कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न की जानी चाहिए। इसी के तहत जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों पर नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टोकन वितरण व्यवस्था, बारदाना उपलब्धता, गेहूं की गुणवत्ता और परिवहन व्यवस्था की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही किसानों को भुगतान समय पर हो रहा है या नहीं, इसकी भी समीक्षा की गई।
डिप्टी कलेक्टर अजय शर्मा ने बैराड़ उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया, जबकि डिप्टी कलेक्टर शिवदयाल धाकड़ ने मलावनी, कमालपुर और पिछोर स्थित उपार्जन केंद्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता है।
अधिकारियों ने केंद्रों पर किसानों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था की भी समीक्षा की। जहां कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का कहना है कि उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी केंद्रों पर निगरानी लगातार जारी रहेगी ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।