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इंस्टाग्राम पर एलन मस्क के बयान से विवाद, बोले- Instagram लड़कियों के लिए पुरुषों के प्रोफाइल पर टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बवाल

नई दिल्ली। एलन मस्क एक बार फिर अपने सोशल मीडिया बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। मस्क ने इंस्टाग्राम को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि “Instagram लड़कियों के लिए है”, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। मस्क ने एक वायरल ऑनलाइन चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए यह टिप्पणी की। बाद में उन्होंने एक और पोस्ट में लिखा कि जब कोई “बड़ा आदमी” उन्हें अपना इंस्टाग्राम प्रोफाइल भेजता है, तो वह मजाक में सोचते हैं कि “क्या वह अपना जेंडर बदल रहा है?” इस बयान को लेकर कई यूजर्स ने आपत्ति जताई और इसे अपमानजनक बताया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने मस्क की टिप्पणी की आलोचना की, जबकि कुछ समर्थकों ने इसे उनके “हास्य” या “व्यंग्य” का हिस्सा बताया। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म किसी एक जेंडर तक सीमित नहीं होते। Obviously. Sometimes grown men send me their Instagram profiles and I’m like are you transitioning or what? — Elon Musk (@elonmusk) May 15, 2026 मस्क और मार्क जुकरबर्ग के बीच पहले से ही सार्वजनिक मतभेद रहे हैं। मस्क इससे पहले भी Meta के प्लेटफॉर्म्स, खासकर WhatsApp और Instagram, पर सवाल उठाते रहे हैं। And X is for the autists! We love the autists — Raq (@raqisright) May 15, 2026 फिलहाल मस्क की इस टिप्पणी पर Meta की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से ट्रेंड कर रहा है।एलन मस्क के “Instagram लड़कियों के लिए है” वाले बयान ने सोशल मीडिया पर नया विवाद खड़ा कर दिया है।पुरुषों के इंस्टाग्राम प्रोफाइल को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर कई यूजर्स ने नाराजगी जताई है।

2028 तक AGI की दस्तक! एंथ्रोपिक की चेतावनी से बढ़ी अमेरिका-चीन AI रेस की टेंशन

नई दिल्ली। मानव-केन्द्रित सिद्धांत की नई रिसर्च और पॉलिसी रिपोर्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बड़ी बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि साल 2028 तक दुनिया को Artificial General Intelligence (AGI) मिल सकता है, जो इंसानों जैसी सोच और निर्णय क्षमता रखने में सक्षम होगा। कंपनी के मुताबिक, मौजूदा AI मॉडल इतनी तेजी से विकसित हो रहे हैं कि वे आने वाले वर्षों में साइंस, साइबर सुरक्षा, इंजीनियरिंग और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में इंसानी विशेषज्ञों के बराबर या उनसे भी आगे निकल सकते हैं। रिपोर्ट में इसे “डेटा सेंटर में मौजूद जीनियसों का देश” बताया गया है, जहां AI सिस्टम लगातार खुद को बेहतर बनाते जाएंगे और वैज्ञानिक खोजों की रफ्तार को कई गुना बढ़ा देंगे। एंथ्रोपिक ने अपने पेपर “2028: Two Scenarios for Global AI Leadership” में यह भी चेतावनी दी है कि जिस देश के पास इन एडवांस AI सिस्टम्स पर नियंत्रण होगा, उसके पास वैश्विक आर्थिक, सैन्य और राजनीतिक ताकत का बड़ा हिस्सा होगा। इसी वजह से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए AI रेस में आगे रहना बेहद जरूरी बताया गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संयुक्त राज्य सरकार और उसके सहयोगियों को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी जैसी शक्तियों से आगे रहना चाहिए, क्योंकि AGI भविष्य में केवल तकनीक नहीं बल्कि भू-राजनीतिक शक्ति का केंद्र बन सकता है। कंपनी का मानना है कि जैसे-जैसे एआई सिस्टम और अधिक शक्तिशाली होते जाएंगे, उनका इस्तेमाल न केवल विकास के लिए बल्कि देशों की नीतियों, सुरक्षा और वैश्विक संतुलन को प्रभावित करने के लिए भी किया जा सकता है। इसी कारण 2028 को AI विकास के लिहाज से बेहद निर्णायक साल माना जा रहा है।

Amazon Sale का आखिरी मौका: BLDC Smart Fans पर भारी डिस्काउंट, बिजली बिल में होगी बड़ी बचत

नई दिल्ली। अमेजन ग्रेट समर सेल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और सिर्फ आखिरी दिन के लिए BLDC (Brushless DC) तकनीक वाले स्मार्ट सीलिंग फैंस पर शानदार ऑफर्स और बैंक डिस्काउंट मिल रहे हैं। गर्मियों में बढ़ते बिजली बिल से राहत पाने के लिए ये पंखे एक किफायती और ऊर्जा-बचत करने वाला विकल्प बनकर सामने आए हैं। BLDC तकनीक वाले सीलिंग फैन पारंपरिक पंखों की तुलना में लगभग 50 से 70 प्रतिशत तक कम बिजली की खपत करते हैं। जहां सामान्य फैन करीब 75–80 वॉट बिजली लेते हैं, वहीं BLDC फैन लगभग 28–35 वॉट में बेहतर एयरफ्लो देते हैं। यही वजह है कि एटमबर्ग, हैवेल्स, क्रॉम्पटन, ओरिएंट, गोल्डमेडल जैसे बड़े ब्रांड्स पर 40% से 50% तक की छूट देखी जा रही है। इन स्मार्ट फैंस में रिमोट कंट्रोल, टाइमर, स्लीप मोड, RF कंट्रोल और ऑटो स्पीड जैसे फीचर्स शामिल होते हैं, जिससे उपयोगकर्ता बिना उठे ही पंखे को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। कई मॉडल BEE 5-स्टार रेटिंग के साथ आते हैं, जो बेहतर ऊर्जा दक्षता और लंबी अवधि में बिजली बचत का संकेत देते हैं। मार्केट में ओरिएंट, क्रॉम्पटन, एटमबर्ग, टीवीएस ग्रीन और गोल्डमेडल जैसे ब्रांड्स के BLDC फैंस काफी लोकप्रिय हैं। ये पंखे न केवल कम बिजली खर्च करते हैं, बल्कि आधुनिक डिजाइन और स्मार्ट फीचर्स के कारण घरों और ऑफिस दोनों में पसंद किए जा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार BLDC फैंस की शुरुआती कीमत सामान्य पंखों की तुलना में अधिक होती है और कुछ मॉडल्स में रिमोट या इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर निर्भरता भी रहती है। ऐसे में खरीदते समय ब्रांड, वारंटी और सर्विस नेटवर्क को ध्यान में रखना जरूरी है। इसके बावजूद, लंबे समय में बिजली बिल की बचत और बेहतर परफॉर्मेंस को देखते हुए BLDC स्मार्ट फैन एक समझदारी भरा निवेश माना जा रहा है। सेल के आखिरी दिन यह ग्राहकों के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी को कम कीमत में अपनाने का बेहतरीन मौका है।

ऑफिस डेली कम्यूट के लिए बेस्ट 5 हाइब्रिड कारें: 28 km तक माइलेज, पेट्रोल-डीजल की टेंशन खत्म

नई दिल्ली। बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग से जुड़ी परेशानियों के बीच हाइब्रिड कारें अब एक स्मार्ट और किफायती विकल्प बनकर उभर रही हैं। ये कारें पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के कॉम्बिनेशन से चलती हैं, जिससे बेहतर माइलेज और कम फ्यूल खर्च मिलता है। खासकर रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोगों के लिए ये गाड़ियां 2026 में एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही हैं। इस सेगमेंट में मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा सबसे लोकप्रिय हाइब्रिड SUV में से एक है। इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर मिलकर लगभग 27.97 kmpl तक का माइलेज देती है। शहर के ट्रैफिक में यह अधिकतर इलेक्ट्रिक मोड पर चलती है, जिससे ईंधन की बचत होती है। इसकी कीमत करीब 16.63 लाख रुपये से शुरू होती है। टोयोटा अर्बन क्रूजर हायराइडर भी इसी तकनीक पर आधारित एक भरोसेमंद SUV है, जो लगभग समान माइलेज देती है और अपने प्रीमियम डिजाइन व मजबूत बिल्ड क्वालिटी के लिए जानी जाती है। यह भी 27.97 kmpl तक का माइलेज देने में सक्षम है और इसकी शुरुआती कीमत लगभग 16.77 लाख रुपये है। होंडा सिटी e:HEV उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो सेडान पसंद करते हैं। यह कार लगभग 27.1 kmpl का माइलेज देती है और इसमें एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स जैसे ADAS भी शामिल हैं। इसका साइलेंट हाइब्रिड ड्राइविंग एक्सपीरियंस इसे खास बनाता है और इसकी कीमत करीब 19.99 लाख रुपये से शुरू होती है। बड़ी फैमिली के लिए टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस एक प्रीमियम MPV है, जो 23.24 kmpl तक का माइलेज देती है। इसमें आरामदायक केबिन, बड़ी सनरूफ और लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतरीन कम्फर्ट मिलता है। इसकी कीमत लगभग 26.76 लाख रुपये से शुरू होती है। मारुति सुजुकी इनविक्टो इसी मॉडल का प्रीमियम वर्जन है, जो समान माइलेज और फीचर्स के साथ आता है। यह उन ग्राहकों के लिए बेहतर विकल्प है जो मारुति के सर्विस नेटवर्क के साथ लग्जरी हाइब्रिड MPV चाहते हैं। इसकी कीमत करीब 24.97 लाख रुपये से शुरू होती है। कुल मिलाकर, हाइब्रिड कारें उन लोगों के लिए एक परफेक्ट विकल्प बन रही हैं जो कम खर्च में बेहतर माइलेज, आरामदायक ड्राइव और भविष्य की टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना चाहते हैं।

पेट्रोल-डीजल महंगे होने का असर: क्या बढ़ेंगे मोबाइल रिचार्ज के दाम?

नई दिल्ली। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने सिर्फ ट्रांसपोर्ट सेक्टर ही नहीं, बल्कि टेलीकॉम इंडस्ट्री पर भी असर डालने की आशंका बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोबाइल टावर चलाने की कुल लागत का बड़ा हिस्सा ईंधन और बिजली पर खर्च होता है, जिससे कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। लागत का बड़ा हिस्सा ईंधन और बिजली पर खर्च होता है, जिससे कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। टेलीकॉम सेक्टर पर कैसे पड़ेगा असर?रिपोर्ट्स के अनुसार, मोबाइल टावर को चलाने में आने वाला लगभग 40% खर्च बिजली और डीजल पर निर्भर करता है।पेट्रोल-डीजल महंगा होने से: टावर ऑपरेशन की लागत बढ़ेगी डीजल जेनरेटर का खर्च बढ़ जाएगा बिजली बिल भी कंपनियों पर भारी पड़ेगा इसका सीधा असर टेलीकॉम कंपनियों की कुल ऑपरेटिंग कॉस्ट पर पड़ेगा। कंपनियों पर कितना बढ़ेगा खर्च?जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसी बड़ी कंपनियों को: हर साल सैकड़ों करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में जहां डीजल बैकअप ज्यादा इस्तेमाल होता है 5G टावरों में ऊर्जा खपत और भी अधिक होती है, जिससे लागत बढ़ जाती है क्या महंगे होंगे मोबाइल रिचार्ज?विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लागत लगातार बढ़ती रही तो: टेलीकॉम कंपनियां टैरिफ बढ़ा सकती हैं रिचार्ज प्लान पहले से महंगे हो सकते हैं डेटा और कॉलिंग पैक की कीमतों में बदलाव संभव है हालांकि, कंपनियां अभी सीधे तौर पर कीमतें बढ़ाने से बचने की कोशिश कर रही हैं। पहले से चल रही थी टैरिफ बढ़ोतरी की तैयारीटेलीकॉम सेक्टर पहले से ही: नेटवर्क अपग्रेड (4G से 5G) स्पेक्ट्रम लागत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश जैसे कारणों से टैरिफ बढ़ाने पर विचार कर रहा था। अब ईंधन महंगाई ने इस दबाव को और बढ़ा दिया है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर अब टेलीकॉम सेक्टर तक पहुंचता दिख रहा है। अगर ऑपरेटिंग कॉस्ट लगातार बढ़ती रही, तो आने वाले समय में मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे हो सकते हैं। हालांकि अंतिम फैसला कंपनियों की रणनीति और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

instagram new feature: बच्चों की सुरक्षा के लिए Instagram का बड़ा कदम, पैरेंट्स को मिलेगा नया मॉनिटरिंग फीचर

   instagram new feature: नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram  जल्द ही पैरेंट्स के लिए एक नया Supervision Tool लेकर आ रहा है। इस फीचर की मदद से माता-पिता अपने बच्चों की इंस्टाग्राम एक्टिविटी पर नजर रख सकेंगे। खास बात यह है कि यह टूल केवल Teen Accounts पर काम करेगा। कंपनी के मुताबिक, इस फीचर से पैरेंट्स यह समझ पाएंगे कि उनके बच्चों की फीड, रील्स और एक्सप्लोर सेक्शन में किस तरह का कंटेंट दिखाई दे रहा है और वे किन विषयों में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। क्यों लाया गया यह फीचर Meta  का कहना है कि इस टूल को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि परिवार यह समझ सकें कि इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम बच्चों को कौन-सा कंटेंट और क्यों दिखा रहा है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई टीन यूजर स्पोर्ट्स, म्यूजिक, गेमिंग या फोटोग्राफी से जुड़ा कंटेंट ज्यादा देखता है, तो पैरेंट्स को इन कैटेगरी की जानकारी मिल जाएगी। इससे वे बच्चों की ऑनलाइन रुचियों और डिजिटल व्यवहार को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। Gujrat Road Accident: गुजरात जा रही वैन हादसे का शिकार, दो की मौत के बीच करोड़ों की चांदी मिलने से सनसनी नई कैटेगरी जुड़ते ही मिलेगा नोटिफिकेशन इस नए सुपरविजन टूल की एक खास सुविधा यह भी होगी कि अगर बच्चा अपने इंटरेस्ट में कोई नई कैटेगरी जोड़ता है, तो इसकी जानकारी पैरेंट्स को नोटिफिकेशन के जरिए मिल जाएगी। इससे माता-पिता यह जान सकेंगे कि बच्चे के फीड में अचानक नया कंटेंट क्यों दिखाई देने लगा है। AI एक्टिविटी पर भी रखी जा सकेगी नज कुछ समय पहले इंस्टाग्राम, फेसबुक और मैसेंजर के लिए एक और फीचर पेश किया गया था, जिसमें पैरेंट्स यह देख सकते हैं कि बच्चे AI टूल्स का इस्तेमाल किस तरह कर रहे हैं। नई “Insights” टैब में पिछले 7 दिनों के दौरान बच्चे किन विषयों पर AI से सवाल पूछ रहे हैं, उसकी जानकारी दिखाई जाएगी। हालांकि, इसमें पूरी चैट नहीं दिखाई जाएगी, बल्कि केवल टॉपिक्स की लिस्ट दिखाई जाएगी। भारत में भी जल्द मिलेगा फीचर रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नया सुपरविजन टूल ग्लोबली रोलआउट होना शुरू हो गया है। शुरुआती चरण में इसे अंग्रेजी भाषा के यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा और बाद में भारत समेत अन्य देशों में भी लॉन्च किया जाएगा।

स्मार्टफोन की सेफ्टी के लिए जरूरी टिप्स: ये 5 चीजें फोन के साथ रखी तो हो सकता है भारी नुकसान

नई दिल्ली। आज के समय में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन छोटी-छोटी लापरवाहियां इसके लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकती हैं। अक्सर लोग अनजाने में फोन के साथ ऐसी चीजें रख लेते हैं जो इसकी स्क्रीन, बैटरी और इंटरनल पार्ट्स को खराब कर सकती हैं। सबसे पहले, चाबियां और सिक्के जैसे धातु के सामान फोन के साथ रखने से स्क्रीन और कैमरा लेंस पर गहरी खरोंच आ सकती है, जिससे फोन की लुक और परफॉर्मेंस दोनों प्रभावित होते हैं। वहीं, मजबूत मैग्नेट वाले डिवाइस या चुंबक फोन के सेंसर्स और कंपास जैसी तकनीक को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा, पावर बैंक के साथ फोन को एक ही टाइट जगह पर चार्ज करते समय रखने से ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बैटरी कमजोर हो सकती है या गंभीर मामलों में फटने का रिस्क भी बन सकता है। क्रेडिट और डेबिट कार्ड को फोन के कवर में रखना भी सुरक्षित नहीं माना जाता, क्योंकि फोन के मैग्नेटिक फील्ड से कार्ड की स्ट्रिप या चिप खराब हो सकती है। वहीं पानी की बोतल या किसी भी तरल पदार्थ के पास फोन रखने से रिसाव होने पर शॉर्ट-सर्किट का खतरा रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्मार्टफोन को हमेशा अलग और सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए और अच्छे क्वालिटी के केस व स्क्रीन प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि यह लंबे समय तक सुरक्षित रहे।

कमजोर पासवर्ड पर साइबर अटैक का खतरा बढ़ा: AI के सामने सेकंडों में टूट रहे आसान पासवर्ड, 23 करोड़ लीक डाटा से बड़ा खुलासा

नई दिल्ली। साइबर सुरक्षा को लेकर Kaspersky की ताज़ा रिपोर्ट ने गंभीर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 से 2026 के बीच करीब 23.10 करोड़ यूनिक पासवर्ड लीक हुए हैं, जिनके विश्लेषण में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में यूजर्स अब भी कमजोर और आसानी से अनुमान लगाए जा सकने वाले पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 68% मॉडर्न पासवर्ड ऐसे हैं जिन्हें आज के ब्रूट-फोर्स और AI आधारित हैकिंग टूल्स की मदद से एक दिन के भीतर क्रैक किया जा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं, गलत पैटर्न और सरल कॉम्बिनेशन वाले 12 से 15 कैरेक्टर लंबे पासवर्ड भी सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पा रहे हैं और कुछ मामलों में इन्हें एक मिनट से भी कम समय में तोड़ा जा सकता है। विश्लेषण में यह भी पाया गया कि लोग अक्सर पासवर्ड में आसान नंबर सीक्वेंस जैसे “123456”, कीबोर्ड पैटर्न जैसे क्वर्टी या सामान्य शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे हैकर्स के लिए काम और आसान हो जाता है। इसके अलावा ट्रेंडिंग और भावनात्मक शब्दों का इस्तेमाल भी पासवर्ड को कमजोर बना रहा है, जिससे डेटा चोरी का खतरा और बढ़ जाता है। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि सिर्फ लंबा पासवर्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मजबूत और यूनिक पासवर्ड के साथ मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) और पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करना आज की सबसे जरूरी डिजिटल सुरक्षा रणनीति बन चुका है।

स्मार्टफोन से जुड़ी बड़ी चेतावनी: ये 5 चीजें साथ रखने की गलती पड़ सकती है भारी, फोन हो सकता है खराब

नई दिल्ली।  स्मार्टफोन आज हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है, लेकिन रोजमर्रा की छोटी-छोटी लापरवाहियां इसके लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कई लोग अनजाने में अपने फोन के साथ ऐसी चीजें रख देते हैं, जो स्क्रीन से लेकर बैटरी और इंटरनल पार्ट्स तक को नुकसान पहुंचा सकती हैं। सबसे आम गलती है फोन के साथ चाबियां और सिक्के रखना। धातु की ये चीजें स्क्रीन और कैमरा लेंस पर खरोंच डाल सकती हैं, जिससे डिवाइस की परफॉर्मेंस और क्वालिटी दोनों प्रभावित होती हैं। इसी तरह मैग्नेटिक डिवाइस या मजबूत चुंबक फोन के सेंसर और कंपास जैसे पार्ट्स को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे लोकेशन और कैमरा स्टेबिलाइजेशन जैसी सुविधाएं खराब हो सकती हैं। चार्जिंग के दौरान फोन और पावर बैंक को एक साथ बंद जगह में रखने से ओवरहीटिंग का खतरा बढ़ जाता है, जो बैटरी लाइफ को कम करने के साथ-साथ गंभीर मामलों में डिवाइस फेलियर का कारण बन सकता है। इसके अलावा, क्रेडिट या डेबिट कार्ड को फोन कवर में रखने से उनकी मैग्नेटिक स्ट्रिप प्रभावित हो सकती है, जबकि पानी की बोतल या लिक्विड के साथ फोन रखने पर रिसाव की स्थिति में शॉर्ट सर्किट का खतरा रहता है। तकनीकी विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि फोन को हमेशा अलग और सुरक्षित जगह पर रखें और उचित कवर व स्क्रीन प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करें ताकि डिवाइस लंबे समय तक सुरक्षित रह सके।

हज सुविधा स्मार्टवॉच पर विवाद: यात्रियों ने बैटरी और परफॉर्मेंस पर उठाए सवाल, कंपनी ने दी सफाई

नई दिल्ली।  हज यात्रा पर गए कई भारतीय यात्रियों ने ‘हज सुविधा स्मार्टवॉच’ की कार्यक्षमता को लेकर शिकायतें दर्ज कराई हैं। यात्रियों का कहना है कि GPS और हेल्थ फीचर्स से लैस यह डिवाइस फुल चार्ज के बाद भी बहुत कम समय तक चल रही है, जिससे इमरजेंसी और ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं में दिक्कत आ रही है। हज कमेटी ऑफ इंडिया (HCoI) की ओर से करीब 1.2 लाख से अधिक यात्रियों को यह स्मार्टवॉच वितरित की गई थी। इसका उद्देश्य यात्रियों की लोकेशन ट्रैकिंग, SOS अलर्ट, हेल्थ मॉनिटरिंग और रियल-टाइम गाइडेंस देना बताया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, यात्रियों ने आरोप लगाया है कि वॉच की बैटरी अपेक्षा से जल्दी खत्म हो रही है और भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे मक्का और मीना में नेटवर्क और कनेक्टिविटी भी कमजोर पड़ रही है। कुछ यात्रियों ने इसे 7 हजार रुपये की कीमत के हिसाब से कमजोर परफॉर्मेंस वाला बताया है। वहीं, डिवाइस बनाने वाली कंपनी (Sekyo) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वॉच को टेस्टिंग के बाद ही वितरित किया गया है और यह सामान्य परिस्थितियों में 1–2 दिन तक बैकअप देने में सक्षम है। कंपनी का कहना है कि यात्रियों को दिए गए मैनुअल में 10W से कम चार्जर उपयोग करने की सलाह दी गई है और डिवाइस के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ न करने की अपील की गई है। इस पूरी स्थिति पर हज कमेटी और कंपनी दोनों की ओर से यात्रियों की सहायता और तकनीकी सपोर्ट जारी रखने की बात कही गई है।