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AI Data Center: 5G से आगे बढ़ीं टेलीकॉम कंपनियां: अब Sovereign Cloud और AI Data Centers पर बड़ा दांव

 AI Data Center: नई दिल्ली। दुनियाभर की टेलीकॉम कंपनियां अब सिर्फ 5G नेटवर्क और ब्रॉडबैंड सेवाओं तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। टेलीनॉर से लेकर भारती एयरटेल और रिलायंस जियो तक, सभी कंपनियां अब सॉवरेन क्लाउड, AI डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य का सबसे बड़ा बिजनेस मॉडल मान रही हैं।बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता, डेटा सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेजी से बढ़ती जरूरत ने टेलीकॉम सेक्टर की दिशा बदल दी है। क्यों बढ़ रही Sovereign Cloud की मांग? अब क्लाउड सिर्फ डेटा स्टोर करने तक सीमित नहीं रह गया है। यह डेटा कंट्रोल, सुरक्षा और डिजिटल संप्रभुता का बड़ा हिस्सा बन चुका है।दुनिया के कई देश अब बैंकिंग, हेल्थकेयर और सरकारी डेटा को विदेशी कंपनियों के सर्वर पर रखने से बचना चाहते हैं। इसी वजह से यूरोप और एशिया में लोकल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेजी से बढ़ रही है। नॉर्वे की टेलीकॉम कंपनी Telenor ने हाल ही में नई Sovereign Cloud कंपनी शुरू की है। वहीं BT International ने यूरोप में क्लाउड नेटवर्क मजबूत करने के लिए STACKIT के साथ साझेदारी की है। AI ने बदल दिया पूरा खेल AI सिस्टम को बड़े डेटा सेंटर, हाई प्रोसेसिंग पावर और तेज नेटवर्क की जरूरत होती है। यही वजह है कि टेलीकॉम कंपनियां अब AI Hosting और Cloud Services में अरबों रुपये निवेश कर रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, 5G और स्पेक्ट्रम पर भारी खर्च के बाद अब सिर्फ मोबाइल टैरिफ से कमाई पर्याप्त नहीं रही। इसलिए कंपनियां AI और क्लाउड सर्विसेज को नया रेवेन्यू मॉडल बना रही हैं। Google Chrome Alert: बिना बताए 4GB की AI फाइल डाउनलोड कर रहा ब्राउजर? स्टोरेज और डेटा पर बड़ा खतरा! भारत में भी तेजी से बढ़ रहा निवेश भारत भी डिजिटल संप्रभुता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। डेटा लोकलाइजेशन और स्वदेशी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है। Bharti Airtel की सब्सिडियरी Nxtra देशभर में बड़े डेटा सेंटर नेटवर्क तैयार कर रही है, जो भविष्य की AI और क्लाउड जरूरतों को पूरा करेंगे। वहीं Reliance Jio लगातार अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्लाउड बिजनेस का विस्तार कर रही है। कंपनी के मुताबिक, JioAICloud के 4.2 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हो चुके हैं। अडानी समूह भी रेस में शामिल AdaniConneX पूरे भारत में बड़े डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी में है। अडानी समूह ने Sovereign AI और ऊर्जा क्षेत्र में 100 अरब डॉलर निवेश की योजना का भी ऐलान किया है। भविष्य की असली जंग अब डेटा पर विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में टेलीकॉम सेक्टर की असली ताकत सिर्फ मोबाइल नेटवर्क नहीं, बल्कि AI सिस्टम, डेटा सेंटर और राष्ट्रीय डिजिटल डेटा पर नियंत्रण से तय होगी। अब टेलीकॉम कंपनियां खुद को सिर्फ नेटवर्क प्रोवाइडर नहीं, बल्कि भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ के तौर पर तैयार कर रही हैं।

Apple India Policy: अमेरिका में 14 दिन में रिटर्न, भारत में ‘नो रिफंड’; आखिर क्यों अलग हैं Apple के नियम?

नई दिल्ली। अगर आप नया iPhone, MacBook या कोई दूसरा Apple प्रोडक्ट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले कंपनी की रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी जरूर जान लें। भारत में Apple की नीति कई ग्राहकों को चौंका सकती है, क्योंकि यहां कंपनी अमेरिका जैसी आसान रिफंड सुविधा नहीं देती। भारत में Apple की सख्त ‘नो रिफंड’ पॉलिसीApple ने भारत में पहले ऑनलाइन स्टोर के जरिए एंट्री की थी और बाद में दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में अपने ऑफिशियल रिटेल स्टोर खोले। लेकिन खरीदारी के बाद ग्राहकों को जो सबसे बड़ा फर्क देखने को मिलता है, वह है कंपनी की रिटर्न पॉलिसी। Apple India की आधिकारिक नीति के अनुसार, भारत में खरीदे गए किसी भी प्रोडक्ट को केवल पसंद न आने या मन बदल जाने की स्थिति में वापस नहीं किया जा सकता। यानी प्रोडक्ट सही तरीके से काम कर रहा है, फिर भी ग्राहक उसे रिफंड या एक्सचेंज नहीं करा सकता। खराब प्रोडक्ट होने पर क्या मिलेगा विकल्प?हालांकि, अगर डिवाइस में तकनीकी खराबी निकलती है और वह वारंटी या AppleCare+ के दायरे में है, तो कंपनी सर्विस और रिपेयर की सुविधा देती है। कुछ विशेष मामलों में कंपनी डिफेक्टिव प्रोडक्ट को बदल भी सकती है।ग्राहक देशभर के अधिकृत Apple सर्विस सेंटर पर जाकर मरम्मत या सहायता ले सकते हैं। अमेरिका में अलग हैं नियमभारत के मुकाबले अमेरिका में Apple ग्राहकों को ज्यादा लचीलापन देता है। वहां ग्राहक डिलीवरी मिलने के 14 दिनों के भीतर प्रोडक्ट को रिटर्न या एक्सचेंज कर सकते हैं, चाहे वजह पसंद न आना ही क्यों न हो। यानी अमेरिकी ग्राहकों को “नो क्वेश्चन रिटर्न” जैसी सुविधा मिलती है, जबकि भारतीय ग्राहकों को यह विकल्प नहीं दिया गया है। आखिर क्यों अलग हैं नियम?Apple ने आधिकारिक तौर पर भारत और अमेरिका की अलग-अलग नीतियों का स्पष्ट कारण नहीं बताया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे बाजार की प्रकृति, ग्राहकों का व्यवहार और बिजनेस मॉडल जैसे कारण हो सकते हैं। भारत में बढ़ते प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार के बीच कई ग्राहक अब मांग कर रहे हैं कि Apple को यहां भी अमेरिका जैसी रिटर्न और एक्सचेंज सुविधा शुरू करनी चाहिए। ग्राहकों के लिए जरूरी सलाहअगर आप Apple Store India से कोई महंगा प्रोडक्ट खरीद रहे हैं, तो खरीदारी से पहले रिटर्न, वारंटी और सर्विस नियम अच्छी तरह पढ़ लें। इससे बाद में किसी तरह की परेशानी या गलतफहमी से बचा जा सकता है

Apple iPhone 18 Pro में मिलेगा बड़ा बदलाव! नई बैटरी, प्रीमियम डिजाइन और दमदार AI फीचर्स के साथ होगा लॉन्च

नई दिल्ली। Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च कर सकती है। लीक्स के मुताबिक नए iPhone में बड़ी बैटरी, A20 Pro चिपसेट, बेहतर कैमरा और नया प्रीमियम डिजाइन देखने को मिल सकता है। Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max लॉन्च कर सकती है। लीक्स के मुताबिक नए iPhone में बड़ी बैटरी, A20 Pro चिपसेट, बेहतर कैमरा और नया प्रीमियम डिजाइन देखने को मिल सकता है। iPhone 18 Pro Series: Apple के नए फ्लैगशिप फोन को लेकर बढ़ा उत्साहटेक दुनिया की सबसे चर्चित स्मार्टफोन सीरीज में शामिल Apple iPhone का नया मॉडल लॉन्च होने से पहले ही सुर्खियों में आ गया है। रिपोर्ट्स और लीक्स के मुताबिक, Apple इस साल सितंबर में अपनी नई iPhone 18 Pro Series लॉन्च कर सकती है। इस सीरीज में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max शामिल होंगे। कहा जा रहा है कि इस बार कंपनी डिजाइन, बैटरी, कैमरा और AI फीचर्स के मामले में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है। लीक्स के अनुसार Apple इस बार अपने नए प्रो मॉडल्स को प्रीमियम और यूनिक कलर ऑप्शन के साथ पेश कर सकती है। कंपनी फिलहाल लाइट ब्लू, डार्क चेरी, डार्क ग्रे और सिल्वर जैसे रंगों पर काम कर रही है। इनमें डार्क चेरी कलर को सबसे खास माना जा रहा है, जो iPhone को नया और प्रीमियम लुक दे सकता है। परफॉर्मेंस की बात करें तो iPhone 18 Pro मॉडल्स में नया A20 Pro चिपसेट मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह प्रोसेसर 2nm टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा, जिससे फोन की स्पीड, गेमिंग और AI परफॉर्मेंस पहले से ज्यादा बेहतर हो सकती है। माना जा रहा है कि यह Apple के अब तक के सबसे पावरफुल मोबाइल चिप्स में से एक होगा। कैमरा सेक्शन में भी इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लीक्स में दावा किया गया है कि iPhone 18 Pro सीरीज में 48MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलेगा। सबसे खास फीचर Variable Aperture हो सकता है, जिसकी मदद से यूजर्स फोटो क्लिक करते समय बेहतर लाइट कंट्रोल कर पाएंगे। इससे खासकर लो-लाइट फोटोग्राफी और प्रोफेशनल शॉट्स की क्वालिटी में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी Dynamic Island का साइज भी छोटा कर सकती है। इससे फोन का फ्रंट डिजाइन ज्यादा क्लीन और प्रीमियम दिखाई देगा। वहीं कैमरा कंट्रोल बटन में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। मौजूदा मॉडल्स में दिए गए टच कंट्रोल फीचर को लेकर मिले यूजर फीडबैक के बाद Apple इसे आसान या पूरी तरह अलग डिजाइन में पेश कर सकती है। बैटरी के मामले में भी iPhone 18 Pro Max बड़ा अपग्रेड साबित हो सकता है। लीक्स के अनुसार इस मॉडल में Apple अब तक की सबसे बड़ी बैटरी दे सकती है। इससे फोन का बैटरी बैकअप और गेमिंग एक्सपीरियंस बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि बड़ी बैटरी के चलते फोन का साइज थोड़ा बड़ा हो सकता है। इसके अलावा Apple अपने नए इन-हाउस C2 मॉडम का इस्तेमाल भी कर सकती है। यह मॉडम बेहतर 5G कनेक्टिविटी और कम पावर कंजम्प्शन के लिए डिजाइन किया गया है। इससे नेटवर्क स्पीड और बैटरी एफिशिएंसी दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है। हालांकि कंपनी की ओर से अभी तक iPhone 18 Pro Series को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन लगातार सामने आ रही लीक्स ने Apple फैंस के बीच उत्साह बढ़ा दिया है। अब सभी की नजर सितंबर में होने वाले Apple लॉन्च इवेंट पर टिकी हुई है।

बैटरी कचरे से होगी महत्वपूर्ण खनिजों की रिकवरी, भारत–EU का 169 करोड़ रुपये का बड़ा रीसाइक्लिंग मिशन शुरू

नई दिल्ली। इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती दुनिया में अब बैटरी कचरे को ‘खजाने’ में बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मिलकर 15.2 मिलियन यूरो (करीब 169 करोड़ रुपये) की संयुक्त पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य ईवी बैटरियों की रीसाइक्लिंग तकनीकों को मजबूत करना है। इस कार्यक्रम का फोकस महत्वपूर्ण खनिजों की रिकवरी और सर्कुलर इकोनॉमी आधारित सप्लाई चेन को विकसित करना है, ताकि लिथियम, कोबाल्ट और ग्रेफाइट जैसे जरूरी संसाधनों पर निर्भरता कम की जा सके। यह पहल भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (TTC) के तहत शुरू की गई है। इसमें भारत और यूरोपीय संघ की कंपनियां, स्टार्टअप, एमएसएमई, विश्वविद्यालय और शोध संस्थान हिस्सा ले सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 तय की गई है। इस परियोजना को यूरोपीय संघ के ‘होराइजन यूरोप’ कार्यक्रम और भारत के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से फंड किया जा रहा है। किन तकनीकों पर होगा फोकस?इस कार्यक्रम के तहत आधुनिक रीसाइक्लिंग सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जाएगा, जिसमें शामिल हैं- – उच्च दक्षता वाली सामग्री रिकवरी तकनीक– बैटरी संग्रह और छंटाई के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर– भारत में औद्योगिक स्तर पर ‘पायलट लाइन’ विकसित करना– पुरानी बैटरियों के सेकंड लाइफ उपयोग के लिए सुरक्षा और डायग्नोस्टिक्स तकनीक क्यों जरूरी है यह साझेदारी?ईवी सेक्टर के तेजी से विस्तार के साथ लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में रीसाइक्लिंग को मजबूत करके आयात पर निर्भरता घटाना दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अनुमानों के मुताबिक, 2030 तक भारत में करीब 128 GWh तक रीसायकल योग्य बैटरी क्षमता उपलब्ध होगी। इस पहल का उद्देश्य इस्तेमाल हो चुकी बैटरियों को ‘वर्चुअल माइन’ में बदलकर उनमें मौजूद कीमती धातुओं का दोबारा उपयोग करना है। अधिकारियों की रायभारत में EU राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा कि बैटरियां रणनीतिक संसाधन हैं और इन्हें एक बार उपयोग के बाद खत्म नहीं किया जा सकता। यह पहल खनिज सुरक्षा और जलवायु लक्ष्यों की दिशा में अहम कदम है। वहीं भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद ने कहा कि यह सहयोग भारत के बढ़ते ईवी बाजार के लिए मजबूत घरेलू रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम तैयार करेगा। यह साझेदारी न केवल तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुन: उपयोग की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।

CMF Watch 3 Pro भारत में लॉन्च: ChatGPT सपोर्ट, 13 दिन की बैटरी और दमदार GPS के साथ स्मार्टवॉच सेगमेंट में एंट्री

नई दिल्ली। सीएमएफ ने भारत में अपनी नई स्मार्टवॉच CMF Watch 3 Pro लॉन्च कर दी है, जो बजट सेगमेंट में प्रीमियम फीचर्स का कॉम्बिनेशन लेकर आई है। यह वॉच खास तौर पर उन यूजर्स के लिए डिजाइन की गई है जो AI फीचर्स, हेल्थ ट्रैकिंग और लंबी बैटरी लाइफ एक साथ चाहते हैं। इस स्मार्टवॉच में चैटGPT आधारित AI सपोर्ट, फाइव-बैंड जीपीएस, AMOLED डिस्प्ले और 13 दिन तक चलने वाली बैटरी जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जिससे यह अपने सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बन गई है। कीमत और उपलब्धताकंपनी ने इसकी शुरुआती कीमत 7,999 रुपये रखी है, लेकिन लॉन्च ऑफर के तहत इसे 6,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। फ्लिपकार्ट पर इसकी अर्ली एक्सेस सेल शुरू हो चुकी है, जबकि सामान्य बिक्री 8 मई से शुरू होगी।यह वॉच डार्क ग्रे, लाइट ग्रीन, लाइट ग्रे और ऑरेंज जैसे चार रंगों में उपलब्ध है। डिस्प्ले और डिजाइनCMF Watch 3 Pro में 1.43 इंच की AMOLED स्क्रीन दी गई है, जो तेज धूप में भी साफ दिखाई देती है। इसमें ऑलवेज-ऑन डिस्प्ले फीचर भी मौजूद है। मेटल बॉडी और प्रीमियम स्ट्रैप्स के साथ यह वॉच डिजाइन के मामले में भी आकर्षक है। इसमें 120 से ज्यादा वॉच फेस और AI जनरेटेड कस्टम वॉच फेस बनाने का विकल्प भी मिलता है। साथ ही इसे IP68 रेटिंग मिली है, जो इसे धूल और पानी से सुरक्षित बनाती है। AI और स्मार्ट फीचर्सइस वॉच की सबसे बड़ी खासियत इसका ChatGPT इंटीग्रेशन है। यूजर सीधे वॉइस कमांड देकर सवाल पूछ सकते हैं, रिमाइंडर सेट कर सकते हैं और नोट्स तैयार कर सकते हैं। वॉयस-टू-टेक्स्ट फीचर के जरिए बोले गए शब्द सीधे टेक्स्ट में बदल जाते हैं। इसके अलावा कॉलिंग, मैसेज रिप्लाई, म्यूजिक कंट्रोल और जेस्चर कंट्रोल जैसे स्मार्ट फीचर्स भी मौजूद हैं। हेल्थ और फिटनेस ट्रैकिंगCMF Watch 3 Pro में 131 से ज्यादा स्पोर्ट्स मोड दिए गए हैं। यह 7 एक्टिविटीज को ऑटो डिटेक्ट कर सकती है।इसमें हार्ट रेट, SpO2, स्ट्रेस और स्लीप ट्रैकिंग जैसे एडवांस हेल्थ सेंसर भी शामिल हैं। रनिंग के लिए इसमें AI रनिंग कोच और डुअल-बैंड GPS दिया गया है, जो लोकेशन ट्रैकिंग को ज्यादा सटीक बनाता है। बैटरी लाइफकंपनी के अनुसार यह स्मार्टवॉच एक बार चार्ज करने पर सामान्य उपयोग में 13 दिन तक चल सकती है।हेवी यूज में यह 10–11 दिन तक बैकअप देती है, जबकि पावर सेविंग मोड में इसका बैकअप 60 दिन तक पहुंच सकता है। फुल चार्ज होने में लगभग 1 घंटा 40 मिनट लगता है।CMF Watch 3 Pro भारतीय बाजार में एक ऐसी स्मार्टवॉच के रूप में आई है जो AI, हेल्थ और बैटरी लाइफ का संतुलन पेश करती है। कम कीमत में इतने एडवांस फीचर्स इसे बजट स्मार्टवॉच सेगमेंट में एक मजबूत विकल्प बनाते हैं।

इंस्टाग्राम का महा-सफाई अभियान: सेलीब्रिटीज के अकाउंट से उड़ाए करोड़ों फॉलोवर्स, खुद Instagram भी अछूता नहीं

नई दिल्ली। इंस्टाग्राम बॉट सफ़ाई 2026 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने 2026 में बड़े स्तर पर फेक और इनएक्टिव अकाउंट्स हटाने की कार्रवाई की है। इससे कई सेलिब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स के फॉलोअर्स में अचानक से कमी आई है। मेटा के अनुसार यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर ऑथेंटिसिटी बढ़ाना है। इस क्लीनअप के बाद यूजर्स इसे ‘2026 का महा-सफाई अभियान’ कह रहे हैं। इसने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा कर दी है। मेटा के मशहूर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने 2026 में अपना एक बहुत बड़ा ‘सफाई अभियान’ चलाया है। इस सफाई अभियान के तहत कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म से लाखों बॉट और निष्क्रिय पड़ें अकाउंट्स को हटा दिया गया है। इस कदम से कई मशहूर हस्तियों, इन्फ्लुएंसर्स और बड़े ब्रांड्स के फॉलोअर्स की संख्या में अचानक से भारी गिरावट आई है। कार्रवाई की कुछ मुख्य बातें इंस्टाग्राम ने प्लेटफॉर्म पर फर्जी एंगेजमेंट और दिखावटी लोकप्रियता को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए लाखों बॉट अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है। इस कार्रवाई का सीधा असर दुनिया भर के बड़े सेलेब्स पर पड़ा है। इसमें मशहूर इन्फ्लुएंसर काइली जेनर को सबसे बड़ा झटका लगा और उन्होंने रातों-रात करीब 1.4 करोड़ फॉलोअर्स खो दिए। हैरानी की बात तो यह है कि इस कार्रवाई से खुद इंस्टाग्राम का अपना ऑफिशियल अकाउंट भी अछूता नहीं रहा, जिसके फॉलोअर्स की संख्या में लगभग 90 लाख की भारी गिरावट दर्ज की गई है। काइली जेनर समेत कई क्रिएटर्स को लगा झटकारिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ‘अकाउंट क्लीनअप’ का असर अमेरिकी रियलिटी टीवी स्टार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर काइली जेनर समेत कई हाई-प्रोफाइल यूजर्स पर पड़ा है। काइली जेनर के फॉलोअर्स की संख्या में 1.4 करोड़ तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। काइली के अलावा, दुनिया भर के कई अन्य मशहूर क्रिएटर्स और पब्लिक फिगर्स को भी रातों-रात अपने फॉलोअर्स कम होने का सामना करना पड़ा है। इंस्टाग्राम ने क्यों उठाया यह कदम?इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर असल यूजर्स को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर ऐसे क्लीनअप अभियान चलाता है। दरअसल, ऑटोमेटेड बॉट प्रोफाइल्स का इस्तेमाल अक्सर सोशल मीडिया पर नकली तरीके से लाइक्स, फॉलोअर्स, कमेंट्स और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए किया जाता है। इन्हीं फर्जी अकाउंट्स को साफ करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। मेटा ने क्या कहा?इस मामले पर सफाई देते हुए मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कंपनी की एक सामान्य और रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने साफ किया कि इसका असर प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले असली और एक्टिव यूजर्स पर नहीं पड़ा है। प्रवक्ता ने कहा, निष्क्रिय अकाउंट्स को हटाने की हमारी रूटीन प्रक्रिया के कारण कुछ यूजर्स को अपने फॉलोअर्स की संख्या में बदलाव दिख सकता है। एक्टिव फॉलोअर्स पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इसके अलावा, अगर वेरिफिकेशन के बाद किसी सस्पेंड किए गए अकाउंट को वापस रिस्टोर किया जाता है, तो उसे दोबारा फॉलोअर काउंट में शामिल कर लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर बना ‘The Great Purge of 2026’लाखों अकाउंट्स एक साथ डिलीट होने की इस घटना ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। यूजर्स इसे 2026 का महा-शुद्धिकरण (2026 का महा-सफाई अभियान) का नाम दे रहे हैं। लोग अपने घटे हुए फॉलोअर्स और एंगेजमेंट नंबर्स के स्क्रीनशॉट्स जमकर शेयर कर रहे हैं। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा कि इस सफाई अभियान में खुद इंस्टाग्राम का अपना ऑफिशियल अकाउंट भी नहीं बच पाया। यूजर ने लिखा, इस क्लीनअप ड्राइव के दौरान खुद इंस्टाग्राम के ऑफिशियल अकाउंट ने 90 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स खो दिए। कोई भी सेफ नहीं था।

AI ने ओढ़ा भगवा चोला! साउथ कोरिया के मंदिर में रोबोट बना बौद्ध भिक्षु, VIDEO ने दुनिया को चौंकाया

नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया में तकनीक और धर्म का अनोखा संगम देखने को मिला है। राजधानी सियोल के जोग्ये मंदिर में दुनिया के पहले ह्यूमनॉइड रोबोट भिक्षु ‘गाबी’ को औपचारिक रूप से बौद्ध धर्म का शिष्य बनाया गया। AI और अध्यात्म के इस अनोखे मेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दीक्षा समारोह में रोबोट ‘गाबी’ पारंपरिक बौद्ध चोला पहनकर मंच पर पहुंचा। वरिष्ठ भिक्षुओं ने उसके गले में 108 मोतियों की माला पहनाई और उसने इंसानों की तरह हाथ जोड़कर सिर झुकाया। जब उससे पूछा गया कि क्या वह खुद को बौद्ध धर्म के लिए समर्पित करेगा, तो रोबोट ने जवाब दिया, “हां, मैं खुद को समर्पित करूंगा।” मंत्र पढ़ सकता है ‘गाबी’रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘गाबी’ चीन के Unitree Robotics के G1 ह्यूमनॉइड प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह चल सकता है, इशारों में संवाद कर सकता है और मंत्रों का उच्चारण भी कर सकता है। साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान झुककर प्रणाम करने में भी सक्षम है। युवाओं को धर्म से जोड़ने की कोशिश‘गाबी’ को दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े बौद्ध संप्रदाय Jogye Order ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य डिजिटल युग में बौद्ध धर्म को आधुनिक स्वरूप देना और युवाओं को धर्म से जोड़ना बताया गया है। इंसानों जैसी रस्में, लेकिन अलग अंदाजआमतौर पर भिक्षु बनने की रस्म में सिर पर अगरबत्ती से निशान बनाया जाता है, लेकिन रोबोट होने की वजह से ‘गाबी’ पर प्रतीकात्मक स्टिकर लगाया गया। बताया गया कि ‘गाबी’ नाम गौतम बुद्ध के बचपन के नाम ‘सिद्धार्थ’ और कोरियाई भाषा के ‘दया’ शब्द को मिलाकर बनाया गया है। AI और इंसानों के तालमेल की तैयारीजोग्ये ऑर्डर के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग भविष्य में इंसानों और रोबोट्स के बीच तालमेल को समझने की दिशा में एक कदम है। ‘गाबी’ इस महीने होने वाले लालटेन महोत्सव में भी हिस्सा लेगा।विशेषज्ञ मानते हैं कि दुनिया भर में ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में शिक्षा, धर्म, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्रों में AI आधारित रोबोट्स की भूमिका और बड़ी हो सकती है।

Flipkart SASA LELE Sale 2026: इस वीकेंड सस्ते स्मार्टफोन खरीदने का मौका, आईफोन से पिक्सल तक पर तगड़ा डिस्काउंट

नई दिल्ली।  फ्लिपकार्ट की बहुप्रतिक्षित सासा लेले सेल 2026 की शुरुआत 9 मई से होने जा रही है। सेल शुरू होने से पहले ही कई बड़े ऑफर्स सामने आ चुके हैं। इस सेल में एप्पल, सैमसंग, मोटोरोला, गूगल पिक्सेल, ओप्पो और रियलमी के स्मार्टफोन्स पर भारी छूट मिलने वाली है। वहीं प्लस और ब्लैक मेंबर्स के लिए सेल 8 मई से ही शुरू हो जाएगी। आईफोन पर मिलेंगे बड़े ऑफर्ससेल के दौरान कई आईफोन मॉडल्स सस्ते दाम में खरीदने का मौका मिलेगा। Apple iPhone 16 — 58,900 रुपये Apple iPhone 17 — 71,900 रुपये Apple iPhone 16 Plus — 73,900 रुपये Apple iPhone 16e — 55,900 रुपये Apple iPhone 17e — 60,900 रुपये सैमसंग के लेटेस्ट फोन्स पर भी छूटSamsung Galaxy S25 को 53,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा।वहीं Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत 1,30,999 रुपये होगी।इसके अलावा Samsung Galaxy A57 पर भी ऑफर मिलेगा और इसे 49,999 रुपये में खरीद पाएंगे। मोटोरोला फोन्स पर तगड़ी डीलMotorola Edge 60 Fusion — 19,999 रुपये Motorola Edge 60 Pro — 27,999 रुपये Motorola Edge 70 — 27,999 रुपये पिक्सल, ओप्पो और रियलमी पर भी ऑफरGoogle Pixel 10A — 44,999 रुपये Oppo Reno 14 5G — 36,999 रुपये Realme GT 7T — 29,499 रुपये कंपनी की ओर से बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और नो-कॉस्ट ईएमआई जैसी सुविधाएं भी दी जा सकती हैं। ऐसे में नया स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे यूजर्स के लिए यह सेल शानदार मौका साबित हो सकती है।

Jio-Airtel लाएंगे VIP 5G! क्या अब सुपरफास्ट इंटरनेट के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे जानिए क्या है Network Slicing?

नई दिल्ली। भारत में 5G लॉन्च होने के बाद यूजर्स को उम्मीद थी कि इंटरनेट पहले से ज्यादा तेज और स्मार्ट होगा। अब देश की बड़ी टेलिकॉम कंपनियां Jio और Airtel 5G को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों कंपनियां जल्द “Premium 5G” सर्विस ला सकती हैं, जो आम 5G से अलग और ज्यादा तेज होगी। इस नई तकनीक को “Network Slicing” कहा जा रहा है। दरअसल, कंपनियों ने 5G नेटवर्क तैयार करने में हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अब वे उसी निवेश से ज्यादा कमाई के नए रास्ते तलाश रही हैं। ऐसे में नेटवर्क स्लाइसिंग को 5G का अगला बड़ा कदम माना जा रहा है। क्या है Network Slicing?आसान भाषा में समझें तो Network Slicing का मतलब है एक ही 5G नेटवर्क को कई हिस्सों में बांटना। हर हिस्से यानी “स्लाइस” को अलग जरूरत के हिसाब से तैयार किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर एक स्लाइस हाई-स्पीड गेमिंग के लिए बनाया जा सकता है।दूसरा 4K या 8K वीडियो स्ट्रीमिंग के लिए।तीसरा फैक्ट्री ऑटोमेशन या स्मार्ट मशीनों के लिए।वहीं अस्पतालों और एंटरप्राइज कंपनियों के लिए अलग सुपर-स्टेबल नेटवर्क दिया जा सकता है।यानी एक ही 5G नेटवर्क पर अलग-अलग क्वालिटी और स्पीड की सर्विस मिलेगी। क्या आम यूजर्स को होगा फायदा?अगर यह तकनीक लागू होती है तो प्रीमियम यूजर्स को ज्यादा स्थिर और तेज इंटरनेट मिल सकता है। गेमिंग, लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो कॉलिंग जैसी सेवाएं पहले से ज्यादा स्मूद हो सकती हैं। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि क्या इसके लिए लोगों को ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे? माना जा रहा है कि कंपनियां “VIP 5G” या “Premium 5G” नाम से महंगे प्लान ला सकती हैं। ऐसे में हाई-स्पीड और लो-लेटेंसी नेटवर्क सिर्फ ज्यादा कीमत देने वाले ग्राहकों को मिल सकता है। बिजनेस सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदारिपोर्ट्स के अनुसार Network Slicing का सबसे बड़ा फायदा बिजनेस और एंटरप्राइज सेक्टर को होगा। फैक्ट्रियों, अस्पतालों, क्लाउड कंपनियों और ऑटोमेशन इंडस्ट्री को ऐसा नेटवर्क चाहिए होता है जिसमें कोई रुकावट न आए और डेटा ट्रांसफर बेहद तेज हो।ऐसे में कंपनियां उन्हें डेडिकेटेड 5G नेटवर्क उपलब्ध करा सकती हैं, जिससे मशीनें और सिस्टम बिना लैग के काम कर सकें। भारत में क्यों फंसा है मामला?हालांकि चीन और फिनलैंड जैसे देशों में स्पीड बेस्ड इंटरनेट प्लान पहले से मौजूद हैं, लेकिन भारत में मामला इतना आसान नहीं है। मौजूदा नियमों के तहत अलग-अलग स्पीड या प्राथमिकता देना “नेटवर्क भेदभाव” माना जा सकता है। यही वजह है कि ट्राई और दूरसंचार विभाग (DoT) की मंजूरी के बिना कंपनियां इसे लागू नहीं कर सकतीं। फिलहाल Jio और Airtel सरकार से स्पष्ट नियमों का इंतजार कर रहे हैं। यूजर्स के लिए चिंता या मौका?अगर प्रीमियम 5G आता है तो कुछ यूजर्स को शानदार इंटरनेट अनुभव मिलेगा, लेकिन इससे इंटरनेट सेवाएं महंगी होने का डर भी बढ़ सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय ग्राहक बेहतर स्पीड और एक्सक्लूसिव नेटवर्क के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार होते हैं या नहीं। 

OnePlus Nord CE6 सीरीज लॉन्च: 8000mAh बैटरी, 144Hz डिस्प्ले और AI फीचर्स के साथ मचा धमाल, 2 साल बाद लौटा Lite मॉडल

नई दिल्ली। वनप्लस ने भारतीय बाजार में अपनी नई OnePlus Nord CE6 सीरीज लॉन्च कर दी है। कंपनी ने इस सीरीज के तहत दो नए स्मार्टफोन OnePlus Nord CE6 और OnePlus Nord CE6 Lite पेश किए हैं। खास बात यह है कि करीब दो साल बाद कंपनी ने ‘Lite’ मॉडल की वापसी कराई है, जिसे मिड-रेंज यूजर्स को ध्यान में रखकर उतारा गया है। नई सीरीज में बड़ी बैटरी, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले, AI फीचर्स और फ्लैगशिप लेवल गेमिंग एक्सपीरियंस देने का दावा किया गया है। वनप्लस नॉर्ड CE6 की सेल 8 मई 2026 से शुरू होगी, जबकि Nord CE6 Lite को 12 मई से खरीदा जा सकेगा। दोनों स्मार्टफोन Amazon, OnePlus की ऑफिशियल वेबसाइट और ऑफलाइन स्टोर्स पर उपलब्ध होंगे। OnePlus Nord CE6: दमदार बैटरी और फ्लैगशिप गेमिंग का दावावनप्लस नॉर्ड CE6 में Snapdragon 7s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि यह फोन हाई-परफॉर्मेंस गेमिंग के लिए तैयार किया गया है। इसमें OnePlus 15 सीरीज वाला Dedicated Touch Reflex Chip भी दिया गया है, जिससे गेमिंग के दौरान टच रिस्पॉन्स बेहतर मिलेगा। फोन में 6.78 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करता है। इसके साथ Aqua Touch 2.0 टेक्नोलॉजी भी मिलती है, जिससे गीले हाथों से भी स्क्रीन आसानी से इस्तेमाल की जा सकती है। इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 8000mAh की विशाल बैटरी है। कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर करीब ढाई दिन तक चल सकती है। फोन में 80W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग और 27W रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट भी दिया गया है, यानी यह दूसरे डिवाइसेज को पावर बैंक की तरह चार्ज कर सकता है। फोटोग्राफी के लिए इसमें OIS सपोर्ट वाला 50MP का प्राइमरी कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन को IP66, IP68, IP69 और IP69K जैसी हाई-लेवल प्रोटेक्शन रेटिंग्स मिली हैं। साथ ही MIL-STD-810H मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन भी दिया गया है। OnePlus Nord CE6 Lite: 20 हजार की रेंज में AI फीचर्सकरीब दो साल बाद कंपनी ने Nord CE6 Lite को बाजार में उतारा है। यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 7400 Apex चिपसेट के साथ आता है और 144FPS गेमिंग सपोर्ट करने का दावा करता है। फोन में 6.72 इंच का FHD+ 144Hz Sunlight Display दिया गया है। इसमें 7000mAh बैटरी और 45W SUPERVOOC चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। बेहतर कूलिंग के लिए बड़ा वेपर चेंबर भी दिया गया है। यह फोन गूगल जेमिनी आधारित AI फीचर्स के साथ आता है, जो इस प्राइस रेंज में इसे खास बनाते हैं। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें 50MP का मेन कैमरा और 2MP डेप्थ सेंसर दिया गया है। फोन 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सपोर्ट करता है। कीमत और ऑफर्सवनप्लस नॉर्ड CE6 के 8GB+128GB वेरिएंट की कीमत 29,999 रुपये रखी गई है, जबकि 8GB+256GB मॉडल 32,999 रुपये में मिलेगा। बैंक डिस्काउंट के बाद इसकी शुरुआती कीमत 27,999 रुपये हो जाएगी। वहीं वनप्लस नॉर्ड CE6 Lite की शुरुआती कीमत 20,999 रुपये है। बैंक ऑफर के बाद इसे 18,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा।दोनों स्मार्टफोन OxygenOS 16 पर चलते हैं और कंपनी ने इनमें 6 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट देने का वादा किया है।