Parag Agrawal की नई AI कंपनी Parallel: ट्विटर के बाद 19020 करोड़ का डिजिटल साम्राज्य

नई दिल्ली। ट्विटर के (अब X) के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई विवाद नहीं बल्कि उनकी नई कामयाबी है। एलन मस्क द्वारा ट्विटर अधिग्रहण के बाद कंपनी से बाहर किए गए अग्रवाल ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक मजबूत पहचान बना ली है। उन्होंने Parallel Web Systems नाम की AI स्टार्टअप की स्थापना की है, जिसने हाल ही में 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹835 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग के बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 2 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹19,020 करोड़ पहुंच गई है। यह आंकड़ा इसे तेजी से उभरते AI स्टार्टअप्स में शामिल करता है। क्या करती है Parag Agrawal की कंपनी?Parallel Web Systems कोई साधारण टेक कंपनी नहीं है। यह AI एजेंट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है, यानी ऐसे सिस्टम जो इंसानों की तरह खुद निर्णय लेकर ऑनलाइन काम कर सकते हैं। ये AI एजेंट्स केवल पहले से मौजूद डेटा पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि: लाइव इंटरनेट से जानकारी खोजते हैं रियल-टाइम डेटा प्रोसेस करते हैं और जटिल डिजिटल कामों को ऑटोमेट करते हैं कंपनी ऐसे API टूल्स देती है जिनकी मदद से AI सिस्टम वेबसाइट्स से डेटा निकाल सकते हैं, रिसर्च कर सकते हैं और अलग-अलग ऑनलाइन वर्कफ्लो को पूरा कर सकते हैं। किन क्षेत्रों में हो रहा है इस्तेमाल?Parallel की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब कई अहम सेक्टर्स में हो रहा है: निवेश (Investment) रिसर्च इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेसिंग लीगल एनालिसिस सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंटइसका मतलब है कि AI अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं, बल्कि असली दुनिया के बड़े और जटिल कामों को भी संभालने लगा है। ट्विटर से AI तक का सफरपराग अग्रवाल 2021-22 तक ट्विटर के CEO रहे। एलन मस्क के 44 बिलियन डॉलर के अधिग्रहण के बाद उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और AI सेक्टर में अपनी नई शुरुआत की।आज उनकी नई कंपनी तेजी से बढ़ते AI बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनती जा रही है
Samsung India में बड़ा बदलाव: 18 साल बाद राजू पुल्लन ने दिया इस्तीफा, मोबाइल बिजनेस की कमान किसके हाथ?

नई दिल्ली। सैमसंग इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और मोबाइल एक्सपीरियंस डिवीजन के प्रमुख राजू एंटनी पुल्लन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने खुद लिंक्डइन पर इसकी जानकारी साझा की, जिससे टेक इंडस्ट्री में हलचल मच गई। करीब दो दशक तक सैमसंग के साथ जुड़े रहने के बाद उनका यह फैसला कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पुल्लन ने साल 2008 में सैमसंग इंडिया जॉइन किया था और धीरे-धीरे कंपनी में कई अहम पदों पर काम किया। उन्होंने सेल्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल बिजनेस जैसे कई क्षेत्रों में नेतृत्व संभाला। जनवरी 2022 से वे मोबाइल एक्सपीरियंस डिवीजन के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे, जहां उन्होंने भारत में गैलेक्सी स्मार्टफोन्स की पहुंच को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। अब कौन संभालेगा मोबाइल बिजनेस?रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदित्य बब्बर को सैमसंग इंडिया के मोबाइल बिजनेस की नई जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि कंपनी की तरफ से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। आदित्य बब्बर फिलहाल सैमसंग इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट और प्रोडक्ट मार्केटिंग व ई-कॉमर्स हेड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में कंपनी के स्मार्टफोन पोर्टफोलियो और ऑनलाइन सेल्स नेटवर्क को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। भारत में सैमसंग के लिए क्यों अहम है यह बदलाव?भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजारों में से एक है और सैमसंग यहां दूसरी सबसे बड़ी मोबाइल कंपनी बनी हुई है। ऐसे में मोबाइल डिवीजन के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव कंपनी की भविष्य की रणनीति पर बड़ा असर डाल सकता है। राजू पुल्लन के नेतृत्व में सैमसंग ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत किया था। अब देखना होगा कि नया नेतृत्व कंपनी को किस दिशा में आगे ले जाता है।
iQOO Neo 10 का नया अवतार लॉन्च, 7000mAh बैटरी और 120W चार्जिंग से मचा देगा बाजार में धमाल

नई दिल्ली। स्मार्टफोन मार्केट में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि iQOO ने अपने पॉपुलर फोन Neo 10 को नए अवतार में पेश कर दिया है। कंपनी ने इस बार फोन को न सिर्फ नए आकर्षक रंगों में लॉन्च किया है, बल्कि इसकी परफॉर्मेंस और बैटरी फीचर्स को भी और ज्यादा पावरफुल बना दिया है। नया iQOO Neo 10 अब गेमर्स और हेवी यूजर्स के लिए एक दमदार विकल्प बनकर सामने आया है, जो फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस को मिड-रेंज कीमत में देने का दावा करता है। कंपनी ने iQOO Neo 10 को अब दो नए कलर ऑप्शन एल्पाइन व्हाइट और एस्फाल्ट ब्लैक में पेश किया है। ये दोनों नए रंग पहले से मौजूद इंफर्नो रेड और टाइटेनियम क्रोम वेरिएंट के साथ उपलब्ध होंगे। नए वेरिएंट की बिक्री 5 मई से दोपहर 12 बजे शुरू होगी और इसे ग्राहक Amazon और iQOO की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकेंगे। कीमत की बात करें तो iQOO Neo 10 का 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट 37,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि 12GB रैम और 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 42,999 रुपये रखी गई है। लॉन्च ऑफर के तहत यह फोन क्रमशः 34,999 रुपये और 40,999 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। फोन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी 6.78 इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5500 निट्स तक की ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। यह डिस्प्ले गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के अनुभव को बेहद स्मूद और विजुअली रिच बनाती है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो हाई-एंड गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन माना जा रहा है। कैमरा सेटअप की बात करें तो iQOO Neo 10 में डुअल रियर कैमरा सिस्टम मिलता है, जिसमें 50MP Sony IMX882 प्राइमरी सेंसर और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो क्लियर और डिटेल्ड आउटपुट देने में सक्षम है। बैटरी इस फोन की सबसे बड़ी ताकत है। इसमें 7000mAh की विशाल बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक बैकअप देने में सक्षम है। इसके साथ 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे फोन कुछ ही मिनटों में चार्ज हो सकता है। गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए इसमें Q1 गेमिंग चिप और 7000mm² का वेपर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो हीटिंग की समस्या को कम करता है। फोन Android 16 आधारित OriginOS 6 पर चलता है और IP65 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे डस्ट और स्प्लैश रेसिस्टेंट बनाता है। कुल मिलाकर, iQOO Neo 10 अपने नए लुक, पावरफुल बैटरी और फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस के साथ मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।
Netflix ने लॉन्च किया नया ‘Clips’ फीचर: अब रील्स जैसा मिलेगा शॉर्ट वीडियो एक्सपीरियंस

नई दिल्ली। स्ट्रीमिंग दिग्गज Netflix ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और दिलचस्प फीचर पेश किया है। इस फीचर का नाम ‘Clips’ रखा गया है, जिसके जरिए अब मोबाइल यूजर्स को छोटे और वर्टिकल वीडियो देखने का अनुभव मिलेगा। यह बिल्कुल Instagram Reels और TikTok की तरह काम करेगा, जहां लगातार स्क्रॉल करके नया कंटेंट देखा जा सकेगा। कंपनी का यह कदम खासतौर पर मोबाइल यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। फिलहाल इसे कई देशों में रोलआउट किया जा रहा है, जिनमें भारत, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। आने वाले समय में इसे और देशों में भी लॉन्च किया जाएगा। क्या है Netflix का ‘Clips’ फीचर?Netflix का यह नया फीचर शॉर्ट वीडियो ट्रेंड को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन इसमें एक खास फर्क है। यहां यूजर जनरेटेड कंटेंट नहीं होगा, बल्कि Netflix की ही फिल्मों और वेब सीरीज से निकाले गए छोटे-छोटे क्लिप्स दिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह तय करने में मदद करना है कि कौन-सा शो या फिल्म देखनी है। यानी अब लंबे समय तक सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि एक छोटी क्लिप देखकर ही आइडिया मिल जाएगा। Netflix ऐप में इसके लिए एक अलग टैब जोड़ा गया है, जहां यूजर्स आसानी से शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल कर सकेंगे। साथ ही, किसी भी क्लिप को सीधे सोशल मीडिया पर शेयर करने या दोस्तों को भेजने का विकल्प भी मिलेगा। यूजर्स को क्या फायदा होगा?इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स को पहले ही फिल्म या वेब सीरीज की झलक मिल जाएगी। अगर कोई क्लिप पसंद आती है, तो सीधे उस कंटेंट को देखने का विकल्प मिलेगा या उसे वॉचलिस्ट में जोड़ा जा सकेगा। भविष्य में Netflix इस फीचर को और भी मजबूत बना सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें आगे चलकर पॉडकास्ट, लाइव शो और कलेक्शन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यूजर्स को शॉर्ट और लॉन्ग फॉर्म कंटेंट के बीच आसान स्विचिंग मिलेगी। पहले भी कर चुका है प्रयोगNetflix के लिए यह पहला ऐसा कदम नहीं है। कंपनी ने इससे पहले भी कई बार शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट पर प्रयोग किए हैं: 2018 में 30 सेकंड का वर्टिकल प्रीव्यू फीचर 2021 में ‘Fast Laughs’ फीचर और अब 2026 में ‘Clips’ का नया वर्जन इन सभी कोशिशों का मकसद यूजर्स को कंटेंट डिस्कवरी आसान और तेज बनाना है।
Google Gemini: Google Gemini में जल्द आएंगे विज्ञापन: AI चैटिंग का अनुभव बदलने की तैयारी में Google, यूजर्स की चिंता बढ़ी

Google Gemini: नई दिल्ली। Google अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini को जल्द ही एक बड़े बदलाव की ओर ले जाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस ऐप में विज्ञापन और स्पॉन्सर्ड रिजल्ट जोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो AI चैटिंग का अनुभव पहले जैसा नहीं रहेगा और बातचीत के बीच में विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। Gemini में विज्ञापनों की एंट्री की तैयारी हाल ही में Google की तिमाही आय कॉल के दौरान संकेत दिए गए कि Gemini AI ऐप में जल्द ही विज्ञापन मॉडल जोड़ा जा सकता है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर फिलिप शिंडलर ने बताया कि Google पहले से ही अपने AI Overview और AI Mode में विज्ञापन दिखा रहा है और इनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसी अनुभव के आधार पर अब Gemini ऐप को भी Monetization (कमाई) मॉडल में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में यूजर्स को चैट के दौरान स्पॉन्सर्ड सुझाव और कमर्शियल कंटेंट दिख सकते हैं। सर्च से चैट तक पहुंचेगा Ads मॉडल Google पहले से ही सर्च रिजल्ट्स में यूजर की क्वेरी के आधार पर विज्ञापन दिखाता है। इसमें टेक्स्ट और शॉपिंग Ads शामिल होते हैं, जो भारत, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय हैं। अब कंपनी इसी मॉडल को AI चैटिंग में लागू करने की तैयारी कर रही है। यानी यूजर जब Gemini से सवाल पूछेंगे, तो जवाब के बीच में विज्ञापन या स्पॉन्सर्ड सुझाव दिख सकते हैं। AI की दुनिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा Google का यह कदम सीधे तौर पर OpenAI को टक्कर देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। OpenAI ने पहले ही ChatGPT में फ्री यूजर्स के लिए कुछ रैंक्ड विज्ञापन मॉडल टेस्ट किए हैं। हालांकि OpenAI का दावा है कि विज्ञापन चैट के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन AI प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते कमर्शियलाइजेशन पर सवाल जरूर उठने लगे हैं। यूजर्स के अनुभव पर असर AI चैटबॉट्स का सबसे बड़ा आकर्षण उनकी साफ और बिना बाधा वाली बातचीत होती है। लेकिन अगर बीच में विज्ञापन जुड़ते हैं, तो यूजर एक्सपीरियंस प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विज्ञापन को स्मार्ट तरीके से इंटीग्रेट किया गया तो यह Google के लिए नया रेवेन्यू मॉडल बन सकता है, लेकिन गलत तरीके से लागू होने पर यूजर्स की नाराजगी भी बढ़ सकती है। आने वाला समय: AI + Ads का नया दौर AI इंडस्ट्री तेजी से व्यावसायिक (commercial) होती जा रही है। Google और OpenAI जैसे दिग्गज अब इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जहां AI सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि विज्ञापनों के जरिए कमाई का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा।
Samsung Galaxy F17e 5G: Samsung का बजट 5G धमाका: सिर्फ ₹13,774 में मिल रहा 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा वाला फोन, ऑफर्स ने घटाई कीमत

Samsung Galaxy F17e 5G: नई दिल्ली। फ्लिपकार्ट पर Samsung ने बजट सेगमेंट में बढ़ाई हलचल,स्मार्टफोन बाजार में Samsung ने एक और किफायती 5G डिवाइस के साथ ग्राहकों का ध्यान खींचा है। कंपनी का नया Samsung Galaxy F17e 5G फ्लिपकार्ट पर बेहद आकर्षक ऑफर के साथ उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी कीमत बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर के बाद मात्र ₹13,774 तक पहुंच जाती है। यह फोन खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया गया है जो कम बजट में 5G कनेक्टिविटी, दमदार बैटरी और अच्छा कैमरा चाहते हैं। बजट में 5G अनुभव Samsung Galaxy F17e 5G को एंट्री और मिड-रेंज यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 5G सपोर्ट के साथ बेहतर नेटवर्क स्पीड और स्मूद परफॉर्मेंस देने का दावा किया गया है। इस प्राइस सेगमेंट में 5G फोन मिलना इसे और भी खास बनाता है। दमदार बैटरी और कैमरा इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने में सक्षम है। यानी सामान्य उपयोग में यह फोन आसानी से एक से डेढ़ दिन तक चल सकता है। कैमरे की बात करें तो इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो इस रेंज में अच्छी फोटोग्राफी क्षमता प्रदान करता है। यह फीचर इसे बजट सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाता है। ऑफर्स ने घटाई कीमत फ्लिपकार्ट पर यह फोन पहले से ही किफायती कीमत पर लिस्टेड है, लेकिन बैंक ऑफर्स और एक्सचेंज डील के कारण इसकी कीमत और कम हो जाती है। यही वजह है कि ग्राहक इसे ₹13,774 जैसे प्रभावी दाम में खरीद सकते हैं। बजट सेगमेंट में बढ़ी प्रतिस्पर्धा भारतीय स्मार्टफोन बाजार में इस तरह के ऑफर्स से बजट 5G सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। Samsung का यह कदम सीधे तौर पर उन ब्रांड्स को चुनौती देता है जो इसी प्राइस रेंज में डिवाइस पेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फोन ग्रामीण और टियर-2 शहरों में 5G अपनाने की रफ्तार को और बढ़ा सकते हैं। ग्राहकों के लिए फायदा कम कीमत में 5G, बड़ी बैटरी और अच्छा कैमरा मिलने से यह फोन उन यूजर्स के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है जो कम बजट में भरोसेमंद ब्रांड की तलाश कर रहे हैं।
luxury cars India: Lexus India का बड़ा कदम; अब हर नई कार पर 8 साल या 2 लाख किमी वारंटी, लग्जरी सेगमेंट में बढ़ी ग्राहक सुरक्षा

luxury cars India: नई दिल्ली। लग्जरी कार बाजार में Lexus ने बढ़ाया भरोसे का दायरा Lexus India ने भारतीय ग्राहकों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। कंपनी ने अपनी सभी नई कारों पर 8 साल या 2 लाख किलोमीटर तक की वारंटी देने की घोषणा की है। यह नई सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है और इसका लाभ Lexus की पूरी मौजूदा और नई रेंज पर मिलेगा। इस फैसले के साथ Lexus ने लग्जरी कार सेगमेंट में ग्राहक भरोसे और ओनरशिप अनुभव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम ग्राहकों को लंबे समय तक निश्चिंत ड्राइविंग अनुभव देने के उद्देश्य से लिया गया है। बिना अतिरिक्त खर्च के बढ़ा भरोसा Lexus की यह वारंटी सुविधा पूरी तरह से मानक (standard) है, यानी ग्राहकों को इसके लिए किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यह निर्णय उन ग्राहकों के लिए राहत लेकर आया है जो लग्जरी कारों के लंबे समय तक मेंटेनेंस और सर्विस कॉस्ट को लेकर चिंतित रहते हैं। मई की शुरुआत में आम जनता को झटका, कमर्शियल LPG महंगा, सोना-चांदी में गिराव.. पहले यह वारंटी 8 साल या 1,60,000 किलोमीटर तक सीमित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2 लाख किलोमीटर कर दिया गया है। इससे ज्यादा ड्राइविंग करने वाले ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा। पूरी रेंज पर लागू होगा नया नियम यह नई वारंटी Lexus की सभी प्रमुख मॉडलों पर लागू होगी। इसमें ES300h सेडान, LS500h लग्जरी सैलून, NX और RX SUV, LX ऑफ-रोडर और LM MPV जैसे मॉडल शामिल हैं। कंपनी ने सभी वाहनों के लिए समान वारंटी नीति लागू कर दी है, जिससे ग्राहकों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं रहेगा। लग्जरी बाजार में बढ़ी प्रतिस्पर्धा भारतीय लग्जरी कार बाजार में यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। जहां एक तरफ ग्राहक लंबे समय तक भरोसेमंद ओनरशिप अनुभव की तलाश में रहते हैं, वहीं Lexus का यह निर्णय उसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है। ऑटो सेक्टर विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति न केवल ब्रांड की विश्वसनीयता बढ़ाएगी, बल्कि बिक्री पर भी सकारात्मक असर डालेगी। ग्राहकों के लिए भरोसे का नया मॉडल Lexus हमेशा से अपनी क्वालिटी और रिलायबिलिटी के लिए जाना जाता है। अब इस बढ़ी हुई वारंटी के साथ कंपनी ने यह संदेश दिया है कि वह अपने ग्राहकों को सिर्फ एक कार नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाला भरोसा दे रही है।
smartphone launch 2026: Vivo X300 Series की एंट्री तय! 200MP कैमरा और पावरफुल Snapdragon के साथ 6 मई को मचेगा धमाल

smartphone launch 2026: नई दिल्ली। स्मार्टफोन मार्केट में हलचल तेज होने वाली है। Vivo अपनी नई Vivo X300 Series के तहत दो दमदार 5G स्मार्टफोन लॉन्च करने जा रहा है, जिनमें हाई-एंड कैमरा और प्रीमियम फीचर्स देखने को मिलेंगे। Vivo ने कन्फर्म कर दिया है कि उसकी नई Vivo X300 Series के दो मॉडल—Vivo X300 Ultra और Vivo X300 FE—6 मई को भारत में लॉन्च होंगे। लॉन्च के कुछ ही दिनों बाद यानी 14 मई से इनकी बिक्री भी शुरू हो जाएगी। सीरीज का कॉम्पैक्ट मॉडल Vivo X300 FE डिजाइन और परफॉर्मेंस का बैलेंस लेकर आ रहा है। इसमें 6.31 इंच का 1.5K LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ स्मूद एक्सपीरियंस देगा। फोन में लेटेस्ट Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट होने की बात सामने आई है, जिससे परफॉर्मेंस काफी तेज रहने की उम्मीद है। बैटरी के मामले में भी यह डिवाइस दमदार है—6,500mAh बैटरी के साथ 90W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा। कैमरा सेटअप में 50MP का प्राइमरी सेंसर, 50MP टेलीफोटो और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया जाएगा, जो फोटोग्राफी के शौकीनों को निराश नहीं करेगा। Junaid Khan debut: जुनैद और साई पल्लवी की ‘एक दिन’ ने दी दस्तक, आमिर खान ने फिल्म के किरदार में देखा अपना अक्स अब बात करें सीरीज के सबसे प्रीमियम मॉडल Vivo X300 Ultra की, तो यह फोन फीचर्स के मामले में एक कदम आगे नजर आता है। इसमें 6.82 इंच का 2K LTPO AMOLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स तक की ब्राइटनेस के साथ आएगा। परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Elite Gen 5 प्रोसेसर दिया जा सकता है, जो हाई-एंड यूजर्स के लिए खास होगा। इसके साथ 16GB तक RAM और 1TB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलेगा। कैमरा ही इस फोन की सबसे बड़ी ताकत है 200MP का प्राइमरी कैमरा, 200MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस और 50MP का अल्ट्रा-वाइड कैमरा इसे फोटोग्राफी का पावरहाउस बनाते हैं। दोनों डिवाइस में एक खास फीचर भी देखने को मिलेगा। एक्सटर्नल टेलीफोटो एक्सटेंडर सपोर्ट, जिससे जूम फोटोग्राफी को एक नया लेवल मिल सकता है। कीमत की बात करें तो Vivo X300 Ultra करीब 1.6 लाख रुपये और Vivo X300 FE करीब 80 हजार रुपये की शुरुआती कीमत पर लॉन्च हो सकते हैं। लॉन्च के बाद ये फोन Amazon, Flipkart और Vivo के ऑफिशियल स्टोर पर उपलब्ध होंगे। Vivo की X300 सीरीज प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में बड़ी चुनौती पेश करने के लिए तैयार है। खासकर 200MP कैमरा और हाई-एंड स्पेसिफिकेशन्स इसे 2026 के सबसे चर्चित स्मार्टफोन्स में शामिल कर सकते हैं।
ISSF World Cup: फ्री क्लाउड स्टोरेज का जाल! Jio-Airtel का ऑफर बाद में क्यों बन सकता है महंगा सिरदर्द

ISSF World Cup: नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनियों के आकर्षक ऑफर अक्सर फायदे का सौदा लगते हैं, लेकिन कई बार यही ऑफर आगे चलकर परेशानी बन जाते हैं। Jio और Airtel द्वारा दी जा रही फ्री Google Cloud Storage भी कुछ ऐसा ही मामला बनती दिख रही है। आज के डिजिटल दौर में डेटा ही सब कुछ है फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट्स और इन्हें सुरक्षित रखने के लिए क्लाउड स्टोरेज सबसे आसान विकल्प माना जाता है। इसी जरूरत को भुनाते हुए Jio और Airtel अपने रिचार्ज प्लान्स के साथ 6 महीने से लेकर 18 महीने तक की फ्री Google Cloud Storage ऑफर कर रहे हैं। शुरुआत में यह ऑफर काफी फायदेमंद लगता है, क्योंकि यूजर्स को 1TB या 2TB तक एक्स्ट्रा स्टोरेज मिल जाती है। लेकिन असली दिक्कत तब शुरू होती है, जब यूजर बिना सोचे-समझे इस स्टोरेज को भर देता है। रक्षा उत्पादन को नई दिशा देंगे रवि, एचएएल के नए प्रमुख के रूप में संभाली जिम्मेदारी.. दरअसल, Google अपने हर यूजर को 15GB फ्री स्टोरेज देता है, जो Gmail, Drive और Photos के बीच शेयर होती है। लेकिन जब यूजर टेलीकॉम ऑफर से मिली बड़ी स्टोरेज पर पूरी तरह निर्भर हो जाता है, तो फ्री पीरियड खत्म होते ही मुश्किल खड़ी हो जाती है। सबसे बड़ा झटका तब लगता है, जब स्टोरेज फुल हो जाती है। ऐसी स्थिति में Gmail पर नए ईमेल आना बंद हो सकते हैं, जिससे आपका जरूरी काम अटक सकता है। यानी एक छोटा-सा ऑफर आपके प्रोफेशनल कामकाज पर असर डाल सकता है। इतना ही नहीं, अगर आपने हजारों फोटो और वीडियो क्लाउड पर अपलोड कर दिए हैं, तो बाद में उन्हें डाउनलोड करना भी आसान नहीं होता। बड़े डेटा को शिफ्ट करना समय और इंटरनेट दोनों की भारी खपत करता है। ऐसे में कई यूजर्स मजबूरी में पेड प्लान लेने पर मजबूर हो जाते हैं। खर्च की बात करें तो Google के क्लाउड प्लान करीब 130 रुपये प्रति महीने से शुरू होकर 2TB स्टोरेज के लिए 600-650 रुपये तक पहुंच जाते हैं। यानी जो स्टोरेज आज फ्री लग रही है, वही कल हर महीने का अतिरिक्त खर्च बन सकती है। क्या करें ताकि न बने सिरदर्द? विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यूजर्स शुरुआत से ही स्टोरेज का सही मैनेजमेंट करें। जरूरी फाइल्स ही क्लाउड पर रखें, समय-समय पर डेटा साफ करते रहें और फ्री ऑफर खत्म होने से पहले बैकअप प्लान तैयार रखें। फ्री क्लाउड स्टोरेज एक स्मार्ट सुविधा जरूर है, लेकिन बिना प्लानिंग के यह बोझ बन सकती है। समझदारी इसी में है कि ऑफर का फायदा लें, लेकिन उस पर पूरी तरह निर्भर न हो जाएं।
digital payment India: UPI में बड़ा बदलाव! बिना पिन सिर्फ फिंगरप्रिंट से पेमेंट, 5,000 तक का ट्रांजैक्शन हुआ सुपरफास्ट

digital payment India: नई दिल्ली। भारत में डिजिटल पेमेंट सिस्टम एक नए दौर में पहुंच गया है। अब UPI यूजर्स बिना पिन डाले भी पेमेंट कर सकेंगे। फिंगरप्रिंट और फेस रिकॉग्निशन जैसे बायोमेट्रिक फीचर्स के जरिए 5,000 रुपये तक का ट्रांजैक्शन आसान और तेज हो गया है। डिजिटल इंडिया की रफ्तार अब और तेज हो गई है। UPI में नया बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर जुड़ने के बाद पेमेंट का तरीका पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। अब हर बार UPI पिन याद रखने और डालने की झंझट खत्म होती दिख रही है। इस नए फीचर के तहत यूजर्स फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन के जरिए पेमेंट कर सकते हैं। खास बात यह है कि यह सुविधा छोटे ट्रांजैक्शन को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जिसमें 5,000 रुपये तक का भुगतान बिना पिन के किया जा सकता है। इससे ज्यादा अमाउंट पर अभी भी पिन जरूरी रहेगा, जिससे सुरक्षा बनी रहे। ASHOKNAGAR CENSUS BEGINS: अशोकनगर में जनगड़ना का पहला चरण शुरू, 1 मई से 30 मई तक चलेगा कार्य सबसे पहले इस फीचर को ICICI Bank ने अपने iMobile ऐप पर रोलआउट किया है। यहां यूजर्स QR कोड स्कैन करने से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग और पर्सनल ट्रांसफर तक, सब कुछ बायोमेट्रिक के जरिए कर सकते हैं। यह सिस्टम मोबाइल में पहले से सेव फिंगरप्रिंट या फेस डेटा का इस्तेमाल करता है, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाती है। इतना ही नहीं, यह सुविधा अब लोकप्रिय पेमेंट ऐप्स तक भी पहुंच चुकी है। PhonePe, Paytm और CRED जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी बायोमेट्रिक पेमेंट का ऑप्शन मिल रहा है। यहां यूजर्स एक टैप में पेमेंट पूरा कर सकते हैं। अगर किसी कारण से बायोमेट्रिक फेल हो जाए, तो पिन का बैकअप विकल्प भी दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फीचर खासकर भीड़-भाड़ वाले इलाकों और जल्दी-जल्दी होने वाले ट्रांजैक्शन में बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि पिन चोरी या देखने जैसी समस्याओं से भी सुरक्षा मिलेगी। हालांकि, यूजर्स को यह ध्यान रखना होगा कि बायोमेट्रिक डेटा उनके डिवाइस में सुरक्षित हो और फोन किसी अनजान व्यक्ति के हाथ में न जाए। जरूरत पड़ने पर इस फीचर को ऑन या ऑफ भी किया जा सकता है। UPI का यह नया बायोमेट्रिक फीचर डिजिटल पेमेंट को और आसान, तेज और सुरक्षित बना रहा है। आने वाले समय में यह सुविधा बड़े ट्रांजैक्शन तक भी बढ़ाई जा सकती है, जिससे कैशलेस इंडिया की दिशा और मजबूत होगी।