गूगल ला रहा सस्ता AI फोन Pixel 10a, 18 फरवरी को होगा लॉन्च..

नई दिल्ली । गूगल ने अपने किफायती AI स्मार्टफोन Pixel 10a की लॉन्चिंग की आधिकारिक घोषणा कर दी है कंपनी ने टीजर वीडियो के जरिए बताया कि यह फोन 18 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा Pixel 10a गूगल की Pixel 10 सीरीज का सबसे सस्ता मॉडल होगा जिसे कम कीमत में प्रीमियम AI अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है यह लॉन्चिंग ऐसे समय हो रही है जब एपल और सैमसंग भी अपने नए स्मार्टफोन्स की तैयारी में हैं Pixel 10a गूगल की लोकप्रिय A-सीरीज का नया फोन है जो खास तौर पर मिड-रेंज यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया गया है कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस डिवाइस में वही लेटेस्ट AI फीचर्स मिलेंगे जो फ्लैगशिप मॉडल्स में दिए जाते हैं A-सीरीज को पहले भी सॉफ्टवेयर और कैमरा परफॉर्मेंस के लिए जाना जाता रहा है टीजर वीडियो में Pixel 10a के डिजाइन की पहली झलक दिखाई गई है सबसे बड़ा बदलाव इसके रियर कैमरा डिजाइन में होगा इस बार फोन के पीछे कैमरा मॉड्यूल पूरी तरह फ्लैट रहेगा पिछली Pixel 9a की तरह उभरा कैमरा बंप नहीं मिलेगा गूगल का यह नया फ्लैट डिजाइन फोन को ज्यादा स्लीक और सिंपल लुक देता है Pixel 10a में गूगल के लेटेस्ट Gemini AI फीचर्स का सपोर्ट मिलेगा Gemini Live के जरिए यूजर्स फोन से रियल-टाइम बातचीत कर सकेंगे इसके अलावा Circle to Search फीचर भी मिलेगा जिससे किसी भी फोटो या वीडियो पर गोला बनाकर तुरंत सर्च किया जा सकेगा टेक इंडस्ट्री में इन फीचर्स को एपल के Apple Intelligence से ज्यादा एडवांस माना जा रहा है गूगल ने लॉन्चिंग फरवरी में रखी है जबकि एपल मार्च में किफायती iPhone 17e पेश कर सकता है वहीं सैमसंग भी अपनी फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज पर काम कर रहा है गूगल की रणनीति है कि इन बड़े लॉन्च से पहले भारत अमेरिका और जापान जैसे अहम बाजारों में अपनी मौजूदगी मजबूत की जाए कीमत का खुलासा अभी नहीं हुआ है लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि RAM और हार्डवेयर की बढ़ती लागत से कीमत में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है फिर भी A-सीरीज की पहचान किफायती प्रीमियम फोन की रही है गूगल हर साल फ्लैगशिप Pixel के कुछ महीनों बाद A-सीरीज लॉन्च करता है इसमें प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर फ्लैगशिप जैसे ही होते हैं जबकि बॉडी मटेरियल और कुछ हार्डवेयर फीचर्स में कटौती कर कीमत कम रखी जाती है
JLR के साइबर अटैक और चीन की सुस्ती से सालाना रेवेन्यू में 26 प्रतिशत की गिरावट

नई दिल्ली । मुंबई टाटा मोटर्स को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में बड़ा झटका लगा कंपनी को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 3,486 करोड़ रुपए का कॉन्सोलिडेटेड घाटा हुआ जबकि पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा 5,406 करोड़ था कमजोर नतीजों का मुख्य कारण कंपनी की लग्जरी कार यूनिट जगुआर लैंड रोवर पर साइबर अटैक और चीन के बाजार में आई सुस्ती रही कंपनी का कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 70,108 करोड़ रुपए रह गया पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 94,738 करोड़ था JLR के संचालन पर साइबर हमले का सीधा असर पड़ा जिससे प्रोडक्शन सप्लाई चेन और बिक्री प्रभावित हुई JLR का प्रदर्शन सबसे कमजोर रहा इस तिमाही में इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 39 प्रतिशत गिरकर करीब 55,000 करोड़ रुपए रह गया टैक्स से पहले JLR को लगभग 3,800 करोड़ का घाटा हुआ साइबर अटैक के कारण कुछ समय के लिए डिजिटल सिस्टम बाधित रहे जिससे ऑर्डर प्रोसेसिंग और डिलीवरी प्रभावित हुई चीन में सुस्ती और पुराने मॉडल्स का चरणबद्ध बंद होना बिक्री वॉल्यूम पर दबाव डाल रहा है अमेरिका में बढ़े हुए आयात शुल्क ने भी लागत और मुनाफे पर असर डाला घरेलू कारोबार ने कंपनी को राहत दी भारतीय पैसेंजर और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में बिक्री 22 प्रतिशत बढ़कर 1.71 लाख यूनिट रही GST दरों में कटौती नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और EV सेगमेंट में बढ़ती मांग ने घरेलू बाजार को मजबूत कियाCFO धीमन गुप्ता ने कहा कि यह तिमाही अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण रही जैसा कि साइबर अटैक के कारण अनुमान था घरेलू बिजनेस में सुधार के संकेत मिले हैं और चौथी तिमाही में JLR के ऑपरेशंस सामान्य होने से प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह घाटा कॉन्सोलिडेटेड आधार पर है जिसमें 100 से अधिक सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियों के नतीजे शामिल हैं JLR जैसे अंतरराष्ट्रीय बिजनेस का प्रदर्शन सीधे समेकित नतीजों को प्रभावित करता हैविशेषज्ञों का मानना है कि साइबर सुरक्षा को मजबूत करना और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में मांग को पटरी पर लाना टाटा मोटर्स के लिए आने वाली तिमाहियों में अहम चुनौती रहेगा
दुनियाभर के 40% स्मार्टफोन पर मंडरा रहा खतरा, Google ने दी चेतावनी, पुराने Android यूजर्स सतर्क रहें

applr नई दिल्ली। गूगल ने स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी है कि दुनिया भर में करीब 40% स्मार्टफोन मैलवेयर और स्पाईवेयर के जोखिम में हैं। यह खतरा मुख्य रूप से पुराने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) वर्जन्स के कारण है जो अब सिक्योरिटी अपडेट्स प्राप्त नहीं कर रहे। फॉर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार एंड्रॉयड 13 या उससे पुराने वर्जन्स वाले स्मार्टफोन सबसे अधिक जोखिम में हैं। ऐसे यूजर्स की संख्या 1 अरब से अधिक है और ये साइबर अटैक्स के शिकार हो सकते हैं। Android वर्जन्स की स्थिति:Android 16: 7.5% स्मार्टफोनAndroid 15: 19.3%Android 14: 17.9%Android 13: 13.9% रिपोर्ट बताती है कि 58% स्मार्टफोन अभी भी सिक्योरिटी सपोर्ट में हैं जबकि 40% स्मार्टफोन अब सिक्योरिटी अपडेट्स प्राप्त नहीं कर रहे। ऐसे यूजर्स संभावित साइबर खतरों का सामना कर सकते हैं। पुराने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए गूगल की सलाह:गूगल ने पुराने Android OS वाले स्मार्टफोन यूजर्स को चेतावनी दी है कि वे लेटेस्ट OS में अपडेट करें और सिक्योरिटी पैच नियमित रूप से इंस्टॉल करते रहें। यह कदम मैलवेयर और स्पाईवेयर से सुरक्षा के लिए जरूरी है। iPhone यूजर्स को राहत:iPhone यूजर्स को समय पर सिक्योरिटी अपडेट मिलते हैं, इसलिए उन्हें इस खतरे का सामना नहीं करना पड़ता। यदि किसी एंड्रॉयड डिवाइस का सपोर्ट बंद हो गया है, तो नया स्मार्टफोन खरीदना सुरक्षित विकल्प है। स्मार्टफोन कंपनियों की नीति:अधिकतर कंपनियां 4–5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट देती हैं। Samsung और Google Pixel ने अब 7 साल से अधिक के अपडेट देने की पहल की है, जिससे यूजर्स को अतिरिक्त सुरक्षा मिल रही है। सिक्योरिटी अपडेट का महत्व:सिक्योरिटी अपडेट स्मार्टफोन की कमजोरियों और बग्स को ठीक करने के लिए जारी किए जाते हैं। इन कमजोरियों का फायदा हैकर्स उठा सकते हैं और डेटा चोरी कर सकते हैं। इसलिए नियमित अपडेट्स आवश्यक हैं। Android OS का उपयोग कई कंपनियों जैसे Samsung, Realme, Redmi, Oppo और OnePlus में होता है। वहीं iOS केवल Apple स्मार्टफोन्स में उपलब्ध है, जिसकी संख्या सीमित है।
फोटोग्राफी का एक्सपीरियंस होगा और शानदार, Canon ने पेश किए EOS R के नए अल्ट्रा-वाइड लेंस

नई दिल्ली। कैमरा और इमेजिंग टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Canon ने EOS R सिस्टम कैमरों के लिए दो क्रांतिकारी अल्ट्रा-वाइड एंगल RF माउंट L-सीरीज़ लेंस पेश किए हैं। इनमें RF7-14mm f/2.8-3.5L Fisheye STM और RF14mm f/1.4L VCM शामिल हैं। ये दोनों लेंस न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हैं, बल्कि प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स को रचनात्मकता के बिल्कुल नए आयाम देने में सक्षम हैं।190° व्यू वाला दुनिया का पहला फिशआई ज़ूम Canon का RF7-14mm f/2.8-3.5L Fisheye STM दुनिया का पहला ऐसा लेंस है, जो 190 डिग्री का सर्कुलर एंगल ऑफ व्यू देता है। यह Canon का पहला नेटिव RF माउंट फिशआई ज़ूम लेंस भी है। फुल-फ्रेम कैमरे के साथ 7mm पर यह लेंस पारंपरिक EF8-15mm फिशआई की तुलना में 10 डिग्री ज्यादा कवरेज देता है, जिससे “ग्लास बॉल” जैसा अनोखा इफेक्ट मिलता है। यह लेंस आर्किटेक्चर, स्टेडियम और बड़े लैंडस्केप शॉट्स के लिए बेहद प्रभावी है। इसका f/2.8 से f/3.5 का ब्राइट अपर्चर लो-लाइट फोटोग्राफी और बेहतर बोकेह की सुविधा देता है। वजन में करीब 12% हल्का (लगभग 476 ग्राम) होने के बावजूद इसकी इमेज क्वालिटी पहले से बेहतर है। Canon के EOS VR Utility सॉफ्टवेयर की मदद से इससे 2D 180° VR और हेमीस्फेरिकल पैनोरमा इमेज भी बनाई जा सकती हैं।RF14mm f/1.4L VCM: सबसे वाइड और फास्ट प्राइम दूसरा लेंस RF14mm f/1.4L VCM Canon का अब तक का सबसे वाइड और सबसे तेज नॉन-फिशआई प्रोफेशनल प्राइम लेंस है। यह खासतौर पर नाइट स्काई, मिल्की वे और लो-लाइट लैंडस्केप शूट करने वालों के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 578 ग्राम वजन के साथ यह अपने EF वर्जन से 10% हल्का है, लेकिन f/1.4 अपर्चर के कारण चार गुना ज्यादा रोशनी कैप्चर करता है। इस लेंस में वीडियो-फ्रेंडली VCM मोटर, स्मूद अपर्चर कंट्रोल के लिए आइरिस रिंग और फोकस ब्रीदिंग को कम करने वाली ऑप्टिकल डिजाइन दी गई है। इसमें GMo एस्फेरिकल लेंस, फ्लोराइट और BR ऑप्टिकल एलिमेंट्स का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कलर ब्लीडिंग और कोमा फ्लेयर कम होता है। प्रोफेशनल L-सीरीज़ की मजबूती दोनों ही लेंस Canon की L-सीरीज़ का हिस्सा हैं, जिनमें डस्ट और ड्रिप रेसिस्टेंट बॉडी, फ्रंट एलिमेंट पर फ्लोरिन कोटिंग और फ्लेयर-घोस्टिंग कम करने वाली एडवांस कोटिंग दी गई है। Canon का यह लॉन्च प्रोफेशनल इमेजिंग की दुनिया में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी दोनों में नई संभावनाओं के द्वार खोलता है।
भारत बना रैमजेट मिसाइल क्लब का सदस्य, लंबी दूरी की मिसाइलों की सटीकता बढ़ी

नई दिल्ली। भारत अब हवाई हमले के मोर्चे पर और भी ताकतवर होने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मंगलवार को रैमजेट (SDFR) तकनीक का सफल परीक्षण किया। इससे लंबी दूरी की मिसाइलें और भी सटीक निशाना साध सकेंगी। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) में किया गया। रैमजेट क्या है?रैमजेट एक एयर-ब्रीदिंग जेट इंजन है, जो मिसाइल की आगे की गति का इस्तेमाल कर आने वाली हवा को दबाता है। इस तकनीक के चलते मिसाइल को जेट इंजन के घूमने वाले पार्ट्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट में ईंधन नियंत्रित तरीके से जलता है, जबकि हवा इंजन के अंदर से गुजरती रहती है। इसका फायदा यह होता है कि मिसाइल लंबे समय तक तेज गति बनाए रख सकती है और आखिरी चरण में दुश्मन के लिए बचना मुश्किल हो जाता है। वैश्विक सूची में शामिल भारतरक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस सफल परीक्षण के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल विकसित करने की रैमजेट तकनीक है। इसमें नोजल-लेस बूस्टर, SFDR मोटर और ईंधन प्रवाह नियंत्रक जैसी सभी प्रणालियों ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया। परीक्षण की निगरानी DRDO की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने की, जिनमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, अनुसंधान केंद्र इमारत और ITR शामिल हैं।
सिम और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से निकाला लाखों का सोना, वायरल हुआ वीडियो

वीजिंग। दक्षिण पूर्वी चीन के हुइझोउ में रहने वाले कियाओ ने मोबाइल सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से करीब 191 ग्राम सोना निकाला, जिसकी कीमत लगभग 2 लाख युआन (27 लाख रुपये) आंकी गई है। कियाओ ने इस प्रक्रिया का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसे अब तक 50 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। कैसे किया सोना निकाला वीडियो में कियाओ ने पुराने सिम कार्ड्स और इलेक्ट्रॉनिक स्क्रैप को रासायनिक और भौतिक प्रक्रियाओं से प्रोसेस करते हुए दिखाया। इसमें जंग हटाना, गर्म करना, छानना और रिफाइनिंग शामिल था। उन्होंने बताया कि सिम कार्ड में सोने की मात्रा बेहद कम होती है—एक सामान्य सिम कार्ड में लगभग 0.001 ग्राम सोना होता है। इसके अलावा, फेंके गए बैंक कार्ड चिप्स और कम्युनिकेशन डिवाइस के कॉन्टैक्ट्स से भी कीमती धातुएं निकाली जा सकती हैं। कियाओ के अनुसार, उनके पास लगभग दो टन इलेक्ट्रॉनिक कचरा था, जिसे प्रोसेस करके उन्होंने यह सोना प्राप्त किया। उन्होंने दर्शकों को चेतावनी भी दी कि यदि किसी को पूरी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है, तो इसे अपनाना जोखिम भरा हो सकता है। सोशल मीडिया पर धमाल और असर कियाओ का वीडियो वायरल होते ही लोग उनकी प्रक्रिया सीखने के लिए उत्सुक हो गए। कई यूजर्स ने उन्हें “अलकेमिस्ट” यानी रसायनविद तक कह दिया। इस वायरल वीडियो का असर ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर भी दिखा—रीसेल प्लेटफॉर्म्स पर लोग पुराने सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के बंडल बेचने लगे। कुछ लोग सोना निकालने के औजार और ट्रेनिंग पैकेज भी बेच रहे हैं, जिसमें से एक पैकेज की लगभग 2,000 यूनिट बिकने की खबर है। निष्कर्ष कियाओ की इस उपलब्धि ने न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट की कीमत दिखा दी, बल्कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन मार्केट्स में नए बिजनेस अवसर भी पैदा कर दिए हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रक्रिया जोखिम भरी है और इसके लिए रासायनिक और सुरक्षा ज्ञान बेहद जरूरी है।
डिजिटल भुगतान में नया इतिहास: जनवरी में UPI से रोजाना ₹91,403 करोड़ का लेनदेन

नई दिल्ली। भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI ने जनवरी 2026 में इतिहास रच दिया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जनवरी महीने में UPI के जरिए कुल ₹28.33 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ, जबकि ट्रांजैक्शन की संख्या 21.7 अरब तक पहुंच गई। यह आंकड़ा मासिक और औसत दैनिक दोनों ही स्तर पर अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में रोजाना औसतन 70 करोड़ से अधिक UPI ट्रांजैक्शन किए गए, जिनका औसत दैनिक मूल्य ₹91,403 करोड़ रहा। इसकी तुलना में दिसंबर 2025 में औसत दैनिक लेनदेन ₹90,217 करोड़ और ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 69.8 करोड़ थी। यानी नए साल की शुरुआत के साथ ही डिजिटल भुगतान की रफ्तार में और तेजी देखने को मिली है। NPCI के अनुसार दिसंबर 2025 में UPI लेनदेन का कुल मूल्य ₹27.97 लाख करोड़ था, जबकि जनवरी में इसमें करीब 21 प्रतिशत की मासिक वृद्धि दर्ज की गई। वहीं सालाना आधार पर ट्रांजैक्शन की संख्या में लगभग 28 से 29 प्रतिशत और कुल लेनदेन राशि में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह साफ संकेत देता है कि UPI अब केवल शहरी भुगतान का साधन नहीं रहा, बल्कि देशभर में रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा बन चुका है। डिजिटल भुगतान के विस्तार में UPI QR कोड की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अब 70.9 करोड़ से ज्यादा एक्टिव UPI QR कोड मौजूद हैं, जो जुलाई 2024 की तुलना में करीब 21 प्रतिशत अधिक हैं। किराना दुकानों, मेडिकल स्टोर, ट्रांसपोर्ट हब और ग्रामीण बाजारों तक QR कोड की पहुंच ने स्कैन और पे को आम जनता के लिए सबसे आसान और भरोसेमंद भुगतान विकल्प बना दिया है। UPI के साथ-साथ अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है। दिसंबर 2025 में IMPS के जरिए ₹6.62 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ, जो सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत लगातार कैशलेस इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में UPI लेनदेन में और तेजी देखने को मिल सकती है। सरकारी प्रोत्साहन, छोटे व्यापारियों की बढ़ती भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ने से UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत आधार प्रदान करेगा।
नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च: डिजिटल पहचान अब हुई और भी आसान और भी सुविधाजनक

नई दिल्ली । सरकार ने नया आधार मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसका मकसद पहचान सत्यापन को तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता के लिए सरल बनाना है। इस ऐप की मदद से यूजर अपने मोबाइल में ही डिजिटल पहचान रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर साझा कर सकते हैं। अब आधार कार्ड की हार्ड कॉपी दिखाने या फोटोकॉपी देने की जरूरत नहीं है, और यूजर केवल वही जानकारी साझा कर सकेगा, जो किसी खास कार्य के लिए आवश्यक हो। तेज और सुरक्षित पहचान जांच इस ऐप में क्यूआर कोड के जरिए ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। उदाहरण के तौर पर होटल में चेक-इन, अस्पताल में विजिटर एंट्री या अलग-अलग सेवा प्लेटफॉर्म पर पहचान जांच अब तेजी से हो सकेगी। ऐप में फेस वेरिफिकेशन और उम्र प्रमाणन (एज वेरिफिकेशन) जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। उपयोगकर्ता के लिए विशेष फीचर्स यूजर अपने आधार बायोमेट्रिक डेटा को एक क्लिक में लॉक या अनलॉक कर सकता है। ऐप में ‘वन फैमिली-वन ऐप’ फीचर के तहत एक ही मोबाइल में पांच आधार प्रोफाइल तक मैनेज करना संभव है। इसके अलावा, मोबाइल नंबर अपडेट जैसी सुविधाएं भी सीधे ऐप में उपलब्ध हैं, जिससे छोटे बदलावों के लिए बैंक या आधार केंद्र जाने की जरूरत कम होगी। डेटा सुरक्षा और गोपनीयता सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐप के जरिए साझा की गई जानकारी में आधार नंबर को स्टोर नहीं किया जाएगा। केवल डिजिटल रूप से साइन और वेरिफाइड डेटा ही साझा होगा। इससे गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा और यह डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के अनुरूप है। लॉन्च और अधिकारियों की टिप्पणियां इस ऐप को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने विकसित किया है और इसे वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लॉन्च किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह ऐप डेटा साझा करने में कम से कम जानकारी के सिद्धांत को बढ़ावा देगा और यूजर अपनी जानकारी सुरक्षित तरीके से साझा कर सकेंगे। UIDAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप पूरी तरह डिजिटल सिस्टम की दिशा में एक बड़ा कदम है और कस्टमाइज्ड क्यूआर कोड के जरिए केवल आवश्यक जानकारी साझा की जा सकती है। एप्लिकेशन की व्यापक उपयोगिता अब एयरपोर्ट, होटल, अस्पताल, सिनेमा और गिग वर्कर्स जैसी सेवाओं में पहचान जांच आसान और तेज होगी। यूजर अपने आधार ऑथेंटिकेशन की पूरी हिस्ट्री देख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से डेटा साझा कर सकते हैं। यह ऐप डिजिटल पहचान की दुनिया में एक नया और सुरक्षित मील का पत्थर साबित होगा।
आ गया नया Aadhaar App: मोबाइल नंबर से लेकर पता बदलने तक, एक ऐप में मिलेंगी कई सुविधाएं

नई दिल्ली। UIDAI ने भारत में नया Aadhaar App आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। इस ऐप का फुल वर्जन एक खास इवेंट के दौरान अनवील किया गया, जहां UIDAI के अधिकारियों ने इसके नए फीचर्स की जानकारी दी। नया आधार ऐप आधार होल्डर्स को एक ही मोबाइल ऐप में कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराएगा। पर्सनल डिटेल्स पर यूजर को मिलेगा पूरा कंट्रोलनए Aadhaar App की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें यूजर्स को अपनी पर्सनल डिटेल्स पर पूरा नियंत्रण दिया गया है। ऐप की मदद से यूजर्स फोटो, नाम, डेट ऑफ बर्थ, जेंडर, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियों को हाइड या शो कर सकते हैं। UIDAI ने ऐप को इस तरह डिजाइन किया है कि आधार होल्डर खुद तय कर सके कि कौन-सी जानकारी शेयर करनी है और कौन-सी नहीं। QR कोड और ऑफलाइन वेरिफिकेशन से बढ़ेगी सुरक्षाUIDAI के मुताबिक, नए आधार ऐप में ऑफलाइन वेरिफिकेशन फीचर भी शामिल किया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि ऐप बिना इंटरनेट के काम करेगा, बल्कि इसका अर्थ यह है कि वेरिफिकेशन के लिए सेंट्रल डेटाबेस को एक्सेस करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी दोनों मजबूत होंगी। सिक्योरिटी चेक, ऑफिस एंट्री और अटेंडेंस भी आसानन्यू Aadhaar App की मदद से आने वाले समय में सिक्योरिटी चेक, ऑफिस और बिल्डिंग एंट्री, विजिटर वेरिफिकेशन और अटेंडेंस सिस्टम जैसे काम आसान हो जाएंगे। UIDAI ने भरोसा दिलाया है कि इस पूरी प्रक्रिया में यूजर्स का डेटा सुरक्षित रहेगा और बिना अनुमति किसी भी जानकारी को शेयर नहीं किया जाएगा। डिटेल्स हाइड करने का तरीकाऐप में डिटेल्स हाइड करने के लिए यूजर्स को चेकबॉक्स ऑप्शन दिया गया है, जहां वे अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी को ऑन या ऑफ कर सकते हैं। ऐप ओपन करते ही यूजर्स को केवल एक QR कोड दिखाई देगा, जबकि आधार नंबर पूरी तरह हाइड रहेगा। यूजर के क्लिक करने पर ही आधार की बाकी जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी। Android और iOS दोनों के लिए उपलब्धनया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म्स के लिए जारी किया गया है। जिन यूजर्स के फोन में पहले से आधार ऐप मौजूद है, उन्हें नया वर्जन इस्तेमाल करने के लिए ऐप अपडेट करना होगा।UIDAI का कहना है कि यह नया आधार ऐप डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आधार सेवाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित, आसान और यूजर-फ्रेंडली बनेंगी।
यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौता, मर्सिडीज जैसी कारों पर भारत 40% तक घटाएगा टैरिफ

मुंबई। अगर आप लग्जरी कार खरीदने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक बड़ा व्यापार समझौता (Free Trade Deal) होने जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, भारत यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले भारी-भरकम इंपोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर सीधे 40% करने की तैयारी में है. यह देश के बड़े बाजार को खोलने की अब तक की सबसे बड़ी पहल हो सकती है, क्योंकि दोनों देशों के बीच मंगलवार तक फ्री ट्रेड समझौता होने की उम्मीद है. क्या हैं डील की अहम बातें? अभी भारत विदेशी कारों पर 110% तक टैक्स लेता है, जिसे घटाकर 40% किया जा सकता है. यह छूट उन कारों पर मिलेगी जिनकी कीमत 15,000 यूरो (करीब 13-14 लाख रुपये) से ज्यादा होगी. यानी इसका बड़ा फायदा लग्जरी कारों को मिलेगा. टैक्स सिर्फ 40% पर नहीं रुकेगा. आने वाले समय में इसे धीरे-धीरे घटाकर 10% तक लाने की योजना है. इस फैसले से फॉक्सवैगन, मर्सिडीज और बीएमडब्ल्यू जैसी दिग्गज कंपनियों की कारें भारतीय बाजार में काफी सस्ती हो जाएंगी. आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है? अभी तक विदेशों में बनी कारें भारत आते-आते अपनी असली कीमत से दोगुनी महंगी हो जाती थीं. टैक्स कम होने से इन प्रीमियम कारों की कीमतों में भारी गिरावट आएगी, जिससे भारतीय ग्राहकों के पास ज्यादा ऑप्शन होंगे. वहीं दूसरी तरफ विदेशी कंपनियों के लिए भारत में अपना बाजार बढ़ाना आसान होगा. भारत के लिए क्यों अहम है यह FTA? यह भारत के लिए अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होगा. 27 देशों के यूरोपीय ब्लॉक के साथ सर्विस और सामानों का यह तालमेल भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस हब बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है.