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महाराष्ट्र में Ola-Uber-Rapido पर संकट, ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश, बाइक टैक्सी नियमों को लेकर बड़ा विवाद



नई दिल्ली। महाराष्ट्र सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों की बाइक टैक्सी सेवाओं पर सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने आरोप लगाया है कि ये कंपनियां बिना आवश्यक मंजूरी और नियमों के बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं, जिससे मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन हो रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र साइबर विभाग ने IT एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत Google और Apple को नोटिस भेजकर इन ऐप्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। सरकार का कहना है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

परिवहन विभाग का आरोप है कि इन ऐप्स पर चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं में ड्राइवर वेरिफिकेशन, इंश्योरेंस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं में खामियां पाई गई हैं। हाल ही में हुई कुछ घटनाओं और सुरक्षा चिंताओं के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए।

सरकार का यह भी कहना है कि राज्य में बाइक टैक्सी केवल तय नियमों के तहत और ईवी (Electric Vehicle) नीति के अनुसार ही चल सकती है। कंपनियों को जरूरी दस्तावेज और अनुपालन के लिए समय दिया गया था, लेकिन पर्याप्त जवाब न मिलने पर यह सख्त कार्रवाई की गई।

हालांकि, फिलहाल Ola, Uber और Rapido के ऐप्स पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और Google Play Store तथा Apple App Store पर उपलब्ध हैं। इन प्लेटफॉर्म्स पर कैब और अन्य सेवाएं भी सामान्य रूप से जारी हैं।

विवाद तब और बढ़ गया जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि Rapido ऐप कुछ समय के लिए ऐप स्टोर से गायब भी हुआ था, हालांकि बाद में यह फिर से उपलब्ध हो गया।

अब मामला इस बात पर टिका है कि क्या कंपनियां सरकार की शर्तों को मानकर अपने ऑपरेशन में बदलाव करती हैं या फिर यह विवाद और आगे बढ़ता है। फिलहाल यह मुद्दा राइड-हेलिंग सेक्टर और डिजिटल ट्रांसपोर्ट पॉलिसी के बीच बड़ा टकराव बनता जा रहा है।

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