HIGHLIGHTS:
- दतिया जनसुनवाई में बिजली और जमीन विवाद के मामले हावी
- स्मार्ट मीटर के बढ़े बिलों को लेकर लोगों में नाराजगी
- महिला ने 32 बीघा धान फसल चरवाने का लगाया आरोप
- मंदिर का रास्ता बंद करने की शिकायत पहुंची प्रशासन तक
- अधिकारियों ने त्वरित जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश

DATIYA COLLECTOR HEARING: मध्यप्रदेश। दतिया में मंगलवार को जनसुनवाई आरोजन किया गया जहां बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। इस दौरान लिस अधीक्षक कार्यालय में एएसपी सुनील शिवराने ने थाना प्रभारियों के साथ शिकायतें सुनीं साथ ही कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने अधिकारयों को मौके पर ही निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में बिजली बिल, जमीन विवाद, मारपीट, रास्ता बंद करने और फसल नुकसान जैसे कई मामले पहुंचे।
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बिजली बिल कम करने की मांग
बता दें की जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें बिजली विभाग से जुड़ी हुई आई, जहां लोगों का कहना था कि स्मार्ट मीटर होने की वजह से बिजली बिल अत्यधिक आता है। कई बार तो जांच किए बिना ही बिल जारी कर दिया जाता है। कई लोगों ने बिजली कंपनी पर शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया। जिसके बाद प्रशासन ने बिजली विभाग के अधिकारियों को मामलों की जांच कर जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
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झूठे केस के मामले भी सामने आए
ग्राम शेरसा की एक निवासी ने आरोप लगाया कि पति और बेटे के न्यायिक अभिरक्षा में होने का फायदा उठाकर गांव के कुछ लोगों ने उनकी 32 बीघा धान की फसल पशुओं से चरवा दी। जिसमे महिला ने करीब 10 लाख रुपए के नुकसान का दावा किया। वहीं जिगना थाना क्षेत्र के चेतराम यादव ने एसपी को आवेदन देकर आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने शराब के लिए पैसे मांगने के बाद मारपीट की और बाद में उन्हीं पर झूठा केस दर्ज करा दिया। उन्होंने मामले की सीसीटीवी जांच कराने की मांग की।
मंदिर का रास्ता बंद करने और अतिक्रमण के आरोप
इंदरगढ़ तहसील के जौरा गांव निवासी हरीराम ने सीमांकन नहीं होने से खेत पर अतिक्रमण की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि खेत में जबरन बिजली का खंभा और निजी ट्रांसफार्मर तक लगा दिया गया। वहीं इंदरगढ़ में एस.एन. परिहार ने मंदिर जाने वाले रास्ते पर रातोंरात दीवार खड़ी कर रास्ता बंद करने की शिकायत की। जनसुनवाई के अंत में प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को समयसीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए।