नई दिल्ली । भारत के तेजी से विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने जा रही है। हाल ही में परिचालन शुरू करने वाली ग्रीन एसएम ने देश में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए विस्तार की नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। कंपनी का लक्ष्य केवल पारंपरिक राइड-हेलिंग सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एयरपोर्ट ट्रांसफर, कॉर्पोरेट मोबिलिटी और सब्सक्रिप्शन आधारित परिवहन सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित यह प्लेटफॉर्म ऐसे समय बाजार में उतरा है जब शहरी परिवहन क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी का मानना है कि पूरी तरह इलेक्ट्रिक बेड़े के साथ परिचालन करने से उसे प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में अलग पहचान बनाने में मदद मिलेगी। यही वजह है कि शुरुआती चरण से ही कंपनी अपनी सेवाओं को व्यापक स्तर पर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
वर्तमान में कंपनी गुरुग्राम, दक्षिण दिल्ली, मध्य दिल्ली और नोएडा के कुछ क्षेत्रों में परिचालन कर रही है। इसके लिए लगभग एक हजार इलेक्ट्रिक कारों का बेड़ा तैनात किया गया है। कंपनी का दावा है कि उसके परिचालन मॉडल का केंद्र केवल यात्रियों और ड्राइवरों को जोड़ना नहीं है, बल्कि संपूर्ण सेवा गुणवत्ता, चालक प्रशिक्षण, सुरक्षा मानकों और वाहन प्रबंधन को सीधे नियंत्रित करना है।
कंपनी की आगामी रणनीति में एयरपोर्ट ट्रांसफर सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। यह सेवा उन यात्रियों को लक्षित करेगी जो नियमित रूप से हवाई यात्रा करते हैं और समयबद्ध, सुरक्षित तथा प्रीमियम परिवहन सुविधा चाहते हैं। इसके अलावा कॉर्पोरेट मोबिलिटी सेगमेंट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जहां कंपनियां अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए संगठित परिवहन सेवाओं की मांग करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉर्पोरेट मोबिलिटी भारत के शहरी परिवहन क्षेत्र का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ खंड बनकर उभर रहा है। आईटी, वित्तीय सेवाओं और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विस्तार के साथ कर्मचारियों के सुरक्षित और नियमित आवागमन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों पर आधारित संगठित परिवहन सेवा प्रदाताओं के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।
ग्रीन एसएम अपनी प्रीमियम सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती चरण में विशेष छूट भी उपलब्ध करा रही है। इसके जरिए कंपनी उन ग्राहकों को आकर्षित करने का प्रयास कर रही है जो पारंपरिक टैक्सी सेवाओं के साथ-साथ बेहतर यात्रा अनुभव की तलाश में रहते हैं। इससे बाजार में पहले से मौजूद प्रमुख राइड-हेलिंग कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।
भविष्य की योजनाओं में इलेक्ट्रिक दोपहिया परिवहन सेवाओं को भी शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो कंपनी शहरी क्षेत्रों में कम दूरी की यात्रा के लिए एक नया विकल्प पेश कर सकती है। यह मॉडल पहले से कुछ एशियाई बाजारों में सफल माना जाता है और भारत में भी इसकी संभावनाएं देखी जा रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर बढ़ती जागरूकता, सरकारी प्रोत्साहन और चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से ऐसे प्लेटफॉर्मों को लाभ मिल सकता है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र केवल परिवहन सेवा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहरी गतिशीलता के व्यापक समाधान का हिस्सा बन सकता है। ग्रीन एसएम की नई रणनीति इसी बदलते बाजार परिदृश्य में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।