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NQAS टीम की सख्ती से अस्पताल में मचा हड़कंप: गंदगी और शराब की बोतलों पर जताई नाराजगी, बंद बगीचे का खुलवाया ताला


मध्यप्रदेश । उज्जैन के जिला अस्पताल चरक भवन में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड (NQAS) की राष्ट्रीय मूल्यांकन टीम री-सर्टिफिकेशन के लिए निरीक्षण करने पहुंची। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) दिल्ली के निर्देश पर पहुंचे इस दल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और कई स्थानों पर गंभीर खामियां मिलने पर अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

मूल्यांकन दल में महाराष्ट्र की डॉ. स्वर्णा पंजाब की रुपिंदर कौर और पटना के डॉ. विजय चंद्र झा शामिल थे। टीम ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार से निरीक्षण की शुरुआत की। इस दौरान अस्पताल परिसर में कई स्थानों पर गंदगी देखी गई जिस पर टीम ने कड़ा रुख अपनाया। अधिकारियों और सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा गया कि उन्हें किसी का परिचय पत्र देखने में रुचि नहीं है बल्कि एक घंटे के भीतर अस्पताल पूरी तरह साफ दिखाई देना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर और मुख्य गेट के आसपास शराब की खाली बोतलें तथा अन्य अनुपयोगी सामग्री बिखरी मिली। यह दृश्य देखकर टीम के सदस्य नाराज हो गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से सवाल किया कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए बने परिसर में इस प्रकार की सामग्री कैसे पहुंच रही है। साथ ही नियमित निगरानी और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

निरीक्षण के दौरान टीम की नजर अस्पताल परिसर में स्थित एक बंद बगीचे पर भी पड़ी। बगीचा लंबे समय से बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। टीम ने तुरंत ताला खुलवाया और अंदर जाकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों से पूछा गया कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बने इस स्थान को बंद क्यों रखा गया है। निरीक्षण के बाद टीम ने निर्देश दिए कि बगीचे को व्यवस्थित किया जाए और मरीजों तथा उनके परिजनों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए ताकि उन्हें बेहतर वातावरण मिल सके।

राष्ट्रीय मूल्यांकन दल ने अस्पताल की शासकीय भोजनशाला का भी निरीक्षण किया। यहां मेन्यू बोर्ड प्रदर्शित नहीं मिला जिस पर टीम ने तत्काल मेन्यू बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इसके अलावा शिकायत पेटी की व्यवस्था उसकी चाबी किसके पास रहती है और शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली गई।

टीम ने अस्पताल में लगाए गए सिटीजन चार्टर का भी अवलोकन किया और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी का परीक्षण किया। इसके साथ ही कचरा संग्रहण वाहन का निरीक्षण किया गया और उसकी तस्वीरें लेकर रिकॉर्ड तैयार किया गया। निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल प्रशासन को साफ संदेश दिया कि गुणवत्ता मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं बनाए रखना जरूरी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

NQAS री-सर्टिफिकेशन के लिए हो रहे इस निरीक्षण को अस्पताल प्रबंधन के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके आधार पर अस्पताल की गुणवत्ता और सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। टीम के निर्देशों के बाद अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गया है।

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