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मेंस अंडर-18 एशिया कप: आशीष की हैट्रिक, चीनी ताइपे को 13-1 से हराकर भारत सेमीफाइनल में

नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर अपने आक्रामक खेल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमाल मचा दिया है। मेंस अंडर-18 एशिया कप 2026 के अपने आखिरी पूल ए मुकाबले में भारत ने चीनी ताइपे को 13-1 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में शानदार एंट्री कर ली। इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम पूरी तरह हावी रही और शुरुआत से ही गोलों की बारिश कर दी। भारत की इस धमाकेदार जीत के हीरो रहे आशीष तानी पूर्ति, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया।  शुरुआत से ही भारत का दबदबा, पहले ही क्वार्टर में बढ़तमैच की शुरुआत से ही भारत ने आक्रामक रुख अपनाया। 7वें मिनट में करण गौतम ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर खाता खोला। इसके बाद प्रेमचंद सोय (11’) ने फील्ड गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा (13’) ने तीसरा गोल दागकर पहले क्वार्टर में ही भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।  दूसरे क्वार्टर में भी गोलों की रफ्तार जारीदूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। राहुल यादव (20’) ने चौथा गोल किया, जबकि आशीष तानी पूर्ति (27’) ने पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 5-0 कर दिया। इसके बाद सिद्धार्थ बेन (30’) ने शानदार फील्ड गोल दागकर बढ़त और मजबूत कर दी। हालांकि हाफ टाइम से पहले चीनी ताइपे ने एक गोल जरूर किया, लेकिन भारत पहले ही भारी बढ़त ले चुका था।  तीसरे क्वार्टर में आशीष की हैट्रिक, भारत का दबदबा चरम परब्रेक के बाद भी भारतीय टीम ने आक्रामक खेल जारी रखा। 35वें मिनट में आशीष ने अपना दूसरा गोल दागा और फिर 42वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर से हैट्रिक पूरी की। इसी बीच गाजी खान (40’ और 44’) ने भी दो गोल कर भारत की बढ़त को और विशाल बना दिया।  आखिरी क्वार्टर में भी नहीं रुका गोलों का सिलसिलाचौथे क्वार्टर में भी भारत ने गति कम नहीं की। वरिंदर सिंह (50’) ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। सिद्धार्थ बेन (52’) और राहुल यादव (54’) ने अपने-अपने दूसरे गोल दागकर भारत की 13-1 की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी।  पूल स्टेज में शानदार प्रदर्शन, सेमीफाइनल में मजबूत दावेदारीभारत ने पूल स्टेज में कजाकिस्तान, कोरिया और चीनी ताइपे के खिलाफ जीत दर्ज की, जबकि मेजबान जापान के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा। कुल 9 अंकों के साथ भारत ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम का यह प्रदर्शन न सिर्फ उसकी आक्रामक क्षमता को दिखाता है, बल्कि भविष्य की मजबूत टीम का संकेत भी देता है। 13-1 की यह जीत भारत के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी, खासकर सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले से पहले।

सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा से घटाकर ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षा इकाइयों द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासन ने हाल ही में वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की थी, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सौरव गांगुली के लिए अब उच्चतम स्तर की ‘Z’ श्रेणी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण उनकी सुरक्षा को कम कर ‘Y’ श्रेणी में परिवर्तित किया गया है। 2023 में बढ़ी थी सुरक्षा, अब हुआ संशोधनगौरतलब है कि वर्ष 2023 में सौरव गांगुली की सुरक्षा को ‘Y’ श्रेणी से बढ़ाकर ‘Z’ श्रेणी किया गया था। उस समय राज्य सरकार ने उनकी लोकप्रियता, सार्वजनिक भूमिका और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था। हालांकि, ताजा समीक्षा के बाद सुरक्षा स्तर में यह कटौती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी विशेष घटना के कारण नहीं, बल्कि राज्य भर में सभी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं के पुनर्मूल्यांकन का हिस्सा है। बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों के बीच चर्चापश्चिम बंगाल में सौरव गांगुली एक बेहद लोकप्रिय चेहरा हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वे खेल प्रशासन और विभिन्न सार्वजनिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है और उनके प्रशंसकों की संख्या पूरे देश में काफी बड़ी है। इस सुरक्षा बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह सुरक्षा विश्लेषण पर आधारित तकनीकी निर्णय है। भारतीय क्रिकेट में गांगुली का योगदानसौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने विदेशों में जीत की नई संस्कृति विकसित की। उन्होंने हरभजन सिंह, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ और एमएस धोनी जैसे कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई। कप्तानी के बाद उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में भी भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा

नई दिल्ली । नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 2026 एक बार फिर भारतीय शतरंज के लिए यादगार बन गया है, जहां युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार मात देकर सबको चौंका दिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रज्ञानंद ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले सफेद मोहरों से और अब काले मोहरों से कार्लसन को हराया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल शतरंज की दुनिया में हलचल मचा दी है, बल्कि भारत में भी उन्हें लेकर उत्साह चरम पर पहुंच गया है। आनंद  महिंद्रा की प्रतिक्रिया, कहा- “अब अभेद्य लगने लगे हैं प्रज्ञानंद”उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इस जीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा कि अब प्रज्ञानंद “अभेद्य” यानी लगभग अजेय लगने लगे हैं। महिंद्रा ने यह भी कहा कि मैग्नस कार्लसन ने इस हार पर किसी तरह की निराशा नहीं दिखाई, जो यह संकेत देता है कि वह अब प्रज्ञानंद के साथ ऐसे परिणामों के आदी होते जा रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई। राइवलरी ने पकड़ी रफ्तार, लगातार दूसरी बड़ी जीतप्रज्ञानंद और कार्लसन के बीच यह मुकाबला अब एक मजबूत राइवलरी का रूप ले चुका है। इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी ने पहले भी कार्लसन को हराया था और अब दूसरी जीत ने उनकी स्थिति और मजबूत कर दी है। खेल के अंतिम चरण तक मुकाबला बेहद संतुलित रहा, लेकिन समय की कमी में कार्लसन दबाव में आ गए और प्रज्ञानंद ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए निर्णायक बढ़त हासिल कर ली। भारतीय शतरंज का बढ़ता दबदबाइस टूर्नामेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमराजू को हार का सामना करना पड़ा, जबकि दिव्या देशमुख भी अपने मुकाबले में पीछे रह गईं। वहीं राउंड 8 के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं, अलीरेजा फिरौजा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं और प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। टाइटल की रेस में मजबूत दावेदारीहालांकि प्रज्ञानंद अभी शीर्ष पर नहीं हैं, लेकिन लगातार दो जीत ने उन्हें खिताबी दौड़ में मजबूती से खड़ा कर दिया है। उनकी रणनीतिक समझ, धैर्य और दबाव में प्रदर्शन ने उन्हें इस समय दुनिया के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यह प्रदर्शन जारी रहा तो वह जल्द ही किसी बड़े विश्व खिताब के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं।

“जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर

नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से गंवा दी। हालांकि मैच में एक समय मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मिली हार ने टीम को निराश जरूर किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे के टूर्नामेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन निर्णायक मौके पर एक विकेट नहीं ले पाने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 180 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत ने नाबाद 56 रन की अहम पारी खेली, जबकि यास्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने 32-32 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 38 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे भारत मजबूत स्थिति में था। लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हेदर नाइट के बीच 127 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। कैप्सी ने 43 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि नाइट 70 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया। हार के बावजूद कप्तान ने कहा कि टीम में कई सकारात्मक पहलू हैं और यह सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से उपयोगी रही है। उन्होंने बताया कि टीम संयोजन को लेकर काफी स्पष्टता है और आने वाले अभ्यास मैचों में कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाएगा। भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है, जहां टीम का लक्ष्य मजबूत वापसी करना रहेगा।

हॉकी: भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में पहुंची

नई दिल्ली । भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को 25-0 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया और टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। मंगलवार को खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले ही मिनटों से सिंगापुर की डिफेंस पर दबाव बना दिया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने दूसरे मिनट में पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, जिसके बाद लगातार गोलों की झड़ी लग गई। मैच की सबसे बड़ी स्टार नौशीन नाज रहीं, जिन्होंने सात गोल दागे और विपक्षी डिफेंस को पूरी तरह तोड़ दिया। गीताश्री नम्मी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच गोल किए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल किए, जबकि प्रियंका मिंज ने हैट्रिक लगाई। इसके अलावा दीया, नैन्सी सरोहा, श्रुति कुमारी, पुष्पा मांझी, रश्मीन कौर और संदीपा कुमारी ने भी एक-एक गोल कर टीम की बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम ने पूरे मैच में तेज पासिंग, आक्रामक मूवमेंट और मजबूत फिनिशिंग का प्रदर्शन किया। पहले हाफ में ही भारत ने एकतरफा बढ़त बना ली थी, जबकि दूसरे हाफ में गोलों की रफ्तार और तेज हो गई। आखिरी क्वार्टर में टीम ने 10 गोल दागकर सिंगापुर को पूरी तरह दबाव में ला दिया। इस जीत के साथ भारत ने पूल ए में अपने सभी मैच जीतकर 9 अंक हासिल किए और बिना हार के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। टीम ने इससे पहले मलेशिया और कोरिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी जीत दर्ज की थी। यह प्रदर्शन अंडर-18 स्तर पर भारतीय महिला हॉकी के अब तक के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है, जिसने टूर्नामेंट में भारत की मजबूत दावेदारी को और पुख्ता कर दिया है।

नॉर्वे चेस: प्रज्ञानंद ने फिर हराया कार्लसन, गुकेश और दिव्या को आठवें राउंड में मिली हार

नई दिल्ली । नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने एक बार फिर दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ियों में शामिल मैग्नस कार्लसन को हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की। काले मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद ने इस मुकाबले में बेहतरीन रणनीति और संयम का परिचय दिया और एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को लगातार चुनौती देने की क्षमता रखते हैं। यह प्रज्ञानंद की कार्लसन पर इसी टूर्नामेंट में दूसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने व्हाइट मोहरों से भी कार्लसन को मात दी थी। इस उपलब्धि के साथ प्रज्ञानंद अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया है। इस जीत के बाद टूर्नामेंट में खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। वेस्ली सो फिलहाल 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अलीरेजा फिरोजा 13 अंकों के साथ उनसे बेहद करीब हैं। प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ मजबूत दावेदारी में बने हुए हैं और अंतिम राउंड से पहले टाइटल रेस पूरी तरह खुली हुई है। दूसरी ओर, भारतीय वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को अपने मुकाबले में अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। व्हाइट मोहरों से खेलते हुए गुकेश ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टाइम प्रेशर में वह बढ़त बनाए नहीं रख सके और मुकाबला हार गए। महिला वर्ग में भी भारत के लिए मिला-जुला प्रदर्शन रहा। दिव्या देशमुख को बिबिसारा असौबायेवा के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। मुकाबले में असौबायेवा ने दबाव बनाए रखा और दिव्या की टाइम समस्या का फायदा उठाते हुए जीत हासिल की। वहीं, चीन की झू जिनर ने मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस बीच भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने आर्मागेडन टाईब्रेकर में जीत दर्ज कर महत्वपूर्ण अतिरिक्त अंक हासिल किए। राउंड 8 के बाद महिला वर्ग में बिबिसारा असौबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ बराबरी पर बनी हुई हैं। टूर्नामेंट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जहां खिताबी दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है।

सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह नाम है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। अपनी असाधारण प्रतिभा और मैदान के हर कोने में शॉट लगाने की काबिलियत से चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाले वैभव अब इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। इस महीने के अंत में भारतीय क्रिकेट टीम को दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा करना है और इसके ठीक बाद टीम पांच मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना होगी। इस व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को आजमाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे आगे चल रहा है क्योंकि आईपीएल के हालिया सीजन में उनके बल्ले से जो रनों का तूफान निकला है, उसने क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है। अगर चयन समिति उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम इंडिया की जर्सी सौंप देती है, तो वह भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का करीब 37 साल पुराना एक महाकीर्तिमान ध्वस्त कर देंगे। सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में जब पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब ठीक 37 साल बाद 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इस चमत्कार को दोहराने के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में यह गौरव ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के नाम है। सुंदर ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 18 साल और 80 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी आगामी सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो वह वॉशिंगटन सुंदर के इस 9 साल पुराने रिकॉर्ड को भी बेहद आसानी से पीछे छोड़ देंगे। वैभव सूर्यवंशी की इस दावेदारी को उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा मजबूती मिली है। उन्होंने इस सीजन के 16 मुकाबलों में लगभग 48.50 की बेहतरीन औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन कूटे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 103 रन रहा है। इतना ही नहीं, अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ 72 छक्के भी जड़े हैं। उनके इसी गैरमामूली टैलेंट को देखते हुए उन्हें पहले ही इंडिया ए टीम में शामिल किया जा चुका है, जहां वह श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इंडिया ए की इस टीम में वह कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में खेलेंगे, जबकि सीनियर खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ भी मार्गदर्शन के लिए टीम में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की यह टाइमिंग और खेल की समझ उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाती है। उपकप्तान रियान पराग के चोटिल होने के बाद वैभव के लिए मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे और तेजी से खुल गए हैं और अब खेल प्रेमियों की नजरें चयनकर्ताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।

बाबर आजम के फ्लॉप शो से हारा पाकिस्तान, शादाब खान की जुझारू पारी भी नहीं आई काम, सीरीज 1-1 की बराबरी पर पहुंची

नई दिल्ली। पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज के दूसरे मुकाबले में मेजबान पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा है। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए इस बेहद रोमांचक मुकाबले में मेहमान टीम ऑस्ट्रेलिया ने शानदार पलटवार करते हुए पाकिस्तान को 41 रनों के अंतर से शिकस्त दी। इस धमाकेदार जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली है, जिससे अब इस सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला बेहद दिलचस्प और निर्णायक हो गया है। इस मैच में पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम, सलमान अली आगा और साहिबजादा फरहान जैसे धुरंधर पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए, जिसके चलते मेजबान टीम 232 रनों के आसान दिख रहे लक्ष्य का पीछा करते हुए महज 190 रनों पर ही ढेर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की ओर से तेज गेंदबाज नैथन एलिस ने अपनी कातिलाना गेंदबाजी से पाकिस्तानी बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और उन्हें बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया। इस मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद खराब रही थी। मैच की पहली ही गेंद पर पाकिस्तान के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी ने खतरनाक बल्लेबाज एलेक्स कैरी को बोल्ड कर मेजबान टीम को बड़ी सफलता दिलाई थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने नियमित अंतराल पर दो और विकेट गंवा दिए, जिससे टीम संकट में नजर आ रही थी। ऐसी स्थिति में मध्यक्रम के बल्लेबाज कैमरोन ग्रीन ने 53 रनों की शानदार पारी खेली और कप्तान जोश इंग्लिस ने भी 51 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। अंत में ओलिवर पीक के 31 रनों की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 231 रनों का एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने सबसे ज्यादा तीन विकेट चटकाए, जबकि हारिस राउफ, अराफात मिन्हास और माज सदाकत को दो-दो सफलताएं मिलीं। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक और भयावह रही। मेजबान टीम ने महज 4 रन के कुल स्कोर पर अपना पहला और 6 रन पर दूसरा विकेट गंवा दिया था। इसके बाद भी बल्लेबाजों के तू चल मैं आया का सिलसिला थमा नहीं और पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। पाकिस्तान ने 33 रन तक पहुंचते-पहुंचते अपना तीसरा और 44 रन पर चौथा बड़ा विकेट खो दिया, जिससे टीम पूरी तरह बैकफुट पर आ गई। इस बेहद नाजुक मोड़ पर ऑलराउंडर शादाब खान ने एक छोर संभालते हुए 71 रनों की बेहद साहसिक और जुझारू पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी भी शीर्ष बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। विकेटकीपर गाजी घोरी ने 37 रन और अराफात मिन्हास ने 33 रन बनाकर शादाब का साथ देने की कोशिश जरूर की, लेकिन वे टीम को जीत की दहलीज पार कराने में नाकाम रहे। पूरी पाकिस्तानी टीम 44 ओवरों में सिर्फ 190 रनों के स्कोर पर ऑलआउट हो गई और ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच को जीतकर पिछले मैच की हार का हिसाब चुकता कर लिया। ऑस्ट्रेलिया की इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े हीरो नैथन एलिस रहे जिन्होंने अपने कोटे के ओवरों में कहर बरपाते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनके अलावा स्पिनर मैथ्यू शॉर्ट ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट अपने नाम किए, जबकि मैथ्यू कुहनेमन, एडम जैम्पा और तनवीर संघा को एक-एक विकेट मिला। अब दोनों टीमों के बीच इस वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम डिसाइडर मुकाबला 4 जून को लाहौर के ऐतिहासिक गद्दाफी स्टेडियम में ही खेला जाएगा, जहां ट्रॉफी पर कब्जा जमाने के लिए दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है।

FIFA World Cup के सबसे घातक स्ट्राइकर, जिनके गोल आज भी रिकॉर्ड हैं

नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से USA, कनाडा और मैक्सिको में संयुक्त रूप से होने जा रहा है। यह टूर्नामेंट फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक होगा, जहां एक बार फिर दुनिया की नजरें दिग्गज खिलाड़ियों पर होंगी। लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो के इस वर्ल्ड कप को आखिरी माना जा रहा है, जिससे टूर्नामेंट और भी ऐतिहासिक बन जाता है। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब बचाने उतरेगी। 1. मिरोस्लाव क्लोस – 16 गोल (सबसे ऊपर)जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2002 से 2014 के बीच 4 वर्ल्ड कप में 24 मैच खेलकर 16 गोल किए। उनकी खासियत रही लगातार प्रदर्शन, जिसमें 2002 और 2006 में 5-5 गोल शामिल हैं। यह रिकॉर्ड अब तक कोई नहीं तोड़ सका है। 2. रोनाल्डो (ब्राजील) – 15 गोलरोनाल्डो, जिन्हें “फेनोमेनन” कहा जाता है, ने 1994 से 2006 के बीच 19 मैचों में 15 गोल किए। 2002 का वर्ल्ड कप उनके करियर का स्वर्णिम अध्याय रहा, जहां उन्होंने 8 गोल दागकर ब्राजील को चैंपियन बनाया। 3. जस्ट फॉन्टेन – 13 गोल (एक टूर्नामेंट में रिकॉर्ड)जस्ट फॉन्टेन ने 1958 वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया। उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में 13 गोल दागे, जो किसी एक संस्करण में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड है। यह उपलब्धि आज भी लगभग अटूट मानी जाती है। 4. लियोनेल मेसी – 13 गोललियोनेल मेसी ने 2006 से 2022 तक वर्ल्ड कप में 13 गोल किए। 2022 का वर्ल्ड कप उनके करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट रहा, जहां उन्होंने 7 गोल करते हुए अर्जेंटीना को चैंपियन बनाया। 5. किलियन एमबाप्पे – 12 गोल (और बढ़ रहा है)किलियन एमबाप्पे ने अब तक सिर्फ 14 मैचों में 12 गोल दागे हैं। 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में उनका प्रदर्शन शानदार रहा, खासकर 2022 में उन्होंने 8 गोल कर गोल्डन बूट अपने नाम किया और फाइनल में हैट्रिक लगाई।  गोलों की रफ्तार ही बनाती है दिग्गजवर्ल्ड कप इतिहास में ये खिलाड़ी सिर्फ गोल स्कोरर नहीं बल्कि मैच विनर रहे हैं। 2026 वर्ल्ड कप में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या एमबाप्पे या कोई नया स्टार इस रिकॉर्ड लिस्ट को बदल पाता है या नहीं।

IPL 2026: चोपड़ा की नजर में सबसे खास खिलाड़ी, ओपनर और गेंदबाज दोनों तय

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन रोमांच, रिकॉर्ड और व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से बेहद यादगार रहा। इसी बीच पूर्व भारतीय क्रिकेटर Aakash Chopra ने इस सीजन के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों की अपनी पसंद साझा की है, जिसमें युवा बल्लेबाजों से लेकर अनुभवी गेंदबाजों तक को जगह मिली है। आकाश चोपड़ा ने सबसे पहले इस सीजन की सर्वश्रेष्ठ पारी के रूप में KL Rahul की धमाकेदार 152 रनों की नाबाद पारी को चुना। यह पारी Delhi Capitals की ओर से खेलते हुए आई थी, जिसमें राहुल ने 67 गेंदों पर 16 चौके और 9 छक्के लगाए थे। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर दिल्ली ने 20 ओवर में 264 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जो सीजन के सबसे बड़े स्कोरों में से एक रहा। सर्वश्रेष्ठ ओपनर के तौर पर आकाश चोपड़ा ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को चुना, जिन्होंने Rajasthan Royals के लिए शानदार प्रदर्शन किया। वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237 रहा। इस सीजन उन्होंने 72 छक्के लगाकर कई बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए और सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता बनने का गौरव हासिल किया। मिडिल ऑर्डर में आकाश चोपड़ा ने Heinrich Klaasen को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना। Sunrisers Hyderabad की ओर से खेलते हुए क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाए और पूरे सीजन में 160 के स्ट्राइक रेट से आक्रामक बल्लेबाजी की। वह इस सीजन टॉप रन स्कोरर्स में भी शामिल रहे। फिनिशर की भूमिका में आकाश चोपड़ा ने Donovan Ferreira को सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी माना, जिन्होंने दबाव की परिस्थितियों में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। गेंदबाजी में सबसे बड़ा नाम Bhuvneshwar Kumar का रहा, जिन्हें आकाश चोपड़ा ने आईपीएल 2026 का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज चुना। Royal Challengers Bengaluru के लिए खेलते हुए भुवनेश्वर ने 16 मैचों में 28 विकेट हासिल किए और 17.89 की शानदार इकॉनमी से रन रोके। वह इस सीजन दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे। आईपीएल 2026 में आकाश चोपड़ा की यह टीम चयन इस बात को दिखाता है कि इस सीजन युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा सितारे जहां भविष्य की झलक देते हैं, वहीं भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाज आज भी अपनी उपयोगिता साबित करते हैं।