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जून 2026 से यूपी में प्रीपेड मीटर का नया सिस्टम लागू, SMS-WhatsApp पर मिलेगा बिजली बिल, UPPCL ऐप से आसान पेमेंट

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जून 2026 से प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं को भी अब पोस्टपेड सिस्टम की तरह बिजली बिल जारी किया जाएगा। बिजली विभाग इस नई व्यवस्था को लेकर लगातार उपभोक्ताओं को जागरूक कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को उनका बिजली बिल SMS और WhatsApp के जरिए प्राप्त होगा। इसके बाद वे आसानी से डिजिटल माध्यमों से भुगतान कर सकेंगे। विभाग का कहना है कि इस सिस्टम का उद्देश्य बिलिंग प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और सरल बनाना है। सबसे आसान और सुरक्षित तरीका UPPCL के आधिकारिक ऐप्स को माना जा रहा है। उपभोक्ता UPPCL SMART ऐप, UPPCL Consumer ऐप और PVVNL Smart ऐप के जरिए सीधे अपना बिल देख और जमा कर सकेंगे। विभाग के अनुसार, इन ऐप्स से पेमेंट करने पर राशि तुरंत सर्वर पर अपडेट हो जाती है और किसी अतिरिक्त शुल्क की संभावना भी नहीं रहती। UPPCL SMART ऐप के जरिए पेमेंट करने के लिए उपभोक्ता को ऐप में लॉग इन करना होगा, जहां होम स्क्रीन पर बिल की राशि दिखाई देगी। इसके बाद “Pay Now” पर क्लिक करके कैप्चा भरना होगा और UPI, डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान पूरा किया जा सकेगा। वहीं UPPCL Consumer ऐप पर उपभोक्ता सीधे “Pay Bill/Recharge” विकल्प पर जाकर अपने अकाउंट नंबर, मोबाइल नंबर या मीटर नंबर दर्ज कर बिल देख और भुगतान कर सकते हैं। भुगतान पूरा होने के बाद डिजिटल रसीद भी उपलब्ध होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है। इसके अलावा PhonePe, BHIM UPI और अन्य थर्ड पार्टी ऐप्स से भी बिजली बिल का भुगतान किया जा सकेगा। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन ऐप्स से भुगतान के बाद अपडेट होने में थोड़ा समय लग सकता है, जबकि आधिकारिक UPPCL ऐप्स से भुगतान अधिक तेज और सुरक्षित माना जाता है। बिजली विभाग का कहना है कि यह नई व्यवस्था डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा प्रदान करेगी।

इंटरनेट की ‘तीसरी आंख’ से कैसे बचाएं अपना डेटा, स्कैमर्स और डेटा लीक से सुरक्षा के 4 सबसे असरदार तरीके

नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में डेटा लीक और ऑनलाइन स्कैम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जरा सी लापरवाही से आपकी निजी जानकारी हैकर्स और साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है, जिसका इस्तेमाल ठगी, अकाउंट हैकिंग और पहचान चोरी जैसे अपराधों में किया जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑनलाइन दुनिया में आपकी हर एक्टिविटी पर नजर रखी जा सकती है, इसलिए डेटा सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। कुछ स्मार्ट डिजिटल आदतें अपनाकर इन खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सबसे पहले, पुराने मोबाइल या लैपटॉप को बेचने या फेंकने से पहले पूरा डेटा सुरक्षित तरीके से डिलीट करना जरूरी है। इसके लिए फैक्टरी रीसेट करने के साथ-साथ अकाउंट से लॉगआउट करना और जरूरत हो तो सर्टिफाइड ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग सेंटर की मदद लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। दूसरा महत्वपूर्ण कदम VPN (Virtual Private Network) का उपयोग है। VPN आपकी इंटरनेट एक्टिविटी को एन्क्रिप्ट कर देता है और एक सुरक्षित टनल के जरिए डेटा ट्रांसफर करता है, जिससे हैकर्स के लिए आपकी जानकारी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। तीसरा, इंटरनेट ट्रैकिंग से बचाव बेहद जरूरी है। कई वेबसाइट्स कुकीज और ट्रैकिंग टूल्स के जरिए आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, लोकेशन और रुचियों से जुड़ा डेटा इकट्ठा करती हैं। इसे सीमित करने के लिए ब्राउज़र सेटिंग्स में ट्रैकिंग प्रोटेक्शन ऑन रखना और थर्ड पार्टी कुकीज को ब्लॉक करना फायदेमंद होता है। चौथा और सबसे जरूरी उपाय है मजबूत अकाउंट सिक्योरिटी। इसके लिए हर अकाउंट में यूनिक और स्ट्रॉन्ग पासवर्ड का इस्तेमाल करें, पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को हमेशा एक्टिव रखें। इसके साथ ही समय-समय पर यह जांचते रहें कि आपके अकाउंट में कोई अनजान डिवाइस लॉगिन तो नहीं कर रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि डिजिटल दुनिया में पूरी तरह सुरक्षित रहना संभव नहीं है, लेकिन सही सावधानियों और स्मार्ट आदतों के जरिए आप अपने डेटा को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।

Google ने फ्री स्टोरेज विवाद पर दी सफाई, 15GB खत्म नहीं, 5GB प्लान टेस्टिंग का हिस्‍सा

नई दिल्ली । Google अकाउंट पर मिलने वाली मुफ्त 15GB स्टोरेज को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और टेक जगत में चर्चाएं तेज थीं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कुछ नए यूजर्स को केवल 5GB फ्री स्टोरेज दी जा रही है। अब इस पूरे मामले पर गूगल ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है। चुनिंदा क्षेत्रों में चल रही टेस्टिंगटेक वेबसाइट एंड्रॉयड अथॉरिटी को दिए बयान में गूगल के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी फिलहाल कुछ चुनिंदा रीजन में नई स्टोरेज पॉलिसी की टेस्टिंग कर रही है। इसका मकसद यूजर्स को बेहतर स्टोरेज क्वालिटी और सुरक्षित सर्विस उपलब्ध कराना है। हालांकि कंपनी ने उन क्षेत्रों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, जहां यह प्रयोग चल रहा है। सिक्योरिटी और डेटा रिकवरी पर फोकसगूगल के अनुसार नई टेस्टिंग का उद्देश्य केवल स्टोरेज सीमित करना नहीं, बल्कि अकाउंट सिक्योरिटी और डेटा रिकवरी सिस्टम को और मजबूत बनाना भी है। कंपनी चाहती है कि यूजर्स अपने अकाउंट में मोबाइल नंबर और अन्य सुरक्षा फीचर्स को सक्रिय करें। पुराने यूजर्स को मिलेगा पहले जैसा फायदाकंपनी ने साफ किया है कि मौजूदा यूजर्स के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिन यूजर्स के अकाउंट पहले से सक्रिय हैं और मोबाइल नंबर लिंक है, उन्हें Gmail, Google Drive और Google Photos के लिए पहले की तरह 15GB फ्री स्टोरेज मिलती रहेगी। सपोर्ट पेज में भी किया बदलावगूगल ने अपने सपोर्ट पेज की भाषा में भी बदलाव किया है। पहले वहां लिखा था कि हर Google अकाउंट में 15GB स्टोरेज शामिल है, लेकिन अब इसे बदलकर “अधिकतम 15GB तक स्टोरेज” कर दिया गया है। इसी बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर शुरू हो गया था। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?दरअसल, कुछ दिन पहले कई यूजर्स ने दावा किया था कि नया Google अकाउंट बनाते समय उन्हें केवल 5GB फ्री स्टोरेज दिखाई दी। बाद में मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन के बाद 15GB स्टोरेज देने का मैसेज मिला। इसके बाद यह चर्चा तेज हो गई कि गूगल भविष्य में मुफ्त स्टोरेज लिमिट कम कर सकता है। हालांकि कंपनी के ताजा बयान के बाद साफ हो गया है कि फिलहाल 15GB फ्री स्टोरेज खत्म नहीं की जा रही है और 5GB स्टोरेज सिर्फ सीमित स्तर पर की जा रही टेस्टिंग का हिस्सा है।

Oppo Find X9s की लॉन्च से पहले कीमत और फीचर्स लीक, 7025mAh बैटरी और 50MP कैमरा से मचाएगा धमाल

नई दिल्ली। Oppo का नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Oppo Find X9s जल्द भारतीय बाजार में लॉन्च होने जा रहा है। लॉन्च से पहले फोन की संभावित कीमत और फीचर्स ऑनलाइन लीक हो गए हैं, जिससे टेक मार्केट में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oppo Find X9s की शुरुआती कीमत भारत में करीब 79,999 रुपये हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह कीमत ग्लोबल मार्केट के मुकाबले थोड़ी कम होगी। कंपनी इस फोन को 21 मई को लॉन्च कर सकती है और इसकी बिक्री Amazon, Flipkart और Oppo की आधिकारिक वेबसाइट पर होने की उम्मीद है। फीचर्स की बात करें तो फोन में 6.59 इंच का Full HD+ OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करेगा। स्क्रीन प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass 7i दिए जाने की संभावना है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 3nm आधारित MediaTek Dimensity 9500s प्रोसेसर मिल सकता है। वहीं, फोन में 7025mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो लंबे बैकअप के साथ फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी देगी। कैमरा सेक्शन में Hasselblad ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर शामिल होगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। यह स्मार्टफोन Android 16 आधारित ColorOS 16 पर काम करेगा और प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में Samsung और Apple को टक्कर दे सकता है।

चीन देगा रोबोट्स को ‘आधार कार्ड’ जैसी डिजिटल पहचान, हर ह्यूमनॉइड रोबोट की गतिविधि और परफॉर्मेंस होगी ट्रैक

नई दिल्ली। चीन अब इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए एक खास डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रहा है। इस सिस्टम के तहत रोबोट्स को यूनिक ID नंबर दिए जाएंगे, जिनकी तुलना भारत के आधार कार्ड जैसी पहचान व्यवस्था से की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह यूनिक ID करीब 29 अक्षरों का होगा, जिसमें रोबोट का ब्रांड, निर्माता, मॉडल, हार्डवेयर डिटेल्स, इंटेलिजेंस लेवल और फैक्ट्री रिकॉर्ड जैसी जानकारियां शामिल रहेंगी। इस पहचान प्रणाली के जरिए रोबोट की पूरी “डिजिटल लाइफ हिस्ट्री” ट्रैक की जा सकेगी। यह प्रोजेक्ट हुबेई ह्यूमनॉइड रोबोट इनोवेशन सेंटर की अगुवाई में विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ID सिस्टम से रोबोट की बैटरी की स्थिति, पुर्जों की घिसावट, लोकेशन और काम करने की सटीकता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन तेजी से फैक्ट्रियों, बिजनेस और सर्विस सेक्टर में ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। ऐसे में सुरक्षा निगरानी, तकनीकी मानकों और डेटा मैनेजमेंट के लिए एकीकृत सिस्टम की जरूरत महसूस की जा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम खराबी आने पर तेज कार्रवाई, बेहतर रखरखाव और डेटा सुरक्षा में भी मदद करेगा। चीन फिलहाल दुनिया में ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माण में सबसे आगे माना जा रहा है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। चीन ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए ‘आधार कार्ड’ जैसी यूनिक डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रहा है।इससे रोबोट की लोकेशन, बैटरी, परफॉर्मेंस और रखरखाव जैसी जानकारियों को ट्रैक किया जा सकेगा।

AI ने बदल दी कोडिंग की दुनिया? पूर्व Google CEO एरिक श्मिट बोले- पुराने तरीके से कोड लिखने वाले इंजीनियर रेस में पीछे

नई दिल्ली। एरिक श्मिट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया पिछले कुछ महीनों में तेजी से बदल गई है और पारंपरिक तरीके से कोड लिखने वाले इंजीनियर अब पीछे छूट रहे हैं। एक इंटरव्यू में श्मिट ने कहा कि पहले इंजीनियर एक-एक लाइन लिखकर कोड तैयार करते थे, लेकिन अब AI टूल्स ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। उनके मुताबिक, AI की मदद से कम समय में ज्यादा जटिल और शक्तिशाली सॉफ्टवेयर बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे युवा थे तब हाथों से कोडिंग करना सबसे बड़ी स्किल मानी जाती थी, लेकिन आज AI सिस्टम इतनी तेजी से कोड जनरेट कर रहे हैं कि टेक इंडस्ट्री की कार्यशैली ही बदल गई है। श्मिट ने कंपनियों और मैनेजर्स को सलाह दी कि वे अपनी इंजीनियरिंग टीमों से पूछें कि वे अभी भी पुराने तरीके से कोडिंग क्यों कर रही हैं, जबकि AI उत्पादकता को कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में एक अकेला डेवलपर भी AI की मदद से ऐसे ऐप बना सकेगा, जिनके लिए पहले पूरी टीम की जरूरत पड़ती थी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI डेवलपर्स की भूमिका खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनकी कार्यशैली और जरूरी स्किल्स को बदल देगा। अब इंजीनियरों के लिए AI टूल्स के साथ काम करना नई जरूरत बनता जा रहा है। पूर्व Google CEO एरिक श्मिट ने कहा कि AI ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया तेजी से बदल दी है और पारंपरिक तरीके से कोडिंग करने वाले इंजीनियर पीछे छूट रहे हैं। उनके मुताबिक, आने वाले समय में AI की मदद से कम लोग भी बड़े और जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर सकेंगे।

Honda City Facelift 2026: स्पोर्टी लुक और प्रीमियम फीचर्स के साथ 22 मई को होगा लॉन्च, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मिडसाइज सेडान सेगमेंट के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Honda अपनी लोकप्रिय कार City का नया फेसलिफ्ट मॉडल इसी महीने 22 मई को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस नए अवतार में कार को पहले से ज्यादा स्पोर्टी, प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से लैस बनाने की तैयारी कर रही है। खास बात यह है कि इस बार Honda City को युवाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे इसका लुक और फीचर्स दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई Honda City फेसलिफ्ट में डिजाइन के स्तर पर कई अहम अपडेट किए जाने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें Honda Prelude से प्रेरित नया फ्रंट डिजाइन दिया जा सकता है, जिसमें चौड़ा स्टांस, स्लिम LED हेडलाइट्स और अपडेटेड फ्रंट ग्रिल शामिल होगा। इसके अलावा फ्रंट बंपर को भी नया और ज्यादा एग्रेसिव लुक दिया जा सकता है, जिससे कार का पूरा फ्रंट पहले से ज्यादा स्पोर्टी और आकर्षक नजर आएगा। कार के रियर डिजाइन में भी कुछ कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें नए स्टाइल के अलॉय व्हील्स और हल्के डिजाइन अपडेट शामिल हो सकते हैं, जिससे फेसलिफ्ट मॉडल को मौजूदा वर्जन से आसानी से अलग पहचाना जा सकेगा। कंपनी इस मॉडल को ज्यादा प्रीमियम फील देने पर फोकस कर रही है ताकि यह अपने सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए रख सके। इंटीरियर की बात करें तो नई Honda City फेसलिफ्ट के केबिन में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, अपडेटेड डैशबोर्ड लेआउट और नए कंट्रोल्स दिए जा सकते हैं। हालांकि इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का बेसिक डिजाइन पहले जैसा रह सकता है, लेकिन कुल मिलाकर केबिन ज्यादा मॉडर्न और प्रीमियम फील देने वाला होगा, जिससे ड्राइविंग एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। फीचर्स के मामले में भी इस बार कंपनी कई एडवांस टेक्नोलॉजी जोड़ने की तैयारी में है। इसमें 360 डिग्री कैमरा, पावर्ड ड्राइवर सीट, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और नए सेफ्टी फीचर्स शामिल हो सकते हैं। इन अपडेट्स के जरिए Honda City को फीचर-लोडेड और ज्यादा वैल्यू फॉर मनी बनाने की कोशिश की जा रही है। इंजन की बात करें तो इसमें किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। नई City फेसलिफ्ट में वही 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है जो मौजूदा मॉडल में दिया जाता है। ट्रांसमिशन विकल्प भी पहले जैसे ही रहेंगे, जिसमें मैनुअल और CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स शामिल होंगे। कंपनी का फोकस इंजन बदलने के बजाय इसकी विश्वसनीयता और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बनाए रखने पर है। कुल मिलाकर, नई Honda City फेसलिफ्ट को एक ऐसे पैकेज के रूप में तैयार किया जा रहा है जो स्पोर्टी डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और प्रीमियम फील के साथ युवाओं और फैमिली दोनों को आकर्षित कर सके। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Hyundai Verna, Skoda Slavia और Volkswagen Virtus जैसी कारों से होगा और उम्मीद की जा रही है कि यह अपडेटेड मॉडल सेडान सेगमेंट में एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।

PhonePe और GPay से नहीं, बैंकिंग ऐप से करें UPI पेमेंट, साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे की सलाह ने उठाए सवाल, जानें पूरी रिपोर्ट

नई  दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में UPI पेमेंट सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला ऑनलाइन भुगतान तरीका बन चुका है। लेकिन इसी बीच साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने UPI ऐप्स को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिसने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। उनका कहना है कि PhonePe, Google Pay और BharatPe जैसे थर्ड-पार्टी UPI ऐप्स के मुकाबले बैंकिंग ऐप से UPI पेमेंट करना ज्यादा सुरक्षित होता है। अमित दुबे के अनुसार, लोग अक्सर सोचते हैं कि PhonePe या GPay जैसे ऐप्स सीधे पैसे ट्रांसफर करते हैं, लेकिन असल में ऐसा नहीं है। ये सभी ऐप्स सिर्फ एक “स्किन” की तरह काम करते हैं, जबकि असली पेमेंट प्रोसेस NPCI (National Payments Corporation of India) के जरिए होता है। यानी ये ऐप्स केवल एक इंटरफेस हैं, असली सिस्टम बैंक और NPCI के बीच काम करता है। अमित दुबे ने कहा कि ICICI, SBI, Kotak Mahindra जैसे बैंकों के मोबाइल बैंकिंग ऐप्स में भी UPI की सुविधा मौजूद होती है, और वहां से पेमेंट करना ज्यादा भरोसेमंद माना जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को अलग-अलग UPI ऐप्स डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि बैंकिंग ऐप से ही पूरा काम हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर PhonePe या GPay जैसे ऐप्स से पेमेंट के दौरान कोई फ्रॉड हो जाता है, तो यूजर को अक्सर कस्टमर सपोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार लोगों को यह भी नहीं पता होता कि शिकायत NPCI तक कैसे पहुंचे। ऐसे में समाधान मिलने में समय लग सकता है। इसके विपरीत, बैंकिंग ऐप से पेमेंट करने पर सीधा बैंक से संपर्क होता है। अगर कोई फ्रॉड या ट्रांजैक्शन से जुड़ी समस्या होती है, तो बैंक अपने ग्राहकों को बेहतर सपोर्ट दे सकता है। कई मामलों में ग्राहक को रिलेशनशिप मैनेजर या बैंक हेल्पलाइन के जरिए तुरंत मदद मिल जाती है। साइबर एक्सपर्ट का मानना है कि यही सबसे बड़ा फर्क है, जो बैंकिंग ऐप्स को ज्यादा सुरक्षित बनाता है। उनका कहना है कि UPI सिस्टम सुरक्षित है, लेकिन समस्या ऐप के सपोर्ट सिस्टम और शिकायत निवारण प्रक्रिया में आती है। हालांकि, यह भी सच है कि PhonePe और GPay जैसे ऐप्स यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस, कैशबैक ऑफर और आसान ट्रांजैक्शन सुविधा देते हैं, जिसकी वजह से करोड़ों लोग इन्हें रोजाना इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सुरक्षा और फ्रॉड की स्थिति में बैंकिंग ऐप्स को ज्यादा मजबूत विकल्प माना जा सकता है। अंत में विशेषज्ञों की राय यही है कि UPI सुरक्षित तकनीक है, लेकिन किस ऐप के जरिए इसे इस्तेमाल किया जा रहा है, यह भी सुरक्षा और सपोर्ट के लिहाज से अहम भूमिका निभाता है।

अगले हफ्ते भारत में लॉन्च होंगे 4 नए स्मार्टफोन, Realme 16T 5G से Moto G37 Power तक दमदार बैटरी और फीचर्स की भरमार

नई दिल्ली। रियलमी, मोटोरोला और एचएमडी अगले हफ्ते भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्टफोन्स लॉन्च करने जा रहे हैं। इनमें बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और AI कैमरा जैसे फीचर्स देखने को मिलेंगे। सबसे पहले Moto G37 और Moto G37 Power 19 मई को लॉन्च होंगे। दोनों फोन्स में MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर, 120Hz डिस्प्ले और 50MP कैमरा मिलेगा। Moto G37 Power में खास तौर पर 7000mAh की बड़ी बैटरी दी जाएगी, जिसे लेकर कंपनी 3 दिन तक बैकअप का दावा कर रही है। इसके बाद HMD Vibe 2 5G 21 मई को लॉन्च होगा। इस फोन में 6000mAh बैटरी, 50MP AI कैमरा, 120Hz डिस्प्ले और 8MP फ्रंट कैमरा मिलने की पुष्टि हुई है। वहीं, Realme 16T 5G 22 मई को लॉन्च किया जाएगा। यह फोन 8000mAh की विशाल बैटरी के साथ आएगा। कंपनी का दावा है कि इसकी बैटरी 3 दिन तक चल सकती है और 7 साल तक बैटरी हेल्थ बेहतर बनी रहेगी। इसमें 45W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा। चारों स्मार्टफोन Flipkart और कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। टेक मार्केट में इन लॉन्च को मिड-रेंज और बैटरी-केंद्रित स्मार्टफोन सेगमेंट के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। अगले हफ्ते भारत में Realme, Motorola और HMD के चार नए स्मार्टफोन लॉन्च होंगे, जिनमें बड़ी बैटरी और 120Hz डिस्प्ले जैसे फीचर्स मिलेंगे।Realme 16T 5G में 8000mAh बैटरी, जबकि Moto G37 Power में 7000mAh बैटरी जैसी दमदार खूबियां देखने को मिलेंगी।

EPFO पेंशनर्स अब घर बैठे चेक कर सकेंगे PPO और पेंशन पेमेंट डिटेल, सिर्फ 5 स्टेप्स में मिलेगा पूरा हिसाब

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने पेंशनर्स के लिए ऑनलाइन PPO Inquiry और Payment Inquiry सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसके जरिए कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत पेंशन पाने वाले लोग अपनी पेंशन से जुड़ी पूरी जानकारी घर बैठे चेक कर सकते हैं। इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए पेंशनर के पास PPO यानी Pension Payment Order नंबर होना जरूरी है। यह 12 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो रिटायरमेंट के बाद EPFO द्वारा जारी किया जाता है और पेंशनर की आधिकारिक पहचान के तौर पर काम करता है। EPFO पोर्टल पर लॉग इन करके पेंशनर यह देख सकते हैं कि उनकी पेंशन जारी हुई है या नहीं, किसी महीने भुगतान में देरी क्यों हुई, जीवन प्रमाण पत्र कब तक वैध है और बैंक डिटेल्स सही हैं या नहीं। 5 आसान स्टेप्स में ऐसे चेक करें PPO/Payment Inquiry:EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। Pensioner सेक्शन में जाकर लॉग इन करें। PPO Enquiry/Payment Enquiry ऑप्शन चुनें। PPO नंबर, ऑफिस ID, जन्मतिथि और कैप्चा भरें। Submit करते ही PPO और पेमेंट से जुड़ी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिख जाएगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सुविधा पेंशनर्स को बैंक या EPFO कार्यालय के चक्कर लगाने से बचाएगी और पेंशन संबंधी समस्याओं का पता लगाने में मदद करेगी।EPFO पेंशनर्स अब ऑनलाइन PPO Inquiry और Payment Inquiry के जरिए अपनी पेंशन और भुगतान की पूरी जानकारी घर बैठे देख सकते हैं।सिर्फ PPO नंबर और कुछ जरूरी डिटेल्स भरकर पेंशन स्टेटस, जीवन प्रमाण पत्र और पेमेंट रिकॉर्ड चेक किया जा सकता है।