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फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले 5 दिग्गज खिलाड़ी

नई दिल्ली । फुटबॉल का सबसे बड़ा मंच FIFA World Cup हमेशा से दिग्गज खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच रहा है। इस टूर्नामेंट में कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने गोलों से इतिहास रच दिया। जैसे-जैसे FIFA World Cup 2026 करीब आ रहा है, वैसे-वैसे पुराने रिकॉर्ड और दिग्गज खिलाड़ियों की चर्चा भी तेज हो गई है। इस सूची में सबसे ऊपर नाम आता है जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर Miroslav Klose का। क्लोस ने चार विश्व कप (2002, 2006, 2010 और 2014) में खेलते हुए कुल 16 गोल किए और वह अब तक टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत बड़े मुकाबलों में लगातार गोल करने की क्षमता रही। दूसरे स्थान पर ब्राजील के महान स्ट्राइकर Ronaldo Nazário हैं, जिन्हें ‘द फेनोमेनन’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 1994 से 2006 के बीच खेले गए विश्व कप में कुल 15 गोल किए। खास तौर पर 2002 के विश्व कप में उनके 8 गोल ने ब्राजील को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। तीसरे स्थान पर फ्रांस के दिग्गज स्ट्राइकर Just Fontaine हैं, जिन्होंने 1958 के विश्व कप में इतिहास रच दिया था। उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में 13 गोल दागकर एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो आज तक कायम है। एक ही टूर्नामेंट में इतने गोल करना फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जाता है। चौथे स्थान पर अर्जेंटीना के कप्तान और विश्व कप विजेता Lionel Messi हैं। 2006 से 2022 के बीच उन्होंने विश्व कप में 13 गोल किए। 2022 का कतर विश्व कप उनके करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट रहा, जहां उन्होंने 7 गोल करते हुए अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया। पांचवें स्थान पर फ्रांस के सुपरस्टार Kylian Mbappé हैं। उन्होंने अब तक खेले गए विश्व कप मुकाबलों में 12 गोल किए हैं। 2022 के फाइनल में उनकी हैट्रिक ने उन्हें पूरी दुनिया में सुर्खियों में ला दिया था और वह गोल्डन बूट भी जीतने में सफल रहे थे। फीफा वर्ल्ड कप में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह साबित करता है कि यह टूर्नामेंट केवल टीम की नहीं बल्कि व्यक्तिगत प्रतिभा को भी इतिहास में अमर कर देता है। आने वाले विश्व कप में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कोई नया खिलाड़ी इन रिकॉर्ड्स को चुनौती दे पाता है या नहीं।

4 विकेट और 102 का औसत, IPL 2026 में नहीं चला बुमराह का जादू

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई खिलाड़ियों के लिए यादगार रहा, लेकिन Jasprit Bumrah के लिए यह टूर्नामेंट किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। अपनी सटीक यॉर्कर, घातक डेथ बॉलिंग और मैच जिताने वाली क्षमता के लिए मशहूर बुमराह पूरे सीजन संघर्ष करते नजर आए। नतीजा यह रहा कि 13 मुकाबलों में वह सिर्फ 4 विकेट ही अपने नाम कर सके, जो उनके कद और अनुभव के हिसाब से बेहद निराशाजनक आंकड़ा है। टी20 क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार बुमराह से इस सीजन भी बड़ी उम्मीदें थीं। खासकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद माना जा रहा था कि वह आईपीएल में भी अपनी टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित होंगे। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनकी लय नजर नहीं आई। बल्लेबाजों पर दबाव बनाने और विकेट निकालने में माहिर बुमराह कई मैचों में पूरी तरह बेअसर दिखाई दिए। आंकड़े उनकी मुश्किलों की कहानी खुद बयां करते हैं। पूरे सीजन में उनका गेंदबाजी औसत 102.50 रहा, जो 30 से अधिक ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में सबसे खराब रिकॉर्ड माना जा रहा है। इतना ही नहीं, 13 में से 9 मुकाबलों में वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। पूरे सीजन में कोई भी ऐसा मैच नहीं रहा, जिसमें उन्होंने एक से अधिक विकेट लिए हों। अगर बुमराह के आईपीएल करियर पर नजर डालें तो यह उनका सबसे खराब सीजन माना जा रहा है। हालांकि 2013 और 2015 में भी उन्होंने सिर्फ 3-3 विकेट लिए थे, लेकिन उन वर्षों में उन्होंने बेहद कम मैच खेले थे। इसके विपरीत आईपीएल 2026 में उन्हें लगातार मौके मिले, फिर भी वह अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे। बुमराह की खराब फॉर्म का असर सीधे तौर पर Mumbai Indians के प्रदर्शन पर भी पड़ा। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी लंबे समय से बुमराह के इर्द-गिर्द घूमती रही है। जब टीम का सबसे भरोसेमंद गेंदबाज विकेट लेने में नाकाम रहा तो अन्य गेंदबाजों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया। विपक्षी बल्लेबाजों ने इसका भरपूर फायदा उठाया और मुंबई की गेंदबाजी को लगातार निशाना बनाया। मुंबई इंडियंस के लिए यह सीजन कुल मिलाकर बेहद निराशाजनक रहा। टीम 14 मुकाबलों में सिर्फ 4 जीत दर्ज कर सकी, जबकि 10 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। अंक तालिका में नौवें स्थान पर रहकर पांच बार की चैंपियन टीम ने अपना अभियान समाप्त किया। टीम की असफलता के पीछे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों की कमजोरियां जिम्मेदार रहीं, लेकिन बुमराह की फीकी फॉर्म सबसे बड़ा झटका साबित हुई। अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें आगामी अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर टिकी हैं। फैंस को उम्मीद होगी कि आईपीएल 2026 का यह खराब दौर यहीं समाप्त हो और बुमराह एक बार फिर टीम इंडिया के लिए अपनी पुरानी धार और लय हासिल करें।

करोड़ों की कीमत, लेकिन प्रदर्शन रहा फीका; IPL 2026 के 5 सबसे बड़े फ्लॉप खिलाड़ी

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में जहां कई खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं, वहीं कुछ बड़े नाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन टीमों के लिए निराशा का कारण बना। आईपीएल 2026 में कई युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और कुछ अनुभवी सितारों ने भी शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को सफलता दिलाई। लेकिन दूसरी तरफ ऐसे खिलाड़ी भी रहे, जिन पर फ्रेंचाइजियों ने भारी-भरकम रकम खर्च की, मगर वे पूरे सीजन में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। इन खिलाड़ियों की खराब फॉर्म का असर उनकी टीमों के अभियान पर भी साफ दिखाई दिया। सबसे ज्यादा निराश करने वाले खिलाड़ियों में नाम आता है Cameron Green का। Kolkata Knight Riders ने उन्हें 25.20 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। ग्रीन से बल्ले और गेंद दोनों से योगदान की उम्मीद थी, लेकिन वह 14 मैचों में केवल 322 रन ही बना सके। उनके बल्ले से सिर्फ दो अर्धशतक निकले और गेंदबाजी में भी वह कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद यह प्रदर्शन केकेआर के लिए निराशाजनक रहा। दूसरे बड़े नाम हैं Rishabh Pant। 27 करोड़ रुपये की कीमत के साथ आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल पंत का सीजन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। Lucknow Super Giants के लिए खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में केवल 312 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक अर्धशतक लगा सके। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी टीम को भारी पड़ी। Suryakumar Yadav भी इस सीजन संघर्ष करते नजर आए। Mumbai Indians ने उन्हें 16.35 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन वह 13 पारियों में सिर्फ 270 रन ही बना सके। दो अर्धशतकों के अलावा उनका प्रदर्शन फीका रहा और मध्यक्रम में उनकी नाकामी का असर टीम के नतीजों पर पड़ा। वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज Nicholas Pooran से भी काफी उम्मीदें थीं। Lucknow Super Giants ने उन्हें 21 करोड़ रुपये में रिटेन किया था, लेकिन पूरन 14 मैचों में केवल 234 रन बना सके। पूरे सीजन में उनके बल्ले से सिर्फ एक अर्धशतक निकला और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचानी जाने वाली छाप छोड़ने में नाकाम रहे। सूची में पांचवां नाम Hardik Pandya का है। Mumbai Indians के कप्तान के रूप में हार्दिक का प्रदर्शन बल्ले और गेंद दोनों से साधारण रहा। 10 मैचों में उन्होंने केवल 206 रन बनाए और एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके। गेंदबाजी में भी उनके खाते में सिर्फ चार विकेट आए। कप्तान और ऑलराउंडर दोनों भूमिकाओं में उनका योगदान अपेक्षाओं से काफी कम रहा। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ियों की कीमत और प्रदर्शन की तुलना हमेशा चर्चा का विषय रहती है। आईपीएल 2026 में इन खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका प्रदर्शन उनकी फ्रेंचाइजियों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। यही वजह रही कि करोड़ों रुपये की निवेश के बावजूद ये सितारे सीजन के सबसे बड़े निराशाजनक खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं।

विदेशी सितारों का दबदबा, IPL 2026 में इन खिलाड़ियों ने मचाया धमाल

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का सीजन कई यादगार प्रदर्शनों का गवाह बना। लगातार दूसरी बार खिताब जीतने वाली Royal Challengers Bengaluru की सफलता के बीच कई विदेशी खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से टूर्नामेंट पर गहरी छाप छोड़ी। बल्ले और गेंद दोनों से विदेशी सितारों का जलवा देखने को मिला, जिन्होंने अपनी-अपनी टीमों के अभियान में अहम भूमिका निभाई। सबसे पहले बात करते हैं Heinrich Klaasen की, जिन्होंने Sunrisers Hyderabad के लिए शानदार बल्लेबाजी की। विकेटकीपर-बल्लेबाज क्लासेन ने 15 मैचों में 624 रन बनाकर खुद को सीजन के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में शामिल किया। करीब 160 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने छह अर्धशतक लगाए और कई मौकों पर टीम की लड़खड़ाती पारी को संभाला। गेंदबाजी विभाग में Jofra Archer ने अपनी रफ्तार और सटीकता से खूब प्रभावित किया। Rajasthan Royals के तेज गेंदबाज ने 16 मुकाबलों में 25 विकेट हासिल किए और टीम को दूसरे क्वालीफायर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आर्चर पूरे सीजन बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बने रहे। आईपीएल 2026 के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ी रहे Kagiso Rabada। Gujarat Titans के स्टार तेज गेंदबाज ने 17 मैचों में 29 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। रबाडा की घातक गेंदबाजी के दम पर गुजरात टाइटंस फाइनल तक पहुंचने में सफल रही। नई गेंद से लेकर डेथ ओवरों तक उन्होंने लगातार विकेट निकालकर विपक्षी टीमों पर दबाव बनाए रखा। इस सीजन की सबसे बड़ी खोजों में से एक रहे Cooper Connolly। Punjab Kings के लिए अपने पहले आईपीएल सीजन में खेलते हुए उन्होंने 14 मैचों में 491 रन बनाए। 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए कोनोली ने एक शतक और दो अर्धशतक जड़े। भले ही पंजाब प्लेऑफ में जगह नहीं बना सकी, लेकिन युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश की। वहीं Mitchell Marsh ने Lucknow Super Giants के लिए अकेले दम पर कई मुकाबलों में संघर्ष किया। टीम के अन्य बल्लेबाजों के अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद मार्श ने 13 मैचों में 563 रन बनाए। उन्होंने पूरे सीजन में एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए तथा 163 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा। आईपीएल 2026 में विदेशी खिलाड़ियों ने एक बार फिर साबित किया कि वे लीग की सफलता में कितनी अहम भूमिका निभाते हैं। क्लासेन, मार्श और कोनोली ने बल्ले से रंग जमाया, जबकि रबाडा और आर्चर ने गेंद से विपक्षी टीमों की मुश्किलें बढ़ाईं। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन पूरे सीजन चर्चा का विषय बना रहा।

IPL 2026 के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज कौन? टॉप-5 लिस्ट चौंकाएगी

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 का रोमांचक सीजन समाप्त हो चुका है और एक बार फिर Royal Challengers Bengaluru ने खिताब अपने नाम कर लिया। सीजन खत्म होने के बाद बल्लेबाजों के प्रदर्शन को लेकर कई दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं। बल्लेबाजी औसत के मामले में सबसे बड़ा सरप्राइज यह रहा कि Virat Kohli टॉप-5 में पांचवें स्थान पर रहे, जबकि सूची में शीर्ष स्थान पर Ravindra Jadeja का कब्जा रहा। IPL 2026 में सर्वाधिक बल्लेबाजी औसत वाले टॉप-5 बल्लेबाज1. Ravindra Jadeja (राजस्थान रॉयल्समैच: 14पारियां: 11रन: 266औसत: 66.50जडेजा ने सीमित अवसरों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सीजन का सर्वश्रेष्ठ औसत दर्ज किया। 2. Quinton de Kock (मुंबई इंडियंस)मैच: 3रन: 132औसत: 66.00डिकॉक ने केवल तीन मैच खेले, लेकिन प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर रहे। 3. Rinku Singh (कोलकाता नाइट राइडर्स)मैच: 14पारियां: 11रन: 295औसत: 59.00रिंकू सिंह ने फिनिशर की भूमिका निभाते हुए लगातार उपयोगी पारियां खेलीं। 4. Anshul Kamboj (चेन्नई सुपर किंग्स)मैच: 14पारियां: 4रन: 58औसत: 58.00मुख्य रूप से गेंदबाजी ऑलराउंडर होने के बावजूद अंशुल कंबोज ने बल्लेबाजी में भी प्रभाव छोड़ा। 5. Virat Kohli (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)मैच: 16पारियां: 16रन: 675औसत: 56.25कोहली इस सूची में पांचवें स्थान पर रहे, लेकिन रन बनाने के मामले में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और ऑरेंज कैप की दौड़ में भी शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल रहे। दिलचस्प बात यह है कि औसत के आधार पर कोहली पांचवें स्थान पर हैं, लेकिन उन्होंने टॉप-5 में शामिल अधिकांश खिलाड़ियों की तुलना में कहीं अधिक रन बनाए। इससे साफ है कि पूरे सीजन में निरंतरता के मामले में उनका प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा।

IPL टीमों को करोड़ों का नुकसान करा रहे स्काउट्स? सुनील गावस्कर का बड़ा बयान

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने IPL फ्रेंचाइजियों की स्काउटिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि कई टीमें राज्य और शहर स्तर की टी20 लीगों में प्रदर्शन देखकर खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च कर देती हैं, लेकिन वही खिलाड़ी IPL में अंतरराष्ट्रीय स्तर की गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाते। क्या बोले गावस्कर?स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में गावस्कर ने लिखा कि कई बड़े हिटर स्थानीय टी20 लीगों में शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन IPL में आने पर उनकी कमजोरियां उजागर हो जाती हैं। उनके अनुसार, लोकल लीग और IPL के स्तर में बहुत बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि:राज्य और शहर की लीगों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का स्तर IPL जैसा नहीं होता। ऐसे में स्काउट्स को केवल आंकड़ों या हाइप के आधार पर खिलाड़ियों का चयन नहीं करना चाहिए। स्काउट्स पर उठाए सवालगावस्कर का मानना है कि कई बार स्काउट्स खिलाड़ी एजेंटों, सोशल मीडिया प्रचार और कुछ चुनिंदा पारियों से प्रभावित हो जाते हैं। नतीजा यह होता है कि फ्रेंचाइजी ऐसे खिलाड़ियों पर बड़ी रकम खर्च कर देती हैं जो बाद में टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी करोड़ों में खरीदा जाए और फिर उसे कुछ मैचों के बाद बेंच पर बैठा दिया जाए, तो यह स्काउटिंग सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। “डमी बेच दिया जाता है”गावस्कर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई बार फ्रेंचाइजियों को ऐसे खिलाड़ी “बेच” दिए जाते हैं जिनकी क्षमता IPL स्तर की नहीं होती। उनका इशारा इस ओर था कि कुछ खिलाड़ी स्थानीय प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन के कारण जरूरत से ज्यादा मूल्य पा लेते हैं। एक मैच के प्रदर्शन पर मिल जाता है नया कॉन्ट्रैक्टगावस्कर ने यह भी कहा कि कुछ खिलाड़ी पूरे सीजन में संघर्ष करते हैं, लेकिन किसी एक कम दबाव वाले मुकाबले में अच्छी पारी खेल देते हैं। फिर उसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले सीजन के लिए दोबारा खरीद लिया जाता है। उनके अनुसार IPL में ऐसे “वन-मैच परफॉर्मर्स” की पूरी टीम बनाई जा सकती है, जिन्हें बार-बार मौके मिलते रहते हैं। IPL टीमों के लिए संदेशगावस्कर का साफ संदेश है कि फ्रेंचाइजियों को केवल रन, छक्के या सोशल मीडिया चर्चा देखकर खिलाड़ी नहीं चुनने चाहिए। स्काउट्स को तकनीक, मानसिक मजबूती और उच्च स्तर के क्रिकेट में प्रदर्शन की क्षमता का भी गहराई से मूल्यांकन करना चाहिए। यह बयान ऐसे समय आया है जब Indian Premier League में कई महंगे खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जबकि कुछ कम कीमत वाले खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीमों को फायदा पहुंचाया।

भारत की युवा एथलेटिक्स शक्ति का जलवा, अंडर-20 चैंपियनशिप में 19 पदकों के साथ शानदार प्रदर्शन

नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक (10 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य) जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है और इसे भारत की उभरती खेल प्रतिभा का मजबूत संकेत माना जा रहा है। भारत के प्रदर्शन पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने भी खिलाड़ियों को बधाई दी और इसे देश की “अदम्य खेल क्षमता का प्रतीक” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह उपलब्धि आने वाले समय में हजारों युवा एथलीटों को प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी भारतीय दल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता का प्रमाण है। आखिरी दिन भारत का दमदार प्रदर्शनप्रतियोगिता के अंतिम दिन भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया।मुस्कान ने 5000 मीटर दौड़ में 16:53.08 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीतामोगली वेंकटराम रेड्डी ने 800 मीटर दौड़ में 1:48.27 का समय निकालकर गोल्ड हासिल कियानीरू पाठक की भूमिका से 4×400 मीटर रिले टीम ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम कियारिले इवेंट में रिकॉर्ड प्रदर्शन भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने 3:38.07 सेकंड का समय निकालकर नया मीट रिकॉर्ड बनाया। वहीं पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम ने भी पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन किया, हालांकि उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। भारत की बढ़ती एथलेटिक्स ताकतविशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रदर्शन भारत में युवा एथलेटिक्स की बढ़ती गहराई और बेहतर प्रशिक्षण प्रणाली का संकेत है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है।

10 गोल्ड समेत 19 मेडल जीतकर भारत का शानदार प्रदर्शन, पीएम मोदी ने सराहा

नई दिल्ली। 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 19 मेडल अपने नाम किए, जिनमें 10 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज शामिल हैं। टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह प्रदर्शन भारतीय युवा एथलीटों के दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सफलता आने वाले समय में और अधिक युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करेगी। भारतीय टीम ने प्रतियोगिता के आखिरी दिन तीन गोल्ड मेडल जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। महिला 5,000 मीटर दौड़ में मुस्कान ने 16 मिनट 53.08 सेकंड का समय निकालकर बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में मोगली वेंकटराम रेड्डी ने 1 मिनट 48.27 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया। डिस्कस थ्रो में निश्चय ने 60.10 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता और इस दौरान नया नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड भी बनाया। इसके अलावा भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने शानदार तालमेल दिखाते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और नया मीट रिकॉर्ड भी स्थापित किया। टीम ने 3 मिनट 38.07 सेकंड में रेस पूरी की, जो पहले के रिकॉर्ड से बेहतर था। इस रिले टीम में नीरू पाठक, भूमिका संजय नेहाते, ताहुरा खातून और सहनूर बावा शामिल थीं, जिन्होंने बेहतरीन समन्वय और गति का प्रदर्शन किया। वहीं पुरुष 4×400 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मिनट 05.54 सेकंड का समय निकाला, जो पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाला था। हालांकि मजबूत प्रतिस्पर्धा के कारण टीम को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा भारतीय महिला 4×100 मीटर रिले टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया और 45.05 सेकंड का समय निकाला। इस टीम में काजल हीराभाई वाजा, भावना, आरती और निपम शामिल रहीं। इस प्रतियोगिता में भारत का समग्र प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश में युवा एथलीटों की नई पीढ़ी तेजी से उभर रही है। खासकर ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत की पकड़ मजबूत होती दिख रही है। हालांकि मेडल टैली के लिहाज से यह प्रदर्शन 2024 में दुबई में हुए संस्करण से थोड़ा पीछे रहा, लेकिन खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धियों और रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन ने भविष्य के लिए मजबूत उम्मीदें जगाई हैं। प्रधानमंत्री मोदी की बधाई ने खिलाड़ियों के मनोबल को और बढ़ाया है, और यह प्रदर्शन भारत के एथलेटिक्स भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

छक्कों की बारिश से छाया वैभव सूर्यवंशी का जलवा, आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का खिताब भले ही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने जीत लिया हो, लेकिन इस पूरे सीजन की सबसे बड़ी कहानी राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम रही। मात्र 15 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए और 237 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ गेंदबाजों पर कहर बरपाया। उन्होंने इस सीजन में एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए और कई बार अकेले दम पर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। उनकी बल्लेबाजी में सिर्फ आक्रामकता ही नहीं, बल्कि परिपक्वता भी साफ नजर आई। सीजन की शुरुआत से ही वैभव ने दिखा दिया था कि वह इस मंच पर लंबे समय तक टिकने आए हैं। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी शांत रहकर रन बनाए और टीम के लिए मैच जिताऊ पारियां खेलीं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गुजरात टाइटंस के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में देखने को मिला, जहां उन्होंने 47 गेंदों पर 96 रनों की शानदार पारी खेली। वैभव का यह सीजन सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने रिकॉर्ड्स की लंबी फेहरिस्त भी तैयार की। उन्होंने कुल 72 छक्के लगाए, जो आईपीएल के एक सीजन में किसी भी बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक हैं। इसके अलावा वह सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज भी बने। पावरप्ले में उनके प्रदर्शन ने भी सभी को प्रभावित किया, जहां उन्होंने डेविड वॉर्नर जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सर्वाधिक रन बनाए। वैभव ने एक पारी में 12 छक्के लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया और एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। गेंदबाजों के लिए वैभव को रोकना लगभग असंभव साबित हुआ। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और कगिसो रबाडा जैसे दिग्गज गेंदबाजों के खिलाफ भी उन्होंने निडर होकर बल्लेबाजी की। बुमराह के खिलाफ पहली ही गेंद पर लगाया गया उनका छक्का इस सीजन के सबसे यादगार पलों में से एक बन गया। उनके शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें पांच बड़े अवॉर्ड के रूप में मिला—ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और सुपर सिक्सेस ऑफ द सीजन। वह आईपीएल इतिहास के सबसे युवा ऑरेंज कैप विजेता भी बने। इस तरह वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक शुरुआत साबित हुआ, जिसने उन्हें क्रिकेट के भविष्य के सबसे बड़े सितारों में शामिल कर दिया।

जीत के बाद जश्न का नजारा, विराट कोहली समेत टीम ने मनाया उत्सव

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का खिताब जीतने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के ड्रेसिंग रूम में जश्न का ऐसा माहौल देखने को मिला, जिसे खिलाड़ी लंबे समय तक याद रखेंगे। गुजरात टाइटंस को फाइनल में 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने के बाद पूरी टीम उत्साह और खुशी में झूम उठी। मैच खत्म होते ही ड्रेसिंग रूम में ढोल-नगाड़ों की गूंज शुरू हो गई और खिलाड़ियों ने जीत का जश्न खुले दिल से मनाया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में विराट कोहली और क्रुणाल पांड्या ढोल की थाप पर जमकर डांस करते नजर आए। क्रुणाल पांड्या के हाथ में आईपीएल ट्रॉफी थी और वह टीम के साथ इस ऐतिहासिक जीत का जश्न साझा कर रहे थे। टीम के कप्तान रजत पाटीदार, जितेश शर्मा, रसिक सलाम समेत अन्य खिलाड़ी भी इस जश्न में शामिल हुए और एक-दूसरे के साथ खुशी साझा की। हर खिलाड़ी का चेहरा उत्साह से भरा हुआ था और पूरा ड्रेसिंग रूम एक बड़े सेलिब्रेशन हॉल में बदल गया था। इस खास मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री और विराट कोहली की पत्नी अनुष्का शर्मा भी मौजूद रहीं। वह भी टीम के जश्न का हिस्सा बनीं और विराट कोहली के साथ डांस करती नजर आईं। कोहली कभी कप्तान रजत पाटीदार के साथ तो कभी दिनेश कार्तिक के साथ भी डांस करते दिखे। यह पल खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए बेहद भावनात्मक और यादगार बन गया। फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने पहले गेंदबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस को 155 रन पर रोक दिया था। गुजरात की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने 50 रन की अहम पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। आरसीबी के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें रसिक सलाम ने 4 ओवर में 27 रन देकर 3 विकेट लिए। वहीं, भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड ने 2-2 विकेट लेकर टीम की जीत की नींव मजबूत की। 156 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी ने संयमित शुरुआत की। विराट कोहली ने एक बार फिर बड़े मैच में अपनी क्लास दिखाई और 42 गेंदों में नाबाद 75 रन बनाए। उनकी पारी में 9 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। कोहली की इस शानदार बल्लेबाजी ने आरसीबी को 18 ओवर में 5 विकेट खोकर जीत दिला दी। कोहली ने वेंकटेश अय्यर के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए तेज 62 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम को मजबूत आधार मिला। इस जीत के साथ आरसीबी ने लगातार दूसरा आईपीएल खिताब अपने नाम किया और एक बार फिर अपने फैंस को जश्न मनाने का मौका दिया। ड्रेसिंग रूम में यह जश्न सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, संघर्ष और टीमवर्क का उत्सव था, जिसमें हर खिलाड़ी ने अपनी खुशी खुलकर जाहिर की।