दें। अगर गलती से लिंक खुल गया है, तो तुरंत पासवर्ड बदलें। अपने अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन रखें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लॉगिन करें। असली रिकवरी कोड कैसे मिलता है?साइबर विशेषज्ञों के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट या कोई भी बड़ी कंपनी बिना रिक्वेस्ट के अचानक रिकवरी कोड नहीं भेजती। असली रिकवरी कोड तभी जनरेट होता है जब यूजर खुद अकाउंट सेटिंग्स में जाकर रिक्वेस्ट करता है या ऑथेंटिकेटर ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करता है। इसलिए अगली बार अगर आपके इनबॉक्स में “Microsoft Recovery Code” जैसा कोई संदिग्ध मेल आए, तो घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। आपकी एक छोटी सी गलती साइबर ठगों को आपके पूरे डिजिटल अकाउंट तक पहुंच दे सकती है।

गर्मी में स्मार्टफोन पर खतरा: फोन कवर में रखी ये चीजें बन सकती हैं ओवरहीटिंग और ब्लास्ट का कारण

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि स्मार्टफोन के लिए भी काफी खतरनाक साबित हो सकता है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच अगर फोन का सही तरीके से ध्यान न रखा जाए तो यह ओवरहीट होकर खराब हो सकता है और कई बार बैटरी से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार फोन कवर के अंदर रखी कुछ सामान्य दिखने वाली चीजें भी इस खतरे को और बढ़ा देती हैं। अक्सर लोग सुविधा के लिए अपने फोन कवर के पीछे नकद पैसे, नोट, एटीएम कार्ड या छोटे-छोटे कागज रख लेते हैं, लेकिन यही आदत गर्मी में नुकसानदायक साबित हो सकती है। कागज और मोटे कार्ड फोन से निकलने वाली गर्मी को बाहर नहीं निकलने देते, जिससे डिवाइस के अंदर हीट फंस जाती है और फोन तेजी से गर्म होने लगता है। लगातार ओवरहीटिंग से बैटरी पर दबाव बढ़ता है और फोन की लाइफ कम हो जाती है। इसके अलावा एटीएम और क्रेडिट कार्ड भी फोन कवर में रखना सुरक्षित नहीं माना जाता। स्मार्टफोन की लगातार गर्मी और ज्यादा तापमान कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप या चिप को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे कई बार कार्ड काम करना बंद कर देते हैं। वहीं कुछ लोग छोटी धातु की चीजें जैसे चाबी, सिम पिन या अन्य मेटल ऑब्जेक्ट भी फोन कवर में रख लेते हैं, जो ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं क्योंकि धातु गर्मी को तेजी से बढ़ाती है और शॉर्ट सर्किट का खतरा भी पैदा कर सकती है। इसी तरह पुरानी रसीदें और प्लास्टिक जैसे कवर भी फोन के एयरफ्लो को रोक देते हैं, जिससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और डिवाइस जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर बैटरी फूलने और फोन बंद होने जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। इतना ही नहीं, खराब क्वालिटी या बहुत मोटा फोन कवर भी गर्मी को बाहर निकलने से रोकता है, खासकर तब जब फोन गेमिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग या फास्ट चार्जिंग जैसे हैवी टास्क कर रहा हो। टेक विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में फोन को सीधे धूप से बचाना चाहिए और चार्जिंग के दौरान भारी ऐप्स या गेम्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर फोन जरूरत से ज्यादा गर्म लगे तो तुरंत कवर हटा देना चाहिए और उसे कुछ देर ठंडा होने देना चाहिए। साथ ही हमेशा हल्का और हीट रेसिस्टेंट कवर इस्तेमाल करना बेहतर होता है, ताकि फोन की गर्मी आसानी से बाहर निकल सके। कुल मिलाकर थोड़ी सी सावधानी आपके महंगे स्मार्टफोन को बड़े नुकसान से बचा सकती है। इसलिए जरूरी है कि फोन कवर की नियमित जांच की जाए और उसमें रखी अनावश्यक चीजों को तुरंत हटा दिया जाए, वरना लापरवाही भारी पड़ सकती है।

Airtel Priority Postpaid: भारत की पहली 5G नेटवर्क स्लाइसिंग सर्विस लॉन्च, मिलेगा फास्ट और स्टेबल इंटरनेट

नई दिल्ली। Airtel ने भारत में अपनी नई “Priority Postpaid” सर्विस लॉन्च की है, जो 5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह सर्विस यूजर्स को ज्यादा तेज, स्टेबल और प्रायोरिटी इंटरनेट कनेक्टिविटी देने के लिए डिजाइन की गई है। क्या है Priority Postpaid सर्विस?इस नई सर्विस में नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें एक ही नेटवर्क को कई वर्चुअल हिस्सों में बांटा जाता है। इससे प्रीमियम यूजर्स को भीड़भाड़ वाले नेटवर्क में भी बेहतर स्पीड और कनेक्टिविटी मिलती है। यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए है जिन्हें दिनभर लगातार हाई-स्पीड इंटरनेट की जरूरत होती है, जैसे वर्क फ्रॉम होम यूजर्स और प्रोफेशनल्स। Airtel Priority Postpaid के प्लान और कीमतAirtel के इस नए ऑफर की शुरुआत ₹499 + GST से होती है और इसमें अलग-अलग फैमिली और बेनिफिट प्लान शामिल हैं— ₹499 प्लान: सिंगल यूजर, प्रायोरिटी 5G + अनलिमिटेड डेटा ₹699 प्लान: 2 फैमिली मेंबर, Amazon Prime और JioHotstar ₹999 प्लान: 3 यूजर, Apple TV+ और Apple Music ₹1199 प्लान: 4 फैमिली मेंबर, सभी प्रायोरिटी बेनिफिट्स ₹1749 प्लान: 5 फैमिली मेंबर, Netflix सहित सभी प्रीमियम सब्सक्रिप्शन कैसे काम करती है नेटवर्क स्लाइसिंग?5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी में एक नेटवर्क को कई अलग-अलग हिस्सों (स्लाइस) में बांटा जाता है। एयरटेल इनमें से एक स्लाइस को प्रीमियम यूजर्स के लिए रिजर्व कर सकता है, जिससे नेटवर्क भीड़ के बावजूद बेहतर परफॉर्मेंस मिलती है। एक्स्ट्रा बेनिफिट्सइस सर्विस में यूजर्स को ये अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं— फास्टलेन 5G स्पीड अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा फ्रॉड और स्पैम प्रोटेक्शन 3000 SMS तक सुविधा क्या चाहिए इस सर्विस के लिए?इसका फायदा लेने के लिए यूजर के पास 5G स्मार्टफोन और लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट होना जरूरी है।