बॉम्बे IIT की खोज बनी वरदान, एलपीजी संकट के दौर में खूब आ रही काम; जानिए कैसे है खास

नई दिल्ली इन दिनों एलपीजी सिलिंडर क्राइसिस की परेशानी से सभी जूझ रहे हैं। लेकिन आईआईटी बॉम्बे, इस मुश्किल हालात में एलपीजी की कमी को बिल्कुल भी महसूस नहीं कर रहा है। इस खोज की बदौलत बॉम्बे आईआईटी के कैंपस में किचन के चूल्हे लगातार जल रहे हैं। यह खोज, बायोमास गैसिफिकेशन टेक्नोलॉजी, जिसमें गिरी हुई पत्तियों का इस्तेमाल करके कुकिंग गैस बनाई जाती है। बता दें आईआईटी बॉम्बे ने इस तकनीक को पेंटेंट भी करा रखा है। 2014 से चल रहा शोधसंस्थान के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर इस बारे में पोस्ट भी किया गया है। इसके मुताबिक यह इनोवेशन दशकों के रिसर्च का परिणाम है। यह रिसर्च साल 2014 में, केमिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर संजय महाजनी के नेतृत्व में शुरू हुई थी। महाजनी ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया कि तब आईआईटी बॉम्बे के हरे-भरे मैदान में काफी ज्यादा सूखी पत्तियां गिरी रहती थीं। इन पत्तियों को डिस्पोज करना एक बड़ा टास्क हुआ करता था। इन सूखी पत्तियों को ठिकाने लगाने का रास्ता ढूंढते-ढूंढते हम गैसिफायर तक पहुंच गए। आसान नहीं था सफरइस पोस्ट में आगे बताया गया है कि यह यात्रा इतनी आसान नहीं है। शुरुआती ट्रायल्स में काफी ज्यादा धुआं हो रहा था। इसके चलते किचन स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसके मुताबिक एक बड़ी बाधा, क्लिंकर बनाने की थी। ठोस अवशेष के चलते ट्रैडिशन सिस्टम जाम हो जाते थे। इन असंतुलनों के बावजूद, टीम ने टेक्नोलॉजी पर काम करना जारी रखा। 2016 तक, उन्होंने एक पेटेंट प्राप्त गैसीफायर विकसित कर लिया। इसके बाद चीजें काफी आसान हो गईं। अब सफलतापूर्वक लागूसाल 2017 में, ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर संदीप कुमार इस प्रोजेक्ट में शामिल हुए और एक बेहतर बर्नर डिजाइन पर काम किया। संस्थान की लिविंग लैब पहल ने कैंपस में टेस्टिंग की अनुमति दी। इससे टीम को सुरक्षा संबंधी चिंताओं को सही करने और यूजर्स के बीच भरोसे को फिर से स्थापित करने में मदद मिली। निरंतर परीक्षण और सुधार के एक साल के बाद और आगे कुछ काम के बाद, 2024 तक यह सिस्टम स्टाफ कैंटीन में सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया। अब मेस में भी लगाने का प्लानआज आलम यह है कि कैंटीन में एलपीजी का इस्तेमाल 30 से 40 फीसदी तक कम हो चुका है। इसकी थर्मल एफिशिएंसी 60 फीसदी तक है और उत्सर्जन बहुत कम होता है। इस तकनीक ने न केवल ईंधन की लागत घटाई है बल्कि यह सुनिश्चित भी किया है कि अगर एलपीजी की आपूर्ति बाधित हो जाए, तो खाना पकाने का काम सहज रूप से जारी रह सके। इस सिस्टम से सालाना करीब आठ टन कार्बन-डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होता है। पोस्ट में कहा गया है कि हॉस्टल की मेस में बड़ी यूनिट लगाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे एलपीजी की खपत में काफी कमी आ सकती है। इससे सालाना 50 लाख तक की बचत हो सकती है।
अब नहीं होगी बैटरी की टेंशन! 20000mAh के ये 5 दमदार Power Bank रखेंगे फोन फुल चार्ज

नई दिल्ली आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गई है, लेकिन बैटरी खत्म हो जाना सबसे बड़ी मुसीबत बन गई है। ऐसे में 20000mAh पावर बैंक एक शानदार सॉल्यूशन है, जो आपके फोन को कई बार चार्ज कर सकता है और स्टोर के दौरान भी आप चिंता मुक्त हो जाते हैं। 1. Xiaomi Power Bank 4iXiaomi पावर बैंक 4i 20000mAh 33Wयह पावर बैंक 33W फास्ट चार्जिंग के साथ आता है और एक बार फुल चार्ज करने पर 4-5 बार तक चार्ज किया जा सकता है। इसमें मल्टी-लेयर हाउसिंग और ट्रिपल पोर्ट सपोर्ट मिलता है, जिससे एक साथ कई चार्ज चार्ज किए जा सकते हैं। 2. एम्ब्रेन 20000mAh पावर बैंकएम्ब्रेन 20000mAh पावर बैंकयह बजट फ्रेंडली प्लेसमेंट है, जो 22.5W फास्ट रिजर्वेशन और स्ट्रांग बिल्डिंग के साथ आता है। लंबे समय तक चलने वाला यह पावर बैंक स्टोर के लिए पसंदीदा माना जाता है। 3. boAt एनर्जीशूरूम PB400 प्रोboAt एनर्जीशूरूम PB400 प्रोस्टाइलिश डिजाइन और मल्टी-डिवाइस रिजर्व के साथ यह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। फ़ास्ट बंधक सपोर्ट इसे बेहतरीन निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 4. पोर्ट्रोनिक्स पावर बैंकपोर्ट्रोनिक्स 20000mAh पावर बैंकइसमें अलग-अलग आकृतियाँ और एलईडी डिस्प्ले जैसे फीचर्स मौजूद हैं। कुछ मॉडलों में बिल्ट-इन केबल भी होता है, जिससे इसका उपयोग करना और आसान हो जाता है। 5. URBN 20000mAh पावर बैंकURBN 20000mAh फास्ट चार्जिंग पावर बैंकयह चित्र और संयोजित है, जिससे इसे आसानी से कैरी किया जा सकता है। कम कीमत में आदर्श आइडिया वाला यह स्टोर के लिए शानदार विकल्प है।स्टोर के लिए सर्वश्रेष्ठ क्यों हैं एक बार चार्ज करने पर फोन पर कई बार चार्ज किया जा सकता हैफ़्लाइट में ले जाने की मात्रा (सामान्य सीमा के अंदर)मल्टी-डिवाइस डेटाबेस सपोर्टओवरचार्ज और ओवरहीट प्रोटेक्शन जैसे कि आशियामी फीचर्स ⚠समय-समय पर ध्यान फास्ट डिजायन (पीडी/क्यूसी) सपोर्ट जरूर देखेंओरिजिनल और ब्रांडेड उत्पाद ही प्रस्तुतिकरणबाज़ार और बैटरी समीक्षा की जाँच करेंपोर्ट और वज़न अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुनें
अंतरिक्ष का अनोखा तरीका: बिना गुरुत्वाकर्षण के ऐसे पानी पीते हैं अंतरिक्ष यात्री

नई दिल्ली अंतरिक्ष में, विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर, माइक्रोग्रेविटी होती है। अर्थात गुरूत्व बहुत काम होता है। ऐसे तूफ़ान में पानी नीचे गिरा की जगह छोटे-छोटे सोने के पत्तों में तूफ़ान जैसा दिखता है। यही कारण है कि सामान्य कप के रूप में पृथ्वी वहां लाभदायक साबित होती है पानी कप में टिकट ही नहीं। पहले कैसे थे पानी?शुरुआत में एस्ट्रोनॉट्स प्लास्टिक प्लास्टिक और स्ट्रो जैसे टुकड़े का प्रयोग किया जाता था। यह तरीका निश्चित रूप से सुरक्षित था, लेकिन इसमें “घूंट लेकर पीने” जैसा अनुभव नहीं था। फूला या चाय की चटनी और स्वाद भी ठीक नहीं लगता। ‘जीरो-जी कप’ क्या है?इस समस्या का समाधान नासा के एस्ट्रोनॉट डॉन पेटिट ने आउट किया। उन्होंने एक सामान्य खास डिजाइन वाला जीरो-जी कप तैयार किया, जिससे अंतरिक्ष में भी कप की तरह का सिप लेकर पानी या फुला पी जा सकता है। यह कप कैसे काम करता है? (सरल विज्ञान)जीरो-जी कप का जादू दो वैज्ञानिक सिद्धांतों पर रुका है: सतही तनाव (सतह तनाव)केपिलरी एक्शन (केपिलरी एक्शन) कप का डिज़ाइन टियर-ड्रॉप (आंसू) जैसा होता है और इसमें एक चिप गिल्ली (चैनल) बनी होती है। जब भी पानी डाला जाता है, तो वह कप की दीवारों से चिपक जाता हैसैन्सरी नाली का पानी ऊपर की ओर खींचा जाता हैधीरे-धीरे पानी कप के किनारे तक पहुँच जाता है जैसे ही एस्ट्रोनॉट कप को स्टॉक तक बेचा जाता है, पानी खुद ही किनारे पर आ जाता है और वे सामान्य तरीकों से सिप ले सकते हैं। ये खास क्यों है?बिना स्ट्रॉ के पीने का अनुभवफुलाए/चाय की अनुभूति संभव हैतरल पदार्थ का टूटना नहीं होताछलकने का ख़तरा कम मानसिक आराम भी देता हैअंतरिक्ष में लंबे समय तक जीवित रहना मानसिक रूप से परिवर्तनशील होता है। ऐसे में “घर का अनुभव जैसा” – जैसे कप से चाय फ़्रैंक – एस्ट्रोनॉट्स को आराम और सामान्य अनुभव मिलता है। जीरो-जी कप सिर्फ एक पॉश्चर नहीं, बल्कि विज्ञान और जरूरत का सबसे अच्छा मेल है। इसमें दिखाया गया है कि नासा कैसे छोटे-छोटे आवेदकों के लिए भी बड़े-बड़े इनोवेशन करती है-ताकीस्पेस में जीवन आसान और इंसान बनाया जा सके।
iPhone यूजर्स के लिए खुशखबरी: iOS 26.4 में बिना इंटरनेट भी गाना पहचानने का फीचर

नई दिल्ली Apple ने iOS 26.4 अपडेट के साथ iPhone यूजर्स के लिए म्यूजिक एक्सपीरियंस को और भी आसान और स्मार्ट बना दिया है। इस अपडेट का सबसे बड़ा आकर्षण ऑफलाइन म्यूजिक रिकॉग्निशन फीचर है, जो बिना इंटरनेट के आस-पास बज रहे किसी भी गाने को पहचान सकता है। नियंत्रण केंद्र में नया बटन ऑन करने से iPhone के गानों की धुनें रिकॉर्ड हो जाती हैं और जैसे ही इंटरनेट आता है, Apple Music या Shazam से मैच कर गानों का नाम, एल्बम, कलाकार और लिंक मिलता है। ऐसे यात्री ट्रेन, मेट्रो, बस या हवाईअड्डे जैसी जगहों पर भी गाने कभी मिस नहीं होंगे। iOS 26.4 में Apple Music को भी नया रूप दिया गया है। नई प्लेलिस्ट प्लेग्राउंड फीचर एआई की मदद से यात्रियों के मूड और जरूरतों के हिसाब से प्लेलिस्ट बनाई गई है। आईआरईटी “पार्टी”, “वर्कआउट” या “रिलैक्स” मूड हो, बस टाइप करें और एआई ऑटोमास्टर्स की सूची तैयार करें। साथ ही, कॉन्सर्ट डिस्कवरी फीचर आपके होने वाले उत्साही और शौकीनों के आधार पर आस-पास वाले लाइव शो की जानकारी देता है। दृश्य और सुधार: प्लेयर अब फुल‑ स्क्रीनशॉट स्क्रीनशॉट और नए एनीमेशन के साथ और भी अधिक आकर्षक लग रहा है। एम्बिएंट म्यूजिक विजेट होम स्क्रीन पर आ गया है, जो नींद, ठंडक, उत्पादकता और सेहत जैसे मूड के लिए तैयार प्लेलिस्ट दिखाता है। स्टार्स बस टैप करें और प्लेयर सीधे म्यूजिक बजाना शुरू करें। इस अपडेट में मैसेजिंग एक्सपीरियंस भी बेहतर हुआ है। मैसेजेस ऐप में नए स्क्रीन अनिमेशंस और ट्रायल रिफॉर्मेशन आ गए हैं, जिसमें चैटिंग और इंटरैक्टिव और विजुअल हो गया है। 8 नए कोम भी शामिल हैं, जिनमें ओर्का, ट्रॉम्बोन, बैले डांसर, लैंडस्लाइड और डिस्टोर्डेड फेस शामिल हैं। विशिष्टता: चोरी हुई डिवाइस सुरक्षा अब सभी iPhones में डिफॉल्ट ऑन रहेगी। मोबाइल चोरी या वर्कशॉप पर बायो सामान, पासकोड बदलाव और वैलेट/बैकअप एक्सेस की सुरक्षा लॉक लगाई जाएगी। इसके अलावा, एक्सेसिबिलिटी सुधार के तहत ब्राइट इफेक्ट्स सेटिंग को कम करना है, जो स्क्रीन पर तेज फ्लैश और लाइट्स को कम कर देता है। कौन कर सकता है इस्तेमाल: iPhone 11 और उसके बाद आने वाले सभी मॉडल इस अपडेट का फायदा उठा सकते हैं। iOS 26.4 से लेकर iOS 26.4 तक के ग्राहकों के लिए म्यूजिक और चैटिंग का अनुभव, नए प्लेलिस्ट टूल्स, विजुअल अपडेट और सिक्योरिटी फीचर्स का पूरा फायदा मिलेगा, जिससे अब iPhone पर म्यूजिक और चैटिंग का अनुभव पहले से कहीं ज्यादा हो गया है।
best SUVs under budget : Nexon और Brezza की छुट्टी! कम कीमत में आ रही हैं 3 दमदार SUV, फीचर्स देख फैंस हो जाएंगे दीवाने

best SUVs under budget : नई दिल्ली भारतीय कॉम्पलेक्स एसयूवी सेगमेंट में लंबे समय से टाटा नेक्सॉन और मारुति ब्रेज़ा की मार्केटप्लेसमेंट चल रही है, लेकिन 2026 तक यह स्थिति बदल सकती है। फॉक्सवैगन टेरा, स्कोडा कायलाक और हुंडई वेन्यू फेसलिफ्ट जैसी नई एसयूवी कम कीमत में प्रीमियम फीचर्स, पावरफुल इंजन और बेहतरीन रेस्टुएंसी के साथ बाजार को आकर्षित करने आ रही हैं। 1. फॉक्सवेगन टेरा (वोक्सवैगन टेरा) – कम बजट में जर्मन स्टाइल फॉक्सवैगन की सबसे सस्ती और छोटी एसयूवी टेरा उन चाहतों के लिए तैयार की जा रही है, जो कम कीमत में जर्मन इंजीनियरिंग और मजबूत बिल्डिंग की कीमत चाहती हैं। जुलाई 2026 के आसपास लॉन्च होने की संभावना है। डिज़ाइन और सुविधाएँ: मस्कुलर ग्रिल्स और शार्प एलईडी हेडलाइट्स स्पोर्टी एसयूवी-स्टाइल प्रोफ़ाइल 10‑इंच टचस्क्रीन, सनरूफ, 6 एयरबैग्स एडवांस्ड स्टार्टअप लॉज इंजन और तकनीक: 1.0‑लीटर टीएसआई टर्बो पेट्रोल लगभग 115bhp की पावर शुरुआती कीमत ₹9 लाख कम कीमत में इसके फीचर्स और दमदार पावर नेक्सन-ब्रेज़ा के लिए सीधा खतरा है। 2. स्कोडा कायलाक (स्कोडा कायलाक) – नाम‑फोर‑मनी एसयूवी स्कोडा की Kylaq पहले ही जनवरी 2026 से भारतीय बाजार में उतारी गई है और ₹7.89 लाख (एक्स‑शोरुम) की शुरुआती कीमत के साथ यह सबसे महंगी ब्रांड‑SUV बन गई है। सुविधाएँ और आवास: 1.0‑लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन पांडुलिपि और दस्तावेज़ीकरण विकल्प भारत NCAP 5‑स्टार रेटिंग्स वेंटिल द्वारा उद्धृत सीटें, अलग-अलग संख्या, डिजिटल कॉकपिट, बड़ा टचस्क्रीन स्कोडा की यह एसयूवी यंगस्टर्स और फैमिली दोनों के लिए बेहतरीन विकल्प बन गई है और नेक्सन-ब्रेज़ा के लिए स्ट्रैनियल ब्रांड-चैलेंज पेश करती है। 3. हुंडई वेन्यू 2026 फेसलिफ्ट – मिडिल‑क्लास का पावरफुल अपडेट हुंडई वेन्यू फेसलिफ्ट 2026 में कनेक्टेड एलईडी लाइट्स, 17‑इंच अलॉय व्हील्स और अपग्रेडेड ग्रिल के साथ प्रीमियम लुक देवी। उपचार और प्रौद्योगिकी: 12.3‑इंच कर्व्ड आकृतियाँ प्रीमियम डिज़ाइन अपहोल्स्ट्री श्रेणी‑2 ADAS, 360‑डिग्री कैमरा इंजन और कीमत: शुरुआती कीमत लगभग ₹8 लाख मिड-क्लास परिवार और युवा आकर्षण के लिए विकल्प क्या बदलेगा इस परिदृश्य का परिदृश्य? इन तीन एसयूवी के आने से नेक्सन और ब्रेज़ा का खतरा खतरे में है। कम कीमत में प्रीमियम विशिष्टता, बेहतर इंजन और सुरक्षा उपभोक्ता की पसंद को बदला जा सकता है। 2026 में कॉम्पलेक्स एसयूवी सेगमेंट और भी हॉट और प्रतिस्पर्धी होने वाला है।
हबल स्पेस टेलीस्कोप: ब्रह्मांड की ‘टाइम मशीन’ जो दिखाती है अरबों साल पुरानी दुनिया

नई दिल्ली ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने में इंसान की सबसे बड़ी सुविधा में से एक है हबल स्पेस टेलीस्कोप। इसे अक्सर “टाइम्समशीन” कहा जाता है, क्योंकि यह हमें अरबों वर्षों पुराने ब्रह्मांडों की तस्वीरें दिखाता है। असल में, जब हबल दूर स्थित पोजीशन और ग्लासों की रोशनी को स्थापित किया जाता है, तो वह लाखों-करोड़ों साल पहले रोशन होती है। यानी हम जो घटित होते देख रहे हैं, वह पिंड वर्तमान नहीं बल्कि अतीत घटित है।रोशनी का सफर ही है टाइम स्टोर्स का राजखगोल विज्ञान में ‘प्रकाश-वर्ष’ की दूरी की इकाई है, जो बताती है कि प्रकाश एक वर्ष में कितनी दूरी तय करता है। रोशनी की गति लगभग 3 लाख किमी/सेकंड है। उदाहरण के लिए, सूर्य की रोशनी पृथ्वी तक पहुँचने में करीब 8 मिनट लगते हैं, यानी हम सूरज को हमेशा 8 मिनट पुराने देखते हैं। जब बात बहुत दूर स्थित बिल्डरों और इलेक्ट्रॉनिक्स की होती है, तो यह समय लाखों अरब वर्षों तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि हबल स्पेस टेलीस्कोप हमें ब्रह्मांड के इतिहास की झलक दिखाता है। पृथ्वी से ऊपर, साफ़ नज़र और अद्भुत दृश्यहबल स्पेस टेलीस्कोप पृथ्वी की सतह से लगभग 550 किमी ऊपर मठ कक्षा में स्थित है और लगभग 95 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर लगाया गया है। पृथ्वी के ऊपर बने चक्रवात के कारण इस पर प्रदूषण, प्रदूषण या प्रकाश प्रदूषण का प्रभाव नहीं पड़ता है। यही वजह है कि ये बेहद साफा और प्रवासी तस्वीरें ले पाता है। यह सिर्फ एक टेलीस्कोप नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण अंतरिक्ष वेधशाला है, जिसे देखने का हमारा नजरिया ही बदल गया। ब्रह्मांड के प्रारंभिक दौर की झलकहबल की नजर इतनी दूर तक फैली हुई है कि हमें ब्रह्मांड के जन्म की करीबी घटनाएं दिखाई दे सकती हैं। उदाहरण के तौर पर GN-z11 नाम की आकाशगंगा, कीमत रोशनी हम तक की पहुंच में करीब 13.4 अरब साल लगी। यानी हम उसे वैसे ही देख रहे हैं, जैसी वह 40 करोड़ साल बाद बिग बैंग की थी। इसी तरह इयरेंडेल नाम का तारा, जिसका नाम लाइट लगभग 12.9 अरब साल पुराना है, हबल द्वारा देखा गया सबसे दूर का तारा इसमें शामिल है। ब्रह्मांडीय खजाना के लिएहबल से मिले डेटा ने ब्रह्मांड के विकास, आकाशगंगाओं के निर्माण और डार्क मैटर जैसे रहस्यों को समझने में मदद की है। इसे “कॉस्मिक आर्कियोलॉजी” यानी ब्रह्मांडीय पुरातत्व के प्रमुख उपकरण माना जाता है। वैज्ञानिक इन आंकड़ों और आँकड़ों के माध्यम से ब्रह्मांड के इतिहास को खोजते हैं और उनके अनसुलझे प्रश्नों के उत्तर खोजते हैं। निष्कर्ष: अतीत की खिड़की, भविष्य की समझहबल स्पेस टेलीस्कोप सिर्फ एक वैज्ञानिक उपकरण नहीं है, बल्कि मानव जिज्ञासा और खोज का प्रतीक है। यह हमें न सिर्फ यह बताता है कि ब्रह्मांड कैसा था, बल्कि यह भी समझने में मदद करता है कि हम इसमें कहां हैं।
AI तकनीक से प्रभावित 5-Star AC की कीमत, जानें कंपनी ने क्या कहा

नई दिल्ली। आज का दौर टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। अब AI सिर्फ इंसान की जिंदगी को आसान नहीं बना रहा, बल्कि घर में इस्तेमाल होने वाले सामान—जैसे AC, TV, वैक्यूम क्लीनर—को भी स्मार्ट बना रहा है। AI की मदद से ये प्रोडक्ट पावर सेविंग, बेहतर कूलिंग और यूजर के बिहेवियर को समझकर खुद एडजस्ट होने लगे हैं। हाइसेंस ग्रुप इंडिया के सीईओ पंकज राणा ने बताया कि आने वाले समय में AI होम एप्लायंसेस की हर कैटेगरी में नजर आएगा। उन्होंने कहा कि हाइसेंस के अधिकांश टीवी में AI पहले से मौजूद है, जिससे यूजर को बेहतर विजुअल और ऑडियो एक्सपीरियंस मिलता है। AC में AI का कमालपंकज राणा के मुताबिक, AC में AI यूजर के व्यवहार को समझकर कूलिंग अपने आप एडजस्ट करता है। इसमें वॉयस कंट्रोल और पावर सेविंग फीचर्स भी शामिल हैं। भारतीय गर्मी के हिसाब से ये फीचर्स 20–30 प्रतिशत तक एनर्जी की बचत कर सकते हैं। इसका मतलब है कि बिजली का बिल कम आएगा और AC की स्मार्ट परफॉर्मेंस भी बढ़ेगी। ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में AIAI सिर्फ प्रोडक्ट को स्मार्ट बनाने तक सीमित नहीं है। यह ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में भी मदद करता है। दुनिया भर में जीरो कार्बन फैक्ट्रियों में AI बेस्ड प्रोसेस का इस्तेमाल होता है। हाइसेंस ने भारत में मेक इन इंडिया के तहत लोकल असेंबली और ग्रीन सप्लाई चेन की शुरुआत की है। इससे एफिशिएंट प्रोडक्ट बनेंगे और इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी। कॉपर की बढ़ती कीमत का असरAC, TV और रेफ्रिजरेटर में कॉपर का इस्तेमाल ज्यादा होता है। AC में 100 प्रतिशत कॉपर ट्यूबिंग होती है, जिससे बेहतर हीट ट्रांसफर, मजबूती और लंबी लाइफ मिलती है। कॉपर की बढ़ती कीमतों की वजह से 5 स्टार AC की कीमत 7–8 प्रतिशत और 3 स्टार AC की कीमत 2–4 प्रतिशत बढ़ जाएगी। लोकल प्रोडक्शन और आसान सर्विसिंगहाइसेंस ने आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में नए प्लांट में पायलट प्रोडक्शन शुरू किया है। इसमें लोकल कंपोनेंट्स का इस्तेमाल बढ़ेगा, सप्लाई चेन आसान होगी और डिलीवरी तेज होगी। साथ ही, स्क्रू फ्री प्लास्टिक लॉक डिजाइन से सर्विसिंग आसान होगी। नई AC रेंज2026 से लागू नए स्टैंडर्ड के अनुसार हाइसेंस ने AC का प्रोडक्शन शुरू किया है। नई रेंज में 1 टन, 1.5 टन और 2 टन कैपेसिटी के 10–12 मॉडल होंगे। इसमें 3 स्टार और 5 स्टार दोनों रेटिंग उपलब्ध हैं। इन्वर्टर टेक्नोलॉजी के जरिए बेहतर कूलिंग, कम आवाज और ज्यादा एनर्जी एफिशिएंसी मिलेगी।
Instagram पर खतरा: आपकी जानकारी हो रही है ट्रैक, ये हैं कलेक्ट किए जाने वाले डेटा के प्रकार

नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में Instagram सिर्फ फोटो और वीडियो शेयर करने का प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है, बल्कि यह यूजर्स की कई तरह की निजी जानकारी भी इकट्ठा करता है। अधिकतर लोग बिना पढ़े ही ऐप को परमिशन दे देते हैं, जिससे उनकी पर्सनल डिटेल्स तक ऐप की पहुंच आसान हो जाती है। क्या-क्या डेटा करता है ट्रैक?Instagram यूजर्स के स्मार्टफोन से कई तरह की जानकारी कलेक्ट करता है। इसमें आपकी लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, ब्राउजिंग हिस्ट्री और डिवाइस से जुड़ी जानकारी शामिल होती है। इसके अलावा, ऐप पर आपकी हर गतिविधि भी ट्रैक की जाती है जैसे आपने क्या लाइक किया, किसे फॉलो किया और किस पोस्ट पर कितना समय बिताया। अगर आपने कॉन्टैक्ट एक्सेस की अनुमति दी है, तो आपके फोनबुक के नंबर भी ऐप तक पहुंच सकते हैं। डेटा का कैसे होता है इस्तेमाल?Instagram की पेरेंट कंपनी Meta इस डेटा का इस्तेमाल यूजर्स को बेहतर अनुभव देने और विज्ञापन दिखाने के लिए करती है। यानी आपको वही कंटेंट और विज्ञापन दिखाए जाते हैं, जिनमें आपकी रुचि हो सकती है। अगर आप किसी खास तरह का कंटेंट ज्यादा देखते हैं, तो उसी से जुड़े पोस्ट आपके फीड में ज्यादा दिखाई देने लगते हैं। प्राइवेसी पर क्यों है खतरा?यूजर्स की इतनी ज्यादा जानकारी ट्रैक होने से प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ जाती है। डेटा थर्ड पार्टी के साथ शेयर हो सकता है। हैकिंग या डेटा लीक का खतरा रहता है निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है यही वजह है कि बिना सोचे-समझे परमिशन देना आपके लिए जोखिम भरा हो सकता है। कैसे रखें अपनी जानकारी सुरक्षित?अगर आप अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें ऐप की परमिशन समय-समय पर चेक करें लोकेशन, माइक्रोफोन और कॉन्टैक्ट एक्सेस जरूरत पड़ने पर ही दें Instagram की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर डेटा शेयरिंग कंट्रोल करें अनावश्यक ऐप एक्सेस को बंद करें सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय थोड़ी सी सावधानी आपकी निजी जानकारी को सुरक्षित रख सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप ऐप परमिशन देते समय सतर्क रहें और अपनी प्राइवेसी को प्राथमिकता दें।
पुराने Android फोन से घर में Wi-Fi रेंज बढ़ाएं, मिनटों में होगा इंटरनेट कनेक्शन मजबूत

नई दिल्ली। आज के समय में तेज इंटरनेट हर घर की जरूरत बन चुका है, लेकिन कई बार पावरफुल राउटर होने के बावजूद घर के हर कोने में Wi-Fi सिग्नल नहीं पहुंच पाते। ऐसे में लोग नया राउटर खरीदते हैं या महंगे Wi-Fi Extender और Mesh सिस्टम लगवाते हैं, जिससे खर्च बढ़ जाता है। लेकिन अब एक आसान और सस्ता तरीका सामने आया है, जिसकी मदद से आप अपने पुराने Android smartphone को ही Wi-Fi Extender बना सकते हैं। कैसे काम करेगा पुराना फोन?पुराना फोन Wi-Fi सिग्नल को पकड़कर उसे दोबारा प्रसारित (रीब्रॉडकास्ट) करता है। यह मोबाइल हॉटस्पॉट की तरह काम करता है, लेकिन इसमें मोबाइल डेटा नहीं बल्कि Wi-Fi डेटा का इस्तेमाल होता है। इससे आपके घर के उन कोनों में भी इंटरनेट पहुंच सकता है,जहां पहले सिग्नल नहीं आता था। फोन को Wi-Fi Extender कैसे बनाएं?पुराने फोन को Wi-Fi Extender बनाना बहुत आसान है सबसे पहले फोन को Wi-Fi से कनेक्ट करें फिर मोबाइल हॉटस्पॉट ऑन करेंहॉटस्पॉट का नाम और पासवर्ड सेट करें ऑटोमैटिक हॉटस्पॉट ऑफ होने का ऑप्शन बंद कर दें अब आपका फोन एक नए Wi-Fi नेटवर्क की तरह काम करेगा, जिससे दूसरे डिवाइस आसानी से कनेक्ट हो सकेंगे। कहां रखें फोन?बेहतर रिजल्ट के लिए फोन को सही जगह रखना जरूरी है फोन को राउटर और डेड जोन के बीच रखें इससे सिग्नल बेहतर तरीके से फैल पाएगा अगर फोन में सिम है तो मोबाइल डेटा बंद रखें फोन को चार्जिंग पर लगाकर रखें बैटरी बचाने के लिए बैटरी सेवर ऑन करें जरूरत हो तो 2.4GHz और 5GHz नेटवर्क के बीच स्विच करें अगर आपके घर में Wi-Fi सिग्नल की समस्या है, तो महंगे डिवाइस खरीदने से पहले यह आसान तरीका जरूर अपनाएं। पुराना Android फोन आपके लिए सस्ता और आसान Wi-Fi Extender बन सकता है, जिससे पूरे घर में बेहतर इंटरनेट मिल सकेगा।
2 अप्रैल को लॉन्च होगा Realme 16 5G, डुअल 50MP कैमरा और 7000mAh बैटरी के साथ

नई दिल्ली। मिड-रेंज स्मार्टफोन बाजार में अब प्रीमियम फीचर्स और बेहतर कैमरा वाले फोन की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए रियलमी 16 5जी भारत में 2 अप्रैल को लॉन्च होने जा रहा है। यह फोन रियलमी की नंबर सीरीज की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एडवांस टेक्नोलॉजी और यूजर-फ्रेंडली डिजाइन के साथ आएगा। कैमरा और फोटोग्राफी में दमदार प्रदर्शनरियलमी 16 5जी में डुअल 50एमपी कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें फ्रंट और रियर दोनों कैमरा 50एमपी के हैं, और रियर कैमरा में सोनी आईएमएक्स 852 सेंसर शामिल है। यह सेटअप सेल्फी, ग्रुप फोटो और रोजमर्रा की फोटोग्राफी में शानदार क्वालिटी देने का दावा करता है। फोन की सबसे खास फीचर है सेगमेंट-फर्स्ट रियर सेल्फी मिरर, जिससे यूजर्स रियर कैमरे से भी साफ और शानदार सेल्फी ले सकते हैं। इसके साथ ही ‘से हाय’ जेस्चर फीचर और रिंग फ्लैश दिया गया है, जिससे बिना हाथ लगाए फोटो लेना आसान हो जाता है और हर तरह की रोशनी में बेहतर परिणाम मिलता है। एआई इमेज टेक्नोलॉजीरियलमी 16 5जी में लूमाकलर इमेज टेक्नोलॉजी दी गई है, जो स्किन टोन को नेचुरल दिखाती है और लाइट तथा शैडो को बैलेंस करती है। इसके अलावा एआई एल्गोरिदम, रॉ एचडीआर प्रोसेसिंग और फेस एन्हांसमेंट फीचर फोटो को ज्यादा रियल और आकर्षक बनाते हैं। वाइब मास्टर मोड में प्रीसेट जैसे लाइवली, फेस्टिवल और सेरेमनी मिलते हैं, जिससे फोटो का मूड और स्टाइल बदलना आसान होता है। एआई एडिट जीनियस की मदद से हेयरस्टाइल, कपड़े और बैकग्राउंड बदलना संभव है, जबकि एआई इंस्टेंट क्लिप फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया के लिए जल्दी तैयार करता है। डिजाइन और बैटरीफोन का डिजाइन स्लिम और हल्का है, जिसमें एयर-इंस्पायर्ड डिजाइन दिया गया है। इसके साथ ही इसमें 7000एमएएच की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल की सुविधा देती है। रियलमी 16 5जी मिड-रेंज सेगमेंट में प्रीमियम डिजाइन, दमदार कैमरा और लंबी बैटरी लाइफ का बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश करेगा। इसकी डुअल 50एमपी कैमरा सेटअप, एआई फोटो एडिटिंग फीचर्स और रियर सेल्फी मिरर इसे फोटो और सोशल मीडिया प्रेमियों के लिए खास बनाते हैं।